Jamun Seed Powder

जामुन बीज का पाउडर: एक प्राकृतिक उपाय जो करेगा इन 6 बीमारियों को दूर और रखेगा आपको स्वस्थ

फलों में कई न्यूट्रिएंट्स होते हैं और हेल्थ के लिए इनका सेवन बेहतरीन माना गया है। ऐसा ही एक फल है जामुन (Jamun), जो गर्मियों में आता है। इसका रंग ही नहीं बल्कि स्वाद भी सबसे अलग होता है। इस फल को खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है इसीलिए इसे सुपरफूड भी कहा जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जामुन की गुठली यानी बीज भी इस फल के जितना ही फायदेमंद होता है? ऐसा माना जाता है कि जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) का रोजाना खाली पेट सेवन करना बहुत लाभदायक है। आइए जानें जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में। जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के अनुसार जामुन (Jamun) में एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ फ्लेवोनोइड्स, पॉलीफेनोल्स आयरन और विटामिन सी आदि भी होते हैं। इससे शरीर का फ्री रेडिकल्स से बचाव होता है और इसके कई अन्य बेनिफिट्स भी हैं। आइए जानें जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में।  डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहतरीन जामुन के बीज के पाउडर का इस्तेमाल ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने के लिए मदद कर सकता है। इसलिए, डायबिटीज के रोगियों के लिए इसे खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। इन बीजों में कुछ कंपाउंड्स पाए जाते हैं जैसे जाम्बोलिन और जाम्बोसाइन। यह कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और इंसुलिन सेक्रेशन को स्टिमुलेट करते हैं। जामुन (Jamun) के फल को भी डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद माना गया है।  पाचन को सुधारे जामुन (Jamun) और जामुन के बीजों में फाइबर होता है, जो पेट के लिए फायदेमंद है। इससे पाचन क्रिया सही रहती है और कई समस्याओं से भी राहत मिल सकती है जैसे एसिडिटी और गैस आदि। वजन को रखे रही अगर आप वजन को मैनेज करना चाहते हैं तो आपको जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) रोजाना सुबह खाली पेट लेना चाहिए। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और भूख कम लगती है। इससे वजन कम होने और इसे सही बनाए रखने में मदद मिलती है। दिल के लिए फायदेमंद जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहने में मदद मिलती है। इससे हार्ट हेल्थ में सुधार होता है और दिल की समस्याओं से बचाव हो सकता है। दिल ही नहीं बल्कि मुंह, स्किन और लिवर के स्वास्थ्य के लिए भी जामुन के बीज को लाभदायक पाया गया है। इम्युनिटी को करे बूस्ट इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए इस प्राकृतिक कंपाउंड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इम्युनिटी के मजबूत होने से शरीर का कई बीमारियों और इंफेक्शंस से बचाव होता है।  इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले आर्थराइटिस में फायदेमंद जामुन (Jamun) और जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) एंटी-अर्थरिटिक इफेक्ट युक्त होता है। इनके सेवन से ब्लड में रेड ब्लड सेल्स की संख्या, हीमोग्लोबिन लेवल और एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट में सुधार होता है।  इससे जॉइंट्स में सूजन और दर्द कम होने में मदद मिलती है। यानी अर्थराइटिस के रोगियों के लिए यह फायदेमंद है।  हालांकि इसके बारे में अधिक शोध करना अभी जरूरी है।  यह तो थी जानकारी जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में। लेकिन, अपनी डायट में इसे शामिल करने से पहले डॉक्टर से बात अवश्य करें, खासतौर पर अगर आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम है या आप किसी तरह की दवाईयां ले रहे हैं। अगर बात की इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में तो इसमें फाइबर बहुत अधिक होता ,है ऐसे में इसे लेने के बाद लोग गैस या ब्लोटिंग की समस्या अनुभव कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Jamun Seed Powder #jamunseedpowder #naturalremedy #ayurvedichealth #immunitybooster #diabetescontrol #jamunbenefits

आगे और पढ़ें
Know the harmful effects of Giloy juice

गिलोय के जूस के हो सकते हैं बहुत से नुकसान, जानिए किन लोगों को नहीं करना चाहिए इसका सेवन

आयुर्वेद में ऐसी कई हर्ब्स हैं जिन्हें हेल्थ के लिए लाभदायक माना जाता है। उन्हीं में से एक है गिलोय (Giloy)। इसे अमृता या गुडुची के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना गया है कि यह हर्ब डायजेशन के लिए अच्छी है और इसके साथ ही इम्युनिटी को भी बढ़ाती है। यही नहीं, इस हर्ब में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसके सेवन से बुखार कम करने में मदद मिलती है और शरीर को कई तरह के इंफेक्शंस से बचाव में भी मदद मिलती है। यही कारण है कि आजकल गिलोय का जूस (Giloy juice) बड़ी सख्या में लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसके बहुत से फायदे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं? आइए जानें कि किन लोगों को गिलोय के जूस का सेवन नहीं करना चाहिए (Who should not consume Giloy juice)? किन लोगों को गिलोय के जूस का सेवन नहीं करना चाहिए (Who should not consume Giloy juice)? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार गिलोय (Giloy) सीजनल एलर्जीज में फायदेमंद होती है। इससे स्किन रैशेज कम हो सकते हैं। इसके साथ ही डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल आदि को मैनेज करने में भी यह मदद कर सकती है। लेकिन, कुछ लोगों को इनका सेवन करने से बचना चाहिए। जानें किन लोगों को गिलोय के जूस का सेवन नहीं करना चाहिए (Who should not consume Giloy juice)? ऑटोइम्यून डिजीज के रोगी:  गिलोय का जूस (Giloy juice) इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट करता है जिससे ल्यूपस, रुमेटीइड गठिया या क्रोहन रोग  से पीड़ित लोगों के लिए इसका सेवन उनकी स्थिति को और बदतर बना सकता है। गर्भवती महिलाएं गर्भवती महिलाओं को इस स्थिति में गिलोय का जूस (Giloy juice) पीने की सलाह नहीं दी जाती है। यही नहीं उन्हें इस दौरान कुछ भी खाने या पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसका सेवन करना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ब्लड प्रेशर कम करने वाली दवाईयां लेने वाले लोग  गिलोय का जूस (Giloy juice) उन लोगों को भी नहीं पीना चाहिए, जो ब्लड प्रेशर लो करने वाली दवाईयां ले रहे हैं। क्योंकि गिलोय (Giloy) भी ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है। ऐसे में इन दोनों के कॉम्बिनेशन से रोगी का ब्लड प्रेशर लेवल बहुत अधिक कम हो सकता है। इससे उनकी समस्या बढ़ सकती है। इसे भी पढ़ें:- भारत में जल्द ही लांच होगी वजन कम करने की यह दवा  लिवर की समस्या से पीड़ित रोगी ऐसा पाया गया है कि गिलोय (Giloy) लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए जिन लोगों को लिवर संबंधी समस्याएं हैं या जिन्हें पीलिया के के लक्षणों का अनुभव हो रहा हो, उन्हें इनका सेवन करने से बचना चाहिए। यह तो आप जान ही गए होंगे कि किन लोगों को गिलोय के जूस का सेवन नहीं करना चाहिए (Who should not consume Giloy juice)। यह भी सलाह दी जाती है कि गिलोय (Giloy) या गिलोय का जूस (Giloy juice) पीने से पहले किसी एक्सपर्ट या डॉक्टर कि सलाह लें खासतौर पर अगर आप किसी अंडरलाइंग हेल्थ कंडीशन से गुजर रहे हों या कोई दवा ले रहे हैं।  गिलोय (Giloy) के कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। कुछ लोग इसके सेवन के बाद पेट में परेशानी या जी मिचलाना जैसी समस्याओं का अनुभव करते हैं। ऐसा आमतौर पर इसकी अधिक मात्रा लेने से होता है। इस बात का खास ध्यान रखें कि गिलोय या गिलोय का जूस (Giloy juice) किसी भी बीमारी का मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं है। इसलिए, कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Giloy #giloyjuice #sideeffects #ayurvedichealth #immunitybooster #healthalert #naturalremedies #giloywarning

आगे और पढ़ें
Translate »