महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026: बीएमसी चुनाव की ताजा अपडेट्स, उम्मीदवार और मतदान की पूरी जानकारी

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026: बीएमसी चुनाव की ताजा अपडेट्स, उम्मीदवार और मतदान की पूरी जानकारी

जयराष्ट्र न्यूज रिपोर्टरदिनांक: 12 जनवरी 2026 महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं क्योंकि राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव नजदीक आ गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा ध्यान मुंबई की ब्रिहनमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव पर है, जो 15 जनवरी 2026 को होने वाला है। यह चुनाव न केवल मुंबई की सत्ता तय करेगा बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति पर असर डालेगा। महायुति गठबंधन, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना शामिल हैं, ने मुंबई को फिर से ‘सफरन’ बनाने का दावा किया है। वहीं, उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना और कांग्रेस जैसी पार्टियां मजबूत चुनौती दे रही हैं। इस लेख में हम महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 की पूरी जानकारी, ताजा अपडेट्स, उम्मीदवारों की सूची, मतदान प्रक्रिया और चुनाव के महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह लेख एसईओ फ्रेंडली है और सरल भाषा में लिखा गया है ताकि आम जनता आसानी से समझ सके। महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 का महत्व क्यों है? महाराष्ट्र भारत का आर्थिक केंद्र है, और मुंबई जैसे शहर की नगर निगम सत्ता पर कब्जा करना हर राजनीतिक दल के लिए सपना होता है। बीएमसी का बजट हजारों करोड़ रुपये का है, जो सड़कें, सफाई, पानी, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी सेवाओं को संभालता है। 2026 के चुनाव में करीब 1 करोड़ से ज्यादा मतदाता हिस्सा लेंगे, जो इसे देश का सबसे बड़ा स्थानीय चुनाव बनाता है। राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने घोषणा की है कि 29 नगर निगमों में से धुले, अहमदनगर, जलगांव, सांगली जैसे शहर शामिल हैं। लेकिन मुंबई का बीएमसी चुनाव सबसे हॉट टॉपिक है क्योंकि यहां ठाकरे भाइयों की एकता की अपील सुर्खियां बटोर रही है। पिछले कुछ सालों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव हुए हैं। 2019 में शिवसेना टूट गई थी, जिसके बाद एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ सरकार बनाई। अब 2026 के चुनाव में ‘मराठी मानूस’ का मुद्दा फिर से उभरा है। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) भी मैदान में है, जो स्थानीय मुद्दों पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव 2029 के लोकसभा चुनावों की दिशा तय कर सकता है। अगर महायुति जीतती है, तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की स्थिति मजबूत होगी। वहीं, विपक्ष की जीत से उद्धव ठाकरे का राजनीतिक करियर नई ऊंचाई छू सकता है। बीएमसी चुनाव 2026 की तारीख और शेड्यूल राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव की पूरी समय-सारणी जारी कर दी है। मतदान 15 जनवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। परिणाम 18 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। मुंबई में 227 वार्ड हैं, जहां से पार्षद चुने जाएंगे। कुल 1700 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन की प्रक्रिया दिसंबर 2025 में पूरी हो चुकी है, और अब प्रचार अभियान जोरों पर है। चुनाव आयोग ने कोविड-19 जैसी महामारी से सबक लेते हुए सख्त नियम बनाए हैं। मतदान केंद्रों पर मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से वोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रमुख पार्टियां और उनके वादे इस चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति गठबंधन और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच है। महायुति में बीजेपी, शिंदे शिवसेना और अजीत पवार वाली एनसीपी शामिल हैं। उन्होंने मुंबई को ‘विश्व स्तरीय शहर’ बनाने का वादा किया है। उनके मुख्य वादे हैं: वहीं, एमवीए में उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार वाली एनसीपी हैं। वे ‘मराठी अस्मिता’ पर जोर दे रहे हैं। उनके वादे: राज ठाकरे की एमएनएस ‘मराठी मानूस’ को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा है कि गैर-मराठी लोगों को शहर से बाहर करने की नीति अपनाएंगे। ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज) ने हाल ही में एक संयुक्त रैली में एकता की अपील की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। ताजा अपडेट्स: क्या हो रहा है मैदान में? 12 जनवरी 2026 तक की ताजा खबरों के अनुसार, ठाकरे भाइयों की संयुक्त रैली ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। रैली में उन्होंने कहा, “मुंबई हमारी है, और इसे बचाने के लिए एकजुट हों।” बीजेपी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि मुंबई और ठाणे ‘सफरन’ रहेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम विकास पर चुनाव लड़ रहे हैं, न कि परिवारवाद पर।” एक और अपडेट: शिवसेना (शिंदे) ने अजीत पवार पर आरोप लगाया कि वे अपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट दे रहे हैं। वहीं, एनडीटीवी की पावर प्ले में चुनावी विश्लेषण में कहा गया कि मतदान प्रतिशत 50% से ऊपर जा सकता है। विकिपीडिया के अनुसार, यह चुनाव मुंबई की सिविक सेवाओं को नियंत्रित करेगा। मिड-डे रिपोर्ट के मुताबिक,नागरिक तैयार हैं वोट डालने के लिए। फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने लाइव अपडेट्स में बताया कि प्रचार में ‘मराठी बनाम बाहरी’ का मुद्दा छाया हुआ है। हिंदुस्तान टाइम्स ने कहा कि महायुति मुंबई की पुरानी गरिमा वापस लाएगी। मतदाता सूची कैसे चेक करें? अगर आप मुंबई या अन्य नगर निगम क्षेत्र में रहते हैं, तो अपनी मतदाता सूची चेक करना जरूरी है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, आप ऑनलाइन चेक कर सकते हैं: करीब 1 करोड़ मतदाता हैं, इसलिए पहले से तैयारी करें। चुनाव के प्रभाव और भविष्य यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति का टर्निंग पॉइंट हो सकता है। अगर बीजेपी जीतती है, तो केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट जैसे बुलेट ट्रेन और मेट्रो तेज होंगे। वहीं, विपक्ष की जीत से स्थानीय मुद्दों पर फोकस बढ़ेगा। पर्यावरण विशेषज्ञ कहते हैं कि चुनाव में ग्रीन इश्यूज जैसे प्रदूषण नियंत्रण को महत्व मिलना चाहिए। आम जनता के लिए यह चुनाव मौका है अपनी समस्याएं उठाने का। सड़कें खराब हैं? पानी की कमी है? वोट से बदलाव लाएं। जयराष्ट्र न्यूज रिपोर्टर वेबसाइट आपको लगातार अपडेट्स देती रहेगी। निष्कर्ष: वोट दें, बदलाव लाएं महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 लोकतंत्र का बड़ा उत्सव है। 15 जनवरी को मतदान करें और अपने शहर को बेहतर बनाएं। सरल शब्दों में कहें तो यह चुनाव विकास, एकता और अस्मिता का है। अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करें।

आगे और पढ़ें

महाराष्ट्र 2026 चुनाव: वर्तमान स्थिति और प्रमुख गठबंधन

10 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल गरम है, क्योंकि 29 नगर निगमों (जिसमें BMC मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक आदि शामिल हैं) के चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाले हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी। ये चुनाव 2017-2018 के बाद पहली बार हो रहे हैं, जो OBC आरक्षण विवाद के कारण लंबे समय से लंबित थे। ये स्थानीय निकाय चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण टेस्ट हैं और 2029 विधानसभा चुनाव की झलक दिखा सकते हैं। मुख्य गठबंधन और पार्टियां राज्य स्तर पर महायुति (सत्तारूढ़) और महा विकास अघाड़ी (MVA) (विपक्ष) के बीच मुख्य मुकाबला है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गठबंधन काफी बदल गए हैं। विचारधारा से ज्यादा सत्ता की गणित और स्थानीय हित हावी हैं। महायुति गठबंधन (BJP + शिवसेना शिंदे गुट + अजित पवार NCP): महा विकास अघाड़ी (MVA) (कांग्रेस + उद्धव शिवसेना UBT + शरद पवार NCP): स्थानीय स्तर पर बदलते गठबंधन (क्रॉस-ओवर अलायंस) पिछले परिणाम और वर्तमान ट्रेंड प्रमुख मुद्दे ये चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूती और कमजोरी को और साफ कर सकते हैं। 15 जनवरी को मतदान होगा, और परिणाम 16 जनवरी को आएंगे। राज्य स्तर पर अगला बड़ा चुनाव 2029 में विधानसभा का होगा।

आगे और पढ़ें

फरीदाबाद गैंगरेप पीड़िता एक सप्ताह बाद अस्पताल से डिस्चार्ज, घर लौटीं: न्याय की उम्मीद में परिवार

जय राष्ट्र न्यूज रिपोर्टरद्वारा: विशेष संवाददातादिनांक: 07 जनवरी, 2026फरीदाबाद, हरियाणा: फरीदाबाद में हुए दिल दहला देने वाले गैंगरेप मामले में पीड़िता को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। एक सप्ताह तक अस्पताल में इलाज कराने के बाद वह अब घर लौट आई हैं। यह घटना दिसंबर 30, 2025 को हुई थी, जब दो आरोपियों ने एक 25 वर्षीय महिला को लिफ्ट देने के बहाने अपनी गाड़ी में बिठाया, उसका गैंगरेप किया और फिर चलती गाड़ी से फेंक दिया। पीड़िता तीन बच्चों की मां हैं और इस घटना ने पूरे देश में महिला सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का पूरा विवरण यह दर्दनाक घटना फरीदाबाद के मेट्रो चौक के पास शुरू हुई। पीड़िता अपने पति से झगड़े के बाद मायके में रह रही थीं। घटना वाले दिन, वह अपनी मां से बहस के बाद घर से निकलीं और सेक्टर 23 में एक दोस्त के घर गईं। देर रात होने पर वह घर लौटने के लिए सार्वजनिक परिवहन की तलाश में थीं, लेकिन कोई बस या ऑटो नहीं मिला। ठंड और कोहरे के कारण सड़कें सूनी थीं। तभी एक सफेद मारुति सुजुकी ईको वैन (जो कुछ रिपोर्ट्स में एम्बुलेंस के रूप में बताई गई है) में सवार दो युवकों ने उन्हें लिफ्ट ऑफर की। पीड़िता ने सोचा कि यह सुरक्षित होगा, लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। आरोपी उन्हें गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर एक सुनसान जगह ले गए, जहां उन्होंने बारी-बारी से लगभग 2-3 घंटे तक उनका गैंगरेप किया। एक आरोपी अंदर अपराध कर रहा था, जबकि दूसरा बाहर पहरा दे रहा था। अपराध के बाद, उन्होंने पीड़िता को राजा चौक के पास संजय गांधी मेमोरियल नगर में 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती गाड़ी से फेंक दिया। गिरने से पीड़िता को गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गईं। कोहरे के कारण कोई मदद नहीं मिली, लेकिन उन्होंने किसी तरह अपनी बहन को फोन किया। बहन ने उन्हें उठाया और पहले बादशाह खान सिविल अस्पताल ले गईं, जहां से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें फरीदाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया। पीड़िता की चोटें और अस्पताल में इलाज डॉक्टरों के अनुसार, पीड़िता की हालत बेहद गंभीर थी। उनकी दाहिनी आंख की सॉकेट फ्रैक्चर हो गई थी, कंधा फ्रैक्चर और डिस्लोकेट हो गया था। चेहरे पर दो गहरे कट लगे थे, जिनमें 20 से ज्यादा टांके लगाए गए। सूजन और खून बहने के कारण वह आईसीयू में भर्ती रहीं। इलाज करने वाले डॉक्टर अमित यादव ने बताया कि चोटें अपराध के दौरान विरोध करने और गाड़ी से फेंके जाने से लगीं। कंधे की सर्जरी की योजना थी, लेकिन पीड़िता की हालत स्थिर होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल में एक सप्ताह तक रहने के दौरान पीड़िता का परिवार उनके साथ था। बहन ने मीडिया को बताया कि यह घटना उनके परिवार के लिए सदमा थी, लेकिन पीड़िता की हिम्मत ने उन्हें मजबूती दी। डॉक्टरों ने कहा कि पीड़िता अब खतरे से बाहर हैं, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा। मानसिक सदमे से उबरने के लिए काउंसलिंग की सलाह दी गई है। अस्पताल से डिस्चार्ज और घर वापसी 7 जनवरी, 2026 को पीड़िता को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया, जो घटना के ठीक एक सप्ताह बाद था। घर लौटने पर परिवार ने राहत की सांस ली। हालांकि, सुरक्षा के कारण उनका घर बदल दिया गया है और पुलिस सुरक्षा प्रदान कर रही है। पीड़िता की बहन ने कहा, “वह अब घर पर हैं, लेकिन डर अभी भी है। हम न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।” यह घर वापसी पीड़िता के लिए नई शुरुआत है, लेकिन न्याय की लड़ाई अभी बाकी है। आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई डिस्चार्ज होने के अगले दिन, 8 जनवरी को पीड़िता ने टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड में दोनों आरोपियों को पहचान लिया। परेड ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई। आरोपी उत्तर प्रदेश के मथुरा और झांसी के रहने वाले हैं, जो एक प्राइवेट अस्पताल की एम्बुलेंस में ड्राइवर और हेल्पर के रूप में काम करते थे। पुलिस ने उन्हें घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था और कोर्ट में पेश कर ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया। कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैंगरेप, हमला और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस पीआरओ यशपाल यादव ने कहा कि गाड़ी बरामद कर ली गई है और फॉरेंसिक सैंपल लिए गए हैं। आरोपियों के ब्लड सैंपल से नशे की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से भी सबूत मिले हैं। पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करने की योजना बना रही है। महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल यह घटना भारत में महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठाती है। हरियाणा जैसे राज्य में जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर ऊंची है, ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, 2024 में भारत में 31,000 से ज्यादा रेप केस दर्ज हुए, जिनमें से कई गैंगरेप थे। निर्भया मामले के बाद 2013 में कानून सख्त किए गए, जिसमें गैंगरेप के लिए उम्रकैद या मौत की सजा का प्रावधान है। लेकिन अमल में कमी दिखती है। महिला अधिकार कार्यकर्ता सुनीता शर्मा कहती हैं, “ऐसी घटनाओं में पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन समाज का रवैया बदलना जरूरी है। पुलिस को रात में गश्त बढ़ानी चाहिए और महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना चाहिए।” फरीदाबाद में इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन हुए, जहां लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार की प्रतिक्रिया और समाज का समर्थन पीड़िता का परिवार अब न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। बहन ने बताया कि घटना के बाद पूरे परिवार को सदमा लगा, लेकिन पीड़िता की हिम्मत ने उन्हें संभाला। “वह बच्चों के लिए जीना चाहती हैं,” बहन ने कहा। स्थानीय एनजीओ ने पीड़िता को कानूनी और आर्थिक मदद देने का वादा किया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForFaridabadVictim ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग समर्थन जता रहे हैं। निष्कर्ष: न्याय की राह फरीदाबाद गैंगरेप पीड़िता की घर वापसी एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह अंत नहीं है। न्यायपालिका पर अब दबाव है कि आरोपियों को सख्त सजा मिले। यह घटना हमें याद दिलाती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम… Read More

आगे और पढ़ें

यूक्रेन-रूस शांति वार्ता: ९०% समझौता तैयार, लेकिन खतरे बरकरार

जय राष्ट्र न्यूज रिपोर्टर, ३ जनवरी २०२६ यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध अब तीसरे साल में है। हाल ही में शांति की उम्मीद जगी है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि समझौता ९०% तैयार है। लेकिन चुनौतियां अभी भी हैं। रूस की तरफ से झूठे हमले की चेतावनी दी गई है। यह खबर दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस लेख में हम नवीनतम घटनाओं पर नजर डालेंगे। हम शांति वार्ता की प्रगति देखेंगे। साथ ही, बाधाओं पर भी बात करेंगे। यह जानकारी आपको अपडेट रखेगी। शांति समझौते की प्रगति जेलेंस्की ने नए साल के संबोधन में अच्छी खबर दी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच समझौता लगभग पूरा है। यह युद्ध खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि, रूस को इसमें शामिल करना बाकी है। ट्रंप ने दावा किया कि पुतिन शांति चाहते हैं। लेकिन रूसी अधिकारी सहमत नहीं दिखते। यूक्रेन ने सुरक्षा सहयोगियों से बात की। ये वार्ताएं महत्वपूर्ण हैं। वे समझौते को मजबूत बनाती हैं। रूस का दावा है कि यूक्रेन कमजोर हो रहा है। लेकिन यूक्रेन मजबूती से खड़ा है। इसके अलावा, परमाणु संयंत्र एक बड़ी समस्या है। जपोरिजिया परमाणु संयंत्र: मुख्य बाधा जपोरिजिया संयंत्र यूक्रेन में है। लेकिन रूस ने इसे कब्जा कर रखा है। यह यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है। जेलेंस्की ने कहा कि यह शांति योजना में अटकाव है। यदि रूस इसे नहीं छोड़ेगा, तो खतरा बढ़ेगा। संयंत्र में कोई दुर्घटना हो सकती है। यह पूरे क्षेत्र को प्रभावित करेगी। संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। वे सुरक्षा चाहते हैं। यूक्रेन का कहना है कि रूस इसे हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। इसलिए, समझौते में इसका समाधान जरूरी है। अन्यथा, शांति मुश्किल होगी। रूस की संभावित साजिश यूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी है। वे कहते हैं कि रूस झूठा हमला कर सकता है। यह हमला रूस में ही होगा। इसका उद्देश्य शांति वार्ता बिगाड़ना है। यह फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन होगा। इसमें बड़ी संख्या में लोग मारे जा सकते हैं। चेतावनी के अनुसार, यह हमला चर्च पर हो सकता है। रूसी ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस से पहले। यह ७ जनवरी को है। यूक्रेन ने कहा कि रूस ऐसा करके दोष यूक्रेन पर डालेगा। इससे वार्ता रुक जाएगी। दुनिया को सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, रूस लगातार हमले कर रहा है। हाल ही में एक मिसाइल हमले में दो लोग मारे गए। इसमें एक तीन साल का बच्चा भी था। ३१ लोग घायल हुए। यह दिखाता है कि युद्ध थमा नहीं है। फ्रंटलाइन पर स्थिति यूक्रेन ने फ्रंटलाइन से निकासी का आदेश दिया। हजारों लोगों को सुरक्षित जगह जाना होगा। रूसी सेना आगे बढ़ रही है। खारकीव क्षेत्र में ड्रोन हमले हो रहे हैं। यूक्रेन की सेना नियमों का पालन कर रही है। वे नागरिकों की रक्षा कर रही हैं। हालांकि, रूस का दावा अलग है। वे कहते हैं कि यूक्रेन हार रहा है। लेकिन यूक्रेन ने कहा कि वे लड़ते रहेंगे। शांति के लिए तैयार हैं। लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया दुनिया इस पर नजर रखे हुए है। अमेरिका यूक्रेन का समर्थन कर रहा है। ट्रंप प्रशासन वार्ता को बढ़ावा दे रहा है। यूरोपीय संघ भी शामिल है। वे सुरक्षा गारंटी चाहते हैं। रूस ने कहा कि वे वार्ता के लिए तैयार हैं। लेकिन शर्तें उनकी होंगी। पुतिन ने कोई टिप्पणी नहीं की। लेकिन उनके अधिकारी सक्रिय हैं। इसके अलावा, चीन और भारत जैसे देश मध्यस्थता कर सकते हैं। वे शांति चाहते हैं। २०२६ में शांति की संभावना नए साल में शांति की उम्मीद है। लेकिन बाधाएं हैं। यदि झूठे हमले हुए, तो सब बिगड़ सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि वार्ता जारी रखनी चाहिए। दोनों पक्षों को समझौता करना होगा। यूक्रेन ने कहा कि वे ९०% तैयार हैं। बाकी १०% पर काम हो रहा है। लेकिन रूस की मंशा साफ नहीं है। इसलिए, सावधानी जरूरी है। भारत की भूमिका भारत ने हमेशा शांति की वकालत की है। प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से बात की। भारत मध्यस्थ बन सकता है। यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अच्छा होगा। इसके अलावा, युद्ध से ऊर्जा कीमतें प्रभावित होती हैं। भारत को फायदा होगा यदि शांति हो। निष्कर्ष यूक्रेन-रूस शांति वार्ता महत्वपूर्ण मोड़ पर है। ९०% समझौता तैयार है। लेकिन रूस की साजिश चिंता का विषय है। दुनिया को एकजुट होना चाहिए। शांति से सभी को फायदा होगा। हम आगे की खबरों पर नजर रखेंगे। यह स्थिति तेजी से बदल रही है। अधिक जानकारी के लिए जय राष्ट्र न्यूज पर बने रहें। यदि आपके कोई सवाल हैं, तो कमेंट करें।

आगे और पढ़ें
दिल्ली: 14 साल की दिव्या ने कराटे की ताकत से चेन स्नैचर को दौड़ाकर पकड़ा, मां को धक्का देकर भाग रहा था चोर

14 साल की दिव्या ने कराटे की ताकत से चेन स्नैचर को दौड़ाकर पकड़ा

नई दिल्ली, 01 जनवरी 2026: दिल्ली के उत्तम नगर में एक 14 साल की लड़की ने अपनी बहादुरी और कराटे की ट्रेनिंग से सभी को चौंका दिया। उसने अपनी मां से चेन छीनकर उन्हें धक्का देने वाले चोर का करीब आधा किलोमीटर तक पीछा किया और आखिरकार उसे पकड़कर गिरा दिया। यह घटना उत्तम नगर के ओम विहार फेज-5 इलाके में हुई। केरल मूल की साठी अपनी बेटी दिव्या के साथ ट्यूशन से घर लौट रही थीं। रात लगभग 8 बजे घर के पास पहुंचते ही एक व्यक्ति ने साठी को धक्का देकर उनकी सोने की चेन छीन ली और तेजी से भागने लगा। चेन में लगा लॉकेट करीब एक सोवरिन का था। दिव्या ने बिल्कुल भी घबराए बिना तुरंत चोर का पीछा शुरू कर दिया। व्यस्त सड़क पर वाहनों के बीच दौड़ते हुए उसने करीब आधा किलोमीटर तक चोर को खदेड़ा। फिर अपनी पांच साल की कराटे ट्रेनिंग का इस्तेमाल कर उसे पकड़ लिया और जमीन पर पटक दिया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन चेन वापस मिल जाने के कारण साठी ने चोर के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई। हालांकि चेन का लॉकेट गायब था। दिव्या नवादा स्थित पंजाजन्यम भारतम कल्चरल सेंटर में शीलू जोसेफ से कराटे सीख रही हैं। वह विकसित पुरी के केरल स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा हैं। मां साठी ने कहा, “चेन से ज्यादा बेटी की सुरक्षा की चिंता थी।” यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि लड़कियों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग कितनी जरूरी है। दिव्या की बहादुरी की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है। (जय राष्ट्र न्यूज़ ब्यूरो)

आगे और पढ़ें
जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अपडेट

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अपडेट

दिनांक: 31 दिसंबर 2025 मुख्य समाचार दुनिया भर में नए साल 2026 का स्वागत: आतिशबाजी और उत्साह के साथ विदाई 2025 को नई दिल्ली: दुनिया भर में आज रात नए साल 2026 का जोर-शोर से स्वागत किया जा रहा है। सिडनी में आतिशबाजी के शानदार प्रदर्शन के साथ नए साल की शुरुआत हुई, जहां बॉन्डी बीच हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में लाखों लोग जमा होकर बॉल ड्रॉप का इंतजार कर रहे हैं। लंदन, पेरिस, टोक्यो और दुबई में भी भव्य आतिशबाजी हो रही है। भारत में दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में लोग पार्टियों और परिवार के साथ नए साल का जश्न मना रहे हैं। ठंड के बावजूद उत्साह कम नहीं है। ईरान में बड़े प्रदर्शन: महंगाई के खिलाफ सड़कों पर लोग तेहरान: ईरान में मुद्रास्फीति की भयंकर मार से जनता आक्रोशित है। रियाल की कीमत गिरने से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जो अब विश्वविद्यालयों तक फैल गए हैं। सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। यूक्रेन-रूस युद्ध: रूसी ड्रोन हमले, ओडेसा बंदरगाह प्रभावित कीव: रूस ने यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर रात भर ड्रोन हमले किए। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि शांति वार्ता में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना शामिल है। युद्ध अब चौथे साल में प्रवेश कर चुका है। इज़राइल-गाज़ा: सहायता एजेंसियों पर प्रतिबंध, यमन पर सऊदी हमले यरुशलम: इज़राइल ने गाज़ा में 24 से अधिक सहायता एजेंसियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, सऊदी अरब ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हमले किए। मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है। अमेरिका: ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियां, फ्लू का कहर वाशिंगटन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दूसरी पारी में कड़ी आव्रजन और व्यापार नीतियां जारी हैं। इस साल फ्लू से 81,000 अस्पताल में भर्ती और 3,100 मौतें हुई हैं। नए साल में शांति की उम्मीद जताई जा रही है। राष्ट्रीय समाचार प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: 2026 में नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ें नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित कर कहा कि भारत 2026 में नई उम्मीदों और उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसी पहलों का जिक्र किया। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण चरम पर: कई जगहों पर ‘गंभीर’ स्तर नई दिल्ली: दिसंबर में दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण बेहद खराब हो गया है। कई स्टेशन ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। इंडिगो संकट के बाद उड़ानें सामान्य: DGCA की सख्ती मुंबई: दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो की हजारों उड़ानें रद्द होने के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन पर कार्रवाई की थी। खेल: ओसमान डेम्बेले बने फीफा प्लेयर ऑफ द ईयर पेरिस: फ्रेंच फुटबॉलर ओसमान डेम्बेले को 2025 का फीफा मेंस प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया। मौसम: उत्तर भारत में ठंड का कहर, कोहरा और शीतलहर नई दिल्ली: नए साल की पूर्व संध्या पर उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कोहरे से ट्रेन और उड़ानें प्रभावित। जय राष्ट्र न्यूज़ की ओर से सभी दर्शकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! नया साल खुशियां और सफलता लाए।

आगे और पढ़ें

जय राष्ट्र न्यूज़ स्पेशल: ‘धुरंधर’ का 26/11 सीन – रोंगटे खड़े कर देने वाला सच, सर्वाइवर का दिल दहला!

रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर (5 दिसंबर 2025 को रिलीज) ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। 400 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी इस धुरंधर स्पाई थ्रिलर के एक सीन ने पूरे देश को झकझोर दिया है – वो रेड स्क्रीन वाला 26/11 मुंबई आतंकी हमले का दृश्य! फिल्म में स्क्रीन खून-लाल हो जाती है और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों व पाकिस्तानी हैंडलर्स की असली इंटरसेप्टेड वॉइस रिकॉर्डिंग्स बजने लगती हैं। हैंडलर्स ठंडे खून से निर्देश देते हैं – बंधकों को बेरहमी से मारो, ज्यादा से ज्यादा तबाही मचाओ। ये वो कड़वा सच है जो 2008 की उस भयानक रात को फिर से जिंदा कर देता है। सिनेमाघरों में सन्नाटा छा जाता है, दर्शक गुस्से, दर्द और बेबसी से भर जाते हैं। ताज होटल सर्वाइवर रजिता बग्गा का इमोशनल रिएक्शन: 26/11 की रात ताज होटल में अपने पति अजय बग्गा के साथ फंसी रहीं रजिता (श्री श्री यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट) ने एक्स पर लिखा, “मेरे लिए सबसे बोने-चिलिंग सीन रेड स्क्रीन वाला था। 17 साल बीत गए, लेकिन हैंडलर्स की आवाजें सुनकर शरीर में सिहरन दौड़ गई। कितना क्रूर, अमानवीय और घिनौना! धुरंधर टीम को सलाम, जिन्होंने 2-3 मिनट में नई पीढ़ी को 26/11 का पूरा सच बता दिया। रणवीर का वो लुक पूरी जनरेशन को सताएगा।” निर्देशक आदित्य धर ने जवाब दिया, “आपके शब्द याद दिलाते हैं कि ये कहानी क्यों बतानी जरूरी थी। ये सीन सच्चाई दिखाने के लिए बनाया गया। अगर ये निशान छोड़ता है, तो एकजुट होकर ऐसी अंधेरी रात कभी न लौटे। सर्वाइव करने, बोलने के लिए धन्यवाद।” अर्जुन रामपाल व टीम का खुलासा: अर्जुन (मेजर इकबाल) ने इसे करियर का सबसे मुश्किल सीन बताया। सेट पर 45 मिनट की रियल रिकॉर्डिंग सुनकर रणवीर, अक्षय खन्ना, सबकी आंखें नम हो गईं। रणवीर का किरदार हमजा (RAW एजेंट) पाकिस्तान में घुसा है, 26/11 देखकर अंदर से टूट जाता है – आंखों में दर्द, गुस्सा, बेबसी। एक्टर दानिश पंडोर बोले, “ये सीन आम आदमी को सोचने पर मजबूर कर देता है – अगर आप वहां होते तो?” क्यों खास है ये सीन? कंधार हाईजैक, संसद हमला से प्रेरित फिल्म में 26/11 को रियल ऑडियो से जोड़ा गया। दर्शक X पर लिख रहे – “रोंगटे खड़े हो गए”, “गुस्सा आ गया”, “नई जनरेशन को याद दिलाया”। कुछ नेगेटिव कैंपेन भी चले, लेकिन सच ने जीत ली। जय राष्ट्र न्यूज़ अपील: ऐसी फिल्में राष्ट्रहित में हैं। धुरंधर देखें, शेयर करें। भारत माता की जय!

आगे और पढ़ें
यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 7 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 7 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के घना कोहरा बड़ा हादसा लेकर आया। मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन-127 के पास एक के बाद एक कई बसें और कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों में आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार की मौत, 25 घायलSSP श्लोक कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं. घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। कैसे हुआ हादसा?जानकारी के मुताबिक, बसें आगरा से नोएडा की तरफ जा रही थीं। तभी पीछे से एक कार कोहरे के कारण आगे चल रही बस से टकरा गई।इसके बाद चेन रिएक्शन की तरह कुल 7 बसें और 3 कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर के बाद वाहनों में आग लग गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। राहत और बचाव कार्यघटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने अस्पतालों को घायलों के बेहतर इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। यातायात प्रभावितहादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया। आग बुझने और क्षतिग्रस्त बसों को हटाने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। जांच और प्रत्यक्षदर्शियों का बयानअधिकारियों ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ियों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऐसा लगा जैसे कोई धमाका हुआ हो। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई थी और लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। फिलहाल बचाव कार्य जारी है।

आगे और पढ़ें

रहमान डकैत: कराची के ल्यारी इलाके का क्रूर अपराधी साम्राज्य

परिचयसर्दार अब्दुल रहमान बलोच, जिन्हें दुनिया रहमान डकैत के नाम से जानती है, पाकिस्तान के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में से एक थे। 1975 में कराची के ल्यारी इलाके में जन्मे रहमान ने अपराध की दुनिया में कम उम्र से ही कदम रखा और जल्द ही ल्यारी को अपने खौफनाक साम्राज्य का केंद्र बना लिया। ल्यारी, जो कराची का एक घनी आबादी वाला बलोच बहुल इलाका है, गरीबी, बेरोजगारी और राज्य की लापरवाही के कारण अपराध का गढ़ बन चुका था। रहमान ने यहां के गैंग वॉर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जहां हत्याएं, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी आम बात हो गई। उनकी कहानी न केवल हिंसा की है, बल्कि राजनीतिक संरक्षण और जनता के बीच एक छवि बनाने की भी है। हाल ही में बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना द्वारा निभाए गए उनके किरदार ने दुनिया भर में उनकी क्रूरता को फिर से चर्चा में ला दिया है। View this post on Instagram A post shared by Ranveer Singh (@ranveersingh) प्रारंभिक जीवन और अपराध में प्रवेशरहमान का जन्म 1975 में ल्यारी में एक अपराधी परिवार में हुआ। उनके पिता अबू मुहम्मद (जिन्हें दादल के नाम से भी जाना जाता था) और चाचा शेरू 1964 से ड्रग तस्करी में लिप्त थे। परिवार की इस पृष्ठभूमि ने रहमान को बचपन से ही अपराध की दुनिया से जोड़ दिया। मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली हिंसक घटना को अंजाम दिया, जब उन्होंने किसी व्यक्ति को चाकू मार दिया। किशोरावस्था में ही वे ड्रग्स बेचने लगे और ल्यारी की गलियों में अपनी पहचान बनाने लगे। उनके पिता की हत्या के बाद परिवार का बदला लेने की आग ने रहमान को और उग्र बना दिया। 1990 के दशक में अरशद पप्पू के पिता द्वारा उनके पिता की हत्या और कब्र की बेइज्जती ने एक लंबे गैंग वॉर को जन्म दिया, जो वर्षों तक चला। 19 साल की उम्र में रहमान ने एक ऐसी घटना की, जो उनकी क्रूरता का प्रतीक बन गई—उन्होंने अपनी मां खदीजा बीबी को गला घोंटकर मार डाला। कथित तौर पर, उनकी मां का किसी अन्य गैंगस्टर इकबाल से संबंध था, जिसने उनके पिता की हत्या की थी। इस घटना के बाद रहमान ने अपनी मां का शव पंखे से लटका दिया, जो उनकी बेरहम छवि को अमर कर गई। गैंग लीडर के रूप में उदय1990 के अंत में रहमान हाजी लालू के गैंग में शामिल हुए, जो ल्यारी का प्रमुख ड्रग लॉर्ड था। 2001 में लालू की गिरफ्तारी के बाद रहमान ने गैंग की कमान संभाली। उन्होंने अपने चचेरे भाई उजैर बलोच और सहयोगी बाबा लाडला के साथ मिलकर ल्यारी को अपना किला बना लिया। 2001 से 2009 तक का दौर रहमान के साम्राज्य का स्वर्णिम काल था। वे जबरन वसूली, अपहरण, ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों की बिक्री और हत्या जैसे अपराधों में लिप्त रहे। रहमान ने ‘पीपुल्स अमन कमिटी’ (पीएसी) नामक संगठन की स्थापना की, जो सतह पर शांति का प्रतीक था, लेकिन वास्तव में उनका अपराधी साम्राज्य था। वे ल्यारी में एक फ्यूडल लॉर्ड की तरह शासन करते थे—राजनीतिक संरक्षण के साथ। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) से उनके गहरे संबंध थे। कथित तौर पर, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की जान कई बार बचाई, खासकर 2007 के हमलों के दौरान। जब बेनजीर का काफिला क्लिफ्टन में विस्फोटों से घिर गया, तो रहमान के आदमियों ने उन्हें सुरक्षित निकाला। बदले में, पीपीपी ने उन्हें राजनीतिक छत्रछाया दी। उनकी क्रूरता की मिसालें कांपने वाली हैं। गैंग वॉर के दौरान वे दुश्मनों के सिर काटकर फुटबॉल की तरह खेलते थे। अरशद पप्पू के साथ उनके संघर्ष में सैकड़ों मौतें हुईं, जिनमें सिर काटना, कब्रें खोदना और सार्वजनिक हिंसा शामिल थी। 2012 के ल्यारी गैंग वॉर में 800 से अधिक मौतें हुईं, जो रहमान के दौर की देन थीं। राजनीतिक संबंध और जनता की छविरहमान केवल अपराधी नहीं थे; वे एक चतुर रणनीतिकार भी थे। वे खुद को ‘सर्दार अब्दुल रहमान बलोच’ कहलवाते थे, जो उनकी बलोच पहचान को मजबूत करता था। ल्यारी में वे रोबिन हुड की तरह देखे जाते थे—गरीबों की मदद करते, लेकिन बदले में वफादारी मांगते। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए, जो उनकी लोकप्रियता दर्शाता है। हालांकि, पाकिस्तानी पुलिस के अनुसार, वे केवल ल्यारी तक सीमित थे और शहर के अन्य हिस्सों में उतने प्रभावशाली नहीं थे। उनके राजनीतिक संबंधों ने उन्हें लंबे समय तक बचाए रखा। बेनजीर भुट्टो के अलावा, वे अन्य पीपीपी नेताओं से जुड़े थे। लेकिन यह संरक्षण उनके पतन का कारण भी बना। मौत और विरासत9 अगस्त 2009 को कराची पुलिस के साथ मुठभेड़ में रहमान की मौत हो गई। यह ऑपरेशन कराची के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसएसपी चौधरी असलम खान के नेतृत्व में किया गया था, जो पाकिस्तान के ‘सुपर कॉप’ के रूप में जाने जाते थे। पुलिस का दावा था कि यह एक वैध गोलीबारी थी, जिसमें रहमान और उनके दो सहयोगियों को मार गिराया गया। हालांकि, कई विवादास्पद रिपोर्ट्स में इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ करार दिया गया, क्योंकि रहमान को करीब से गोली मारी गई थी। पूर्व गृह मंत्री जुल्फिकार मिर्जा ने दावा किया कि उन्होंने खुद रहमान को मारा था, लेकिन बाद में पछतावा जताया। कुछ स्रोतों के अनुसार, रहमान कथित रूप से बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को हथियार बेचने में लिप्त थे, जिसके कारण उनकी हत्या एक सौदे के खराब होने का नतीजा हो सकती है। हालांकि, भारतीय जासूसों के शामिल होने का कोई पुष्ट साक्ष्य नहीं मिला। फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए भारतीय जासूस ‘हामजा’ के किरदार ने काल्पनिक रूप से रहमान के गिरोह में घुसकर उनकी कमजोरी उजागर की और अप्रत्यक्ष रूप से उनके पतन में भूमिका निभाई, लेकिन वास्तविकता में यह पूरी तरह काल्पनिक है। रहमान की मौत के बाद उजैर बलोच ने कमान संभाली, लेकिन 2016 में उनकी गिरफ्तारी के साथ पीएसी कमजोर पड़ गया। रहमान की विरासत ल्यारी के गैंग वॉर और अपराध संस्कृति में बसी है, जो आज भी पाकिस्तान की शहरी समस्याओं को दर्शाती है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया है, जो उनकी क्रूरता को स्क्रीन पर जीवंत करता है। फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया (पहले वीकेंड में… Read More

आगे और पढ़ें
पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनसे बहुत कुछ सीखा

पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनसे बहुत कुछ सीखा

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की गुरुवार को जयंती है. पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा के नेताओं ने उनकी जयंती पर याद करते हुए श्रद्धांजलि दी| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- ‘प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि| एक महान राजनेता और बहुत गहराई वाले विद्वान. उन्होंने दशकों तक सार्वजनिक जीवन में बिना किसी रुकावट के भारत की सेवा की| प्रणब बाबू की बुद्धि और विचारों की स्पष्टता ने हर कदम पर हमारे लोकतंत्र को समृद्ध किया| यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि इतने सालों तक हमारी बातचीत में मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला|’ अमित शाह ने किया यादकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा ‘भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि| जनता की सेवा के लिए समर्पित एक नेता, मुखर्जी की संविधान की गहरी समझ ने सरकारी पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित किया| उनका जीवन और काम हमारी लोकतांत्रिक यात्रा को प्रेरित करते रहेंगे|’ जेपी नड्डा का पोस्टभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत रत्न प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर मेरी दिल से श्रद्धांजलि| सार्वजनिक सेवा में उनके लंबे सफर ने भारत को कई तरह से बनाया है| अपनी विनम्रता और गहरे ज्ञान के लिए जाने जाने वाले, उन्होंने अनगिनत लोगों की जिंदगी को छुआ और देश की तरक्की में बहुत बड़ा योगदान दिया| उनकी विरासत भारत के विकास के लिए समर्पित आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी|” प्रदेश के नेताओं ने किया यादअसम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान उनके विजन और राजनेता होने का हमेशा रहने वाला सबूत है| उनकी जयंती पर, हम भारत रत्न को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत की राजनीतिक सोच को आकार दिया, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर आवाजों को एक किया और हमारे लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया| दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान उनके विजन और राजनेता होने का हमेशा रहने वाला सबूत है. उनकी जयंती पर हम भारत रत्न को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत की राजनीतिक सोच को आकार दिया, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर आवाजों को एक किया और हमारे लोकतंत्र की नींव को मज़बूत किया|’

आगे और पढ़ें
Translate »