Stone Pelting in Guna During Hanuman Jayanti

Guna MP stone pelting: एमपी के गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव के बाद हुआ बवाल, बुलडोजर चलाने की मांग

धार्मिक आयोजन के दौरान हुए पत्थराव के बाद सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हनुमान चौराहे पर हिंदू समुदाय के लोगों ने जमा होकर धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की (Guna MP stone pelting) मांग की है। इसके साथ ही चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी निकाला। फ़िलहाल हालात को संभालने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कर्नलगंज में फ्लैग मार्च भी निलाका। इस दरम्यान पुलिस ने न सिर्फ लोगों को अपने-अपने घरों में रहने की अपील की है बल्कि बाहरी लोगों के कर्नलगंज में एंट्री पर रोक भी लगा दी है। तो वहीं इस पूरे मामले पर “गुना एसपी संजीव कुमार का कहना है कि “स्थिति नियंत्रण में है। मैं खुद कर्नलगंज में कलेक्टर के साथ निकाला हूं। जिन लोगों ने भी यहां घुसने का प्रयास किया है उनका सीसीटीवी के जरिए पहचाना जा रहा है। और उनकी खोज भी की जा रही है। अब तक इस मामले में 17 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी।” हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में है भारी आक्रोश  बता दें कि गुना शहर के कर्नलगंज क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुना के हनुमान चौराहे पर विभिन्न संगठनों के हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने पथराव के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ अज्ञात लोग आक्रोशित होकर कर्नलगंज इलाके की ओर रवाना हो गए। हालांकि इन्हें हाट रोड पर पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर दूसरे रास्ते से कर्नलगंज इलाके की तरफ बढ़ गए। इस बीच प्रधान डाकघर के सामने स्थित एक गली में कुछ घरों के अंदर तोडफ़ोड़ की भी बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने घरों के दरवाजों पर डंडे बरसाए, कुछ मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। मामला बिगड़ता देख गुना एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने मोर्चा संभाला और पुलिस बल के साथ खुद मौके पर जा पहुंचे। इस दरम्यान हंगामा कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज भी करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद हंगामा कर रहे उपद्रवी मौके से भाग निकले। खैर, इस दौरान हनुमान चौराहे पर संगठनों की ओर से लगातार नारेबाजी की जाती रही। हैरत की बात यह कि पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि कितने संगठन विरोध जता रहे हैं और कौन हंगामा कर रहा है? इस अनियंत्रित भीड़ को काबू करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।  इसे भी पढ़ें:– राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी  हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद शुरू हुई राजनीति  इस बीच  गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद जमकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने तो पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ का कहना है कि “पुलिस ने एकतरफा एक्शन लिया है।” यही नहीं, जिले के एसपी का वीडियो भी जारी जारी किया है। जिसमें एसपी ने ये कबूला कि “जुलूस गलत रूट पर निकल। CCTV में पत्थरबाजी नहीं दिखी। जिस रूट पर जुलूस निकला उसकी अनुमति नहीं ली गई, मस्जिद के सामने जानबूझकर नारे लगाए गया। अब कांग्रेस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मां की है। उनका कहना है कि “पक्षपात कौन कर रहा है, एसपी का पहला बयान सही है या बाद की कार्रवाई सही है, जवाब मिलना चाहिए।” भाजपा प्रवक्ता मिलन भार्गव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि “जब महू में घटना हुई थी तब भी कांग्रेस ने रास्ते पर सवाल उठाए थे। अब फिर कांग्रेस प्रवक्ता कह रहे हैं कि गलत रास्ते से जुलूस निकाला गया। भारत में आदमी क्या जय श्री राम नहीं बोल सकता?” कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस का चरित्र है दूसरा पाकिस्तान बनाना। कांग्रेस देश को बंटवारे के रास्ते पर ले जा रही है। हिंदुओं की यात्रा निकलती हैं, तो तकलीफ किसे हो रही है देख सकते हैं।”   Latest News in Hindi Today Hindi news Guna MP stone pelting #GunaNews #HanumanJayanti #StonePelting #MPNews #BulldozerAction #ReligiousProcession #GunaViolence #MadhyaPradesh #HinduFestival #BreakingNews

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MP Court Gives Death Sentence in 6-Year-Old Rape Case

6-year-old rape and murder: एमपी में 6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में 6 साल की बच्चे के साथ रेप और उसकी हत्या (6-year-old rape and murder) करने के अपराधी को मौत की सजा दी गई है। जानकारी के मुताबिक प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 88 दिन चली सुनाई के बाद शुक्रवार शाम आरोपी अजय को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये के मुआवजे का भी ऐलान किया।  यही नहीं उन्होंने बच्ची पर कविता लिखकर संवेदना भी जताई है। दरअसल, आरोपी अजय ने 9 जनवरी की रात को बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने उसका मुंह दबाकर (6-year-old rape and murder) कर दी थी हत्या  जानकारी के मुताबिक 2 जनवरी की रात 9 बजे आरोपी अजय ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या (6-year-old rape and murder) कर दी थी। हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इस बीच बच्ची के परिवार ने पूरे गांव में उसकी तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। शुरुआत में न नुकुर करने के बाद अजय ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया था।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सुनाई सजा  बता दें कि इस मामले में 13 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष की तरफ से कोर्ट में कुल 39 गवाह पेश किए गए थे। सभी ने घटना की पुष्टि की। इसके अलावा 96 दस्तावेज और 33 सबूत पेश किए गए। मुख्य बात यह कि डीएनए रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने शासन का पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सजा सुनाई है। बच्चों के खिलाफ इस तरह की दुखद घटनाएं दिल को झकझोर देती हैं। आलम यह है कि दरिंदें हर नुक्कड़ और चौराहे पर बैठे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता की सबब बनते जा रही है। मौजूदा दौर में बच्चों के प्रति बढ़े अपराध के बाद तो यही कहा जा सकता है कि जब तक आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक उनके हौसलें पस्त नहीं होंगे। सरकार को ऐसे कानून बनाने चाहिए जिससे ऐसे दुर्दांत अपराधियों को ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका ही न मिले। Latest News in Hindi Today Hindi News 6-year-old rape and murder #MPNews #ChildAbuse #JusticeForVictims #DeathPenalty #IndiaNews #RapeCase #CrimeNews #CourtVerdict #SaveChildren #LegalJustice

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fake cardiologist in MP used a foreign name

एमपी का फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट धौंस जमाने के लिए रखा था विदेशी नाम, करता था विदेश यात्रा, मोबाइल ने खोले कई राज 

मध्य प्रदेश के दमोह में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट नरेंद्र यादव (Fake Cardiologist Narendra Yadav) के इलाज से सात लोगों की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी डॉक्टर के पास सिर्फ MBBS की डिग्री ही है। जबकि इसके पास मौजूद एमडी और कार्डियोलॉजी की डिग्री फर्जी हैं। पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि आरोपी डॉक्टर ने इन डिग्रियों को किसी गिरोह से बनवाई या फिर मोबाइल ऐप की मदद से खुद ही बनवाई। बता दें कि आरोपी फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट नरेंद्र यादव (Fake Cardiologist Narendra Yadav) अपनी फर्जी डिग्रियों की मदद से दमोह में मिशनरी द्वारा संचालित मिशन अस्पताल में तैनात था। यहीं पर इसने सात लोगों की हार्ट सर्जरी की थी। आपरेशन के बाद इन सभी सातों मरीजों की मौत हो गई। इसका खुलासा होने के बाद से पूरे मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है।  पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) भी इस मामले की जांच कर रहा है।  आरोपी डॉक्टर के मोबाइल में मिले फर्जी दस्तावेज बनाने वाले ऐप्स  दमोह के एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी के नेतृत्व में आरोपी डॉक्टर से पूछताछ कर रही टीम ने जब उसके मोबाइल की जांच की तो उसमें कई ऐसे ऐप्स मिले, जिससे फर्जी दस्तावेज बनाए जा सकते हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी डॉक्टर ने शायद इन ऐप्स की मदद से ही फर्जी डिग्रियां तैयार की होंगी। साथ ही आरोपी नरेंद्र यादव से पूछताछ में यह भी पता चला कि, दूसरों से अलग दिखने और मरीजों को प्रभावित करने के लिए उसने अपना नाम बदलकर एन. जॉन. केम (Fake Cardiologist Narendra Yadav) रख लिया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि, यह विदेश नाम उसे काफी मदद करता था। वह जब भी किसी अस्पताल में काम करने जाता, तो उसे उसके इंग्लिश नाम की वजह से दूसरे डॉक्टरों से ज्यादा सम्मान मिलता था। साथ ही मरीज भी उसे महत्व देते थे। इसी नाम से वह खुद को सुपर स्पेशलिस्ट बताकर सर्जरी करता है।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा आरोपी की विदेश यात्रा की डिटेल खंगाल रही पुलिस  जांच के दौरान पुलिस को आरोपी डॉक्टर के पास से एक पासपोर्ट भी मिला है। जिसकी जांच में पता चला कि यह आरोपी कई बार विदेश यात्रा पर भी जा चुका है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन विदेशी यात्राओं का मकसद क्या था। कहीं यह किसी विदेशी गिरोह से तो नहीं जुड़ा है। इसने जिस तरह से सर्जरी कर सात मरीजों की जान ले ली, उसे देखते हुए पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकािरयों का कहना है कि जांच अभी चल रही है। जांच पूरी हो जाने के बाद आरोपी डॉक्टर पर कई अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. फिलहाल, आरोपी डॉक्टर अभी पुलिस हिरासत में है। Latest News in Hindi Today Hindi News Fake Cardiologist Narendra Yadav #FakeDoctor #CardiologistScam #MPNews #MedicalFraud #DoctorExposed #IndiaNews #FraudRevealed #ScamAlert #FakeIdentity #BreakingNews

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