Trump Putin phone call

Trump Putin phone call: ट्रंप और पुतिन के बीच फोन पर लगभग दो घंटे हुई बात, इस शर्त पर होगी युद्ध समाप्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में जुटे हैं। इस सिलसिले में दोनों के बीच मंगलवार को तकरीबन 2 घंटे तक फ़ोन पर (Trump Putin phone call) बातचीत हुई। जानकारी के मुताबिक इस दौरान युद्धविराम समझौते और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे चर्चा का हिस्सा होंगे। बड़ी बात यह कि इस बातचीत की पुष्टि व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्कैविनो ने की। उन्होंने बाकायदा ट्वीट कर बताया कि “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सुबह 10:00 बजे से बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “चर्चा सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और अभी जारी है।” बता दें कि यह वार्ता तीन साल से चले आ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है। इस संघर्ष ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है, करोड़ों को बेघर कर दिया है और यूक्रेन के कई क्षेत्रों को तबाह कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत 30 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव पर बातचीत की। गौर करने वाली बात यह कि इस दौरान युद्ध विराम समझौते के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर 30 दिनों के युद्धविराम समझौते को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मनाने (Trump Putin phone call) की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह सऊदी अरब में हुई अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की थी। इस वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया था। पुतिन से फोन पर बातचीत से पहले ट्रंप ने संकेत दिया कि वार्ता के दौरान क्षेत्रीय नियंत्रण और परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे के मुद्दे चर्चा का हिस्सा होंगे। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई   पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की रखी है (Trump Putin phone call) शर्त  विदित हो कि सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “वे यूक्रेन युद्ध में युद्धविराम और शांति स्थापित करने के प्रयास करेंगे और उन्हें विश्वास है कि यह संभव हो सकता है।” तो वहीं दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले सप्ताह अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया कि “रूस अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने से पहले कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को पूरा करना चाहता है। जानकारी के मुताबिक क्रेमलिन ने क्रीमिया और पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्सों सहित कब्जे में लिए गए क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की शर्त (Trump Putin phone call) रखी है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Putin phone call #TrumpPutin #RussiaUkraineWar #Geopolitics #GlobalDiplomacy #USRussiaRelations #TrumpNews #PutinUpdates #WarNegotiations #WorldPolitics #PeaceTalks

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Drone Attack Odessa

Drone Attack Odessa: यूक्रेन के ओडेसा पर रूसी ड्रोन और मिसाइलों ने मचाया तांडव, कम पड़े फायर फाइटर्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा सैन्य समर्थन रोकने के बाद से यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की कमजोर दिख रहे हैं। जेलेंस्की की इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया है। बता दें कि यूक्रेन के ओडेसा पर रूसी ड्रोन और मिसाइलों के हमलों (Drone Attack Odessa) का कहर जारी है। बता दें कि पुतिन की नजर यूक्रेन की रणनीतिक पोर्ट सिटी ओडेसा पर है। योजनाबद्ध तरीके से ओडेसा पर पिछले 48 घंटों से रूसी सेना लगातार हमले कर रही है। रूसी ड्रोन और मिसाइलों की बौछार जारी।   रिपोर्ट्स के मुताबिक रुसी सेना अब तक 150 से अधिक ड्रोन हमले कर चुकी है। इन हमलों का मुख्य निशाना हथियारों के गोदाम और फैक्ट्रियों के साथ-साथ रिहायशी इमारतें हैं। अब तक 7 इमारतें और 2 स्कूल पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इसके अलावा 3 हथियार डिपो और एक फैक्ट्री को भी तबाह कर दिया गया है। रूसी मिसाइलें इस कदर कहर बरपा रही हैं कि पूरे शहर में धमाकों की आवाज गूंज रही है। हमले की वजह से दक्षिणी यूक्रेन का ओडेसा शहर इस समय विनाशकारी हालात का सामना कर रहा है। जानकारी के मुताबिक इन हमलों में अब तक कई इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं।  रूसी ड्रोन हमलों ने मचाई भीषण तबाही (Drone Attack Odessa)  बता दें कि ओडेसा के कई इलाकों में रूसी ड्रोन हमलों ने इस कदर भीषण तबाही मचाई  (Drone Attack Odessa) है कि कई रिहायशी इमारतें आग की लपटों में चुकी हैं। इस मिसाइलों के कहर का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि हमले के बाद लगी आग की लपटों पर काबू पाने के लिए फायर फाइटर्स की संख्या कम पड़ रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिन-रात फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और जवान आग बुझाने में जुटे हुए हैं। इसके आलावा ओडेसा के पावर प्लांट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर भी रूस के ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इन हमलों का असर यह कि शहर के बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई है। रूस ने अब तक लगभग 6 बिजली संयंत्रों को तबाह कर दिया है। इस वजह से तकरीबन 7000 घरों में बत्ती गुल हो गई है। रूसी हमलों की वजह से यूक्रेनी नागरिकों को अँधेरे में रहना पड़ रहा है।  इसे भी पढ़ें:-भारत समेत इन देशों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप का सख्ती की घोषणा,  2 अप्रैल से होगा एक्शन रूस की टेढ़ी नजर है ओडेसा  (Drone Attack Odessa) पर  कहने की जरूरत नहीं कि पुतिन किसी भी हाल में इस शहर पर कब्जा करना चाहते हैं। कब्जा इसलिए कि ओडेसा पर नियंत्रण मिलते ही रूस दक्षिणी यूरोप के नजदीक पहुंच जाएगा। कहा तो यह भी जा रहा है कि इसके बाद पुतिन अपने यूरोप प्लान को सक्रिय कर सकते हैं। यूक्रेन के लुहांस्क से लेकर मेलितोपोल तक के क्षेत्र पर रूस पहले से ही कब्ज कर रखा है। और अब रूस की टेढ़ी नजर ओडेसा  (Drone Attack Odessa) पर है। गौर करने वाली बात यह कि ओडेसा, यूक्रेन का एकमात्र बंदरगाह शहर है जो कि काला सागर से जुड़ा है। अगर रूस इस पर कब्जा कर लेता है, तो यूक्रेन पूरी तरह से समुद्री मार्ग से कट जाएगा। दरअसल, ओडेसा को दक्षिणी यूरोप का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसका एक हिस्सा मोलदोवा से सटा हुआ है और दूसरा हिस्सा ट्रांसनिस्ट्रिया से लगा हुआ है। महत्वपूर्ण बात यह कि यहाँ रूस समर्थकों की सरकार है। ऐसे में मोलदोवा रूसी सेना से दोनों ओर से घिर सकता है। ऐसी स्थिति में, पुतिन को इन दोनों यूरोपीय देशों पर दबाव बनाने और आक्रमण करने का मौका मिल जाएगा और फिर सीमाओं के रास्ते रूसी सेना का इन देशों में प्रवेश करना काफी आसान हो सकता है। यही नहीं, लुहांस्क से लेकर ओडेसा तक रूस का एक सुसंगठित क्षेत्र बन जाएगा। जो कि आगे चलकर एक तरह से बफर जोन की तरह काम करेगा। ओडेसा पर कब्जा करते ही पुतिन की यूरोप संबंधी योजनाएं सक्रिय हो जाएंगी। कहने की जरूरत नहीं, अमेरिकी सैन्य समर्थन कम होने के बाद से यूक्रेन में हालात बेहद गंभीर और नाजुक बने हुए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Drone Attack Odessa Donald Trump #RussiaUkraineWar #OdessaAttack #MissileStrike #UkraineUnderAttack #DroneStrike #UkraineNews #OdessaCrisis

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