guggul benefits

गुग्गुल, एक ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब जो स्वास्थ्य को सुधारे और रखें हमें स्वस्थ व तंदुरुस्त

यह तो हम सब जानते हैं कि आयुर्वेद (Ayurveda) की उत्पत्ति भारत में हुई है। इसका उद्देश्य सही डायट, व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ लोगों के संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करना है। गुग्गुल (Guggul) ऐसी हर्ब है जिसे आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसका इस्तेमाल पुराने समय से ही आयुर्वेदिक मेडिसिन्स के किया जाता रहा है। गुग्गुल का अर्थ है बीमारियों को दूर करना। गुग्गुल (Guggul) का सबसे बड़ा बायोएक्टिव कॉम्पोनेन्ट है ओलियो गम रेसिन, जिसके कई चिकित्सीय लाभ हैं। आयुर्वेदा (Ayurveda) के अनुसार यह हर्ब वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने आदि में बहुत बेनेफिशियल है। इसके और भी बहुत से फायदे हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul): पाएं जानकारी हेल्थललाइन (Healthline) के अनुसार गुग्गुल (Guggul) में प्लांट कंपाउंड्स, जरूरी तेलों, फ्लेवोनोइड्स और अमीनो एसिड का मिश्रण होता है। यह सभी हेल्थ के लिए फायदेमंद पाए गए हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। शरीर से हानिकारक तत्वों को निकाले बाहर गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक और विषाक्त चीजों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। अगर शरीर की डेटोक्सिफिकेशन करनी है, तो यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। यही नहीं,हेल्दी इशूज के लिए भी फायदेमंद है। कोलेस्ट्रॉल को कम करे यह हर्ब कोलेस्ट्रॉल लेवल को हेल्दी बनाए रखने में मदद करती है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करने की पूरी शक्ति गुग्गुल (Guggul) में होती है। अधिक कोलेस्ट्रॉल से हार्ट प्रॉब्लम्स होने की संभावना बढ़ जाती है। यानी, कोलेस्ट्रॉल को मैनेज कर के हार्ट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। पेट के लिए बेहतरीन ऐसा भी माना गया है कि पाचन क्रिया को सही बनाए रखने में यह हर्ब फायदेमंद है। शरीर की प्राकृतिक पाचन क्षमता को बढ़ाने में यह हर्ब मदद करती है। पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने और पाचन क्षमता को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।  वजन को रखे सही अगर आप वजन को सही रखना चाहते हैं, तो भी इस हर्ब का इस्तेमाल किया जा सकता है। गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार है और अधिक टिश्यू के बनने से रोकता है। यह ऑयल और फैट के पाचन में भी सहायता करता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है, जिससे कई तरीकों से वेट मैनेजमेंट में सहायता मिलती है। जोड़ों के लिए फायदेमंद गुग्गुल (Guggul) जॉइंट की मूवमेंट की सपोर्ट में भी फायदेमंद पाया गया है। इसमें डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं जिससे जोड़ों से भी टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं। यह टॉक्सिन्स डिस्कम्फर्ट का कारण बन सकते हैं। यह जोड़ों के अंदर और आसपास के टिशूज को ल्युब्रिकेंट करने और उसकी मरम्मत करने में फायदेमंद पाया है, जिससे जोड़ों की मूवमेंट आसानी से हो पाती है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा स्किन हेल्थ में बेहतरीन गुग्गुल (Guggul) को कुछ स्किन कंडीशंस को दूर करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे एक्जिमा और सोरायसिस। यह दोनों स्किन की वो समस्याएं हैं जिसके कारण स्किन में इन्फ्लेमेशन होती है। हालांकि इसके बारे में अभी अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। कुछ स्टडीज में यह भी बता चला है कि यह हर्ब स्किन में रैशेज और खुजली जैसी समस्याओं से राहत पाने में भी फायदेमंद है। गुग्गुल (Guggul) को आमतौर पर हेल्थ के लिए अच्छा पाया गया है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन कुछ मामलों में नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, इसके बारे में एक्सपर्ट या डॉक्टर से जान लें और उसके बाद ही इसका सेवन करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Guggul #guggul #ayurvedicherbs #naturalremedies #herbalhealth #guggulbenefits #ayurvedicmedicine #holistichealth

आगे और पढ़ें
Shatavari benefits

प्राकृतिक तरीके से महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने इस तरह के फायदेमंद है शतावरी

महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ यानी प्रजनन स्वास्थ्य उनके शारीरिक, मानसिक और सामान्य स्वास्थ्य से संबंधित है। इनमें रिप्रोडक्टिव सिस्टम का स्वास्थ्य, मेंस्ट्रुअल हेल्थ, प्रेग्नेंसी, कंट्रासेप्शन, सेक्शुअल हेल्थ आदि शामिल है। महिलाओं के लिए अपनी रिप्रोडक्टिव हेल्थ का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए महिलाओं के लिए जागरूक रहना चाहिए और उनके लिए रेगुलर हेल्थ चेक-अप कराना और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ प्लांट भी फायदेमंद हो सकते हैं। ऐसा ही एक प्लांट है शतावरी (Shatavari), जिसे सब्जी के रूप में खाया जाता है। आयुर्वेदिक मेडिसिन में महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए वरदान माना गया है। आइए महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health) के बारे में। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी(Shatavari for women’s reproductive health): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार शतावरी (Shatavari) को अस्परगस ऑफिसिनैलिस (Asparagus officinalis) भी कहा जाता है। यह एक सब्जी है जो सफेद, हरे और पर्पल रंग में मिलती है। इसका प्रयोग कई तरह की डिशेस बनाने में किया जाता है। महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health) के फायदे इस प्रकार हैं: हॉर्मोनल बैलेंस : ऐसा माना गया है कि शतावरी (Shatavari) यानी अस्परगस ऑफिसिनैलिस फीमेल रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन्स को रेगुलेट और बैलेंस करने के लिए फायदेमंद है। इसके साथ ही यह भी पाया गया है कि अनियमित पीरियड्स और पॉलीसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम्स जैसी समस्याओं के लिए यह फायदेमंद है। फर्टिलिटी शतावरी (Shatavari) ओवेरी के कार्यों को सुधारने के लिए भी जाना जाता है यानी वो फर्टिलिटी को सपोर्ट करने में फायदेमंद है। इसके साथ ही इससे एग्स की गुणवत्ता भी सुधरती है।  स्ट्रेस को करे कम शतावरी (Shatavari) यानी अस्परगस ऑफिसिनैलिस (Asparagus officinalis) को हमारे मेंटल हेल्थ के लिए भी लाभदायक पाया गया है। इससे स्ट्रेस कम होने में मदद मिलती है। ऐसा पाया गया है कि चिंता और स्ट्रेस से महिलाओं की रिप्रोडक्टिव पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसका इस्तेमाल एंडोमेट्रियोसिस, दर्दनाक पीरियड्स और मेनोपॉज के लक्षणों को दूर करने में भी किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक पोस्टपार्टम फायदे महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health)  के फायदे पोस्टपार्टम सपोर्ट से भी जुड़े हुए हैं। स्तनपान कराने वाली महिलाओं में शतावरी (Shatavari) मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ाने में मदद करती है और इससे पोस्टपार्टम के लक्षण भी दूर होते हैं। यह तो थे महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए शतावरी (Shatavari for women’s reproductive health) के फायदे। लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी चीज के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। शतावरी (Shatavari) यानी अस्परगस ऑफिसिनैलिस (Asparagus officinalis) के बारे में भी अभी और रिसर्च की जानी जरूरी है। इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में भी जान लें। अपनी मर्जी से किसी भी चीज का सेवन करना हानिकारक सिद्ध हो सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Shatavari #shatavari #womenshealth #reproductivehealth #naturalremedies #hormonebalance #ayurveda #fertilitybooster

आगे और पढ़ें
Translate »