Anu Sharma

World Tuberculosis Day

वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे: जानिए क्या हैं टीबी के कारण, लक्षण और किस तरह से करें इससे बचाव?

हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) या वर्ल्ड टीबी डे के रूप में मनाया जाता है। ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) सबसे ज्यादा संक्रामक बीमारियों में से एक है। वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) को लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करने के लिए सेलेब्रेट किया जाता है। इस दिन आम लोगों को टीबी (TB) के लक्षणों, कारणों और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। यही नहीं, इस दिन मेडिकल इंस्टीट्यूट्स, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ आदि कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं। हर व्यक्यि के लिए इस रोग के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है। आइए जानें कि यह रोग क्या है और इससे बचाव किस तरह से संभव है। ट्यूबरक्लोसिस यानी टीबी क्या है? मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) एक गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इस बीमारी का कारण बनने वाले जर्म्स एक तरह के बैक्टीरिया है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्तियों से अन्य लोगों तक फैल सकती है। छींक, खांसी आदि इसके फैलने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इससे हवा में जर्म्स वाले छोटे ड्रॉपलेट फैल सकते हैं। जब अन्य लोग इन ड्रॉप्लेट्स को सांस के माध्यम से अंदर ले जाते हैं और यह जर्म्स फेफड़ों में जा सकते है। एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों और कमजोर इम्युनिटी वाले अन्य लोगों में सामान्य इम्युनिटी वाले लोगों की तुलना में ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) होने का जोखिम अधिक होता है। इस वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) जानिए क्या हैं इसके कारण। लेकिन, पहले ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) क्या हैं, यह जान लेते हैं। ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) इनएक्टिव ट्यूबरक्लोसिस से पीड़ित व्यक्ति में इस रोग से सम्बन्धित कोई भी लक्षण देखने को नहीं मिलता है। लेकिन, बिना उपचार के उनमें यह एक्टिव ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) की समस्या हो सकती है और वो बीमार हो सकता है। एक्टिव ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर में कहां टीबी (TB) के जर्म्स ग्रो हो रहे हैं। फेफड़ों में टीबी (TB) जर्म्स के विकसित होने पर ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) इस प्रकार हो सकते हैं: इसके अलावा एक्टिव टीबी के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं ट्यूबरक्लोसिस के कारण ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis)का सबसे सामान्य प्रकार है पल्मोनरी ट्यूबरक्लोसिस, लेकिन बैक्टीरियम शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। आपने माइलरी ट्यूबरकुलोसिस के बारे में भी सुना होगा, जो हमारे पूरे शरीर में फैल सकता है और इसके कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं” ट्यूबरक्लोसिस का उपचार एक्टिव और इनएक्टिव ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) दोनों का खास तरह की एंटीबायोटिक के साथ उपचार किया जाता है। इन दवाईयों के कॉम्बिनेशन से इंफेक्शन से आराम मिल सकता है। इन दवाईयों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए। निम्नलिखित दवाईयों की सलाह रोगी को दी जा सकती है: इसे भी पढ़ें: सिंगल पेरेंटिंग नहीं है आसान: सिंगल पैरेंट को करना पड़ता है इन 5 चुनौतियों का सामना ट्यूबरक्लोसिस से बचाव निम्नलिखित तरीकों से ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) के संक्रमण और उसके स्प्रेड होने के रिस्क को कम किया का सक्ता है: इस वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) आप इस रोग के बारे में जानें और अन्य लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करें ताकि इससे बचा जा सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Symptoms of Tuberculosis #SymptomsofTuberculosis #WorldTuberculosisDay #Tuberculosis #TB

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Twitter's Blue Bird auction

ट्विटर की ब्लू बर्ड ने रचा इतिहास! 34,375 डॉलर में नीलाम हुआ लोगो

ट्विटर (Twitter) को अब X के नाम से जाना जाता है। यह एक बेहतरीन सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, जो लोगों को वास्तविक समय के जानकारी शेयर करने और पूरी दुनिया से जुड़े रहने में मदद करता है। ट्विटर का नीला पक्षी यानी ब्लू बर्ड (Blue bird) इसकी पहचान है जिसे लैरी द बर्ड भी कहा जाता है। जिसने ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल किया है वो इसके बारे में अवश्य जानते होंगे। लेकिन, जब से एलन मस्क ने ट्विटर खरीदा है तब से प्लेटफॉर्म का नाम और लोगो दोनों को ही बदल दिया गया है। अब यह ब्लू बर्ड एक बारे फिर से चर्चा में है। ट्विटर (Twitter) के हेडक्वाटर में ने डिस्प्ले ब्लू बर्ड (Blue bird) स्टेच्यू को नीलाम किया गया है। इससे कंपनी को अच्छा-खासा फायदा हुआ है। आइए जानें ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) के बारे में। ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) एलन मस्क (Elon Musk) के ट्विटर (Twitter) को खरीदने के बाद उन्होंने इसे पूरी तरह से बदल दिया फिर वो चाहे उसका नाम हो, लोगों हो या अन्य चीजें। ट्विटर (Twitter) की पहचान ब्लू बर्ड (Blue bird) को इसके बाद से ही ट्विटर के सैन फ्रांसिस्को हेडक्वाटर से हटा दिया गया था। अब ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction) की बात सामने आयी है। ऐसे माना जा रहा है कि इस ब्लू बर्ड (Blue bird) के स्टेच्यू को 34,375 अमेरिकी डॉलर में नीलाम किया गया है। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 29.56 लाख रुपये हैं। इसकी नीलामी आरआर ऑक्शन द्वारा की गयी है जो दुर्लभ और संग्रहणीय वस्तुओं में डील करते हैं। इस स्टेच्यू को किसने खरीदा है इस बारे में जानकारी नहीं दी गयी है। उनकी पहचान अभी गुप्त रखी गयी है। अगर बात की जाए ट्विटर (Twitter) के ब्लू बर्ड (Blue bird) की, तो इसका वजन 560-पाउंड यानी 254 किग्रा है। यह स्टेच्यू 12 फीट×9 फीट के आकार में है। क्यों की गयी ट्विटर के ब्लू बर्ड की नीलामी (Twitter’s Blue Bird auction)? ऐसा माना जा रहा है कि ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने कंपनी को वित्तीय संकट से बाहर आने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें से एक कदम यह है कि उन्होंने ट्विटर (Twitter) की कई संपत्तियों को नीलाम किया है। यही कारण है जिसके लिए उन्होंने ट्विटर की ब्लू बर्ड (Blue bird) को नीलाम किया। इसके अलावा उन्होंने इससे पहले और भी ट्विटर (Twitter) के अन्य सामान को नीलाम किया है। इससे पहले कंपनी ने साइन, मोमेंटो, रसोई के उपकरण और कार्यालय फर्नीचर आदि को भी नीलाम किया था। यही नहीं ,टेक्निकल हिस्ट्री की कुछ चीजों को भी नीलाम किया गया है जिसमें एक एप्पल-1 कंप्यूटर और इससे संबंधित उपकरण हैं, जो 375,000 डॉलर में बिके थे। इसके साथ ही एक एप्पल कंप्यूटर कंपनी का चेक, जिस पर स्टीव जॉब्स ने 1976 में हस्ताक्षर किए थे, उसे 112,054 डॉलर में बेचा गया था। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar ट्विटर (Twitter) के मालिक अभी एलन मास्क है, जिन्होंने इसे 25 अप्रैल 2022 को खरीदा था। इसे 44 अरब डॉलर में खरीदा गया था। लेकिन, अगर ट्विटर (Twitter) की स्थापना की बात की जाए, तो इसे 2006 में जैक डोरसे, नोआह ग्लास, बिज़ स्टोन और इवान विलियम्स द्वारा स्थापित किया गया था। कुछ ही सालों में यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों के बीच में लोकप्रिय हो गया था। इस में ट्विटर (Twitter) पर यूजर अन्य यूजर्ज को फॉलो कर सकते हैं, उनके ट्वीट्स पढ़ सकते हैं और उन पर कमेंट भी कर सकते हैं। अपनी इन विशेषताओं के कारण आज भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, हालांकि अब इसका नाम बदल चुका है। Latest News in Hindi Today Hindi Twitters Blue Bird auction #Twitter #X #ElonMusk #BlueBird #TwitterBlueBird #TwittersBlueBirdauction

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Single parent family

सिंगल पेरेंटिंग नहीं है आसान: सिंगल पैरेंट को करना पड़ता है इन 5 चुनौतियों का सामना

सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) का अर्थ उस परिवार से है ,जहां एक पैरेंट बच्चे के पालन-पोषण की अधिकतर जिम्मेदारियां उठाता है। ऐसा विभिन्न परिस्थतियों के कारण हो सकता है जैसे तलाक, मृत्यु या अन्य कोई अनियोजित घटना आदि। सिंगल पैरेंट (Single parent) होना आसान नहीं है बल्कि यह दुनिया की सबसे मुश्किल कामों में से एक है, जहां उन्हें अपने बच्चे की सभी जरूरतों को पूरा करना पड़ता है, और वो भी बिना पार्टनर की मदद के। स‍िंगल पेरेंट‍िंग (Single parenting) के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए जानें सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) के बारे और इससे जुड़े चैलेंजेज के बारे में भी जानें। सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting): पाएं जानकारी अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) के अनुसार सिंगल पैरेंट (Single parent) बनना चाहे आपके लाइफ प्लान का हिस्सा हो या न हो, लेकिन इसमें लोग बहुत सी चुनौतियों का सामना करते हैं। फैमिली की रोजाना की जिमेदारियों को मैनेज करना और सही निर्णय लेना प्रेशर और स्ट्रेस का कारण बन सकता है। इसमें एक ही पार्टनर को परिवार की सभी जिम्मेदारियों को पूरा करना पड़ता है, इसलिए यह बहुत चुनोतुपूर्ण हो सकता है। आइए जानें सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) से जुडी चुनौतियां कौन सी हो सकती हैं? सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) से जुडी चुनौतियां कौन सी हैं? सिंगल पैरेंट (Single parent) को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानें इसके बारे में: फाइनेंश्यिल समस्याएं सिंगल पेरेंट्स के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण हो सकता है फाइनेंस यानी धन। सिंगल पैरेंट (Single parent) को अकेले परिवार का फाइनेंश्यिल बर्डन उठाना पड़ता है। कई लोगों को घर और बच्चों से जुड़े सभी खर्चों को पूरा करने के लिए एक ही आय पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में घर और काम के बीच संतुलन बनाए रखने में और भी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। भावनात्मक परेशानियां सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) में सिर्फ पैसा ही चिंता का कारण नहीं है बल्कि इमोशनल प्रॉब्लम्स भी समस्या का कारण बन सकती है। अकेले सब कुछ मैनेज करने से अकेलेपन, तनाव और थकावट की भावनाएं पैदा हो सकती हैं। इसके साथ ही सामाजिक दबाव और निर्णय इन भावनाओं को और बढ़ा सकते हैं। संतुलन बनाना सिंगल पेरेंट्स के लिए घर, बच्चों और खुद के कामों को खुद ही संतुलित करना पड़ता है। यह संतुलन बनाए रखना बहुत मुश्किल है। कई सिंगल पेरेंट्स इन जिम्मेदारियों के कारण अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय नहीं बिता पाते हैं। इसके साथ ही सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) में बच्चे भी कई तरह की समस्याओं और स्ट्रेन का अनुभव करते हैं। वो जल्दी बड़े हो जाते हैं, जिम्मेदारियों को समझते हैं और अपने इमोशंस को खुद हैंडल करना सीख जाते हैं। सपोर्ट नेटवर्क सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) में सपोर्ट सिस्टम होना बहुत जरूरी है। दोस्त, कम्युनिटी ग्रुप, फैमिली आदि उन्हें इमोशनल और प्रैक्टिकल सपोर्ट प्रदान कर सकते हैं। बच्चों की देखभाल से लेकर चुनौतीपूर्ण दिन और आपकी बात सुनने तक, ये सपोर्ट नेटवर्क होना आवश्यक हैं। लेकिन, अगर सही स्पोर्ट सिस्टम न हो, तो इससे जीवन मुश्किल और तनावपूर्ण हो सकता है। इसे भी पढ़ें: रात में देर तक जागने वाले लोगों में बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा: स्टडी रूढ़िवादिता का सामना करना सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) को समाज अधूरा मानता है। इस सोच से उस परिवार को नुकसान होता है और उनके लिए ऐसी सोच समस्याभरी हो सकती है। लोग ऐसे परिवारों को गलत नजर से देखते हैं और गलत तरीके से ही जज करते हैं। लेकिन, एक सिंगल पैरेंट फैमिली (Single parent family) किसी भी अन्य परिवार की तरह ही पालन-पोषण करने वाला, प्यार करने वाला और पूर्ण हो सकता है। सिंगल पेरेंटिंग (Single parenting) चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सही इमोशनल और फाइनेंशियल स्ट्रेटेजीज के साथ, यह अच्छा और मैनेजेबल अनुभव है। एक अच्छा सपोर्ट सिस्टम बनाकर, खुद का ध्यान रखकर, और अपने फाइनेन्सीज को मैनेज कर के आप अपने और अपने बच्चे दोनों के लिए एक अच्छा वातावरण बना सकते हैं। याद रखें, यह सब कुछ सही ढंग से करने के बारे में नहीं है, बल्कि उस बैलेंस को खोजने के बारे में है, जिससे आप और आपका परिवार एक सामान्य परिवार की तरह अच्छे से जीवन बिता सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अगर आपको इसके बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो आप सही वेबसाइट्स पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  Single parenting #Singleparenting #Singleparentfamily #Singleparent #parent

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Grok AI

एलन मस्क के ग्रोक एआई पर विवाद: अनहिंज्ड मोड की सच्चाई

आजकल एआई चैटबॉट (Chatbot) बेहद प्रचलित हैं, जो किसी भी सवाल का जवाब कुछ ही पलों में दे सकते हैं। यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जिसे मनुष्यों के साथ बातचीत करने के लिए बनाया गया है। इस प्रोग्राम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और नेचरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग यानी एनएलपी के इस्तेमाल करके बनाया गया है। ग्रोक एआई (Grok AI)  एक ऐसा ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट (Chatbot) है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह चैटबॉट आजकल अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के कारण चर्चा में है। आइए जानें ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) के बारे में और जानते हैं कि क्या है इससे जुड़ा पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) का अनहिंज्ड मोड क्यों बना हुआ है चर्चा का विषय? एआई चैटबॉट ग्रोक एआई (Grok AI) प्लेटफॉर्म X का चैटबॉट (Chatbot) है, अक्सर अपनी आपत्तिजनक भाषा, नकारात्मक प्रतिक्रिया और गोपनीयता की चिंता के कारण आलोचना का सामना करता रहता है। हाल ही में भारत में भी यह जांच का विषय बना हुआ है। क्योंकि, यह टूल हिंदी स्लैंग और गाली-गलौच वाली भाषा का इस्तेमाल करता है। यही कारण है कि आईटी मिनिस्ट्री इस पर खास नजर रखे हुए है। दूसरे चैटबॉट जैसे चैटजी चैटजीपीटी, गूगल जेमिनाइ आदि कभी भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते, जो उचित न हों लेकिन वहीं दूसरी तरफ ग्रोक एआई (Grok AI) अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। इसके कारण अक्सर इसकी आलोचना होती है। ग्रोक एआई का अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) ऐसा भी माना गया है कि यह चैटबॉट (Chatbot) यूजर्स के सवालों का जवाब देने के लिए दो मोड्स का इस्तेमाल करता है। एक है रेगुलर मोड और दूसरा अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode)। रेगुलर मोड सामान्य भाषा में जवाब देता है यानी अगर यूजर कोई सीधा उत्तर पूछता है, तो यह चैटबॉट सीधा और स्पष्ट उत्तर देता है। लेकिन, अनहिंज्ड मोड (Unhinged mode) बिना फिल्टर के जवाब देता है जो यूजर को असहज महसूस करा सकता है। क्या है पूरा मामला? ग्रोक एआई (Grok AI) से जुड़ा एक मामला तब चर्चा में आया जब इसके बारे में भारत में एक यूजर ने कुछ पोस्ट किया। यूजर ने जब इस एआई टूल से कोई सामान्य सवाल पुछा तो उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। यही नहीं उसने ऐसे हिंदी स्लैंग और शब्दों का इस्तेमाल किया, जो यूजर्स को हैरान कर देने वाले थे। यह भी पाया गया है कि ग्रोक एआई (Grok AI) गुस्से में इंसानों तक तरह व्यवहार करता है। इस समस्या के बारे में भारत सरकार X के अधिकारीयों से बात कर रही है और उनसे इसके बारे में सवाल-जवाब कर रही है। इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन ग्रोक एआई के बारे में जानें और अधिक जैसा कि पहले ही बताया गया है कि ग्रोक एआई, (Grok AI) एक चैटबॉट (Chatbot)  है, जिसे एलन मस्क की कंपनी xAI कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह इंटरनेट पर ट्रेंडिंग लैंग्वेज और स्लैंग जैसी जानकारियों को समझता है और उसी अंदाज में जवाब देता है। हालांकि, इसी वजह से इसके जवाब कभी-कभी अनफिलटर्ड या आपत्तिजनक भी हो सकते हैं। इस मामले में भारत सरकार (Indian Government) ने X को नोटिस भेजा है और एआई चैटबॉट्स के कंटेंट मॉडरेशन और जवाबदेही पर जवाब मांगा है। यही नहीं सरकार ने इस बारे में कानूनी नोटिस भी भेजा है। सरकार चाहती है कि यह चैटबॉट भारत की भाषा में गलत, और असभ्य बातों को न फैलाएं। लेकिन, X का दावा है कि सरकार कानून के मुतबिक बिना कानूनी प्रक्रिया के सीधे कंटेंट को सेंसर कर सकती है, जो फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का उल्लंघन है। Latest News in Hindi Today Hindi Grok AI #Chatbot #Unhingedmode #GrokAI #AIchatbot

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Depression in people who sleep late at night

रात में देर तक जागने वाले लोगों में बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा: स्टडी

सुबह जल्दी उठना न केवल हमारे शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। सुबह जल्दी उठने से हमें पॉजिटिविटी मिलती है और पूरा दिन अच्छे से गुजरता है। यही नहीं जल्दी दिन की शुरुआत करने से काम करने में लिए ज्यादा समय मिलता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार रात को देरी से सोने वाले और सुबह देरी से उठने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) की संभावना अधिक रहती है। आइए जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) के बारे में हुई स्टडी क्या कहती है? यह भी जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों को और क्या समस्याएं हो सकती हैं? रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) : पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) की मानें तो डिप्रेशन (Depression) एक मूड डिसऑर्डर है जिसके कारण रोगी को लगातार उदासी और किसी चीज में रूचि न होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण रोगी की सोच, व्यवहार और फीलिंग्स में बदलाव हो सकता है, जिससे कई इमोशनल व फिजिकल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। एक नई स्टडी से यह पता चलता है कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  का खतरा अधिक रहता है।  इसका कारण खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) को माना गया है। पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी।  रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन के बारे में क्या कहती है स्टडी? यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ सरी रिसर्चर्स द्वारा की गयी है और इसमें 546 यूनिवर्सिटी के छात्रों को शामिल किया गया था। इसमें इन छात्रों की नींद संबंधी आदतों, माइंडफुलनेस,  चिंता, एल्कोहॉल का इस्तेमाल और मेन्टल हेल्थ आदि के बारे में जानकारी इकठ्ठा की गयी। इस स्टडी में यह पाया गया कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  यानी डिप्रेशन की संभावना अधिक रहती है। जबकि, जो लोग रात को जल्दी सोते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं, उनमे डिप्रेशन (Depression) और अन्य कई समस्याओं का रिस्क कम रहता है।  इसमें ऐसा पाया गया है रात को जल्दी सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) का कारण नींद की लो क्वालिटी, एल्कोहॉल का सेवन और माइंडफुलनेस की कमी यानी खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन चीजों पर फोकस करके और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना कर डिप्रेशन (Depression) के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है खासतौर पर वयस्कों में। यह स्टडी डिप्रेशन के रिस्क को कम करने के लिए नए तरीकों को ढूंढने में मदद कर सकती है।  इसे भी पढ़ें: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स रात को देर से सोने वाले लोगों में और कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जो लोग रात को देर से सोते हैं उन्हें डिप्रेशन (Depression) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Depression in people who sleep late at night #Depression #Depressioninpeoplewhosleeplateatnight #badlifestyle #earlybird

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Google Pixel 9a

Google Pixel 9a: टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9a हुआ लांच

गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) एक मिड-रेंज स्मार्टफोन (Smartphone) है, जिसे गूगल द्वारा डेवलप किया गया है। गूगल पिक्सल फोन में कई विशेषताएं हैं, जिनके कारण यह अन्य स्मार्टफोन्स की तुलना में अलग और बेहतर हैं। इन फोन्स का कैमरा इतना अच्छा है कि इसे फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन माना गया है। इसमें मौजूद फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक सुविधाएं इसे अधिक सुरक्षित बनाती हैं। गूगल पिक्सल फोन्स में गूगल असिस्टेंट की इंटीग्रेटेड कैपेबिलिटीज  होती हैं, जो यूजर्स को अपने फोन को अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद करती हैं। अभी टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) को लांच किया गया है। आइए जानें इस फोन के बारे में और पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip): पाएं जानकारी अभी गूगल की पिक्सल 9 सीरीज को लांच किया गया था। गूगल पिक्सल 9ए को आधिकारिक तौर पर अपने इन-हाउस टेंसर जी4 चिपसेट के साथ लॉन्च किया गया है। हार्डवेयर अपग्रेड के साथ-साथ, इस गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a) के डिजाइन में बदलाव किया गया हैं, जो गूगल प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह थोड़ा अलग है। अगर आप एक फीचर-फिल्ड और शक्तिशाली मिड-रेंजर की तलाश में हैं, जिसमें फ्लैगशिप क्षमताएं हों, तो गूगल पिक्सल 9ए आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स के बारे में भी जानें।  टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए के फीचर्स क्या हैं? टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) के फीचर्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन टेंजर जी4 चिप के साथ गूगल पिक्सल 9ए (Google Pixel 9a with Tensor G4 chip) की कीमत यह स्मार्टफोन (Smartphone) एक वेरिएंट में उपलब्ध है जिसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है और इसकी कीमत 49,999 रुपये है। यह फोन कई रंगो में उपलब्ध है, जिसमें से आप अपनी पसंद का चुन सकते हैं। इसके अलावा, इस फोन को खरीदने वाले यूजर 3,000 रुपये के सीमित अवधि के कैशबैक ऑफर और 24 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई का लाभ भी उठा सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Google Pixel 9a with Tensor G4 chip #GooglePixel9awithTensorG4chip #GooglePixel9a #smartphone #GooglePixel

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HP EliteBook laptop

HP ने भारत में लांच किया AI फीचर्स से लैस EliteBook Laptop

एचपी यानी हेवलेट-पैकार्ड कंपनी कई कारणों से प्रसिद्ध है। इस कंपनी ने पहला कैलकुलेटर, पहला लेजर प्रिंटर और पहला इंटेल-बेस्ड कंप्यूटर इंवेंट किया था। एचपी कंपनी के प्रोडक्ट हाई क्वालिटी के होते हैं और अपने ग्राहकों को अच्छी सेवाएं प्रदान करते हैं। यह कंपनी नए और अच्छे उत्पाद बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। समय-समय पर यह कंपनी नए उत्पादों को लांच करती रहती है। हाल ही में इस कंपनी ने भारत में नए एलीटबुक लैपटॉप (EliteBook laptop) लांच किए हैं, जो एआई पॉवर्ड हैं। यह लैपटॉप वजन में हलके हैं और मल्टीटास्क करते है। जानिए एचपी के एआई पॉवर्ड एलीटबुक लैपटॉप (HP’s AI powered EliteBook laptop) के बारे में। एचपी के एआई पॉवर्ड एलीटबुक लैपटॉप (HP’s AI powered EliteBook laptop): पाएं जानकारी एचपी के एआई पॉवर्ड एलीटबुक लैपटॉप (HP’s AI powered EliteBook laptop) लॉच किए हैं और यह सीरीज एआई-बेस्ड प्रोडक्टिविटी, अधिक सेक्योरिटी व स्टेबिलिटी आदि पर आधारित है। यही नहीं, इनकी भी क्वालिटी बेहतरीन है और प्रोसेस्ड भी पावरफुल है। एचपी के एआई पॉवर्ड एलीटबुक लैपटॉप (HP’s AI powered EliteBook laptop) के बारे में विस्तार से:  एचपी के एआई पॉवर्ड एलीटबुक लैपटॉप (HP’s AI powered EliteBook laptop) के नए डिजाइन  एचपी के एलीटबुक लैपटॉप सीरीज में चार लेपटॉप हैं, जिन्हें खासतौर पर प्रोफेशनल्स और बिजनेस के लिए बनाया गया है। यह एलीटबुक लैपटॉप (EliteBook laptop) हैं, एचपी एलीटबुक अल्ट्रा जी1आई (HP EliteBook Ultra G1i), एचपी एलीटबुक एक्स जी1आई (HP EliteBook X G1i), एचपी एलीटबुक एक्स जी1आई फ्लिप (HP EliteBook X G1i Flip) और एचपी एलीटबुक एक्स जी1ए (HP EliteBook X G1a)। इन लैपटॉप्स में इंटेल और एएमडी प्रोसेसर है, इसके साथ ही इनमें इनबिल्ट एआई फीचर्स हैं जिसके कारण इसकी परफॉरमेंस और अन्य चीजों में सुधार हुआ है। इनके फीचर्स इस प्रकार हैं:  एचपी एलीटबुक अल्ट्रा जी1आई यह एलीटबुक लैपटॉप (EliteBook laptop) 14-इंच स्क्रीन के साथ उपलब्ध है। इसकी अन्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: एचपी एलीटबुक एक्स जी1आई और एचपी एलीटबुक एक्स फ्लिप जी1आई यह लैपटॉप्स भी 14-इंच स्क्रीन के साथ उपलब्ध है। इनकीअन्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: एचपी एलीटबुक एक्स जी1ए (HP EliteBook X G1a)। एलीटबुक लैपटॉप (EliteBook laptop) सुपर फ़ास्ट चार्जिंग के साथ आता है। इसकी अन्य विशेषताएं इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन एचपी के एआई पॉवर्ड एलीटबुक लैपटॉप (HP’s AI powered EliteBook laptop) की कीमत  यह एलीटबुक लैपटॉप (EliteBook laptop) सुरक्षा के मामले में बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही इन लैपटॉप्स (Laptops) को रीसायकल किए मेटेरियल से बनाया गया है, जैसे एलीटबुक अल्ट्रा जी1आई’स के बाहरी कवर को 90 प्रतिशत रिसायकल्ड मैग्नीशियम से बनाया गया है। इनकी कीमत इस प्रकार हैं: Latest News in Hindi Today Hindi HP EliteBook laptop #EliteBooklaptop, HPsAIpoweredEliteBooklaptop #HPEliteBookUltraG1i #HPEliteBookXG1a #laptop

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Benefits of Bael

Benefits of Bael: पाचन को सही बनाए रखने के साथ ही यह हैं बेल के 7 हेल्थ बेनेफिट्स

बेल (Bael) एक ऐसा फल है, जो भारत से संबंधित हैं। इसका इस्तेमाल खाना बनाने और मेडिसिनल उद्देश्यों से किया जाता है। इसे बुड एप्पल के नाम से भी जाना जाता है। इसके फल के जूस को इसके गूदे के रस को निकाल कर और पानी और अन्य फ्लेवेर्स को मिला कर बनाया जाता है। इस पेड़ के फल, जड़ों, पत्तों आदि का इस्तेमाल दवाईयों में किया जाता है। बेल (Bael) का प्रयोग कब्ज, डायरिया, डायबिटीज और अन्य कंडीशंस में किया जाता है। लेकिन, इसके इस्तेमाल को लेकर कोई साइंटिफिक एविडेंस मौजूद नहीं है। गर्मी के मौसम में इसे हेल्थ के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। आइए जानें बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) के बारे में। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael): पाएं जानकारी करंट रिसर्च इन एग्रीकल्चर और फार्मिंग (Current Research in Agriculture and Farming) के अनुसार बेल (Bael) का फल मीठ, खुशबूदार और बहुत स्वादिष्ट होता है। इसके फल से कैंडी, पंजीरी, टॉफी, जैम आदि उत्पाद बनाए जाते हैं। हेल्थ के लिए यह बहुत फायदेमंद हैं और बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) इस प्रकार हैं: डाइजेशन को सुधारे बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में बहुत अधिक मात्रा में डायट्री फाइबर और पेक्टिन होते हैं, जो बाउल मूवमेंट को रेगुलेट करने और डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। यह एक नेचुरल लैक्सटिव की तरह काम करता है, जिससे कब्ज से राहत मिलती है और पेट सही रहता है।  एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज बेल (Bael) में एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) कंपाउंड्स होते हैं जैसे टैनिन्स, फ्लेवोनोइड्स आदि। इससे शरीर को सूजन से राहत पाने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) और भी कई हैं।  इम्युनिटी बढाए बेल (Bael) विटामिन सी और ए व अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) से भरपूर होता है। यह न्यूट्रिएंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते हैं और इसके साथ ही इससे ब्लड सेल्स की प्रोडक्शन बढ़ती है। यही नहीं, इससे शरीर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से भी बचाव होता है।  डायबिटीज से बचाव बेल (Bael) में मौजूद कंपाउंड जैसे रूटीन और फेरुलिक एसिड ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट बनाए रखते हैं। यह कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और ब्लड ग्लूकोज लेवल को सही बनाए रखते हैं। यही नहीं, इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory)और एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट को आराम पहुंचाने में मददगार हैं और यह कई रेस्पिरेटरी कंडीशंस जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के लक्षणों को कम करती हैं। स्किन हेल्थ को सुधारे बेल जूस (Bael juice) में मोजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण, विटामिन्स आदि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से स्किन को बचाते हैं। यही नहीं इससे कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है, स्किन की इलास्टिसिटी सुधरती है और प्रीमेच्योर एजिंग से बचाव होता है। यह फल आयरन का भी अच्छा स्त्रोत है और यह प्राकृतिक रूप से ब्लड को साफ करता है। एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह फल बहुत फायदेमंद है। हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करे बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) हार्ट हेल्थ से भी संबंधित हैं। बेल (Bael) और बेल जूस (Bael juice) में पोटैशियम और अन्य लाभदायक कंपाउंड्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को सही बनाए रखने में हेल्प करते हैं। यह कंपाउंड हार्ट फंक्शन को सुधारते हैं और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के रिस्क को कम करते हैं। इसे भी पढ़ें: ग्रीन टी पीने से होते हैं ये 6 अद्भुत फायदे, जानें कैसे बनाएं अपने दिन को हेल्दी शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकाले  बेल जूस (Bael juice) नेचुरल डेटोक्सिफाइर की तरह काम करता है, जो शरीर से टॉक्सिन्स यानी हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है। इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे डाइजेस्टिव सिस्टम के माध्यम से वेस्ट प्रोडक्ट्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। बेल के बेनेफिट्स (Benefits of Bael) यही खत्म नहीं होते। इसमें नेचुरल एंटीमाइक्रोबाइल प्रॉपर्टीज होती है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया और कवक की ग्रोथ कम होती है। गर्मियों में बेल जूस (Bael juice) को नियमित रूप से शामिल करने से प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बनाए रखने और बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Benefits of Bael #Anti-inflammatory #BenefitsofBael #Bael  #Baeljuice

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Gaming smartphone

गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन

गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) हाई परफॉरमेंस वाले उस मोबाइल डिवाइस को कहा जाता है, जिसे विशेष रूप से  गेमिंग के लिए डिजाइन किया जाता है। इनकी खास बात हैं इनका पावरफूल प्रोसेसर, हाई रिजॉल्यूशन डिस्प्ले, बेहतरीन कलिंग सिस्टम, लम्बी चलने वाली बैटरी आदि। इन फोनों को गेमिंग के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है। इस समय कई गेमिंग स्मार्टफोन्स बाजार में उपलब्ध हैं, जो लोगों में लोकप्रिय हैं। अच्छी खबर यह है कि अब आपको इन फोन्स के लिए अधिक रुपए खर्च नहीं करने पड़ेंगे। मार्च 2025 में, आईक्यू नियो 10आर और नथिंग फोन (3a) प्रो जैसे हैंडसेट भी कम कीमत में उपलब्ध हैं। तो आइए जानें, 30,000 रुपये से कम कीमत में गेमिंग के लिए खरीदे जा सकने वाले बेहतरीन स्मार्टफोन यानी मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन्स (Low-cost gaming smartphones available in March 2025) के बारे में। मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन (Low-cost gaming smartphone available in March 2025): पाएं जानकारी गेमिंग स्मार्टफोन्स (Gaming smartphone) अब हर किसी के बजट में हैं और इन्हें किफायती दामों में खरीदा जा सकता है। मार्च 2025 में उपलब्ध कम कीमत वाले गेमिंग स्मार्टफोन्स (Low-cost gaming smartphones available in March 2025) इस प्रकार हैं: पोको एक्स7 प्रो (Poco X7 Pro) पोको एक्स7 प्रो  2GB रैम + 256GB स्टोरेज के साथ आता है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6.67-इंच का एएमओएलईडी डिस्प्ले है। यही नहीं, इसमें ड्यूल कैमरा सेटअप है और 50MP सोनी एलवाईटी-600 प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस है। इसका फ्रंट कैमरा 20MP है और इसमें 6,550mAh की बैटरी है। इसके अलावा भी इस फोन की कई विशेषताएं हैं जो इसे लोगों का पसंदीदा बनाती हैं। अगर बात की जाए इसकी कीमत की तो पोको एक्स7 प्रो की कीमत केवल 27,999 रुपये है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खरीद सकते हैं। नथिंग फोन (3ए) प्रो (Nothing Phone (3A) Pro) नथिंग फोन (3ए) प्रो में 8GB रैम और 128GB स्टोरेज है और इसमें 6.77-इंच का फ्लेक्सिबल एएमओएलईडी डिस्प्ले है। इसमें ट्रिपल कैमरा सेटअप है जिसमें 50MP मेन रियर शूटर शामिल है। यही नहीं,  इसमें 50MP टेलीफोटो कैमरा है जिसमें 2x ऑप्टिकल जूम है और 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा है। इसमें फ्रंट में 50MP कैमरा है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 5,000mAh की बैटरी है, जिसमें 50W वायर्ड और 7.5W रिवर्स-वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट है। नथिंग फोन (3ए) प्रो की कीमत केवल 29,999 रुपए है। आईक्यू नियो 10आर (IQ Neo 10R) आईक्यू नियो 10आर में फनटच ओएस 15 ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है और ट्रिपल कैमरा सेटअप है जिसमें 50MP मेन रियर कैमरा, 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 2MP डेप्थ सेंसर शामिल हैं।। इसमें 32MP फ्रंट-फेसिंग कैमरा भी है। इस स्मार्टफोन में 6.78-इंच का 1.5K एएमओएलईडी डिस्प्ले है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6,400mAh की बैटरी है। आईक्यू नियो 10आर की कीमत केवल 28,999 रुपए है। वीवो टी3 अल्ट्रा (Vivo T3 Ultra) वीवो टी3 अल्ट्रा 8GB रैम और 128GB स्टोरेज के साथ आता है। अगर बात की जाए इसके फीचर्स की तो इसकी डिस्प्ले 6.78-इंच का एएमओएलईडी है, जिसमें 4,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस है। इसका प्रोसेसर 4nm मीडियाटेक डाइमेंसिटी 9200 है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में  5,500mAh की बैटरी है। वीवो टी3 अल्ट्रा की कीमत 29,999 है।  इसे भी पढ़ें: Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च?  वनप्लस नॉर्ड 4 (OnePlus Nord 4) वनप्लस नॉर्ड 4 की कीमत 28,999 रुपये है। इसमें 8GB रैम और 256GB स्टोरेज है। इस गेमिंग स्मार्टफोन (Gaming smartphone) में 6.74-इंच का एएमओएलईडी डिस्प्ले है और 50MP मेन रियर कैमरा है, जिसमें 8MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा और 16MP फ्रंट-फेसिंग कैमरा है। इसके अलावा यह फोन 5,500mAh की बैटरी के साथ आता है और इसमें ऑक्सीजनओएस 14.1 ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो एंड्रॉइड 14 बेस्ड है। Latest News in Hindi Today Hindi news Gaming Smart Phone #PocoX7Pro #Low-costgamingsmartphonesavailableinMarch2025 #gamingsmartphone #smartphone

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Benefits of Green Tea

ग्रीन टी पीने से होते हैं ये 6 अद्भुत फायदे, जानें कैसे बनाएं अपने दिन को हेल्दी

ग्रीन टी (Green Tea) चीन और जापान में हजारों सालों से एक प्रसिद्ध ड्रिंक और इसके साथ ही पारंपरिक औषधि है। आज ग्रीन टी हर देश में बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होती है और आसानी से उपलब्ध है। यह कई फ्लेवर्ड और स्वीटेनड किस्मों के साथ-साथ ग्रीन टी पाउडर और लूज लीफ टी के रूप में भी मिलती है। यानी, आप जिस भी रूप में इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, वो बाजार में आपको मिल जाएगी। ऐसा माना जाता है कि ग्रीन टी (Green Tea) कॉग्निशन और वेट मैनेजमेंट के सपोर्ट में मदद करती है और इसके साथ ही यह एनर्जी को भो बूस्ट करने में भी फायदेमंद है। आइए जानें ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) के बारे में विस्तार से। ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea): पाएं जानकारी क्लीवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार ग्रीन टी (Green Tea) के कई फायदे हैं, जिनमें एंग्जायटी कम करना, कोलेस्ट्रॉल घटाना, ब्रेन हेल्थ को प्रोटेक्ट करना, हड्डियों को हेल्दी बनाना और सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में मदद करना आदि शामिल हैं। ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) इस प्रकार हैं: 1. फोकस बढ़ाए ग्रेन टी में कई नेचुरल स्टिमुलैंट्स होते हैं, जिसमें कैफीन भी शामिल हैं। यह फोकस और एकाग्रता को बढ़ाने में फायदेमंद है। हालांकि, इसमें कैफीन की मात्रा कॉफी के समान ज्यादा नहीं होती। ग्रीन टी (Green Tea) के सेवन से मूड को अच्छा करने वाले केमिकल बढ़ते हैं, जिसमे डोपामाइन और सेरोटोनिन शामिल हैं।इसके साथ ही यह एमिनो एसिड एल-थेनिंग का अच्छा स्त्रोत है, जिसमें रिलेक्सिंग इफेक्ट होते हैं। यानी यह रिलेक्स होने में भी मदद करती है। 2. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करे शोध यह बताते हैं कि वजन कम करने में ग्रीन टी (Green Tea) फायदेमंद हो सकती है। यानी, ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) मेटाबॉलिज्म से संबंधित है। ऐसा माना जाता है कि इसका कारण इसमें मौजूद कैटेचिन जैसे प्लांट कंपाउंड्स और नेचुरल थर्मोजेनिक प्रॉपर्टीज हैं। 3. ब्लड शुगर को करे कंट्रोल कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि ग्रीन टी (Green Tea) से इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधरती है और इसके कारण ब्लड शुगर (Blood Sugar) मैनेजमेंट पर अच्छा प्रभाव पड़ता है, जिससे डायबिटीज का जोखिम कम हो सकता है। 4. हार्ट डिजीज का लो रिस्क ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) में हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करना शामिल है। शोध बताते हैं कि ग्रीन टी से हार्ट डिजीज और इससे जुडी समस्याओं जैसे स्ट्रोक आदि की संभावना को कम करने में मददगार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें प्रोटेक्टिव इफेक्ट्स होते हैं जो आर्टेरियल डैमेज को कम कर सकते हैं। 5. हड्डियों के लिए फायदेमंद ग्रीन टी (Green Tea)  बोन डेंसिटी को मैंटेन करने में मददगार है, जिसके कारण फ्रैक्चर का रिस्क कम हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि यह इफेक्ट इस चाय में मौजूद पॉलीफेनॉल (Polyphenol) के कारण होता है। इसे भी पढ़ें: कोलकाता में कोरोनावायरस HKU1 के मामले की पुष्टि: यहां जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय 6. पेट के लिए लाभदायक ग्रीन टी (Green Tea) में पॉलीफेनॉल (Polyphenol) जैसे प्लांट कंपाउंड्स होते हैं, जो एब्जॉर्ब हुए बिना लार्ज इंटेस्टाइन में चले जाते हैं, जहां उन्हें गट बैक्टीरिया द्वारा ब्रेक डाउन कर दिया जाता है। इस तरह वे गट के इस हिस्से में रहने वाले फायदेमंद  बैक्टीरिया के लिए ईंधन का सोर्स प्रदान करते हैं और गट फंक्शन में सुधार करने व इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने मदद मिलती है। ग्रीन टी (Green Tea) पॉलीफेनॉल (Polyphenol) नामक कंपाउंड शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए जाने जाते हैं और स्वस्थ, संतुलित आहार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड फलों, सब्जियों और अन्य अनप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की एक वाइड रेंज में पाए जाते हैं। ग्रीन टी (Green Tea) के कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं, जिनमें से अधिकांश का श्रेय इस बात को जाता है कि यह अधिकतर अनप्रोसेस्ड होती है तथा इन प्लांट कंपाउंड्स से भरपूर होती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Benefits of Green Tea #GreenTea  #BenefitsofGreenTea #Polyphenol

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