iPhone 17 delay

Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline: Foxconn के इस कदम से iPhone 17 के प्रोडक्शन में हो सकती है देरी

आईफोन 17 का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आईफोन के प्रोडक्शन को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, आईफोन बनाने वाली बड़ी कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) ने 300 से अधिक चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियंस से भारत छोड़ने को कहा है। गौरतलब फॉक्सकॉन,आईफोन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। जानकारी के मुताबिक ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रही तनातनी को देखते हुए यह फैसला लिया गया (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) है। गौर करनेवाली बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है जब ऐपल भारत में अपना बिजनेस बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में भारत में आईफोन को असेंबल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खबर तो यह भी है कि पिछले कई महीनों में चीनी कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़कर चीन वापिस लौट चुके हैं।  अमेरिका और चीन के बीच आए व्यापारिक तनाव के बाद आईफोन के कारोबार को वहां से शिफ्ट होने से रोकने की एक बड़ी (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) कोशिश है बता दें कि चीन की तरफ से लगातार इस बात का दबाव बनाया जा रहा था कि वे भारत और दक्षिण एशिया में आईफोन के प्रोडक्शन से जुड़े टेक्नोलॉजी को न भेजे और न ही प्रशिक्षित स्टाफ को ही वहां से (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) भेजे। ऐसा अमेरिका और चीन के बीच आए व्यापारिक तनाव के बाद आईफोन के कारोबार को वहां से शिफ्ट होने से रोकने की एक बड़ी कोशिश है। वर्तमान में एपल के कुल उत्पादन का पांचवां हिस्सा भारत में प्रोडक्शन हो रहा है। और ये सिर्फ चार साल के अंदर हुआ है। एपल की कोशिश थी कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर फोन का 2026 के आखिर तक भारत में ही प्रोडक्शन हो, लेकिन टेक्निकल स्टॉक की भारी कमी की वजह से अब इसके प्रोडक्शन में देरी हो सकती है।  चीनी कर्मचारी सबसे बड़ी मजबूरी (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) हैं क्योंकि दोनों में टेक्निकल स्किल गैप पैदा हो सकता है। फॉक्सकॉन के अनुभवी चीनी टेक्नीशियंस न सिर्फ प्रोडक्शन को मैनेज करते थे, बल्कि साथ ही वो लोकल वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देते थे। अब उनकी गैरमौजूदगी में आईफोन जैसे हाई-एंड प्रोडक्ट्स को असेंबल करना चुनौतियों भरा हो सकता है। महत्वपूर्ण बात यह कि लंबे समय से आईफोन चीन में ही बनते आए हैं, ऐसे में चीनी कर्मचारी उनकी सबसे बड़ी मजबूरी (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) हैं। बेशक आईफोन बनाने का जितना अनुभव है चीनी कर्मचारियों के पास उतना भारतीयों के पास नहीं है। इससे प्रोडक्शन की स्पीड प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में जब तक भारत में उतनी ही अनुभवी लोकल टीम तैयार नहीं हो जाती, तब तक फॉक्सकॉन को कई ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कहने की जरूरत नहीं चीनी इंजीनियरों की वापसी से भारत की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स प्रभावित हो सकती है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के चलते फॉक्सकॉन के इस कदम से भारत में आईफोन का निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। और इसकी वजह से iPhone 17 के उत्पादन में देरी संभव है। इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले फॉक्सकॉन और ऐपल आईफोन 17 की ज्यादा से ज्यादा यूनिट बनाने की तैयारी कर रहे हैं इस पूरे मामले पर विशेषज्ञों का कहना है कि “भारत में आईफोन 17 लाइनअप के प्रोडक्शन में देरी हो सकती है। ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन तमिलनाडु के ओरागदम में ईएसआर (ESR) इंडस्ट्रियल पार्क में एक नई यूनिट स्थापित की (Foxconn Move May Delay iPhone 17 Production Timeline) है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने भारत और साउथ-ईस्ट एशिया में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने और इंजीनियरों को भेजने पर रोक के लिए एजेंसियों और स्थानीय सरकारों पर दबाव बनाया है। जानकारों के मुताबिक, फॉक्सकॉन और ऐपल आईफोन 17 की ज्यादा से ज्यादा यूनिट बनाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अगर अनुभवी चीनी कर्मचारियों को प्रोडक्शन के काम से वापिस बुलाया जाता है, तो नए मॉडल्स की प्रोडक्शन बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi  Foxconn #Foxconn #iPhone17 #AppleNews #iPhoneDelay #TechUpdate #AppleLeak #iPhone17Launch

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iPhone price increase

iPhone price increase: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ के चलते बढ़ सकती हैं आईफोन की कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 180 से अधिक देशों पर लगाए गए भारी-भरकम रिसिप्रोकल टैरिफ का असर अब दुनिया में देखा जाने लगा है। दुनिया भर के बाजारों में गिरावट जारी है। इस टैरिफ ने ट्रेड वर्ल्ड वॉर की आशंका बढ़ा दी है। अब इसका असर एप्पल के आईफोन पर भी कीमतों पर भी पड़ (iPhone price increase) सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि कंपनी टैरिफ की लागत ग्राहकों पर डालती है तो ग्रहकों की जेब ढीली हो सकती है। ऐसे में इस फैसले के चलते कंपनी के पास दो विकल्प हैं, या तो वह इस अतिरिक्त शुल्क का वहन खुद वहन करे या फिर इसका बोझ ग्राहकों पर डाले। अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालती है, तो आईफोन की कीमतों में 40% तक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में एक हाई-एंडआईफोन की कीमत लगभग 2,300 डॉलर तक पहुंच सकती है। गौर करने वाली बात यह कि एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग मुख्य रूप से चीन में होती है। और डोनाल्ड ट्रंप ने 54% का भारी-भरकम टैक्स लगा दिया गया है। जाहिर है, आईफोन की कीमतों में भारी उछाल होना लाजमी है।  30 से 40 प्रतिशत तक की (iPhone price increase) हो सकती है बढ़ोतरी  बता दें कि ट्रंप के रिसिप्रोकल टैरिफ नीति के चलते आईफोन की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी (iPhone price increase) हो सकती है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। आईफोन 16 जो कि $799 लांच हुआ था, इस नीति के चलते अब वो $1,142 तक पहुंच सकता है, तो वहीं, आईफोन16 प्रो मैक्स की कीमत तकरीबन  $2,300 के आसपास जा सकती है। इतना ही नहीं, आईफोन का सबसे सस्ता मॉडल आईफोन 16e की कीमत भी $599 से बढ़कर $856 तक बढ़ सकती है। ध्यान देने वाली बात यह कि आईफोन ही नहीं, एप्पल के अन्य डिवाइसेज़ भी महंगे हो सकते हैं। कहने की जरूरत नहीं, अगर एप्पल टैरिफ का भार ग्राहकों पर डालता है, तो कंपनी की बिक्री में गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से ही कई बाजारों में एप्पल  की सेल गिर रही है। क्योंकि इसके इसके फीचर्स ग्राहकों को अधिक प्रभावित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में, यदि आईफोन महंगा होता है, तो ग्राहक सैमसंग, गूगल पिक्सेल और अन्य ब्रांड्स की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का किया है ऐलान (iPhone price increase) सीएफ़आरए रिसर्च के एक्सपर्ट एंजेलो ज़िनो का मानना है कि आपले ग्राहकों पर सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत लागत ही डाल पाएगा। दावा तो यह भी किया जा रहा है कि कंपनी फिलहाल आईफोन 17 की लॉन्चिंग तक कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करने वाली है। भले ही एप्पल कुछ निर्माण भारत और वियतनाम जैसे देशों में शिफ्ट कर रहा है लेकिन वहां भी 26% से 46% तक के टैक्स लागू हैं, जिससे लागत कम नहीं हो रही है। खैर, जानकारी के मुताबिक अगले चार वर्षों में एप्पल ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इसपर सीईओ टिम कुक ने कहा कि “हम अमेरिकी में निवेश करेंगे और इस निवेश से देश के भविष्य को और मजबूत करेंगे।” ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह निवेश आईफोन की आसमान छूती कीमतों (iPhone price increase) को रोक पाएगा भी या नहीं?  Latest News in Hindi Today Hindi news iPhone price increase #iPhonePriceHike #TrumpTariffs #iPhone2025 #USChinaTrade #ReciprocalTariff #AppleNews #iPhoneCost #TradeWarImpact #TechNews #AppleTariff

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