Toxic liquor in Amritsar claims 14 lives

Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar: अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल

अमृतसर में जहरीली शराब के चलते ह्रदय विदारक घटना सामने आई है। अमृतसर स्थित मजीठा ब्लॉक के 5 गांवों में जहीरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) गई है। ये लोग भंगली, पातालपुरी, मरारी कलां, थेरेवाल और तलवंडी घुमन गांव के बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 6 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम को इन 5 गांवो से लोगों की संदिग्ध हालातों में मौत की खबरें आने के बाद इस घटना का खुलासा हुआ। खैर, पुलिस ने अब इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।  पुलिस ने बताया कि मेन स्पलायर परबजीत सिंह को पकड़ लिया गया है और शराब के स्त्रोत की जांच की जा रही है। बता दें कि इस हादसे के बाद अब सूबे में पूरे नकली शराब नेटवर्क की जांच की जा रही है। यही नहीं, सरकार ने शराब माफियाओं के खिलाफ सख्ती से जांच करने के आदेश दिए हैं। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की भी कहना है कि “जहरीली शराब के सेवन से 14 लोगों की मौत हुई है।” तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) है- एसएसपी मनिंदर सिंह खैर, इस पूरे मामले पर एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि “हमें कल रात सूचना मिली कि नकली शराब पीने से यहां लोगों की मौत (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) हो रही है। हमने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में हमने मेन सप्लायर परबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। हम छानबीन कर रहे हैं कि कहां-कहां से शराब मंगाई गई है। हम पूरे तंत्र को खत्म कर देंगे। सरकार की ओर से हमें निर्देश हैं कि नकली शराब का सेवन कराने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। हमने 2 एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अब तक कुल 14 लोगों की मृत्यु हो गई है और 6 लोग अस्पताल में भर्ती हैं।”  प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोषियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 और एक्साइज एक्ट  61A  के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।  सरकार हर संभव मदद कर रही है, हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि मौतों का यह आंकड़ा न बढ़े- डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने कहा कि “मजीठा में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। हमें कल रात पता चला, हमें 5 गांवों से रिपोर्ट मिली कि कल शराब पीने वालों की हालत गंभीर है। हमने तुरंत अपनी मेडिकल टीमें भेजीं। अब तक 14 लोगों की मौत हो (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) चुकी है। सरकार हर संभव मदद कर रही है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि मौतों का यह आंकड़ा न बढ़े। इसके लिए हमारी मेडिकल टीमें अभी भी घर-घर जा रही हैं। लोगों में कुछ लक्षण हों या नहीं, हम उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं ताकि हम उन्हें बचा सकें। हमने सप्लायरों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच चल रही है।”  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा स्थनीय प्रशासन की मिलीभगत से ही चलता है नकली शराब का कारोबार  बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हुई (Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar) हो। इससे पहले भी पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश तथा गुजरात साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से इस तरह के मामले आ आ चुके हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि स्थनीय प्रशासन की मिलीभगत से ही यह कारोबार चलता है। जब भी इस तरह की कोई बड़ी घटना होती तब प्रशासन की नींद टूटती है और लोगों की आत्मसंतुष्टि के लिए कुछ लोगों पर कार्रवाई कर देती है। कुछ दिन बाद सब पहले की तरह नार्मल हो जाता है। ऐसे में कोई और किसी की जान न जा सके इसलिए प्रशासन को जहरीली शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Toxic liquor claims 14 lives in Amritsar #ToxicLiquor #AmritsarTragedy #HoochDeaths #IllegalAlcohol #PunjabNews #AlcoholPoisoning #HoochTragedy #AmritsarNews #BreakingNews #LiquorDeaths

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Congress slams Modi

Congress Hits Back After PM Modi’s Speech: प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद हमलावर हुई कांग्रेस, कही ऐसी बात कि बीजेपी आई बैकफुट पर

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद की कमर तोड़ दी। पाकिस्तान को इस कदर पस्त कर दिया कि 3 दिन के वॉर में ही घुटनों पर आ गया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहल कर दोनों देशों के बीच सीज फायर करवा कर शांति बहाल करने का क्रेडिट लिया। ध्यान देने वाली बात यह कि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस अब तक भारत सरकार को समर्थन करते आई है। सभी विपक्षी पार्टियां एक सुर में सरकार के हर फैसले को अपना पूरा समर्थन देने की बात करती रही। लेकिन, सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद एक बार पुनः इस मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर कई ज्वलंत सवाल उठाए हैं। गौरतलब हो कि पीएम मोदी ने अपने पूरी भाषण में एक भी बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर एक शब्द नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा। इसी से खफा होकर विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई है। कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी से एक बार फिर सर्वदलीय बैठक करने की मांग करते हुए भारत सरकार से पूछा कि “क्या भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार कर ली है?” प्रधानमंत्री ने उन पर एक शब्द भी नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा-जयराम रमेश जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया एक्स पर जयराम रमेश ने पोस्ट कर लिखा कि “प्रधानमंत्री का लंबे समय से टलता आ रहा राष्ट्र के नाम संबोधन राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ मिनट पहले किए गए खुलासों से पूरी तरह दब गया। प्रधानमंत्री ने उन पर एक शब्द भी नहीं (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) कहा। क्या भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार कर ली है? क्या भारत पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिए किसी तटस्थ स्थल पर सहमत हो गया है? क्या अब भारत अमेरिका की इन मांगों को मान लेगा कि वह ऑटोमोबाइल, कृषि और अन्य क्षेत्रों में अपने बाज़ार खोल दे?” यही नहीं, उन्होंने आगे लिखा कि “प्रधानमंत्री को तत्काल सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करनी चाहिए। कुछ तो ऐसा है जो उन्होंने पिछले बीस दिनों में सधे ढंग से टाल रखा है। आने वाले महीने सतर्क कूटनीति और सामूहिक संकल्प की मांग करेंगे। सिर्फ़ एक-दो लाइनें बोलना इस वक्त की जरूरतों का विकल्प नहीं हो सकते। हम अपनी सशस्त्र सेनाओं को बिना किसी शर्त के सलाम करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने देश का मान बढ़ाया है। हम हर समय 100% उनके साथ हैं। लेकिन प्रधानमंत्री को अब भी कई सवालों के जवाब देने बाकी हैं।” इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी राष्ट्रपति पर भड़के शशि थरूर, कहा, “अपराधी और पीड़ित को एक जैसा दिखाने की कोशिश” मैंने उन्हें कहा कि इसे बंद करो, अगर नहीं बंद किया तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे- अमेरिकी राष्ट्रपति  गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री मोदी के (Congress Hits Back After PM Modi’s Speech) संबोधन से कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि “मैंने उन्हें कहा कि इसे बंद करो, अगर नहीं बंद किया तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे। इसके बाद अचानक दोनों ने कहा कि वे रुक रहे हैं।” कहने की जरूरत इस बयान से यह समझा जा सकता है कि अमेरिका ने दोनों देशों पर व्यापारिक दबाव डालकर सीमा पर गोलीबारी बंद करवाने की कोशिश की है। Latest News in HindiToday Hindi news Congress Hits Back After PM Modi’s Speech #pmmodispeech #congressvsbjp #indianpolitics #modinews #congresscomeback #politicalnews #breakingnewsindia #bjpvscongress #viralpolitics #modiinnews #trendingindia #instapolitics

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Shashi Tharoor Gaza statement

Shashi Tharoor Slams US President : अमेरिकी राष्ट्रपति पर भड़के शशि थरूर, कहा, “अपराधी और पीड़ित को एक जैसा दिखाने की कोशिश”

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थिति बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर चलाकर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों समेत उनके तमाम एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था। कुछ घंटों की कार्रवाई में ही पाकिस्तान को लग गया था कि भारत आर-पार के मूड में है। भारत का रूद्र रूप देख पाकिस्तान ने दुनिया भर के देशों से हस्तक्षेप करशांति बहाल कराने की कोशिश की थी। पाकिस्तना की विवशता देख अमेरिका ने पहल कर दोनों देशों को सीज फायर के लिए राजी करवाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर सीज फायर कराने का श्रेय लेते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की बात कही। ट्रंप के इस दावे से दुनिया चकित रह गई थी। 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर घमासान मचा हुआ है। दरअसल, भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हो तो गया, लेकिन इस बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से भारत-पाकिस्तान सीजफायर में अपनी भूमिका के दावे पर कड़ी आपत्ति (Shashi Tharoor Slams US President) जताई है। उन्होंने चार बिंदुओं पर अमेरिकी राष्ट्रपति की जमकर आलोचना की। बता दें कि इनमें, पीड़ित और अपराधी के बीच गलत समानता स्थापित करना, कश्मीर मुद्दे के अंतर्राष्ट्रीयकरण का प्रयास, और भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप इत्यादि शामिल है।  अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण दशियाई देशों के मामले में गैर जरूरी टिप्पणी (Shashi Tharoor Slams US President) कर रहे हैं Mr Trump’s post is disappointing for India in four important ways: First, it implies a false equivalence between the victim and the perpetrator, and seemingly overlooks the US’ own past unwavering stance against Pakistan’s well-documented links to cross-border terrorism. Second,… https://t.co/Za5cvwq82M — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) May 12, 2025 बता दें कि शशि थरूर ने सीजफायर को लेकर कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति की दक्षिण दशियाई देशों के मामले में गैर जरूरी टिप्पणी (Shashi Tharoor Slams US President) कर रहे हैं। वे अपने बयानों से भारत और पाकिस्तान को गलत तरीके से एक तराजू पर तौलने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही ट्रंप की सीजफायर पोस्ट को लेकर 4 प्वाइंट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है।” यही नहीं, थरूर ने ट्रम्प के बयान को न सिर्फ भारत के लिए निराशाजनक बताया बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के दक्षिण एशियाई देशों के मामलों में हस्तक्षेप करने पर चिंता व्यक्त भी की। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि “ट्रंप की पोस्ट भारत के लिए चार महत्वपूर्ण तरीकों से निराशाजनक है। सबसे पहले, यह पीड़ित और अपराधी के बीच एक गलत समानता का संकेत देता है, और ऐसा लगता है कि यह पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद से जुड़े संबंधों के खिलाफ अमेरिका के अपने पिछले अडिग रुख को नजरअंदाज करता है। दूसरा ये कि भारत कभी भी अपने सिर पर आतंकवादी बंदूक तानकर बातचीत नहीं करेगा।” यही नहीं, शशि थरूर ने जोर देते हुए कहा कि “कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करना गलत है, आतंकवादी भी यही चाहते हैं। ये भारत का आंतरिक मामला है। इस पर किसी को दखल नहीं देना चाहिए। भारत ने कभी भी पाकिस्तान के साथ अपनी समस्याओं पर किसी विदेशी देश से मध्यस्थता का अनुरोध नहीं किया है। और न ही ऐसा करने की संभावना है।  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील राजनीतिक दल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से हुए सीजफायर के ऐलान पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे (Shashi Tharoor Slams US President) हैं गौरतलब हो कि ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे को लेकर सुलझाने की बात कही थी। फिर क्या था, इसके बाद विवाद बढ़ गया। तमाम राजनीतिक दल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से हुए सीजफायर के ऐलान पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे (Shashi Tharoor Slams US President) हैं। विरोधी पार्टियां  शिवसेना और कांग्रेस ने इसको लेकर सरकार से संसद सत्र की मांग करते हुए स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि “अगर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष नहीं रुका होता तो अमेरिका व्यापार रोक देता, लेकिन इस दावे का भारत की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला। ऐसे में बड़ा और अहम सवाल उठता है कि क्या यह बयान अपनी छवि को सशक्त बनाने के लिए दिया था या फिर यूँ ही क्रेडिट लेने के लिए हवाबाजी की थी? खैर ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि ट्रंप कहाँ तक सही थे?  Latest News in HindiToday Hindi news  Shashi Tharoor Slams US President #ShashiTharoor #USPresident #TharoorStatement #IndiaUSRelations #GazaConflict #MiddleEastCrisis #IsraelHamasWar #TharoorSpeech #GlobalPolitics #DiplomaticRow

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Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan

Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan : अफगानिस्तान में तालिबान का तुग़लकी फरमान, शरीयत का हवाला देकर बैन किया यह खेल

जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आया है तब से वो अपने अजीबों-गरीब फरमान को लेकर सुर्ख़ियों में बना हुआ है। फरमान भी ऐसे आप सोचने पर भी मजबूर हो जाएँ। जाहिर सी बात है, तालिबान और फरमान न दे, ये असंभव (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। बता दें कि साल 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से तालिबान सरकार ने लगातार ऐसे कानून और नियमों में बदलाव किये हैं जो इस्लामी कानून के प्रति उसके कट्टर और चरमपंथी सोच को दर्शाते हैं। नए फरमान के मुताबिक अफगान की तालिबानी सरकार ने शतरंज यानी चेस के खेल पर अगली सूचना तक बैन लगा दिया है। दरअसल, तालिबान को डर है कि यह खेल जुए खेलने का जरिया बन गया है। इसलिए तालिबान ने शरिया कानून का हवाला देकर इस खेल को बैन कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि “शतरंज के खेल को तब तक अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया गया है। पहले इस बात की जांच की जाएगी कि इस्लामी कानून के साथ इसे खेलना सही है या नहीं, उसी के आधार पर इसे हमेशा के लिए बैन लगाया जाएगा या फिर बैन हटा लिया जाएगा।” धार्मिक कानून का हवाला देकर अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) दिया है न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार खेल निदेशालय के प्रवक्ता अटल मशवानी ने बताया कि “शरिया में चेस को जुए का साधन माना जाता है, जो पिछले साल घोषित कानून के अनुसार निषिद्ध है। यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “चेस के खेल के संबंध में धार्मिक विचार हैं, जब तक इन विचारों पर ध्यान नहीं दिया जाता, अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। और तो और अफगानिस्तान के राष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने लगभग दो वर्षों से कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा महिलाओं को किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है ध्यान देने योग्य बात यह कि अफगानिस्तान में यह पहला ऐसा खेल नहीं है जिसपर तालिबान ने बैन लगाया है। सबसे खराब हालत तो वहां की महिलाओं की है। उन्हें किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। कट्टरता ऐसी कि तालिबान ने उनके हर खेल पर बैन लगा रखा है। यही नहीं पिछले वर्ष, तालिबान ने पेशेवर प्रतियोगिता में मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) जैसी फ्री स्टाइल फाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे का तर्क देते हुए तालिबान कहा था कि “यह बहुत ही हिंसक है।” बेशक तालिबान के इस कदम ने धर्म के प्रति उसकी कट्टर सोच को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan #TalibanBan #AfghanistanNews #ShariaLaw #TalibanRule #HumanRights #BanOnSports #GlobalCondemnation #IslamicExtremism #FreedomToPlay #AfghanYouth

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India-Pakistan Ceasefire

‘हमारी कस्टडी में भारत का पायलट नहीं…’, पाकिस्तानी सेना ने कहा यह सब मीडिया और सोशल मीडिया का झूठा प्रोपेगेंडा

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) हो चुका है। भारतीय सेना (Indian Army)और वायु सेना के जबरदस्त प्रहार के बाद पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) का प्रस्ताव रखा था, जिसे भारत ने मान लिया। अब दोनों देश डीजीएमओ स्तर पर इस सीजफायर पर बात करेंगे। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने युद्ध में मुंह की खाने के बाद भले ही भारत के सामने हाथ जोड़ लिया हो, लेकिन वहां की मीडिया अभी भी अपनी सेना की वीरता का झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने से नहीं रूक रहा। इनमें से ही एक प्रोपेगेंडा है कि पाकिस्तान ने भारत के कई फाइटर प्लेन मार गिराए हैं और भारतीय पायलट पाकिस्तान के कब्जे में है।  इसे भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान करेगा दुस्साहस तो मिल जाएगा खाक में, जानें कैसी है भारत की तैयारी हालांकि अब पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) ने ही इस झूठे प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए पाक सेना के मीडिया विंग के डायरेक्टर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे में भारत का कोई पायलट नहीं है। यह खबर सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रहा प्रोपेगेंडा है। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं बता सकते हैं।  भारत ने किया खंडन तो पाकिस्तान को मजबूरन बोलना पड़ा सच  पाकिस्तानी सेना बीती रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थी। इस दौरान एक महिला पत्रकार ने जनरल अहमद चौधरी से पूछा कि क्या भारत का कोई पायलट पाकिस्तानी सेना के कब्जे में है और अगर हां तो हम उसे क्या भारत को वापस लौटाएंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए जनरल चौधरी ने कहा कि मैं आप सभी लोगों को यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि भारत का कोई भी पायलट हमारे पास नहीं है। यह सब महज अफवाह है, जो मीडिया और सोशल मीडिया पर कुछ लोग फैला रहे हैं। इसे सिर्फ फेक न्यूज और झूठा प्रोपेगेंडा कहा जा सकता है। पिछले कुछ दिनों से इस तरह का प्रोपेगेंडा देखने को मिल रहा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान की मीडिया इस प्रोपेगेंडा को खूब फैला रही थी और पाकिस्तान की सेना भी क्रेडिट लेने के लिए इस खबर का खंडन नहीं कर रही थी। लेकिन बीती शाम भारतीय सेना ने प्रेस ब्रीफिंग के समय बताया कि उनके सभी पायलट सुरक्षित घर वापस लौट आए हैं, तो मजबूरन पाकिस्तानी सेना को सच बोलना पड़ गया। हालांकि अभी भी पाकिस्तानी मीडिया अपनी सेना के शर्मनाक हार को छुपाने के लिए कई झूठ फैलाने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India-Pakistan Ceasefire #IndiaPakistanTensions #BLAStatement #FakePakClaims #IndianPilotNews #BLAWithIndia #GeoPolitics #IndiaStandsStrong #PakistanPropaganda #SouthAsiaCrisis #DefenseNews

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Pakistani Army

पाकिस्तान का हाथ लाखों मासूमों के खून से रंगे, युद्धविराम और शांति महज धोखा, BLA ने भारत के समर्थन में कर दिया बड़ा ऐलान

पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को उनके ही घर में मार रही बलूचिस्तान की बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर बड़ा बयान जारी किया है। बीएलए (BLA) ने कहा है कि वह किसी देश का न तो मोहरा है और ना ही इस पूरे संघर्ष का मूक दर्शक। बीएलए (BLA) ने  भारत को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि पाकिस्तान जिस शांति और युद्धविराम का वादा कर रहा हा, वह महज एक धोखा है। पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर विश्वास करने का समय अब जा चुका है। भारत अगर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो वह पूर्वी और पश्चिमी मोर्चे से लड़ाई को जारी रखते हुए निर्णायक कार्रवाई करेगा। बीएलए (BLA) ने यहां तक दावा किया है कि पाकिस्तान को पूरी तरह से खत्म किए बिना इस इलाके में स्थायी शांति नहीं आ सकती।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा बीएलए (BLA) ने सोशल मीडिया पर अपना यह लिखित बयान जारी करते हुए कहा, “बलूच लिबरेशन आर्मी इस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर अपनी स्पष्ट स्थिति प्रस्तुत करती है। हम पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए उस विचार का दृढ़ता से खंडन करते हैं कि बलूच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी देश, राज्य या शक्ति का प्रतिनिधि करता है। हम न तो किसे के मोहरे हैं और न ही मूक दर्शक। इस क्षेत्र के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में बलूच लिबरेशन आर्मी का उचित स्थान है और हम अपनी हर तरह की भूमिका को समझते हैं।” पाकिस्तान का इतिहास धोखा देने और अतंकवाद फैलाने का   बीएलए (BLA) कहा, “पाकिस्तान अपनी असफल सैन्य कार्रवाई और विफल कूटनीति से निराश होकर अब शांति का झूठा नारा लगा धोखा देने की कोशिश कर रहा है। हम भारत को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि, पाकिस्तान की युद्ध विराम, शांति और भाईचारे की बात सिर्फ एक धोखा है। यह उसके युद्ध की एक ऐसी रणनीति है, जो धोखे पर खत्म होती है। पाकिस्तान का इतिहास ही वादा तोड़ पीठ में छुरा घोंपने और आतंकवाद को फैलाने का रहा है। पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसका हाथ लाखों मासूम लोगों के खून से रंगे हैं और इसका हर वादा खून से लथपथ है।” बीएलए ने आगे कहा कि “हम भारत समेत इस क्षेत्र के सभी देशों से कहना चाहते हैं कि पाकिस्तान के वादों पर विश्वास करने समय जा चुका है। दुनिया इस आतंकवादी देश के खिलाफ ठोस निर्णायक कार्रवाई करे। क्योंकि यह देश वैश्विक आतंकवादियों का प्रजनन स्थल है। यहां पर जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed), लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) और आईएसआईएस (ISIS) जैसे आतंकवादी समूह फलते-फूलते हैं। इस सबके पीछे पाकिस्तान की जासूसी संस्था आईएसआई (ISI) का हाथ है। यह देश अब अपने ही लोगों को दुनिया के लिए ज्वालामुखी बन रहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistani Army #BLASupportsIndia #PakistanExposed #WarCrimes #CeasefireBetrayal #IndiaStrong #Balochistan #TerrorStatePakistan #PeaceIsAFraud #IndiaPakistanTensions #BLARevolt

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Strongest village in India: कैसे एक आदमी ने बदली किस्मत, हर घर में रहते हैं पहलवान और बाउंसर्स, यहां है भारत का सबसे मज़बूत गांव

बाउंसरों को देखते ही हमारे मन में एक ही ख्याल आता है कि काश! हमारी बॉडी ऐसी होती। बाउंसर का काम होता है वीआईपी अथवा रईस लोगों को सुरक्षा प्रदान करना। दखने और सुनने में यह काम जितना आसान लगता है, दरअसल उतना है नहीं। क्योंकि आज के इस प्रदूषित वातावरण में खुद को फिट एंड फाइन रखना आसान नहीं होता। खैर, क्या आप जानते हैं कि दिल्ली के नाईट क्लबों में सबसे अधिक बाउंसर कहाँ से आते हैं? शायद आप जानते हो? यदि आप नहीं जानते हैं, तो आपको बता दें कि दिल्ली की भागम-भाग भरी जिंदगी से कुछ दूरी पर स्थित असोला और फतेहपुर बेरी नामक एक जुड़वां गांव हैं, जहां के लोग आज भी अपनी पुश्तैनी परंपरा को बनाये रखें हैं। इस गाँव में एक शख्स ऐसा भी है जिसने पूरे गाँव के युवाओं को कमाई का एक ऐसा जरिया बता दिया है जिसके चलते सभी लोग अपने आपको फिट (Strongest village in India) रखने में जुट गए हैं।  शारीरिक शक्ति को आजीविका में बदलकर की जा सकती (Strongest village in India) है अच्छी कमाई दरअसल, गाँव के एक स्थनीय पहलवान ने पूरे गाँव की किस्मत संवार दी। बता दें कि विजय तंवर भारत की ओलंपिक कुश्ती टीम में जगह बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने जी तोड़ मेहनत भी लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। कद काठी बेजोड़ थी ही, सो इस असफलता से निराश होने के बजाय उन्होंने बतौर बाउंसर काम करना शुरू कर दिया। उनकी देखा देखी गाँव अन्य लोग भी उनसे प्रेरित होकर अपने शरीर को संवारने में जुट गए। उनका मकसद एकदम क्लियर था। शारीरिक शक्ति को आजीविका में बदलकर अच्छी कमाई की जा सकती (Strongest village in India) है। इस हेतु गांवों के युवा स्थानीय अखाड़ों में कठोर ट्रेनिंग सेशन्स में शामिल होने लगे। जूनून ऐसा कि वे हर दिन सैकड़ों सिट-अप, पुश-अप और कुश्ती अभ्यास करने लगे। देखते-ही-देखते लोग अनुशासित जीवन जीने लगे। यही उनकी अनुशासित जीवन शैली एक अनोखे पेशे में बदल गई। आलम यह है कि गाँव के अधिकतर युवा बाउंसर बन अपना जीवनयापन करने लगे हैं। इसके साथ ही वो युवाओं को भी इस हेतु प्रेरित करने लगे हैं। बता दें कि इस गाँव के कुछ लोग विदेश में सुरक्षा सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं तो कुछ अपने पारंपरिक पेशे कुश्ती में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं।  इस गाँव को भारत का सबसे मज़बूत गांव (Strongest village in India) के रूप में भी जाना जाता है कहने की जरूरत नहीं, प्रदूषण भरे इस माहौल में शारीरिक रूप से फिट रहना या फिर अपने आप को मेंटेन करना आसान नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि इस गाँव के लोग इतने फिट कैसे रह लेते हैं? उनकी फिटनेस का राज जानने पर पता चला कि गाँव का हर युवा शराब और तंबाकू से कोसो दूर रहता है। इसके अलावा प्रोटीन युक्त आहार लेता है और जमकर वर्जिश करता है। अपने शरीर को हृष्ट-पुष्ट बनाए रखने के लिए नियमित रूप से अनुशासन का पालन करता है। गांव का पहला जिम खोलने वाले अंकुर तंवर ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा कि “तंवर परिवार में योद्धा का एक तत्व है। हमने मुस्लिम आक्रमणकारियों से लड़ाई लड़ी। हमने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। पिछले 20 सालों में बहुत कुछ बदल गया है।” खैर, बढ़ते नाइटलाइफ़ दृश्य में बाउंसरों की मांग बढ़ती जा रही है। आपको जानकर हैरत होगी कि दिल्ली अधिकतर बाउंसर असोला-फतेहपुर गाँव के ही होते हैं। इस गाँव को बाउंसरों का गढ़ कहा जाता है। इसके अलावा इस गाँव को भारत का सबसे मज़बूत गांव (Strongest village in India) के रूप में भी जाना जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हम बार में काम करेंगे बता दें कि सीएनएन से हुई बातचीत में विजय तंवर ने बताया कि “मैं इस गांव का पहला बाउंसर (Strongest village in India) था। फिर सभी ने मेरी राह पर चलना शुरू कर दिया। अब 300 से ज़्यादा पहलवान नई दिल्ली के क्लबों और बार में बाउंसर के तौर पर काम करते हैं।” गौरवान्वित होते हुए उन्होंने आगे कहा कि “जैसा कि वे कहते हैं, स्वास्थ्य ही धन है। हम स्वस्थ हैं, लेकिन हम अच्छा पैसा भी कमा रहे हैं। बच्चों को अच्छे स्कूलों में भेज पा रहे हैं, अच्छा खा पा रहे हैं। जीवन में और क्या ही चाहिए?” अपनी बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि “हमने कभी नहीं सोचा था कि हम बार में काम करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi Strongest village in India #StrongestVillage #IndianWrestlers #BouncerVillage #RuralPower #HaryanaHeroes #IndianStrength #VillageOfChampions #DesiPower #BodybuildingIndia #WrestlingCulture

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Yamuna Kalindi meaning

क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा

हिंदू धर्म में नदियों को केवल जल की धारा नहीं माना गया, बल्कि उन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्हीं में से एक हैं देवी यमुना (Devi Yamuna), जिन्हें विशेष रूप से यमराज की बहन और भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त के रूप में जाना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देवी यमुना को ‘कालिंदी’ क्यों कहा जाता है? यह नाम सिर्फ एक उपनाम नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी है एक अत्यंत रोचक और आध्यात्मिक कथा, जो भगवान श्रीकृष्ण से गहरा संबंध रखती है। ‘कालिंदी’ नाम का अर्थ और प्रतीक ‘कालिंदी’ नाम की उत्पत्ति ‘कलिंद’ पर्वत से मानी जाती है, क्योंकि यमुना नदी का उद्गम स्थल यही पर्वत है। अर्थात जो कलिंद पर्वत से निकलती है, उसे कालिंदी (Kalindi) कहा जाता है। हालांकि इस नाम के पीछे और भी कई पौराणिक मान्यताएं और कथाएं जुड़ी हुई हैं, जो देवी यमुना के महत्व को और भी गहराई से समझाती हैं। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कथा हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी यमुना को भगवान सूर्य की बेटी तथा यमराज की बहन के रूप में जाना जाता है। वे भगवान विष्णु की अनन्य भक्त थीं और उन्होंने कई जन्मों तक उन्हें अपने पति के रूप में पाने की तपस्या की। उनकी तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे द्वापर युग में जब कृष्ण के रूप में अवतरित होंगे, तब वे उन्हें प्राप्त करेंगी। ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब उनके पिता वासुदेव उन्हें मथुरा से गोकुल ले जा रहे थे और रास्ते में यमुना नदी पार करनी थी। उस समय यमुना ने अपने जल को शांत कर श्रीकृष्ण के चरणों का स्पर्श किया और उनका स्वागत किया। यही कारण है कि यमुना नदी को विशेष रूप से श्रीकृष्ण (Lord Krishna) की प्रिय मानी जाती है। ब्रजभूमि में बाल कृष्ण की अनेक लीलाएं यमुना के तट पर ही घटित हुईं। एक अन्य लोककथा के अनुसार, जब भगवान कृष्ण (Lord Krishna) अर्जुन के साथ यमुना तट पर आए, तो उन्होंने वहां एक तपस्या में लीन सुंदर कन्या को देखा। वह कन्या और कोई नहीं बल्कि देवी यमुना ही थीं, जो श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने की कामना से तप कर रही थीं। उनकी अटल भक्ति और प्रेम को देखकर श्रीकृष्ण ने उनसे विवाह किया। इसी कारण यमुना को ‘कालिंदी’ (Devi Yamuna) भी कहा जाता है — ‘काली कमली वाले’ श्रीकृष्ण से जुड़े होने के कारण। ‘कालिंदी’ नाम यमुना का एक विशेष नाम है, जो उनके कृष्ण से दिव्य संबंध को दर्शाता है। यह नाम न सिर्फ उनके रंग या प्रवाह की गहराई को दर्शाता है, बल्कि उस पवित्र प्रेम को भी दर्शाता है जो उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति रखा। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया तीर्थों और मंदिरों में विशेष पूजन भारत में अनेक ऐसे तीर्थस्थल हैं, जहां देवी यमुना (Devi Yamuna) को कालिंदी (Kalindi) रूप में पूजा जाता है। ब्रज भूमि, विशेषकर वृंदावन और मथुरा में यमुना आरती का विशेष महत्व है। माना जाता है कि श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं में यमुना नदी को साक्षी बनाया। कदंब वन, यमुना घाट और कालिंदी कुंज जैसे स्थानों पर आज भी भक्तजन श्रद्धा से पूजन करते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Devi Yamuna #Kalindi #YamunaRiver #LordKrishna #HinduMythology #DivineStory #KrishnaMarriage #KalindiMyth #KrishnaLeela #KalindiYamuna #SpiritualIndia

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Indian government on terrorism

India Declares Terrorism as War Against the Nation : आतंकवाद के खिलाफ भारत का बड़ा फैसला, किसी भी आतंकवादी गतिविधि को भारत के खिलाफ माना जाएगा जंग

22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने उनसे धर्म और नाम पूछकर गोली मारी थी। हमले के बाद समूचे भारत में खासा रोष देखा गया था। पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि “हम इसके दोषियों को कल्पना से परे सजा देंगे।” इस हमले के 15वें दिन भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के 9 ठिकानों पर हमला कर आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूत कर दिया। इस हमले में पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ। उसके कई खूंखार आतंकी मारे गए। भारत की इस कार्रवाई से तिलमिलाए पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत पर हमले की कोशिश (India Declares Terrorism as War Against the Nation) की। लेकिन भारत के एयर डिफेन्स सिस्टम ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने भारत पर ताबड़तोड़ हमला किया है। इस बीच भारतीय सेना ने कहा कि “पाकिस्तान लगातार हम पर हमला कर रहा है। भारत की ओर से पश्चिमी सीमा पर ड्रोन, लंबी दूरी के हथियारों और लड़ाकू विमानों के जरिए पाकिस्तान की उकसावे वाली कार्रवाई को नाकाम कर दिया गया है।” भारतीय सेना ने यह भी बताया कि “पाकिस्तान अपने सैनिकों को सीमावर्ती इलाकों में तैनात कर रहा है जो स्थिति को और तनावपूर्ण करने के उसके आक्रामक इरादे का संकेत देते हैं।” आतंकवादी कार्रवाई को भारत के विरुद्ध युद्ध कार्रवाई माना (India Declares Terrorism as War Against the Nation) जाएगा बता दें कि पिछले 3 दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान एक के बाद एक भारत पर हमला कर रहा है। इस बीच भारत सरकार का कहना है कि “उसकी ओर से जो कार्रवाई की जा रही है वो पाकिस्तान के हमले के बदले में की जा रही है। इस पूरे मामले पर विदेश मंत्रालय का कहना है कि “पाकिस्तान ने देश के 26 जगहों पर हमला करने की कोशिश की। खैर, भारत पिछले 4 दशकों से लगातार पड़ोसी मुल्क की तरफ से हो रही आतंकवादी घटनाओं से परेशान रहा है। अब भारत ने इसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने का फैसला लिया है। फैसले के मुताबिक भविष्य में किसी भी आतंकवादी कार्रवाई को भारत के विरुद्ध युद्ध कार्रवाई माना (India Declares Terrorism as War Against the Nation) जाएगा। और जवाब भी उसी तरह से दिया जाएगा। भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत ने यह तय कर लिया है कि अब आतंकवाद के खिलाफ किसी तरह की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में किसी भी आतंकवादी गतिविधि को भारत के खिलाफ जंग माना जाएगा। और इस तरह की गतिविधि का जवाब भी उसी अंदाज में दिया जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं (India Declares Terrorism as War Against the Nation) करेगा गौरतलब हो कि इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुके हैं कि “भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं (India Declares Terrorism as War Against the Nation) करेगा। अगर कोई देश या संगठन हमारे नागरिकों पर आतंकी हमला करेगा, तो हम इसे युद्ध की तरह लेंगे और उसका जवाब सैन्य कार्रवाई के जरिए देंगे। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि “भारत की सेना और खुफिया एजेंसियां ऐसी किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए तैयार है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Declares Terrorism as War Against the Nation #IndiaAgainstTerrorism #WarOnTerror #NationalSecurity #AntiTerrorLaw #ModiGovernment #IndiaNews #TerrorismAlert #SecurityUpdate #BreakingNews #IndianPolitics

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India Pakistan tensions

Will Pakistan Use Nuclear: क्या भारत के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा पाकिस्तान?

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पहलगाम हमले का बदला लेना शुरू कर दिया है। भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान इस कदर बौखलाया है कि अब वो परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की धमकी देने लगा है। जानकारी के मुताबिक भारत-पाकिस्तान की बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर एक इंटरव्यू में जवाब दिया। शनिवार को रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत-पाकिस्तान ने कहा कि “परमाणु हथियार का विकल्प अभी उनके समक्ष नहीं है। आसिफ ने जियो न्यूज से कहा कि फिलहाल परमाणु विकल्प पर विचार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, अगर ऐसी स्थिति आती है तो निरीक्षकों पर भी इसका असर पड़ेगा। अपनी बात रखते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि “मैं दुनिया को बता रहा हूं कि यह केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। यह बहुत व्यापक तौर पर हो सकता है। यह विनाश है।” गीदड़भभकी देते हुए उन्होंने कहा कि “भारत की ओर से पैदा की जा रही स्थिति को देखते हुए हमारे विकल्प कम होते जा रहे हैं।” बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने कहा कि “हमले की स्थिति भारत की ओर से पैदा की जा रही है। ऐसे में हमारे पास विकल्प कम (Will Pakistan Use Nuclear) होते जा रहे हैं। उन्होंने परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।”  एनसीए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों (Will Pakistan Use Nuclear) के बारे में परिचालन संबंधी फैसले लेने के लिए जिम्मेदार है View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण (एनसीए) की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। एनसीए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों (Will Pakistan Use Nuclear) के बारे में परिचालन संबंधी फैसले लेने के लिए जिम्मेदार है।” इस बीच जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि “उन्होंने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मैक्रो रूबियो से कहा कि अगर भारत सैन्य कार्रवाई बंद कर दे तो पाकिस्तान शांति पर विचार करेगा। डार ने यह भी कहा कि “रूबियो के साथ बातचीत में कहा कि गेंद भारत के पाले में है।” उन्होंने आगे कहा कि “युद्ध हमारी प्राथमिकता नहीं है और हम वास्तव में शांति चाहते हैं, लेकिन किसी देश के आधिपत्य के बिना ऐसा करना चाहते हैं।” अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “शनिवार की सुबह रूबियो और सऊदी विदेश मंत्री सहित विश्व नेताओं के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक,रही और उन्हें उम्मीद है कि भारत के साथ बातचीत शुरू हो सकती है।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा दुश्मन मुल्क से सतर्क रहने के अलावा भारत के पास कोई विकल्प (Will Pakistan Use Nuclear) नहीं है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पाकिस्तान की करनी और कथनी में जमीन-आसमान का फर्क है। उसकी नीयत पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसे में दुश्मन मुल्क से सतर्क रहने के अलावा भारत के पास कोई विकल्प (Will Pakistan Use Nuclear) नहीं है। वैसे भारत एक जिम्मेदार मुल्क है। परमाणु हमले की पहल नहीं करेगा लेकिन यदि पाकिस्तान ने इस तरह कोई नापाक हिमाकत की तो भारत छोड़ेगा भी नहीं। फ़िलहाल दोनों देशों के बीच इस तरह की कोई गुंजाईश नहीं है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Will Pakistan Use Nuclear #PakistanNuclearThreat #IndiaPakistanConflict #NuclearWarRisk #SouthAsiaCrisis #PakistanArmy #IndiaDefense #NuclearWeapons #WarAlert2025 #GeopoliticalTension #IndoPakWar

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