नई दिल्ली/मनीला: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर आज फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक (Quad Foreign Ministers’ Meeting) और ASEAN से जुड़ी उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस दौरे को भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति और क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठकों के दौरान भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), उभरती प्रौद्योगिकियों और आर्थिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही ASEAN सदस्य देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी विशेष फोकस रहेगा।
बैठक का प्रमुख एजेंडा
मनीला में आयोजित इन बैठकों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है—
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता।
- समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता।
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना।
- डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग।
- आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास।
- ASEAN-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना।
भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा भारत की विदेश नीति के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि—
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका और मजबूत होगी।
- QUAD देशों के साथ रक्षा एवं तकनीकी सहयोग को नई गति मिल सकती है।
- ASEAN देशों के साथ व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा होगी।
- क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर साझा रणनीति बनाने का अवसर मिलेगा।
द्विपक्षीय बैठकें भी संभव
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और ASEAN देशों के कई विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इनमें व्यापार, रक्षा सहयोग, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इंडो-पैसिफिक में भारत की भूमिका
भारत लगातार मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करता रहा है। सरकार का मानना है कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान वैश्विक आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।
निष्कर्ष
मनीला में होने वाली QUAD और ASEAN बैठकों के माध्यम से भारत एक बार फिर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यह यात्रा क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Source:
Ministry of External Affairs (MEA) | Reuters | The Indian Express
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