दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की विशेष निगरानी

जय राष्ट्र न्यूज़ | राज्य डेस्क | 19 जून 2026 मुख्य समाचार देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों में मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं की संभावना IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-NCR में 19 जून से 21 जून तक हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जिससे पिछले दिनों की गर्मी में कमी आएगी। कई राज्यों के लिए मौसम चेतावनी IMD ने 17 से अधिक राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के अलावा पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। यात्रियों और किसानों को सलाह मौसम विभाग ने यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखने की सलाह दी है। खराब मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों में सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षा की गतिविधियों पर किसानों की विशेष नजर बनी हुई है क्योंकि आगामी दिनों का मौसम खरीफ फसलों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहत के साथ सावधानी भी जरूरी बारिश और तेज हवाओं से गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली गिरने और आंधी के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन और चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। निष्कर्ष दिल्ली-NCR समेत देश के कई राज्यों में मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की जरूरत है। स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:IMD Delhi-NCR Weather Forecast जय राष्ट्र न्यूज़

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संसद सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति बैठक, कई राष्ट्रीय मुद्दों पर घमासान के संकेत

जय राष्ट्र न्यूज़ | राजनीति डेस्क | 19 जून 2026 मुख्य समाचार आगामी संसद सत्र से पहले विपक्षी दलों की रणनीति बैठक ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विभिन्न विपक्षी नेताओं ने संसद में सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा की। माना जा रहा है कि आर्थिक मुद्दों, बेरोजगारी, महंगाई, कृषि, राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल नीतियों समेत कई विषयों को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर देशभर में चर्चा जारी है। विपक्ष की एकजुटता पर जोर बैठक में शामिल नेताओं ने संसद के भीतर बेहतर समन्वय और साझा रणनीति पर जोर दिया। विपक्षी दलों का मानना है कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर संयुक्त रूप से आवाज उठाने से उनकी राजनीतिक प्रभावशीलता बढ़ सकती है। सूत्रों के अनुसार विभिन्न दलों ने संसद के दौरान प्रमुख मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग करने की इच्छा जताई है। किन मुद्दों पर हो सकती है बहस? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विपक्ष महंगाई, रोजगार, किसानों से जुड़े विषय, आर्थिक नीतियां, शिक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म नियमन और विदेश नीति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकता है। इसके अलावा कई क्षेत्रीय दल अपने-अपने राज्यों से जुड़े विषयों को भी संसद में रखने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार की भी तैयारी संसदीय सत्र को लेकर सरकार भी अपनी रणनीति तैयार कर रही है। सरकार की ओर से विभिन्न मंत्रालयों को संभावित सवालों और चर्चाओं के लिए तैयार रहने को कहा गया है। विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी उपलब्धियों, विकास योजनाओं और आर्थिक प्रगति को प्रमुखता से पेश करने का प्रयास कर सकती है। राजनीतिक माहौल गर्म संसद सत्र से पहले ही विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यही माहौल संसद के भीतर भी देखने को मिल सकता है, जहां कई महत्वपूर्ण विषयों पर जोरदार बहस की संभावना है। जनता से जुड़े मुद्दों पर फोकस विपक्षी दलों का कहना है कि वे संसद में आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। रोजगार, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर सरकार का दावा है कि उसने इन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और वह अपने कार्यों का विवरण संसद में प्रस्तुत करेगी। संसद सत्र क्यों महत्वपूर्ण? विशेषज्ञों के अनुसार आगामी संसद सत्र केवल विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच संसद में होने वाली चर्चाओं पर देश की नजर रहेगी। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत प्रस्तावों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष की रणनीति का असर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्ष साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ता है तो संसद में उसकी भूमिका अधिक प्रभावी हो सकती है। हालांकि विभिन्न दलों के अलग-अलग राजनीतिक हितों के कारण समन्वय बनाए रखना भी एक चुनौती माना जा रहा है। फिर भी आगामी बैठकें और राजनीतिक बातचीत विपक्ष की रणनीति को और स्पष्ट कर सकती हैं। निष्कर्ष संसद सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति बैठक ने राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। महंगाई, रोजगार, कृषि, शिक्षा और राष्ट्रीय नीतियों समेत कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के संकेत मिल रहे हैं। अब देश की नजर आगामी संसद सत्र पर है, जहां महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर व्यापक चर्चा देखने को मिल सकती है। स्रोत: विभिन्न राजनीतिक दलों के सार्वजनिक बयान एवं मीडिया रिपोर्ट्स मूल रिपोर्ट:https://indianexpress.com/article/india/opposition-strategy-meeting-parliament-session-2026 जय राष्ट्र न्यूज़

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Reliance AGM 2026 Today: Jio AI, Data Centers और नई टेक योजनाओं पर बड़ी घोषणाओं की उम्मीद

जय राष्ट्र न्यूज़ | बिजनेस डेस्क | 19 जून 2026 मुख्य समाचार देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक Reliance Industries Limited (RIL) की वार्षिक आम बैठक (AGM) 2026 आज आयोजित होने जा रही है। निवेशकों, बाजार विशेषज्ञों और टेक उद्योग की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है क्योंकि माना जा रहा है कि कंपनी Jio AI, Data Center विस्तार, डिजिटल सेवाओं और नई तकनीकी पहलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान कर सकती है। पिछले कुछ वर्षों में Reliance ने टेलीकॉम, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपने निवेश को लगातार बढ़ाया है। ऐसे में इस साल की AGM को कंपनी की भविष्य की रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Jio AI पर रह सकती है बड़ी घोषणा विशेषज्ञों का मानना है कि AGM 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण Jio AI से जुड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। दुनिया भर में AI तकनीक की बढ़ती मांग को देखते हुए Reliance भारतीय बाजार के लिए नए AI आधारित उत्पादों और सेवाओं का अनावरण कर सकती है। कंपनी पहले भी AI और डिजिटल इनोवेशन को भविष्य की विकास रणनीति का प्रमुख हिस्सा बता चुकी है। निवेशकों को उम्मीद है कि Jio AI प्लेटफॉर्म, बिजनेस समाधान और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर नई जानकारी सामने आ सकती है। Data Center कारोबार पर रहेगा फोकस भारत में डेटा की बढ़ती खपत और क्लाउड सेवाओं की मांग के बीच Reliance अपने Data Center नेटवर्क के विस्तार पर भी बड़ा दांव लगा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि AGM में नए Data Center प्रोजेक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और क्लाउड सेवाओं से जुड़ी योजनाओं का खुलासा किया जा सकता है। इससे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। Jio Platforms की नई रणनीति Jio Platforms Reliance के सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल व्यवसायों में शामिल है। कंपनी के करोड़ों ग्राहक हैं और यह भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस AGM में 5G विस्तार, एंटरप्राइज सेवाओं, डिजिटल भुगतान, क्लाउड कंप्यूटिंग और AI आधारित समाधान को लेकर नई रणनीतियों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों की नजर प्रदर्शन पर शेयर बाजार के निवेशक Reliance के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की विकास योजनाओं पर विशेष नजर रखे हुए हैं। AGM के दौरान कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, निवेश योजनाएं और संभावित नए कारोबारों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AGM में किए गए ऐलान Reliance के शेयरों और पूरे भारतीय टेक सेक्टर की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। भारत के AI मिशन से जुड़ी उम्मीदें भारत तेजी से AI और डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में Reliance जैसी बड़ी कंपनी की AI रणनीति को राष्ट्रीय डिजिटल विकास से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Reliance बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर निवेश की घोषणा करती है, तो इससे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी क्षेत्र को भी लाभ मिल सकता है। टेक इंडस्ट्री की नजर केवल निवेशक ही नहीं, बल्कि टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स और उद्योग विश्लेषक भी AGM के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। AI, Cloud Computing, Semiconductor सहयोग और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी घोषणाएं पूरे उद्योग के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकती हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि Reliance की भविष्य की तकनीकी रणनीति भारत के डिजिटल बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। वैश्विक निवेशकों की रुचि Reliance की AGM पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भी नजर बनी हुई है। कंपनी की तकनीकी महत्वाकांक्षाएं और डिजिटल विस्तार योजनाएं विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार AI और Data Center क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा होने पर वैश्विक निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। निष्कर्ष Reliance AGM 2026 केवल एक कॉर्पोरेट कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल और तकनीकी भविष्य की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक माना जा रहा है। Jio AI, Data Centers, 5G विस्तार और नई डिजिटल सेवाओं से जुड़े संभावित ऐलानों पर पूरे उद्योग की नजर है। अब सभी को कंपनी के आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार है, जो आने वाले वर्षों के लिए Reliance की रणनीति को स्पष्ट कर सकती हैं। स्रोत: रॉयटर्स (Reuters), द इकोनॉमिक टाइम्स (The Economic Times) मूल रिपोर्ट:https://www.reuters.com/world/india/indias-reliance-industries-approves-draft-papers-jio-platforms-ipo-says-ambani-2026-06-19/ https://economictimes.indiatimes.com/news/company/corporate-trends/reliance-agm-2026-key-takeaways जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में 12 साल की सबसे कम जून बारिश, झीलों का जलस्तर घटने से जल संकट गहराया, BMC कर सकती है पानी कटौती

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) पर इस साल पानी का बड़ा संकट मंडराता हुआ नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय नगर निकाय के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में इस साल जून के महीने में पिछले 12 वर्षों की सबसे कम बारिश (Lowest June Rainfall) दर्ज की गई है। जून आधा बीत जाने के बाद भी मानसून की इस बेरुखी ने न केवल उमस और गर्मी बढ़ा दी है, बल्कि शहर के सामने गंभीर जल संकट (Water Crisis) खड़ा कर दिया है। मुंबई और इसके आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में बारिश न होने के कारण शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों प्रमुख झीलों का कुल जलस्तर चिंताजनक रूप से गिर गया है। स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पूरे मुंबई महानगर में 10% से 15% तक पानी की कटौती लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। झीलों में बचा है सिर्फ कुछ दिनों का पानी मुंबई को रोजाना लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों (अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी) की स्थिति इस समय काफी नाजुक है। पिछले 5 वर्षों में जून की बारिश का हाल (सांताक्रुज वेदर स्टेशन के अनुसार) वर्ष 1 से 18 जून तक हुई कुल बारिश (mm) स्थिति 2026 68.4 mm 🚨 12 साल में सबसे कम 2025 185.2 mm सामान्य से कम 2024 310.5 mm सामान्य 2023 245.0 mm सामान्य 2022 412.1 mm भारी बारिश मौसम विभाग (IMD) का क्या है कहना? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल मानसून ने मुंबई में अपने तय समय पर दस्तक तो दी थी, लेकिन उसके तुरंत बाद ‘अल नीनो’ (El Niño) के बचे हुए प्रभाव और अरब सागर में बने एक कमजोर मौसमी सिस्टम के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई। राहत की उम्मीद: हालांकि, आईएमडी मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक ने आश्वासन दिया है कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर कोंकण तट और मुंबई के इलाकों में मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो रही हैं। 20 जून के बाद शहर और झीलों वाले इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे जलस्तर में सुधार हो सकता है। बीएमसी की मुंबईकरों से अपील: “पानी की हर बूंद बचाएं” जल संकट के इस गंभीर दौर को देखते हुए बीएमसी कमिश्नर ने मुंबई के नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से पानी का बेहद किफायती इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रशासन ने साफ किया है कि गाड़ियों को धोने, सोसायटियों के लॉन में पानी डालने और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पीने के पानी की बर्बादी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा। Source: Hindustan Times Original report: Hindustan Times – Mumbai faces water crisis as June rain hits 12 year low lakes touch critical level Publication: jairashtranews

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AI और Cyber Security सेक्टर में बढ़ी नौकरियों की मांग, भारतीय युवाओं का तकनीकी करियर की ओर रुझान तेज

नई दिल्ली: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और कॉर्पोरेट जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ पारंपरिक आईटी नौकरियों में ठहराव की स्थिति है, वहीं दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा (Cyber Security) के क्षेत्र में नौकरियों की मांग में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है। नैसकॉम (Nasscom) और प्रमुख जॉब पोर्टल्स द्वारा जारी ताजा छमाही रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल एआई और साइबर डिफेंस सेक्टर में नई वैकेंसियों (Job Openings) में 45% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डिजिटल क्रांति और साइबर हमलों के बढ़ते खतरों के बीच, कंपनियों के लिए अपना डेटा सुरक्षित रखना और एआई को अपनाना सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। यही वजह है कि देश के युवाओं का रुझान भी अब पारंपरिक इंजीनियरिंग को छोड़कर इन एडवांस डोमेन्स की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। इन 4 प्रमुख पदों के लिए मिल रहे हैं लाखों के पैकेज इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस समय टेक कंपनियों से लेकर बैंक, ई-कॉमर्स और सरकारी विभागों तक में एक्सपर्ट्स की भारी कमी है। सबसे ज्यादा डिमांड इन चार प्रोफेशन्स की है: युवाओं में क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज? इस सेक्टर में युवाओं के बढ़ते रुझान के पीछे सिर्फ नौकरी की उपलब्धता नहीं, बल्कि शानदार सैलरी पैकेज और करियर ग्रोथ भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एआई या साइबर सिक्योरिटी में सिर्फ 2 से 3 साल का अनुभव रखने वाले प्रोफेशन्स को ₹12 लाख से ₹25 लाख सालाना तक का शुरुआती पैकेज आसानी से मिल रहा है। विशेषज्ञों की राय: टेक महिंद्रा और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के मानव संसाधन (HR) प्रबंधकों का कहना है कि आज कंपनियां डिग्री से ज्यादा ‘स्किल’ (हुनर) को तवज्जो दे रही हैं। यदि किसी युवा के पास सर्टिफिकेशन (जैसे CEH, CISSP या AI/ML नैनो-डिग्री) है, तो उसके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है। देश के बड़े शिक्षण संस्थानों ने बदले कोर्स बढ़ती मांग को देखते हुए आईआईटी (IITs), एनआईटी (NITs) और देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने अपने बीटेक और एमसीए पाठ्यक्रमों में बदलाव किए हैं। अब छात्रों को डेटा साइंस, एआई और एथिकल हैकिंग जैसे विषयों में स्पेशलाइजेशन (Specialization) ऑफर किया जा रहा है। सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ मुहिम के तहत भी युवाओं को इन सेक्टर्स में मुफ्त और किफायती ट्रेनिंग देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भारत को दुनिया का ‘ग्लोबल टेक टैलेंट हब’ बनाया जा सके। Source: Business Standard Original report: Business Standard – Demand for AI and Cyber Security jobs rises by 45 percent, highlights Nasscom report Publication: jairashtranews

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‘Drishyam 3’ आज OTT पर रिलीज, थिएटर्स में ₹330 करोड़ पीटने के बाद प्राइम वीडियो पर जॉर्जकुट्टी का धमाका, फैंस में भारी उत्साह

मनोरंजन डेस्क: सस्पेंस, थ्रिलर और सस्पेंस प्रेमियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे सफल और लोकप्रिय सस्पेंस फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ का तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण चैप्टर यानी ‘दृश्यम 3’ (Drishyam 3) आज से ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गया है। सुपरस्टार मोहनलाल (Mohanlal) और निर्देशक जीथू जोसेफ (Jeethu Joseph) की इस जोड़ी ने सिनेमाघरों के बाद अब डिजिटल दुनिया में भी तहलका मचाने के लिए दस्तक दे दी है। थिएटर्स में रिलीज होने के महज एक महीने के भीतर इस ब्लॉकबस्टर फिल्म को अमेज़न प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर स्ट्रीम कर दिया गया है। फिल्म अपनी मूल भाषा मलयालम के साथ-साथ हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में भी डबिंग के साथ उपलब्ध है। बॉक्स ऑफिस पर तोड़े सारे रिकॉर्ड, कमाए ₹330 करोड़ बता दें कि ‘दृश्यम 3’ सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लेकर आई थी। फिल्म ने रिलीज के महज 30 दिनों के भीतर दुनिया भर में 330 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक ग्रॉस कलेक्शन किया, जिसने इसे साल की सबसे कमाऊ मलयालम फिल्मों की सूची में शामिल कर दिया है। इस सफलता पर आभार जताते हुए मोहनलाल ने सोशल मीडिया पर लिखा: “केरल की एक छोटी सी कहानी ने भाषाओं, सरहदों और करोड़ों दिलों में अपनी जगह बनाई। 13 साल और 3 चैप्टर्स के बाद भी यह सफर इतिहास रच रहा है। इस कहानी को अपना बनाने के लिए दुनिया भर के दर्शकों का धन्यवाद।” क्या है इस बार की कहानी? (बिना स्पॉइलर के) ‘दृश्यम 2’ के अंत में जहां दर्शकों को लगा था कि जॉर्जकुट्टी ने अपने परिवार को हमेशा के लिए सुरक्षित कर लिया है और अपनी कहानी पर एक फिल्म भी बना ली है, ‘दृश्यम 3’ की कहानी वहीं से नया मोड़ लेती है: क्यों खास है ‘दृश्यम 3’? निर्देशक जीथू जोसेफ ने बताया कि इस बार उनका ध्यान सिर्फ सस्पेंस और ट्विस्ट पर नहीं था, बल्कि वे जॉर्जकुट्टी के दिमाग की गहराइयों में उतरना चाहते थे। लगातार डर, संशय और पुलिस के खौफ के साए में जीने के कारण एक पिता और उसके परिवार पर क्या मनोवैज्ञानिक असर (Psychological Toll) पड़ता है, इसे फिल्म में बेहद भावुक और संजीदा तरीके से दिखाया गया है। फिल्म में मीना (Rani), अंसिबा हसन (Anju), एस्तेर अनिल (Anu) और सिद्दीकी ने एक बार फिर अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों को बांध रखा है। यदि आप भी वीकेंड से पहले किसी बेहतरीन क्राइम-थ्रिलर का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो प्राइम वीडियो पर ‘दृश्यम 3’ आपके लिए बेस्ट चॉइस है। Source: The Times of India Original report: The Times of India – ‘Drishyam 3’ OTT release: Mohanlal and Jeethu Joseph’s thriller starts streaming Publication: jairashtranews

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अमेरिका-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर वैश्विक चर्चा जारी, संयुक्त राष्ट्र ने शांति बहाली की अपील की

वाशिंगटन / तेहरान / नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में लंबे समय से चला आ रहा भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य गतिरोध, परमाणु कार्यक्रम पर मचे घमासान और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में संपन्न हुए वैश्विक सम्मेलनों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपातकालीन बैठकों में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता अविश्वास पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कूटनीतिक खींचतान का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर पड़ रहा है, जिससे दुनिया भर के बाजार सहमे हुए हैं। कूटनीतिक टकराव के 3 सबसे बड़े कारण वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी इस ताजा विवाद के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं, जिन पर वैश्विक मंचों पर बहस जारी है: संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक महाशक्तियों का रुख इस गंभीर होती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पश्चिम एशिया में किसी भी तरह का नया सैन्य टकराव दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा। वैश्विक कूटनीति: जहाँ एक तरफ यूरोपीय संघ (EU) दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ भारत, चीन और रूस जैसी महाशक्तियां लगातार बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से विवाद सुलझाने पर जोर दे रही हैं। भारत ने विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के लिहाज से शांति बहाली को आवश्यक बताया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा ओपेक (OPEC) देशों के आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह कूटनीतिक गतिरोध सैन्य झड़प में तब्दील होता है, तो कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, इस पूरे विवाद का सबसे संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। दुनिया भर के उद्योग जगत की निगाहें अब आने वाले दिनों में होने वाली अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं पर टिकी हैं, जिससे इस संकट का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल सके। Source: Reuters Original report: Reuters – Global powers hold talks over West Asia security and US-Iran ties Publication: jairashtranews

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FIFA World Cup 2026: रोमांचक मैच में इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से रौंदा, हैरी केन ने दागे दो ऐतिहासिक गोल

डलास (टेक्सास): फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) में ग्रुप L के अपने शुरुआती मुकाबले में इंग्लैंड (Three Lions) ने एक बेहद रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मैच में क्रोएशिया को 4-2 से शिकस्त दे दी है। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड के आक्रामक खेल और स्टार खिलाड़ियों के जादुई प्रदर्शन के आगे क्रोएशियाई टीम टिक नहीं सकी। इंग्लैंड की इस धमाकेदार जीत के नायक कप्तान हैरी केन (Harry Kane) रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम की जीत की नींव रखी। इसके अलावा जूड बेलिंगहैम और मार्कस रशफोर्ड ने भी एक-एक गोल का योगदान दिया। पहला हाफ: चार गोल का रोमांचक ड्रामा मैच की शुरुआत बेहद नाटकीय अंदाज में हुई। खेल के 12वें मिनट में इंग्लैंड के विंगर नोनी मदुएके को पेनाल्टी बॉक्स में गिराए जाने के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी। क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने हैरी केन की पहली पेनल्टी रोक दी थी, लेकिन रीप्ले में उनके लाइन से आगे बढ़ने के कारण पेनल्टी दोबारा ली गई। इस बार केन ने कोई गलती नहीं की और गेंद को सीधे नेट में डालकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद मैच में रोमांच बढ़ता गया: दूसरे हाफ में बेलिंगहैम और रशफोर्ड का जादू हाफ टाइम के बाद इंग्लैंड की टीम बिल्कुल बदले हुए इरादों के साथ मैदान पर उतरी। खेल के 47वें मिनट में ही युवा सनसनी जूड बेलिंगहैम (Jude Bellingham) ने राइट विंग से ड्रिबल करते हुए क्रोएशिया के डिफेंस को भेद दिया और लिवाकोविच को छकाते हुए लो-क्रॉस फिनिश के साथ स्कोर 3-3 के बजाय 3-2 कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार क्रोएशियाई गोल पोस्ट पर हमले जारी रखे। मैच के 85वें मिनट में सबस्टीट्यूट के रूप में मैदान पर आए बुकायो साका के बेहतरीन पास पर मार्कस रशफोर्ड (Marcus Rashford) ने एक बेहद शांत और नपा-तुला शॉट खेलकर चौथा गोल दागा और इंग्लैंड की 4-2 से जीत सुनिश्चित कर दी। आज के अन्य मुकाबलों पर एक नजर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आठवें दिन ग्रुप ए और ग्रुप बी के दूसरे दौर के कड़े मुकाबले खेले जाने हैं: Source: FIFA Original report: FIFA – Kane double helps England overpower Croatia Publication: jairashtranews

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QS World University Rankings 2027 में IIT Delhi बना भारत का शीर्ष संस्थान, वैश्विक स्तर पर लगाई लंबी छलांग

नई दिल्ली: भारतीय उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027’ (QS World University Rankings 2027) की घोषणा हो गई है, जिसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए भारत में पहला स्थान हासिल किया है। आईआईटी दिल्ली ने वैश्विक सूची में 5 पायदान की छलांग लगाते हुए 118वां स्थान हासिल किया है। यह न केवल संस्थान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, बल्कि क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग के इतिहास में किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल की गई अब तक की सबसे ऊंची रैंक की बराबरी है। भारत का अब तक का सबसे दमदार प्रदर्शन, 52 संस्थान शामिल इस साल की रैंकिंग भारत के लिए ऐतिहासिक रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के लागू होने के बाद से यह भारत का सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। भारत के टॉप 5 शिक्षण संस्थान और उनकी वैश्विक रैंक भारतीय संस्थान वैश्विक रैंक 2027 स्थिति (पिछले वर्ष के मुकाबले) IIT Delhi 118 ⬆️ 5 पायदान का सुधार (पहले 123) IIT Bombay 134 ⬇️ 5 पायदान की गिरावट (पहले 129) IIT Madras 170 ⬆️ 10 पायदान का सुधार (पहले 180) IIT Kharagpur 205 ⬆️ बड़ा सुधार IISc Bengaluru 221 📊 शीर्ष अनुसंधान संस्थान किन पैमानों पर IIT Delhi ने मारी बाजी? क्यूएस रैंकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी दिल्ली के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े संकेतक (Indicators) रहे हैं: “रैंकिंग एक परिणाम है, उद्देश्य नहीं” आईआईटी दिल्ली के रैंकिंग सेल के प्रमुख और डीन प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा: “आईआईटी दिल्ली दुनिया भर के विद्वानों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बनने और किफायती तकनीकी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा नया पाठ्यक्रम और बेहतर बुनियादी ढांचा आने वाले वर्षों में हमारे प्रभाव को और बढ़ाएगा। हम रैंकिंग को एक परिणाम के रूप में देखते हैं, उद्देश्य के रूप में नहीं। अगर हम सही कारणों के लिए सही काम करेंगे, तो रैंकिंग स्वाभाविक रूप से मिलेगी।” गैर-आईआईटी (Non-IIT) और निजी विश्वविद्यालयों का भी जलवा इस बार की खास बात यह रही कि भारत की इस सफलता में केवल आईआईटी ही नहीं, बल्कि निजी और राज्य विश्वविद्यालय भी आगे रहे। वेलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) ने रिकॉर्ड 94 पायदान का सुधार करते हुए 597वीं रैंक हासिल की। वहीं बिट्स पिलानी (BITS Pilani) 93 पायदान चढ़कर 575वें और शूलिनी यूनिवर्सिटी 51 पायदान के सुधार के साथ 452वें स्थान पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर बात करें तो अमेरिका का मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) लगातार 15वें साल दुनिया का नंबर-1 विश्वविद्यालय बना हुआ है, जबकि इंपीरियल कॉलेज लंदन और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। Source: Times of India Original report: Times of India – IIT Delhi becomes India’s top-ranked institution in QS World University Rankings 2027 Publication: jairashtranews

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OpenAI में शामिल हुए AI विशेषज्ञ Noam Shazeer, गूगल को लगा $2.7 बिलियन का झटका, एआई इंडस्ट्री में नई हलचल

सिलिकॉन वैली / नई दिल्ली: वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री में इस साल का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल देखने को मिला है। गूगल (Google) के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंजीनियरिंग और जेमिनी (Gemini AI) प्रोजेक्ट के को-लीड नोआम शेज़ीर (Noam Shazeer) ने कंपनी छोड़ दी है। वह अब गूगल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी और चैटजीपीटी (ChatGPT) निर्माता कंपनी OpenAI में शामिल हो गए हैं। यह खबर इसलिए भी पूरी टेक दुनिया में तहलका मचा रही है क्योंकि महज दो साल पहले (2024 में) गूगल ने नोआम शेज़ीर को अपनी कंपनी में वापस लाने के लिए $2.7 बिलियन (करीब 22,500 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम डील की थी। उनके अचानक OpenAI में जाने को गूगल के लिए एक बहुत बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। नोआम शेज़ीर ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी नोआम शेज़ीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी इस नई पारी की घोषणा करते हुए लिखा: “मैं यह साझा करने के लिए उत्साहित हूँ कि मैं OpenAI में शामिल हो रहा हूँ और वहाँ की असाधारण टीम के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूँ। आगे बढ़ने का फैसला कठिन था। मुझे गूगल की अद्भुत टीम और हमने मिलकर जो कुछ भी बनाया है, उस पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है।” ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) ने भी इस पर खुशी जताते हुए लिखा कि वह OpenAI की शुरुआत (10 साल पहले) से ही नोआम के साथ काम करना चाहते थे, और आखिरकार वह पल आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI में नोआम शेज़ीर ‘AI आर्किटेक्चर रिसर्च’ के प्रमुख के तौर पर काम करेंगे, जहां वह नए शक्तिशाली एआई मॉडल्स के निर्माण पर रिसर्च करेंगे। कौन हैं नोआम शेज़ीर और क्यों हैं इतने कीमती? नोआम शेज़ीर को एआई इंडस्ट्री का ‘जीनियस’ या भगवान माना जाता है। उनके इस रूतबे के पीछे मुख्य रूप से 3 बड़ी वजहें हैं: क्यों मची है एआई इंडस्ट्री में हलचल? विशेषज्ञों के अनुसार, एआई की इस रेस में सिर्फ कंप्यूटर या पैसा मायने नहीं रखता, बल्कि नोआम शेज़ीर जैसे मुट्ठी भर ‘एलीट रिसर्चर्स’ सबसे महत्वपूर्ण एसेट हैं। नोआम का ऐसे समय में OpenAI से जुड़ना जब कंपनी अपने आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी कर रही है, इसकी कूटनीतिक और तकनीकी ताकत को दोगुना कर देता है। दूसरी तरफ, जेमिनी मॉडल के मुख्य आर्किटेक्ट को खोने के बाद गूगल को अपनी एआई रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा। Source: Outlook Business Original report: Outlook Business – Noam Shazeer Exits Google For OpenAI — Check His Career & Net Worth Publication: jairashtranews

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