दिल्ली में सोमवार को हुए धमाके के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. देशभर में लगातार छापेमारी हो रही है और अब तक 18 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस बीच, धमाके में इस्तेमाल हुई i20 कार को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
जांच में क्या सामने आया?
जांच में सामने आया है कि धमाके से पहले आतंकी डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल ने लाल किले की रेकी की थी. मुजम्मिल के फोन का डंप डेटा खंगालने पर पता चला कि वह कई बार लाल किले के आसपास गया था. पूछताछ में यह भी सामने आया कि 26 जनवरी को लाल किले को टारगेट करने की साजिश थी.
CCTV फुटेज में क्या नजर आया?
i20 कार, जिसमें धमाका हुआ, वह पिछले 10 दिनों से हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस में खड़ी थी. यह कार डॉ. मुजम्मिल की स्विफ्ट कार के बगल में पार्क थी, जो डॉ. शाहीन के नाम पर रजिस्टर्ड है. जांच एजेंसियों को शक है कि यह कार 29 अक्टूबर से 10 नवंबर तक वहीं खड़ी रही. उसी दिन इसे पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के लिए बाहर ले जाया गया था और सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध भी नजर आए थे.
कई इलाकों में देखी गई थी कार
10 नवंबर की सुबह डॉ. उमर ने घबराहट में कार को यूनिवर्सिटी से बाहर निकाला. इसके बाद यह कार दिल्ली के कनॉट प्लेस, मयूर विहार और अंत में चांदनी चौक के सुनेहरी मस्जिद की पार्किंग में देखी गई. शाम को इसी कार में धमाका हुआ.
फॉरेंसिक जांच में क्या पता चला?
फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि कार में अमोनियम नाइट्रेट के साथ हाई-ग्रेड मिलिट्री एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल किया गया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे मॉड्यूल का संचालन विदेश से हो रहा था और अब एजेंसियां इस विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं.



