Trump Warns of Bombing Iran Again if Needed

‘जरूरत पड़ने पर बिना सवाल ईरान पर फिर से बरसाएंगे बम’, सीनेट में समर्थन मिलने के बाद बोले ट्रंप

इजरायल और ईरान युद्ध (Israel–Iran War) के दौरान अमेरिका ने भी ईरान पर बम गिराए थे। अमेरिका ने यह बम ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइट पर गिराए थे और दावा किया था कि इस हमले में ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह से नष्ट हो गए, वहीं ईरान का दावा है कि उसके परमाणु ठिकानों को सिर्फ मामूली नुकसान हुआ है। हालांकि अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस हमले को लेकर अपने ही देश में अपने विरोधियों के निशाने पर हैं। अमेरिका के कांग्रेस का ऊपरी सदन में अमेरिकी हमले को लेकर बहस भी हुई और डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को ईरान पर आगे हमला करने से रोकने का प्रयास भी हुआ। लेकिन विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी का यह प्रयास विफल हो गया। डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट में अमेरिकी राष्ट्रपति के युद्ध शक्तियों को फिर से स्थापित करने का प्रयास लेकर आई थी। डेमोक्रेटिक पार्टी का दावा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना कांग्रेस से अनुमति लिए ईरान पर हमला (Israel–Iran War) किया था, लेकिन डेमोक्रेटिक सांसदों के इस प्रस्ताव को रिपब्लिकन पार्टी ने विफल कर दिया। इस प्रस्ताव को वर्जीनिया के डेमोक्रेिटक सीनेटर टिम कैन ने रखा था। इसमें टिम कैन ने लिखित में प्रस्ताव दिया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर राष्ट्रपति ट्रंप ने नियम का उल्लंघन किया है। अगर आगे इस तरह की सैन्य कार्रवाई शुरू की जाए तो पहले ट्रंप को कांग्रेस से अनुमति लेनी होगी।  ईरान पर फिर हमला कर सकते हैं- ट्रंप सीनेट में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान जब उनसे पूछे गया कि क्या वह आवश्यक समझे जाने पर फिर से ईरान के न्यूक्लियर साइट पर बमबारी करने पर विचार कर सकते हैं, तो इस पर ट्रंप ने कहा, ‘हां, जरूर बिना किसी सवाल के। अगर जरूरत पड़ी तो वह बगैर सोचे ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।’ वहीं, सीनेट में इस प्रस्ताव को रखने को विपक्ष की ट्रंप को घेरने की एक लंबी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।  सीनेट में ट्रंप को मिला पूरा समर्थन  बता दें कि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53-47 का बहुमत हैं। जब इस प्रस्ताव को रखा गया तो वे राष्ट्रपति के समर्थन में खड़े हो गए। इन सीनेटर का कहना था कि ईरान न सिर्फ इजरायल के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया के लिए खतरा है। इसलिए ईरान तक कठोर कार्रवाई जरूरी था। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर हमला करने का जो निर्णाय लिया वह ठीक था, इस कार्रवाई के कारण ही ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई साल पीछे चला गया है। इस दौरान रिपब्लिकन सीनेटर एकमत होकर कांग्रेस की मंजूरी लिए बिना ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर अमेरिकी बमबारी करने के फैसले का समर्थन किया।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? ट्रंप अगर डील करना चाहते हैं तो सम्मान करें- ईरान  डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ जहां अपने ही देश में घेरे जा रहे हैं, वहीं बड़बोलेपन की वजह से ईरान भी उन पर पलटवार कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर ट्रंप ईरान के साथ वास्तव में कोई समझौता करना चाहते हैं तो उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के प्रति सम्मानजनक भाषा का उपयोग करा होगा। दरअसल, ट्रंप ने कहा था कि अयातुल्ला खामेनेई को अपमानजनक मौत मिलने वाली थी, लेकिन हमने बचा लिया। इसी के जवाब में ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘ईरानी लोगों का आत्मसम्मान और दृढ़ता खून में है। हमारी राष्ट्रीय भावना बेहद सीधी और स्पष्ट है। हम अपनी स्वतंत्रता को समझते और पहचानते हैं। हम किसी को अपने भाग्य का निर्धारण करने की इजाजत नहीं देते। इसके लिए हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ते हैं। अगर ट्रंप को ईरान के साथ कोई समझौता करना है, तो उन्हें सम्मानपूर्वक बात करनी होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump #trump #iran #bombing #senate #usnews #worldnews #middleeast

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Khamenei statement

Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire: सीजफायर के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कही यह बात

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल के साथ लड़ाई में अपने देश की जीत का दावा (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया है। जीत का दावा करते हुए खामेनेई ने कहा कि “ईरानी हमलों से इजरायल घुटनों पर आ गया और सीजफायर के लिए मजबूर हुआ।” गुरुवार को ईरानी सरकारी मीडिया में देश के नाम संदेश जारी खामेनेई ने कहा कि “मैं महान राष्ट्र ईरान और उसके लोगों को बधाई देता हूं। इजरायली सरकार अपने सभी शोर और दावों के बावजूद तेहरान के मिसाइल हमलों के सामने हार गया। हमने इस लड़ाई में उनको कुचल कर रख दिया है।” सरकारी मीडिया के मुताबिक फिलहाल  खामेनेई का छोटा वीडियो जारी किया गया है। उनका पूरा वीडियो संदेश बाद में जारी किया जाएगा। इस वीडियो में हमले को लेकर और भी जानकारी खामनेई देंगे और देश की रणनीति को सामने रखेंगे। ईरान के सुप्रीम लीडर ने पहली बार देश की जनता को संबोधित (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया दरअसल, 24 जून को ईरान-इजराइल युद्ध में सीजफायर होने के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर ने पहली बार देश की जनता को संबोधित (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया है। उन्होंने अपने संबोधन में ईरान की जनता को जीत की बधाई दी। साथ ही कहा कि ईरान ने जायनी दुश्मन को ध्वस्त कर दिया है। इस संदेश से पहले ईरान के अधिकारियों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट की है कि इजराइल और अमेरिकी हमले से बचने के लिए सुरक्षाबल खामेनेई को तेहरान के एक सुरक्षित बंकर में ले गए थे। खामेनेई की ओर से सार्वजनिक बयान ना आने की वजह से लगातार कई सवाल उठ रहे थे। ऐसे में उनके संदेश से एक बात तो साफ़ जो गई है कि वो देश छोड़कर भागे नहीं हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई का दावा है कि अमेरिका ने युद्ध में इसलिए प्रवेश किया क्योंकि उसे लगा कि अगर वह ऐसा नहीं करता तो इजरायल पूरी तरह से नष्ट हो जाता। खामेनेई ने यह भी कहा कि “यहां भी, इस्लामिक रिपब्लिक विजयी हुआ और बदले में अमेरिका के चेहरे पर जोरदार तमाचा मारा।” इजरायली हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडर और कई परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) गई थी 13 जून को इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई तब शुरू हुई जब इजरायल ने ईरान पर यकायक ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए। इन हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य कमांडर और कई परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) गई थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया और इजरायल पर मिसाइल से हमले शुरू कर दिए। 12 दिन तक दोनों के बीच भीषण लड़ाई देखने मिली। इस बीच 22 जून को इस लड़ाई में अमेरिका भी कूद गया। अमेरिका ने इजरायल के समर्थन में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। इसमें अमेरिका ने बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया और ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट को तबाह कर देने का दावा किया। इसके बाद ईरान ने कतर में अमेरिकी एयरबेस पर भी 14 मिसाइलें दाग दीं। इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम का ऐलान (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) किया जारी इस लड़ाई के बीच 24 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम का ऐलान किया। पहले तो इजरायल और ईरान ने शुरू में सीजफायर पर सहमति ना बनने के बात कही, लेकिन बाद में दोनों देशों ने इसे मान लिया। गौरतलब हो कि 24 जून को सुप्रीम लीडर ने कहा था कि जो लोग ईरानी लोगों और उनके इतिहास को जानते (Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire) हैं, वे जानते हैं कि ईरानी राष्ट्र आत्मसमर्पण करने वाला राष्ट्र नहीं है।” दरअसल, ये ट्रंप के उस धमकी का जवाब था जिसमें कहा गया था कि “ईरान बिनाशर्त सरेंडर करे। मजे की बात यह कि सीजफायर के बाद अमेरिका, इजरायल और ईरान की ओर से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Khamenei Breaks Silence After Iran Ceasefire #khamenei #iran #ceasefire #iranisupremeleader #irannews #middleeast #iranisraelconflict #breakingnews

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Iran uranium missing

400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran- Real or Drama?: क्या सच में ईरान का 400 Kg संवर्धित यूरेनियम लापता हुआ है या फिर खेला अभी बाकी है?

बेशक ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर लागू होने से दोनों देशों के बीच युद्ध रुक गया है, लेकिन इस बीच तेहरान के 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को लेकर अफवाहें हैं कि थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, इजरायल और अमेरिका के हमले एकमात्र लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना था। हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना था। इसी उद्देश्य अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हवाई हमले किए। लेकिन इस बीच बड़ा सवाल यह कि 60 प्रतिशत संवर्धित 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम कहां (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? फ़िलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कई रिपोर्टों में तो यहाँ तक दावा किया गया है कि परमाणु संयंत्रों पर हमलों से पहले ही ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से बनाए जा सकते (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) हैं 10 परमाणु हथियार ऐसे में महत्वपूर्ण बात यह कि यदि ईरान का 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम सुरक्षित (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? तो फिर तो वो भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा सकता है। इस हिसाब से तो इजरायल और अमेरिका दोनों के हाथ खाली ही रहे। जिस उद्देश्य से उन्होंने युद्ध किया था वो तो पूरा ही नहीं हुआ, यदि 400 किलोग्राम यूरेनियम 60 प्रतिशत तक संवर्धित हैं तो। हालांकि इस बात को अधिक गंभीरता से इसलिए भी लिए जा रहा है क्योंकि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एबीसी न्यूज चैनल से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि “ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर अमेरिकी हवाई हमले किए। अमेरिकी हमलों में ईरान के परमाणु संयंत्र ‘बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए या उन्हें एक तरह से मिटा दिया गया। फिर भी उन्हें संदेह है।” जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से 10 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।” इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा यहाँ तक कि कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी हमलों से पहले ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में फोर्डो परमाणु सुविधा के बाहर 16 ट्रकों का काफिला दिखाई दिया था। हालांकि इस बीच इजरायली खुफिया ने भी शंका जताई है कि हो सकता है कि ईरान ने हमलों से पहले ही यूरेनियम को स्थानांतरित कर दिया हो। यही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु संयंत्रों की तत्काल निरीक्षण की अपील की है। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि गायब यूरेनियम को लेकर अमेरिका और इजरायल दोनों के माथे पर चिंता की लकीरे उठ रही हैं। खैर, इसमें कोई राय नहीं है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन बात फिर वही कि यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा। फ़िलहाल ईरान और इजरायल के बीच अभी अस्थायी सीजफायर हुआ है। लापता 400 किलोग्राम यूरेनियम को नष्ट करने के लिए इजरायल आगे ईरान पर यदि हमला करता है, तो इसमें कोई हैरानी भी नहीं होनी चाहिए। देखना दिलचस्प होगा कि यह सीजफायर कब तक रहता है? Latest News in Hindi Today Hindi 400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama? #iran #uranium #missinguranium #nuclearnews #irannews #enricheduranium #truthordrama

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Iranian Nuclear Sites Survive US Bombs

अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा

ईरान-इजरायल युद्ध (Iran–Israel War) में कूदते हुए अमेरिका ने पिछले सप्ताह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बंकर ब्लास्टर बमों से हमला किया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया था कि अमेरिकी हमले में ईरान के तीनों परमाणु संयंत्र पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद ही अब शांति आएगी, लेकिन इस अमेरिकी हमले को लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि अमेरिका के हमले के बाद भी ईरान के परमाणु ठिकाने सुरक्षित हैं। इस हमले के बाद तेहरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ महीनें भले ही पीछे चला गया है, लेकिन वह पूरी तरह से नष्ट नहीं हुआ है। सीएनएन का दावा है कि यह रिपोर्ट पेंटागन की खुफिया शाखा ने तैयार किया है। अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए सीएनएन ने खुफिया सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान पर हमले (Iran–Israel War) के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां परमाणु स्थलों को हुए नुकसान और प्रभाव का विश्लेषण कर रही हैं। सीएनएन ने कहा कि अभी जो रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है, वह प्रारंभिक जांच के आधार पर है और अधिक जानकारी आने के बाद इस रिपोर्ट के तत्थों में बदलाव किया जा सकता है। लेकिन अमेरिकी खुफिया विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दावों से विपरीत है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए। साथ ही ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को भी इससे भारी नुकसान हुआ है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी हमले के बाद मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि ईरान के परमाणु ठिकानें और महत्वाकांक्षाएं अमेरिका ने नष्ट कर दिया है।   ईरान का यूरेनियम भंडार अभी भी सुरक्षित सीएनएन ने इस खुफिया रिपोर्ट तैयार करने वाले दो अधिकारियों से बातचीत के आधार पर कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार नष्ट नहीं हुए हैं। जिस सेंट्रीय फ्यूज में यूरेनियम रखा जाता है, उनको कोई नुकसान नहीं हुआ है। क्योंकि संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका के हमले से पहले ही इन ठिकानों से हटा लिया गया था। साथ ही परमाणु ठिकाने का ढांचा भी काफी हद तक सुरक्षित बचा हुआ है। कुछ माह की मरम्मत के बाद इन ठिकानों पर फिर से परमाणु संवर्धन का काम शुरू किया जा सकता है।    इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! व्हाइट हाउस ने कहा- रिपोर्ट के तथ्य गलत  व्हाइट हाउस ने भी यह खुफिया रिपोर्ट होने की बात स्वीकार की, लेकिन इसमें मौजूद तथ्यों को गलत बताया। सीएनएन से बातचीत में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि, अमेरिकी हमले की यह कथित आकलन रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। इस रिपोर्ट को अति गोपनीय के तौर पर संरक्षित किया गया था, लेकिन खुफिया विभाग का एक अनाम और घटिया स्तर की सोच वाले लूजर ने इसे लीक कर दिया। कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस रिपोर्ट को लीक करना बताता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) को नीचा दिखाना चाहता है। साथ ही वह ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने वाले हमारे बहादुर लड़ाकू पायलटों को भी बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। कैरोलिन लेविट ने अपने बयान में यह भी कहा कि, ‘दुनिया का हर व्यक्ति जानता है कि जब 30000 पाउंड के 14 बम कहीं पर गिरते हैं तो वहां पर क्या होता है। इसका मतलब है ‘पूर्ण विनाश’। पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट और व्हाइट हाउस के इस बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि संभवता अमेरिकी हमले में ईरान (Iran–Israel War) के परमाणु ठिकानों को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना वहा उसे बता रहा है। अगर ऐसा है तक 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद भी इजरायल और अमेरिका अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए।   Latest News in Hindi Today Hindi Iran–Israel War #iran #pentagonleak #nuclearreport #usairstrike #middleeastconflict #iranusnews #defensestrategy

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Iran US tensions

Iran: Military Will Decide Response to US Actions: अमेरिका को कब, कहां और कैसे जवाब देना है? ये अब सेना तय करेगी- ईरान

रविवार को ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने अपने B2 बॉम्बर्स से ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों नातांज, फोरदो और इस्फहान पर हमले किए। हमले के बाद ईरान ने अमेरिका से इस हमले का बदला लेने का संकेत दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबीक संयुक्त राष्ट्र में इसका ऐलान करते हुए ईरानी राजदूत ने कहा, हम कब-कहां और कैसे बदला लेंगे, ये ईरानी सेना तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि दुश्मन ने बड़ी भारी भूल की है, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम दुश्मन पर हमले तेज करेंगे। गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी। यहूदी देश ने बड़ी भयंकर भूल की है। उसे सजा मिलनी चाहिए और ये उसे मिलकर रहेगी। उसे सजा मिल भी रही है।  ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद ईरान में तबाही मची है। इस हमले के बाद ईरान ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अमेरिका ने देश के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। बता दें कि रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका द्वारा उसके तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करने के बाद ईरान ने युद्धोन्मादी अमेरिकी शासन को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस दलदल में न फंसे। राजदूत ने बैठक में कहा, हम सभी आवश्यक उपाय करेंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय करेगी। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को घेरते हुए इरावानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को तुरंत ऐसे अन्याय और कानूनों के उल्लंघन के मामले में कदम उठाना चाहिए। ऐसा नहीं होता है तो यूएन खुद अपनी हैसियत खो देगा।  इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत इरावानी यहीं नहीं रुके, उन्होंने ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पश्चिम का घटिया काम करने और अमेरिकी विदेश नीति को हाईजैक करने में सफल होने का आरोप लगाया, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है। हमले के बाद उनका गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता को अंतर्राष्ट्रीय कानून का स्पष्ट और घोर उल्लंघन करार दिया। इरावानी ने कहा कि इस सप्ताह ईरान के विदेश मंत्री ने कई यूरोपीय समकक्षों के साथ बातचीत की, संयुक्त राज्य अमेरिका ने उस कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया। हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि इस स्थिति से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? पश्चिमी देशों के दृष्टिकोण से, ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लौटना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर बिना सोचे समझे अपनी सुरक्षा को सिर्फ इसलिए दांव पर लगाया है कि नेतन्याहू को बचाया जा सके, लेकिन ईरान को अपनी आत्मरक्षा का वैधानिक अधिकार है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran: Military Will Decide Response to US Actions #iran #usairstrikes #middleeastcrisis #iranmilitary #geopolitics #breakingnews #worldnews #irannews #tensionsrise

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Iran vs Israel war 2025

‘हैदर के नाम पर ईरान ने किया इजरायल के खिलाफ जंग का ऐलान’…, खामेनेई ने कहा यहूदी शासन पर दया नहीं दिखाएंगे 

ईरान ने इजरायल के बीच छह दिनों से चल रहा भीषण संघर्ष अब घोषित युद्ध (Israel–Iran War) में बदल चुका है। युद्ध का ऐलान ईरान ने किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘महान हैदर के नाम पर, जंग शुरू हो गयी है।’ इसके कुछ देर बाद एक दूसरे पोस्ट में खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने लिखा- “ ईरान कभी भी इजरायल से समझौता नहीं करेगा। आतंकवादी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है। हम उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।” ईरान के इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच चल रहे इस संघर्ष को अब युद्ध (Israel–Iran War) कहा जाएगा। बता दें कि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को चेतावनी देते हुए बिना किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा था। ट्रंप ने कहा कि, हमें पता है कि “सुप्रीम लीडर’ कहां पर छिपा है, हम उसे मारने वाले नहीं हैं, अभी तो कम से कम नहीं मारेंगे। लेकिन हम सभी का धैर्य अब जवाब दे रहा है।” राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए। छठे दिन और भीषण हुई जंग  इजरायल और ईरान के बीच चल रहा भीषण संघर्ष छठे दिन में पहुंच गया है, साथ ही यह अब युद्ध में बदल गया है। ईरान ने युद्ध का ऐलान करने के साथ इजरायल पर मिसाइल हमले भी तेज कर दिए हैं। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इनमें फत्ताह मिसाइलें भी शामिल हैं। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से चलती है। इस मिसाइल को रोकना किसी भी ऐयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल है। ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल के तेल अवीव में कई जगह धमाके की आवाज सुनी गई। कई जगहों पर आग लगने और लोगों के घायल होने की भी खबर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि इजरायली सेना ने उसके खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन फैसेलिटी को निशाना बनाया है। यहां पर इरान भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल बनाता है।  अमेरिका भी जंग में हो सकता है शामिल ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस जंग में अमेरिका भी शामिल हो सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में इजराइल को सहयोग देने पर विचार कर रहे हैं। रॉयटर्स ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि ईरान का भूमिगत फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा इजरायल के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है। इजरायल (Ayatollah Ali Khamenei) यहां पर हवाई हमला कर चुका है, लेकिन यह परमाणु ठिकाना एक पहाड़ के नीचे 300 फीट की गहराई में मौजूद है, जिसकी वजह से इजरायली हमले से इसे कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इसलिए इजरायल अब अमेरिका से मदद मांगी है, जिस पर अमेरिका विचार कर रहा है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक तेहरान छोड़ रहे लोग, ट्रैफिक से सड़कें हुई जाम इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान को जल्द से जल्द खाली करने की चेतावनी जारी होने के बाद लोग तेहरान छोड़ रहे हैं। लाखों लोगों के एक साथ सड़क पर आ जाने के कारण हर जगह ट्रैफिक जाम नजर आ रहा है। तेहरान को पश्चिम एशिया के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है। यहां पर एक करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं। इजरायल के बढ़ते हवाई हमलों के कारण हर कोई इस शहर को छोड़ कर भाग रहा है। कहा जा रहा है कि इजरायल जल्द ही अमेरिका के साथ मिलकर इस शहर पर भीषण हमला कर सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ayatollah Ali Khamenei #Iran #Israel #Haider #Khamenei #MiddleEast #ZionistRegime #IranIsraelConflict

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Trump warns Iran

Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को खुली धमकी, कहा- तेहरान नहीं बना सकता परमाणु बम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर खुली धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा स्पष्ट रूप से कह दिया है कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है। अमेरिका ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा। अमेरिका ने ऐसे संकेत भी दिए हैं कि पश्चिम एशिया जंग की चपेट में आ सकता है। हैरत यह कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया से अपने कर्मचारियों को बाहर निकालने की कवायद भी शुरू कर (Trump Warns Iran) दी है। यही नहीं, हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस बात की ओर इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ कोई खतरनाक कदम उठा सकता है। अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला भी कर सकता है। खैर, इन सब के बीच ट्रंप ईरान को धमकी भरे लहजे में कहा कि मैंने जो कहा है वो सिर्फ बयान नहीं है बल्कि ईरान के लिए सीधी चेतावनी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। इस दरम्यान ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा था, मैंने उनसे कहा कि अभी ऐसा करना अनुचित होगा क्योंकि हम समाधान के बहुत करीब हैं। सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है इस बीच तेजी से बदलते हालात को देख अमेरिका के विदेश विभाग और सेना ने कहा है, पश्चिम एशिया में हालात को देखते हुए अमेरिका इस क्षेत्र में अपने दूतावासों में उन कर्मचारियों की संख्या कम कर रहा है जिनकी वहां जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण सेना से जुड़े परिवारों को भी पश्चिम एशिया छोड़ने को कहा गया (Trump Warns Iran) है। विदेश विभाग ने इस क्षेत्र को लेकर लेवल 4 कैटेगरी की चेतावनी भी जारी की है और अपने लोगों से इन इलाकों की यात्रा ना करने को कहा है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय कमान पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पर पैनी नजर रख रही है। बुधवार शाम को वाशिंगटन के कैनेडी सेंटर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें वहां से हटाया जा रहा है क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है। हमने वहां से हटने के लिए नोटिस दे दिया है और हम देखेंगे कि क्या होता है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील  अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा गौरतलब है कि, अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर ईरान पर लगातार दबाव बनाते रहे हैं। अमेरिका ने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो उस पर हमला (Trump Warns Iran) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा। हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को लेकर कहा था कि आप कौन होते हैं तेहरान को यह बताने वाले कि हमें परमाणु कार्यक्रम रखना चाहिए या नहीं। अमेरिका का परमाणु प्रस्ताव हमारी शक्ति के सिद्धांत के 100 फीसदी खिलाफ है। खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को कमजोर नहीं कर पाएगा। खैर, यह सब चल ही रहा था कि इस बीच ईरान ने आग में घी डालने का काम करते हुए बड़ा बयान दिया है। ईरान ने हाल ही में दावा किया था उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में पूरी जानकारी मिल गई है। बता दें कि ईरान ने  यह भी कहा था कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। ईरान ने सीधे धमकी देते हुए कहा था कि अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran #trump #iran #donaldtrump #nuclearbomb #iranthreat #usnews #worldnews #breakingnews #internationalnews #globaltensions

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