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OnePlus 13T and OnePlus 13

OnePlus 13T and OnePlus 13 में अंतर: जानिए कौन सा स्मार्टफोन है आपके लिए बेहतर?

वनप्लस एक चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2013 में हुई थी। यह कंपनी स्मार्टफोन बनाने में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अन्य स्मार्टफोन कंपनीज की तरह यह कंपनी में समय-समय पर नए प्रोडक्ट्स लांच करती रही है। हाल ही में इस कंपनी ने वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) लांच किया है। यह फोन अभी चाइना में ही लांच हुआ है। लेकिन, यह एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है जो कई नए फीचर्स के साथ उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फोन के फीचर्स वनप्लस 13 (Oneplus 13) के जैसे हैं। आइए जानें वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) के बारे में। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13): पाएं जानकारी वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) और वनप्लस 13 (Oneplus 13) के कुछ फीचर एक जैसे हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर भी हैं। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) इस प्रकार है: डिस्प्ले  अगर बात की जाएं वनप्लस 13 (Oneplus 13) की डिस्प्ले की, तो वनप्लस 13 का यह 6.82 इंच है लेकिन वनप्लस 13टी की डिस्प्ले इससे थोड़ी छोटी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) के डिस्प्ले का साइज 6.32 इंच है। वहीं वनप्लस 13 का डिस्प्ले रिजोल्यूशन भी 13टी से अधिक है। कैमरा वनप्लस 13 में ट्रिपल कैमरा है,जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर, 50 मेगापिक्सेल का टेलीफोटो लेंस और 50 मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल शूटर है। वनप्लस 13 (Oneplus 13) में  ड्यूल कैमरा है, जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सेल का 2x टेलीफोटो लेंस है।  बैटरी वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) में बैटरी भी शामिल है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी वनप्लस 13 से बड़ी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी 6260mAh की है लेकिन वनप्लस 13 में 6000mAh की बैटरी है। यही नहीं, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में वायरलेस चार्जिंग है लेकिन दूसरे नए फोन में वायरलेस चार्जिंग नहीं है। वेट वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) दूसरे फोन (Phone) के मुकाबले अधिक हल्का और पतला है। इसका वेट केवल 185 ग्राम है और मोटाई  8.15mm है। वहीं दूसरी और वनप्लस 13टी का वजन 210 ग्राम है और मोटाई 8.5mm है। एक और अंतर यह भी है कि वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर है। लेकिन, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म प्राइस अगर बात की जाए दोनों स्मार्टफोन्स की कीमत की, तो वनप्लस 13टी. वनप्लस 13 (Oneplus 13) के मुकाबले बहुत सस्ता है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की कीमत है ₹39,990 है और वनप्लस 13 का प्राइस ₹66,998 है। यह तो थे वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13)। इन दोनों में कुछ समानताएं हैं लेकिन बहुत से अंतर भी हैं। आप अपनी सुविधानुसार मनचाहा मोबाइल फोन चुन सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi   #Smartphone #DifferencebetweenOnePlus13TandOnePlus13 #OnePlus13T #OnePlus13

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Plastic Cooler Vs Iron Cooler

Plastic Cooler Vs Iron Cooler: कूलर खरीदने से पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें

गर्मी के मौसम में तपती और जला देने वाली गर्मी से बचना बहुत जरूरी है। इसके लिए एयर कंडीशनर या एयर कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर बात की जाए कूलर की, तो एयर कंडीशन की तुलना में कूलर किफायती होता है। हालांकि, एयर कूलर एयर कंडीशन की तुलना में कम प्रभावी माना गया है। आजकल बाजार में दो तरह के कूलर्स फेमस हैं एक प्‍लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) और दूसरा लोहे वाला कूलर। अगर आप भी इन दोनों विकल्पों को लेकर थोड़ा सा कन्फ्यूज हैं तो यह जानकारी आपके लिए निसंदेह फायदेमंद है। आइए जानें प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler) के बारे में। प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler): कौन सा है बेहतर? प्लास्टिक कूलर और आयरन कूलर दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। आइए जानें इनके बारे में। प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler)  प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) के बेनिफिट्स इस प्रकार हैं: नुकसान आयरन कूलर (Iron Cooler) आयरन कूलर (Cooler) के भी कई फायदे हैं लेकिन इसके भी कुछ नुकसान हैं। आइए पाएं इसके बारे में जानकारी आयरन कूलर के फायदे इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें आयरन कूलर के नुकसान Latest News in Hindi Today Hindi Plastic Cooler Vs Iron Cooler #PlasticCoolerVsIronCooler #Cooler #PlasticCooler  #IronCooler

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Mango Milk and Curd

आम और दूध या दही का मिश्रण: सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक?

आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार, हर भोजन का अपना स्वाद, हीलिंग और कूलिंग एनर्जी और पोस्ट-डायजेस्टिव इफेक्ट होता है। आयुर्वेद (Ayurveda) में हेल्थ को मैंटेन और रिस्टोर करने के लिए भोजन बहुत जरूरी रोल निभाता है। ऐसा भी माना गया है कि सही फूड कॉम्बिनेशन से डायजेशन सही रहता है और सेहत पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है। लेकिन, कुछ कॉम्बिनेशंस को सेहत के लिए नुकसानदायक माना गया है। आम एक ऐसा फल है जो सबसे अधिक पसंद किया जाता है। मेंगो शेक और मेंगो लस्सी ऐसे ड्रिंक्स हैं, जो गर्मियों में सबसे अधिक पीयें जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह कॉम्बिनेशन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? आइए जानें कि आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) क्यों है सेहत के लिए हानिकारक? आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd): क्या है सेहत के लिए नुकसानदायक? आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार फलों को अगर दूध के साथ खाया जाए तो यह हमारे डायजेस्टिव हेल्थ के लिए नुकसानदायक है। ऐसा माना जाता है कि भोजन को गलत मिश्रण के सेवन से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसे ही आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) का सेवन करने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं: एक्सपर्ट्स के अनुसार आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) खाने से एसिडिटी भी हो सकती है। फलों में फाइबर होता है जिसे दूध या दही (Milk or curd) से साथ खाना पेट के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि फलों का सेवन खाली पेट ही करना चाहिए ताकि इनमे मौजूद न्यूट्रिशंस का पूरा फायदा हमें मिल सके। इसके साथ ही दूध या दही (Milk or curd) को आम के साथ खाने से बचें। इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत इन कॉम्बिनेशंस का भी न करें सेवन दूध और तरबूज या खरबूजा का सेवन भी एक साथ न किए जाने की सलाह दी जाती है। दूध और खरबूजा और तरबूज दोनों ही ठंडे होते हैं। दूध लैक्सटिव होता है और तरबूज व खरबूजा ड्यूरेटिक होते हैं। अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में दूध को पचने में अधिक समय लगता है। आयुर्वेदा (Ayurveda) में यह भी बताया गया है कि दूध को खट्टी चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनसे भी पाचन तंत्र को नुकसान हो सकता है। ये फूड कॉम्बिनेशन पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करते हैं और कई तरह की अन्य बीमारियां  हो सकती हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk #Milkandcurd #Ayurveda #Combinationofmangoandmilkorcurd #mangoandmilkorcurd

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Kidney stone

गर्मी में किडनी स्टोन के मामलों में वृद्धि: AINU के विशेषज्ञों की चेतावनी

किडनी स्टोन (Kidney stone) एक ऐसी समस्या है, जो आजकल आम होती जा रही है। हमारे यूरिन में कई डिसॉल्व्ड मिनरल्स और अन्य तत्व होते हैं। जब यूरिन में इन मिनरल्स और तत्वों का लेवल बहुत अधिक हो जाता है, तब स्टोन बनते हैं। किडनी स्टोन (Kidney stone) शुरू में छोटे आकार के होते हैं लेकिन बाद में यह बड़े हो सकते हैं। किडनी में कुछ स्टोन किसी भी तरह की समस्या का कारण नहीं बनते हैं लेकिन कई बार  युरेटर तक पहुंच जाते हैं जो, किडनी और ब्लैडर के बीच में मौजूद एक ट्यूब होती है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले 2 से 2.5 गुना बढ़ जाते हैं। आइए जानें कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? इसके साथ ही किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के बारे में भी जानकारी पाएं।  किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? हैदराबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (AINU) के एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्मी के मौसम में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले बहुत अधिक बढ़ चुके हैं। यह परसेंटेज दो से ढाई गुना तक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार  इस मौसम में इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी में रोजाना 300 से 400 मरीजों का इलाज हो रहा है। यही नहीं, उनका यह भी कहना है कि यह डेटा हाल के सालों में सबसे अधिक है। यानी, इस साल पिछले सालों की तुलना में अधिक किडनी स्टोन्स के मामले सामने आए हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि किडनी स्टोन के मामले खासतौर पर एडल्ट्स और बच्चों में बढ़ रहे हैं। यह तो आप जान ही गए होंगे कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? उनके अनुसार इस समस्या के कई कारण हैं जैसे कम पानी पीना, अधिक जंक फूड का सेवन और अधिक गर्मी आदि। किडनी स्टोन के कारण क्लेवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार यूरिन में मिनरल्स, एसिड्स और अन्य सब्सटांस होते हैं जैसे कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट और यूरिन एसिड। जब यूरिन में इनके पार्टिकल्स बहुत ज्यादा होते हैं लेकिन लिक्विड कम होते हैं तो इसके कारण यह आपस में चिपकना शुरू कर देते हैं। इससे क्रिस्टल और स्टोन बन सकते हैं। इन्हें बनने में कई साल या महीने लग सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के तरीके जिन भी चीजों का हम सेवन करते हैं, उसका प्रभाव हमारे शरीर और किडनी स्टोन (Kidney stone) पर पड़ता है। लेकिन, कुछ किडनी स्टोन से बचने के तरीके (Prevention of kidney stones) से इसे कम किया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Kidney Stone #Kidneystones #kidneystone #stones #preventionofkidneystones #urine #Whatdoexpertssayaboutkidneystones

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Virgin Mojito

Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत

गर्मी के मौसम में अधिक गर्मी के कारण बार-बार कुछ ठंडा पेय पदार्थ पीने का मन करता है। गर्मियों में निम्बू पानी (Lemon water) एक लोकप्रिय ड्रिंक है जो तुरंत ताजगी प्रदान करता है। इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने और गर्मी से राहत पाने में यह मदद करता है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito) निम्बू पानी (Lemon water) का ही मॉडर्न रूप है, जो गर्मी के दिनों में खुद को ठंडा रखने का बेहतरीन तरीका है। रेस्टोरेंट्स में यही ड्रिंक आपको बहुत महंगा मिलेगा। वहीं, घर पर आप आसानी से इसे बना सकते हैं। इसके लिए आपको किसी खास इंग्रेडिएंट की आवश्यकता नहीं है। बल्कि, सामान्य घर में पड़ी चीजों से इसे बनाया जा सकता है। आइए जानें घर पर वर्जिन मोजितो को बनाने का आसान तरीका क्या है? वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito): कैसे बनाएं इसे घर पर? वर्जिन मोजितो को निम्बू (Lemon), पुदीना, और सोडा वाटर के साथ बनाया जाता है। इसमें सोडा वाटर का इस्तेमाल होता है जिसके कारण यह निम्बू पानी (Lemon water) से अलग और स्वादिष्ट बनता है। वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito) को बनाने की इंग्रेडिएंट्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक वर्जिन मोजितो (Virgin Mojito) बनाने की विधि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह ड्रिंक सामान्य निम्बू पानी (Lemon water) से बहुत स्वादिष्ट होगा और आपके घर के हर सदस्य को यह पसंद आएगा। इस रेसिपी को ट्राई करने के बाद इसे पीने के लिए न तो आपको किसी रेस्टोरेंट में जाने की जरूरत है न ही फालतू पैसे खर्च करने की आवश्यकता है। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Virgin Mojito #VirginMojito #LemonWater #Lemon #Drink

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Top Sunscreen Brands in India

Top Sunscreen Brands in india: चिलचिलाती गर्मी में अपने स्किन को प्रोटेक्ट करें सनस्क्रीन से

गर्मी के मौसम में चिलचिलाती धुप से खुद को बचाना बहुत जरूरी है। इसके लिए हल्के और कॉटन के कपड़े पहनें, दोपहर के समय घर से बाहर जानें से बचें, खुद को कवर कर के रखें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं और अच्छे सनस्क्रीन (Sunscreen) का इस्तेमाल करें। अच्छे सनस्क्रीन (Sunscreen) से त्वचा की रक्षा होती है और यह हानिकारक अल्ट्रावॉइलेट रेज (Ultraviolet Rays) से पूरा दिन सुरक्षा प्रदान करता है। इन रेज से बचाव से न केवल प्रीमेच्योर एजिंग के लक्षण जैसे झुर्रियां व डार्क स्पोर्ट्स कम हो सकते हैं, बल्कि स्किन कैंसर का रिस्क भी कम होता है। स्किन को इन हानिकारक अल्ट्रावॉइलेट रेज  (Ultraviolet Rays) से बचाने के लिए सही सनस्क्रीन का चुनाव करना बेहद जरूरी है। आइए जानें इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) के बारे में। इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) यू.एस फ़ूड एंड ड्रग (U.S Food and Drug) के अनुसार आप सनस्क्रीन का उपयोग किस तरह से करते हैं और अपनी स्किन को बचाने के लिए आप अन्य किन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, इससे कई समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है जैसे सनबर्न, स्किन कैंसर, समय से पहले एजिंग आदि। इसलिए, आपको सही सनस्क्रीन (Sunscreen) का चुनाव करना चाहिए। इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) इस प्रकार हैं:  लैक्मे सन एक्सपर्ट अल्ट्रा मैट SPF 50 PA+++(Lakme Sun Expert Ultra Matte SPF 50 PA+++) लैक्मे को अपने बेहतरीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स के लिए जाना जाता है। लैक्मे सन एक्सपर्ट अल्ट्रा मैट SPF 50 PA+++ एक लाइटवेट सनस्क्रीन है, जो बिलकुल भी चिपचिपा नहीं है। यह सनस्क्रीन (Sunscreen) यूवीए और यूवीबी रेज से सुरक्षा प्रदान करता है। अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो भी यह आपके लिए उपयुक्त है। यही नहीं, यह वाटर रेसिस्टेंट और स्वेट रेजिस्टेंस भी है।  डॉट & की वाटरमेलन कूलिंग सनस्क्रीन SPF 50+ (Dot & Key Watermelon Cooling Sunscreen SPF 50+) डॉट & की एक लोकप्रिय स्किनकेयर ब्रांड है, जिसका वाटरमेलन कूलिंग सनस्क्रीन एसपीएफ 50+ पीए++++ सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉइलेट रेज (Ultraviolet Rays) से बचाव के लिए बेहतरीन विकल्प है। यह हर तरह की त्वचा के लिए उपयुक्त होगा। यह बिलकुल हल्का और नॉन- स्टिकी सनस्क्रीन है। यही नहीं, यह सनस्क्रीन फ्रेग्नेंस और पैराबेन फ्री है। अगर आपकी स्किन ऑयली या ड्राई है, तो यह आपके लिए बेस्ट सनस्क्रीन है। मामाअर्थ मिनरल बेस्ड सनस्क्रीन SPF 50 (Mamaearth Mineral Based Sunscreen SPF 50) इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) में यह भी शामिल है। यह वो सनस्क्रीन (Sunscreen) है, जो यूवीए और यूवीबी रेज के लिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन प्रदान करता है। यह नेचुरल इंग्रिडेंट्स से भरपूर है जैसे कॅरोट सीड आयल, जोजोबा आयल और शिया बटर आदि। अच्छी बात यह भी हैं कि इनमें किसी भी तरह का कोई हानिकारक केमिकल नहीं है। द डर्मा को 1% हयालूरोनिक सनस्क्रीन एक्वा जेल (The Derma Co 1% Hyaluronic Sunscreen Aqua Gel) इंडिया में टॉप सनस्क्रीन ब्रैंड्स (Top Sunscreen Brands in India) में यह स्क्रीन SPF 50 PA++++के साथ है। यह सनस्क्रीन यूवीए व यूवीबी रेज और ब्लू लाइट्स से सुरक्षा प्रदान करता है। इससे सनडैमेज से बचाव होता है और स्किन हेल्दी रहती है। इसके साथ ही यह हयालूरोनिक एसिड और विटामिन इ युक्त है, जिससे स्किन हाइड्रेट रहती है और लाइन्स व झुर्रियां कम होने में मदद मिलती है। यह सनस्क्रीन (Sunscreen) किसी भी स्किन टाइप के  लिए उपयुक्त है और बिना किसी समस्या के जल्दी एब्जॉर्ब हो जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक बायोटिक बायो सैंडलवुड सनस्क्रीन एसपीएफ 30 (Biotique Bio Sandalwood Sunscreen SPF 30) यह एक हर्बल (Herbal) सनस्क्रीन है, जो यूवीए और यूवीबी किरणों से पूरी सुरक्षा प्रदान करता है। यह चंदन, हल्दी और नीम जैसे प्राकृतिक तत्वों से भरपूर है। यही नहीं, यह सनस्क्रीन (Sunscreen) पैराबेन और सल्फेट जैसे हानिकारक रसायनों से भी फ्री है। यानि, यह अल्ट्रावॉइलेट रेज (Ultraviolet Rays) से पूरी तरह से सुरक्षा करता है।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Top Sunscreen Brands In India #TopSunscreenBrandsinIndia #UltravioletRays  #Sunscreen #TopSunscreenBrands #UVAandUVBrays #SunscreenBrands

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World Hypertension Day

World Hypertension Day: जानें क्यों मनाया जाता है हाइपरटेंशन डे और इससे बचने का क्या है उपाय

हाइपरटेंशन (Hypertension) यानी हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure), एक ऐसी समस्या है जिसमें आर्टरीज वाल्स पर दबाव डालने वाले ब्लड की फाॅर्स बहुत अधिक होती है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार यह समस्या गंभीर हो सकती है लेकिन इससे पीड़ित अधिकतर रोगियों में इसका कोई भी लक्षण नजर नहीं आता है। हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करना और इससे बचाव और कंट्रोल को प्रोमोट करना है। आइए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के बारे में जानें विस्तार से। इस समस्या से बचाव के बारे में भी जानें। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day): पाएं जानकारी वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) को बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हाइपरटेंशन (Hypertension), इसके रिस्क के बारे में बताना और जागरूक करना है। इसके साथ ही इस दिन के माध्यम से लोगों को इस रोग से बचने के तरीकों को भी बताया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हाइपरटेंशन (Hypertension) से पूरी दुनिया में लगभग दस लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इससे कई समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है जैसे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और किडनी डिजीज आदि। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन के लक्षणों को जल्दी पहचान कर सही उपचार हो सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अब जानिए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास के बारे में। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास इस साल वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day)  है ब्लड प्रेशर को सही से मापें, इसे कंट्रोल करें और लंबे समय तक जीएं। यह थीम ब्लड प्रेशर को सही से मापने और इसकी कॉम्प्लीकेशन्स से बचाव पर जोर देती है। क्योंकि, इससे लम्बे समय तक जीने में मदद मिल सकती है। अगर बात की जाए इस दिन के इतिहास की, तो इस दिन की शुरुआत 14 मई 2005 को वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग (WHL) द्वारा की गई थी। बाद में, 2006 से इसे हर साल 17 मई को मनाया जाने लगा। इसे भी पढ़ें: काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा हाइपरटेंशन से बचाव के तरीके हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन (Hypertension) की समस्या से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Hypertension Day #highbloodpressure #hypertension #ThemeofWorldHypertensionDay  #Worldhypertensionday

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Benefits of black nettle

काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा

काला बिछुआ (Black nettle) को बाघनखी, हाथाजोड़ी, बिछु, उलट-कांटा आदि के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम है मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua)। यह एक ऐसा पौधा है जो केवल बरसात के मौसम में उगता है और उसके बाद यह सुख जाता है। जब इसका फल सुख जाता है और फट जाता है, तो उसमे से एक बड़ा काला और भूरा बीज निकलता है। यह पौधा दो मीटर तक ऊंचा होता है और इसके पत्ते किडनी के आकार के होते हैं। इस पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं। इसके बीज और पत्तियों का इस्तेमाल आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा प्रणालियों में किया जाता है। संक्षेप में कहा जाए तो यह बेहद फायदेमंद पौधा है। आइए जानें क्या हैं काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle)? काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle): पाएं जानकारी काला बिछुआ (Black nettle) अपने खास बनावट के लिए प्रसिद्ध है। इसके बीज देखने में जंगली जानवर के मुड़े हुए नाखून जैसे लगते हैं, इसलिए इसका नाम बाघनख है। यह असली पौधा केवल विंध्याचल के जंगलों, हिमालय आदि में मिलता है। काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) एक हेल्थ के लिए लाभदायक पौधा है। काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle) इस प्रकार हैं: पेट के लिए फायदेमंद काला बिछुआ (Black nettle) के बीज और पत्ते पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हैं जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि। पेट की समस्याओं के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा स्किन प्रॉब्लम्स से राहत पहुंचाने में भी काला बिछुआ (Black nettle) को फायदेमंद पाया गया है। स्किन की परेशानियों जैसे पिम्पल्स, एक्जिमा आदि से राहत पाने में इस पौधे के बीज और पत्ते को बेनेफिशियल पाया गया है। यानी, स्किन के लिए इस पौधे का इस्तेमाल किया जा सकता है।  सांस संबंधी समस्याओं से राहत सांस संबंधी समस्याओं से भी यह पौधा राहत पहुंचा सकता है। काला बिछुआ (Black nettle) के फायदे में यह बेहद महत्वपूर्ण है। अस्थमा और  ब्रोंकाइटिस जैसी सांस सम्बन्धित प्रॉब्लम्स के ट्रीटमेंट में इसका इस्तेमाल किया जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इम्यूनटी को करे मजबूत काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) के बीज और पत्ते इम्युनिटी को भी मजबूत कर सकते हैं। इसके साथ ही ऐसा भी माना गया है कि बुखार और दर्द के ट्रीटमेंट में भी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) का उपयोग किया जा सकता है।  इसके अलावा काला बिछुआ (Black nettle) में एंटी-कोलेस्ट्रॉल, एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant), एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द दूर करने वाले गुण होते हैं। वीक मेमोरी, पीठ में दर्द, डायबिटीज, सीने में जलन जैसी बीमारियों के इलाज में भी इस पौधे को लाभदायक पाया गया है। नोट:-यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of black nettle #Martyniaannua #blacknettle #Benefitsofblacknettle

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Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan

Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan : अफगानिस्तान में तालिबान का तुग़लकी फरमान, शरीयत का हवाला देकर बैन किया यह खेल

जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आया है तब से वो अपने अजीबों-गरीब फरमान को लेकर सुर्ख़ियों में बना हुआ है। फरमान भी ऐसे आप सोचने पर भी मजबूर हो जाएँ। जाहिर सी बात है, तालिबान और फरमान न दे, ये असंभव (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। बता दें कि साल 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से तालिबान सरकार ने लगातार ऐसे कानून और नियमों में बदलाव किये हैं जो इस्लामी कानून के प्रति उसके कट्टर और चरमपंथी सोच को दर्शाते हैं। नए फरमान के मुताबिक अफगान की तालिबानी सरकार ने शतरंज यानी चेस के खेल पर अगली सूचना तक बैन लगा दिया है। दरअसल, तालिबान को डर है कि यह खेल जुए खेलने का जरिया बन गया है। इसलिए तालिबान ने शरिया कानून का हवाला देकर इस खेल को बैन कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि “शतरंज के खेल को तब तक अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया गया है। पहले इस बात की जांच की जाएगी कि इस्लामी कानून के साथ इसे खेलना सही है या नहीं, उसी के आधार पर इसे हमेशा के लिए बैन लगाया जाएगा या फिर बैन हटा लिया जाएगा।” धार्मिक कानून का हवाला देकर अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) दिया है न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार खेल निदेशालय के प्रवक्ता अटल मशवानी ने बताया कि “शरिया में चेस को जुए का साधन माना जाता है, जो पिछले साल घोषित कानून के अनुसार निषिद्ध है। यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “चेस के खेल के संबंध में धार्मिक विचार हैं, जब तक इन विचारों पर ध्यान नहीं दिया जाता, अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। और तो और अफगानिस्तान के राष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने लगभग दो वर्षों से कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा महिलाओं को किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है ध्यान देने योग्य बात यह कि अफगानिस्तान में यह पहला ऐसा खेल नहीं है जिसपर तालिबान ने बैन लगाया है। सबसे खराब हालत तो वहां की महिलाओं की है। उन्हें किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। कट्टरता ऐसी कि तालिबान ने उनके हर खेल पर बैन लगा रखा है। यही नहीं पिछले वर्ष, तालिबान ने पेशेवर प्रतियोगिता में मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) जैसी फ्री स्टाइल फाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे का तर्क देते हुए तालिबान कहा था कि “यह बहुत ही हिंसक है।” बेशक तालिबान के इस कदम ने धर्म के प्रति उसकी कट्टर सोच को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan #TalibanBan #AfghanistanNews #ShariaLaw #TalibanRule #HumanRights #BanOnSports #GlobalCondemnation #IslamicExtremism #FreedomToPlay #AfghanYouth

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Virat Kohli Retires from Test Cricket

Virat Kohli Retires from Test Cricket : रोहित के बाद विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से की संन्यास की घोषणा 

विराट कोहली के प्रशंसकों के लिए एक शॉकिंग न्यूज़ है। दुनिया भर के करोड़ों फैंस को शायद यकीन न हो कि किंग कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। बता दें कि हाल ही में रोहित के रिटायरमेंट लेने के बाद अब विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर (Virat Kohli Retires from Test Cricket) दिया है। रोहित के संन्यास लेने के 5 दिन बाद ही विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। गौर करने वाली बात यह कि इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले विराट ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है। इसकी आधिकारिक घोषणा उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए की। 14 साल तक टेस्ट क्रिकेट में अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों के मन खौफ पैदा करने वाले बल्लेबाज विराट ने टेस्ट क्रिकेट से अपने बल्ले को विश्राम दे दिया है। उन्होंने अपनी सफ़ेद जर्सी को टांग दिया है।  टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू पहने हुए उन्हें 14 साल हो गए (Virat Kohli Retires from Test Cricket) हैं  दरअसल, विराट ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि “टेस्ट क्रिकेट में पहली बार बैगी ब्लू पहने हुए उन्हें 14 साल हो गए हैं। ईमानदारी से कहें तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह फॉर्मेट उन्हें किस सफर पर ले जाएगा। इसने उनकी परीक्षा ली, उन्हें आकार दिया और उन्हें ऐसे सबक सिखाए जिन्हें वह जीवन भर साथ रखेंगे।” वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे लिखा कि “सफेद कपड़ों में खेलना एक बहुत ही निजी अनुभव है। शांत परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता, लेकिन जो हमेशा आपके साथ रहते हैं। इस प्रारूप से दूर होना आसान नहीं है, लेकिन यह सही समय है। उन्होंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है।” उन्होंने कहा कि “खेल के मैदान पर जिन लोगों के साथ खेला और हर उस व्यक्ति के लिए जिसने उन्हें इस दौरान देखा, उन सभी का (Virat Kohli Retires from Test Cricket) आभारी हूं। वह हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखेंगे। #269, साइनिंग ऑफ।” इसे भी पढ़ें:- टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित शर्मा ने कही यह बात, मचा हंगामा  टेस्ट क्रिकेट में नाबाद 254 रनों का (Virat Kohli Retires from Test Cricket) है उनका हाईएस्ट स्कोर  जानकारी के लिए बता दें कि जून 2011 में विराट कोहली ने भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। 14 साल तक वो टीम इंडिया के लिए मुख्य बल्लेबाज के तौरपर बने रहे। इस दौरान उन्होंने 129 टेस्ट मैचों की 210 पारियों में 46.85 के औसत से 9230 रन बनाए। उन्होंने टेस्ट में 30 शतक और 31 शतक लगाने का बड़ा कारनामा किया। टेस्ट क्रिकेट में उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 254 रनों का (Virat Kohli Retires from Test Cricket) है। बता दें कि विराट कोहली टी20 फॉर्मेट से पहले ही रिटायरमेंट ले चुके हैं। गौरतलब हो कि पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतने के साथ ही टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। अब विराट रोहित के साथ सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते नजर आएंगे। दोनों की नजर 2027 में होने वनडे वर्ल्ड कप को जीतने पर होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Virat Kohli Retires from Test Cricket #ViratKohli #TestCricket #IndianCricket #KohliRetires #LegendKohli #BCCI #RohitSharma #CricketNews #GoatKohli #ThankYouKohli

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