पीएम मोदी की विदेश यात्रा पर सीएम मान के तंज से गरमाई सियासत, विदेश मंत्रालय ने बताया गैर-जिम्मेदाराना और अशोभनीय

PM Modi's Foreign Visit Row

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने विदेश यात्रा से वापस लौट आए हैं, लेकिन अब पीएम मोदी (PM Modi) के इस यात्रा पर राजनीति शुरू हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने इस हालिया विदेश यात्राओं पर तंज करके देश की राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री मान के विवादित बयान का एक तरफ जहां देश का बुद्धजीवी वर्ग आलोचना कर रहा है, वहीं भारत के विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) ने भी कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रलाय के प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री मान का नाम लिए बिना उनके बयान को “गैर-जिम्मेदाराना, खेदजनक और अशोभनीय” करार दिया है।

10,000 की जनसंख्या वाले देशों की यात्राएं करते हैं और वहां उन्हें सबसे बड़ा अवॉर्ड मिल रहा है

बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की विदेश यात्राओं पर कटाक्ष करते हुए कहा था, “प्रधानमंत्री 140 करोड़ की आबादी वाले देश में कम रहते हैं, लेकिन वहां रहते नहीं हैं। 10,000 की जनसंख्या वाले देशों की यात्राएं करते हैं और वहां उन्हें सबसे बड़ा अवॉर्ड मिल रहा है। इतने लोग तो हमारे यहां पर जेसीबी से खुदाई देखने के लिए इकट्ठे हो जाते हैं।” उन्होंने यह टिप्पणी पीएम मोदी के ब्राजील, घाना, त्रिनिदाद-टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया दौरे के संदर्भ में की थी। सीएम मान (Bhagwant Mann) का यह बयान विपक्षी आलोचना के साथ-साथ राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर सामने आया, लेकिन इसकी गूंज अब विदेश नीति के गलियारों तक पहुंच गई है।

विदेश मंत्रालय ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से प्रेस ने जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हमने ग्लोबल साउथ के मित्र देशों के साथ भारत के संबंधों पर राज्य के एक उच्च पदाधिकारी द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां देखी हैं। ये टिप्पणियां गैर-जिम्मेदाराना, खेदजनक हैं और राज्य के किसी पदाधिकारी को शोभा नहीं देतीं।” हालांकि इस दौरान रणधीर जायसवाल ने सीधे भगवंत मान का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि वे किसे संबोधित कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार खुद को इस तरह के हर उस अनुचित टिप्पणी से अलग करती है, जो दोस्त देशों के साथ हमारे संबंधों को कमजोर कर सकती हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी, विशेष रूप से राज्य स्तर के जिम्मेदार नेताओं द्वारा, विदेश नीति के गंभीर मसलों को स्थानीय राजनीति के चश्मे से देखने का प्रयास है, जो दीर्घकालिक रूप से राजनयिक रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकता है। क्योंकि पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य ग्लोबल साउथ देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना था। इन दौरों के दौरान ऊर्जा सहयोग, व्यापार, कृषि, डिजिटल इनोवेशन और वैश्विक मंचों पर समर्थन जैसे कई मुद्दों पर बातचीत हुई।

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भाजपा ने किया तगड़ा पलटवार  

सीएम मान के बयान के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा नेताओं ने भगवंत मान (Bhagwant Mann) की टिप्पणी को “राजनीतिक अपरिपक्वता” और “संविधानिक मर्यादा का उल्लंघन” बताया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने सीएम मान पर पलटवार करते हुए इसे शर्मनाक करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री को विदेशों में मिलने वाला सम्मान 140 करोड़ भारतीय के लिए गर्व की बात है। चाहे सम्मान देने वाला कोई भी देश हो, जब भारत के नेतृत्व को वैश्विक मंच पर सम्मान मिलता है तो वो क्षण संपूर्ण भारत की प्रतिष्ठा का प्रतीक बनता है। लेकिन भगवंत मान जैसे कुछ लोग, जिनके लिए केजरीवाल और उनके जूतों की चाटुकारिता के अलावा सब कुछ छोटा है, वो इस सम्मान का मजाक बनाते हैं।

सीएम मान के बयान पर विवाद बढ़ता देश आप (AAP) पार्टी के नेता सफाई देना शुरू कर चुके हैं। आप नेताओं का कहना है कि भगवंत मान का मकसद प्रधानमंत्री के विदेश दौरों की उपयोगिता और लागत को लेकर सवाल उठाना था, न कि भारत के कूटनीतिक रिश्तों को कमतर आंकना।

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