Sita Navami Celebration Tips

सीता नवमी 2025: घर में सुख-समृद्धि के लिए मां जानकी को अर्पित करें ये भोग

सीता नवमी (Sita Navami) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे माता सीता (Goddess Sita) के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसे जानकी जयंती भी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु माता सीता की विशेष पूजा-अर्चना कर उनके जीवन से सीख लेते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां जानकी को विशेष भोग अर्पित करने से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती। आइए जानते हैं सीता नवमी 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भोग के महत्व। सीता नवमी 2025 कब है? (Sita Navami 2025 Date & Time) सीता नवमी (Sita Navami) का पर्व वर्ष 2025 में सोमवार, 5 मई को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, नवमी तिथि 5 मई को सुबह 7 बजकर 35 मिनट से आरंभ होकर 6 मई को सुबह 8 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। इस पावन अवसर पर महिलाएं सुखमय वैवाहिक जीवन और घर-परिवार में समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। सीता नवमी पर माता जानकी (Goddess Sita) की पूजा से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और सुख-शांति बनी रहती है। मां सीता को लगाएं ये दिव्य भोग (Sita Navami Bhog & Offerings)   चावल की खीर: सीता नवमी के शुभ पर्व पर केसर मिलाकर चावल की खीर तैयार कर माता सीता को भोग लगाना अत्यंत फलदायी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिव्य भोग से घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।   मखाने की खीर: व्रत करने वाले भक्तों के लिए मखाने की खीर एक आदर्श भोग है। इस दिन माता सीता को इसका नैवेद्य चढ़ाने से घर में अन्न और धन की वृद्धि होती है।   नारियल के लड्डू: नारियल शुभता और पवित्रता का प्रतीक माना गया है। सीता माता को नारियल के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं। इनका भोग लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है।   पंजीरी: पारंपरिक प्रसाद के रूप में पंजीरी सीता नवमी पर अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है। इससे घर में संपन्नता और सौभाग्य बना रहता है।   ऋतु फल और मेवे: सीता नवमी के अवसर पर माता सीता को ताजे मौसम के फल जैसे केला, सेब, अनार और विभिन्न प्रकार के सूखे मेवे अर्पित किए जाते हैं। यह सात्विक और पवित्र भोग न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि भक्त को पुण्य भी प्राप्त होता है। सीता नवमी पर करें ये शुभ उपाय, मिलेगा माता सीता का आशीर्वाद इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया सीता नवमी की पूजा विधि: कैसे करें मां जानकी की आराधना सीता नवमी (Sita Navami) के दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करें। फिर पूजा स्थान की सफाई कर माता सीता की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। उन्हें पुष्प, अक्षत, कुमकुम और सोलह श्रृंगार की वस्तुएं समर्पित करें। इसके पश्चात श्रद्धा से तैयार किया गया दिव्य भोग माता को अर्पित करें और भक्तिभाव से प्रार्थना करें। पूजा उपरांत यह प्रसाद अपने परिवारजनों व आस-पास के लोगों में वितरित करें। यह दिन माता जानकी की विशेष कृपा प्राप्त करने का शुभ अवसर माना जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Sita Navami #SitaNavami2025, #SitaNavamiBhog, #MaaSitaBlessings, #JankiPuja, #HappinessAndProsperity, #NavamiCelebrations, #RamayanFestival, #DivineOfferings, #FestiveRituals, #HinduFestivals2025

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Surdas poems in praise of Krishna

सूरदास जयंती 2025: भक्ति और काव्य के सच्चे साधक को श्रद्धांजलि

संत सूरदास (Surdas Jayanti), भक्ति काल के प्रमुख कवि और भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त माने जाते हैं। उनकी जयंती हर वर्ष वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ सूरदास जयंती मनाई जाती है। इस विशेष अवसर पर देशभर के मंदिरों में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है, और भगवान श्रीकृष्ण (Shri Krishna) के महान भक्त संत सूरदास को श्रद्धांजलि दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण के सच्चे भक्तों को जीवन में सुख, सम्मान और प्रसिद्धि निश्चित रूप से प्राप्त होती है। सूरदास जी वैष्णव परंपरा के महान संत थे, जिन्होंने भक्ति, गीत और संगीत के माध्यम से श्रीकृष्ण की अनन्य भक्ति की। अपने जीवन में सूरदास जी ने कई भावपूर्ण रचनाएं कीं, जिनमें श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रास लीला और वात्सल्य भाव का सुंदर चित्रण है। आज भी उनके दोहे और पद लोगों के दिलों में बसे हैं और भक्ति संगीत में नियमित रूप से गाए जाते हैं। इस जयंती पर आइए जानते हैं सूरदास जयंती 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, बन रहे योग और उनके अमर दोहे जो आज भी हमारे जीवन को प्रकाश देते हैं। सूरदास का जीवन परिचय संत सूरदास का जन्म 15वीं शताब्दी के अंत में माना जाता है। उनका जन्मस्थान हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीही गांव या आगरा के पास स्थित रुनकता गांव में हुआ था। जन्म से ही दृष्टिहीन होने के बावजूद, सूरदास ने अपनी आध्यात्मिक दृष्टि से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अद्भुत वर्णन किया। उन्होंने श्री वल्लभाचार्य से दीक्षा ली और पुष्टिमार्ग के अनुयायी बने।​ सूरदास जयंती 2025 (Surdas Jayanti 2052): तिथि और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि इस वर्ष 1 मई को सुबह 11:23 बजे शुरू होकर 2 मई को सुबह 9:13 बजे समाप्त होगी। ऐसे में सूरदास जयंती 2 मई 2025 को मनाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि 1 मई को विनायक चतुर्थी का पर्व भी रहेगा। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया सूरदास जयंती पर बन रहे शुभ योगज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस बार सूरदास जयंती के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसके अलावा रवि योग और दुर्लभ शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन तीनों योगों में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना विशेष फलदायक मानी जाती है। कहा जाता है कि इस दिन सूरदास जी के आराध्य श्रीकृष्ण (Shri Krishna) की पूजा करने से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।  सूरदास के प्रसिद्ध दोहे नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Surdas Jayanti #SurdasJayanti2025 #SurdasPoetry #BhaktiMovement #IndianSaints #DevotionalPoet #KrishnaBhakti #SantSurdas #HinduFestivals2025 #IndianLiterature #SpiritualLegends

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Sawan 2025 start date

हर-हर महादेव! जानिए कब से शुरू हो रहा है सावन 2025 का पावन महीना

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना (Sawan Month) भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह महीना भक्तों के लिए भक्ति, उपवास और पूजा का विशेष समय होता है। सावन में विशेष रूप से सोमवार  (Monday) और मंगलवार को व्रत रखे जाते हैं, जिन्हें क्रमशः सावन सोमवार व्रत और मंगला गौरी व्रत कहा जाता है।​ सावन 2025 (Sawan 2025) की शुरुआत और समाप्ति ज्योतिष गणनाओं के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा इस वर्ष 10 जुलाई को है। इसके अगले दिन यानी 11 जुलाई से पवित्र सावन मास की शुरुआत होगी। इस महीने की पहली सावन सोमवारी का व्रत 14 जुलाई 2025 को रखा जाएगा। इसके बाद दूसरी सोमवारी 21 जुलाई, तीसरी सोमवारी 28 जुलाई और चौथी व अंतिम सोमवारी 4 अगस्त को होगी। वहीं, 9 अगस्त को सावन पूर्णिमा है, जिस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। सावन सोमवार व्रत की तिथियां सावन 2025 (Sawan 2025) की शुभ शुरुआत वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार आषाढ़ पूर्णिमा गुरुवार, 10 जुलाई को पड़ेगी। इसके बाद, सावन मास (Sawan Month) की शुरुआत अगले दिन यानी 11 जुलाई से मानी जाएगी। यदि इसे आसान भाषा में समझें, तो इस साल सावन महीना 11 जुलाई 2025, शुक्रवार से आरंभ होगा। आषाढ़ पूर्णिमा की तारीख 11 जुलाई की रात 2 बजकर 6 मिनट से प्रारंभ होकर 12 जुलाई की रात 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। सनातन परंपरा में “उदयातिथि” को मान्यता दी जाती है, इसी कारण सावन की शुरुआत 11 जुलाई से होगी। सावन सोमवार व्रत 2025 की तिथियां मंगला गौरी व्रत की तिथियां इन व्रतों के दौरान महिलाएं विशेष पूजा करती हैं और देवी पार्वती (Devi Parvati) का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत रखती हैं। ​ इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व सावन महीने का महत्व सावन का महीना (Sawan Month) भगवान शिव (Lord Shiva) को समर्पित होता है। सावन माह में शिव भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग (Shivling) की पूजा करते है। और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि अर्पित करते हैं और शिव मंत्रों का जाप करते हैं। ऐसा माना जाता है कि सावन में की गई पूजा और व्रत से भगवान शिव (Lord Shiva) शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।​ नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Sawan Month #Sawan2025 #ShravanMonth #SawanStartDate2025 #HarHarMahadev #LordShiva #SawanSomwar #SawanFestival #ShivaBhakti #HinduFestivals #SpiritualMonth

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Jyeshtha Purnima 2025

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025: जानिए व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

भारतीय पंचांग में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। हर माह की पूर्णिमा को धार्मिक दृष्टि से शुभ और पुण्यदायी माना गया है, लेकिन ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का स्थान और भी विशिष्ट है। यह दिन न केवल व्रत और पूजा के लिए उत्तम माना जाता है, बल्कि कई महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन के लिए भी शुभ होता है। आइए जानते हैं, ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025 (Jyeshtha Purnima 2025) में कब मनाई जाएगी, इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और इसका धार्मिक महत्व क्या है। ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025 की तिथि और समय वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को प्रातः 11:35 बजे होगी और यह 11 जून को दोपहर 1:13 बजे समाप्त होगी। ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) का पावन पर्व 11 जून 2025 को धूमधाम से मनाया जाएगा। ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) के दिन व्रत रखकर चंद्रदेव का पूजन करने से कुंडली में मौजूद चंद्र दोष का निवारण होता है। यदि जन्म पत्रिका में चंद्रमा कमजोर स्थिति में हो या उसकी दशा का प्रभाव चल रहा हो, तो इस दिन की पूजा से उसके नकारात्मक प्रभावों में भी कमी आती है। इस पावन अवसर पर श्रद्धा और क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र और धन का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख और समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही, इस दिन गंगा स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा को धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ज्येष्ठ पूर्णिमा 2025: करें और न करें ये विशेष बातें ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima 2025) के दिन घर में अंधेरा नहीं रखना चाहिए, विशेष रूप से संध्या के समय। मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर देवी लक्ष्मी घर में आगमन करती हैं, और वे अंधेरे स्थानों में प्रवेश नहीं करतीं।इस दिन काले वस्त्र पहनने से भी बचना चाहिए, क्योंकि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है, जिससे जीवन, कार्य और व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।दान और पूजा के समय भी काले रंग से जुड़े वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे चंद्रमा की शुभ स्थिति प्रभावित हो सकती है और राहु के दुष्प्रभाव बढ़ सकते हैं। इसलिए इस दिन हल्के और शुभ रंगों का प्रयोग करना और शुद्ध भाव से पूजा-अर्चना करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया ज्येष्ठ पूर्णिमा : करें ये शुभ कार्य इस पावन दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें या स्नान के जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करें। स्नान करते समय मन में गंगा, यमुना, सरस्वती जैसी पवित्र नदियों का स्मरण करना अत्यंत शुभ होता है।स्नान के उपरांत घर के मंदिर में दीपक जलाएं और यदि संभव हो तो पूरे दिन व्रत का संकल्प लें।घर के देवालय में सभी देवी-देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें। इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। उनके साथ माता लक्ष्मी की भी विधिपूर्वक आराधना करें।भगवान विष्णु को भोग अर्पित करते समय ध्यान रखें कि भोग में तुलसी पत्र अवश्य हो, क्योंकि बिना तुलसी के भगवान विष्णु (Lord Vishnu) भोग स्वीकार नहीं करते। केवल सात्विक भोजन का ही भोग लगाना चाहिए।पूजन के पश्चात भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और माता लक्ष्मी की आरती करें और उनका ध्यान तथा नाम-स्मरण अधिक से अधिक करें। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा का पूजन भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें, जिससे चंद्र दोष और अन्य ग्रहदोषों से मुक्ति प्राप्त होती है।इस पुण्य अवसर पर जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही यदि आपके आसपास गाय हो, तो उसे भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यदायी होता है, जिससे कई प्रकार के दोषों का निवारण होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Jyeshtha Purnima 2025 #JyeshthaPurnima2025 #PurnimaVrat #HinduFestival #FullMoon2025 #PurnimaSignificance #VratDates2025 #SpiritualIndia #HinduRituals #PurnimaCelebration #ReligiousFestival

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World Immunization Week

World Immunization Week: इस वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक जानें बच्चों के लिए कौन सी वैक्सीन्स हैं जरूरी?

इम्यूनाइजेशन यानी प्रतिरक्षीकरण उस प्रोसेस को कहा जाता है, जिसमें वैक्सीन (Vaccine) के माध्यम से व्यक्ति किसी रोग के प्रति रेजिस्टेंस बन सकता है। यानी, इससे रोगों से बचाव में मदद मिलती है। वैक्सीन (Vaccine) से शरीर का इम्यून सिस्टम को स्टिमुलेट किया जा सकता है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के इन्फेक्शन्स और रोगों से बचाव हो सके। हर साल 24 अप्रैल से 30 अप्रैल को वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के रूप में मनाया जाता है ताकि लोगों को टीकाकरण के बारे में बताया जा सके। इससे लोगों को गंभीर बीमारियों से बचने में मदद मिलेगी। आइए जानें वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के बारे में और अधिक। यह भी जानें कि बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)?  वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) की थीम  इस साल वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) की थीम है  “सभी के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) मानवीय रूप से संभव है’। इस थीम के माध्यम से वैक्सीनेशन (Vaccination) के महत्व और प्रयासों को हाईलाइट किया गया है। वैक्सीनेशन (Vaccination) से बीमारियों से बचाव और जीवन को बचाने में मदद मिली है। इससे यह संदेश भी मिलता है कि हर व्यक्ति चाहे वो किसी भी उम्र का हो, वैक्सीनेशन (Vaccination) करा सकता है। बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)? डब्ल्यूएचओ (WHO) का कहना है की हर साल अप्रैल के अंतिम हफ्ते में इस दिन को मनाने का उद्देश्य है वैक्सीन (Vaccine) के इस्तेमाल को बढ़ाना देना ताकि हर उम्र के लोग बीमारियों से बच सकें। जानिए बच्चों को कौन सी वैक्सीन्स लगवानी चाहिए (Which vaccines should children get)? जन्म के बाद शिशु के जन्म लेते ही उसे बैसिलस कैलमेट-गुएरिन, ओरल पोलियो वैक्सीन और हेपेटाइटिस बी बर्थ डोज दी जाती है। 6 हफ्ते की उम्र के शिशु 6  हफ्ते की उम्र के शिशु को ओरल पोलियो वैक्सीन, पेंटावेलेंट, रोटावायरस वैक्सीन, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन और इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन दी जाती है। 10 हफ्ते के उम्र के शिशु इस उम्र के शिशु को पेंटावलेंट की दूसरी डोज, ओरल पोलियो वैक्सीन (Vaccine) की तीसरी डोज और रोटावायरस की दूसरी डोज दी जाती है। 14 हफ्ते के उम्र के शिशु 14 हफ्ते के शिशु को पेंटावलेंट की अंतिम डोज के साथ ही ओरल पोलियो वैक्सीन की अंतिम डोज और न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (Vaccine) की डोज दी जाती है। इसके साथ ही इनएक्टिव पोलियो वैक्सीन की अंतिम डोज भी इसी उम्र में दी जाती है। 9-12 महीने के शिशु इस उम्र के शिशु को मीसल्स और रूबेला के साथ न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन का बूस्टर दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें जापानी इंसेफेलाइटिस की डोज भी दी जाती है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? 16-24 महीने के शिशु इस उम्र के शिशु को मीसल्स और रूबेला की दूसरी डोज, जापानी इंसेफेलाइटिस की अंतिम डोज, डीपीटी (DPT) यानी डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस (काली खांसी) का बूस्टर और ओरल पोलियो वैक्सीन का बूस्टर दिया जाता है। यह तो थी बच्चों में वैक्सीन (Vaccine) की लिस्ट और वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन वीक (World Immunization week) के बारे में जानकारी। इसके साथ ही कुछ अन्य वैक्सीन्स भी हैं जो बच्चों को लगवानी चाहिए। इसके बारे में आप अपने डॉक्टर से बात करें और सलाह लें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Immunization week #Whichvaccinesshouldchildrenget #Vaccination #vaccine #WorldImmunizationweek

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ACB Files Case Against Sisodia & Jain

ACB Files Case Against Sisodia & Jain : एंटी करफ्शन ब्यूरो ने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ करोड़ों रूपये के घोटाले का मामला किया दर्ज

आप आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन एक बार फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। एक बार फिर उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पूर्व आप मंत्रियों मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ नया मामला दर्ज किया (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। एसीबी (ACB) ने मंत्रियों के खिलाफ स्कूलों में कक्षों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि आप सरकार के दौरान इन्होने 12,000 से अधिक कक्षाओं और स्कूल भवनों के निर्माण में जरूरत से अधिक धन खर्च किए। इसमें 2000 करोड़ रुपये धन की अनियिमतता पाई गई है। बहुत मुमकिन है कि ऐसे में अब मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ फिर से नया मामला खुलने पर फिर से संकट खड़ा हो सकता है। कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है बता दें कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान शिक्षा विभाग डिप्टी सीए्म मनीष सिसोदिया के अधीन था। यही नहीं, सत्येंद्र जैन पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मंत्री थे, जो सरकारी एजेंसी है जो ऐसे निर्माण कार्य करती हैं। दरअसल यह मामला दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए 12,748 कक्षाओं और भवनों के निर्माण से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य 34 ठेकेदारों को दिया गया था। उनमें से अधिकांश ठेकेदार आप पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। एसीबी ने ये भी आरोप लगाया कि निर्माण तय समय में पूरा नहीं हुआ जिससे लागत में भारी वृद्धि भी हुई। इस पूरे मामले परएसीबी ने बताया कि “भाजपा नेताओं द्वारा कक्ष निर्माण में घोटाले की शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच तब शुरू की गई।” बीजेपी नेताओं का आरोप था कि कक्ष निर्माण बनाने की लागत करीब 5 गुना अधिक हो गई (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) है। ऐसे में निर्माण कार्य में धन की अनियमितता पाई गई। मामले की छानबीन शुरू की गई है।” इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में चल रहा है केस  प्राप्त जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि एसपीएस निर्माण की लागत 2,292 रुपये प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गई है, जो कंक्रीट से बने स्कूल भवनों के निर्माण की लागत 2044-2416 रुपये प्रति वर्ग फीट के बराबर है। यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि “नए टेंडर लाए बिना ही प्रोजेक्ट की लागत में करीब 326 करोड़ रुपये की वृद्धि कर दी गई।” बता दें कि अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले ही शराब नीति में घोटाले के (ACB Files Case Against Sisodia & Jain) आरोप में केस चल रहा है। फिलहाल ये तीनों ही जमानत पर रिहा हुए हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news ACB Files Case Against Sisodia & Jain #ManishSisodia #SatyendarJain #ACB #DelhiScam #CorruptionCase #ACBAction #ScamNews #DelhiPolitics #FIR #NewsUpdate

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Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam

Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam: पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए कही यह बड़ी बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का अलग ही चेहरा देखने मिला है। मुस्लिमों की राजनीति करने के लिए जाने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की इस हमले के बाद बतौर एक राष्ट्रवादी नेता वाली छवि बनकर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) आई है। पहलगाम हमले के बाद से ओवैसी इस कदर नाराज हैं कि वो पाकिस्तान को पानी पी पीकर कोस रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि वो अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नापाक को इरादों की पोल खोलकर रख दी है। जिस तरह से आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म और नाम पूछकर बेरहमी से मारा है। इसे लेकर ओवैसी काफी क्रोध में हैं। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) से कर दी है। गौर करने वाली बात यह कई वो न सिर्फ पाकिस्तान पर हमलावर हैं बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब भी दे रहे हैं।  पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है नाकाम  कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अपने निशाने लिया है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि उन्होंने पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है। बड़ी बात तो यह कि उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को हैरान कर दिया है। पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ओवैसी इस तरह मुखर होकर पाकिस्तान का विरोध करेंगे। दरअसल, ओवैसी देश की मुस्लिम सियासत का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। सड़क से संसद तक वो मुसलमानों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुद्दा चाहे वो बाबरी मस्जिद का रहा हो, या फिर तीन तलाक का, या फिर मुद्दा चाहे लव जिहाद का हो या सीएए और एनआरसी का, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर मुखालफत की है। उनके गुस्से को कौन भूल सकता है जब उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान बिल की कॉपी को फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया था।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें कामयाब  इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा उसे देखकर लोगों का खून खौल रहा है। इस हमले के बाद ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “आईएसआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का मकसद भारत में हिंदू-मुस्लिम विवाद कराना है। इसीलिए कश्मीर में गैर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।” इस बीच उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें कामयाब न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें।” पाकिस्तान को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “ये कुत्ते कमीने नाम और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे, जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि “इन कमीनों-हरामजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।” आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज औलाद बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है, लेकिन अब इसे जड़ से मिटाने का समय आ गया है। इस तरह ओवैसी ने भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम करने की कवायद की और संकट की इस घड़ी में एक रहने का संदेश दिया, जो कि काबिलेतारीफ है। यही नहीं, ओवैसी भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो टू नेशन थ्योरी को भी खारिज कर चुके हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam #Owaisi #PahalgamAttack #Pakistan #NationalistOwaisi #IndianPolitics #Terrorism #BreakingNews #IndiaFirst #LatestNews #OwaisiSpeech

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Budhwar

बुधवार को भूलकर भी न करें ये 4 काम, वरना बर्बाद हो सकता है घर-परिवार

हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन का अपना विशेष महत्व है और हर दिन से जुड़ी कुछ खास मान्यताएं तथा नियम भी हैं। बुधवार (Budhwar) को विशेष रूप से भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। इस दिन बुद्धि, व्यापार, संतान सुख और जीवन में स्थिरता बनाए रखने के लिए पूजा-अर्चना की जाती है।लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं जिन्हें बुधवार के दिन विवाहित महिलाओं को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। यदि इन नियमों का पालन न किया जाए, तो घर की सुख-शांति और समृद्धि पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यहां जानिए वे चार कार्य जिन्हें बुधवार के दिन करने से बचना चाहिए। 1. हरे रंग का अपमान या त्याग करना बुधवार का रंग हरा होता है, जो समृद्धि, शांति और उन्नति का प्रतीक है। ऐसे में इस दिन हरे रंग का तिरस्कार करना या जानबूझकर हरे रंग के वस्त्र या वस्तुएं त्यागना अशुभ फल देता है।विशेषकर विवाहित महिलाओं को बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनने की सलाह दी जाती है, ताकि दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहे।अगर इस दिन हरे रंग का अपमान किया जाए, तो घर में कलह, आर्थिक तंगी और वैवाहिक जीवन में दरार आ सकती है। 2. उधार देना या लेना बुधवार को उधार का लेन-देन करना वर्जित माना गया है। विशेषकर विवाहित महिलाओं को इस दिन न तो किसी को पैसा उधार देना चाहिए और न ही किसी से उधार लेना चाहिए।अगर बुधवार को उधार दिया या लिया जाए, तो पूरे सप्ताह या लंबे समय तक आर्थिक संकट बना रह सकता है। घर में पैसों की किल्लत हो सकती है और एक-एक पैसे के लिए तरसना पड़ सकता है।इसलिए इस दिन आर्थिक लेन-देन से बचना अत्यंत आवश्यक है। 3. झूठ बोलना और वाद-विवाद करना बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है, जो वाणी और बुद्धि का कारक है। इस दिन वाणी में संयम रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।अगर विवाहित महिलाएं बुधवार को झूठ बोलती हैं या बेवजह वाद-विवाद करती हैं, तो उनके वैवाहिक जीवन में गलतफहमियां और तनाव बढ़ सकते हैं।यह गृह क्लेश का कारण बन सकता है और धीरे-धीरे बसा-बसाया घर भी बिखर सकता है।इसलिए इस दिन विशेष रूप से मधुर वाणी का प्रयोग करें और घर के वातावरण को शांत और सकारात्मक बनाए रखें। 4. घर की साफ-सफाई को नजरअंदाज करना बुधवार के दिन घर को साफ-सुथरा रखना अत्यंत आवश्यक है। गंदगी, बिखरा हुआ सामान या अव्यवस्था लक्ष्मी का अपमान माना जाता है, जिससे घर की समृद्धि धीरे-धीरे खत्म हो सकती है।विशेष रूप से पूजा स्थल, रसोईघर और मुख्य द्वार को स्वच्छ रखना चाहिए।विवाहित महिलाओं को बुधवार के दिन विशेष ध्यान देना चाहिए कि घर में साफ-सफाई बनी रहे ताकि सकारात्मक ऊर्जा का वास हो और घर में खुशहाली बनी रहे। बुधवार को करें ये शुभ कार्य नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Budhwar #WednesdayTips #HinduBeliefs #VastuWednesday #SpiritualMistakes #WednesdayRituals #FamilyWellbeing #AvoidOnWednesday #IndianCulture #SuperstitionFacts #AstrologyTips

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BJP slams Congress

Ravalpindi Alliance: विवादित पोस्टर को लेकर इस भाजपा नेता ने कांग्रेस पर किया हमला, कहा “ये INDI नहीं, रावलपिंडी अलायंस है”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से लोगों में भयंकर आक्रोश है। इस हमले के बाद पूरा देश एक सुर में आतंकियों और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। देश के अधिकतर दल प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं। सभी ने पीएम को हर निर्णय में साथ देने का आश्वासन दिया है। यह तो ठीक, लेकिन इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी का नाम लिए बगैर एक फोटो अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की। पोस्ट की गई इस फोटो में एक शख्स का सिर गायब था। और सिर की जगह गायब लिखा हुआ था। इस पोस्ट के बाद लोग भड़क उठे। सोशल मीडिया पर किरकिरी होने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट को डिलीट कर लिया। कांग्रेस ने भले ही इसे डिलीट कर दिया हो लेकिन अब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के गायब पोस्ट पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “यह इंडी (INDI) गठबंधन नहीं है, यह रावलपिंडी (Ravalpindi Alliance) गठबंधन है। आज से हम इन्हें इंडी गठबंधन नहीं कहेंगे, हम इन्हें पिंडी गठबंधन कहेंगे। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेता पाकिस्तानी मीडिया के हीरो हैं। मुझे लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब इस पिंडी गठबंधन के लोग पाकिस्तान में चुनाव लड़ेंगे।” हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की (Ravalpindi Alliance) है भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि “पहलगाम में कश्मीर में आतंकी हमले के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का असली चेहरा देश के सामने बेनकाब हो रहा (Ravalpindi Alliance) है। धीरे-धीरे सच सामने आ रहा है। सर्वदलीय बैठक में कहते हैं कि हम सरकार के साथ हैं लेकिन जिस प्रकार पोस्टर कल कांग्रेस ने ट्वीट किया- सर तन से जुदा वाला पोस्टर, ये घृणित है। ये सोच-समझकर के किया गया है। दो तरह से बिल्डअप हो रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में कई बैठकें हो रही हैं। बाहर देशों के डिप्लोमैट्स से बात हो रही है। सभी देश आतंक से लड़ाई में भारत का समर्थन कर रहे हैं। सेना का मनोबल ऊंचा है। वहीं, दूसरा बिल्डअप ये हो रहा है कि पाकिस्तान को कैसे बचाया जाए और उन्हें क्लिन चिट दी जाए और पाकिस्तान के समर्थन में कैसे खड़ा हुआ जाए। ये किस तरह का पोस्टर था, पीएम मोदी के सिर को आपने गायब कर दिया। वह पूरे भारत को रिप्रेजेंट करते हैं। इन्होंने हमारे स्वाभिमान और मनोबल से खेलने की कोशिश की है।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला  ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा (Ravalpindi Alliance) है-शेख आमीन  यही नहीं, अपनी बात पर जोर देते हुए संबित पात्रा ने आगे कहा कि “कांग्रेस के सैफुद्दीन सोज कहते (Ravalpindi Alliance) हैं कि सिंधु समझौता पाकिस्तान की लाइफलाइन है और पानी बंद नहीं करना चाहिए। अगर पाकिस्तान कहे तो भारत को मान लेना चाहिए कि पहलगाम में उसने हमला नहीं कराया। राहुल गांधी के खास दोस्त शेख आमीन कहते हैं कि ये देश अल्लाह के भरोसे चल रहा है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष पाकिस्तान को टेबल पर बैठकर बातचीत करने मांग कर रहे हैं। मणिशंकर अय्यर कह रहे हैं कि पहलगाम हमला एक मैनिफेस्टेशन है अनसुलझे सवालों का बंटवारे के समय। पूरा कश्मीर हमारा है और पीओके भी हमारा है। लेकिन कांग्रेस के मन में इस बात को लेकर संशय है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Ravalpindi Alliance #RavalpindiAlliance #INDIAlliance #BJPvsCongress #PoliticalRow #ControversialPoster #BJPStatement #CongressAttack #IndianPolitics #ModiVsOpposition #RavalpindiBlame

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Indian origin leaders Canada

Indian-origin leaders shine in Canada Elections: कनाडा के आम चुनाव में बजा भारतीयों का डंका,  24 भारतवंशियों समेत इन नेताओं ने मारी बाजी

कनाडा में हुए आम चुनाव (Canada Elections 2025) में भारी संख्या में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने बाजी (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) मारी है। जानकारी के मुताबिक कनाडा चुनाव में 24 भारतीय मूल के कनाडाई उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। जीतने वालों में अधिकतर उम्मीदवार पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तकरीबन 65 भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोका था। जिनमें से रिकॉर्ड 24 ने जीत हासिल की। बता दें कि चार साल पहले हुए चुनाव में 21 उम्मीदवार जीते थे। इस जीत की बड़ी बात यह कि भारतीय मूल के इस विजेताओं में इनोवेशन, साइंस और इंडस्ट्री मिनिस्टर अनीता आनंद भी शामिल हैं। उन्होंने ओकविले ईस्ट सीट पर जीत हासिल की। संभवतः इस जीत के बाद उन्हें कार्नी की नई कैबिनेट में उन्हें महत्वपूर्ण पद मिल जाए। कनाडा के संघीय चुनावों में गौर करने वाली बात यह कि न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को बर्नाबी सेंट्रल सीट पर करारी हार का सामना करना पड़ा और कनाडा में लिबरल की जीत हुई है।  भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) बढ़ रहा है कहने की जरूरत नहीं कनाडा के 2025 संघीय चुनाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) में 24 भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत यह बताती है कि भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव बढ़ रहा है। इस चुनाव में खास बात यह कि जस्टिन ट्रूडो का यार और खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देने वाला जगमीत सिंह हार गया। मजे की बात यह कि इस चुनाव में (Canada Elections 2025) ट्रूडो सरकार में किंगमेकर बताने वाला खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह और उसकी पार्टी की करारी हार हुई है। बता दें कि खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी रुख के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक माना जाता है। और तो और ट्रूडो अपनी अल्पमत सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए जगमीत पर निर्भर थे। चूंकि जगमीत सिंह हार चुके हैं, तो ऐसे में उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कनाडा में अप्रासंगिक हो गई है।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक एक नजर डालते हैं जीते (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) हुए भारतवंशियों पर   Latest News in HindiToday Hindi news  Canada Elections 2025 #CanadaElections2025 #IndianOriginLeaders #NRIinPolitics #CanadaPolitics #IndianDiaspora #PunjabiInCanada #CanadaElectionResults #DesiPower #IndianCanadians #GlobalIndians

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