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India-Pakistan Ceasefire

‘हमारी कस्टडी में भारत का पायलट नहीं…’, पाकिस्तानी सेना ने कहा यह सब मीडिया और सोशल मीडिया का झूठा प्रोपेगेंडा

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) हो चुका है। भारतीय सेना (Indian Army)और वायु सेना के जबरदस्त प्रहार के बाद पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) का प्रस्ताव रखा था, जिसे भारत ने मान लिया। अब दोनों देश डीजीएमओ स्तर पर इस सीजफायर पर बात करेंगे। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने युद्ध में मुंह की खाने के बाद भले ही भारत के सामने हाथ जोड़ लिया हो, लेकिन वहां की मीडिया अभी भी अपनी सेना की वीरता का झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने से नहीं रूक रहा। इनमें से ही एक प्रोपेगेंडा है कि पाकिस्तान ने भारत के कई फाइटर प्लेन मार गिराए हैं और भारतीय पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है।  इसे भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान करेगा दुस्साहस तो मिल जाएगा खाक में, जानें कैसी है भारत की तैयारी हालांकि अब पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने ही इस झूठे प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पाक सेना के मीडिया विंग के डायरेक्टर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे में भारत का कोई पायलट नहीं है। यह खबर सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहा प्रोपेगेंडा है। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं बता सकते हैं।  भारत ने किया खंडन तो पाकिस्तान को मजबूरन बोलना पड़ा सच  पाकिस्तानी सेना बीती रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थी। इस दौरान एक महिला पत्रकार ने जनरल अहमद चौधरी से पूछा कि क्या भारत का कोई पायलट पाकिस्तानी सेना के कब्जे में है और अगर हां तो हम उसे क्या भारत को वापस लौटाएंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए जनरल चौधरी ने कहा कि मैं आप सभी लोगों को यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि भारत का कोई भी पायलट हमारे पास नहीं है। यह सब महज अफवाह है, जो मीडिया और सोशल मीडिया पर कुछ लोग फैला रहे हैं। इसे सिर्फ फेक न्यूज और झूठा प्रोपेगेंडा कहा जा सकता है। पिछले कुछ दिनों से इस तरह का प्रोपेगेंडा देखने को मिल रहा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान की मीडिया इस प्रोपेगेंडा को खूब फैला रही थी और पाकिस्तान की सेना भी क्रेडिट लेने के लिए इस खबर का खंडन नहीं कर रही थी। लेकिन बीती शाम भारतीय सेना ने प्रेस ब्रीफिंग के समय बताया कि उनके सभी पायलट सुरक्षित घर वापस लौट आए हैं, तो मजबूरन पाकिस्तानी सेना को सच बोलना पड़ गया। हालांकि अभी भी पाकिस्तानी मीडिया अपनी सेना के शर्मनाक हार को छुपाने के लिए कई झूठ फैलाने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India-Pakistan Ceasefire #IndiaPakistanTensions #BLAStatement #FakePakClaims #IndianPilotNews #BLAWithIndia #GeoPolitics #IndiaStandsStrong #PakistanPropaganda #SouthAsiaCrisis #DefenseNews

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Pakistani Army

पाकिस्तान का हाथ लाखों मासूमों के खून से रंगे, युद्धविराम और शांति महज धोखा, BLA ने भारत के समर्थन में कर दिया बड़ा ऐलान

पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को उनके ही घर में मार रही बलूचिस्तान की बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर बड़ा बयान जारी किया है। बीएलए (BLA) ने कहा है कि वह किसी देश का न तो मोहरा है और ना ही इस पूरे संघर्ष का मूक दर्शक। बीएलए (BLA) ने  भारत को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि पाकिस्तान जिस शांति और युद्धविराम का वादा कर रहा हा, वह महज एक धोखा है। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर विश्वास करने का समय अब जा चुका है। भारत अगर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो वह पूर्वी और पश्चिमी मोर्चे से लड़ाई को जारी रखते हुए निर्णायक कार्रवाई करेगा। बीएलए (BLA) ने यहां तक दावा किया है कि पाकिस्तान को पूरी तरह से खत्म किए बिना इस इलाके में स्थायी शांति नहीं आ सकती।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा बीएलए (BLA) ने सोशल मीडिया पर अपना यह लिखित बयान जारी करते हुए कहा, “बलूच लिबरेशन आर्मी इस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर अपनी स्पष्ट स्थिति प्रस्तुत करती है। हम पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए उस विचार का दृढ़ता से खंडन करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी देश, राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि करता है। हम न तो किसे के मोहरे हैं और न ही मूक दर्शक। इस क्षेत्र के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में बलूच लिबरेशन आर्मी का उचित स्थान है और हम अपनी हर तरह की भूमिका को समझते हैं।” पाकिस्तान का इतिहास धोखा देने और अतंकवाद फैलाने का   बीएलए (BLA) कहा, “पाकिस्तान अपनी असफल सैन्य कार्रवाई और विफल कूटनीति से निराश होकर अब शांति का झूठा नारा लगा धोखा देने की कोशिश कर रहा है। हम भारत को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि, पाकिस्तान की युद्ध विराम, शांति और भाईचारे की बात सिर्फ एक धोखा है। यह उसके युद्ध की एक ऐसी रणनीति है, जो धोखे पर खत्म होती है। पाकिस्तान का इतिहास ही वादा तोड़ पीठ में छुरा घोंपने और आतंकवाद को फैलाने का रहा है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसका हाथ लाखों मासूम लोगों के खून से रंगे हैं और इसका हर वादा खून से लथपथ है।” बीएलए ने आगे कहा कि “हम भारत समेत इस क्षेत्र के सभी देशों से कहना चाहते हैं कि पाकिस्तान के वादों पर विश्वास करने समय जा चुका है। दुनिया इस आतंकवादी देश के खिलाफ ठोस निर्णायक कार्रवाई करे। क्योंकि यह देश वैश्विक आतंकवादियों का प्रजनन स्थल है। यहां पर जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed), लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) और आईएसआईएस (ISIS) जैसे आतंकवादी समूह फलते-फूलते हैं। इस सबके पीछे पाकिस्तान की जासूसी संस्था आईएसआई (ISI) का हाथ है। यह देश अब अपने ही लोगों को दुनिया के लिए ज्वालामुखी बन रहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistani Army #BLASupportsIndia #PakistanExposed #WarCrimes #CeasefireBetrayal #IndiaStrong #Balochistan #TerrorStatePakistan #PeaceIsAFraud #IndiaPakistanTensions #BLARevolt

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Raipur Truck Accident: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मिनी ट्रक और ट्रेलर की भीषण टक्कर में 4 महीने के बच्चे समेत 13 लोगों की हुई मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दिल को दहला देने वाली खबर (Raipur Truck Accident) आई है। जानकारी के मुताबिक देर रात हुए हादसे में 13 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों का उपचार डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में कराया जा रहा है। दरअसल, रायपुर-बलोदाबाजार रोड पर सारागांव के पास देर रात एक भीषण अपघात हुआ। यह हादसा खरोरा-बलौदा बाजार रोड पर हुआ। कहा जा रहा है वाहन में सवार होकर लोग बच्चों के जन्मोत्सव कार्यक्रम से लौट रहे थे तभी इस बीच सामने से आ रही तेज रफ़्तार एक छोटे ट्रक और ट्रेलर की टक्कर हो गई। अचानक हुए इस हादसे में 13 लोगों की जगह पर ही मौत हो गई। मृतकों में 9 महिलाएं, 2 बच्चियां, 1 बच्चा और 6 माह की एक शिशु शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन से जुड़े आला अफसर मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “चटौद गांव का एक परिवार बंसरी गांव में पारिवारिक समारोह में शामिल होने गया था। लौटते समय खरोरा थाना क्षेत्र के सरगांव के पास ट्रक और ट्रेलर में टक्कर हो गई।” मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। रायपुर-बलौदाबाजार रोड के पास हुआ (Raipur Truck Accident) हादसा  इस पूरे मामले में रायपुर के जिला कलेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। हादसे में (Raipur Truck Accident) 13 लोगों की मौत हो गई और 11  लोग घायल हो गए।” कलेक्टर ने बताया कि “इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।” रायपुर के एसपी लाल उम्मेद सिंह ने विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि “चटौद गांव से कुछ लोग छठी कार्यक्रम में शामिल होने बाना बनारसी गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रायपुर-बलौदाबाजार रोड के पास हादसा हो गया। इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए हैं। सभी को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घायलों को रायपुर के डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।”  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा यह हादसा सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर (Raipur Truck Accident) सवाल खड़ा करता है घटना की खबर (Raipur Truck Accident) मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कहने की जरूरत नहीं, यह हादसा सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें। गौरतलब हो कि बीते दिनों भी छत्तीसगढ़ के ही सरगुजा जिले में एक कार और बाइक की टक्कर में पति-पत्नी की मौत हो गई है। उनके साथ उनका दो माह का बेटा भी था, जिसकी इस सड़क हादसे में मौत हो गई थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Raipur Truck Accident #RaipurAccident #ChhattisgarhNews #RoadTragedy #BreakingNews #IndiaNews #TruckCrash #HighwayAccident #RaipurUpdate #RIP #TrafficSafety

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Rohit Sharma retirement

Rohit Sharma retirement: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित शर्मा ने कही यह बात, मचा हंगामा 

भारत के हिटमैन रोहित शर्मा ने अपने फैंस को सदमा देते हुए अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा (Rohit Sharma retirement) कर दी थी। इसके बाद अब रोहित सिर्फ वनडे फॉर्मेट में ही खेलते नजर आएंगे। संन्यास की घोषणा के बाद पूर्व कप्तान ने सभी अटकलों से पर्दा उठाते हुए खुलकर अपनी बात रखी। जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार विमल कुमार के साथ हुए एक साक्षात्कार में उन्होंने बेबाक होकर अपनी बात रखी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि “मैंने बहुत आलोचना का सामना किया है, यहां तक कि अनावश्यक आलोचना भी। मैं यह नहीं कह सकता कि आलोचना किसी को प्रभावित नहीं करती है। यह कुछ लोगों को प्रभावित कर सकता है और दूसरों को नहीं, लेकिन मेरे लिए, अब ऐसा नहीं है। समय के साथ, आप इससे निपटना सीख जाते हैं। किसी भी खिलाड़ी के लिए आलोचना का सामना करना करियर का हिस्सा है, लेकिन मैं जिस चीज का समर्थन नहीं करता, वह है अनावश्यक आलोचना।” इस दौरान रोहित ने बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी कमजोरी के बारे में भी चर्चा की है। इस पर उन्होंने कहा कि “बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के सामने मेरे आउट होने के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। ठीक है, ऐसा होता है। यह खेल का हिस्सा है, लेकिन अगर आप हर टिप्पणी का बचाव करते हैं, तो आप अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। खुद का बचाव करना मेरा काम नहीं है।” नेचुरल टैलेंट और लीडरशिप को लेकर दिए बयान से हर किसी को हैरान कर (Rohit Sharma retirement) दिया है यही नहीं, रोहित शर्मा ने अपने नेचुरल टैलेंट और लीडरशिप को लेकर दिए बयान से हर किसी को हैरान कर (Rohit Sharma retirement) दिया है। उन्होंने कहा कि “यह बेकार है। कुछ भी नेचुरल नहीं होता। नेचुरल टैलेंट दिखाने के लिए बहुत प्रयास करने पड़ते हैं। लोग नेचुरल टैलेंट के पीछे की कड़ी मेहनत को नहीं देखते। चाहे वह खिलाड़ी हो या नेता, यह सब घंटों की मेहनत से आता है, जादू से नहीं। मैंने खुद एक गेंदबाज के रूप में शुरुआत की थी।” इस दौरान वनडे क्रिकेट से संन्यास पर चुप्पी तोड़ते हुए रोहित शर्मा ने कहा है कि “उन्होंने अभी तक क्रिकेट को खत्म नहीं किया है, उन्हें पता है कि कब तक खेलना है।” मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि “मैं पहले जैसा खेलता था, मैं अपना समय लेता था। पहले मैं पहले 10 ओवर में 30 गेंदें खेलता था और सिर्फ 10 रन बनाता था, लेकिन अगर मैं अब 20 गेंदें खेलता हूं, तो मैं 30-35 या 40 रन क्यों नहीं बना सकता? और जिन दिनों मैं तेजी से आगे बढ़ता हूं, तो पहले 10 ओवर में 80 रन बनाना बिल्कुल भी बुरा नहीं है। अब मैं ऐसा ही सोचता हूं।” इसे भी पढ़ें:-  कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना अब मैं क्रिकेट को एक अलग तरीके से खेलना (Rohit Sharma retirement) चाहता हूं इसके अलावा भारत के हिटमैन रोहित शर्मा (Rohit Sharma retirement) ने कहा कि “मैंने वो रन बनाए हैं, जो मुझे बनाने थे। अब मैं क्रिकेट को एक अलग तरीके से खेलना चाहता हूं। मैं इनमें से किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रहा हूं। यह मत सोचो कि चीजें बस ऐसे ही चलती रहेंगी कि मैं 20 या 30 रन बनाता रहूंगा और खेलता रहूंगा। जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं मैदान पर वो नहीं कर पा रहा हूं जो मैं करना चाहता हूं, मैं खेलना बंद कर दूंगा। यह पक्का है, लेकिन अभी, मैं जानता हूं कि मैं जो कर रहा हूं, उससे अभी भी टीम को मदद मिल रही है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rohit Sharma retirement #RohitSharma #RohitRetires #IndianCricket #TestCricket #CricketLegend #BCCI #RohitNews #TeamIndia

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Manimahesh Kailash

मणिमहेश कैलाश: भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है यह पर्वत

हमारे देश में ऐसे कई धार्मिक स्थान हैं, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ऐसा ही एक स्थान है मणिमहेश (Manimahesh)। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) भगवान शिव को समर्पित है और पंच कैलाशों में से एक है। यह स्थान है हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में। यहां पहुंचना आसान नहीं लेकिन यह एक पवित्र स्थान है जो भगवान शिव और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। कैलाश पर्वत के नीचे मौजूद मानसरोवर झील की तरह यहां भी एक झील है। आइए जानें मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के बारे में विस्तार से। यह भी जानें कि मणिमहेश (Manimahesh) की यात्रा कब की जा सकती है? मणिमहेश (Manimahesh) की कथा  मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) वो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है, जो भगवान शिव जी के प्रेम और शक्ति का संकेत है। ऐसा माना गया है कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बाद इस पर्वत को बनाया गया था। कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी पर्वत पर भगवन शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।यही नहीं इस पर्वत को उनका निवास स्थान भी माना गया है। मणिमहेश  (Manimahesh) पर्वत की चोटी तक कोई भी चढ़ाई नहीं कर पाया है। ऐसा भी माना गया है कि आज तक कई लोगों ने इसकी चोटी तक पहुंचने की कोशिश की है, लेकिन वो सफल नहीं हो पाएं हैं। एक चरवाहें ने भी अपनी बकरियों के साथ यहां चढ़ने की कोशिश की थी लेकिन वो पत्थर की बन गई थी। इस पर्वत पर एक झील है जिसका पानी बेहद पवित्र माना गया है और लोग इसे अपने साथ ले जाते हैं। मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक इस पर्वत की यात्रा की जाती है। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के मणि का क्या है अर्थ  यह तो हम सभी जानते हैं कि मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) में मणि का अर्थ है भगवन शिव की मणि। इसके पीछे भी एक कथा है। ऐसा माना गया है कि पूर्णिमा (Purnima) की रात को मणिमहेश झील  (Manimahesh Lake) में इस पर्वत में मौजूद मणि की किरणों से परिवर्तित होती हैं और उसके बाद लोगों को दिखती हैं। लेकिन, यह दृश्य सभी को नहीं दिखाई देता है। हालांकि वैज्ञानिकों का इसके बारे में अलग मत है। उनके अनुसार यह किरणें ग्लेशियर से परावर्तित होकर आती हैं न की मणि से। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कैसे पहुंचा जा सकता है मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash)? मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 13 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस साल यह यात्रा 26 अगस्त से शुरू हो रही है। आप जिस भी शहर से आ रहे हैं, वहां से आपको सबसे पहले चम्बा पहुंचना होगा। इस स्थान पर अगर आप वायुमार्ग या रेलमार्ग से आ रहे हैं, तो सबसे नजदीक एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन आपको पड़ेगा पठानकोट। चम्बा पहुंचने के बाद आपको भरमौर पहुंचना होगा जो यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। यहां आप बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। भरमौर से आपको हड़सर पहुंचना होगा, जहां आप बस या टैक्सी से जा सकते हैं। हड़सर से ट्रैक शुरू हो जाता है। ट्रैक कर के आप मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक पहुंच सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Manimahesh Kailash #ManimaheshKailash #Manimahesh #ManimaheshLake #Chamba #LordShiva #MataParvati

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Bowel Cancer

बाउल कैंसर: युवाओं के लिए बढ़ता खतरा, जानें कैसे करें इससे बचाव

बाउल कैंसर (Bowel cancer), लार्ज बाउल में शुरू होने वाला कैंसर (Cancer) है। इनमें कोलन और रेक्टरम आदि भी शामिल है। यह कैंसर (Cancer) सबसे सामान्य कैंसरस में से एक है। कोलन कैंसर के उपचार के लिए कई तरीके काम में आ सकते हैं। इसके उपचार में रेडिएशन थेरेपी, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी आदि शामिल हैं। बाउल कैंसर (Bowel cancer) आमतौर पर बुजुर्गों को प्रभावित करता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। आजकल बड़ी संख्या में युवाओं को भी यह कैंसर प्रभावित कर रहा है, जो एक चिंता का विषय है। आइए जानें युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के बारे में विस्तार से। बाउल कैंसर से बचाव के बारे में भी जानें। युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People): पाएं जानकारी बाउल कैंसर (Bowel cancer) एक गंभीर बीमारी है जो मृत्यु का कारण भी बन सकता है। हर साल इस कैंसर (Cancer) के कई नए मामले सामने आते हैं। ऐसा पाया गया है कि साल 2023 में इस कैंसर के 19 लाख मामले सामने आए थे, जिनमें से लगभग 9 लाख लोगों की मृत्यु हो गई थी। एक स्टडी के अनुसार आजकल युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में यह संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टडी में ऐसा भी पाया गया है कि  20 साल में 55 साल से कम उम्र के लोगों में इस कैंसर (Cancer) के मामले लगभग डबल हो चुके हैं। जबकि बुजुर्गों में यह सख्या स्टेबल या इसके मामले में गिरावट हो रही है। अगर बात की जाए युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के कारणों की, तो इसका कारण बिगड़ता लाइफस्टाइल, अनहेल्दी आहार, टेंशन आदि को माना जा रहा हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) से बचाव कैसे संभव है? नेशनल हेल्थ सर्विस यानी एनएचएस (NHS) के अनुसार बाउल कैंसर (Bowel cancer) के सही कारणों के बारे में जानकारी नहीं है। यह समस्या जेनेटिक हो सकती है या लाइफस्टाइल, एनवायर्नमेंटल फैक्टर भी इसका कारण हो सकते हैं। युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:-यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Bowel cancer in young people Bowelcancer #Bowelcancerinyoungpeople #Cancer #PreventionofBowelcancer

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Dengue

कर्नाटक में डेंगू का प्रकोप, 30 अप्रैल तक आए 1,186 मामले, जानें इससे कैसे बचें

डेंगू (Dengue) रोग गंभीर हो सकता है और इससे पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है। अधिकतर मरीजों में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता ,है लेकिन इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, रैशेज, शरीर में दर्द आदि शामिल हैं। इसके गंभीर प्रकार को डेंगू (Dengue) हेमरेजिक फीवर कहा जाता है। हर साल इस रोग के कारण हजारों लोग प्रभावित होते हैं। अभी कर्नाटक राज्य में इस रोग के कई मामले सामने आ चुकें हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो 30 अप्रैल तक इसके लगभग 1,186 मामले आ चुके हैं। आइए जानें कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) के बारे में विस्तार से। डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के बारे में भी जानकारी पाएं। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka): पाएं जानकारी  कर्नाटक में पिछले साल डेंगू (Dengue) के कुल 32,826 के केसेस सामने आएं थे। हालांकि, यह मामले इस साल अभी कम हैं लेकिन चिंता की बात यह है कि यह मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह मामले सबसे अधिक बेंगलुरु में पाए गए हैं। इसका कारण गर्मी में बारिश, पानी का भरना और कंस्ट्रक्शंस आदि को माना गया है। यह मामले  2 मार्च तक 707 थे जो 30 अप्रैल तक 1,186 हो गए। हेल्थ एक्सपर्ट्सने  इन केसेस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहने और मच्छरों कि रोकथाम के उपायों को अपनाने के निर्देश दिए हैं। मच्छरों और डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के लिए लोगों का सतर्क रहना बहुत जरूरी है। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) चिंता का विषय हैं। इसके साथ ही एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि डेंगू (Dengue) के लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। आइए जानें डेंगू के लक्षण क्या हो सकते हैं? डेंगू के लक्षण डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक डेंगू (Dengue) के हलके लक्षणों के मामले में रोगी एक या दो हफ्तों में स्वस्थ हो जाता है। लेकिन, दुर्लभ मामलों में यह गंभीर हो सकते हैं और यह बीमारी मृत्यु का कारण बन सकती है। इसके शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं: इसके गंभीर डेंगू के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक डेंगू से बचाव (Dengue prevention) नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Dengue #Dengue #newdenguecasesinKarnataka #denguesymptoms #preventionfromdengue

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Tips to cool down overheat mobile

Mobile Overheating: मोबाइल को गर्म होने से बचाने और कूल रखने के 5 आसान ट्र‍िक

मोबाइल (Mobile) फोन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना कुछ मिनट गुजारना भी हमारे लिए मुश्किल है। लेकिन, मोबाइल (Mobile) का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए, नहीं तो यह परेशानी की वजह बन सकता है। कई बार आपने यह नोटिस किया होगा कि मोबाइल एकदम गर्म हो जाता है। मोबाइल (Mobile) के गर्म होने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के कई कारण हो सकते हैं जिसमें अधिक समय तक इसका इस्तेमाल, सीधी सनलाइट के संपर्क में आना या इंटरनल इशूज आदि शामिल हैं। ऐसी स्थिति में इसे कूल करना बेहद जरूरी है। आइए जानें ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में पाएं जानकारी मोबाइल (Mobile) का गर्म होना हानिकारक होता है जिससे फोन आग पकड़ सकता है या फोन फट भी सकता है। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) इस प्रकार हैं: हीट और सनलाइट से हटाएं जैसे पहले ही बताया गया है कि हीट और सनलाइट मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण बन सकते हैं। इस मामले में तुरंत फोन को सनलाइट से हटाएं और किसी ठंडी जगह पर रखें। किसी गर्म जगह पर इसे रखने से भी बचना चाहिए। केस को रिमूव करें मोबाइल (Mobile) केस फोन कि सुरक्षा तो करते हैं, लेकिन यह हीट का कारण बन सकते हैं और नुकसान कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) हो गया है, तो मोबाइल केस को तुरंत निकाल दें। इससे फोन को ठंडा होने में मदद मिलेगी। अनावश्यक ऐप्स को बंद कर दें कई बार मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण यह भी हो सकता है कि आपने फोन में बहुत अधिक ऐप्स खोल रखी हों। इन्हें बंद करने से फोन का वर्कलोड कम होता है। जिससे फोन को कूल होने में मदद मिलती है। एयरप्लेन मोड ऑन करें अगर आपका फोन गर्म हो गया है तो इसे ठंडा करने के लिए तुरंत अपना वाई-फाई, ब्लूटूथ आदि को बंद करें और एयरप्लान मोड को ऑन करें। यह मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम करने से भी इसमें लाभ होगा। इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें ठंडी जगह पर रखें  ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) में यह सबसे आसान है। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के मामले में अपने फोन को पंखे या एयर कंडीशनर (AC) के पास रखें। लेकिन, इसे फ्रिज या फ्रीजर में रखने की गलती न करें। मोबाइल (Mobile) को नियमित रूप से रीस्टार्ट करने या सॉफ्टवेयर को बार-बार अपडेट करने रहने से भी हीट मैनेजमेंट में मदद मिल सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi Mobile overheating #overheat #Tipstocooldownoverheatmobile #mobile #phone #mobile overheat

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Air conditioner

साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें

गर्मी के मौसम में आजकल जो एक बड़ी जरूरत बन चुका है वो है एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC)। गर्मी में ठंडक और आराम पाने का यह उपयुक्त तरीका है। बदलते समय के साथ हर घर में एयर कंडीशनर (Air conditioner) घर का एक जरूरी सामान बन चुका है। अगर आप भी एसी (AC) खरीदना चाहते हैं, तो कुछ चीजों का ध्यान अवश्य रखें। क्योंकि. यह उपकरण आराम तो देता है, लेकिन जेब पर भी भारी पड़ सकता है। यही नहीं, एसी के दो प्रकारों (स्प्लिट एसी और विंडो एसी) में से आपको कौन सा खरीदना है, यह निर्णय भी आपको पहले ही लेना होगा। आइए जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? आप यह तो जानते ही होंगे कि एयर कंडीशनर (Air conditioner) दो तरह के होते हैं एक स्प्लिट एसी (Split AC) और दूसरे विंडो एसी। इन दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। एसी लेने से पहले आप यह निर्णय ले लें कि आपको कौन सा लेना है। अगर आप शांत एसी (AC) लेना चाहते हैं, तो आप स्प्लिट एसी (Split AC) ले सकते हैं। बजट कम है तो विंडो एसी लेना एक अच्छा निर्णय है। इसके अलावा जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? कमरे का आकार आपके कमरे के आकार को ध्यान में रखें। अगर आपका कमरा छोटा है तो बड़े एयर कंडीशनर (Air conditioner) की जगह छोटा एसी लें। क्योंकि, छोटा कमरे में बड़ा एसी अधिक एनर्जी कंज्यूम करेगा। इसी तरह से बड़े कमरे में छोटा एसी (AC) कमरे को ठंडा नहीं करेगा।  एनजी एफिशियंट  एसी (AC) खरीदने से पहले इसकी स्टार रेटिंग को अवश्य जांचें। इससे इस उपकरण की एनर्जी एफिशिएंसी का पता चलता है। अच्छी स्टार रेटिंग वाला एसी (AC) कम एनर्जी की खपत करेगा जिससे बिजली का बिल भी कम आएगा। मेंटेनेंस एसी खरीदने से पहले इस बात का भी ध्यान रखें कि जो भी एसी (AC) आप खरीद रहें हैं उसकी मेंटेनेंस और इंस्टालेशन आसान और किफायती हो। इसके साथ ही इसके नॉइस लेवल को भी ध्यान में रखें।  बजट  आपका एयर कंडीशनर (Air conditioner) खरीदने का बजट कितना है, इसके आधार पर आप इसे खरीदें। यही नहीं उपकरण के वॉरेंटी पीरियड के बारे में भी जान लेना आवश्यक है। ऐसे एसी (AC) को लें जो अधिक वॉरेंटी देता हो।  इसे भी पढ़ें:-  पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर फिल्टर युक्त एसी पर करें विचार इसके साथ ही धुएं, दुर्गंध और अशुद्धियों को रोकने के लिए फिल्टर युक्त एसी (AC) खरीदने पर विचार करें , जिससे घर के अंदर हवा की क्वालिटी बेहतर होगी। यानी, इस एयर कंडीशनर (Air conditioner) के इस्तेमाल से आपके घर का प्रदूषण कुछ हद तक कम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Air conditioner #Airconditioner #AC #WhatshouldbekeptinmindwhilebuyinganAC #Split AC #Window AC

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Fenugreek water

Fenugreek Water: इस पानी को पीने से पहले जानिए किन लोगों को हो सकता है इससे नुकसान?

मेथी दाना एक ऐसा हर्ब है इसका इस्तेमाल खाना बनाने के साथ ही हेल्थ प्रॉब्लम्स के उपचार के लिए किया जाता है। मेथी (Fenugreek) का पौधा अधिकतम दो से तीन फीट लंबा होता है। इसके पत्ते हरे होते हैं और फूल सफेद होते हैं। कई सालों से इसका इस्तेमाल मेडिसिन के रूप में किया जाता रहा है। मेथी दाना और मेथी पानी (Fenugreek water) को वजन कम करने के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसके साथ ही अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को मैनेज करने में भी इसे लाभदायक माना गया है। लेकिन, कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। जानिए किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार मेथी (Fenugreek) का इस्तेमाल न्यूट्रिशंस और स्वाद के लिए कई इंडियन व्यजनों में किया जाता है। पाएं जानकारी कि किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? गर्भवती महिलाओं को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। इसे पीने से गर्भाशय संकुचन यानी कॉन्ट्रैक्शंस की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, इसे प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं पीना चाहिए। प्रेग्नेंसी में किसी भी चीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को भी इस पानी को पीने से बचना चाहिए। यही नहीं, जिन महिलाओं को हॉर्मोन-सेंसिटिव कैंसरस हैं, उन्हें भी मेथी (Fenugreek) का पानी नहीं पीने की सलाह दी जाती है। 2. एलर्जी अगर किसी व्यक्ति को मेथी (Fenugreek), फलियों या अन्य प्लांट्स से एलर्जी है, तो उन्हें भी इसका सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से एलर्जी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। 3. डायबिटीज मेथी (Fenugreek) से ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) पर असर हो सकता है। इसलिए अगर आप डायबिटीज के रोगी हैं या डायबिटीज की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही मेथी पानी (Fenugreek water) का सेवन करें। 4. बच्चे बच्चों पर इस पानी का क्या असर हो सकता है, इसके बारे में पर्याप्त जानकारी मौजूद नहीं हैं। लेकिन, आमतौर पर बच्चों को मेथी पानी (Fenugreek water) देने से बचना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: World Hand Hygiene Day: जानें क्यों मनाया जाता है यह दिन और इसे कैसे सेलिब्रेट करें? 5. खास दवाईयां लेने वाले व्यक्ति मेथी (Fenugreek) कुछ खास दवाईयों के साथ इंटरेक्ट कर सकती हैं, जिनमें ब्लड थिनिंग ड्रग्स शामिल हैं। इसलिए, अगर आप कोई भी दवा ले रहा हैं तो मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचें या डॉक्टर की सलाह ले बाद ही इसे लें। 6. किडनी प्रॉब्लम्स  ऐसा पाया गया है कि मेथी से किडनी के फंक्शन्स प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उन्हें मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fenugreek water #Fenugreekwater #Fenugreek #Whoshouldnotdrinkfenugreekwater #fenugreeseeds

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