गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत

गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत

गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत, अस्पताल में नशाखोरी और गंदगी का बोलबाला छतरपुर (मप्र) छतरपुर जिले के बक्सवाहा स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। ग्राम कुही किशनपुरा निवासी करीब 60 वर्षीय महेश पाटोदिया उर्फ टीकाराम की मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गलत इलाज और डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हो गई। साधारण बुखार और जुकाम की शिकायत पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टर ने दवा देने के साथ बोतल इंजेक्शन लगाया। लेकिन इंजेक्शन चढ़ते ही मरीज की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बार-बार डॉक्टर को बुलाया, लेकिन समय पर मदद नहीं मिली और थोड़ी ही देर में मरीज ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि यदि सही समय पर ध्यान दिया जाता और बेहतर उपचार मिलता तो मरीज की जान बच सकती थी। वहीं इस घटना ने अस्पताल की अंदरूनी हालत की पोल भी खोल दी है। अस्पताल परिसर में नशाखोरी और गंदगी का आलम इस कदर है कि रिकॉर्ड रूम के बाहर शराब की बोतलें पड़ी रहती हैं, महिला प्रसव कक्ष और शौचालय तक शराबखोरी के सबूत मिले हैं। गंदगी का स्तर इतना अधिक है कि अस्पताल इलाज का केंद्र कम और नशेड़ियों का अड्डा ज्यादा नजर आता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर समय पर अस्पताल में नहीं मिलते, दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं और मरीजों को सही इलाज नहीं दिया जाता। इसके विपरीत अस्पताल में शराबखोरी आम हो गई है और यहां तक कि वार्ड और ड्रेसिंग रूम के बाहर भी आवारा कुत्ते और जानवर आराम फरमाते दिखाई देते हैं। इससे साफ है कि अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस घटना से ग्रामीणों में गुस्सा है। मृतक परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार डॉक्टरों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अस्पताल में फैली गंदगी और नशाखोरी पर तुरंत रोक लगाई जाए और मरीजों को समय पर दवाएं और उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए। यह कोई पहला मामला नहीं है जब बक्सवाहा अस्पताल की लापरवाही सामने आई हो। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कभी कार्रवाई नहीं होती। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों पर कार्रवाई करेगा या यह घटना भी पहले की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।

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Benefits of black nettle

काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा

काला बिछुआ (Black nettle) को बाघनखी, हाथाजोड़ी, बिछु, उलट-कांटा आदि के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम है मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua)। यह एक ऐसा पौधा है जो केवल बरसात के मौसम में उगता है और उसके बाद यह सुख जाता है। जब इसका फल सुख जाता है और फट जाता है, तो उसमे से एक बड़ा काला और भूरा बीज निकलता है। यह पौधा दो मीटर तक ऊंचा होता है और इसके पत्ते किडनी के आकार के होते हैं। इस पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं। इसके बीज और पत्तियों का इस्तेमाल आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा प्रणालियों में किया जाता है। संक्षेप में कहा जाए तो यह बेहद फायदेमंद पौधा है। आइए जानें क्या हैं काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle)? काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle): पाएं जानकारी काला बिछुआ (Black nettle) अपने खास बनावट के लिए प्रसिद्ध है। इसके बीज देखने में जंगली जानवर के मुड़े हुए नाखून जैसे लगते हैं, इसलिए इसका नाम बाघनख है। यह असली पौधा केवल विंध्याचल के जंगलों, हिमालय आदि में मिलता है। काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) एक हेल्थ के लिए लाभदायक पौधा है। काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle) इस प्रकार हैं: पेट के लिए फायदेमंद काला बिछुआ (Black nettle) के बीज और पत्ते पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हैं जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि। पेट की समस्याओं के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा स्किन प्रॉब्लम्स से राहत पहुंचाने में भी काला बिछुआ (Black nettle) को फायदेमंद पाया गया है। स्किन की परेशानियों जैसे पिम्पल्स, एक्जिमा आदि से राहत पाने में इस पौधे के बीज और पत्ते को बेनेफिशियल पाया गया है। यानी, स्किन के लिए इस पौधे का इस्तेमाल किया जा सकता है।  सांस संबंधी समस्याओं से राहत सांस संबंधी समस्याओं से भी यह पौधा राहत पहुंचा सकता है। काला बिछुआ (Black nettle) के फायदे में यह बेहद महत्वपूर्ण है। अस्थमा और  ब्रोंकाइटिस जैसी सांस सम्बन्धित प्रॉब्लम्स के ट्रीटमेंट में इसका इस्तेमाल किया जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इम्यूनटी को करे मजबूत काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) के बीज और पत्ते इम्युनिटी को भी मजबूत कर सकते हैं। इसके साथ ही ऐसा भी माना गया है कि बुखार और दर्द के ट्रीटमेंट में भी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) का उपयोग किया जा सकता है।  इसके अलावा काला बिछुआ (Black nettle) में एंटी-कोलेस्ट्रॉल, एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant), एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द दूर करने वाले गुण होते हैं। वीक मेमोरी, पीठ में दर्द, डायबिटीज, सीने में जलन जैसी बीमारियों के इलाज में भी इस पौधे को लाभदायक पाया गया है। नोट:-यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of black nettle #Martyniaannua #blacknettle #Benefitsofblacknettle

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Power packed flour

Power packed flour: न्यूट्रिएंट्स और कई फायदों से भरपूर हैं यह 5 आटे, जो हर मौसम के लिए है बेस्ट

आटा (Flour) वो मुख्य इंग्रेडिएंट है जिसका इस्तेमाल कई व्यंजनों को बनाने के लिए किया जाता है। हम भारतीयों  का कोई भी आहार रोटी के बिना पूरा नहीं होता। अगर बात की जाए आटे के फायदे की, तो यह ऊर्जा और न्यूट्रिएंट्स का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है। आटा (Flour) पाचन में मदद करता है, वजन को सही रखने में मददगार है और यही नहीं हार्ट के लिए भी इसे फायदेमंद माना गया है। आटा (Flour) कई तरह का होता है और कुछ तरह के आटे के प्रकार अन्य से हेल्दी होते हैं क्योंकि इनमें अधिक फाइबर और अन्य न्यूट्रिएंट्स होते हैं। आपको यह जानकार हैरानी हो सकती है कि कुछ आटे अनाज से नहीं बनते हैं बल्कि उन्हें नट्स और सीड्स से बनाया जाता है। आइए जानें इन शक्ति से भरपूर आटा (Power packed flour) के बारे में। शक्ति से भरपूर आटा (Power packed flour): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार ट्रेडिशनल आटा (Flour) को गेहूं से बनाया जाता है लेकिन अन्य तरह के आटे को नट्स और नेचुरली ग्लूटेन फ्री अनाज से बनाया जाता है जैसे कोकोनट, बादाम, बकविट आदि। शक्ति से भरपूर आटा (Power packed flour) इस प्रकार है:  1. गेहूं का आटा (Wheat flour) गेहूं के आटे को सबसे अधिक खाया जाता है। इससे रोटी, पूरी और परांठा आदि बनाया जाता है। मैदे की तुलना में यह अधिक हेल्दी होता है। इसे चोकर और पूरे गेहूं के दाने को पीस के बनाया जाता है। प्रोटीन, फाइबर के अलावा इसमें कई अन्य जरुरी मिनरल्स होते हैं जैसे सेलेनियम, मैंगनीज, फोलेट, कॉपर आदि। अधिक फाइबर युक्त होने के कारण डायजेस्टिव सिस्टम के लिए यह फायदेमंद है। इसके अलावा भी इस आटे के कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं।  2. चावल का आटा (Rice flour) चावल का आटा (Rice flour) एक ग्लूटेन फ्री विकल्प है, जिसे ग्लूटोन इनटॉलेरेंस और सेलिएक डिजीज से पीड़ित लोग भी आसानी से खा सकते हैं। यह आसानी से पच जाता है और फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, कॉपर का अच्छा स्त्रोत हैं। इसे खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती जिससे वजन को सही रखने में मदद मिलती है। यही नहीं चावल का आटा (Rice flour) में फैट और कोलेस्टेरोल कम होता है, यानी यह हार्ट फ्रेंडली है।  3. रागी आटा (Ragi flour) रागी आटा (Ragi flour) को न्यूट्रिशनल पावरहाउस कहा जाता है, क्योंकि इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और जिंक होता है। इसके कारण हड्डियों के स्वास्थ्य, मसल्स के फंक्शन आदि के लिए इसे बेहतरीन माना जाता है। इस आटे का ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है जिससे ब्लड ग्लूकोज लेवल (Blood Glucose Level) सही रहता है। यानी, यह डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए बेहतरीन माना गया है। रागी आटा (Ragi flour) को रोटी, इडली और कूकीज आदि को बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।    4. मल्टीग्रैन आटा (Multigrain flour) मल्टीग्रैन आटा भी कई न्यूट्रिएंट्स प्रदान करता है। यह गेहू, ओट्स, मिलेट, जौ आदि का मिश्रण है। कई आटे का यह कॉम्बिनेशन फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर है। यही नहीं, यह सामान्य आटे से अधिक हेल्दी माना जाता है। इससे बने आहार को बनाने से एनर्जी मिलती है और इसके साथ ही अधिक समय तक भूख नहीं लगती। इसमें फाइबर भी अधिक होता है जिससे गट सही रखने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? 5. ज्वार का आटा (Sorghum flour) ज्वार का आटा (Sorghum flour) भी एक ग्लूटेन फ्री विकल्प है, जो फाइबर, विटामिन और मिनरल्स, जिंक और आयरन से भरपूर होता है। इसमें मौजूद हाई फाइबर कंटेंट से ब्लड फ्लो रेगुलेट रहता है और डाइजेशन को सही रखने में मदद मिलती है। ज्वार का आटा (Sorghum flour) रोटी, चपाती, इडली, परांठा आदि बनाने में इस्तेमाल होता है। न्यूट्रिशंस से भरपूर होने के कारण इन्हें आप आसानी से अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fortified flour #Fortifiedflour #Riceflour #Sorghumflour #Ragiflour #flour

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World Malaria day 2025

World Malaria Day: जानिए कैसे करें मलेरिया से बचाव?

मलेरिया (Malaria) पैरासाइट्स के कारण होने वाला रोग है। जब इंफेक्टेड मच्छर मनुष्यों को काटते हैं, तो यह पैरासाइट मनुष्यों के शरीर तक पहुंचते हैं और मलेरिया का कारण बनते हैं। यह बीमारी घातक हो सकती है। हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे (World Malaria Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है मलेरिया (Malaria) के प्रति लोगों को जागरूक करना। ताकि, मलेरिया (Malaria) के लक्षणों को लोग पहचाने, इस रोग के रोकथाम और उपचार के बारे में और अधिक जानें। इस दिन पूरी दुनिया में सरकार, लोग और ऑर्गनाइजेशन मिल कर कई कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। आइए जानें वर्ल्ड मलेरिया डे 2025 (World malaria day 2025) के बारे में विस्तार से। मलेरिया से बचाव (Malaria prevention) के बारे में भी जानें। वर्ल्ड मलेरिया डे का क्या है उद्देश्य? वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World Health Organization) के अनुसार वर्ल्ड मलेरिया डे (World malaria day) वो समय है जब मलेरिया से बचाव (Malaria prevention) और कंट्रोल के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। इस दिन को मनाये जाने का उद्देश्य इस प्रकार है:  वर्ल्ड मलेरिया डे 2025 (World malaria day 2025) की थीम वर्ल्ड मलेरिया डे 2025 (World Malaria day 2025) की थीम हैं “मलेरिया हमारे साथ समाप्त होता है: पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनः सक्रिय”। यानी, मलेरिया को खत्म करने के लिए एक नए दृष्टिकोण और प्रयास को बढ़ावा देना जरूरी है, जिसमें नए संसाधनों में निवेश, नए तरीके अपनाना और लोगों के बीच उत्साह को फिर से बढ़ाना आदि शामिल है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? मलेरिया से बचाव (Malaria prevention) के क्या हैं तरीके? मलेरिया (Malaria) एक जानलेवा बीमारी है जो मच्छरों से मनुष्यों तक फैलती है। इस बीमारी से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Malaria Day 2025 #Worldmalariaday #Malaria #Worldmalariaday2025 #Malariaprevention

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Pomegranate

रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में

अनार (Pomegranate) एक गोल और लाल रंग का फल होता है, जिसके छिलके के नीचे क्रंची और जूसी दाने खाने में बेहद स्वादिष्ट होते हैं। इस फल को अपने हेल्दी जूस के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि इस अनोखे फल के और भी बहुत से फायदे हैं। अनार (Pomegranate) में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) और एंटी-इंफ्लेमेटरी सब्सटांस होते हैं। इंफ्लेमेटरी कंडीशंस और डायबिटीज के लिए इस फल के जूस को फायदेमंद माना गया है। यही नहीं, विटामिन सी का भी यह अच्छा स्त्रोत है। यानी,रोजाना एक अनार खाना हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate) के बारे में विस्तार से। अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार अनार (Pomegranate) न केवल कैलोरीज में लो होता है बल्कि यह फाइबर,विटामिन और मिनरल्स मेंभी हाई होता है। इनके फायदों में हार्ट हेल्थ, यूरिनरी हेल्थ, एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) आदि शामिल हैं। आइए जानें की इस फल को खाने से आपको क्या फायदे हो सकते हैं। अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate) इस प्रकार हैं: हार्ट डिजीज के रिस्क को करे कम अनार (Pomegranate) प्रोटेक्टिव कंपाउंड्स से भरा होता है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती है। यह फल हेल्थ के लिए बेनेफिशियल होते हैं क्योंकि यह केवल हमारे सेल्स को ही डैमेज होने से प्रोटेक्ट नहीं करता बल्कि कोलेस्ट्रॉल जैसे कंपाउंड से भी हमें बचाता है। इसका अर्थ है कि नियमित रूप से इसे खाने से एथेरोस्क्लेरोसिस के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है। एंटीऑक्सीडेंट इफेक्ट्स अनार (Pomegranate) पॉलीफेनोल्स से भरपूर होता है, जो एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidants) हैं। फलों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) के लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो एक तरह का फ्री रेडिकल है। हमारा शरीर रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) को मेटाबॉलिज्म और अन्य प्रक्रियाओं के दौरान प्रोड्यूज करता है। टॉक्सिन्स के सम्पर्क में आने से यह लेवल बढ़ सकता है। इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज को रिमूव करने में मदद कर सकते हैं और शरीर को नुकसान से बचाते हैं। कैंसर से बचाव कैंसर को एक ऐसी प्राकृतिक रेमेडीज के रूप में जाना जाता है ,जो प्रोस्टेट कैंसर के उपचार और बचाव में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े कैंसर सेल्स की ग्रोथ से बचा सकते हैं। स्टडीज यह भी बताती हैं कि अनार (Pomegranate) का एक्सट्रेक्ट प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन लेवल में कमी और ट्यूमर ग्रोथ को रोकता है। ऐसा भी माना गया है कि ब्रेस्ट, लंग और स्किन कैंसर से बचाव में भी यह मददगार है, लेकिन इस बारे में अभी और स्टडी की जानी जरूरी है। पाचन को रखे सही अनार के बेनेफिट्स (Benefits of pomegranate) पाचन से भी संबंधित हैं ऐसा भी माना गया है कि इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है। इसका कारण अनार में मौजूद पॉलीफिनॉल कंटेंट को माना गया है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें की कुछ लोग अनार (Pomegranate) खाने के बाद डायरिया का अनुभव कर सकते हैं, जो इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज का ही एक लक्षण है। इसके बारे में भी अभी और शोध किए जाने जरुरी हैं। इसे भी पढ़ें: जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद कई लोग पारंपरिक रूप से अनार (Pomegranate) को एक मेडिसिनल प्लांट और डायबिटीज का उपचार मानते हैं, और कुछ एविडेंस भी इसको सपोर्ट भी करते हैं। कुछ पुराने शोधों से पता चलता है कि अनार (Pomegranate) में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) एक्टिविटी टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है। इस बात के प्रमाण मिले हैं कि अनार में मौजूद कंपाउंड उपवास के दौरान ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके बारे में भी और शोध किया जाना जरूरी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of Pomegranate #Benefitsofpomegranate #pomegranate #antioxidants #reactiveoxygenspecies

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Benefits of Spinach

Benefits of Spinach: पालक के 9 अद्भुत फायदे जो आपको हैरान कर देंगे

हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) हेल्दी डायट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें कई न्यूट्रिएंट्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इन्हें खाने के बहुत से हेल्थ बेनेफिट्स हैं और इनसे कई रोगों का रिस्क कम होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) सुनते ही सबसे पहले दिमाग में पालक (spinach) का नाम आता है। यह कई वेराइटीज में उपलब्ध है और इसमें न्यूट्रिएंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। पालक (spinach) में विटामिन सी, विटामिन इ, विटामिन के, मैग्नीशियम, नाइट्रेट्स, बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड का हाई लेवल पाया जाता है। लोग मोटापे को कम करने, मसल स्ट्रेंथ, मेमोरी, थिंकिंग स्किल्स और कई अन्य कंडिशंस से राहत पाने के लिए पालक का सेवन करते हैं। इनके इन्ही फायदों के कारण इसे एक सुपरफूड भी कहा जाता है। आइए जानें पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) के बारे में। पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार पालक (spinach) अमरंथ फैमिली से सम्बन्ध रखता है और बीट्स व क्विनोआ से रिलेटेड है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसे पूरी तरह से बहुत हेल्दी माना जाता है क्योंकि यह न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) इस प्रकार हैं:  1. आंखों के लिए फायदेमंद पालक (spinach) गुणों का भंडार है, जो प्लांट पिगमेंट्स क्लोरोफिल और कैरोटीनॉयड से भरपूर होता है। यही नहीं, एंटी-इंफ्लेमेटरी होने के कारण यह प्लांट कंपाउंड्स हेल्दी आईसाइट के लिए महत्वपूर्ण है। इससे मैक्युलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद का रिस्क कम होता है। 2. एनर्जी लेवल बढ़ाए पालक (spinach) एनर्जी को बूस्ट करने और ब्लड की क्वालिटी को बढ़ाने में फायदेमंद है। इनमें आयरन भी अच्छी मात्रा में होता है, जो रेड ब्लड सेल्स के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा उत्पादन और डीएनए सिंथेसिस के सपोर्ट में मदद मिलती है।  3. हार्ट हेल्थ को रखे सही पालक के बेनेफिट्स (Benefits of Spinach) हड्डियों से भी सम्बन्धित हैं। पालक (spinach) में नाइट्रेट्स जैसे कंपाउंड होते हैं, जो ब्लड फ्लो सुधारते हैं और ब्लड वेसल्स को रिलेक्स करते हैं। इससे आर्टेरियल स्टिफनेस कम होती है और डायलेशन बढ़ती है। ब्लड प्रेशर में कमी से हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का रिस्क कम रहता है। स्टडीज यह बताती हैं हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) जैसे पालक (spinach) हार्ट अटैक सर्वाइवल के लिए अच्छी है।  4. हड्डियां रहें मजबूत हड्डियां विटामिन के का बेहतरीन स्त्रोत हैं। यही नहीं, यह बोन-फ्रेंडली मैग्नीशियम, कैल्शियम और फॉस्फोरस का भी अच्छा सोर्स है।  5. प्रोटेक्टिव एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज से भरपूर पालक (spinach) ऑक्सीडेशन प्रोसेस के हानिकारक प्रभावों से शरीर को लड़ने में मदद करता हैं। समय के साथ यह प्रोसेस लम्बे समय तक की सूजन का कारण बन सकती है, जिसके परिणामस्वरूप हार्ट डिजीज और कैंसर (Cancer) जैसी आयु-संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।  6. फाइबर का अच्छा स्त्रोत पालक (spinach) इन्सॉल्यूब्ल फाइबर का अच्छा स्त्रोत है। यह फाइबर इंटेस्टाइन से वेस्ट फूड के पैसेज को बढ़ावा देता है और हमारे पेट के हेल्थ और इम्युनिटी को सपोर्ट करता है। 7. वजन को रखे सही पालक में मौजूद फायटोकेमिकल्स और एक्टिव प्लांट कंपाउंड्स सटाइटी हार्मोन के रिलीज को बढ़ाकर भोजन के सेवन को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। जिससे वजन को सही रखने में मदद मिल सकती है।  8. दिमाग के लिए फायदेमंद पालक (spinach) को एंटी-स्ट्रेस और एंटी-डिप्रेसेंट प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है, जो स्ट्रेस हॉर्मोन्स, कोर्टिसोल को कम करते है। इससे ग्लूटामेट और ग्लूटामाइन जैसे मूड को नियंत्रित करने वाले न्यूरोट्रांसमीटर बढ़ते हैं। हालांकि, इसके बारे में अभी और रिसर्च की जानी जरुरी है। इसे भी पढ़ें: खुश रहने के लिए खाएं ये सुपरफूड्स: मूड बूस्टर के बारे में पूरी जानकारी 9. स्वस्थ त्वचा और बाल  हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) जैसे पालक (spinach) में विटामिन ए अच्छी मात्रा में होता है। यह स्किन पोर्स और हेयर फॉलिकल्स के उत्पादन को नियंत्रित करता है, जिससे त्वचा और बालों को नमी मिलती है। इस तेल के जमा होने से पिम्पल्स और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन ए त्वचा और बालों सहित सभी बॉडी टिश्यू के विकास के लिए भी आवश्यक है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। #Benefitsofspinach #greenleafyvegetables #spinach #vegetable

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Benefits of cardamom

रात में इलायची खाने के 9 अद्भुत फायदे: जानें कैसे यह आपकी सेहत को बना सकती है बेहतर

इलायची (Cardamom) को अपने तीखे और मीठे फ्लेवर के लिए जाना जाता है और इसे कई तरीके से खाया जाता है जैसे साबुत, पाउडर या एसेंशियल आयल के रूप में। यह मसाला विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर होता है। मीठी और नमकीन दोनों तरह के व्यजनों में इलायची (Cardamom) का उपयोग किया जा सकता है। यह मसाला न केवल डिश के स्वाद और खशबू को बेहतर बनाता है, बल्कि हेल्थ के लिए भी इसे फायदेमंद माना गया है। ऐसा भी पाया गया है कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंस दिमाग के लिए लाभदायक होते हैं। अगर आप रात को सोते हुए एक इलायची (Cardamom) खाते हैं, तो इससे सेहत को कई फायदे मिलते हैं। आइए जानें इलायची के बेनेफिट्स (Benefits of cardamom) के बारे में।  इलायची के बेनेफिट्स (Benefits of cardamom): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार इलायची (Cardamom) एक प्राचीन रेमेडी है, जिसमें कई मेडिसिनल प्रॉपर्टीज हैं। इस ब्लड प्रेशर को कम कर सकती है, ब्रीदिंग को सुधार सकती है और वजन को कम करने में भी यह फायदेमंद है। इलायची के बेनेफिट्स (Benefits of cardamom)  इस प्रकार हैं:  डाइजेशन को रखे सही इलायची (Cardamom) उन एंजाइमस के सेक्रेशन को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है जो सामान्य पाचन सम्बन्धित समस्याओं जैसे ब्लोटिंग, गैस और पेट में क्रैम्प्स आदि को दूर करने में मदद करते हैं। इसलिए रात को एक इलायची (Cardamom) खाने से आपका पेट सही रह सकता है और इससे जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं। सांस की बदबू से छुटकारा इलायची (Cardamom) एक बेहतरीन माउथ फ्रेशनर है, जो प्राकृतिक रूप से ब्रीद को फ्रेश बनाये रखने में मदद करता है। इससे सांस की बदबू दूर होती है और ओरल हेल्थ में सुधार होने में मदद मिलती है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (Anti-inflammatory properties) इलायची के बेनेफिट्स (Benefits of cardamom) इससे एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (Anti-inflammatory properties) से सम्बन्धित हैं। इसमें मौजूद एक्टिव कंपाउंड्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (Anti-inflammatory properties)होती हैं। जो सूजन को कम करने और गठिया और इसके जैसी अन्य समस्याओं से राहत पाने में मदद कर सकती हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं जो कुछ खास इंफेशन के विरुद्ध मददगार हो सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरपूर इलायची (Cardamom) में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) का हाई लेवल होता है, जो सेल्स को फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले नुकसान से बचाते हैं। इससे क्रोनिक डिजीज जैसे कैंसर के जोखिम कम होने में मदद मिलती है और एजिंग प्रोसेस भी स्लो होती है।  ब्लड सर्कुलेशन को सुधारे इलायची के बेनेफिट्स (Benefits of cardamom) में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार भी शामिल है। यह एक नेचुरल ब्लड थिनर है और ब्लड फ्लो और सर्कुलेशन को सुधारता है। इससे ब्लड क्लॉट्स से बचाव होता है, हार्ट डिजीज का रिस्क कम होता है और सम्पूर्ण कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ में भी सुधार होता है। डेटोक्सिफिकेशन  इलायची (Cardamom) डाइयूरेटिक की तरह कार्य करता है। जिससे यूरिन फ्लो बढ़ता है और शरीर से हानिकारक तत्वों और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इससे किडनी को सही से काम करने में मदद मिलती है। यानी, किडनी हेल्थ को सुधारने में भी यह बेनेफिशियल है। ब्लड प्रेशर रहे सही इलायची (Cardamom) को नियमित रूप से खाने से ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह बात स्टडीज से भी प्रूव हो चुकी हैं। इससे हाइपरटेंशन और इससे जुडी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का जोखिम भी कम होता है। दिमाग के लिए फायदेमंद इस मसाले का इस्तेमाल ट्रेडिशनल दवाइयों में मेंटल क्लैरिटी को सुधारने और स्ट्रेस से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। ऐसा माना जाता है कि इसका सेवन करने से दिमाग शांत रहता है और मूड सही रहता है। इसे साथ एंग्जायटी को कम करने में भी मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत इम्यून सिस्टम को बनाए मजबूत ऐसा पाया गया है कि इलायची (Cardamom) के इस्तेमाल से सामान्य सर्दी-जुकाम और फ्लू से राहत मिलती है। इससे गले में समस्या से भी राहत मिलती है। यह इम्युनिटी को बूस्ट करने का अच्छा तरीका है। रोजाना रात को एक इलायची चबाने या इसकी चाय पीने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of cardamom #Antiinflammatoryproperties #Cardamom #Benefitsofcardamom

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Black Coffee Benefits

ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत

कॉफी एक ऐसा पेय पदार्थ है जिसे अधिकतर लोग पीना पसंद करते हैं। बहुत से लोगों का दिन इस पेय के बिना शुरू ही नहीं होता। इसमें मौजूद कैफीन से मूड, कॉग्निटिव फंक्शन और एथलेटिक परफॉरमेंस सुधारने में मदद मिलती है। यही नहीं, थकावट दूर करने और अलर्ट रखने में भी यह मददगार है। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इसका सेवन सीमित मात्रा के करना चाहिए खासतौर पर गर्भवती और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं, बच्चों और कुछ खास हेल्थ कंडीशंस से पीड़ित लोगों को। संक्षेप में कहा जाए तो बिना चीनी और दूध की ब्लैक कॉफी (Black coffee) पीना सेवन के लिए बहुत फायदेमंद है। आइए जानें सुबह ब्लैक कॉफी पीने के बेनेफिट्स (Benefits of drinking black coffee in morning) के बारे में।  सुबह ब्लैक कॉफी पीने के बेनेफिट्स (Benefits of drinking black coffee in morning): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कॉफी केवल एनर्जी बूस्ट ही नहीं करती, बल्कि इससे कई अन्य फायदे भी हैं जैसे यह टाइप 2 डायबिटीज और डिप्रेशन के जोखिम को कम करती है, वेट मैनेजमेंट के लिए फायदेमंद है आदि। जानें सुबह ब्लैक कॉफी पीने के बेनेफिट्स (Benefits of drinking black coffee in morning) क्या हैं? 1. मानसिक सतर्कता बढ़ाए  ब्लैक कॉफी (Black coffee) में मौजूद कैफीन नेचुरल स्टीमुलेंट की तरह काम करता है जो हमारी ब्लडस्ट्रीम में एंटर करता है और दिमाग तक ट्रेवल करता है। इससे यह इन्हिबिटरी न्यूरोट्रांसमीटर एडेनोसिन को ब्लॉक करता है और न्यूरॉन फायरिंग को बढ़ाता है। इससे हमारा फोकस, मेन्टल अलर्टनेस और कंसंट्रेशन सुधरती है। यानी, सुबह इसे पीने से दिन की शुरुआत सही से होती है। 2. शारीरिक प्रदर्शन को मिले बढ़ावा अगर आप सुबह एक्सरसाइज (Workout) करते हैं, तो इससे पहले कॉफी पीने से आपका प्रदर्शन सुधर सकता है। कैफीन एड्रेनालाईन के रिलीज को स्टिमुलेट करता है, जिससे शरीर को फिजिकल एक्सेरशन के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। इससे बॉडी फैट को ब्रेक डाउन करने में भी सहायता मिलती है।  3. वजन को रखे सही सुबह ब्लैक कॉफी पीने के बेनेफिट्स (Benefits of drinking black coffee in morning) सही वजन से भी संबंधित है। ब्लैक कॉफी (Black coffee) कैलोरी-फ्री ड्रिंक है, इसे वजन को सही रखने में इसे फायदेमंद पाया गया है। इसमें मौजूद से कैफीन मेटाबोलिक रेट बढ़ता है और फैट ऑक्सीडेशन भी प्रमोट होता है। जिससे वजन कम होता है। कॉफी पीने से क्रेविंग भी कम होती है, जिससे दिन में कैलोरी इन्टेक कम होता है। 4. एंटीऑक्सिडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर कॉफी एंटीऑक्सिडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर होती है और ब्लैक कॉफी (Black coffee) में दूध व चीनी वाली कॉफी की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। एंटीऑक्सिडेंट्स (Antioxidants) शरीर को फ्री रेडिकल्स के प्रभावों और सेल्स को नुकसान से बचाते हैं। जिससे कई गंभीर बीमारियों का जोखिम कम रहता है जैसे कैंसर, हार्ट डिजीज और डायबिटीज आदि। 5. मूड को सुधारे सुबह ब्लैक कॉफी पीने के बेनेफिट्स (Benefits of drinking black coffee in morning) में मूड में सुधार शामिल है। ब्लैक कॉफी (Black coffee) में मौजूद कैफीन का मूड और माइंड पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है। इससे न्यूरोट्रांसमीटर्स जैसे डोपामाइन और सेरोटोनिन के रिलीज को बढ़ाता है। इससे खुशी महसूस होती है। नियमित रूप से कॉफी पीने से डिप्रेशन का जोखिम भी कम होता है। 6. लिवर के स्वास्थ्य में सुधार डिटॉक्सिफिकेशन और मेटाबोलिक प्रोसेसेज में ब्लैक कॉफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्टडीज यह बताती हैं कि कॉफी पीने वाले लोगों को लिवर सम्बन्धी परेशानियों का रिस्क कम रहता है जैसे लिवर कैंसर, फैटी लिवर डिजीज आदि।  इसे भी पढ़ें: कांगो में रहस्यमय बीमारी से 50 से अधिक लोगों की मौत 7. पेट के लिए बेहतरीन ब्लैक कॉफी (Black coffee) को एक नेचुरल ड्यूरेटिक है। जिसका अर्थ यह है कि इसे पीने से यूरिन प्रोडक्शन बढ़ती है और इससे शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इससे पेट सही रहता है और कब्ज से छुटकारा मिलता है। लेकिन, ध्यान रहे इसके अधिक सेवन से डिहाइड्रेशन (Dehydration) हो सकती है। 8. हार्ट हेल्थ को दे सपोर्ट कॉफी पीने को हार्ट डिजीज को कम करने से भी जोड़ा गया है। ब्लैक कॉफी (Black coffee) में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स (Antioxidants) में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जिससे कार्डियोवैस्कुलर डैमेज से सुरक्षा में मदद मिल सकती है। कुछ स्टडीज यह बताती हैं कॉफी पीने से स्ट्रोक और हार्ट डिजीज का जोखिम कम रहता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Black Coffee Benefits #Benefitsofdrinkingblackcoffeeinmorning #blackcoffee #antioxidants #coffee

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