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Trump's $1000 Offer to Immigrants

Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA: इन लोगों को डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं यह ऑफर, अमेरिका छोड़कर जाओ, 1 हजार डॉलर पाओ

जब से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से वो अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों पर नकेल कस रहे हैं। लाखों लोगों को उन्होंने बाहर का रास्ता दिखाया है। पूरी दुनिया से आये अवैध प्रवासियों के खिलाफ उन्होंने एक मुहीम चला रखी है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों के लिए खास ऑफर लेकर आए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) हैं। ऑफर के मुताबिक उन्होंने ऐलान किया है कि ‘जो अवैध प्रवासी स्वयं अमेरिका छोड़कर (leave America scheme) जाएंगे, उन लोगों को 1 हजार डॉलर दिए जाएंगे। होमलैंड सुरक्षा विभाग की प्रेस रिलीज के अनुसार इस ऑफर के अलावा टिकट का खर्च भी अमेरिकी सरकार वहन करेगी।” ट्रंप सरकार के मुताबिक जो अप्रवासी सीबीपी होम ऐप को यूज कर, दावा कर रहे हैं कि वे अपने देश लौट जाएंगे। उन सभी लोगों की गिरफ्तारी और निर्वासन पर ट्रंप प्रशासन जोर नहीं देगा।  अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये फंडिंग करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) प्लानिंग की है खैर, इस बीच होमलैंड सुरक्षा विभाग की सचिव क्रिस्टी नोएम ने इस बात की पुष्टि करते हुए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) कहा कि “अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में हैं, तो गिरफ्तारी से बचकर खुद वापस चले जाना अमेरिका छोड़ने (leave America scheme) का सबसे अच्छा, सुरक्षित और किफायती तरीका है।” जानकारी के मुताबिक होमलैंड सुरक्षा विभाग ने इस तरह के अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये न सिर्फ फंडिंग करने बल्कि यात्रा खर्च में मदद करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की भी प्लानिंग कर रखी है। ट्रंप के मुख्य नीति और होमलैंड सुरक्षा विभाग के सलाहकार स्टीफन मिलर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) चुका है इस दौरान मिलर ने बताया कि “ट्रंप प्रशासन लगातार अवैध प्रवासियों पर नकेल कस (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) रहा है। अमेरिका विदेशियों के खिलाफ जो अभियान चला रहा है, उस पर एक बड़ी रकम खर्च की जा रही है।” गौरतलब हो कि बतौर राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी 100 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अमेरिका अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी से अप्रैल के बीच तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल के दौरान 195000 लोगों को निर्वासित किया गया था। ट्रंप ने लाखों लोगों को निर्वासित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह संख्या बाइडेन प्रशासन की तुलना में कम है। Latest News in HindiToday Hindi news Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA #TrumpOffer, #ImmigrantExit, #LeaveUSAOffer, #USImmigrationPolicy, #TrumpImmigrants, #USAExitProgram, #1000DollarOffer, #ImmigrationDebate, #TrumpNews, #ImmigrantRelocation

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Caste census revolt

Caste census sparks internal revolt in Congress: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस में फूट, अगड़े नेताओं ने की राहुल गांधी के खिलाफ बगावत

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) के नेता राहुल गाँधी ने जातिगत जनगणना (Caste census) के मुद्दे को बड़े जोर-शोर उठाया था। यही नहीं, इस मुद्दे के सहारे बीजेपी पर दबाव भी बनाया था। वैसे भी कांग्रेस लंबे समय से जाति जनगणना की मांग कर रही थी। खैर, बाद में अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। कहने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार का यह फैसला देश में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनों के अंदर ही बेचैनी पैदा कर दी है। मजे की बात यह कि इस फैसले को लेकर दोनों दलों के नेताओं की अलग-अलग राय सामने आई है। कई नेता ऐसे भी हैं जो सवाल भी उठा (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे हैं। विशेषकर अगड़ी जातियों के नेताओं में इस बात की चिंता है कि इससे उनकी राजनीतिक ताकत कम हो सकती है। जानकारी के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस बाबत एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के भीतर की फूट पड़ गई है।  कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे नदारद  कांग्रेस पार्टी (Congress) में फूट का आलम यह है कि हाल में हुई कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता नदारद (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि ये नेता जाति जनगणना (Caste census) के पक्ष में नहीं हैं। जाति सर्वेक्षण की इन रिपोर्टों के मुताबिक अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी कहीं ज्यादा अधिक है। दरअसल, उनका कहना है कि “उन्हें डर है कि अगर जाति के आंकड़े सामने आए तो उनकी आबादी की तुलना में उनकी सियासी ताकत ज्यादा होने की बात उजागर हो जाएगी। जिससे उनका प्रभाव कम हो सकता है। बता दें कि तेलंगाना और बिहार में हाल ही में हुई जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह बात उजागर हुई है कि गैर-पिछड़ी जातियां को इनमें अन्य जातियां या सामान्य वर्ग की कैटगरी में रखा गया है। आंकड़ों की माने तो इन राज्यों में इनकी आबादी सिर्फ 15 फीसदी हैं। ऐसे में यहाँ बड़ा सवाल यह कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ इसी तरह आंकड़े आते हैं, तो भविष्य में ऊपरी जातियों का प्रभाव कम हो सकता है। खैर, कांग्रेस के एक नेता ने राहुल गाँधी को चेतावनी देते हुए कहा कि “राहुल गांधी को वीपी सिंह का उदाहरण याद रखना चाहिए। वीपी सिंह ने मंडल कमीशन लागू किया लेकिन ओबीसी समुदाय ने उन्हें कभी अपना नेता नहीं माना क्योंकि वे राजपूत थे।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी है इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष  कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष की भावना बनी हुई है। हालांकि पार्टी ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि वह उस साल जाति जनगणना (Caste census) नहीं करेगी। अब इस फैसले को लेकर बीजेपी के अपने ही कुछ नेता सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि “पार्टी हमेशा से हिंदू एकता की बात करती रही है और जातिगत भेदभाव को खत्म करने की वकालत करती रही है। ऐसे में जाति जनगणना का समर्थन करना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ लगता है।” यही नहीं उत्तर प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमसे कहा जाता है कि वैश्विक नेतृत्व और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) की बात करें। एक हैं तो सेफ हैं जैसे नारे दें, देश को तोड़ने वाली साजिशों का विरोध करें, लेकिन अब हमें जाति जनगणना का समर्थन करना पड़ रहा है।” यही नहीं, बीजेपी के कई नेताओं को तो यह भी डर है कि कहीं कांग्रेस का यह आरोप सच न साबित हो जाये कि बीजेपी उनके विचारों को कॉपी कर रही है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Caste census sparks internal revolt in Congress #CasteCensus #CongressRift #RahulGandhi #PoliticalCrisis #IndianPolitics #UpperCasteLeaders #CongressNews #CastePolitics #CongressSplit #BharatJodo

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Hyderabad playoff hopes

Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes: बारिश ने हैदराबाद की उम्मीदों पर फेरा पानी, प्लेऑफ की रेस से हुई बाहर 

5 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 55वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया यह मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। दरअसल, बारिश के कारण दूसरी पारी में एक भी गेंद नहीं डाली जा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) सकी। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। इससे बड़ा नुकसान दिल्ली कैपिटल्स को हुआ। मैच जीत कर प्लेऑफ की राह आसान बनाने के सपने देख रही दिल्ली कैपिटल्स  को तगड़ा झटका लगा है। अब उसे प्लेऑफ के लिए और कड़ी मेहनत करनी होगी। खै र, बात करें  मुकाबले की तो टॉस जीतकर सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत बड़ी ख़राब रही। उनकी बल्लेबाजी ऐसी कि छह ओवर के पॉवरप्ले में दिल्ली ने 26 रन जोड़कर अपने चार विकेट गंवा दिए। पैट कमिंस ने पहले तीन ओवरों की पहली गेंद पर एक-एक कर तीन विकेट चटकाए।  बारिश ने न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया कमिंस ने मैच की पहली ही गेंद पर करुण नायर को चलता किया। फिर अगले दो ओवरों की पहली गेंदों पर फाफ डुप्लेसी और अभिषेक पोरेल को पवेलियन भेजा। तो कप्तान अक्षर पटेल को हर्षल पटेल ने छठे ओवर में आउट किया। दिल्ली की लड़खड़ाती पारी को संभाला आशुतोष और ट्रिस्टन स्टब्स ने। दोनों के बीच हुई अर्धशतकीय साझेदारी ने दिल्ली 137 रन के स्कोर पर पहुंचा दिया। ट्रिस्टन 36 गेंदों पर चार चौके लगाते हुए 41 रन बनाकर नाबाद रहे। तो वहीं आशुतोष ने 26 गेंदों पर 41 रन में दो चौके और तीन छक्के जड़े। इस तरह दोनों संभलकर खेलते हुए दिल्ली का स्कोर 137 तक पहुंचा दिया। इससे पहले कि सनराइजर्स हैदराबाद बैटिंग कर पाती, बारिश ने मैच का मजा ही किरकिरा कर दिया। न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) को 1-1 अंक बांट दिए गए   कहने की जरूरत बारिश की वजह से हैदराबाद को काफी नुकसान (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) हुआ है। दरअसल, हैदराबाद को किसी भी सूरत में यह मैच जीतना ही था। मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों को 1-1 अंक बांट दिए गए। यह तो ठीक लेकिन  हैदराबाद के लिए ये 1 अंक काफी नहीं थे। कुलमिलाकर बारिश और कम अंक की वजह से टीम को प्लेऑफ से बाहर होना पड़ गया। बता दें कि प्लेऑफ की रेस से अब तक तीन टीमें बाहर हो चुकी हैं। जिसमें पहली चेन्नई सुपर किंग्स, दूसरी राजस्थान रॉयल्स और तीसरी सनराइजर्स हैदराबाद। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए टीम को लगभग 17 अंक की जरूरत है। गौरतलब हो कि सनराइजर्स हैदराबाद सात अंकों के साथ प्वाइंट टेबल पर आठवें स्थान पर है तो वहीं 13 अंकों के साथ दिल्ली कैपिटल्स पांचवें स्थान पर है।  17 अंक के हिसाब से देखें तो अब लखनऊ का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना केवल सपना ही रह जाएगा। अगर 17 अंक प्लेऑफ का दायरा सेट करता है तो ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ भी बाहर ही हो जाएगी, क्योंकि टीम के केवल 10 अंक है और उनके पास मैच केवल तीन बचे हैं, ऐसे में अगर टीम अपने तीनों मैच जीत भी जाती है तो भी उनके केवल 16 ही अंक होंगे। हालांकि, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes #ipl2025 #sunrisershyderabad #srh #iplnews #iplupdates #rainspoilsplay #iplplayoffs #iplcricket #cricketnews #iplhighlights #cricketupdates #iplmatch2025 #iplbuzz #iplrainimpact #hyderabadcricket

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President Trump announces a 100% tariff on all foreign-made films

Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films: राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने की अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने टैरिफ वॉर के चलते  समूची दुनिया को सकते में डाल दिया है। इसे ट्रंप की मनमानी कहें या कुछ और, बेशक उनके इस फैसले से सभी सकते में हैं। इसी कड़ी में ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का एलान किया है। उन्‍होंने विदेशी फिल्मों को हॉलीवुड के लिए खतरा बताया और इसे राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए लिया गया अहम निर्णय बताया है। ट्रंप ने कहा कि “हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं। वो चाहते हैं फिर से अमेरिका में ही फिल्में बनें।” कहने की जरूरत नहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लोग काफी नाराज हैं। लोग न सिर्फ नाराज हैं बल्कि जमकर आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कदम को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी बताया। ट्रंप का मानना है कि अन्य देशों में फिल्मों की शूटिंग को दी जा रही छूट की वजह से अमेरिकी फिल्म उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।  अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हो रहा है इस पूरे मामले पर ट्रंप (Donald Trump) का कहना है कि “अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म हो रहा है, जो अन्य देश अमेरिकी फिल्म निर्माताओं को लुभाने के लिए दे रहे (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हैं। इसके मद्देनजर ये फैसला लिया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह अन्य देशों की तरफ से किया गया एक ठोस प्रयास है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं।’ यह बाकी सब चीजों के अलावा संदेश और प्रचार भी है।” उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “वह संबंधित अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को अधिकृत कर रहे हैं।” इसके अलावा ट्रंप ने एक और बड़ा चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा कि “वह सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में स्थित अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) बनें यही नहीं, ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि “हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में बनें।” इसके बाद वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि “हम इस पर काम कर रहे हैं। न तो लुटनिक और न ही ट्रम्प ने इसके बारे में कोई ज्यादा डिटेल दी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि यह कदम विदेशी या अमेरिकी उत्पादन कंपनियों को लक्षित करेगा, जो विदेशों में फिल्में बनाती हैं।” गौर करने वाली बात यह कि लॉस एंजिल्स में फिल्म और टेलीविजन उत्पादन में पिछले दशक में लगभग 40% की गिरावट आ गई है। खैर, ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर फोकस करते हुए कहा कि “हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं।” दरअसल, नए टैरिफ (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।” Latest News in HindiToday Hindi news Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films #TrumpTariff #ForeignFilms #MovieBan #USFilmIndustry #HollywoodNews #TariffPolicy #FilmTax #TrumpNews #CinemaWar #EntertainmentNews

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Black magic scandal India

Wife control trick: तांत्रिक ने पत्नियों को वश में करने की बताई ऐसी ट्रिक कि जंगल में पतियों ने किया ऐसा कांड, हो गई जेल

यूपी के मेरठ में जब से ड्रम कांड हुआ है तब से कहने की जरूरत नहीं है कि देश भर के तमाम पतियों के मन में भय का माहौल है। लोकबाग इस कदर डरे हुए हैं कि इससे निजात पाने के लिए तरह-तरह के तिकड़म खोजने में लगे हैं। कोई बेवजह पत्नियों से बहस करने से बच रहा है, तो कोई तंत्र-मत्र का सहारा ले रहा है। पत्नियों पर काबू पाया जा (Wife control trick) सके इसलिए लोग ओझा और तंत्रिकों की शरण में भी जाने लगे हैं। इसी तरह का एक मामला मध्यप्रदेश के सिवनी से प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक सिवनी से ऐसी अजीबो-गरीब खबर सामने आई है, जिसे जानकर सभी लोग दंग रह गए हैं। दरअसल, यहाँ दो ऐसे होनहार पति थे जो किसी भी तरह से पत्नियों को अपनी मुट्ठी में रखना चाहते थे। इस हेतु वो कई तरह के उपाय खोज रहे थे। इस बीच उन्हें एक ऐसे तांत्रिक का पता चला, जो पत्नियों को काबू में रखने का दावा करता था। फिर क्या था, दोनों बड़ी उम्मीद के साथ तांत्रिक के पास जा पहुंचे। उन्होंने तांत्रिक से पत्नियों को वश में करने की बात कही। तांत्रिक भी कम नहीं था। उसने दोनों को झांसे में लेते हुए कुछ ऐसा करने को कहा कि दोनों सीधे तांत्रिक के घर से निकलकर जंगल का रुख कर लिए। मजे की बात यह कि पत्नियां कंट्रोल में हुईं कि नहीं, ये तो नहीं पता। लेकिन हां, दोनों को जेल जरूर हो गई।  जो कहानी सुनाई उसे सुनकर (Wife control trick) न सिर्फ पुलिस वाले बल्कि वन विभाग के अधिकारी भी रह गए सन्न   दरअसल, 26 अप्रैल 2025 को सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व एरिया में एक बाघिन का शव मिला था। जांच में बाघिन की मौत स्वाभाविक होने की बात पता चली। लेकिन हैरान करने वाली बात यह कि बाघिन के पंजे काटे गए थे। नुकीले दांत निकाले गए थे। यही नहीं, खाल भी उतार ली गई थी। इस बात की जानकारी होते ही वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की। इस दौरान उन्होंने अपने मुखबिरों को सक्रिय कर दिया। तभी इस बीच एक मुखबिर से पता चला कि इस वारदात में कुल पांच लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली। जिनके नाम क्रमशः राज कुमार, छबि लाल, रत्नेश पार्टे, झाम सिंह और मनीष उइके हैं। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को पकड़कर जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो राज और झाम नाम के दो आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने जो कहानी सुनाई उसे सुनकर (Wife control trick) न सिर्फ पुलिस वाले बल्कि वन विभाग के अधिकारी भी सन्न रह गए।  इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत पत्नियों को कंट्रोल करने (Wife control trick) के लिए घटना को दिया अंजाम दोनों आरोपियों ने अपने कबूलनामे में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नियों को कंट्रोल करने (Wife control trick) के लिए ये इस घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने आगे बताया कि उनसे एक तांत्रिक ने कहा था कि “बाघ के पंजों और दांतों से तंत्र करने पर ऐसी शक्ति मिलती है, जिससे पत्नी को वश में किया जा सकता है।” फिर जब वो दांत और पंजे लेकर आए तो तांत्रिक ने उनसे बाघ की खाल भी लाने की मांग की। तांत्रिक के कहने पर वो पुनः जंगल गए। जहाँ उन्हें किसी ने देख लिया और अंततः वो पकड़े गए। जानकारी के मुताबिक इस कांड में तीन लोगों ने उनका साथ दिया था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों सहित उनका साथ देने वाले उनके तीनों साथियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है। सभी के खिलाफ वन अधिनियम और बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Wife control trick #TantrikTrick #WifeControl #Vashikaran #BlackMagic #JungleIncident #HusbandsArrested #ViralNews #IndianSuperstition #TantraScandal #WeirdNews

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Mamata Banerjee Murshidabad visit

Murshidabad visit: ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे (Murshidabad visit) पर मुर्शिदाबाद जाने वाली हैं। उनके दौरे से ठीक पहले एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। दरअसल, 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून को लेकर भड़की हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। समसेरगंज में हुई हिंसा के दौरान मारे गए पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार ने मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजीआई) संजीव खन्ना के साथ-साथ कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणम और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर पुलिस की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो परिवार का कहना है कि “पुलिस (Murshidabad Police) ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर उन्हें डराया-धमकाया।” बता दें कि परिवार ने अपनी शिकायत में लिखा कि “हमने पुलिस को लिखित बयान दिया था कि हम अपनी मर्जी से कोलकाता आए हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज शंकर नारायण साहा, माणिक मंडल, कौशिक घोष, राकेश राय, बबलू दास और चैतन्य दास ने हमें डराने की कोशिश की। हम इस घटना से डरे और सदमे में हैं।” पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके (Murshidabad visit) साथ बदसलूकी की- पीड़ित परिवार  खैर, मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) ने इन आरोपों (Murshidabad visit) को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सॉल्ट लेक में दास परिवार के ठिकाने पर इसलिए गए थे, क्योंकि परिवार के एक सदस्य ने लिखित शिकायत दी थी कि दास परिवार का अपहरण कर लिया गया है।” तो वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हमने अपहरण की शिकायत के आधार पर सॉल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। हम परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया।” हालाँकि पुलिस की इस सफाई पर पीड़ित परिवार का कहना है कि “पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके साथ बदसलूकी की।” बता दें कि दास परिवार ने अपने पत्र में सीजीआई, हाईकोर्ट और राज्यपाल से सुरक्षा की विनंती की है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि “हम डर के साये में जी रहे हैं। पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। हम केंद्र से केंद्रीय बलों की तैनाती और हाई कोर्ट तक सुरक्षित पहुँचने की व्यवस्था की माँग करते हैं, ताकि हमें संविधान के तहत न्याय मिल सके।” इसे भी पढ़ें:-  RJD नेता तेजस्वी यादव ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के कई नेता सॉल्ट लेक पहुंच गए। इस बीच बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर ममता बनर्जी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। यही नहीं, उन्होंने दास परिवार को एक अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहाँ गौर करने वाली बात ये कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ममता बनर्जी आज मुर्शिदाबाद का दौरा (Murshidabad visit) करने वाली हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि दास परिवार की शिकायत ने उनके दौरे से पहले एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ममता ने पहले ही कहा था कि “वह वक्फ एक्ट को लेकर हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के पहले हफ्ते में मुर्शिदाबाद जाएंगी।” इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया था कि “हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं।”  Latest News in HindiToday Hindi news Murshidabad Police #MamataBanerjee #Murshidabad #HinduFamily #PoliceComplaint #CJI #WestBengalNews #BengalPolitics #MamataVisit #LawAndOrder #BreakingNews

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India Pakistan water dispute

Indus Water Treaty: बूंद-बूंद को तरसेंगे पाकिस्तानी, सिंधु जल संधि संस्पेंड करने के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी, अगला नंबर झेलम का

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने सभी का नाम और धर्म पूछकर दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। बढ़ते तनाव और लोगों के रोष को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ छह दशक पुरानी सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। भारत ने पहलगाम हमले के एक दिन बाद पाकिस्तानियों का पानी बंद करने का फैसला लिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अभी पाकिस्तानी इस सदमें से उबरे भी नहीं थे कि भारत ने एक और झटका दे दिया है। दरअसल, भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक (Indus Water Treaty) दिया है। ध्यान देने वाली बात ये कि यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। यही नहीं, इसके अलावा भारत झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है।  पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक हो गया है (Indus Water Treaty) कम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर (Indus Water Treaty)) दिया है। इसके चलते स्लुइस गेट को नीचे दिया है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। यही नहीं, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ इसी तरह के अभियान की योजना किशनगंगा बांध के लिए भी बनाई गई है। इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरे अधिकारी ने (पहचान न जाहिर करने की शर्त पर) कहा कि “हमने बगलिहार जल विद्युत परियोजना के द्वार बंद कर दिए हैं। हमने जलाशय से गाद निकालने का काम किया था और इसे फिर से भरना है।” इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील झेलम नदी का पानी भी रोकने की है (Indus Water Treaty) तैयारी  गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि पाकिस्तान द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने ये कार्रवाई की है। यही नहीं, इसके अलावा इसमें देश के सभी बंदरगाहों पर पाकिस्तानी झंडों वाले जहाजों के रुकने पर प्रतिबंध भी शामिल (Indus Water Treaty) है। खबर के मुताबिक कहा तो यह भी जा रहा है कि उत्तर पश्चिमी हिमालय में गुरेज घाटी में स्थित किशनगंगा बांध जो कि झेलम नदी पर है, जहाँ पहला मेगा हाइड्रोपावर प्लांट लगा है, बहुत जल्द बड़े पैमाने पर वहां पवार भी रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके चलते इससे नीचे की ओर बहने वाले सभी पानी को रोक दिया जाएगा। Latest News in HindiToday Hindi news Indus Water Treaty) #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #WaterCrisis #ChenabRiver #JhelumRiver #IndiaNews #PakistanNews #WaterDispute #Geopolitics #IndusTreaty

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Rakshas Tal mystery

Rakshas Tal: वैज्ञानिकों का भी दिमाग चकराया: आखिर एक ही स्थान पर होने के बावजूद मानसरोवर झील और राक्षस ताल में क्यों है इतना भयानक अंतर?

इस साल यानी 30 जून 2025 से कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Yatra) की शुरुआत होने जा रही है। भारी तादाद में श्रद्धालु कैलास मानसरोवर के दर्शन हेतु जाते हैं। इस दौरान कैलाश दर्शन के साथ ही लोग मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल (Rakshas Tal) के भी दर्शन करते हैं। यह दोनों झीलें 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति हैं। सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह कि मानसरोवर झील और राक्षस ताल एक ही वातावरण, एक जैसी ऊंचाई पर होने के बावजूद भी दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। कारण यही जो सदियों से लोग जानना चाहते हैं कि एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये दोनों झीलें इतनी अलग क्यों हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि धार्मिक शास्त्रों में बताए गए तथ्यों को विज्ञान नहीं मानता। यह तो ठीक, लेकिन विज्ञान भी इस बात का जवाब नहीं दे पाया है कि आखिर एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये मानसरोवर और राक्षस ताल में इतना फर्क क्यों है? ऐसे में आइये जानते हैं दोनों में क्या है अंतर?   राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक तरह से खारे पानी की झील है बता दें कि राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक अर्धचंद्राकार खारे पानी की झील है। अर्धचंद्राकार आकार अंधेरे का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह वही स्थान है, जहां राक्षस राजा रावण ने भगवान शिव की तपस्या और उनकी आराधना की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव के अनन्य भक्त रावण ने खुद राक्षस ताल का निर्माण किया था। रावण अपनी इच्छा पूरी करने हेतु कैलाश पर्वत गया था। कैलाश जाने से पहले उसने राक्षस ताल में स्नान किया और वहीं ध्यान लगाया। इस बीच जब रावण ने राक्षस ताल में डुबकी लगाई, तो झील आसुरी शक्तियों के कब्जे में आ गई और नकारात्मकता से भर गई। कहते हैं कि राक्षस झील का पानी इतना खारा कि इसके अंदर मछली या कोई दूसरा जानवर रह ही नहीं सकता। झील का हल्के धूसर रंग का है। लोगों का दावा तो यहाँ तक है कि कुछ महीनों बाद राक्षस झील के पानी का रंग बदल जाता है।  इसे भी पढ़ें:-  इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? किसी को भी राक्षस ताल (Rakshas Tal) के पास जाने की नहीं है इजाजत  यही नहीं, राक्षस ताल (Rakshas Tal) के ठीक करीब एक छोटी नदी भी है। जिसे गंगचु नदी कहते हैं। यह नदी मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल को जोड़ती है। ऐसी मान्यता है कि मानसरोवर से पवित्र जल ले जाने हेतु इस नदी को ऋषियों द्वारा बनाया गया था। राक्षस ताल का पानी खारा होने के साथ-साथ विषैला भी है। जानकारों की माने तो इसमें स्नान करने अथवा इसका पानी पीने से जान तक जा सकती है। कारण यही जो राक्षस ताल के इर्द गिर्द चीन सरकार ने बाड़ लगाकर राक्षस ताल के क्षेत्र को घेर रखा है। किसी को भी इस झील के पास जाने की इजाजत नहीं है। इसे सिर्फ दूर से ही देखा जा सकता है। बता दें कि राक्षस ताल, कैलाश पर्वत के पश्चिम में तकरीबन 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ताल के आसपास डोला, लाचतो, तोपसरमा और दोशर्बा नामक 4 द्वीप हैं। तिब्बती भाषा में इसे लांगगर चो या ल्हानाग त्सो के नाम से जाना जाता है। इसका है जहर की काली झील। ऐसा इसलिए कि तिब्बतियों का ऐसा मानना है कि इसका पानी शापित है। इसे छूने मात्र से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिये लोग इसके आसपास भी नहीं भटकते।  Latest News in Hindi Today Hindi Mansarovar Lake #RakshasTal #MansarovarLake #MysteryLake #TibetMystery #HimalayanSecrets #ScienceVsMyth #NatureWonder #HolyLake #StrangePhenomena #MythicalLakes

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India response to terror

India Pakistan trade ban: पाकिस्तान पर एक और बड़ी चोट, पहलगाम हमले के बाद भारत ने सभी तरह के आयात-निर्यात पर लगाई रोक

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी देखी जा रही है। जिसका असर दोनों देशों के व्यापार पर भी (India Pakistan trade ban) पड़ रहा है। गौरतलब हो कि सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद भारत सरकार ने अब सभी तरह के आयात और निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का व्यापार नहीं होगा। न भारत से कोई पाकिस्तान जाएगी और नहीं पाकिस्तान से कोई भी चीज भारत ही आएगी। सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अब पाकिस्तान से पूरी तरह से आयात-निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।” पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े एक्शन लेते हुए भारत ने पहले डायरेक्ट ट्रेड को बंद किया था। लेकिन अब सरकार ने सभी तरह के इनडायरेक्ट ट्रेड को भी बंद करने का फैसला किया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत सरकार का यह फैसला पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब जाहिर है पाकिस्तानी जहाज भारत के पोर्ट पर नहीं रुकेंगे।  पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए (India Pakistan trade ban) जाते हैं  बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय ने इस आदेश को लेकर एक नोटिफिकेश भी जारी किया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट आयात-निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक (India Pakistan trade ban) लगा दी है। गौरतलब हो भारत ने पहलगाम हमले के बाद वाघा-अटारी क्रॉसिंग को पहले ही बंद कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि ये वही एकमात्र मार्ग था जिससे दोनों देशों के बीच कारोबार होता था। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पाकिस्तान से भारत में कौन सामान आयात किया जाता था। तो बता दें कि पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए जाते थे। इसके अलावा इनमें ड्राई फ्रूट्स, कपास, सीमेंट और स्टील भी शामिल हैं। यही नहीं, भारत-पाकिस्तान से कार्बनिक केमिकल्स, कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट और चश्मों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल्स भी आयात करता है।  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है (India Pakistan trade ban) गौर करने वाली बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर एक के बाद एक बड़े स्ट्राइक करते जा रहा है। एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के आयात (India Pakistan trade ban) पर बैन लगा दिया है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है। इससे न सिर्फ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि भारतीय बाजार में कुछ खास किस्म के उत्पादों की उपलब्धता में कमी देखी जाएगी।  Latest News in HindiToday Hindi news India Pakistan trade ban #IndiaPakistanTradeBan #PahalgamAttack #IndiaStrikesBack #TradeBanOnPakistan #IndiaPakistanTensions #ModiOnPakistan #ImportExportBan #NationalSecurityIndia #IndiaPakistanNews #TerrorAttackResponse

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SRH vs GT 2025

SRH vs GT: सनराइसर्ज हैदराबाद को हराकर गुजरात टाइटंस ने आईपीएल प्लेऑफ में की अपनी जगह पक्की

2 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 51वां मुकाबला गुजरात टाइटंस और सनराइसर्ज हैदराबाद (SRH vs GT) के बीच खेला गया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस महामुकाबले में गुजरात टाइटंस ने सनराइसर्ज हैदराबाद को 38 रनों से मात दे दी। दरअसल, सनराइजर्स के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह तो ठीक, लेकिन उनका यह फैसला उल्टा पड़ गया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने अपने बल्ले का जौहर दिखाया। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने मिलकर 87 रन की शानदार ओपनिंग साझेदारी की। इसके बाद सुदर्शन 48 रन बनाकर आउट हो गए। उसके आए जॉस बटलर ने 64 रन की बेमिसाल पारी खेली। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर ने 21 रन बनाए। कप्तान गिल ने शानदार 76 रन बनाये। गौर करने वाली बात यह कि गुजरात टाइटंस ने अपने टॉप के 4 बल्लेबाजों की बदौलत 6 विकेट पर 224 रन बनाए।   15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक के आउट होते ही विकेटों (SRH vs GT) का तांता सा लग गया 224 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की (SRH vs GT) शुरुआत दमदार रही। अपने शानदार शुरुआत के बदौलत उसने 2 विकेट पर 139 रन बना लिए थे। जब तक अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन क्रीज पर डटे थे तब तक हैदराबाद की जीत की उम्मीदें बनी हुई थी। इस बीच 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अभिषेक के आउट होते ही विकेटों का तांता सा लग गया। 139 के स्कोर पर तीसरा विकेट गंवाने वाली हैदराबाद की देखते ही देखते 145 रन पर अपने 6 विकेट गंवा बैठी। लगातार गिरते विकटों की वजह से उसकी जीत की उम्मीदें भी धुंधली नजर आने लगी। गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों के सामने हैदराबाद के बल्लेबाज बेबस नजर आये। उनकी बेबसी का आलम यह था कि नीतीश कुमार रेड्डी ने 21 और पैट कमिंस 19 बनाकर जैसे-तैसे किसी तरह अपनी टीम को  6 विकेट पर 186 रन तक ले गए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने सनराइसर्ज हैदराबाद को 38 रनों से मात दे दी।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस (GT) ने आईपीएल (IPL) प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है गौरतलब हो कि इस जीत के बाद गुजरात टाइटंस (GT) ने आईपीएल (IPL) प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस हार के साथ ही सनराइजर्स हैदराबाद प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है। 7 जीत से अब गुजरात टाइटंस के14 अंक हो गए हैं। इस मैच से गुजरात टाइटंस पहले पॉइंट टेबल में चौथे नंबर पर थी। हैदराबाद की जीत के बाद वह पॉइंट टेबल में चौथे से दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। यही नहीं, चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स पहले से ही इस रेस से बाहर हो चुकी हैं। अब प्लेऑफ की रेस में सिर्फ सात टीमें ही बची हैं। इस रेस में गुजरात टाइटंस मुंबई इंडियंस के बाद दूसरे स्थान पर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 SRH vs GT #SRHvsGT2025 #GujaratTitans #SunrisersHyderabad #IPL2025 #GTvsSRH #IPLPlayoffs #GTWin #IPLT20 #CricketNews #IPLPointsTable

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