CDS जनरल अनिल चौहान की चेतावनी: चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश का संभावित गठजोड़ भारत के लिए बड़ा खतरा
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान (Anil Chauhan) ने एक थिंक-टैंक कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय हालात भारत के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बढ़ती नजदीकी पर कहा कि यह संभावित रणनीतिक गठजोड़ अगर होता है, तो भारत की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है। जनरल अनिल चौहान (Anil Chauhan) ने कहा कि आज की दुनिया एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। पुराने वैश्विक संतुलन की जगह एक नई व्यवस्था आकार ले रही है, जिसमें अमेरिका की भूमिका पहले से अधिक जटिल होती जा रही है। ऐसे में भारत जैसे विकासशिल देश को अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पहले से कहीं ज्यादा सजग और सशक्त रहना होगा। उन्होंने जोर दिया कि अब सुरक्षा केवल सैन्य ताकत तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अब आर्थिक ताकत ही असली ताकत CDS ने कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसकी आर्थिक मजबूती और लचीलापन है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा केवल बॉर्डर सिक्योरिटी नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ी होती है। जब तक देश की आंतरिक स्थिति मजबूत नहीं होगी और आर्थिक आधार स्थिर नहीं रहेगा, तब तक बाहरी खतरों से निपटना मुश्किल होगा।” उन्होंने कहा कि, भारत जैसे विविधता भरे देश में आंतरिक स्थिरता बनाए रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। जनरल अनिल चौहान (Anil Chauhan) ने इस दौरान विशेष रूप से सामाजिक एकता पर बात करते हुए कहा कि हमारे देश की ताकत उसकी विविधता है, लेकिन यही विविधता अगर सामाजिक अस्थिरता में बदल जाए, तो यह बाहरी ताकतों के लिए अवसर बन सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अपने सामाजिक ढांचे को मजबूत रखने की आवश्यकता है ताकि आंतरिक सुरक्षा कमजोर न पड़े। बड़े खतरे को देखते हुए हमें एकजुट रहने की जरूरत है। सामाजिक रूप से ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए, जिसका फायदा दुश्मन उठा सके। चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश का संभावित गठजोड़ बड़ा खतरा- CDS CDS चौहान (Anil Chauhan) ने इस दौरान चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बढ़ती नजदीकी को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि तीनों देशों के इस संभावित गठजोड़ को लेकर भारत को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इन देशों के बीच आपस में किसी भी स्तर पर रणनीतिक तालमेल बनता है, तो वह भारत के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। उन्होंने खासतौर पर बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि अगर वहां अस्थिरता बढ़ती है और भारत में शरण ले रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्थिति बदतर होती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ था भारत की निर्णायक कार्रवाई CDS चौहान ने इस बातचीत के दौरान ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वह क्षण था जब परमाणु संपन्न दो राष्ट्र सीधे सैन्य टकराव में आए। उन्होंने बताया कि भारत ने इस संघर्ष में पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को झूठा साबित करते हुए निर्णायक बढ़त हासिल की। यह पूरी दुनिया के लिए एक सबक था कि केवल परमाणु हथियारों की धमकी देकर कोई देश अपनी नापाक हरकतों को छिपा नहीं सकता। जनरल चौहान ने कहा कि अब युद्ध केवल सीमा पर नहीं लड़े जाते, बल्कि साइबर हमले, ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक हथियार के जरिए लड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के पास इन सभी क्षेत्रों में कोई पूर्ण सुरक्षा प्रणाली नहीं है, इसलिए भारत को बहुआयामी सुरक्षा नीति अपनानी होगी। Latest News in Hindi Today Hindi Anil Chauhan #IndiaSecurity #CDSAnilChauhan #ChinaPakistanBangladesh #BorderThreat #StrategicAlliance #IndiaDefence

