Double pneumonia

पोप फ्रांसिस की मौत का कारण है Double Pneumonia, जानिए इसके लक्षण और कारण

हाल ही में पोप फ्रांसिस की 88 साल की उम्र में मृत्यु हो गई। पोप फ्रांसिस इतिहास के पहले लेटिन अमेरिकी पोप थे, जो अपनी उदारता और गरीबों के लिए दयाभावना के लिए जाने जाते रहेंगे। उनकी मृत्यु का कारण डबल निमोनिया (Double pneumonia) को माना जा रहा है। आपने निमोनिया (Pneumonia) के बारे में सुना होगा, लेकिन डबल निमोनिया (Double pneumonia) इससे भी गंभीर रोग है। निमोनिया (Pneumonia) में रोगी के केवल एक ही फेफड़े में इंफेक्शन होता है लेकिन डबल निमोनिया दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह स्थिति बहुत अधिक गंभीर हो सकती है। इस रोग के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। आइए जानें डबल निमोनिया (Double pneumonia)  के बारे में विस्तार से। डबल निमोनिया (Double pneumonia) क्या है?  हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार डबल निमोनिया (Double pneumonia)  एक फेफड़ों का इन्फेक्शन है, जो दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह इंफेक्शन फेफड़ों में एयर सैक्स या अल्विओली में सूजन पैदा कर देता है। इसके कारण इनमें फ्लूइड और पस भर जाती है और रोगियों को सांस लेने में समस्या हो सकती है। यह बीमारी सीरियस हो सकती है और जानलेवा भी साबित हो सकती है। डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) निमोनिया (Pneumonia) के समान हो सकते हैं। इसके डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) इस प्रकार हैं: डबल निमोनिया के कारण निमोनिया (Pneumonia) का मुख्य कारण होता है वायरस या बैक्टीरिया। इसके अलावा कुछ कवक भी इसका कारण बन सकते हैं। डबल निमोनिया (Double pneumonia) की समस्या भी तब होती है, जब संक्रमित माइक्रोब दोनों फेफड़ों में निमोनिया का कारण बनते हैं। इसके कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? डबल निमोनिया का उपचार डबल निमोनिया (Double pneumonia) का उपचार इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके अलावा यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि इससे शरीर कैसे प्रभावित है? इसके उपचार के कुछ विकल्प इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Double pneumonia #Doublepneumonia #pneumonia #doublepneumoniasymptoms

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President's rule West Bengal

President’s rule in West Bengal: क्या सच में पश्चिम बंगाल में लगेगा राष्ट्रपति शासन और होगी अर्धसैनिक बलों की तैनाती? नजरें सुप्रीम कोर्ट पर

आज मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में  सुनवाई होगी। बता दें कि मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीआर गवई बेंच आज सुनवाई करेगी। इस संबंध में वकील विष्णु शंकर जैन ने याचिका लगाई है। वकील विष्णु शंकर जैन की याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग (President’s rule in West Bengal) की गई है। दरअसल, 13 अप्रैल से मुर्शिदाबाद में हुई झड़पों के बाद से राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठ रही है। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत और 18 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने 13 अप्रैल को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को तैनात करने का आदेश दिया। चौतरफा किरकिरी होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और दावा किया कि “उसने आगजनी और हिंसा के सिलसिले में 118 लोगों को गिरफ्तार किया है।” जानकारी के मुताबिक दायर की गई याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन सहित अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की गई है। गौर करने वाली बात यह कि इस मामले पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गई है। कहने की जरूरत नहीं, बंगाल में हुई हिंसा ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी सरकार पर वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से भड़की हिंसा को अनुमति देने के लिए जानकर निशाना साधा है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से दायर की गई है (President’s rule in West Bengal) याचिका  बता दें कि राष्ट्रपति शासन पर दायर याचिका का उल्लेख अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से किया (President’s rule in West Bengal) गया था। जिसे रंजना अग्निहोत्री और अन्य द्वारा दायर एक लंबित याचिका के साथ सुनवाई के लिए रखा गया था। जिन्होंने 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के संदर्भ में राष्ट्रपति शासन की मांग की थी। इस दौरान अधिवक्ता जैन ने कहा कि “साल 2021 के मामले में अदालत पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है। इस पर विचार किया जा रहा है। इस आवेदन के माध्यम से हमने हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला दिया है। हम सिर्फ संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत राज्य से केंद्र द्वारा रिपोर्ट मांग रहे हैं। दरअसल, अनुच्छेद 355 राज्यों को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाने के लिए संघ के कर्तव्य से संबंधित है, जो राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार है। इस प्रावधान के तहत केंद्र को यह सुनिश्चित करना होता है कि राज्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलें।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात याचिका में की गाई है राष्ट्रपति शासन लागू करने की (President’s rule in West Bengal) मांग  बता दें कि बीते दिन राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग (President’s rule in West Bengal) पर जवाब देते हुए पीठ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए रिट जारी करें? अभी हमें विधायी और कार्यपालिका के अधिकारों में दखल देने के लिए दोषी ठहराया जा रहा है। गौरतलब हो कि बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की एक अलग पीठ ने मुर्शिदाबाद हिंसा मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने दो याचिकाकर्ताओं अधिवक्ता विशाल तिवारी और शशांक शेखर झा को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी। ऐसा इसलिए क्योंकि अदालत ने पाया कि याचिकाएं मीडिया रिपोर्टों पर आधारित थीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news President’s rule in West Bengal #PresidentsRule #WestBengal #SupremeCourt #MamataBanerjee #ParamilitaryForces #BreakingNews #BengalPolitics #SCVerdict #LawAndOrder #IndiaNews

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IPL 2025 match result

KKR vs GT highlights: गुजरात टाइटन्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को दी 39 रनों से मात 

21 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग का 39वां मुकाबला गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइटराइडर्स बीच खेला गया। कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस की टीम ने कोलकाता नाइटराइडर्स को (KKR vs GT highlights) 39 रन से हरा दिया। इस सीजन में यह गुजरात टाइटंस की टूर्नामेंट में छठी जीत है।  बता दें कि केकेआर की यह 8 मैचों में पांचवीं हार है। ख़राब बल्लेबाजी और गेंदबाजी के चलते केकेआर को अपने ही होम ग्राउंड में मुंह की खानी पड़ी। दरअसल, केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। उनका यह फैसला उन पर ही भारी पड़ गया। भारी इसलिए क्योंकि उनके गेंदबाज उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटसं की शुरुआत धमाकेदार रही। गुजरात टाइटसं के ओपनर बल्लेबाज शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने केकेआर के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।  शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 114 रन की बेहतरीन साझेदारी (KKR vs GT highlights) की इस दौरान दोनों शानदार अर्धशतक जड़े। दोनों की धुंआधार बल्लेबाजी का आलम यह था कि 12.2 ओवर में ही 114 रन बना डाले। गुजरात टाइटंस की तरफ से कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 114 रन की बेहतरीन साझेदारी (KKR vs GT highlights) की। एक तरफ जहाँ शुभमन गिल ने ने महज 55 गेंदों में 10 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 90 रनों की पारी खेली, तो वहीं, सुदर्शन ने 36 गेंदों पर 6 चौके और एक छक्के की मदद से  52 रन बनाए। इन दोनों के बाद जोस बटलर का भी बल्ला गरजा और जोस ने महज 23 गेंदों में 8 चौकों की मदद से नाबाद 41 रन बनाए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने मैच में पहले बैटिंग करते हुए 3 विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त कोलकाता नाईट राइडर्स की शुरुआत काफी धीमी (KKR vs GT highlights) रही 199 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाईट राइडर्स की शुरुआत काफी धीमी (KKR vs GT highlights) रही। गुजरात टाइटंस की सधी हुई गेंदबाजी के आगे केकेआर के बल्लेबाज बेबस नजर आये। केकेआर ने ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज सिर्फ 1 रन पर आउट हो गए। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने डटकर बल्लेबाजी की। उन्होंने 36 गेंद पर 50 रन बनाए। कप्तान रहाणे के अलावा केकेआर का एक भी बल्लेबाज टिक कर खेल नहीं सका। नतीजतन टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। बात करें केकेआर के बल्लेबाजों की तो अंगकृष रघुवंशी ने 27 रन, आंद्रे रसेल ने 21 रन, रिंकू सिंह ने 17 रन, सुनील नरेन ने 17 रन और वेंकटेश अय्यर ने 14 रन बनाए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने केकेआर को 39 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ उसके 8 मैच से 12 अंक हो गए हैं। बता दें कि गुजरात एकमात्र टीम है। जिसने टूर्नामेंट में छह मैच जीते हैं। इस जीत से वह प्लेऑफ में अपनी जगह लगभग पक्की कर लेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 KKR vs GT highlights #KKRvsGT #GujaratTitans #KolkataKnightRiders #IPL2025 #GTvsKKR #CricketHighlights #TATAIPL #GTVictory #KKRMatch #IPLThriller

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Amarnath yatra 2025

Amarnath yatra 2025: 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जानिए कैसे कर सकते हैं आप रजिस्टर?

हमारे देश में ऐसे कई तीर्थस्थल हैं, जिनके दर्शन हर साल लाखों लोग करते हैं। इन्हीं तीर्थस्थलों में से एक है अमरनाथ गुफा (Amarnath Gufa), जो हिमालय में स्थित है। ऐसा माना गया है कि यह वो जगह है जहां भगवान् शिव जी ने मां पार्वती को अमरता के रहस्य के बारे में ज्ञान दिया था। इस अमरता के रहस्य को अमर कथा के नाम से जाना जाता है। इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ का लिंग बनता है, जिसे शिव जी का प्रतीक माना जाता है। यह शिवलिंग चन्द्रमा के अनुसार घटता और बढ़ता रहता है। अमरनाथ गुफा (Amarnath Gufa) के दर्शन साल में केवल कुछ ही महीने किए जा सकते हैं। अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) जल्द ही शुरू होने वाली है। आइए जानें इसके बारे में।  अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025): पाएं जानकारी अमरनाथ जम्मू और कश्मीर राज्य के श्रीनगर में स्थित है और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3,600 फुट है। यह एक प्रमुख हिन्दू तीर्थस्थान है। यहां यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं को सबसे पहले इसके लिए रजिस्ट्रेशन करानी होती है। इस साल यानी अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) के लिए सरकार ने 14 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन्स की शुरुआत कर दी है। अगर आप भी अमरनाथ गुफा (Amarnath Gufa) के दर्शन करना चाहते हैं, तो आज ही अपना रेजिस्ट्रेशन कराएं। अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) की तिथि जैसा की पहले ही बताया गया है कि अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra) करने के लिए पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है और इसकी रजिस्ट्रेशन 14 April 2025 से शुरू हो चुकी है। यह यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होने वाली है और 9 अगस्त 2025 तक चलेगी। सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन केवल 15,000 यात्रियों को ही यहां जाने की अनुमति दी जाएगी। इसलिए, इच्छुक श्रद्धालुओं को जल्दी रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी जाती है। अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025): कैसे करें रजिस्ट्रेशन? अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) के लिए आप इस तरह से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इसमें रजिस्टर करने के लिए आपको अपना नाम, यात्रा की तिथि, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, फोटोग्राफ आदि भी भरना होगा। इसके साथ ही स्कैन्ड कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना भी जरूरी है। अपना नंबर भी ओटीपी के माध्यम से वेरिफाई करना होगा। जब आप यह प्रोसेस पूरा कर लेंगे तो आपको दो घंटों के अंदर एक पेमेंट लिंक मिलेगा जहां आपको रजिस्ट्रेशन फीस (₹220) भरनी होगी। जब आपकी ट्रांजेक्शन पूरी हो जायेगी तो यात्रा रेजिस्ट्रेशन परमिट को डाउनलोड कर पाएंगे। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन  अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी आप करा सकते हैं। अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra) के लिए जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) एडमिस्ट्रशन ने व्यवस्था कर रखी है। कुछ सेंटर जैसे वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाराजा हॉल इसके लिए टोकन स्लिप्स इशू कर रहे हैं। आमतौर पर यह टोकन आपके द्वारा चुनी यात्रा डेट के तीन दिन पहले इशू किए जाएंगे। श्रद्धालु हेल्थ चेकअप और औपचारिक रजिस्ट्रेशन के लिए सरस्वती धाम जा सकते है। उसी दिन, उन्हें अपना कार्ड लेने और प्रक्रिया पूरी करने के लिए जम्मू में आरएफआईडी कार्ड केंद्र भी जाना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi News Amarnath yatra 2025 #Amarnathyatra2025 #Amarnathyatra #AmarnathGufa #tirthsthan #Amarnath

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Tilak finger rules in Hinduism

Tilak finger rules in Hinduism: तो इसलिए पूजा-पाठ में तर्जनी और कनिष्ठा से नहीं लगाते तिलक

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बड़ा ही महत्व होता है। सनातन धर्म पूजा-पाठ के दौरान भगवान को तिलक (Tilak) लगाने का विधान (Tilak finger rules in Hinduism) है। यही नहीं, पूजा करने वाले और करवाने वाले जातकों को भी तिलक लगाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि तिलक के लगाने और लगवाने से न सिर्फ यश और ज्ञान में वृद्धि होती है, बल्कि मनोबल भी बढ़ता है। सनातन परंपरा के अनुसार माथे पर तिलक लगाने से व्यक्ति के दिल और दिमाग में सकारात्मकता के भाव आते हैं और कुंडली में मौजूद उग्र ग्रह भी शांत होते हैं। तिलक लगाने से जीवन में यश बढ़ता है और पापों का नाश होता है। साथ ही, जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इससे मन में अच्छे विचार आते हैं। खैर, कहा तो यह भी जाता है कि तिलक लगवाने से मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। और तो और बिना तिलक के कोई भी पूजा या अनुष्ठान पूरा नहीं माना जाता है।  जिस उंगली से तिलक लगा (Tilak finger rules in Hinduism) रहे हैं या लगवा रहे हैं  मान्यताओं के अनुसार माथे पर तिलक लगाने से आज्ञा चक्र जागृत होता है और भाग्य खुलता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह की तिलक लगाने हेतु किस उंगली का प्रयोग करें। कभी-कभी मन ऐसी शंका निर्माण होती है कि जिस ऊँगली से तिलक लगा रहे हैं या लगवा रहे हैं, क्या वो सही है? इससे भी बड़ा सवाल यह कि तिलक लगाने के लिए किस उंगली का प्रयोग किया जाता है और इसमें उंगली का क्या महत्व (Tilak finger rules in Hinduism) है? आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे किस उंगली से तिलक लगाना शुभ होता है और किस उंगली का क्या महत्व है। आइये जानते हैं, किस ऊँगली से तिलक लगना होता है शुभ। बता दें कि स्कंदपुराण में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अलग-अलग उंगली से तिलक लगाने का फल अलग-अलग प्राप्त होता है। अनामिका शांतिदा प्रोक्ता मध्यमायुष्करी भवेत्। अंगुष्ठः पुष्टिदः प्रोक्ता तर्जनी मोक्षदायिनी।। जब राजा युद्ध पर जाते थे तो रानियां अंगूठे से ही राजा के मस्तक पर लगाती थीं विजय तिलक (Tilak finger rules in Hinduism) अंगूठे का सीधा संबंध शुक्र ग्रह से होता है। शुक्र ग्रह को यश और धन-वैभव का कारक माना (Tilak finger rules in Hinduism) जाता है। कारण यही जो, दशहरा और रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर बहनें अपने भाई की विजय की कामना करते हुए उन्हें अंगूठे से ही तिलक लगाती हैं। यही नहीं, पहले जब राजा युद्ध पर जाते थे, तब रानियां अंगूठे से ही राजा के मस्तक पर विजय तिलक लगाया करती थीं। कहा जा जाता है कि किसी की मंगल कामना के लिए अनामिका से बिंदी लगाकर अंगूठे से तिलक करना चाहिए।   इसलिए नहीं करते तर्जनी उंगली का प्रयोग (Tilak finger rules in Hinduism) तर्जनी, अंगूठे और मध्यमा उंगली के बीच की उंगली होती है। इस उंगली का संबंध गुरु ग्रह से होता है। इस उंगली से पितृगणों को अर्थात पिंड को तिलक किया जाता है। मृतक की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो सके इसलिए इस उंगली का प्रयोग मृत व्यक्ति को तिलक लगाने के लिए किया जाता है। इसलिए भूलकर भी तिलक लगाने के लिए तर्जनी ऊँगली का प्रयोग न करें। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व  मध्यमा उंगली से खुद को कर सकते हैं तिलक  मध्यमा उंगली हाथ की सबसे बड़ी उंगली होती है। इस उंगली का संबंध शनि ग्रह (Tilak finger rules in Hinduism) से होता है। शास्त्रों के अनुसार, मध्यमा उंगली का प्रयोग खुद को तिलक लगाने के लिए करना चाहिए। जब भी आप पूजा करें, तो सबसे पहले अनामिका से भगवान को तिलक लगाए और फिर बाद में  मध्यमा उंगली से खुद को तिलक करें। चाहें तो आप अनामिका से तिलक कर सकते हैं।  इस उंगली से तिलक लगाने से आज्ञा चक्र होता है जागृत  अनामिका, कनिष्ठा और मध्यमा के बीच में होती है। आम भाषा में इसे रिंग फिंगर भी (Tilak finger rules in Hinduism) कहा जाता है। इस उंगली का संबंध सीधा सूर्य से होता है। इस उंगली से भगवान, गुरु या किसी अन्य व्यक्ति की मंगल कामना के लिए तिलक करना चाहिए। यह मानसिक शक्ति को प्रबल बनाती है। इस उंगली से तिलक लगाने से आज्ञा चक्र जागृत होता है। तिलक लगाने में नहीं किया जाता है कनिष्ठा का उपयोग  कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली जिसका उपयोग तिलक लगाने में नहीं किया (Tilak finger rules in Hinduism) जाता है। यहां तक कि किसी भी शुभ कार्य में इस उंगली का प्रयोग नहीं किया जाता है। सबसे छोटी उंगली का संबंध बुध ग्रह से माना गया है। Latest News in Hindi Today Hindi News Tilak finger rules in Hinduism #TilakRules #HinduTraditions #TilakSignificance #PujaRituals #SpiritualIndia #VedicWisdom #HinduismFacts #TilakFinger #SacredCustoms #ReligiousBeliefs

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Hindu Groups Protest Love Jihad, Accused Surrenders

Hindu groups protest Love Jihad: लव जिहाद को लेकर गुस्साए हिंदू संगठन कर रौद्र रूप द्देख कांप उठा आरोपी, किया सरेंडर

विगत वर्षों से राजस्थान में लव जिहाद के मामले हैं कि तेजी से बढ़ रहे हैं।  ऐसा ही एक मामला गुजरात से सटे सिरोही जिले के स्वरूपगंज से प्रकाश में आया है। लव जिहाद का नाम सुनते ही हिंदू संगठन इस कदर गुस्साए कि उन्होंने चक्का जाम कर (Hindu groups protest Love Jihad) दिया। उनका जोरदार प्रदर्शन देखा लव जिहाद का आरोपी सहम गया। अंततः मामला गरमाता देख आरोपी लड़का इस कदर घबरा गया कि उसने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल मामला तूल पकड़ चुका था। और पुलिस नहीं चाहती थी कि कोई इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दे। इसलिए उसे सरेंडर करते ही पुलिस ने भी चैन की साँस ली। बता दें कि बीते दो दिन में राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद तीन से चार मामले आ चुके हैं। लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देख हिंदू समुदाय गुस्से में है।  मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया आक्रोश  जानकारी के मुताबिक बीते 18 अप्रैल को स्वरूपगंज थाने में एक केस दर्ज हुआ था। दर्ज के केस के अनुसार 16 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की को एक मुस्लिम शख्स भगा कर ले गया है। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया। देखते-ही-देखते भारी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंजादा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने 19 अप्रेल को पूरे शहर में रैली निकालकर लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच उन्होंने शहर बंद करने की चेतावनी दी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव (Hindu groups protest Love Jihad) गए फूल  हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल (Hindu groups protest Love Jihad) गए। मामले की गंभीरता देख पुलिस प्रशासन की सांसें अटक गईं। मामला गर्माता देख पुलिस अब आरोपी की तलाश में हाथ-पाँव मार रही थी। इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुँच पाती वो खुद ही 20 अप्रैल की देर रात को नाबालिग लड़की को लेकर पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इससे हुआ यह कि मामला शांत हो गया है। मामला तो शांत हो गया, लेकिन हिन्दू संगठन अब आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़का मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है। वह जोधपुर में नाबालिग लड़की से मिलने आया था। खैर, इस बीच आज यही 21 अप्रैल को स्वरूपगंज के गायत्री मंदिर में हिंदू सभा का आयोजन किया गया था। उसमें संगठनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देकर उनके कार्य की सराहना की। महत्वपूर्ण बात यह कि स्वरूपगंज में पहले भी इस तरह के लव जिहाद के मामले सामने आ चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Hindu groups protest Love Jihad #LoveJihad #HinduProtest #ReligiousTensions #IndiaNews #BreakingNews #LoveJihadControversy #HinduUnity #ProtestNews #IndianPolitics #JusticeForVictims

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National Infertility Awareness week

इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग?

इनफर्टिलिटी (Infertility) गर्भधारण न कर पाने की असमर्थता को कहा जाता है। आमतौर पर इनफर्टिलिटी (Infertility) यानी 12 महीने तक नियमित और असुरक्षित संभोग के बाद भी कंसीव न कर पाना। इनफर्टिलिटी को अधिकतर महिलाओं से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों को हो सकती है। अप्रैल 23 से अप्रैल 29 तक को नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक (National Infertility Awareness Week) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। आजकल बहुत से लोग इनफर्टिलिटी (infertility) की समस्या से प्रभावित हैं। ऐसे में कम उम्र की महिलाओं को जल्दी फर्टिलिटी टेस्टिंग की सलाह दी जाती है। आइए जानें इस वीक और यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) के बारे में विस्तार से। नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) क्यों मनाया जाता है? रिजॉल्व: द नेशनल इनफर्टिलिटी एसोसिएशन (RESOLVE: The National Infertility Association) के अनुसार नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) को रिप्रोडक्शन हेल्थ से सम्बन्धित चुनौतियों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा इस सप्ताह उन लोगों को सक्षम बनाया जाता है जो बांझपन जैसी समस्या से गुजर रहे हैं।  कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? वीमन फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स (Women Fertility Problem) की वजह है जीवन जीने के तरीके में खराबी। हालांकि, इसके अन्य कुछ कारण भी हो सकते हैं। यह समस्या सिर्फ 30 या 40 साल की उम्र की महिलाओं को प्रभावित नहीं कर रही है बल्कि आजकल 20 साल की उम्र की लड़कियों पर भी इसका असर हो रहा है। इस उम्र की लड़कियों में खासतौर पर लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) समस्या देखने को मिल रही है।  इसीलिए डॉक्टर यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की सलाह देते हैं, ताकि लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) की समस्या से बचा जा सके। ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि जल्दी चेकअप और जागरूक रहने से महिलाएं इस समस्या से कुछ हद तक बच सकती है। इसके कुछ समाधान इस प्रकार हैं: यह तो थी जानकारी कि यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? इसके कारणों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है ताकि महिलाएं इन्हें अवॉयड कर सकें।  इसे भी पढ़ें: जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी फर्टिलिटी प्रॉब्लम के कारण कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी प्रॉब्लम और लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) के कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi National Infertility Awareness Week #Lowovarianreserve #NationalInfertilityAwarenessWeek #Infertility #FertilityTestinginYoungWomen

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SC on jurisdiction allegations

SC on jurisdiction allegations: हम पर लग रहे कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण के आरोप- सुप्रीम कोर्ट 

पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ एक्ट के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान वहां पर हिंसा भड़क उठी जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और सुप्रीम कोर्ट पर हो रही बयानबाजी के बीच पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस याचिका पर सुनवाई की मांग वकील विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट से की थी। अधिवक्ता विष्णु ने कहा कि “बंगाल में पैरा मिलिट्री फोर्स की तत्काल तैनाती की आवश्यकता है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भूषण रामाकृष्ण गवई ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति को परमादेश जारी करें? वैसे भी हम पर कार्यपालिका में अतिक्रमण करने के आरोप लग (SC on jurisdiction allegations) रहे हैं।”  इसपर विष्णु जैन ने कहा कि “याचिका में एक आवेदन दाखिल करने की मंजूरी दें।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “ठीक है।” दरअसल, वक्फ संशोधन कानून के विरोध में बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर दाखिल याचिकाओं पर उन्होंने यह टिप्पणी की है।   सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की गई है एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग  बता दें कि एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि “कल मामला सुनवाई के लिए लगा है। मैं कुछ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि “इलाके में शांति सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट केंद्र को फोर्स तैनात करने का आदेश दे। गौरतलब हो कि बंगाल में हिंसा से जुड़ी याचिका काफी समय से लंबित है औऱ यह याचिका पहले से ही लिस्टेड है। विष्णु शंकर जैन ने उसी याचिका में नया आवेदन दाखिल किया है और उसमें हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की गई है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने नए आवेदन की जानकारी कोर्ट को दी। अब कल वाली सुनवाई में वह नए आवेदन को भी कोर्ट में रखेंगे। बता दें कि दूसरी याचिका वकील शशांक शेखर झा की ओर से दायर की गई है। याचिका के जरिए मुर्शिदाबाद हिंसा की की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग की गई है। फिलहाल इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। दरअसल, मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर दाखिल 2 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें? गौरतलब हो कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बीते दिन कहा था कि “देश में जितने भी गृहयुद्ध हो रहे हैं, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई संजीव खन्ना जिम्मेदार हैं।” ध्यान देने वाली बात यह कि ऐसे में ये बयान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी चर्चा में रहा है। कोर्ट ने कहा कि “हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें?” मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद वहां कई घर ऐसे मिले जहां से परिवार पलायन कर चुके हैं और लूटपाट के बाद उनके घरों को जला दिया गया है। सिर्फ राज्यपाल ही नहीं महिला आयोग की टीम ने भी मुर्शिदाबाद का दौरा किया। जिसके बाद महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि “यहां लोग इतने दर्द में हैं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” Latest News in Hindi Today Hindi news SC on jurisdiction allegations #SupremeCourt #Jurisdiction #ExecutivePowers #Judiciary #SCIndia #IndianConstitution #SeparationOfPowers #CourtNews #LegalUpdate #SCVerdict

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Kalashtami

कलााष्टमी 2025: भगवान शिव की पूजा से पाएं जीवन में सुख और शांति

प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि को कालाष्टमी (Kalashtami) का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन खासकर भगवान शिव (Lord Shiv) और उनके रौद्र रूप की पूजा अर्चना के लिए समर्पित होता है। इस दिन विशेष रूप से रात्रि को उपवास और शिव पूजा (Shiv Puja) की जाती है, क्योंकि इसे भगवान शिव (Lord Shiv) के नाथ रूप से जोड़कर देखा जाता है।  कालाष्टमी पूजा का शुभ समय  वैदिक पंचांग के अनुसार 20 अप्रैल को शाम 7 बजे से वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत होगी, जो 21 अप्रैल को शाम 06:58 बजे समाप्त होगी। काल भैरव देव की पूजा विशेष रूप से रात के समय की जाती है, जिसे निशा काल कहा जाता है। इस वर्ष वैशाख माह की कालाष्टमी (Kalashtami) 20 अप्रैल को मनाई जाएगी, और निशा काल में पूजा का समय रात 11:58 बजे से 12:42 बजे तक रहेगा। कालाष्टमी (Kalashtami) का महत्व कालाष्टमी (Kalashtami) का पर्व विशेष रूप से भगवान शिव के रौद्र रूप की पूजा के लिए जाना जाता है। यह तिथि उन भक्तों के लिए बेहद शुभ मानी जाती है, जो अपने जीवन में हर तरह के दुखों और परेशानियों से मुक्ति चाहते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सारे नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं और वह भगवान शिव की विशेष कृपा का पात्र बनता है। साथ ही, इस दिन भगवान शिव के साथ ही उनके वाहन नंदी और उनके पार्थिव रूप, कालभैरव की भी पूजा की जाती है। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व कालाष्टमी पूजा विधि नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Kalashtami #Kalashtami2025 #LordShiva #Kalabhairav #ShivaWorship #HinduFestival #SpiritualPeace #PujaBenefits #KalashtamiPuja #Bhakti #IndianTradition

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How to Identify Fake ₹500 Note

How to identify fake 500 note: कहीं आपका 500 का नोट नकली तो नहीं? बाजार में आई बड़ी खेप, इस तरह करें पहचान

बाजार में फैले नकली नोटों को खत्म करने के लिए ही नोटबंदी की गई थी। नोटबंदी के बाद यह दावा किया गया था कि इससे आतंकवाद की कमर टूटेगी और काले धन पर लगाम लगेगी। खैर, काले धन पर कितनी लगाम लगी यह तो नहीं पता, लेकिन एक बार फिर नकली नोट ने मार्केट में दस्तक दे दी है। जानकारी के मुताबिक बाजार में 500 का ऐसा नोट आ गया है, जो हूबहू असली नोट की तरह दिखता है। इस पर चिंता जताते हुए  गृह मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सरकार ने कहा है कि “500 के यह नकली नोट काफी हद तक असली जैसे दिखते हैं और सामान्‍य तौर पर इसमें अंतर कर पाना (How to identify fake 500 note) कठिन है।” बता दें कि गृह मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि “बाजार में नए प्रकार के नकली 500 रुपये के नोट के चल रहे हैं। यह अलर्ट डीआरआई, एफआईयू, सीबीआई, एनआईए और सेबी जैसी प्रमुख वित्तीय और नियामक संस्थाओं के साथ साझा किया गया है। जारी अलर्ट में चेतावनी दी गई है कि नकली नोट गुणवत्ता और प्रिंट के मामले में असली नोटों से बहुत मिलते-जुलते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। इनका रंग और बनावट भी काफी हद तक असली नोटों से मेल खाता है। सरकार ने कुछ ऐसे पहचान चिन्‍ह बताए हैं, जिसकी मदद से नकली नोटों को आसानी से पहचाना जा सकेगा।  500 रुपये के नकली नोट में यह (How to identify fake 500 note) गलती ‘RESERVE BANK OF INDIA’ के वाक्‍य में है इस बीच गृह मंत्रालय ने बताया कि वैसे तो नकली नोट असली 500 रुपये के नोटों से काफी मिलते-जुलते हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह कि इसमें स्‍पेलिंग को लेकर एक बड़ी गलती हो गई है। इस एक गलती की वजह से इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। 500 रुपये के नकली नोट में यह (How to identify fake 500 note) गलती ‘RESERVE BANK OF INDIA’ के वाक्‍य में है। दरअसल, RESERVE में E की जगह गलती से A लिखा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी की माने तो इस छोटी सी गलती को कोई अनदेखा कर सकता है। कारण यही जो ये नकली नोट काफी खतरनाक माने जा रहे हैं। न सिर्फ खतरनाक हैं बल्कि बाजार में तेजी से वायरल भी हो रहे हैं। इसकी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने बैंकों और अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थानों को भी हाई अलर्ट जारी किया है। यही नहीं, नकली करेंसी को पहचानने के लिए तस्‍वीर भी जारी की है। बैंकों से कहा गया है कि “ऐसी नोट का पता चलते ही जांच एजेंसियों को सूचित करें।” इसे भी पढ़ें:– क्या सच में जानबूझकर मार्केट गिरा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? नकली नोट की पहचान करने और बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार लगातार कर (How to identify fake 500 note) रही है काम  ऐसा नहीं है कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। नकली नोट की पहचान करने और उसे बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार लगातार काम कर (How to identify fake 500 note) रही है। सरकार ने बताया कि नकली नोटों का पता लगाने के लिए सभी बैंक शाखाओं/चिन्हित बैक ऑफिसों और मुद्रा चेस्ट शाखाओं में मशीन लगाई गई है। एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बाजार में पहले ही बड़ी संख्‍या में नकली नोटों की खेप पहुंच चुकी है। लिहाजा अधिकारियों ने नागरिकों और संस्थानों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मुद्रा की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा है।   Latest News in Hindi Today Hindi news How to identify fake 500 note #Fake500Note #CurrencyAlert #500NoteCheck #RBIUpdate #CounterfeitNote #FakeCurrencyIndia #NoteVerification #IndianCurrency #MoneySafety #SecurityFeatures

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