Yoga for High BP

High Blood Pressure के लिए यह 4 योगासन, ब्लड सर्कुलेशन और हार्ट हेल्थ को बनाएंगे दुरुस्त

हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हायपरटेंशन (Hypertension) वो समस्या है, जिसमें रोगी का ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक होता है। अगर इसे सही समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो यह गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक आदि। हाई ब्लड प्रेशर  (High blood pressure) को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करना बहुत आवश्यक है। नियमित रूप से योगा करना न केवल हमारे बॉडी बल्कि माइंड हेल्थ के लिए भी फायदेमंद पाया गया है। ऐसा भी पाया गया है कि योगा करने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। आइए हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana for high blood pressure) के बारे में। हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana For High Blood Pressure) आर्ट ऑफ लिविंग के अनुसार हायपरटेंशन (Hypertension) को बेहद खतरनाक माना जाता है क्योंकि अधिकतर रोगियों में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता। इसके निदान के लिए नियमित चेकअप बहुत जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana for high blood pressure) इस प्रकार हैं:  उत्कटासन (Utkatasana) उत्कटासन में करने वाले की पोजीशन चेयर जैसी लगती है, इसलिए इसे चेयर पोज भी कहा जाता है। इस आसन को करने से कई मसल ग्रुप्स की एक्सरसाइज होती है और हाइपरटेंशन को मैनेज करने में मदद मिलती है। इस करने से ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर को रेगुलर रहने में मदद मिलती है। यही नहीं, इससे हार्ट रेट बढ़ता है और स्ट्रेस भी कम होता है। यानी, उत्कटासन को करने से हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को कंट्रोल करने में आसानी होती है। भद्रासन (Bhadrasana) भद्रासन यानी बटरफ्लाई पोज करने से हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है क्योंकि इसे करने से स्ट्रेस कम होता है और शांत रहने में आसानी होती है। स्ट्रेस को हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के रिस्क फैक्टर्स में से एक माना जाता है। भद्रासन करना भी बेहद सरल है। इसके लिए आपको इस तरह से योगा मैट पर बैठना है कि आपके पैरों के तलवे साथ जुड़े हों। अब अपने पैरों को हाथों को पकड़ें और अपने घुटनों को ऊपर-नीचे करें। भद्रासन को करते हुए अपनी पीठ सीधी होनी चाहिए। ताड़ासन (Tadasana) हाइपरटेंशन का कारण कई चीजें हैं जैसे खराब लाइफस्टाइल, जेनेटिक्स और अंडरलायिंग हेल्थ कंडीशंस आदि। ताड़ासन यानी माउंटेन पोज एक आसान योगासन (Yogasana) है, जो हायपरटेंशन (Hypertension) को कम करने में मदद करता है। हालांकि यह आसन सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को कम नहीं करता है लेकिन ताड़ासन करने से स्ट्रेस कम होती है, शांति मिलती है और संपूर्ण कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ में सुधार होता है जिससे ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक त्रिकोणासन (Trikonasana) त्रिकोणासन यानी ट्राइएंगल पोज करने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरती है, स्ट्रेस कम होती है और रिलेक्स रहने में मदद मिलती है। यानी, हायपरटेंशन (Hypertension) की समस्या से राहत मिल सकती है। लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि इस आसन को सही से करना बेहद जरूरी है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है,(High blood pressure) तो इस योगासन (Yogasana) को शुरू करने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट और योग इंस्ट्रक्टर से बात करना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  #highbloodpressure #yogasanaforhighbloodpressure #yogaasana, #hypertension #Trikonasana #Tadasana #Bhadrasana #Utkatasana

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World Hypertension Day

World Hypertension Day: जानें क्यों मनाया जाता है हाइपरटेंशन डे और इससे बचने का क्या है उपाय

हाइपरटेंशन (Hypertension) यानी हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure), एक ऐसी समस्या है जिसमें आर्टरीज वाल्स पर दबाव डालने वाले ब्लड की फाॅर्स बहुत अधिक होती है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार यह समस्या गंभीर हो सकती है लेकिन इससे पीड़ित अधिकतर रोगियों में इसका कोई भी लक्षण नजर नहीं आता है। हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करना और इससे बचाव और कंट्रोल को प्रोमोट करना है। आइए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के बारे में जानें विस्तार से। इस समस्या से बचाव के बारे में भी जानें। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day): पाएं जानकारी वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) को बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हाइपरटेंशन (Hypertension), इसके रिस्क के बारे में बताना और जागरूक करना है। इसके साथ ही इस दिन के माध्यम से लोगों को इस रोग से बचने के तरीकों को भी बताया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हाइपरटेंशन (Hypertension) से पूरी दुनिया में लगभग दस लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इससे कई समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है जैसे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और किडनी डिजीज आदि। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन के लक्षणों को जल्दी पहचान कर सही उपचार हो सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अब जानिए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास के बारे में। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास इस साल वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day)  है ब्लड प्रेशर को सही से मापें, इसे कंट्रोल करें और लंबे समय तक जीएं। यह थीम ब्लड प्रेशर को सही से मापने और इसकी कॉम्प्लीकेशन्स से बचाव पर जोर देती है। क्योंकि, इससे लम्बे समय तक जीने में मदद मिल सकती है। अगर बात की जाए इस दिन के इतिहास की, तो इस दिन की शुरुआत 14 मई 2005 को वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग (WHL) द्वारा की गई थी। बाद में, 2006 से इसे हर साल 17 मई को मनाया जाने लगा। इसे भी पढ़ें: काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा हाइपरटेंशन से बचाव के तरीके हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन (Hypertension) की समस्या से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Hypertension Day #highbloodpressure #hypertension #ThemeofWorldHypertensionDay  #Worldhypertensionday

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high blood pressure and kidney function

साइलेंट किलर: क्या हाई ब्लड प्रेशर से किडनी फंक्शन को हो सकता है नुकसान?

हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) एक सामान्य कंडीशन है , जिसमें शरीर की आर्टरीज प्रभावित होती हैं। इसे हायपरटेंशन भी कहा जाता है। अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो उसके शरीर में आर्टरीज वॉल्स के अगेंस्ट ब्लड का फाॅर्स लगातार बहुत अधिक होता है। इसमें हार्ट को ब्लड को पंप करने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ब्लड प्रेशर को मिलीमीटर्स मर्क्युरी यानी (mm Hg) में मापा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को एक गंभीर समस्या माना जाता है। हाल ही की गई एक स्टडी में यह पाया गया है कि हाई ब्लड प्रेशर किडनी फंक्शन (Kidney function) पर बुरा प्रभाव ड़ाल सकता है। चिंता की बात यह है कि इसका पहले कोई लक्षण भी नजर नहीं आता है। आइए जानें कि हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) क्या कहती है? हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर कई अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि। इससे पीड़ित अधिकतर लोगों को यह पता भी नहीं होता कि उन्हें यह समस्या है। एक स्टडी में यह बात पता चली है कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी फंक्शन (Kidney function) पर असर ड़ाल सकता है और इसका पहले कोई लक्षण नजर नहीं आता है। बियना मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी के फिल्टरिंग सेल्स में असामान्यताएं पैदा कर सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रोगी को अन्य कोई समस्याएं हैं या नहीं जैसे डायबिटीज आदि। लेकिन, इस समस्या के जल्दी निदान और उपचार से किडनी डिजीज की प्रोसेस को स्लो करने और इसके नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। यह तो थी हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) के बारे में जानकारी। अब जानते हैं इस स्टडी के परिणामों के बारे में। क्या कहती हैं स्टडी? इस स्टडी में 99 लोगों के किडनी टिश्यूज को एनालाइज किया गया। इनमें से कुछ लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) और डायबिटीज की समस्या थी, जबकि कुछ को नहीं थी। किडनी टिश्यूज को एनालाइज करने के लिए नए और बेहतर तरीकों का इस्तेमाल किया गया था जैसे मॉडर्न इमेजिंग और कंप्यूटर-असिस्टेड तरीके। इस स्टडी के परिणाम यह बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के मरीजों में किडनी के फिल्टरिंग सेल्स यानी पोडोसाइट्स की डेंसिटी कम होती है और उनके सेल न्यूक्लाई हेल्दी कंट्रोल्स की तुलना में बड़े होते हैं। यह चेंजेज डायबिटीज से सम्बन्धित नहीं है और यह बदलाव किडनी फंक्शन (Kidney function) की तरफ पहला कदम हो सकता है और यह बदलाव इतना छोटा होता है कि इसे केवल माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। इसे भी पढ़ें: रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए क्या करें?  जीवनशैली में सही बदलावों से ब्लड प्रेशर लेवल को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद मिल सकती है। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi High blood pressure and kidney function #Studyonhighbloodpressureandkidneyfunction #Highbloodpressure #kidneyfunction #bloodpressure # #kidney

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