Owaisi's Absence

Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?: क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी?

साल के अंत में बिहार में चुनाव होने हैं। चुनाव भले ही साल के अंत में होने हैं लेकिन सरगर्मियां अभी से गई हैं। सभी राजनीतिक दल अभी से अपना-अपना नफा नुकसान देखने लगे हैं। इसी कड़ी में हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी भी अपनी पैठ जमाने के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल होना चाहते (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) हैं। इसके चलते एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने बाकायदा लालू यादव को पत्र लिखा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर ऐसी कौन सी वजह है जो ओवैसी लालू के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं? ओवैसी इंडिया गठबंधन में इसलिए भी शामिल होना हैं क्योंकि उनकी नजर मुस्लिम वोटों पर है। वैसे तो बिहार में हर बार की तरह इस बार भी सभी की नजर मुस्लिम वोटो पर है। हो भी क्यों न, बिहार में 50 से अधिक सीटों पर मुस्लिम वोटर्स काबिज जो हैं। बता दें कि मुस्लिम बिहार की कुल आबादी का 17 प्रतिशत है। ध्यान देने वाली बात यह कि बिहार में कभी भी मुस्लिम वोटर एकतरफा वोट कास्ट नहीं करते हैं। बिहार में मुस्लिम जेडीयू, आरजेडी को वोट करते रहे हैं। 2020 के विधानसभा में 76 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स इंडिया गठबंधन के साथ (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक इंडिया गठबंधन को मुस्लिम वोट सबसे ज्यादा मिलता रहा है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को 87 प्रतिशत मुस्लिमों ने वोट किया था। जबकि 2020 के विधानसभा में 76 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स इंडिया गठबंधन के साथ (Will Owaisi’‘s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे। बात करें साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव की तो इस चुनाव में आरजेडी को ओवैसी की पार्टी ने काफी नुकसान पहुंचाया था। जिसका सीधा फायदा जेडीयू को हुआ था। जेडीयू पिछले चुनाव में मात्र 43 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। जिसके लिए वे चिराग पासवान की पार्टी को जिम्मेदार मानते हैं। हालांकि उनको जो सीटें मिली हैं उसमें सीमांचल का योगदान अधिक है। इसकी सबसे बड़ी वजह ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम थी। वैसे भी जिस राज्य में मुस्लिम आबादी अधिक होती है, वहां पर ओवैसी पहुंच जाते हैं और विपक्षी पार्टियों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाते हैं। कारण यही जो विरोधी दल उन्हें बीजेपी की बी भी कहते हैं। हालांकि ओवैसी और बीजेपी दोनों इसे सिरे से ख़ारिज करते हैं।  चुनाव के कुछ समय बाद ही ओवैसी के 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) थे कहने की जरूरत नहीं, साल 2020 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों के बिखरने से एनडीए को फायदा हुआ था। हालांकि ये बात आरजेडी ख़ारिज करती है। ऐसा इसलिए कि आरजेडी के मुखिया लालू यादव को लगता है कि बिहार में अमूमन अधिकतर मुस्लिम वोटर्स उन्हीं की पार्टी को वोट करता है। दरअसल, लंबे समय से लालू यादव बिहार में एमवाई समीकरण को साधे हुए (Will Owaisi’‘s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) हैं। बड़ा कारण यही जो बिहार में उन्हें मुस्लिम वोटर्स के लिए किसी अन्य पार्टी से गठबंधन की जरूरत नहीं है। वो बात और है कि पिछली बार उन्हें कुछ सीटों का नुकसान हुआ था, लेकिन चुनाव के कुछ समय बाद ही ओवैसी के 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे। एक बड़ी वजह यह भी जो लालू यादव ओवैसी को बिहार में बड़ी चुनौती नहीं मानते।  इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? ओवैसी यदि इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो मुस्लिम वोटर एक मुस्त होकर इंडिया गठबंधन को वोट (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) करेंगे वैसे भी बीजेपी कभी नहीं चाहेगी कि ओवैसी कभी इंडिया गठबंधन में शामिल हों। क्योंकि ओवैसी यदि इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनते हैं तो मुस्लिम वोटर एक मुस्त होकर इंडिया गठबंधन को वोट करेंगे। इसमें नुकसान बीजेपी का (Will Owaisi’s Absence Hurt Lalu in Bihar Elections 2025?) होगा। इसके अलावा बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू ने वक्फ बिल का सपोर्ट किया था। ऐसे में इस बार उससे मुस्लिम वोटर्स के छिटकने का भी डर है। इसके बावजूद दोनों पार्टियों ने मुस्लिम वोटर्स को रिझाने की रणनीति बना ली है। दरअसल, बिहार की 17 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स की आबादी में से 10 प्रतिशत पसमांदा यानी अति पिछड़े मुस्लिम हैं। जेडीयू का मानना है कि नए वक्फ कानून से पसमांदा मुस्लिमों को फायदा होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि जेडीयू और बीजेपी का यह पैंतरा इंडिया गठबंधन के खिलाफ कितना कारगर सिद्ध होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi’ #Owaisi #LaluYadav #BiharElections2025 #AIMIM #BiharPolitics #Mahagathbandhan #MuslimVotes #PoliticalAnalysis

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‘लालू परिवार की जमीन पर होगा सरकार का कब्जा, बनेगा भूमिहीन गरीबों का घर’, JDU नेता के बयान से सियासी हलचल तेज

बिहार में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। चुनाव में उतर रही राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे को घेरने के साथ अपनी सियासी जमीन तैयार करने में जुटी है। इस बीच जदयू (JDU) ने घोषणा की है कि अगर राज्य में सरकार बनती है तो राजद (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद (Lalu Prasad) की पटना के फुलवारीशरीफ में मौजूद जमीन को जब्त किया जाएगा। इस जमीन पर सरकारी खर्च पर घर बनाए जाएंगे और वो घर राज्य के भूमिहीन गरीब लोगों को दिया जाएगा।  यह घोषणा जदयू (JDU) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने फुलवारीशरीफ में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम में कही। नीरज कुमार ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लालू परिवार जब भी सत्ता में आई, जनता को सिर्फ लूटने का कार्य किया। इस परिवार ने राज्य के गरीब लोगों को लूटकर पटना और इसके आसपास के इलाकों में करीब 40 एकड़ जमीन बनाई है। इनमें से 6 एकड़ जमीन तो सिर्फ फुलवारशरीफ में ही मौजूद है। नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद (Lalu Prasad) और उनका परिवार जनता को लूटकर पटना का सबसे बड़े शहरी जमींदार बन चुका है। लालू परिवार ने अपने पूरे शासनकाल में भ्रष्टाचार का केवल धन का ही अर्जन किया। इनकी सरकार के एजेंडे में जन कल्याण कभी नहीं रहा। बता दें कि नीरज कुमार राज्य कैबिनेट में सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री भी रह चुके हैं। अभी वो विधान परिषद के सदस्य हैं।  कानून बनाकर ली जाएगी लालू परिवार की जमीन- नीरज  लालू प्रसाद (Lalu Prasad) की जमीन को सरकार के अधीन कर उस पर गरीबों के लिए घर बनावाने की घोषणा जदयू की तरफ से किसी नेता ने पहली बार की है। नीरज के इस घोषणा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। नीरज ने अपनी घोषणा में यह भी कहा कि लालू की जमीन का गरीबों को देने के लिए राज्य सरकार द्वारा बकायदा कानून लाया जाएगा। राजद (RJD) ने अपने 15 साल के शासन में गरीबों को खूब लूटा है। केंद्र सरकार में मंत्री रहते भी लालू यादव ने नौकरी के बदले लोगों की जमीन हड़पी। अब समय आ गया है कि गरीब जनता को उनका हक वापस दिया जाए और यह काम हमारी सरकार करेगी।  राजद प्रवक्ता ने भी किया नीरज पर तीखा पलटवार   जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के इस बयान पर राजद (RJD) ने तीखा पलटवार किया है। राजद के मुख्य प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि इस साल के अंत में होने जा रहे विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में जीत कर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद नई सरकार बनाने जा रही है। जिसके बाद एनडीए शासनकाल के दौरान इनके सभी नेताओं का भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति की जांच होगी। जिन्होंने भी जनता और राज्य को लूटा है उन्हें माफ नहीं किया जाएगा। चितरंजन गगन ने यह भी कहा कि नीरज कुमार जागते हुए सपना देख रहे हैं कि फिर से उनकी सरकार (Bihar Assembly Elections) बनने जा रही है। लेकिन सच यह है कि बिहार की जनता ने नीतीश सरकार को इस बार जड़ से उखाड़ फेकने का मन बना लिया है। इस सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध जिस स्तर तक पहुंचा है, वह अपने आप में एक शर्मनाक रिकॉर्ड है। यह सरकार आम जनता का शोषण कर रही है और यह हमारी जनता भी अब समझ चुकी है। इनके सपने सिर्फ सपने ही रह जाएंगे।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? वोटर लिस्ट को लेकर बिहार का सियासी घमासान तेज  चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान चला रहा है। इसको लेकर भी यहां खूब हंगामा मचा हुआ है। विपक्ष  दल इसे भाजपा का षडयंत्र बता इसके खिलाफ राजनीतिक लड़ाई के साथ कानून लड़ाई लड़ने की बात कह रही हैं। महागठबंधन में शामिल पार्टियों का कहना है कि चुनाव आयोग के इस अभियान का मकसद विपक्ष के वोट को काटना है। इसके खिलाफ जल्द ही राजनीतिक अभियान शुरू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Lalu Prasad #LaluYadav #JDULeader #BiharPolitics #LandDispute #PoorHousingScheme #LaluFamily #PoliticalControversy

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Lalu Prasad Yadav’s son Tej Pratap

Tej Pratap Yadav to Become Pilot: लालू के लाल तेजप्रताप यादव अब बनेंगे पायलट बनेंगे और उड़ाएंगे हवाई जहाज 

बीते दिनों बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुरक्षा की गुहार लगाने वाले तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) अब पायलट बनने जा रहे हैं। एक तरह से वो अपने वो अपने सपने को पूरा करने के करीब (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। दरअसल, उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय ने 18 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया है। इन उम्मीदवारों में तेज प्रताप का भी नाम शामिल है। इसके बाद उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिला लेने की अनुमति मिल गई है। दरअसल, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने इससे पहले प्राइवेट पायलट लाइसेंस और कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिल के लिए साक्षात्कार दिया था। इसके मुताबिक, बिहार के विधायक तेज प्रताप यादव को वाणिज्य विमान चालक कोर्स में दाखिले की अनुमति मिली है।  तेज प्रताप को मिला है (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) पांचवां स्थान गौरतलब हो कि उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय एक ऐसा संस्थान है जो पायलटों को ट्रेनिंग देता है। यह संस्थान उन लोगों को चुनता है, जो पायलट बनने के लिए सबसे योग्य होते हैं। तेज प्रताप यादव को इस संस्थान ने सफल घोषित किया (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) है। जानकारी के मुताबिक तेज प्रताप ने 2023-24 में सीपीएल कोर्स में एडमिशन के लिए इंटरव्यू दिया था। यह इंटरव्यू उन्होंने पास कर लिया है। इस बीच निदेशालय ने सफल उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तेज प्रताप को पांचवां स्थान मिला है। कुल 20 सीटों में से 18 उम्मीदवार चुने गए हैं, जिनमें तेज प्रताप भी हैं। वो सामान्य श्रेणी के तहत चुने गए हैं। अब वे औपचारिक रूप से कोर्स में दाखिला लेकर पायलट बनने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं।  अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) इससे पहले भी पायलट बनने की इच्छा जता चुके हैं। कुछ दिनों पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। तभी तेज प्रताप यादव ने अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा लिखा था कि अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार हैं। उन्होंने कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) कोर्स के लिए इंटरव्यू पास कर लिया है। बता दें कि कुछ दिनों पहले तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो पायलट की वर्दी में नजर आ (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) रहे थे। इस वीडियो को देखें तो उसमें उनके पीछे एक देशभक्ति गीत बज रहा है और वह एक विमान में बैठते भी दिखाई दे रहे हैं। तेज प्रताप ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा…”जो व्यक्ति हवाई जहाज उड़ाता है, उसे अदृश्य में विश्वास करना चाहिए। सर्वश्रेष्ठ पायलट दूसरों की तुलना में अधिक उड़ान भरते हैं; इसलिए वे सर्वश्रेष्ठ हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव बात करें तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के निजी जीवन की तो वो अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। कारण यही जो उन्हें लेकर अक्सर परिवार में भी उथल-पुथल मची रहती है। बीते दिनों उन्हें आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक वीडियो वायरल होने के बाद परिवार और आरजेडी से बेदखल करने का फैसला लिया था। दरअसल, तेजप्रताप की एक महिला के साथ तस्वीरें और वीडियोज वायरल हुए थे। हालांकि तेज प्रताप यादव ने इसे अपने खिलाफ गहरी साजिश करार दिया है। खैर, अगर सब सही रहा, तो तेज प्रताप जल्द ही कमर्शियल पायलट बनकर देश की सेवा के लिए तैयार रहेंगे। देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप कब तक पायलट बनते हैं और देश के लिए क्या करते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news #TejPratapYadav #PilotTraining #LaluYadav #BiharPolitics #TejPratapNews

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Lalu Yadav expels son

Lalu Expels Son from Party: इस वजह से लालू ने अपने बड़े बेटे को निकाला पार्टी से, तेजस्वी यादव ने कही यह बात

अक्सर अपने बड़बोलेपन की वजह से अक्सर विवादों में रहने वाले राष्ट्रिय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल इन दिनों सुर्ख़ियों में बने हुए हैं।  राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार दोनों से दूर करने की घोषणा की (Lalu Expels Son from Party) है। दरअसल, एक दिन पहले शनिवार को तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया अकाउंट का कथित पोस्ट वायरल हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पोस्ट में दावा किया गया था कि यह पोस्ट तेज प्रताप यादव ने किया हैं। उक्त पोस्ट में उन्हें एक युवती के साथ देखा गया था। इसमें लिखा गया था, “मैं तेज प्रताप यादव और मेरे साथ इस तस्वीर में जो दिख रही हैं, उनका नाम अनुष्का यादव है। हम दोनों पिछले 12 सालों से एक-दूसरे को जानते हैं और प्यार भी करते हैं। हम लोग पिछले 12 साल से एक रिलेशनशिप में रह रहे हैं।” हालांकि, इस पोस्ट से जुड़े स्क्रीनशॉट के वायरल होने के कुछ घंटे बाद तेज प्रताप यादव की तरफ से सफाई भी आई। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि “मेरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हैक एवं मेरे तस्वीरों को गलत तरीके से एडिट कर मुझे और मेरे परिवार वालों को परेशान और बदनाम किया जा रहा है, मैं अपने शुभचिंतकों और फॉलोअर्स से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।” हम ऐसी चीजों को पसंद नहीं करते हैं और न बर्दाश्त हम कर सकते (Lalu Expels Son from Party) हैं- तेजस्वी यादव खैर, इस बीच तेज प्रताप यादव के पार्टी से निष्कासित करने को लेकर जब तेजस्वी यादव से पूछा गया (Lalu Expels Son from Party) तो जवाब में उन्होंने कहा कि “ऐसी चीजें को वो अनदेखा नहीं कर सकते हैं। बर्दास्त भी नहीं कर सकते हैं।” तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि “एक बात स्पष्ट है, जहां तक मेरी बात है, हमें ये सब चीजें न तो अच्छा लगती हैं, न बर्दाश्त करते हैं। दूसरी बात हम अपना काम कर रहे हैं, बिहार के प्रति समर्पित हैं और जनता के दुख-सुख में भाग ले रहे हैं। जनता के मुद्दे को उठा रहे हैं। हम नेता विरोधी दल हैं। जहां तक मेरे बड़े भाई की बात है। राजनीतिक जीवन में, निजी जीवन भी अलग होता है, तो निजी जीवन के फैसले और निर्णय, क्योंकि वो बालिग हैं, बड़े हैं, उनको अधिकार है। वो अपना निर्णय, क्या उनका सही होगा, क्या नुकसान होगा, ये अपना निर्णय वो खुद लें और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी दल के नेता हैं, उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है, जो उनकी भावनाएं थीं। हम ऐसी चीजों को पसंद नहीं करते हैं और न बर्दाश्त हम कर सकते हैं।” तेजप्रताप यादव को गैरजिम्मेदाराना (Lalu Expels Son from Party) व्यवहार के कारण छह साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित  तो वहीं लालू प्रसाद ने रविवार को अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को गैरजिम्मेदाराना (Lalu Expels Son from Party) व्यवहार के कारण छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यही नहीं, उनके साथ सभी पारिवारिक संबंध भी तोड़ दिए हैं। अपने फैसले पर लालू प्रसाद ने कहा कि “ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है। अपने निजी जीवन का भला-बुरा और गुण-दोष देखने में तेजप्रताप स्वयं सक्षम हैं। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूं। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है।” इसे भी पढ़ें:-लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर (Lalu Expels Son from Party) हो रही हैं वायरल  बता दें कि तेज प्रताप यादव, लालू यादव के बड़े बेटे हैं। हाल के दिनों में वो अपनी दूसरी (Lalu Expels Son from Party) शादी और प्रेम संबंधों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। अभी एक दिन पहले ही तेज प्रताप यादव के फेसबुक पेज से नए रिश्ते के बारे में जानकारी दी गई थी। हालांकि तेज प्रताप ने इससे साफ़ इनकार कर दिया है। यह तो ठीक, लेकिन जिस तरह से तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, उससे तो ऐसा लगता है कि लालू परिवार सकते में आ गया है। कारण यही जो, लालू यादव ने पार्टी और परिवार दोनों से अपने बड़े बेटे को दूर कर दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Lalu Expels Son from Party #LaluYadav #TejashwiYadav #TejPratapYadav #RJD #BiharPolitics #LaluExpelsSon #PoliticalDrama

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