SC on jurisdiction allegations

SC on jurisdiction allegations: हम पर लग रहे कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण के आरोप- सुप्रीम कोर्ट 

पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ एक्ट के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान वहां पर हिंसा भड़क उठी जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और सुप्रीम कोर्ट पर हो रही बयानबाजी के बीच पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस याचिका पर सुनवाई की मांग वकील विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट से की थी। अधिवक्ता विष्णु ने कहा कि “बंगाल में पैरा मिलिट्री फोर्स की तत्काल तैनाती की आवश्यकता है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भूषण रामाकृष्ण गवई ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति को परमादेश जारी करें? वैसे भी हम पर कार्यपालिका में अतिक्रमण करने के आरोप लग (SC on jurisdiction allegations) रहे हैं।”  इसपर विष्णु जैन ने कहा कि “याचिका में एक आवेदन दाखिल करने की मंजूरी दें।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “ठीक है।” दरअसल, वक्फ संशोधन कानून के विरोध में बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर दाखिल याचिकाओं पर उन्होंने यह टिप्पणी की है।   सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की गई है एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग  बता दें कि एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि “कल मामला सुनवाई के लिए लगा है। मैं कुछ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि “इलाके में शांति सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट केंद्र को फोर्स तैनात करने का आदेश दे। गौरतलब हो कि बंगाल में हिंसा से जुड़ी याचिका काफी समय से लंबित है औऱ यह याचिका पहले से ही लिस्टेड है। विष्णु शंकर जैन ने उसी याचिका में नया आवेदन दाखिल किया है और उसमें हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की गई है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने नए आवेदन की जानकारी कोर्ट को दी। अब कल वाली सुनवाई में वह नए आवेदन को भी कोर्ट में रखेंगे। बता दें कि दूसरी याचिका वकील शशांक शेखर झा की ओर से दायर की गई है। याचिका के जरिए मुर्शिदाबाद हिंसा की की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग की गई है। फिलहाल इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। दरअसल, मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर दाखिल 2 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें? गौरतलब हो कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बीते दिन कहा था कि “देश में जितने भी गृहयुद्ध हो रहे हैं, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई संजीव खन्ना जिम्मेदार हैं।” ध्यान देने वाली बात यह कि ऐसे में ये बयान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी चर्चा में रहा है। कोर्ट ने कहा कि “हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें?” मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद वहां कई घर ऐसे मिले जहां से परिवार पलायन कर चुके हैं और लूटपाट के बाद उनके घरों को जला दिया गया है। सिर्फ राज्यपाल ही नहीं महिला आयोग की टीम ने भी मुर्शिदाबाद का दौरा किया। जिसके बाद महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि “यहां लोग इतने दर्द में हैं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” Latest News in Hindi Today Hindi news SC on jurisdiction allegations #SupremeCourt #Jurisdiction #ExecutivePowers #Judiciary #SCIndia #IndianConstitution #SeparationOfPowers #CourtNews #LegalUpdate #SCVerdict

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Kalashtami

कलााष्टमी 2025: भगवान शिव की पूजा से पाएं जीवन में सुख और शांति

प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि को कालाष्टमी (Kalashtami) का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन खासकर भगवान शिव (Lord Shiv) और उनके रौद्र रूप की पूजा अर्चना के लिए समर्पित होता है। इस दिन विशेष रूप से रात्रि को उपवास और शिव पूजा (Shiv Puja) की जाती है, क्योंकि इसे भगवान शिव (Lord Shiv) के नाथ रूप से जोड़कर देखा जाता है।  कालाष्टमी पूजा का शुभ समय  वैदिक पंचांग के अनुसार 20 अप्रैल को शाम 7 बजे से वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत होगी, जो 21 अप्रैल को शाम 06:58 बजे समाप्त होगी। काल भैरव देव की पूजा विशेष रूप से रात के समय की जाती है, जिसे निशा काल कहा जाता है। इस वर्ष वैशाख माह की कालाष्टमी (Kalashtami) 20 अप्रैल को मनाई जाएगी, और निशा काल में पूजा का समय रात 11:58 बजे से 12:42 बजे तक रहेगा। कालाष्टमी (Kalashtami) का महत्व कालाष्टमी (Kalashtami) का पर्व विशेष रूप से भगवान शिव के रौद्र रूप की पूजा के लिए जाना जाता है। यह तिथि उन भक्तों के लिए बेहद शुभ मानी जाती है, जो अपने जीवन में हर तरह के दुखों और परेशानियों से मुक्ति चाहते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सारे नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं और वह भगवान शिव की विशेष कृपा का पात्र बनता है। साथ ही, इस दिन भगवान शिव के साथ ही उनके वाहन नंदी और उनके पार्थिव रूप, कालभैरव की भी पूजा की जाती है। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व कालाष्टमी पूजा विधि नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Kalashtami #Kalashtami2025 #LordShiva #Kalabhairav #ShivaWorship #HinduFestival #SpiritualPeace #PujaBenefits #KalashtamiPuja #Bhakti #IndianTradition

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How to Identify Fake ₹500 Note

How to identify fake 500 note: कहीं आपका 500 का नोट नकली तो नहीं? बाजार में आई बड़ी खेप, इस तरह करें पहचान

बाजार में फैले नकली नोटों को खत्म करने के लिए ही नोटबंदी की गई थी। नोटबंदी के बाद यह दावा किया गया था कि इससे आतंकवाद की कमर टूटेगी और काले धन पर लगाम लगेगी। खैर, काले धन पर कितनी लगाम लगी यह तो नहीं पता, लेकिन एक बार फिर नकली नोट ने मार्केट में दस्तक दे दी है। जानकारी के मुताबिक बाजार में 500 का ऐसा नोट आ गया है, जो हूबहू असली नोट की तरह दिखता है। इस पर चिंता जताते हुए  गृह मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सरकार ने कहा है कि “500 के यह नकली नोट काफी हद तक असली जैसे दिखते हैं और सामान्‍य तौर पर इसमें अंतर कर पाना (How to identify fake 500 note) कठिन है।” बता दें कि गृह मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि “बाजार में नए प्रकार के नकली 500 रुपये के नोट के चल रहे हैं। यह अलर्ट डीआरआई, एफआईयू, सीबीआई, एनआईए और सेबी जैसी प्रमुख वित्तीय और नियामक संस्थाओं के साथ साझा किया गया है। जारी अलर्ट में चेतावनी दी गई है कि नकली नोट गुणवत्ता और प्रिंट के मामले में असली नोटों से बहुत मिलते-जुलते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। इनका रंग और बनावट भी काफी हद तक असली नोटों से मेल खाता है। सरकार ने कुछ ऐसे पहचान चिन्‍ह बताए हैं, जिसकी मदद से नकली नोटों को आसानी से पहचाना जा सकेगा।  500 रुपये के नकली नोट में यह (How to identify fake 500 note) गलती ‘RESERVE BANK OF INDIA’ के वाक्‍य में है इस बीच गृह मंत्रालय ने बताया कि वैसे तो नकली नोट असली 500 रुपये के नोटों से काफी मिलते-जुलते हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह कि इसमें स्‍पेलिंग को लेकर एक बड़ी गलती हो गई है। इस एक गलती की वजह से इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। 500 रुपये के नकली नोट में यह (How to identify fake 500 note) गलती ‘RESERVE BANK OF INDIA’ के वाक्‍य में है। दरअसल, RESERVE में E की जगह गलती से A लिखा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी की माने तो इस छोटी सी गलती को कोई अनदेखा कर सकता है। कारण यही जो ये नकली नोट काफी खतरनाक माने जा रहे हैं। न सिर्फ खतरनाक हैं बल्कि बाजार में तेजी से वायरल भी हो रहे हैं। इसकी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने बैंकों और अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थानों को भी हाई अलर्ट जारी किया है। यही नहीं, नकली करेंसी को पहचानने के लिए तस्‍वीर भी जारी की है। बैंकों से कहा गया है कि “ऐसी नोट का पता चलते ही जांच एजेंसियों को सूचित करें।” इसे भी पढ़ें:– क्या सच में जानबूझकर मार्केट गिरा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? नकली नोट की पहचान करने और बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार लगातार कर (How to identify fake 500 note) रही है काम  ऐसा नहीं है कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। नकली नोट की पहचान करने और उसे बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार लगातार काम कर (How to identify fake 500 note) रही है। सरकार ने बताया कि नकली नोटों का पता लगाने के लिए सभी बैंक शाखाओं/चिन्हित बैक ऑफिसों और मुद्रा चेस्ट शाखाओं में मशीन लगाई गई है। एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बाजार में पहले ही बड़ी संख्‍या में नकली नोटों की खेप पहुंच चुकी है। लिहाजा अधिकारियों ने नागरिकों और संस्थानों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मुद्रा की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा है।   Latest News in Hindi Today Hindi news How to identify fake 500 note #Fake500Note #CurrencyAlert #500NoteCheck #RBIUpdate #CounterfeitNote #FakeCurrencyIndia #NoteVerification #IndianCurrency #MoneySafety #SecurityFeatures

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Ex-DGP killed by wife

Ex-DGP killed by wife: पत्नियों का आतंक, पूर्व डीजीपी ओमप्रकाश को इसलिए उनकी ही पत्नी ने उतारा मौत के घाट

न जाने कौन सा दौर चल रहा, जहाँ देखों वहां पतियों की मौत से जुड़ी खबरे दिन-ब-दिन सुर्ख़ियों में बनी हुई हैं। ताजा मामला है कर्नाटक का, पूर्व पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश का खून से लथपथ शव संदिग्ध परिस्थितियों में रविवार को उनके बेंगलुरु स्थित (Ex-DGP killed by wife) आवास पर मिला है। जानकारी के मुताबिक उनके शरीर पर चाकुओं के कई जख्म हैं। पुलिस के मुताबिक बिहार के चंपारण से ताल्लुक रखने वाले 68 वर्षीय आइपीएस अफसर का शव बेंगलुरु स्थित आवास पर मिला। फर्श पर हर तरफ खून फैला था और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। फ़िलहाल पुलिस ने पूछताछ के लिए पत्नी और बेटी को तत्काल हिरासत में ले लिया। एचएसआर लेआउट पुलिस स्टेशन में हत्या का केस दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए होसुर रोड स्थित सेंट जॉन्स अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि अभी ये पता नहीं चला है कि आखिर रविवार के दिन ऐसा क्या हुआ कि नौबत हत्या तक पहुंच गई? पुलिस मामले से संबंधित जानकारियां जुटाने में लगी है।  पत्नी पल्लवी ने ही रविवार शाम को पुलिस को फोन कर दी पति की मौत की (Ex-DGP killed by wife) सूचना  जानकारी के मुताबिक रिटायर होने के बाद वह बेंगलुरू में ही रहने लगे थे। उनकी पत्नी के साथ अनबन चल रही थी। पत्नी पल्लवी ने ही रविवार शाम को पुलिस को फोन कर पति की मौत की सूचना (Ex-DGP killed by wife) दी। जानकारी मिलते ही आनन-फानन में पुलिस के आलाधिकारी उनके घर पहुंचे। घर पर पुलिस अधिकारियों को पूर्व डीजीपी का खून से सना हुआ शव मिला। पति पत्नी के बीच झगड़े की बात पुलिस भी कह रही है। साथ ही उनके रिश्तेदारों व पड़ोसियों ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि 1981 बैच के आइपीएस अफसर ओम प्रकाश का ताल्लुक बिहार के चंपारण जिले से था। वह भूगर्भ-शास्त्र में परास्नातक थे। एक मार्च 2015 को प्रकाश को डीजीपी नियुक्त किया गया था। इसे भी पढ़ें:- करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की गोलियों से भूनकर हत्या, घात लगाकर हुआ हमला, विरोध में NH-33 जाम करीबियों से ही जताई थी (Ex-DGP killed by wife) मौत की आशंका गौरतलब हो कि सेवानिवृत्त हो चुके डीजीपी ओम प्रकाश ने हाल ही में अपने किसी करीबी से ही उनके जीवन को खतरा होने की आशंका (Ex-DGP killed by wife) जताई थी। बेटे की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पड़ोसियों व रिश्तेदारों के मुताबिक दंपति के संबंध अच्छे नहीं थे, वे आपस में खूब लड़ा करते थे। हालांकि अभी तक हत्या के मूल कारण का पता नहीं चला है। जानकारी के मुताबिक ओम प्रकाश की हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी पल्लवी व बेटी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, झगड़े के बाद उसी ने पति की हत्या कर दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ओम प्रकाश अपनी पूरी प्रॉपर्टी बेटे के नाम करना चाहते थे। पत्नी उनके इस फैसले से संतुष्ट नहीं थी। संभवतः संपत्ति विवाद इस हत्या के पीछे का मकसद हो सकता।  Latest News in Hindi Today Hindi News Ex-DGP killed by wife #OmPrakashMurder #DGPKilled #WifeKillsHusband #CrimeNews #HighProfileMurder #IndiaNews #DomesticViolence #PoliceMurder #ShockingCrime #TrueCrime

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Mumbai Indians performance

Mumbai Indians 9-wicket win: मुंबई के वानखेड़े में गरजा रोहित का बल्ला, सीएसके को दी 9 विकेट से मात 

20 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 38वां मुकाबला मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियन्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 9 विकेट के अंतर से मात देकर सीजन की चौथी और लगातार तीसरी जीत (Mumbai Indians 9-wicket win) दर्ज की। रोहित शर्मा की धुंआधार बल्लेबाजी के बदौलत मुंबई ने चेन्नई को आसानी से हरा दिया। दरअसल, सीएसके की शुरुआत खराब रही। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी सीएसके के बल्लेबाज अपने बल्ले का जौहर नहीं दिखा सके। रचिन रवींद्र सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे। उसके बाद युवा 17 वर्षीय बल्लेबाज आयुष महात्रे और शेख राशिद ने पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। आयुष म्हात्रे ने 15 गेंदों में 32 रनों की शानदार पारी खेली। उनसे हाफ सेंचुरी की उम्मीद थी, लेकिन वो दीपक चाहर की गेंद पर कैच दे बैठे। इसके बाद जल्दी ही राशिद भी मिचेल सेंटनर की गेंद पर स्टंपिंग हो गए।  सीएसके शिवम दुबे और रवींद्र जडेजा की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 176 बना (Mumbai Indians 9-wicket win) सकी एक के बाद एक दो विकेट गंवाने के बाद सीएसके की पारी लड़खड़ा गई। तभी रवींद्र जडेजा और शिवम दुबे ने लड़खड़ाती पारी को संभाला। शिवम ने 32 गेंदों में 50 रन बनाए। अर्धशतक पूरा करने के बाद वो बुमराह का शिकार बन बैठे। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने 35 गेंद में नाबाद 53 रन की पारी खेलकर टीम को 20 ओवर में 5 विकेट पर 176 रन तक पहुंचा दिया। इस मैच में धोनी का बल्ला खामोश रहा। उन्होंने 6 गेंदों में सिर्फ 4 रन ही बनाए। तो वहीं जैमी ओवरटन ने 3 गेंदों में 4 रन बनाकर नाबाद रहे। मुंबई के लिए सबसे अधिक दो विकेट बुमराह ने लिए। तो वहीं एक-एक विकेट दीपक चाहर,अश्विनी कुमार और मिचेल सेंटनर को मिले। इस तरह सीएसके शिवम दुबे और रवींद्र जडेजा की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 176 बना (Mumbai Indians 9-wicket win) सकी। इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त चेन्नई की करारी हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं हो (Mumbai Indians 9-wicket win)  गई हैं धूमिल  जीत के लिए मिले 177 रनों का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की आतिशी अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 15.3 ओवर में ही पूरा कर लिया। रोहित शर्मा ने 45 गेंदों में 76 बनाए तो वहीं सूर्यकुमार यादव 30 गेंदों में 68 रन बनाकर नाबाद रहे। गौर करने वाली बात यह कि इस जीत साथ मुंबई इंडियन्स की टीम 8 अंक के साथ अंक तालिका में छठे पायदान पर पहुंच गई है। तो वहीं सीएसके की टीम छठी हार के बाद दसवें स्थान पर पहुँच गई है। कहने में गुरेज नहीं कि चेन्नई की इस मुकाबले में करारी हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं भी धूमिल हो (Mumbai Indians 9-wicket win) गई हैं। रोहित शर्मा आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं गौर करने वाली बात यह कि मुंबई की टीम अपने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के विस्फोटक बल्लेबाजी के बदौलत नौ विकेट से जीत (Mumbai Indians 9-wicket win) हासिल करने में कामयाब रही। जीत के साथ ही इस मैच में रोहित शर्मा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह शिखर धवन को पीछे छोड़ते हुए आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। बता दें कि पहले स्थान पर विराट कोहली का नाम आता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Mumbai Indians 9-wicket win #MumbaiIndians #RohitSharma #CSKvsMI #IPL2025 #WankhedeStadium #MIvsCSK #CricketHighlights #MIWin #RohitFifty #IPLMatchResult

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Akshaya Tritiya

अक्षय तृतीया 2025: 30 अप्रैल को दुर्लभ योगों में मनाएं यह पावन पर्व

सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र का संयोग, खरीदारी और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ अक्षय तृतीया, जिसे अखा तीज भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और खरीदारी का फल अक्षय यानी कभी नष्ट न होने वाला होता है। वर्ष 2025 में अक्षय तृतीया 30 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी, जो कई शुभ योगों के संयोग के कारण विशेष महत्व रखती है।​ अक्षय तृतीया 2025: तिथि और महासंयोग इस वर्ष अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का आयोजन 29 अप्रैल को सायं 05:31 मिनट से शुरू होकर 30 अप्रैल को दोपहर 02:31 मिनट तक रहेगा। इस बार अक्षय तृतीया पर महासंयोग बनेगा। पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। ज्योतिष में इसे एक खास योग माना गया है, जिसका सीधा संबंध मां लक्ष्मी से है। इस विशेष योग में पूजा करने से मां लक्ष्मी भक्तों की हर इच्छा पूरी करती हैं। इस दिन स्वर्ण आभूषण की खरीदारी से उनकी अक्षय वृद्धि होती है। साथ ही इस दिन किए गए जप, तप, ज्ञान, स्नान, दान, और होम आदि कार्य भी अक्षय फल प्राप्त करते हैं, जिससे इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है।  तीर्थ स्नान और अन्न-जल का दान अक्षय तृतीया ((Akshaya Tritiya) के इस पवित्र दिन पर तीर्थ स्नान का महत्व अत्यधिक है। धार्मिक ग्रंथों में यह कहा गया है कि इस दिन तीर्थ स्नान करने से सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और हर तरह के दोष समाप्त हो जाते हैं, इसे दिव्य स्नान के रूप में जाना जाता है। यदि तीर्थ स्थल पर स्नान करने का अवसर न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्यकारी होता है और तीर्थ स्नान के समान फल मिलता है। इसके बाद अन्न और जल का दान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति इस दिन दान का संकल्प लेकर जरूरतमंदों को अन्न और जल का दान करता है, उसे कई यज्ञ और कठिन तपस्या करने जितना पुण्य प्राप्त होता है।  पूजा विधि और दान-पुण्य इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व अक्षय तृतीया पर कर सकते हैं ये विशेष कार्यअक्षय तृतीया, (Akshaya Tritiya) जिसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत शुभ और पवित्र पर्व है। इस दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत भी इसी दिन हुई थी। अक्षय तृतीया के दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत, और सोना-चांदी की खरीदारी आदि किए जा सकते हैं। इस दिन व्रत, उपवास और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है — यानी ऐसा पुण्य जो कभी समाप्त नहीं होता।​ भगवान विष्णु के अवतार अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) को चिरंजीवी तिथि भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के अवतार परशुराम जी का जन्म हुआ था। परशुराम जी को चिरंजीवी माना जाता है, अर्थात वे सदैव जीवित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, भगवान विष्णु के नर-नरायण और हयग्रीव अवतार भी इसी तिथि पर प्रकट हुए थे। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Akshaya Tritiya #AkshayaTritiya2025 #AkshayaTritiya #HinduFestival #RareYogas #AuspiciousDay #HinduPuja #GoldBuying #AkshayaTritiyaYog #April30Festival #SpiritualCelebration

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Lord Parashurama

अक्षय तृतीया के शुभ संयोग में होगी भगवान परशुराम की जयंती, ऐसे करें पूजा-अर्चना

भगवान विष्णु (Lord Parashurama) के छठे अवतार, भगवान परशुराम की जयंती हर वर्ष वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह दिन ‘अक्षय तृतीया’ के रूप में भी प्रसिद्ध है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्ष 2025 में परशुराम जयंती का पर्व अप्रैल महीने में मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस पावन अवसर की तिथि, शुभ मुहूर्त और इससे जुड़े महत्वपूर्ण योगों के बारे में। परशुराम जयंती 2025: शुभ मुहूर्त और योग वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल को प्रारंभ होगी और यह 30 अप्रैल को दोपहर 2:12 बजे समाप्त होगी। चूंकि भगवान परशुराम का जन्म प्रदोष काल में हुआ था, इसलिए परशुराम जयंती का पर्व 29 अप्रैल को मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया 2025: शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल की शाम 5:31 बजे आरंभ होगी और 30 अप्रैल को दोपहर 2:12 बजे समाप्त होगी। चूंकि हिंदू धर्म में तिथि की गणना सूर्योदय से की जाती है, इसलिए अक्षय तृतीया का पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन पूजन का शुभ समय प्रातः 5:41 बजे से लेकर दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। इस अवधि में पूजन करना अत्यंत मंगलकारी और फलदायी माना जाता है। परशुराम जयंती 2025: शुभ योग इस वर्ष परशुराम जयंती के दिन सौभाग्य योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो दोपहर 3:54 बजे तक रहेगा। साथ ही इस दिन त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। इन पुण्य योगों में भगवान परशुराम की आराधना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसे भी पढ़ें:- जब एक मुसलमान बन गया कृष्ण भक्त: रसखान की भक्ति ने रचा इतिहास परशुराम जयंती का महत्व भगवान परशुराम (Lord Parashurama) को भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का छठा अवतार माना जाता है। वे ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे। परशुराम जी को उनके परशु (कुल्हाड़ी) धारण करने के कारण यह नाम मिला। उन्होंने अत्याचारी क्षत्रियों का संहार कर धर्म की स्थापना की थी।  पूजा विधि और अनुष्ठान परशुराम जयंती (Parashurama Jayanti) के दिन भक्तगण विशेष पूजा-अर्चना और व्रत का आयोजन करते हैं। इस दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान परशुराम की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करें। उन्हें चंदन, तुलसी पत्र, कुंकुम, फूल और मिठाई अर्पित करें। परशुराम जी के मंत्रों का जाप करें और उनकी कथा का श्रवण करें। अंत में आरती कर प्रसाद का वितरण करें।   Latest News in Hindi Today Hindi news Lord Parashurama #ParshuramJayanti2025 #AkshayaTritiya #LordParshuram #HinduFestivals #PujaVidhi #AkshayaTritiya2025 #ParshuramWorship #HinduGods #ParshuramJayanti #AkshayaTritiyaSignificance

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Cybercrime in India: क्यों नहीं थम रहे देश में साइबर अपराध के मामले, आखिर क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह?

देश में साइबर अपराध इस कदर अपना पैर पसार (Cybercrime in India) चुका है कि इसपर नकेल कसना सरकार के बाद की बात नहीं रह गई है। देश में साइबर अपराध के मामले न थमने का मुख्य कारण है साइबर अपराधी द्वारा लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल करना। कारण यही जो उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, लोगों की साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचे की अनुपलब्धता भी एक बड़ी वजह है। गौर करने वाली बात यह कि साइबर हमलों में ऑनलाइन धोखाधड़ी और सेक्टार्शन जैसी चीजें ही शामिल नहीं हैं बल्कि इनमें डाटा चोरी, रैनसमवेयर, अवैध सट्टेबाजी एप, ऑनलाइन हेट क्राइम, साइबर बुलिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर साइबर अटैक इत्यादि भी शामिल हैं। इससे भी बड़ी ध्यान देने वाली बात यह कि अपराधी इनका इस्तेमाल कर देश की अर्थव्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा को खोखला बनाने का काम कर रहे हैं। साइबर अपराधों के खिलाफ देश में अलग से कानून नहीं है और आइटी एक्ट में संशोधन के तहत 2022 में लाये गये प्रावधानों के जरिये इन्हें रोकने की कोशिश हो रही है। इसीके चलते साइबर अपराधों के विरुद्ध केंद्र ने साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का गठन किया है।  लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है हालाँकि सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है। इसके पीछे की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, साइबर अपराधी अपराध करने के नित्य नए तरीके खोजते रहते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। खास बात यह कि हर बार नए शिकारी को नए तरीके से साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोग अमूमन साइबर सुरक्षा के प्रति अनजान होते हैं। जिससे वे आसानी से साइबर अपराधों का शिकार बन जाते हैं। इसके अलावा देश में देश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचा नहीं है। र्याप्त कानूनी ढांचा न होने के कारण अपराधियों को आसानी से बच निकलने का मौका मिल जाता है। साइबर अपराधियों के न पकड़े जाने जाने के पीछे एक सबसे बड़ी वजह यह है कि वो देश की सरहदों को पर कर अपराध करते हैं। ऐसे में इंटरनेशनल कानूनों की आड़ लेकर साइबर अपराधी हाथ नहीं आते। ऐसे अपराधियों को पकड़ना या खोजना पुलिस के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। साइबर अपराधियों की बढ़ती संख्या पुलिस के सिरदर्द बनी हुई है। इसका अलाम यह है कि पुलिस के साइबर क्राइम के मॉडल को समझने का प्रयास कर रही होती है कि तब टक अपराधी एक नए तरीके से नए क्राइम को अंजाम दे देते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से दिया गया था अंजाम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय से जुड़ी एजेंसी सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएफसीएफआरएमएस) की माने तो नवंबर तक साइबर धोखाधड़ी की 12 लाख शिकायतें मिली। आपको जानकार हैरानी होगी कि इनमें से 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से अंजाम दिया गया था। बता दें कि बीते अगस्त में संसद सत्र के दौरान गृह मंत्रालय ने कहा था कि “अन्य अपराधों की तरह साइबर अपराध रोकना भी राज्य की जिम्मेदारी है। सच यह है कि साइबर अपराध रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित कानून बनाने के साथ केंद्रीय स्तर पर साइबर आर्मी और राज्यों में साइबर पुलिस का गठन करने की सख्त आवश्यकता है। ऐसा नहीं है कि सरकार सिर्फ हाथ पर हाथ धीरे बैठी है। साइबर ठगी से बचने के लिए सरकार हर संभव लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है। यह तो ठीक, लेकिन वर्तमान भारत में आज भी जागरूकता की कमी के कहते ही लोग ढगी का शिकार हो रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Cybercrime in India #CybercrimeInIndia #OnlineFraud #CyberSecurity #DataBreach #InternetScam #DigitalSafety #CyberThreats #IndiaNews #TechAlert #CyberAwareness

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Bengal violence 2025

Bengal violence 2025: बंगाल में हिंसा पीड़ित महिलाओं का छलका दर्द कहा, “क्या ‘हिंदू’ होना ही हमारा अपराध है?” 

मुर्शिदाबाद में हिंसा थम (Bengal violence 2025) जरूर गई है, लेकिन लोगों के बीच दहशत अभी भी खत्म नहीं हुई है। महिलाओं की आंखों में डर साफ नजर आ रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा ने कई हिंदू परिवारों को बेघर कर दिया है। कई परिवार ऐसे हैं जो घरबार छोड़-छाड़कर राहत कैंप में रहने हेतु मजबूर हैं। इनकी मजबूरी देख दिल पसीज जा रहा है। ऐसे में इन बेघर परिवारों से मिलने के लिए जो भी इनके पास जा रहा है, रोती- बिलखती महिलाएं बस एक ही सवाल कर रही हैं कि “क्या हिंदू होना उनका अपराध है? बता दें कि शुक्रवार को जब बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचे थे तो वो जाफराबाद भी गए थे। जहाँ वो न सिर्फ हिंसा प्रभावित परिवारों से मिले बल्कि उनसे बात भी की। खैर, अपने बीच राज्यपाल को देखकर महिलाओं को बड़ी तसल्ली हुई।  पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025)? खैर, इस दरम्यान अपने जज्बातों को बयां करते हुए पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025) हमें बचाओ।” इतना कहकर व्यथित महिलाओं ने राज्यपाल के पैर पकड़ लिए और उनसे बचाने की गुजारिश। ये सब देख राज्यपाल भी खुद को नहीं रोक पाए और उन्होंने पीड़ित महिलाओं और परिवारों से कहा कि “मुझे शांति बनाए रखने के लिए जो भी करना होगा, करूंगा।” इस बीच महत्वपूर्ण बात यह कि राज्यपाल जाफराबाद में हुई हिंसा में मारे गए हरगोविंद दास और चंदन दास के घर भी गए। वहां जाकर उन्होंने कुछ देर तक शोक संतप्त लोगों से बातचीत की। बोस ने उन्हें आश्वासन दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुर्शिदाबाद के धुलियान के निवासी कह रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो हम अपने घर बीएसएफ कैंप को दे देंगे। बता दें कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को वक्फ कानून विरोधी आंदोलन के नाम पर हमले हुए और अंधाधुंध हिंसा हुई थी। अहम बात यह कि हमले के निशान आज भी गांव के जले हुए घरों में मौजूद हैं। इस हिंसा में कई लोगों ने अपनी ज़मीनें खो दी हैं।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे यही नहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे। इल्जाम है कि उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस आरोप के कारण शुक्रवार को पूरे दिन मालदा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद आज (शनिवार) को महिला आयोग की टीम मुर्शिदाबाद पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। यह पल बड़ा ही भावनात्मक था। दरअसल हुआ यह कि महिला आयोग के प्रतिनिधिमंडल के सामने हिंसा की कहानी बताते हुए महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ी। इस बीच महिला आयोग के प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि “वे केंद्र से सारी रिपोर्ट उपलब्ध करा देंगे और रिपोर्ट में बीएसएफ कैंप का भी जिक्र करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रतिनिधियों ने कहा कि “हम आपके साथ खड़े हैं। केंद्र की सभी टीमों जमीन पर उतर चुकी हैं। पूरा देश आपके साथ है। चिंता करने की कोई बात नहीं है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Hindu targeted in Bengal #BengalViolence #HinduWomen #ReligiousTargeting #IndiaNews #HumanRights #WomensVoices #BengalCrisis #HinduIdentity #IndiaViolence #JusticeForVictims

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Thackeray brothers reunion

Thackeray brothers reunion: क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात

बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के मद्देनजर महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े उथलपुथल होने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को साथ आने का प्रस्ताव (Thackeray brothers reunion) दिया है। मनसे के मुखिया ने कहा है कि “महाराष्ट्र और मराठियों के अस्तित्व के आगे उद्धव और उनके झगड़े बहुत छोटे हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है। उनके लिए उद्धव के साथ आना और साथ में रहना कोई मुश्किल काम नहीं हैं।” जानकारी के मुताबिक फिल्म अभिनेता और डायरेक्टर महेश मांजरेकर ने एक पोडकास्ट में मनसे प्रमुख राज ठाकरे का साक्षात्कार किया है। इस दौरान महेश मांजरेकर ने राज ठाकरे से कई तीखे सवाल पूछे हैं। इस बीच महेश ने राज पूछा कि महाराष्ट्र के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए क्या राज ठाकरे उद्धव ठाकरे के साथ आ सकते हैं? इस पर राज ठाकरे ने कहा कि महारष्ट्र और मराठी के मुद्दे पर वे साथ आने के लिए तैयार हैं, लेकिन यही इच्छा उनकी भी होनी चाहिए। हमारे बीच के मतभेद, झगड़े, बहुत छोटे हैं, महाराष्ट्र बहुत (Thackeray brothers reunion) बड़ा है- राज ठाकरे राज ठाकरे ने आगे कहा कि “मैं जब शिवसेना में था, तब मुझे उद्धव के साथ काम करने के कोई दिक्कत (Thackeray brothers reunion) नहीं थी। लेकिन सवाल यह है कि सामने वाले कि इच्छा है, क्या मैं उनके साथ काम करूं? महाराष्ट की अगर इच्छा है। हम दोनों साथ आएं तो उन्हें बताना चाहिए। ऐसी छोटी छोटी बातों में मैं ईगो बीच में नहीं लाता।” इस बीच राज ने कहा कि “किसी भी बड़े उदेश्य के लिए हमारे बीच के मतभेद, झगड़े, बहुत छोटे हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है। इस महाराष्ट्र के अस्तित्व के लिए मराठी व्यक्ति के अस्तित्व के लिए हमारे बीच के झगड़े और विवाद का कोई महत्व नहीं है। वे निर्रथक हैं। इसलिए एक साथ और काम करना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। इसके साथ ही राज ने यह भी कहा कि “मुद्दा सिर्फ इच्छा का है। यह सिर्फ मेरे अकेले के इच्छा या मेरे अकेले के स्वार्थ का मुद्दा नहीं है। मुझे लगता है, हमें बड़े उद्देश्य की ओर देखने की जरूरत है। मैं देख रहा हूं तो मुझे तो लगता है कि महाराष्ट्र के सभी राजनैतिक दलों के मराठी लोगों को एक साथ मिलकर एक ही पार्टी शुरू करनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका उद्धव के साथ आने में कोई परेशानी (Thackeray brothers reunion) नहीं है- राज ठाकरे बता दें कि राज ठाकरे ने उद्धव को साथ आने का प्रस्ताव देते हुए अपनी तरफ से साफ कर दिया कि उद्धव के साथ आने में कोई परेशानी (Thackeray brothers reunion) नहीं है। महाराष्ट्र के लिए दोनों एक साथ आ सकते हैं। गौर करने वाली बात यह कि राज ठाकरे के साथ आने के प्रस्ताव पर उद्धव ठाकरे का भी बयान सामने आया है। उद्धव का कहना है कि “उनकी तरफ से कोई झगड़ा नहीं था। महाराष्ट्र के हित के लिए वे साथ आने को तैयार हैं।” एक तरह से देखा जाए तो उद्धव ठाकरे भी भाई राज ठाकरे के प्रस्ताव से सहमत दिखाई दे हैं। उन्होंने मिलकर काम करने के संकेत दिए हैं। इस बीच उद्धव ने कहा कि “महाराष्ट्र की भलाई के लिए वह छोटे-मोटे झगड़ों को छोड़कर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि “अगर हमने सही फैसला लिया होता तो हम केंद्र और राज्य में सरकार बना सकते थे।” Latest News in Hindi Today Hindi news Thackeray brothers reunion #ThackerayBrothersReunion #UddhavThackeray #RajThackeray #ShivSena #MNS #MaharashtraPolitics #PoliticalReunion #ThackerayFamily #UddhavRaj #IndianPolitics

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