BJP MLA Suspended

BJP MLA Suspended: कर्नाटक विधानसभा से BJP के 18 विधायक क्यों किये गए निलंबित?

कर्नाटक विधानसभा (Karnataka Assembly) से BJP के 18 विधायकों (BJP MLA Suspended) को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष, यूटी खादर ने शुक्रवार को हनी ट्रैप (Honey Trap) मामलों के संबंध में हंगामा करने और सदन की कार्यवाही में बाधा पहुंचाने के कारण इन विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने का फैसला लिया है। हनी ट्रैप (Honey Trap) मामले की जांच हाई कोर्ट के जज से कराने की मांग विपक्षी नेताओं ने कर्नाटक सरकार से कहा था कि राज्य के एक मंत्री और अन्य राजनेताओं से जुड़े कथित ‘हनी ट्रैप’ मामले की जांच हाई कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए। शुक्रवार को बीजेपी विधायकों (BJP MLA) ने विधानसभा में कागज फाड़कर और वेल के पास आकर हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। मंत्री एचके पाटिल द्वारा विधेयक पेश कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल (HK Patil) ने इस मामले में कार्यवाही को बाधित करने के लिए 18 बीजेपी विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने वाला एक विधेयक विधानसभा में पेश किया। यह विधेयक पारित कर दिया गया और निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई। कर्नाटक का ‘हनी ट्रैप’ मामला कर्नाटक में हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले (Honey Trap Case) ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। यह मामला तब सामने आया जब कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने विधानसभा में खुलासा किया कि वह खुद हनी ट्रैप (Honey Trap) का शिकार होने से बच गए, लेकिन राज्य के 48 अन्य नेताओं, विधायकों, और यहां तक कि केंद्रीय नेताओं के भी इस जाल में फंसने की संभावना जताई। इस खुलासे ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी को एक गंभीर विवाद में घसीट लिया है। सदन में बीजेपी विधायक द्वारा मामले का उठाना 20 मार्च 2025 को कर्नाटक विधानसभा (Karnataka Assembly) में बजट सत्र (Budget Session) के दौरान बीजेपी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हनी ट्रैप की घटनाएं बढ़ रही हैं और सहकारिता मंत्री राजन्ना को भी निशाना बनाया। इसके जवाब में मंत्री राजन्ना ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ हनी ट्रैप की कोशिश की गई थी, और यह समस्या केवल उनके तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक अब पेन ड्राइव और सीडी का कारखाना बन चुका है। मेरे पास जानकारी है कि 48 लोग, जिनमें विधायक, केंद्रीय नेता, और जज भी शामिल हैं, इस जाल में फंस चुके हैं।” इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग मंत्री जारकीहोली द्वारा हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश का स्वीकार करना इसके बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतीश जारकीहोली ने भी इस मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “यह सच है कि एक मंत्री को हनी ट्रैप (Honey Trap) में फंसाने की कोशिश की गई थी। यह दो बार हुआ, लेकिन दोनों बार यह प्रयास असफल रहे। कर्नाटक में हनी ट्रैप कोई नई बात नहीं है, यह पिछले 20 सालों से चल रहा है। कुछ लोग इसे राजनीति में निवेश के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।” जारकीहोली ने यह भी सुझाव दिया कि संबंधित मंत्री को पुलिस में शिकायत दर्ज करनी चाहिए ताकि इस मामले के पीछे के लोग पकड़े जा सकें। कर्नाटक का यह हनी ट्रैप मामला (Honey Trap Case) राजनीति में नया मोड़ ले चुका है और राज्य की सियासी सरगर्मियों को और तेज कर दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, और यह मामला कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP MLAs Suspended #BJPMLA #HoneyTrapCase #KarnatakaAssembly

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Grok AI

एलन मस्क के ग्रोक एआई पर विवाद: अनहिंज्ड मोड की सच्चाई

आजकल एआई चैटबॉट (Chatbot) बेहद प्रचलित हैं, जो किसी भी सवाल का जवाब कुछ ही पलों में दे सकते हैं। यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जिसे मनुष्यों के साथ बातचीत करने के लिए बनाया गया है। इस प्रोग्राम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और नेचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग यानी एनएलपी के इस्तेमाल करके बनाया गया है। ग्रोक एआई (Grok AI)  एक ऐसा ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट (Chatbot) है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह चैटबॉट आजकल अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के कारण चर्चा में है। आइए जानें ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के बारे में और जानते हैं कि क्या है इससे जुड़ा पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड क्यों बना हुआ है चर्चा का विषय? एआई चैटबॉट ग्रोक एआई (Grok AI) प्लेटफॉर्म X का चैटबॉट (Chatbot) है, अक्सर अपनी आपत्तिजनक भाषा, नकारात्मक प्रतिक्रिया और गोपनीयता की चिंता के कारण आलोचना का सामना करता रहता है। हाल ही में भारत में भी यह जांच का विषय बना हुआ है। क्योंकि, यह टूल हिंदी स्लैंग और गाली-गलौच वाली भाषा का इस्तेमाल करता है। यही कारण है कि आईटी मिनिस्ट्री इस पर खास नजर रखे हुए है। दूसरे चैटबॉट जैसे चैटजी चैटजीपीटी, गूगल जेमिनाइ आदि कभी भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते, जो उचित न हों लेकिन वहीं दूसरी तरफ ग्रोक एआई (Grok AI) अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। इसके कारण अक्सर इसकी आलोचना होती है। ग्रोक एआई का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) ऐसा भी माना गया है कि यह चैटबॉट (Chatbot) यूजर्स के सवालों का जवाब देने के लिए दो मोड्स का इस्तेमाल करता है। एक है रेगुलर मोड और दूसरा अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode)। रेगुलर मोड सामान्य भाषा में जवाब देता है यानी अगर यूजर कोई सीधा उत्तर पूछता है, तो यह चैटबॉट सीधा और स्पष्ट उत्तर देता है। लेकिन, अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) बिना फिल्टर के जवाब देता है जो यूजर को असहज महसूस करा सकता है। क्या है पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) से जुड़ा एक मामला तब चर्चा में आया जब इसके बारे में भारत में एक यूजर ने कुछ पोस्ट किया। यूजर ने जब इस एआई टूल से कोई सामान्य सवाल पुछा तो उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं उसने ऐसे हिंदी स्लैंग और शब्दों का इस्तेमाल किया, जो यूजर्स को हैरान कर देने वाले थे। यह भी पाया गया है कि ग्रोक एआई (Grok AI) गुस्से में इंसानों तक तरह व्यवहार करता है। इस समस्या के बारे में भारत सरकार X के अधिकारीयों से बात कर रही है और उनसे इसके बारे में सवाल-जवाब कर रही है। इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन ग्रोक एआई के बारे में जानें और अधिक जैसा कि पहले ही बताया गया है कि ग्रोक एआई, (Grok AI) एक चैटबॉट (Chatbot)  है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह इंटरनेट पर ट्रेंडिंग लैंग्वेज और स्लैंग जैसी जानकारियों को समझता है और उसी अंदाज में जवाब देता है। हालांकि, इसी वजह से इसके जवाब कभी-कभी अनफिलटर्ड या आपत्तिजनक भी हो सकते हैं। इस मामले में भारत सरकार (Indian Government) ने X को नोटिस भेजा है और एआई चैटबॉट्स के कंटेंट मॉडरेशन और जवाबदेही पर जवाब मांगा है। यही नहीं सरकार ने इस बारे में कानूनी नोटिस भी भेजा है। सरकार चाहती है कि यह चैटबॉट भारत की भाषा में गलत, और असभ्य बातों को न फैलाएं। लेकिन, X का दावा है कि सरकार कानून के मुतबिक बिना कानूनी प्रक्रिया के सीधे कंटेंट को सेंसर कर सकती है, जो फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का उल्लंघन है। Latest News in Hindi Today Hindi Grok AI #Chatbot #Unhingedmode #GrokAI #AIchatbot

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Depression in people who sleep late at night

रात में देर तक जागने वाले लोगों में बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा: स्टडी

सुबह जल्दी उठना न केवल हमारे शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। सुबह जल्दी उठने से हमें पॉजिटिविटी मिलती है और पूरा दिन अच्छे से गुजरता है। यही नहीं जल्दी दिन की शुरुआत करने से काम करने में लिए ज्यादा समय मिलता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार रात को देरी से सोने वाले और सुबह देरी से उठने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) की संभावना अधिक रहती है। आइए जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) के बारे में हुई स्टडी क्या कहती है? यह भी जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों को और क्या समस्याएं हो सकती हैं? रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) : पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) की मानें तो डिप्रेशन (Depression) एक मूड डिसऑर्डर है जिसके कारण रोगी को लगातार उदासी और किसी चीज में रूचि न होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण रोगी की सोच, व्यवहार और फीलिंग्स में बदलाव हो सकता है, जिससे कई इमोशनल व फिजिकल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। एक नई स्टडी से यह पता चलता है कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  का खतरा अधिक रहता है।  इसका कारण खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) को माना गया है। पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी।  रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन के बारे में क्या कहती है स्टडी? यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ सरी रिसर्चर्स द्वारा की गयी है और इसमें 546 यूनिवर्सिटी के छात्रों को शामिल किया गया था। इसमें इन छात्रों की नींद संबंधी आदतों, माइंडफुलनेस,  चिंता, एल्कोहॉल का इस्तेमाल और मेन्टल हेल्थ आदि के बारे में जानकारी इकठ्ठा की गयी। इस स्टडी में यह पाया गया कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  यानी डिप्रेशन की संभावना अधिक रहती है। जबकि, जो लोग रात को जल्दी सोते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं, उनमे डिप्रेशन (Depression) और अन्य कई समस्याओं का रिस्क कम रहता है।  इसमें ऐसा पाया गया है रात को जल्दी सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) का कारण नींद की लो क्वालिटी, एल्कोहॉल का सेवन और माइंडफुलनेस की कमी यानी खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन चीजों पर फोकस करके और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना कर डिप्रेशन (Depression) के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है खासतौर पर वयस्कों में। यह स्टडी डिप्रेशन के रिस्क को कम करने के लिए नए तरीकों को ढूंढने में मदद कर सकती है।  इसे भी पढ़ें: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स रात को देर से सोने वाले लोगों में और कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जो लोग रात को देर से सोते हैं उन्हें डिप्रेशन (Depression) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Depression in people who sleep late at night #Depression #Depressioninpeoplewhosleeplateatnight #badlifestyle #earlybird

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Google Pixel 9a

Google Pixel 9a: टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9a हुआ लांच

गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) एक मिड-रेंज स्मार्टफोन (Smartphone) है, जिसे गूगल द्वारा डेवलप किया गया है। गूगल पिक्सल फोन में कई विशेषताएं हैं, जिनके कारण यह अन्य स्मार्टफोन्स की तुलना में अलग और बेहतर हैं। इन फोन्स का कैमरा इतना अच्छा है कि इसे फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन माना गया है। इसमें मौजूद फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक सुविधाएं इसे अधिक सुरक्षित बनाती हैं। गूगल पिक्सल फोन्स में गूगल असिस्टेंट की इंटीग्रेटेड कैपेबिलिटीज  होती हैं, जो यूजर्स को अपने फोन को अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद करती हैं। अभी टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) को लांच किया गया है। आइए जानें इस फोन के बारे में और पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip): पाएं जानकारी अभी गूगल की पिक्सल 9 सीरीज को लांच किया गया था। गूगल पिक्सल 9ए को आधिकारिक तौर पर अपने इन-हाउस टेंसर जी4 चिपसेट के साथ लॉन्च किया गया है। हार्डवेयर अपग्रेड के साथ-साथ, इस गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) के डिजाइन में बदलाव किया गया हैं, जो गूगल प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह थोड़ा अलग है। अगर आप एक फीचर-फिल्ड और शक्तिशाली मिड-रेंजर की तलाश में हैं, जिसमें फ्लैगशिप क्षमताएं हों, तो गूगल पिक्सल 9ए आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स के बारे में भी जानें।  टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए के फीचर्स क्या हैं? टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) की कीमत यह स्मार्टफोन (Smartphone) एक वेरिएंट में उपलब्ध है जिसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है और इसकी कीमत 49,999 रुपये है। यह फोन कई रंगो में उपलब्ध है, जिसमें से आप अपनी पसंद का चुन सकते हैं। इसके अलावा, इस फोन को खरीदने वाले यूजर 3,000 रुपये के सीमित अवधि के कैशबैक ऑफर और 24 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई का लाभ भी उठा सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Google Pixel 9a with Tensor G4 chip #GooglePixel9awithTensorG4chip #GooglePixel9a #smartphone #GooglePixel

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Benefits of Bael

Benefits of Bael: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स

बेल (Bael) एक ऐसा फल है, जो भारत से संबंधित हैं। इसका इस्तेमाल खाना बनाने और मेडिसिनल उद्देश्यों से किया जाता है। इसे बुड एप्पल के नाम से भी जाना जाता है। इसके फल के जूस को इसके गूदे के रस को निकाल कर और पानी और अन्य फ्लेवेर्स को मिला कर बनाया जाता है। इस पेड़ के फल, जड़ों, पत्तों आदि का इस्तेमाल दवाईयों में किया जाता है। बेल (Bael) का प्रयोग कब्ज, डायरिया, डायबिटीज और अन्य कंडीशंस में किया जाता है। लेकिन, इसके इस्तेमाल को लेकर कोई साइंटिफिक एविडेंस मौजूद नहीं है। गर्मी के मौसम में इसे हेल्थ के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। आइए जानें बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) के बारे में। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael): पाएं जानकारी करंट रिसर्च इन एग्रीकल्चर और फार्मिंग (Current Research in Agriculture and Farming) के अनुसार बेल (Bael) का फल मीठ, खुशबूदार और बहुत स्वादिष्ट होता है। इसके फल से कैंडी, पंजीरी, टॉफी, जैम आदि उत्पाद बनाए जाते हैं। हेल्थ के लिए यह बहुत फायदेमंद हैं और बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) इस प्रकार हैं: डाइजेशन को सुधारे बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में बहुत अधिक मात्रा में डायट्री फाइबर और पेक्टिन होते हैं, जो बाउल मूवमेंट को रेगुलेट करने और डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। यह एक नेचुरल लैक्सटिव की तरह काम करता है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है और पेट सही रहता है।  एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज बेल (Bael) में एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) कंपाउंड्स होते हैं जैसे टैनिन्स, फ्लेवोनोइड्स आदि। इससे शरीर को सूजन से राहत पाने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) और भी कई हैं।  इम्युनिटी बढाए बेल (Bael) विटामिन सी और ए व अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर होता है। यह न्यूट्रिएंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते हैं और इसके साथ ही इससे ब्लड सेल्स की प्रोडक्शन बढ़ती है। यही नहीं, इससे शरीर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से भी बचाव होता है।  डायबिटीज से बचाव बेल (Bael) में मौजूद कंपाउंड जैसे रूटीन और फेरुलिक एसिड ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट बनाए रखते हैं। यह कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और ब्लड ग्लूकोज लेवल को सही बनाए रखते हैं। यही नहीं, इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory)और एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट को आराम पहुंचाने में मददगार हैं और यह कई रेस्पिरेटरी कंडीशंस जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के लक्षणों को कम करती हैं। स्किन हेल्थ को सुधारे बेल जूस (Bael juice) में मोजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण, विटामिन्स आदि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से स्किन को बचाते हैं। यही नहीं इससे कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है, स्किन की इलास्टिसिटी सुधरती है और प्रीमेच्योर एजिंग से बचाव होता है। यह फल आयरन का भी अच्छा स्त्रोत है और यह प्राकृतिक रूप से ब्लड को साफ करता है। एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह फल बहुत फायदेमंद है। हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करे बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) हार्ट हेल्थ से भी संबंधित हैं। बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में पोटैशियम और अन्य लाभदायक कंपाउंड्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को सही बनाए रखने में हेल्प करते हैं। यह कंपाउंड हार्ट फंक्शन को सुधारते हैं और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के रिस्क को कम करते हैं। इसे भी पढ़ें: ग्रीन टी पीने से होते हैं ये 6 अद्भुत फायदे, जानें कैसे बनाएं अपने दिन को हेल्दी शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकाले  बेल जूस (Bael juice) नेचुरल डेटोक्सिफाइर की तरह काम करता है, जो शरीर से टॉक्सिन्स यानी हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है। इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे डाइजेस्टिव सिस्टम के माध्यम से वेस्ट प्रोडक्ट्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) यही खत्म नहीं होते। इसमें नेचुरल एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज होती है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया और कवक की ग्रोथ कम होती है। गर्मियों में बेल जूस (Bael juice) को नियमित रूप से शामिल करने से प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बनाए रखने और बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Benefits of Bael #Anti-inflammatory #BenefitsofBael #Bael  #Baeljuice

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Omega Seiki NRG

Omega Seiki NRG: भारत की सबसे लंबी रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) तेजी से बढ़ रही है और इस दिशा में कई नई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च भी कर रही है। ओमेगा सेकी प्राइवेट लिमिटेड Omega Seiki Pvt. Ltd. एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा Omega Seiki NRG को लॉन्च किया। इस वाहन को स्वच्छ ऊर्जा के प्रचारक क्लीन इलेक्ट्रिक के सहयोग से विकसित किया गया है। इसे 3.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर पेश किया गया है। Omega Seiki NRG के फीचर्स और खासियत 300 किमी की रेंज: एक महत्वपूर्ण कदम Omega Seiki NRG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रेंज है। यह एक बार चार्ज होने पर 300 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है। यह दावा किया जा रहा है कि यह भारत का सबसे लंबा रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) है। यह वाहन अपने पेटेंटेड कॉम्पैक्ट 15 kWh बैटरी पैक से चलता है, जिसे क्लीन इलेक्ट्रिक द्वारा विकसित किया गया है। इस बैटरी पैक के साथ, यह ऑटो रिक्शा न केवल लंबी यात्रा के लिए उपयुक्त है, बल्कि कस्टमर्स को इसके साथ 5 साल की बैटरी वारंटी भी दी जा रही है, जो इसकी विश्वसनीयता और दीर्घायु को सुनिश्चित करती है। बेहतर थर्मल प्रबंधन और पर्यावरण के अनुकूल Omega Seiki NRG में क्लीन इलेक्ट्रिक का अभिनव डायरेक्ट कॉन्टैक्ट लिक्विड कूलिंग (DCLC) सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो बैटरी के थर्मल प्रबंधन को बेहतर बनाता है। इस प्रणाली के माध्यम से, वाहन अधिकतम गर्मी और प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी सुचारू रूप से कार्य कर सकता है। खासकर भारत जैसे देश में, जहां गर्मी और मौसम की चुनौतियां बहुत होती हैं, यह सिस्टम वाहन को उच्च तापमान में भी स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। Omega Seiki NRG के फीचर्स इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे Omega Seiki NRG का लॉन्च भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईवी इकोसिस्टम के बढ़ने के साथ-साथ, इस तरह के वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। Omega Seiki NRG न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को लंबे समय तक चलने वाले और किफायती परिवहन समाधान भी प्रदान करता है। यह वाहन अपने उच्च प्रदर्शन और किफायती रेंज के साथ बाजार में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर सकता है। Omega Seiki NRG ने इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा की दुनिया में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसकी लंबी रेंज, किफायती कीमत, और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के साथ, यह निश्चित रूप से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है। बढ़ते ईवी इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों के साथ, यह वाहन भारत में स्वच्छ और सस्टेनेबल गतिशीलता के दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Omega Seiki NRG #electricautorickshaw #electricauto #Autorickshaw #OmegaSeikiNRG

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Lado Lakshmi Scheme

हरियाणा सरकार का 2025-26 का बजट और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जो राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) के तहत हरियाणा की महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने की बात की थी। लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना हरियाणा की महिलाओं को एक नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने का अवसर मिलेगा। योजना का नाम लाडो लक्ष्मी (Lado Lakshmi) रखा गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण का निर्माण करना है। लाडो लक्ष्मी योजना का किन-किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ? इस योजना के तहत हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100 रुपये की मासिक सहायता नहीं मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार केवल वही महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त करेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी: बीपीएल राशन कार्ड – इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके पास सक्रिय बीपीएल (Below poverty line) राशन कार्ड है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि महिला आर्थिक दृष्टि से जरूरतमंद है और राज्य सरकार से सहायता की पात्र है। परिवार पहचान पत्र – योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला के पास परिवार पहचान पत्र (FPP) होना आवश्यक है। यह पहचान पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें परिवार की सभी जानकारी होती है, जो महिला के परिवार से संबंधित होती है। बैंक खाता और आधार लिंक – महिलाओं के बैंक खाते को उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) के साथ लिंक करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सहायता सीधे महिला के खाते में पहुंचे और कोई धोखाधड़ी न हो। यदि कोई शर्त पूरी न हो तो क्या होगा? यदि किसी महिला के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, परिवार पहचान पत्र नहीं है या उसका बैंक खाता (Bank Account) आधार से लिंक नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। यह तीनों शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये की सहायता राशि नहीं पहुंचेगी। इसलिए, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें इन शर्तों को समय रहते पूरा करना होगा। इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे योजना का उद्देश्य और राज्य के विकास में योगदान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने इस योजना के तहत महिलाओं को एक आर्थिक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी। इसके अतिरिक्त, इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और जिन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाई हो रही है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के उत्थान के लिए है, बल्कि इससे हरियाणा की समग्र विकास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। हरियाणा सरकार का लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का फैसला राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगी। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन शर्तों को पूरा करके इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना से न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Lado Lakshmi Scheme #LadoLakshmiScheme #Money #CMNayabSinghSaini #Haryana #NayabSinghSaini

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Sunita Williams safe landing

Sunita Williams safe landing: दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई 

जून 2024 में 8 दिनों के अंतरिक्ष मिशन के रवाना हुईं भारतीय मुल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) के यान में तकनीकी खामी आ गई थीं। जिसकी वजह से उन्हें स्पेस स्टेशन में 9 माह गुजारने पड़े। इस बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा समेत दुनिया भर के वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी का इंतजार कर रहे थे। उनकी वापसी के लिए स्पेसएक्स ने क्रू-9 मिशन लॉन्च किया था। नौ महीने से अधिक समय तक अंतरिक्ष में गुजारने के बाद भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथियों के साथ सकुशल लौट आईं (Sunita Williams safe landing) हैं। भारतीय समयानुसार, बुधवार तड़के 3:27 बजे उनका यान फ्लोरिडा तट के पास उतरा। उनके साथ क्रू-9 मिशन के अन्य दो सदस्य, निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी सुरक्षित वापस आ गए। बता दें कि स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल आईएसएस से 17 घंटे का सफर तय कर मैक्सिको की खाड़ी में पैराशूट की मदद से उतरा। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की सफल लैंडिंग के बाद सुनीता विलियम्स सहित सभी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जैसे ही वे कैप्सूल से बाहर आए, उन्होंने कैमरे की ओर हाथ हिलाकर पृथ्वी पर वापस लौटने की खुशी जाहिर की।  लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान डॉल्फिन का झुंड पहुंचा था रिसीव करने  बता दें कि लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) के दौरान एक रोचक घटना घटी। दरअसल, ड्रैगन कैप्सूल के लैंड होते ही अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की एक टीम बीच समुद्र में मौजूद पहुंची। इस दौरान उन्होंने कैप्सूल के पास डॉल्फिन का एक झुंड देखा। इसे देखकर वहां मौजूद सभी के चेहरे खिलखिला उठे। नजारा देखका ऐसा लग रहा था मानो डॉल्फिन स्वयं अंतरिक्ष यात्रियों को रिसीव करने पहुंची हैं। उन्हें खुद भी महीनों से  सुनीता विलियम्स की वापसी का इंतजार था। डॉल्फिन के इस झुंड का वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर ने डॉल्फिन वाला वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए कहा कि “अनप्लान्ड वेलकम क्रू! क्रू-9 के पास आज दोपहर को कुछ आश्चर्यजनक आगंतुक आए।” इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर सफलतापूर्वक लैंडिंग (Sunita Williams safe landing) पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को दिया धन्यवाद  The unplanned welcome crew! Crew-9 had some surprise visitors after splashing down this afternoon.🐬 pic.twitter.com/yuOxtTsSLV — NASA's Johnson Space Center (@NASA_Johnson) March 18, 2025 इस सफलता (Sunita Williams safe landing)  पर व्हाइट हाउस ने एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि “जो वादा किया, वो निभाया। नौ महीने से फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित घर लाने के लिए धन्यवाद।” इसके अलावा इस सफलता के लिए नासा की पूरी टीम की सराहना की गई। मिशन के दौरान नासा ने दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर अंतरिक्ष यात्री हेग ने कैलिफोर्निया के हॉथोर्न स्थित स्पेसएक्स फ्लाइट कंट्रोल सेंटर से रेडियो पर कहा कि “यह एक अद्भुत सफर था। मैं कैप्सूल को देख रहा हूं और बेहद उत्साहित हूं।”  नौ महीने बाद हुई सकुशल (Sunita Williams safe landing) वापसी  जानकारी के लिए बता दें कि सुनीता विलियम्स और वुच विल्मोर दोनों ही अंतरिक्ष यात्रियों की 5 जून को लॉन्च हुए बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल के लगभग एक सप्ताह बाद ही लौटना था, लेकिन स्पेस स्टेशन के रास्ते में आई तकनीकी खराबी की वजह से स्टारलाइनर को खाली वापस भेजा गया था। इस मिशन का उद्देश्य स्टारलाइनर की क्षमता को परखना था, जिसमें उसे अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाकर सुरक्षित वापस लाना था। हालांकि, यह मिशन केवल आठ दिनों का था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उनकी वापसी में टलती गई। आखिरकार नौ महीने बाद ही, सभी की सकुशल वापसी (Sunita Williams safe landing) हो गई। नासा ने इस वापसी को योजना के अनुसार सफल बताया और कहा कि “सभी अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Sunita Williams safe landing Sunita Williams #SunitaWilliams #SpaceReturn #SafeLanding #NASA #AstronautLife #SpaceExploration #InspiringWomen #DolphinCelebration #ProudMoment #SpaceNews

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Aadhar Card Link ToVoter ID

चुनाव आयोग का बड़ा कदम: वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला

भारत में लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण अंग यानी चुनाव हमेशा पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हैं। लेकिन समय-समय पर चुनावों में फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी (Voter ID) और अन्य धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला लिया है। इस कदम से न केवल चुनावों की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी की समस्या पर भी रोक लगेगी। बैठक में लिया गया फैसला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग (Election Commission) के मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव आयोग के अन्य सदस्य डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी शामिल थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, यूआईडीएआई के सीईओ और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि वोटर आईडी को आधार कार्ड से जोड़ने का काम संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत किया जाएगा, जो भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकेज का उद्देश्य भारत में प्रत्येक नागरिक के पास एक आधार कार्ड (Aadhar Card) होता है, जो उसकी पहचान को प्रमाणित करता है। वहीं, वोटर आईडी भी नागरिक को मतदान करने का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी का मामला हमेशा से एक गंभीर मुद्दा रहा है। इस लिंकिंग का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रत्येक व्यक्ति के वोटिंग रिकॉर्ड की पुष्टि आधार कार्ड के माध्यम से की जा सके, जिससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके। इसके अलावा, फर्जी वोटिंग, जाली वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) बनाने और चुनावी धोखाधड़ी के मामलों पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। इससे चुनावों में पूरी तरह से पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि केवल वही लोग मतदान कर रहे हैं, जो वास्तव में भारतीय नागरिक हैं। विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श चुनाव आयोग (Election Commission) और यूआईडीएआई के विशेषज्ञ (UIDAI Expert) जल्द ही आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकिंग पर तकनीकी परामर्श शुरू करेंगे। इसके बाद इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित हो, इस पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। चुनाव आयोग ने भी इस बात पर जोर दिया है कि लिंकिंग का काम संवैधानिक और कानूनी दायरे में किया जाएगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। चुनाव आयोग का बयान चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपने एक बयान में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत, मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को दिया जा सकता है, लेकिन आधार केवल व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करता है। इसलिए, वोटर आईडी कार्ड (ईपीआईसी) को आधार कार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23 (4), 23 (5) और 23 (6) के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले (2023) के अनुरूप लिया गया है। इसके अलावा आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून मतदाता सूचियों को आधार डेटाबेस के साथ स्वैच्छिक रूप से जोड़ने की अनुमति देता है, जिससे लोगों को अपनी जानकारी अपडेट करने में आसानी होगी। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब चुनावों में फर्जी वोटिंग (Fake Voters) और वोटर पहचान से संबंधित मुद्दे लगभग खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा, मतदाता सूची में भी सुधार होगा, जिससे वोटर आईडी के साथ कोई भी झूठा नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, जो लोकतंत्र की आत्मा है। इसके अलावा, यह फैसला चुनाव आयोग को यह सुविधा देगा कि वह एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार कर सके, जिससे चुनावी प्रबंधन में भी आसानी होगी। वोटर आईडी (Voter ID) को आधार कार्ड (Aadhar Card) से लिंक करने का चुनाव आयोग का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को और भी मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी कार्ड (Fake Voter ID Card) और अन्य चुनावी धोखाधड़ी से निपटने में मदद करेगा। साथ ही, यह चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाएगा। अब यह देखना होगा कि यह प्रक्रिया कब लागू होती है और इसे कैसे तकनीकी दृष्टिकोण से सही तरीके से लागू किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Aadhar Card Link ToVoter ID #AadhaarCard #VoterID #FakeVoterID #ElectionCommission #AadharCardLinkToVoterID

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Gaming smartphone

गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन

गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) हाई परफॉरमेंस वाले उस मोबाइल डिवाइस को कहा जाता है, जिसे विशेष रूप से  गेमिंग के लिए डिजाइन किया जाता है। इनकी खास बात हैं इनका पावरफूल प्रोसेसर, हाई रिजॉल्यूशन डिस्प्ले, बेहतरीन कलिंग सिस्टम, लम्बी चलने वाली बैटरी आदि। इन फोनों को गेमिंग के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है। इस समय कई गेमिंग स्मार्टफोन्स बाजार में उपलब्ध हैं, जो लोगों में लोकप्रिय हैं। अच्छी खबर यह है कि अब आपको इन फोन्स के लिए अधिक रुपए खर्च नहीं करने पड़ेंगे। मार्च 2025 में, आईक्यू नियो 10आर और नथिंग फोन (3a) प्रो जैसे हैंडसेट भी कम कीमत में उपलब्ध हैं। तो आइए जानें, 30,000 रुपये से कम कीमत में गेमिंग के लिए खरीदे जा सकने वाले बेहतरीन स्मार्टफोन यानी मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन्स (Low-cost gaming smartphones available in March 2025) के बारे में। मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन (Low-cost gaming smartphone available in March 2025): पाएं जानकारी गेमिंग स्मार्टफोन्स (Gaming smartphone) अब हर किसी के बजट में हैं और इन्हें किफायती दामों में खरीदा जा सकता है। मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन्स (Low-cost gaming smartphones available in March 2025) इस प्रकार हैं: पोको एक्स7 प्रो (Poco X7 Pro) पोको एक्स7 प्रो  2GB रैम + 256GB स्टोरेज के साथ आता है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6.67-इंच का एएमओएलईडी डिस्प्ले है। यही नहीं, इसमें ड्यूल कैमरा सेटअप है और 50MP सोनी एलवाईटी-600 प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस है। इसका फ्रंट कैमरा 20MP है और इसमें 6,550mAh की बैटरी है। इसके अलावा भी इस फोन की कई विशेषताएं हैं जो इसे लोगों का पसंदीदा बनाती हैं। अगर बात की जाए इसकी कीमत की तो पोको एक्स7 प्रो की कीमत केवल 27,999 रुपये है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खरीद सकते हैं। नथिंग फोन (3ए) प्रो (Nothing Phone (3A) Pro) नथिंग फोन (3ए) प्रो में 8GB रैम और 128GB स्टोरेज है और इसमें 6.77-इंच का फ्लेक्सिबल एएमओएलईडी डिस्प्ले है। इसमें ट्रिपल कैमरा सेटअप है जिसमें 50MP मेन रियर शूटर शामिल है। यही नहीं,  इसमें 50MP टेलीफोटो कैमरा है जिसमें 2x ऑप्टिकल जूम है और 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा है। इसमें फ्रंट में 50MP कैमरा है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 5,000mAh की बैटरी है, जिसमें 50W वायर्ड और 7.5W रिवर्स-वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट है। नथिंग फोन (3ए) प्रो की कीमत केवल 29,999 रुपए है। आईक्यू नियो 10आर (IQ Neo 10R) आईक्यू नियो 10आर में फनटच ओएस 15 ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है और ट्रिपल कैमरा सेटअप है जिसमें 50MP मेन रियर कैमरा, 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 2MP डेप्थ सेंसर शामिल हैं।। इसमें 32MP फ्रंट-फेसिंग कैमरा भी है। इस स्मार्टफोन में 6.78-इंच का 1.5K एएमओएलईडी डिस्प्ले है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6,400mAh की बैटरी है। आईक्यू नियो 10आर की कीमत केवल 28,999 रुपए है। वीवो टी3 अल्ट्रा (Vivo T3 Ultra) वीवो टी3 अल्ट्रा 8GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ आता है। अगर बात की जाए इसके फीचर्स की तो इसकी डिस्प्ले 6.78-इंच का एएमओएलईडी है, जिसमें 4,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस है। इसका प्रोसेसर 4nm मीडियाटेक डाइमेंसिटी 9200 है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में  5,500mAh की बैटरी है। वीवो टी3 अल्ट्रा की कीमत 29,999 है।  इसे भी पढ़ें: Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च?  वनप्लस नॉर्ड 4 (OnePlus Nord 4) वनप्लस नॉर्ड 4 की कीमत 28,999 रुपये है। इसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6.74-इंच का एएमओएलईडी डिस्प्ले है और 50MP मेन रियर कैमरा है, जिसमें 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 16MP फ्रंट-फेसिंग कैमरा है। इसके अलावा यह फोन 5,500mAh की बैटरी के साथ आता है और इसमें ऑक्सीजनओएस 14.1 ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो एंड्रॉइड 14 बेस्ड है। Latest News in Hindi Today Hindi news Gaming Smart Phone #PocoX7Pro #Low-costgamingsmartphonesavailableinMarch2025 #gamingsmartphone #smartphone

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