Elon Musk warns Trump of launching a new ‘American Party’

एलॉन मस्‍क की राष्ट्रपति ट्रंप को खुली धमकी- ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पास हुआ तो बनाऊंगा नई ‘अमेरिकन पार्टी’

अरबपति एलॉन मस्क (Elon Musk) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ‘वन बिग, ब्यूटीफुल बिल’ की एक बार फिर से जमकर आलोचना की है। इस आलोचना के दौरान एलॉन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को खुली धमकी भी दे डाली। उन्‍होंने कहा कि इस बिल को अगर सीनेट मंजूरी देती है, तो वह बिल पास होने के अगले ही दिन ‘अमेरिकन पार्टी’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। एलॉन मस्क ने इस बिल को ट्रंप का पागलपन बताते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों  टैक्‍सपेयर्स पर एक बोझ की तरह होगा।   बता दें कि ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ ट्रंप का ड्रीम बिल है। इसमें टैक्स कटौती, अवैध प्रवासियों को देश से निकालने और सेना का बजट बढ़ाने जैसी अहम योजनाओं पर खर्च को कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। डोनाल्ड ट्रंप इस खास बिल के जरिए साल 2017 में लागू किए गए टैक्स कटौती योजना को और आगे ले जाना चाहते हैं। साथ ही देश से प्रवासियों को निकालने के साथ सेना को और मजबूत बनाना चाहते हैं। इस बिल में 4.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। इस भारी भरकम बिल के कारण ही आलोचक इसका विरोध कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि अगर यह बिल पास होता है तो अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज में करीब 3.3 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोत्तरी होगी साथ ही गरीबों के हेल्थकेयर में 1 ट्रिलियन डॉलर की कटौती की जाएगी।  एलॉन मस्क ने सांसदों को भी दे दी खुली धमकी  एलॉन मस्क (Elon Musk) ने इस बिल का शुरू से ही तीखा विरोध कर रहे हैं। इस बिल की वजह से ही वो ट्रंप के दोस्त से उनके दुश्मन बन चुके हैं। ट्रंप प्रशासन का साथ छोड़ने के बाद से ही वो इस बिल का खुला विरोध करते आ रहे हैं। इस बार भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘देश का हर वो सांसद जो देश के पैसे का बर्बादी नहीं चाहता और खर्च कम करना चाहता है। अगर वो कर्ज बढ़ाने वाले इस ऐतिहासिक बिल के पक्ष में वोट देता है, उसे शर्म आनी चाहिए।’ इस के साथ मस्क ने यह भी धमकी दी कि, ‘अगर किसी सांसद ने इस बिल के पक्ष में वोट किया, तो उसे मैं अगले साल उनके प्राइमरी चुनाव में हराकर दम लूंगा, इसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े।’ लोगो को नया विकल्प देने के लिए बनाउंगा नई पार्टी- मस्क  एलॉन मस्क ने अपने एक दूसरे पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर ये ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पास हुआ, तो वे अगले ही दिन ‘अमेरिकन पार्टी’ के नाम से नई पार्टी बनाएंगे। अब वक्त है कि अमेरिकी लोगों को रिपब्लिकन्स और डेमोक्रेट्स के अलावा एक तीसरी राजनीतिक पार्टी का भी विकल्प दिया जाए। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।   इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़ सीनेट में वोटिंग शुरू, 7 घंटे में मात्र 14 वोट  बता दें कि, अमेरिकी सीनेट में इस बिल पर सोमवार को वोटिंग की गई। अमेरिका में किसी भी बिल के संशोधन पर अलग-अलग वोटिंग होती है। इस बिल पर पहले 7 घंटे के दौरान मात्र 14 वोट ही पड़े। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी इस बिल को शुक्रवार तक सीनेट में पास कराना चाहती है, लेकिन यहां पर रिपब्लिकन पार्टी अल्पमत में है। जिसकी वजह से इस बिल के सीनेट में लटकने की संभावना ज्यादा है। अगर यहां से यह बिल पास हो जाता है तो इसे हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रखा जाएगा, जहां रिपब्लिकन बहुमत में हैं। हालांकि डेमोक्रेट्स के साथ कुछ रिपब्लिकन भी इस बिल का खुल कर विरोध कर रहे हैं। ऐसे लोगों का दावा है कि अगर यह बिल आया तो लाखों नौकरियां खत्म हो जाएंगी। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप इस बिल को अपनी नीतियों की बड़ी जीत के तौर पर पेश कर रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk #ElonMusk #DonaldTrump #AmericanParty #USPolitics #OneBigBeautifulBill #MuskVsTrump #USElection2025

आगे और पढ़ें
Elon Musk Regrets Posts on Donald Trump

Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump: इस वजह से एलन मस्क को अब ट्रंप पर किए अपने पोस्ट पर हो रहा पछतावा?

कई दिनों की जारी कलह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति व्यवसायी एलन मस्क के बीच तल्ख हुए रिश्ते अब एक बार पुनः पटरी पर लौटते हुए नजर आ रहे हैं। एलन मस्क ने खुद सामने से संबंधों को सुधारने की पहल की है। मजे की बात यह कि ट्रंप से बहस के बाद अब मस्क को बड़ा पछतावा हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए कहा, ट्रंप पर लिखते समय उन्होंने सीमाएं लांघ दीं, जिसका उन्हें दुख (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) है। एलन मस्क ने एक ट्वीट करके कहा, उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति और अपने पार्टनर डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए अपने कुछ पोस्ट पर पछतावा हो रहा है। खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप पर उनके कुछ पोस्ट हद से ज्यादा आगे बढ़ गए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए गए कुछ पोस्ट के लिए खेद है। वे हद से आगे चले गए। दरअसल, बुधवार को एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी कुछ पोस्ट पर खेद है। मैंने सीमा लांघ दी।” मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था बता दें कि, हाल के दिनों में एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। यह मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। यह बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके घरेलू एजेंडे के केंद्र बिंदू के रूप में देखा जाने वाला एक विशाल कानून है। मस्क ने इस बिल को बेकार करार दिया और इसका समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का आग्रह तक किया था। इतना कुछ होने पर भला ट्रंप इसपर चुप कैसे रहते। इस कड़ी में शनिवार को एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वो मौजूदा रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौती देने वालों को फंडिंग देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ ही सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था खैर, इससे पहले एलन मस्क ने दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। यहाँ तक मस्क ने यह भी कहा था कि ट्रंप का नाम होने के कारण ही प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वो बात और है कि इस ट्वीट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी धमकी दी थी कि वह मस्क को दी गई सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देंगे। हालाँकि मस्क की ओर से पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ संभावित सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। इससे पहले मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किये जाने बाद दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी थी। इस कांड के बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump #elonmusk #donaldtrump #regret #politicalnews #socialmediacontroversy #breakingnews #muskstatement #usnews

आगे और पढ़ें
Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein's files

Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files: एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) के बीच तकरार बढ़ता जा रहा है। दोनों के बीच चल रहे वार-पलटवार के बीच मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि “डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम एपस्टीन की फाइल (Epstein Files) में दर्ज है, इसीलिए उसे जारी नहीं किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि बड़ा बम गिराया जाए। आप सभी का दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने यह भी लिखा कि, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।” बता दें कि यह पूरा मामला यौन तस्करी के आरोपी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन पर साल 2019 में यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। इस मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने उसी साल आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने खुलासा किया था कि वो एप्सटीन की करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल के कारण एप्सटीन से मिली थी। इसके बाद एप्स्टीन ने उसे साल 1999 से 2002 के बीच कई बड़े लोगों के पास अनैतिक कार्य करने के लिए भेजा। गिफ्रे ने इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम का खुलासा भी किया था।  रबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था इनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद एप्सटीन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन वो उसी साल जेल में मृत पाए गए। ग्रिफे और एप्सटीन की मौत को आधिकारिक तौर पर सुसाइड करार दिया गया, लेकिन कई लोग दावा करते हैं कि दोनों की हत्या की गई। एप्सटीन पर यह भी आरोप था कि उसने 2002 और 2005 के बीच मैनहट्टन और फ्लोरिडा में रहने वाले अमीरों के पास नाबालिग लड़कियों को भेजता था और वहां पर उनका यौन शोषण होता था। एपस्टीन फाइल का एक हिस्सा इसी साल जारी किया गया था। इस फाइल में एपस्टीन के फाइनेंसरों और बाल यौन अपराध में शामिल कई हाई-प्रोफाइल सहयोगियों का विवरण था। अरबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था। हालांकि, एपस्टीन फाइल में ट्रम्प का नाम नहीं था, लेकिन एपस्टीन के साथ दोस्ती के कारण ट्रंप कई साल जांच के दायरे में रहे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ट्रंप ने मस्क को दी सब्सिडी बंद करने की (Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files) धमकी  बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में डीओजीई प्रमुख का पद छोड़ ट्रंप प्रशासन से अगल हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के नए टैक्‍स बिल को लेकर दोनों के बीच तनाव था। इसके बाद से ही ट्रंप और मस्क के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मस्क ने ट्रंप पर “अमेरिका को दिवालिया बनाने” का आरोप लगाया था। जिसके बाद ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि ”वो मस्क की टेस्ला और एयरोस्पेस कंपनी को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को बंद कर सकते हैं।” जिसके बाद से टेस्ला कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। ट्रंप के इस घोषणा का जवाब देते हुए मस्क ने ट्रंप को कहा, ”अगर वह साथ नहीं देते तो ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते, जो करना हो, वो कर लो।” Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump ElonMusk #TrumpEpstein #JeffreyEpstein #ChildAbuseFiles #TrumpControversy #EpsteinList #MuskVsTrump

आगे और पढ़ें
Musk Trump disagreement

Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt: एलन मस्क ने छोड़ा ट्रंप सरकार का साथ, इस वजह से दोस्ती में आई दरार

टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सब कुछ सही नहीं चला रहा है। इससे पहले भी दोनों के रिश्तों में तल्खी देखी गयी थी। अततः एलन मस्क ने ट्रंप के विशेष सलाहकार पद से इस्तीफा दे (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के बेहद खास माने जाने वालों में से एक एलन मस्क ने ऐलान किया है कि “वह ट्रंप प्रशासन से बाहर हो रहे हैं। संघीय नौकरशाही को कम करने और उसमें सुधार लाने के प्रयासों का नेतृत्व करने के बाद एलन मस्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सलाहकार के रूप में अपनी सरकारी भूमिका छोड़ रहे हैं। उन्होंने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर बताया कि “वे सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।” इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “उन्होंने उन पर विश्वास किया और उन्हें अपने प्रशासन में एक विशेष सरकारी कर्मचारी के तौर पर शामिल किया।”  राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है- एलन मस्क गौर करने वाली बात यह कि मस्क का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब लंबे समय से ये चर्चा चल रही थी कि दोनों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं। हालाँकि मस्क ने कुछ दिन पहले ही ट्रंप के एक फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि “राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है। मस्क के मुताबिक, यह फैसला खर्चों में भारी बढ़ोतरी करेगा, जिससे संघीय घाटा बढ़ेगा।” बता दें कि एलन मस्क को अमेरिकी सरकार में विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में नामित किया गया था। इसके तहत वह हर साल 130 दिनों तक सरकार के काम में अपनी सलाह देते। ध्यान देने वाली बात यह कि 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण से मई के अंत में ये सीमा पूरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने समाचार आउटलेट सेमाफोर को बताया कि “विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मस्क की ऑफबोर्डिंग बुधवार रात से शुरू होगी। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी मुहाजिरों की आखिरी उम्मीद PM मोदी, पाक नेता ने सेना से बचाने की लगाई गुहार मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा- एलन मस्क गौरतलब हो कि उन्होंने इस ऐलान से पहले बाकायदा ट्रंप के सुंदर बिल की आलोचना की थी। मस्क ने कहा था कि “वह इस बिल से निराश (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) हैं। इस विधेयक में कर कटौती और आव्रजन प्रवर्तन में वृद्धि का मिश्रण शामिल है। मस्क ने इसे एक बहुत बड़ा व्यय विधेयक बताया जो संघीय घाटे को बढ़ाता है और उनके सरकारी दक्षता विभाग, जिसे डीओजीई के नाम से जाना जाता है, के काम को कमजोर करता है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा कि “मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। डीओजेई मिशन समय के साथ और मजबूत होगा क्योंकि यह सरकार चलाने का एक तरीका बन जाएगा।” खैर, कुल-मिलकर बात यह कि मास्क ट्रम्प के कुछ फैसलों से नाराज चल रहे थे। उन्होंने ट्रंप द्वारा टैक्स में कटौती और इमिग्रेशन सुधार के फैसले को लेकर सीबीएस के साथ बातचीत में कहा कि “मेरा मानना है कि कोई भी बिल या तो बड़ा हो सकता है या फिर सुंदर, लेकिन दोनों नहीं हो सकता। कुछ चीजें हैं जिनसे मैं संतुष्ट नहीं हूं, मगर कई चीजों से मैं काफी उत्साहित हूं।” इस दौरान मस्क ने यह भी बताया कि “इस फैसले में कुछ बदलाव होने की संभावना बनी हुई है, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news  Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt #ElonMusk #Trump #Politics #BreakingNews #MuskVsTrump #USPolitics

आगे और पढ़ें
Elon Musk's xAI Acquires X in $33 Billio

Elon Musk sells X: एलन मस्क ने इस शख्स को दो लाख 82 हजार करोड़ रुपए में बेचा  X

टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क अपने हैरतअंगेज निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। ऐसा इसलिए कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स नीलाम कर दिया है। पहले तो साल 2022 में उन्होंने ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर में खरीदा था और फिर नाम बदलकर X किया। न सिर्फ नाम में बदलाव किया बल्कि उन्होंने अभद्र भाषा और यूजर वेरिफिकेशन और गलत सूचना पर पॉलिसी में बदलाव किया था। यही नहीं मस्‍क ने मैनेजमेंट संभालते ही कई बदलाव किए और लोगों से ब्‍लू टिक के लिए फीस वसूली जाने लगी। इस बीच मजे की बात यह कि अब उन्होंने X को ही बेच दिया (Elon Musk sells X)। वो भी 33 बिलियन डॉलर (28,23,43,71,00,00 रुपए) में। ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि आखिर वो कौन रईस है जिसने एलन को इतनी बड़ी रकम दी। आखिर कौन है वो शख्स और क्या करती है उसकी कंपनी, जिसने X ख़रीदा। आइये जानते हैं कौन वो खरीदार जिसने इतनी बड़ी डील की।   एलन मस्‍क की ही दूसरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI ने खरीदा है (Elon Musk sells X) बता दें कि वो रईसजादा कोई और नहीं बल्कि अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क स्वयं ही हैं। उन्होंने किसी और को नहीं बल्कि अपनी ही कंपनी (Elon Musk sells X) को बेचा है। बता दें कि xAI यूएस आधारित अमेरिकी पब्लिक-बेनेफिट कॉरपोरेशन है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम करती है। बड़ी बात यह कि इस कंपनी को खुद एलन मस्क ने ही साल 2023 में शुरू किया था। इस कंपनी का हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को में स्थित है। कुल मिलाकर बड़ी बात यह कि एक्‍स को किसी और ने ही नहीं बल्कि एलन मस्‍क की ही दूसरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI ने खरीदा है। यह डील 33 अरब डॉलर में हुई है। भारतीय करेंसी में यह राशि दो लाख 82 हजार करोड़ में बिकी।  इसे भी पढ़ें:- म्यामार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके, गगनचुंबी इमारतें हुईं धराशाही हमारा लक्ष्य सच्चाई की खोज करना और ज्ञान को बढ़ाना है (Elon Musk sells X)  जानकारी के मुताबिक दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति एलन मस्क ने हाल ही में X पर एक पोस्ट शेयर किया है। शेयर किये पोस्ट में उन्होंने बताया कि X और xAI का भविष्य आपस में जुड़ा हुआ है। आज हम मॉडल, डिस्ट्रीब्यूशन, कंप्यूट, जेटा और टैलेंट को एक साथ लाने की दिशा में कदम उठा (Elon Musk sells X) रहे हैं। इस डील को लेकर एलन मस्क का कहना है कि “X की विशाल पहुंच और xAI की एडवांस एआई क्षमता, दोनों ही एक साथ मिलकर आपार संभावनाओं के दरवाजों को खोलेंगे। अपनी बात को रखते हुए एलन मस्क ने कहा कि “हमारा लक्ष्य सच्चाई की खोज करना और ज्ञान को बढ़ाना है। इसी के साथ हम अरबों लोगों को ज्यादा उपयोगी और बेहतर एक्सपीरियंस देने का काम करेंगे।” बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X को अपनी ही कंपनी xAI को बेच दिया है। ये डील 33 बिलियन डॉलर (लगभग 28,23,43,71,00,00 रुपए) में हुई है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस सौदे की घोषणा के बाद X और xAI के प्रवक्ताओं ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। सौदे के कई पहलू अभी अस्पष्ट हैं, जैसे कि निवेशकों को मुआवजा कैसे मिलेगा, X के नेतृत्व का नई कंपनी में एकीकरण कैसे होगा, या नियामक जांच की संभावना क्या है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk sells X #ElonMusk #xAI #XCorp #TechNews #AIIntegration #SocialMedia #BusinessAcquisition #Innovation #ArtificialIntelligence #TechUpdate

आगे और पढ़ें
Twitter's Blue Bird auction

ट्विटर की ब्लू बर्ड ने रचा इतिहास! 34,375 डॉलर में नीलाम हुआ लोगो

ट्विटर (Twitter) को अब X के नाम से जाना जाता है। यह एक बेहतरीन सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, जो लोगों को वास्तविक समय के जानकारी शेयर करने और पूरी दुनिया से जुड़े रहने में मदद करता है। ट्विटर का नीला पक्षी यानी ब्लू बर्ड (Blue bird) इसकी पहचान है जिसे लैरी द बर्ड भी कहा जाता है। जिसने ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल किया है वो इसके बारे में अवश्य जानते होंगे। लेकिन, जब से एलन मस्क ने ट्विटर खरीदा है तब से प्लेटफॉर्म का नाम और लोगो दोनों को ही बदल दिया गया है। अब यह ब्लू बर्ड एक बारे फिर से चर्चा में है। ट्विटर (Twitter) के हेडक्वाटर में ने डिस्प्ले ब्लू बर्ड (Blue bird) स्टेच्यू को नीलाम किया गया है। इससे कंपनी को अच्छा-खासा फायदा हुआ है। आइए जानें ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) के बारे में। ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) एलन मस्क (Elon Musk) के ट्विटर (Twitter) को खरीदने के बाद उन्होंने इसे पूरी तरह से बदल दिया फिर वो चाहे उसका नाम हो, लोगों हो या अन्य चीजें। ट्विटर (Twitter) की पहचान ब्लू बर्ड (Blue bird) को इसके बाद से ही ट्विटर के सैन फ्रांसिस्को हेडक्वाटर से हटा दिया गया था। अब ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) की बात सामने आयी है। ऐसे माना जा रहा है कि इस ब्लू बर्ड (Blue bird) के स्टेच्यू को 34,375 अमेरिकी डॉलर में नीलाम किया गया है। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 29.56 लाख रुपये हैं। इसकी नीलामी आरआर ऑक्शन द्वारा की गयी है जो दुर्लभ और संग्रहणीय वस्तुओं में डील करते हैं। इस स्टेच्यू को किसने खरीदा है इस बारे में जानकारी नहीं दी गयी है। उनकी पहचान अभी गुप्त रखी गयी है। अगर बात की जाए ट्विटर (Twitter) के ब्लू बर्ड (Blue bird) की, तो इसका वजन 560-पाउंड यानी 254 किग्रा है। यह स्टेच्यू 12 फीट×9 फीट के आकार में है। क्यों की गयी ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction)? ऐसा माना जा रहा है कि ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने कंपनी को वित्तीय संकट से बाहर आने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें से एक कदम यह है कि उन्होंने ट्विटर (Twitter) की कई संपत्तियों को नीलाम किया है। यही कारण है जिसके लिए उन्होंने ट्विटर की ब्लू बर्ड (Blue bird) को नीलाम किया। इसके अलावा उन्होंने इससे पहले और भी ट्विटर (Twitter) के अन्य सामान को नीलाम किया है। इससे पहले कंपनी ने साइन, मोमेंटो, रसोई के उपकरण और कार्यालय फर्नीचर आदि को भी नीलाम किया था। यही नहीं ,टेक्निकल हिस्ट्री की कुछ चीजों को भी नीलाम किया गया है जिसमें एक एप्पल-1 कंप्यूटर और इससे संबंधित उपकरण हैं, जो 375,000 डॉलर में बिके थे। इसके साथ ही एक एप्पल कंप्यूटर कंपनी का चेक, जिस पर स्टीव जॉब्स ने 1976 में हस्ताक्षर किए थे, उसे 112,054 डॉलर में बेचा गया था। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar ट्विटर (Twitter) के मालिक अभी एलन मास्क है, जिन्होंने इसे 25 अप्रैल 2022 को खरीदा था। इसे 44 अरब डॉलर में खरीदा गया था। लेकिन, अगर ट्विटर (Twitter) की स्थापना की बात की जाए, तो इसे 2006 में जैक डोरसे, नोआह ग्लास, बिज़ स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा स्थापित किया गया था। कुछ ही सालों में यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों के बीच में लोकप्रिय हो गया था। इस में ट्विटर (Twitter) पर यूजर अन्य यूजर्ज को फॉलो कर सकते हैं, उनके ट्वीट्स पढ़ सकते हैं और उन पर कमेंट भी कर सकते हैं। अपनी इन विशेषताओं के कारण आज भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, हालांकि अब इसका नाम बदल चुका है। Latest News in Hindi Today Hindi Twitters Blue Bird auction #Twitter #X #ElonMusk #BlueBird #TwitterBlueBird #TwittersBlueBirdauction

आगे और पढ़ें
Grok AI

एलन मस्क के ग्रोक एआई पर विवाद: अनहिंज्ड मोड की सच्चाई

आजकल एआई चैटबॉट (Chatbot) बेहद प्रचलित हैं, जो किसी भी सवाल का जवाब कुछ ही पलों में दे सकते हैं। यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जिसे मनुष्यों के साथ बातचीत करने के लिए बनाया गया है। इस प्रोग्राम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और नेचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग यानी एनएलपी के इस्तेमाल करके बनाया गया है। ग्रोक एआई (Grok AI)  एक ऐसा ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट (Chatbot) है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह चैटबॉट आजकल अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के कारण चर्चा में है। आइए जानें ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के बारे में और जानते हैं कि क्या है इससे जुड़ा पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड क्यों बना हुआ है चर्चा का विषय? एआई चैटबॉट ग्रोक एआई (Grok AI) प्लेटफॉर्म X का चैटबॉट (Chatbot) है, अक्सर अपनी आपत्तिजनक भाषा, नकारात्मक प्रतिक्रिया और गोपनीयता की चिंता के कारण आलोचना का सामना करता रहता है। हाल ही में भारत में भी यह जांच का विषय बना हुआ है। क्योंकि, यह टूल हिंदी स्लैंग और गाली-गलौच वाली भाषा का इस्तेमाल करता है। यही कारण है कि आईटी मिनिस्ट्री इस पर खास नजर रखे हुए है। दूसरे चैटबॉट जैसे चैटजी चैटजीपीटी, गूगल जेमिनाइ आदि कभी भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते, जो उचित न हों लेकिन वहीं दूसरी तरफ ग्रोक एआई (Grok AI) अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। इसके कारण अक्सर इसकी आलोचना होती है। ग्रोक एआई का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) ऐसा भी माना गया है कि यह चैटबॉट (Chatbot) यूजर्स के सवालों का जवाब देने के लिए दो मोड्स का इस्तेमाल करता है। एक है रेगुलर मोड और दूसरा अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode)। रेगुलर मोड सामान्य भाषा में जवाब देता है यानी अगर यूजर कोई सीधा उत्तर पूछता है, तो यह चैटबॉट सीधा और स्पष्ट उत्तर देता है। लेकिन, अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) बिना फिल्टर के जवाब देता है जो यूजर को असहज महसूस करा सकता है। क्या है पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) से जुड़ा एक मामला तब चर्चा में आया जब इसके बारे में भारत में एक यूजर ने कुछ पोस्ट किया। यूजर ने जब इस एआई टूल से कोई सामान्य सवाल पुछा तो उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं उसने ऐसे हिंदी स्लैंग और शब्दों का इस्तेमाल किया, जो यूजर्स को हैरान कर देने वाले थे। यह भी पाया गया है कि ग्रोक एआई (Grok AI) गुस्से में इंसानों तक तरह व्यवहार करता है। इस समस्या के बारे में भारत सरकार X के अधिकारीयों से बात कर रही है और उनसे इसके बारे में सवाल-जवाब कर रही है। इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन ग्रोक एआई के बारे में जानें और अधिक जैसा कि पहले ही बताया गया है कि ग्रोक एआई, (Grok AI) एक चैटबॉट (Chatbot)  है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह इंटरनेट पर ट्रेंडिंग लैंग्वेज और स्लैंग जैसी जानकारियों को समझता है और उसी अंदाज में जवाब देता है। हालांकि, इसी वजह से इसके जवाब कभी-कभी अनफिलटर्ड या आपत्तिजनक भी हो सकते हैं। इस मामले में भारत सरकार (Indian Government) ने X को नोटिस भेजा है और एआई चैटबॉट्स के कंटेंट मॉडरेशन और जवाबदेही पर जवाब मांगा है। यही नहीं सरकार ने इस बारे में कानूनी नोटिस भी भेजा है। सरकार चाहती है कि यह चैटबॉट भारत की भाषा में गलत, और असभ्य बातों को न फैलाएं। लेकिन, X का दावा है कि सरकार कानून के मुतबिक बिना कानूनी प्रक्रिया के सीधे कंटेंट को सेंसर कर सकती है, जो फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का उल्लंघन है। Latest News in Hindi Today Hindi Grok AI #Chatbot #Unhingedmode #GrokAI #AIchatbot

आगे और पढ़ें
Elon musk X

डाउन हुआ एक्स: साइबर अटैक का शिकार, मस्क के लिए क्या है अगला कदम?

साइबर अटैक्स (Cyber attack) किसी भी समय और किसी भी जगह हो सकते हैं। यह एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक अटैक है जो कंप्यूटर सिस्टम, डाटा और नेटवर्क को हानि पहुंचाने के लिए किया जाता है। यह अटैक कई तरह के हो सकते हैं जैसे मैलवेयर, फ़िशिंग, रैंसमवेयर और डीडीओएस आदि। आजकल यह अटैक बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में लोगों और व्यवसाओं को साइबर सिक्योरिटी को लेकर अधिक सावधान और तैयार रहने की आवश्यकता है। 10 मार्च को बार-बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स डाउन हो रहा था। दिन में तीन बार एक्स (X) की सेवाएं प्रभावित हुई। अगले दिन भी लोगों को इसमें कुछ समस्याएं देखने को मिल रही हैं। जानिए क्या हैं एक्स के डाउन होने के कारण (Reasons for X being down) और क्या कहना है इसके बारे में इसके मालिक एलन मस्क (Elon musk) का? पहले इस समस्या के बारे में जान लेते हैं। क्या थी समस्या?  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) जो पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता है, 10 मार्च को तीन बार डाउन हुआ। यह आउटेज कई घंटों का था। इसके मालिक एलन मस्क (Elon musk) ने इसके बारे में एक ट्वीट करके बताया। उनके अनुसार इस आउटेज का कारण बहुत बड़ा साइबर अटैक (Cyber attack) था। यूजर्स एक्स (X) को लोड नहीं कर पा रहे थे। कई लोगों को एक्स में अपने अकाउंट में लॉगिन करने में समस्या हो रही थी। हालांकि, कंपनी ने तुरंत इस पर कार्यवाही की और इस आउटेज की समस्या को हल किया जा रहा है। काफी हद तक यह समस्या अभी काम हो चुकी है। एक्स के डाउन होने के कारण (Reasons for X being down) एलन मस्क (Elon musk) ने फॉक्स बिजनेस पर अपना इंटरव्यू दिया और उसमें यह दावा किया कि समस्या एक बड़े साइबर अटैक (Cyber attack) के कारण हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस अटैक में यूक्रेन का आईपी एड्रेस (IP address) इस्तेमाल हुआ है। इसलिए उनका यह मानना है कि इस अटैक के पीछे यूक्रेन की सरकार हो सकती है। उनके अनुसार हर दिन कोई न कोई साइबर अटैक (Cyber attack) होता है लेकिन यह अटैक बहुत अधिक संसाधनों के साथ किया गया है। यानी इसके पीछे कोई बड़ा ग्रुप या देश हो सकता है। इसके बारे में उन्होंने इससे अधिक जानकारी नहीं दी है। एलन मस्क (Elon Musk) के अनुसार अब यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फिर से काम कर रहा है। पहले डाउन डिटेक्टर पर लगभग 2,000 रिपोर्टें थीं। लेकिन, बाद में यह संख्या 1,000 से भी कम हो गई। हालांकि, मस्क के इस दावे की अभी तक कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं हुई है। किस ग्रुप को माना जा रहा है जिम्मेदार? इसके लिए प्रो-फिलिस्तीनी हैकिंग ग्रुप डार्क स्टॉर्म को जिम्मेदार माना जा रहा है, जो एक चल रहे डीडीओएस अटैक के कारण हुआ था। यह दावा डार्क स्टॉर्म के एक टेलीग्राम पोस्ट के बाद किया गया है। लेकिन, न्यूज़वीक के अलावा, डार्क स्टॉर्म पर रिपोर्ट करने वाली साइटें पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं हैं। इसलिए इस खबर की पुष्टि नहीं की जा सकती है और इसे एक गलत रिपोर्ट माना जा सकता है। यानी, एक्स (X) पर यह हमला किस ने किया, एक्स के डाउन होने के कारण (Reasons for X being down) की सही जानकारी नहीं है। इसे भी पढ़ें: यूट्यूब ने नियमों के उल्लंघन पर डिलीट किये लाखों वीडियो, सबसे ज्यादा भारतीय इन्फ्लुएंसर्स के हटाए गए वीडियो एक्स के विकल्प एक्स (X) का डाउन होना कोई अच्छी खबर नहीं है। क्योंकि बहुत से लोग नयी खबरों और जानकारी प्राप्त करने के लिए इस पर निर्भर रहते हैं। एलन मस्क (Elon musk) की परेशानियां यहीं खत्म नहीं हुई। उनकी दूसरी कंपनी टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट आई है। इस साल टेस्ला के शेयर में चालीस प्रतिशत से भी अधिक कमी आयी है। एलन मस्क (Elon musk) के इस ट्वीट के अलावा कोई ऑफिशियल फीडबैक नहीं आयी है। एक्स (X) की इस ऑउटेज के बाद लोग अब अन्य प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म हैं ब्लूजकाई, थ्रेड्स, कोहोस्ट, काउंटरसोशल और मैस्टोडन। इनमे से ब्लूजकाई को एक्स का दूसरा विकल्प ही माना जा रहा है। हालांकि, अब एक्स (X) सामान्य रूप से काम कर रहा है और डाउन डिटेक्टर पर रिपोर्ट्स में धीरे-धीरे कमी आ रही है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon musk #ReasonsforXbeingdown #Elonmusk #Cyberattack #X

आगे और पढ़ें
Elon Musk Clashes with Minister

Elon Musk Clashes with Minister: कैबिनेट मीटिंग में ही भिड़े एलन मस्क और विदेश मंत्री, डोनाल्ड ट्रंप को देना पड़ा दखल

अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में कई कड़े फैसले लिए जा रहे हैं। हालांकि उनके फैसलों का अमेरिका में जमकर विरोध भी हो रहा है। ट्रंप प्रशासन का एक ऐसा ही फैसला है सरकारी स्टाफ में कटौती का। उनके इस फैसले की आलोचना न सिर्फ अमेरिकी राजकर्मियों के संगठन बल्कि अन्य लोग भी कर चुके हैं। इस बीच उनके अपने इस फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख एलन मस्क के बीच नोकझोंक होने की खबर सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को ट्रंप की मौजूदगी में कैबिनेट बैठक के दौरान दोनों के बीच झड़प (Elon Musk Clashes with Minister) हुई। खैर, बाद में ट्रंप ने मस्क और रुबियो के बीच झड़प की बातों का खंडन किया है। मजे की बात यह कि एक तरफ जहां ट्रंप ने मस्क और रुबियो के बीच झड़प की बातों का खंडन किया है तो वहीं दूसरी ओर न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एलन मस्क के बीच स्टाफ कटौती के मुद्दे पर बहस हुई थी। गौर करने वाली बात यह कि रॉयटर्स ने भी इस बहस को रिपोर्ट किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट की माने तो यह ड्रामा उस बैठक में हुआ, जिसमें ट्रंप ने अपने कैबिनेट प्रमुखों से कहा कि “उनकी एजेंसियों में स्टाफिंग और नीति पर अंतिम फैसला मस्क का नहीं, बल्कि उनका है।” ट्रंप प्रशासन को अपने ही मतदाताओं के गुस्से (Elon Musk Clashes with Minister) का करना पड़ा है सामना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह बैठक एजेंसी प्रमुखों से लेकर चीफ ऑफ स्टाफ, सूजी विल्स सहित व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों तक मस्क ऑपरेशन के कठोर-बलपूर्ण दृष्टिकोण के बारे में की गई शिकायतों के बाद बुलाई गई थी। स्टाफ कटौती के इस फैसले के खिलाफ ट्रंप प्रशासन को अपने ही मतदाताओं के गुस्से (Elon Musk Clashes with Minister) का सामना करना पड़ा है। हालांकि शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से रूबरू होते हुए ट्रंप से जब टाइम्स की रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि कोई टकराव नहीं। मैं वहां स्वयं मौजूद था।” उन्होंने आगे कहा कि “एलन मस्क मार्को रुबियो के साथ बहुत अच्छे से पेश आते हैं और वे दोनों शानदार काम कर रहे हैं।” इसे भी पढ़ें:-  नरम पड़े डोनाल्ड ट्रंप, 45 दिन बाद मैक्सिको-कनाडा को दी राहत बढ़ती बहस (Elon Musk Clashes with Minister) को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को स्वयं करना पड़ा हस्तक्षेप   बैठक के दौरान मजे लेते हुए मस्क ने कहा कि “आपने किसी को भी नहीं निकाला है। आपका विदेश विभाग अभी भी फूला हुआ है।” मस्क के तीखे सवाल को सुनते ही रुबियो भड़क उठे। उन्होंने जवाब दिया कि मस्क को 1,500 विदेश विभाग के अधिकारियों की याद दिला दी जिन्होंने बायआउट किया था। मगर  मस्क प्रभावित नहीं हुए। खैर, रुबियो ने व्यंग्यात्मक रूप से पूछा कि “क्या मस्क चाहते हैं कि वे उन सभी लोगों को फिर से काम पर रखें ताकि वे उन्हें फिर से नौकरी से निकालने का दिखावा कर सकें?” इस बीच दोनों के बीच जैसे ही बहस (Elon Musk Clashes with Minister) बढ़ी वैसे ही राष्ट्रपति ट्रंप, जो पहले हाथ पर हाथ धरे देख रहे थे, आखिरकार उन्हें स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा। ट्रंप ने कहा कि “कैबिनेट सचिव कार्यभार संभालेंगे, जबकि मस्क की टीम केवल सलाह देगी।” बेशक यह ट्रंप का पहला महत्वपूर्ण संकेत था कि मस्क के प्रभाव पर सीमाएं लगाने के लिए तैयार थे। कहने की जरूरत नहीं, इसे देखकर यह कहा जा सकता है कि ट्रंप की सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हैरत की बात यह कि एक तरफ पूरी दुनिया को ट्रंप अपनी ताकत दिखाने में लगे हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनके मंत्री ही आपस लड़ रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Clashes with Minister #ElonMusk #DonaldTrump #USPolitics #ForeignAffairs #TechVsPolitics #CabinetClash #MuskVsMinister #TrumpMediation #BreakingNews #PoliticalDrama

आगे और पढ़ें

Trump limits Musk’s authority: एलन मस्क पर सख़्त हुए ट्रंप, कहा- आपको सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई हक नहीं

जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली है तब से ट्रंप और एलन मस्क दोनों ताबड़तोड़ एक के बाद एक चौंकाने वाले निर्णय ले रहे हैं। चाहे वो कनाडा और मैक्सिको समेत अन्य देशों पर टैरिफ लगाना हो या फिर अपने ही देश के सरकारी कर्मचारियों की छटनी करनी हो। बेख़ौफ़ होकर निर्णय ले रहे थे। लेकिन इस बीच स्थिति बदलते देर नहीं लगी। इस दरम्यान अनावश्यक हुई सरकारी कर्मचारियों की छंटनी के बाद बगावती सुर बुलंद होने लगे और असंतोष की भावना पनपने लगी। बगावती सुर बुलंद होता देख ट्रंप ने कहा कि “टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क केवल विभागों को सलाह देने तक (Trump limits Musk’s authority) सीमित हैं। और वे कर्मियों या नीतियों पर स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले सकते।” बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कैबिनेट को स्पष्ट किया कि “बिलियनेयर सलाहकार एलन मस्क को संघीय विभागों के अध्यक्ष की तरह अधिकार नहीं दिए गए हैं। और न ही उन्हें सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई अधिकार है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क केवल विभागों को सलाह देने तक सीमित हैं।”   इबोला रोकथाम के लिए फंडिंग को गलती से रद्द करना एक बड़ी चूक (Trump limits Musk’s authority) थी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एलन मस्क ने स्वीकार किया कि “पिछले सप्ताह ट्रंप की पहली कैबिनेट बैठक में इबोला रोकथाम के लिए फंडिंग को गलती से रद्द करना एक बड़ी चूक (Trump limits Musk’s authority) थी।” दरअसल, एलन मस्क और उनकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियेंसी (डीओजेई) फेडरल कर्मचारियों की छंटनी सहित खर्चों में कटौती के उपायों पर काम कर रही है। गौर करने वाली बात यह कि मस्क के पास स्वयं सरकारी कर्मचारियों को निकालने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियेंसी की पहल के चलते भारी संख्या में छंटनी और इस्तीफे हुए हैं। इस बीच जानकारी के लिए बता दें कि 20,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। और तकरीबन 75,000 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इन छंटनियों का सबसे अधिक असर उन कर्मचारियों पर पड़ा है, जो प्रोबेशन की अवधि में थे। इसके पीछे की बड़ी वजह यह कि उनके पास नागरिक सेवा से जुड़े संरक्षण के अधिकार सीमित होते हैं। इस कारण उन्हें हटाना बेहद आसान होता है। इसे भी पढ़ें:-  नरम पड़े डोनाल्ड ट्रंप, 45 दिन बाद मैक्सिको-कनाडा को दी राहत एलन मस्क के अधिकारों को सीमित (Trump limits Musk’s authority) करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि इन नौकरियों में कटौती का प्रभाव कई एजेंसियों पर पड़ा है। जिनमें आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस), ऊर्जा विभाग, दिग्गज मामलों का विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ़ वेटरन्स अफेयर्स) और अन्य शामिल हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के नए निर्देश एलन मस्क के अधिकारों को सीमित (Trump limits Musk’s authority) करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। ट्रंप के आदेश के अनुसार डीओजेई और उसकी टीम सलाहकार की भूमिका में रहेंगे। लेकिन अंतिम फैसले लेने का अधिकार कैबिनेट सचिवों के पास ही होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump limits Musk’s authority #TrumpVsMusk #ElonMusk #DonaldTrump #SpaceX #USPolitics #TechRegulation #MuskVsGovernment #TrumpNews #Tesla #XCorp

आगे और पढ़ें
Translate »