Discover key symptoms of epilepsy

एपिलेप्सी: जानिए कैसे पहचानें इसके लक्षण, अपनाएं बचाव के तरीके और पाएं एक स्वस्थ जीवन

एपिलेप्सी (Epilepsy) यानी मिर्गी को सीजर डिसऑर्डर के नाम से भी जाना जाता है। यह दिमाग से सम्बन्धित वो समस्या है जिसके कारण रोगी को बार-बार दौरे (Seizures) पड़ते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों में यह समस्या किस वजह से होती है, यह बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों में इसके कारण हो पहचाना जा सकता है। एपिलेप्सी (Epilepsy) की समस्या किसी भी उम्र, लिंग या बैकग्राउंड के लोगों को हो सकती है। इस दौरान होने वाले सिजर्स के लक्षण भी रोगियों में अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन, ऐसा जरूरी नहीं है कि एक बार दौरा पड़ने पर व्यक्ति को मिर्गी जैसी समस्या हो। इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। आइए जानें एपिलेप्सी (Epilepsy) के बारे में विस्तार से। एपिलेप्सी के लक्षण (Symptoms of Epilepsy) और इससे बचाव के बारे में भी इंफॉर्मेशन पाएं। एपिलेप्सी के लक्षण (Symptoms of Epilepsy) वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) के अनुसार एपिलेप्सी (Epilepsy) एक गंभीर नॉनकम्युनिकेबल डिजीज है, जिससे पूरी दुनिया भर में लगभग पांच करोड़ लोग प्रभावित हैं। एपिलेप्सी का मुख्य लक्षण है बार-बार दौर पड़ना। हालांकि, इसके लक्षण सीजर के टाइप पर भी निर्भर करते हैं। इस के लक्षण इस प्रकार हैं:  एपिलेप्सी के कारण एपिलेप्सी के लक्षण क्या हो सकते हैं (Symptoms of Epilepsy), यह जानने के बाद इसके कारणों के बारे में भी पता होना चाहिए। अधिकतर मामलों में इस परेशानी के कारणों के बारे में जानकारी नहीं होती। इसके कुछ कारण इस प्रकार हो सकते हैं: एपिलेप्सी (Epilepsy) के उपचार किसी व्यक्ति को एक दौरे (Seizures) के बाद उपचार की जरूरत नहीं होती। लेकिन, अगर किसी को बार-बार दौरे (Seizures) पड़ते हैं, तो उपचार जरूरी है। एपिलेप्सी (Epilepsy) के उपचार के विकल्प इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें:-  महाराष्ट्र में तीन भाषा नीति पर सरकार का बड़ा फैसला: पुरानी नीतियां रद्द, नई समिति का गठन एपिलेप्सी (Epilepsy) से कैसे बचें?  हालांकि, मिर्गी के अधिकतर कारण कंट्रोल से बाहर हैं और उनसे बचाव संभव नहीं है। लेकिन कुछ ऐसी स्थितियों के विकसित होने की संभावना को कम किया जा सकता है जो मिर्गी का कारण बन सकती हैं, जैसे: ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी के रिस्क को कम करने के लिए हमेशा गाडी में सफर करते हुए सीटबेल्ट पहनें और बाइक चलाते हुए हेलमेट पहनें। इसके साथ ही ऐसी स्थितियों को भी नजरअंदाज करें जिसमें आपको चोट लग सकती है। स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए हेल्दी डायट लें, नियमित एक्सरसाइज करें और अपने वजन को सही बनाए रखें। एल्कोहॉल और अन्य इलीगल ड्रग्स ब्रेन को नुकसान पहुंचा सके हैं और एपिलेप्सी (Epilepsy) का कारण बन सकते हैं। इसलिए इनका सेवन करने से बचें। संक्षेप में कहा जाए तो एपिलेप्सी (Epilepsy) या मिर्गी ब्रेन में इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी के अनियंत्रित होने को कहा जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे सिर में चोट या सही से न सोना आदि। इस समस्या का उपचार पूरी तरह से संभव है। अगर आपको इस समस्या का कोई भी लक्षण नजर आता है और इसके हल्के में न लें। तुरंत मेडिकल हेल्प लें और जांच कराएं। क्योंकि, मिर्गी और दौरों से रोगी का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Epilepsy #epilepsy #epilepsysymptoms #seizuredisorder #neurologicalhealth #healthylifestyle #epilepsyawareness

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