Donald Trump’s Big Change in US Voting System Revealed

Donald Trump voting changes: अमेरिका में वोट देने के तरीके में यह बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप  

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मंगलवार (25 मार्च) को अमेरिका में होने वाले चुनावों में व्यापक बदलाव की मांग वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए। दरअसल, ट्रंप ने वहां के फेडरल चुनावों (केंद्रीय) में वोटिंग के रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना अनिवार्य (Donald Trump voting changes) कर दिया है। यानी जिस तरह भारत में हम मतदान के समय आधार कार्ड या वोटर कार्ड जैसे आधिकारिक आईडी प्रूव देते हैं। ठीक उसी तरह अब अमेरिकी नागरिकों को भी अपनी आईडी प्रूफ दिखाना होगा। आईडी प्रूफ दिखाने के बाद ही वो वोट डालने हेतु रजिस्टर कर सकेगा। इस बीच भारत और कुछ अन्य देशों का हवाला देते हुए इस आदेश में कहा गया है कि “अमेरिका, स्वशासन वाले अग्रणी देश होने के बावजूद, आधुनिक, विकसित और विकासशील देशों द्वारा उपाय में लाए जाने वाले बुनियादी और आवश्यक चुनाव सुरक्षा को लागू करने में विफल रहा है। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “उदाहरण के लिए, भारत और ब्राजील मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ रहे हैं, जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए यह काफी हद तक स्व-सत्यापन पर ही निर्भर है।” अब अमेरिकी मतदाताओं को देना होगा नागरिकता का सबूत (Donald Trump voting changes) प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब मतदाताओं को नागरिकता का सबूत डॉक्यूमेंट फॉर्म में देना होगा। जैसे अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “राज्यों को अपनी मतदाता सूची और मतदाता सूची के रखरखाव के रिकॉर्ड को समीक्षा के लिए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजी) को सौंप देना चाहिए। इस बीच आदेश में चुनाव के दिन तक वोट डालने और उसे प्राप्त करने को आवश्यक बताया गया है। कहा गया है कि फेडरल फंडिंग उस समय सीमा के राज्य अनुपालन पर सशर्त होनी चाहिए। इसके अलावा आदेश में चुनाव सहायता आयोग को चुनावी अखंडता की रक्षा के उद्देश्य से वोटिंग सिस्टम के लिए अपने दिशानिर्देशों में संशोधन करने का निर्देश दिया गया। जानकारी के मुताबिक इसमें यह मार्गदर्शन शामिल होगा कि वोटिंग सिस्टम को उन मतपत्रों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए जो मतगणना प्रक्रिया में बारकोड या क्यूआर कोड का उपयोग करते हैं। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप के आदेश में विदेशी नागरिकों को अमेरिकी चुनाव में योगदान देने या चंदा देने पर भी रोक लगा दी गई है।  इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन कई अमेरिकी चुनावों में मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान करने की है सुविधा (Donald Trump voting changes) बता दें कि आदेश में डेनमार्क और स्वीडन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये देश व्यक्तिगत रूप से मतदान करने में असमर्थ लोगों के लिए मेल-इन वोटिंग को समझदारी से सीमित करते हैं और पोस्टमार्क की तारीख की परवाह किए बिना देर से आने वाले वोटों की गिनती नहीं करते हैं, लेकिन कई अमेरिकी चुनावों में अब मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान की सुविधा है (Donald Trump voting changes)। कई अधिकारी बिना पोस्टमार्क वाले या चुनाव की तारीख के बाद प्राप्त मतपत्रों को स्वीकार करते हैं। जनवरी में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को पटखनी देकर सत्ता में लौटे राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि “धोखाधड़ी, त्रुटियों या संदेह से मुक्त स्वतंत्र, निष्पक्ष और ईमानदार चुनाव हमारे संवैधानिक गणतंत्र को बनाए रखने के लिए मौलिक हैं।” इस बीच ट्रंप ने कहा कि “अमेरिकी नागरिकों का अपने वोटों को अवैध रूप से कमजोर किए बिना उचित ढंग से गिनती और सारणीबद्ध करने का अधिकार, चुनाव के असली विजेता का निर्धारण करने के लिए महत्वपूर्ण है।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump voting changes #DonaldTrump #USVoting #Election2024 #TrumpPolicies #VotingChanges #TrumpCampaign #USElections #BallotReform #TrumpNews #VotingRights

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Breast Cancer

नैनोटेक्नोलॉजी का कैंसर पर हमला! ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में नई उम्मीद

ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें असमान्य ब्रेस्ट सेल्स अनियंत्रित रूप से ग्रो होते हैं और ट्यूमर का रूप ले लेते हैं। अगर इसकी सही जांच न हो पाए ,तो यह ट्यूमर पूरे शरीर में फैल जाता है और घातक हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर सेल्स की शुरुआत मिल्क डक्ट्स के मिल्क प्रोड्यूसिंग लोब्यूल्स के अंदर होती हैं।  ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) के इलाज के कई विकल्प हैं और यह मरीज की उम्र, हेल्थ, कैंसर टाइप आदि पर निर्भर करते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी यह बताती है कि नैनोटेक्नोलॉजी में एक महत्वपूर्ण सफलता ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज में सुधार कर सकती है। आइए जानें नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) के बारे में। नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर: पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार स्किन कैंसर के बाद ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) महिलाओं में होने वाला सामान्य कैंसर है। लेकिन ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को नहीं होता बल्कि यह समस्या पुरुषों को भी हो सकती है। हर कोई कुछ ब्रेस्ट टिश्यूज के साथ पैदा होता है इसलिए यह समस्या किसी को भी हो सकती है। यह एक गंभीर समस्या है। जैसा कि पहले ही बताया गया है ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) एक गंभीर समस्या है और इसके उपचार के कई विकल्प मौजूद हैं। इसके लिए शोधकर्ता ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के अभी मौजूद ट्रीटमेंट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नेक्स्ट जनरेशन नैनोपार्टिकल्स को डेवलेप कर रहे हैं। ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) इस रोग का सबसे घातक रूप है। अब जानिए नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) के बारे में। नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) ऑस्ट्रेलिया में वैज्ञानिक एक नए और एडवांस तरीके से ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए नए नैनोपार्टिकल्स बनाना है। ये नैनोपार्टिकल्स बहुत छोटे हैं। इन नैनोपार्टिकल्स को शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने और कैंसर सेल्स को पहचानने और हमला करने में मदद करने के लिए बनाया किया गया है। इस शोध को 3 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के ग्रांट से सपोर्ट मिला है और यह ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के अलावा अन्य मुश्किल इलाज योग्य कैंसर के इलाज में भी मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रिसर्च ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज में बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे इस खतरनाक बीमारी का जल्दी प्रभावी इलाज विकसित कर सकते हैं। यह इलाज उन महिलाओं के लिए आशा की किरण हो सकता है, जो इस बीमारी का सामना कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: मां बनने की उम्र का लग सकता है अंदाजा: अब एक टेस्ट से पता चलेगा महिला के शरीर में कितने एग बचे हैं? क्या ब्रेस्ट कैंसर से बचाव संभव है? हालांकि, ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) से बचाव संभव नहीं है, लेकिन इसके डेवलेप होने के रिस्क को कम किया जा सकता है। इसके लिए नियमित जांच और मैमोग्राम्स जरुरी है ताकि ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी निदान हो सके। लेकिन, कुछ अन्य तरीकों से इसके रिस्क को कम किया जा सकता है: कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) का जोखिम इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि उनके परिवार के सदस्यों को यह बीमारी है या इसका कारण जेनेटिक म्युटेशन है। अगर आपकी स्थिति भी ऐसी ही है, तो आपको निम्नलिखित बातों पर विचार करना चाहिए: अगर आपको ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) का अधिक खतरा है, तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में बात करें ताकि जल्दी निदान या बचाव की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Breast Cancer #Studyonnanotechnologyandbreastcancer #Triple-NegativeBreastCancer #breastcancer #cancer

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Yuzvendra Chahal and Dhanashree Verma Divorce

Yuzvendra Chahal divorce reason: क्या इस वजह से हुआ युजवेंद्र चहल का तलाक?

20 मार्च, 2025 को भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और कोरियोग्राफर धनाश्री वर्मा ने आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया। इस तलाक से उनके फैंस चौंक गए। युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा के फैन्स तब चौंक गए जब उनके तलाक की खबरें पहली बार सुर्खियों में आईं थी। हालांकि शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के अलग-अलग रहने की अफवाहें फैलने लगी थी। बता दें कि दिसंबर 2020 में युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा ने गुड़गांव में एक इंटिमेट सेरेमनी में शादी की थी। शादी के कुछ ही महीनों बात दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी। शुरूआती अफवाहों के बीच उनके फैंस को यकीन नहीं हो रहा था कि शादी के साल भीतर ही दोनों के बीच अलग रह रहे हैं। खैर, इस बीच उनके बीच तलाक की लेने की अफवाहों ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया। मार्च 2025 में, सेलेब्स ने ऑफीशियली तलाक ले लिया। तलाक के बाद बड़ा सवाल यह कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसके चलते दोनों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी से अलग होने का फैसला (Yuzvendra Chahal divorce reason) किया। इस बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ का मानना है कि दोनों ने एक दूसरे को चीट किया तो कुछ का मानना है कि चहल ने धनश्री के साथ गलत किया तो कुछ धनश्री को दोषी ठहरा रहे हैं।  मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का था मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण खैर इस बीच वरिष्ठ पत्रकार विक्की लालवानी ने कपल के अलग होने की असली वजह के बारे में बताया। दरअसल, विक्की लालवानी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि चहल और वर्मा अपनी पर्सनैलिटी में अंतर की वजह से एक साथ नहीं रहा करते थे। लेकिन इस बीच जब धनाश्री ने युजवेंद्र से हरियाणा से हमेशा के लिए मुंबई जाने को कहा तो चीजें बिगड़ गईं। लालवानी के मुताबिक, शादी के बंधन में बंधने के बाद दोनों हरियाणा स्थित यजुवेंद्र चहल के माता-पिता के साथ रहने लगे थे। हालाँकि इस दरम्यान अक्सर मुंबई आया-जाया करते थे। लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। लालवानी ने अपनी पोस्ट में कहा कि “मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का एक मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण था।, क्योंकियजुवेंद्र चहल ने साफ किया था कि “वह अपने माता-पिता के घर और आस-पास के माहौल से खुद को अलग नहीं करेंगे।” हालांकि रिपोर्ट में साफ तौर से कहा गया था कि यह कपल तलाक लेने जा रहा है। लेकिन इस खबर की पुष्टि तब हुई जब दोनों को तलाक की सुनवाई के लिए अपनी कानूनी टीम के साथ बांद्रा फैमिली कोर्ट में देखा गया।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात  अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है, अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं (Yuzvendra Chahal divorce reason) बता दें कि इससे पहले, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें छह महीने की कूलिंग-ऑफ ड्यूरेशन से छूट दे दी थी। इसलिए अंतिम सुनवाई 20 मार्च, 2025 को हुई। इसके पीछे का बड़ा कारण यह कि चहल आईपीएल 2025 में हिस्सा लेने के चलते 21 मार्च, 2025 से व्यस्त रहेंगे। कार्यवाही के बाद चहल के वकील नितिन कुमार गुप्ता ने दोनों के तलाक की पुष्टि (Yuzvendra Chahal divorce reason) की। तलाक की पुष्टि करते हुए चहल के वकील ने कहा कि “अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है। अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं।” हालांकि बार और बेंच ने यह भी बताया कि “भारतीय क्रिकेटर अपनी अलग हो चुकी पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में 4.75 करोड़ रुपये देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Yuzvendra Chahal divorce reason #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #DhanashreeDivorce​#YuzvendraDhanashree​

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PBKS vs GT

PBKS won by 11 runs:आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात 

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 11 रनों से हरा (PBKS won by 11 runs) दिया। गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया मुकाबला काफी रोमांचक रहा। दरअसल, जीत के इरादे से मैदान में उतरी पंजाब किंग्स की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 243 रन बनाए। जिसमें कप्तान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 97 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम ने शानदार शुरुआत की और ऐसा लग रहा था कि वेवो बड़ी आसानी से 244 रन के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे, लेकिन मैच के अंतिम ओवरों में विजय कुमार वय्शक ने ऐसी धारदार गेंदबाजी की कि खेल का समीकरण ही बदल गया। उनके कहर बरपाते यॉर्कर और बेहतरीन लाइन-लेंथ के सामने गुजरात के बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं। पूरी की  पूरी टीम  सिर्फ 232 रन ही बना सकी। जिसके चलते पंजाब ने 11 रन से यह मुकाबला जीत लिया।  इस जीत (PBKS won by 11 runs) के बाद पंजाब किंग्स प्वाइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच तो गई गौर करने वाली बात यह कि इस जीत (PBKS won by 11 runs) के बाद पंजाब किंग्स प्वाइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच तो गई है लेकिन पंजाब किंग्स की जीत के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद टॉप पर बनी हुई है। बता दें कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर पॉइंट टेबल में दूसरे नंबर पर है। यही नहीं, मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत दर्ज करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स चौथे नंबर पर है। इसके अलावा दिल्ली कैपिटल्स पॉइंट टेबल में पांचवें नंबर पर है। इन सभी टीमों के 2-2 अंक हासिल किए हैं। लेकिन, नेट रन रेट के आधार पर एक दूसरे से आगे-पीछे हैं। ध्यान देने वाली अहम बात यह कि लखनऊ सुपर जायंट्स, मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स को इस सीजन की अपनी पहली जीत का इंतजार है। अब तक हुए मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स ने हराया है। मुंबई इंडियंस को चेन्नई सुपर किंग्स ने, पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस ने और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराया। इसके अलावा सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को करारी शिकस्त दी है। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के तीसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की आंधी के सामने पस्त हुए मुंबई इंडियंस के धुरंधर गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन ही बना सकी (PBKS won by 11 runs)  खैर, बात करें इस मुकाबले कि तो पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 11 रन से हरा (PBKS won by 11 runs) दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन बनाए। इस बीच पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने 42 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए। इसके जवाब में गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन ही बना सकी। गुजरात टाइटंस की ओर से सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन ने 41 गेंदों पर सर्वाधिक 74 रन बनाए। ध्यान देने वाली बात यह कि दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने मिली। टक्कर इस कदर थी कि मैच कभी पंजाब किंग्स के पाले में तो कभी गुजरात टाइटंस में जाता दिख रहा था। अंततः पंजाब किंग्स ने गुजरात के जबड़े से जीत छीन ही ली। गुजरात को हराने के साथ ही पंजाब किंग्स को प्वाइंट्स टेबल में भी फायदा हुआ। कहने की जरूरत नहीं शुरुआती टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत करना किसी भी टीम के लिए बेहतर होता है। जाहिर सी बात है, आगे जाकर यह जीत पंजाब किंग्स को फायदा दे सकती है। हालांकि अभी शुरुआती चरण है, लेकिन इस टूर्नामेंट में खुद को बनाए रखने हेतु हर जीत अहम है।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 PBKS won by 11 runs #PBKSvsGT #PunjabKings #GTvsPBKS #IPL2024 #CricketBuzz #TATAIPL #GT #PunjabKingsWin #IPLThriller #CricketFever

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Vinayak Chaturthi 2025

Vinayak Chaturthi 2025: जानें तिथि, पूजा विधि और इस दिन का महत्व

भारतीय संस्कृति और परंपराओं में विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का विशेष महत्व है। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति के रूप में पूजा जाता है। विनायक चतुर्थी हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2025 में विनायक चतुर्थी 26 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन भक्तगण गणेश जी (Lord Ganesha) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह तिथि 26 अगस्त, सोमवार को पड़ रही है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 25 अगस्त 2025 को रात 10:15 बजे से होगा और इसका समापन 26 अगस्त 2025 को रात 08:32 बजे तक होगा। इस दिन गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का व्रत रखा जाता है और शुभ मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना की जाती है। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक रहेगा। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का महत्व विनायक चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने गणेश जी की रचना की थी। गणेश जी (Ganesh Ji) को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है। विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग लगाए जाते हैं। इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विनायक चतुर्थी की पूजा विधि विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी (Ganesh Ji) की पूजा विधि-विधान से की जाती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद गणेश जी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें। गणेश जी की मूर्ति को लाल कपड़े पर स्थापित करें और उन्हें फूल, अक्षत, रोली और चंदन से सजाएं। गणेश जी को मोदक, लड्डू और अन्य मिष्ठान्न का भोग लगाएं। इसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गणेश जी की आरती करें। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा (एक प्रकार की घास) अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। पूजा के बाद गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करना भी आवश्यक होता है। विसर्जन के समय भक्तगण “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या” का जाप करते हैं और गणेश जी से अगले वर्ष फिर से आने का आग्रह करते हैं। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? विनायक चतुर्थी व्रत कथा विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) के दिन व्रत कथा सुनने और पढ़ने का भी विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने स्नान करने से पहले अपने शरीर के मैल से एक बालक की रचना की और उसे अपना द्वारपाल बना दिया। उन्होंने बालक को आदेश दिया कि वह किसी को भी अंदर न आने दे। जब भगवान शिव वहां आए तो बालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर क्रोधित होकर भगवान शिव ने बालक का सिर काट दिया। जब माता पार्वती को इस बात का पता चला तो वे बहुत दुखी हुईं। भगवान शिव ने उन्हें खुश करने के लिए एक हाथी के बच्चे का सिर बालक के धड़ पर लगा दिया और उसे जीवित कर दिया। इस तरह गणेश जी का जन्म हुआ और उन्हें सभी देवताओं में प्रथम पूज्य का दर्जा मिला। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व विनायक चतुर्थी न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह त्योहार समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। इस दिन लोग एक-दूसरे के घर जाकर गणेश जी की पूजा करते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। गणेश उत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक के माध्यम से गणेश जी की महिमा का गुणगान किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Vinayak Chaturthi 2025 #VinayakChaturthi #VinayakChaturthi #HinduFestival #Ganeshji

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Chanakya Niti

चाणक्य नीति के अनुसार किन जगहों पर जाने से बढ़ सकती मुसीबत?

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) भारतीय इतिहास और दर्शन का एक अमूल्य ग्रंथ है, जो जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करता है। चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताया है, जहां भूलकर भी नहीं जाना चाहिए। इन जगहों पर जाने से व्यक्ति को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी जगहें हैं और क्यों इनसे दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति: वे 5 जगहें, जहां भूलकर भी कभी नहीं जाना चाहिए वरना झेलेंगे बड़ा नुकसान 1. जहां लोगों में संस्कार की कमी हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां लोगों में संस्कार की कमी हो। संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को आकार देते हैं। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार पैदा हो सकते हैं और उसका चरित्र भी प्रभावित हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, संस्कारहीन लोगों के साथ रहने से व्यक्ति का नैतिक पतन हो सकता है और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 2. जहां रोजगार न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां रोजगार के अवसर न हों। रोजगार व्यक्ति के जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन में स्थिरता नहीं आ सकती। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और उसका जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, रोजगार के अभाव में व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है और उसे मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 3. जहां शिक्षा का माहौल न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां शिक्षा का माहौल न हो। शिक्षा व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देती है और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का बौद्धिक विकास रुक सकता है और उसके जीवन में अज्ञानता का अंधकार छा सकता है। चाणक्य के अनुसार, शिक्षा के अभाव में व्यक्ति का भविष्य अंधकारमय हो सकता है और उसे सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 4. जहां अपने न रहते हों चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां अपने लोग न रहते हों। अपने लोगों का साथ व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक सहारा देता है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को अकेलापन और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, अपनों के बिना जीवन नीरस और अधूरा हो सकता है और व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत 5. जहां इज्जत न मिले चाणक्य ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां इज्जत न मिले। इज्जत व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा धन है और इसके बिना जीवन अधूरा है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का आत्मसम्मान घट सकता है और उसे सामाजिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, इज्जत के बिना जीवन निरर्थक हो सकता है और व्यक्ति को हमेशा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति का महत्व चाणक्य नीति (Chanakya Niti) जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करती है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि व्यावसायिक और सामाजिक जीवन में भी मार्गदर्शन प्रदान करती है। चाणक्य की नीतियां व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाती हैं और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती हैं। चाणक्य ने जिन जगहों और स्थितियों से दूर रहने की सलाह दी है, उनका पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chanakya Niti #5Places #ChanakyaNiti #Chanakya #Places

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Wife kills husband

Wife kills husband: बेंगलुरु में शक के चलते पत्नी ने मां संग मिलकर धारदार हथियार से रेता पति का गला 

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुस्कान ने जिस तरह से अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या की, उसके बाद से एक के बाद एक अनगिनत मिलते जुलते मामले सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। ताजा मामला है बेंगलुरु का, जहाँ एक महिला ने अपने पति की गाला रेतकर (Wife kills husband) हत्या कर दी और शव को लावारिस अवस्स्था में छोड़कर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक महिला ने अपने पति के कई अवैध संबंधों और धंधों से नाराज होकर उसकी हत्या कर दी। इस हत्याकांड में महिला ने अपनी माँ का भी सहारा लिया। अपनी मां के साथ मिलकर सबसे पहले उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर अपने पति को दी। और फिर बेहोश होने पर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी लोकनाथ सिंह की हत्या के आरोप में मां और बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बताया कि “यह घटना तब सामने आई जब शनिवार को चीक्कबनावारा के एक सुनसान इलाके में एक लावारिस कार में कुछ लोगों की नजर एक शव पर पड़ी। नजर पड़ते लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी।  बेहोशी की हालत में सूनसान जगह पर ले जाकर चाकू से रेता पति का गला (Wife kills husband)  पुलिस ने खुलासा किया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले व्यक्ति के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं ताकि वह बेहोश हो जाए। फिर वे उसे एक सुनसान इलाके में ले गए और सूनसान इलाके में ले जाकर चाकू से उसका गला (Wife kills husband) रेत दिया। और गला रेतने के बाद दोनों वहां से फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक हत्या का कारण पीड़ित के कथित अवैध संबंध और गैरकानूनी व्यापारिक लेन-देन बताया गया है। बता दें कि उत्तर बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) सैदुल अदावथ ने मीडिया को बताया कि “हमें शनिवार शाम 5:30 बजे 112 पर एक आपातकालीन कॉल मिली, जिसमें शव के बारे में जानकारी दी गई। फिलहाल हमने उसकी पत्नी और मां को अपराध के लिए गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।” तो, वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि “लोकनाथ का दो साल से महिला के साथ संबंध था और उन्होंने दिसंबर में कुनिगल में शादी की थी। हालांकि, उम्र अधिक होने के चलते परिवार वालों ने इस रिश्ते का विरोध किया था।  इसे भी पढ़ें:-सॉरी पापा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 29 वर्षीय टीचर ने की आत्महत्या  धमकी के बाद उसकी माँ-बेटी ने मिलकर बनाई (Wife kills husband) रास्ते से हटाने की योजना  गौर करने वाली बात यह कि किसी को भी इस शादी की जानकारी नहीं थी। और तो और शादी के तुरंत बाद, लोकनाथ ने अपनी पत्नी को उसके माता-पिता के घर छोड़ दिया था। कमाल की बात यह कि उसके परिवार को शादी के बारे में दो हफ्ते पहले ही पता चला। इसी दौरान लोकनाथ की पत्नी और ससुराल वालों को उसके कथित अवैध संबंधों और गैरकानूनी व्यापारिक गतिविधियों के बारे में पता चला गया। इस बीच दोनों का रिश्ता बिगड़ता गया क्योंकि दंपति अक्सर झगड़ते थे। उनका आपसी झगड़ा इस कदर बढ़ गया था कि बात तलाक तक जा पहुंची थी। खैर, इस दरम्यान स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित तौर पर लोकनाथ ने अपने ससुराल वालों को धमकाना शुरू कर दिया। न सिर्फ उसने धमकाया बल्कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। इस चेतावनी के बाद उसकी पत्नी और माँ ने उसे रास्ते से हटाने की योजना (Wife kills husband) बनाई। खैर, इस बीच पुलिस ने यह भी बताया कि “लोकनाथ बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच द्वारा एक धोखाधड़ी मामले में जांच के दायरे में था। कहने की जरूरत नहीं, इस हादसे ने स्थानीय लोगों को सदमे में डाल दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Wife kills husband BengaluruCrime #BreakingNews #TrueCrime #IndiaNews #CrimeReport #DomesticDispute #ViralNews #BengaluruUpdates

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Oppo F29

Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में?

ओप्पो (Oppo) कंपनी के फोन उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे, पावरफुल परफॉरमेंस और बेहतरीन डिजाइन के लिए जाने जाते हैं। यह कंपनी अपने कस्टमर्स को नई सुविधाएं और टेक्निक्स प्रदान करती हैं जैसे फास्ट चार्जिंग, एआई पॉवर्ड कैमरा आदि। यह फोन कई सीरीज में उपलब्ध हैं। ओप्पो कंपनी समय-समय पर नए उत्पादों को लांच करती रहती है। हाल ही में इन्होने वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) बाजार में उतारे हैं जो बहुत ही कम दामों में मिल रहे हैं। यानी, आपको कम कीमत में बेहतरीन वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) मिल सकते हैं। आइए जानें किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone) के बारे में और इनके फीचर्स के बारे में भी जानें। किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone): पाएं जानकारी ओप्पो  (Oppo) ने भारत में अपनी नई F29 सीरीज को लांच किया है। यह सीरीज दो हैंडसेट्स के साथ आई है एक है ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) और दूसरा है F29 । यह दोनों हैंडसेट एडवांस सिग्नल बूस्टर फीचर के साथ आते हैं और स्ट्रांग कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। इन फोन्स को बहुत अच्छे से डिजाइन किया गया। लेकिन, इनका खास बात यह है कि फोन के अंदर पानी जाने पर भी यह फोन खराब नहीं होंगे। ओप्पो F29 (Oppo F29) 5G की कीमत 23,999 रुपये से शुरू होती है। इन्हें आप ओप्पो  (Oppo) के ई-स्टोर पहले ही आर्डर कर सकते हैं। बुक किए गए फोन 27 मार्च के बाद डिलीवर किए जाएंगे। ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) के दूसरे वेरिएंट की कीमत 27,999 रुपये है। इसके कुछ अन्य वेरिएंट भी उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत इससे थोड़ी ज्यादा है।  ओप्पो वाटरप्रूफ फोन: क्या हैं इसके फीचर्स? ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) कई फीचर्स के साथ आते हैं। इसकी सबसे खास बात तो यही है कि यह कम कीमत के हैं और वाटरप्रूफ हैं।  आइए जानें इनके बारे में विस्तार से:  डिस्प्ले: ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) और F29 में 6.7 इंच का फुल-एचडी और AMOLED डिस्प्ले है। अगर बात की जाए इसके रिफ्रेश रेट का तो इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है और टच सैंपलिंग रेट 240Hz तक है। ओप्पो F29 का स्टैंडर्ड वेरिएंट कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i के साथ आ रहा है। प्रोसेसर: इस फोन के स्टैंडर्ड मॉडल में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 6 जेन 1 प्रोसेसर दिया गया है। वहीं, इसका प्रो मॉडल मीडिया टेक डीमेंसिटी 7300 एनर्जी प्रोसेसर के साथ आता है। इस सीरीज के स्मार्टफोन 12GB LPDDR4X रैम और 256जीबी UFS 3.1 स्टोरेज को सपोर्ट करते हैं। ये एंड्राइड 15 पर बेस्ड कलर ओएस 15 पर काम करते हैं। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar बैटरी: ओप्पो F29 5G 6,500mAh की बैटरी है और यह बैटरी 45W SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है। F29 प्रो में 6,000mAh की बैटरी है और यह बैटरी 80W SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह दोनों फोन इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ उपलब्ध हैं, इसके साथ ही इनमें 5G, 4G, वाई-फाई 6, ब्लूटूथ, OTG, GPS और USB टाइप-C हैं।  कैमरा: कैमरे की बात करें तो F29 Pro 5G में OIS के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का डेप्थ सेंसर है, जबकि F29 5G में भी यही 50MP का सेंसर है, लेकिन OIS के बिना। दोनों डिवाइस में 16MP का सेल्फी कैमरा है। आप किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone) को ऑनलाइन आसानी से खरीद सकते हैं। F29 Pro 5G को मार्बल व्हाइट और ग्रेनाइट ब्लैक रंग में लांच किया गया है, जबकि F29 5G सॉलिड पर्पल और ग्लेशियर ब्लू रंग में मिलेगा। आप अपनी पसंद का फोन चुन सकते हैं और आसानी से उसे आर्डर कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Oppo F29 Pro #OppoF29Pro #Oppo #AffordableOppowaterproofphone #OppoF29 #waterproofphone

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Eknath Shinde & Kunal Kamra

हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए: एकनाथ शिंदे 

महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कॉमेडियन कुणाल कामरा (Comedian Kunal Kamra) द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy CM Eknath Shinde) पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद तेजी से बढ़ गया है। एक ओर उद्धव ठाकरे (Udhaw Thakrey) गुट कुणाल कामरा के समर्थन में खड़ा है, तो दूसरी ओर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने कामरा को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा है। इस विवाद के बीच अब एकनाथ शिंदे का बयान भी सामने आ गया है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बीबीसी मराठी के एक कॉन्क्लेव में इस मामले पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है और हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। किसी के खिलाफ बयान देना ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह ‘सुपारी’ लेकर बोला गया लगे। हर किसी को अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।” एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने आगे कहा कि कुणाल कामरा (Kunal Kamra) की टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि किसी एजेंडे के तहत दिया गया बयान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि वे काम करने वाले व्यक्ति हैं और अनावश्यक बहस में पड़ना नहीं चाहते। शिवसेना कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़ जब शिंदे से पूछा गया कि क्या वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने इस पर संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं कभी भी तोड़फोड़ का समर्थन नहीं करता, लेकिन जब कोई व्यक्ति आरोप लगाता है, तो उसे भी अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी। मैं संवेदनशील और सहनशील हूं, लेकिन सभी कार्यकर्ता इतने सहनशील नहीं हो सकते।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि शिंदे सीधे तौर पर तोड़फोड़ का समर्थन नहीं कर रहे, लेकिन इसे कार्यकर्ताओं की स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। क्या कहा था कुणाल कामरा ने? कुणाल कामरा  (Kunal Kamra)  ने मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट स्टूडियो में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के गाने का संशोधित संस्करण प्रस्तुत कर एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया था। इस प्रस्तुति में उन्होंने ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग कर शिंदे पर तंज कसा, जिससे शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद रविवार रात बड़ी संख्या में शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ता होटल यूनिकॉन्टिनेंटल के बाहर इकट्ठा हुए, जहां क्लब स्थित था, और उन्होंने क्लब व होटल परिसर में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि कामरा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353(1)(बी) (सार्वजनिक उत्पात संबंधी बयान) और 356(2) (मानहानि) समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसे भी पढ़ें: योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल विवाद के राजनीतिक मायने इस पूरे विवाद का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर साफ दिख रहा है। एक तरफ उद्धव ठाकरे गुट इस मामले में कुणाल कामरा का समर्थन कर रहा है, तो दूसरी तरफ शिवसेना (शिंदे गुट) अपने नेता के बचाव में खड़ा है। यह विवाद न केवल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है, बल्कि इसमें कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस भी तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे हास्य और व्यंग्य की स्वतंत्रता मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे लक्षित हमले के रूप में देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी प्रक्रिया में इस मामले का क्या नतीजा निकलता है और इसका महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) पर क्या प्रभाव पड़ता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Eknath Shende #ComedianKunalKamra #Shivsena #EknathShende #MahrashtraPolice

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Government Scheme Review Meeting

नय वित्त वर्ष में सरकार की योजनाओं की होगी समीक्षा, हो सकते हैं बड़े बदलाव!

1 अप्रैल से नय फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत होने जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें कई बड़े बदलावकिये जा सकते हैं। केंद्र सरकार (Central Government) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के खर्च की गुणवत्ता, फंड्स के सही उपयोग और उनकी प्रभावशीलता पर विचार विमर्श करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अनावश्यक योजनाओं को खत्म करना और सरकारी फंड्स (Government Funds) के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। हर पांच साल में होती है समीक्षा यह समीक्षा हर पांच साल में एक बार की जाती है, जिससे योजनाओं को उनकी उपयोगिता और आवश्यकता के आधार पर जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सके। सरकार इस रिव्यू प्रक्रिया को नए वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगे बढ़ाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं में अनावश्यक खर्च को रोका जाए और अधिक प्रभावी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। किन बिंदुओं पर की जा सकती है समीक्षा? सरकार इस समीक्षा में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने जा रही है। इनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा— समीक्षा प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग प्रमुख भूमिका निभाएगा और विभिन्न मंत्रालयों से फीडबैक लेकर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और उनका बजट अप्रैल में आ सकती है समीक्षा रिपोर्ट सरकार ने नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां राज्य सरकारों की योजनाएं केंद्र की योजनाओं के समान हैं। अप्रैल 2025 तक नीति आयोग की रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसमें यह सिफारिशें शामिल होंगी कि- नीति आयोग की रिपोर्ट को वित्त आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का बजट और महत्व केंद्र सरकार (Central Government) विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) को भी लागू कर रही है, जिनमें शामिल हैं— CSS बजट 2025-26 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने CSS के तहत 5.41 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है।2024-25 में यह बजट 5.05 लाख करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित कर 4.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने मार्च 2015 में मुख्यमंत्रियों के एक उप-समूह का गठन कर CSS योजनाओं की संख्या 130 से घटाकर 75 कर दी थी। यह फैसला योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल क्या होगा बदलाव? इस समीक्षा से सरकार बिना उपयोग वाली योजनाओं को बंद करेगी।कम प्रभावी योजनाओं को मिलाकर एक नई, प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में बेहतर तरीके से हो।फंड्स का सही उपयोग हो, जिससे लाभार्थियों को अधिक फायदा मिले। केंद्र सरकार (Central Government) का यह कदम सरकारी योजनाओं को बेहतर, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस समीक्षा से बेहतर योजना प्रबंधन और फंड के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि अप्रैल में आने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में कौन-कौन सी योजनाओं पर बदलाव की सिफारिश की जाती है और वित्त आयोग इस पर क्या निर्णय लेता है! Latest News in Hindi Today Hindi news Government Scheme Review Meeting #GovernmentScheme #RivewMeeting #CentralGovernment #GovernmentScheme

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