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Trump warns 10% extra tariff on countries aligning with BRICS

Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations: ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों से जुड़ने वाले देश पर लगाएंगे 10% अतिरिक्त टैरिफ- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अपने ऊटपटांग फैसलों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया शिगूफा छोड़ा है। एक बार फिर उन्होंने 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी दी है। दरअसल, 7 जुलाई (रविवार) को कहा कि “ब्रिक्स की अमेरिकी विरोधी नीतियों के साथ खुद को जोड़ने वाले देशों से 10% अतिरिक्त टैरिफ वसूला जाएगा।” यह बात ट्रंप ने ट्रुथ सोशल के एक पोस्ट में (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) कही। ट्रंप ने कहा कि “ब्रिक्स की अमेरिकी विरोधी नीतियों के साथ खुद को जोड़ने वाले किसी भी देश पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाया जाएगा। इस नीति में कोई अपवाद नहीं होगा। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।” बता दें कि ब्रिक्स की अमेरिकी विरोधी नीतियों से जुड़े देशों पर ट्रंप ने कहा कि “इस नीति के लिए कोई अपवाद नहीं होगा यानी हर देश पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है।” वैश्विक प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने 90-दिन के लिए इसे रोक दिया (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) था मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि दुनियाभर के विभिन्न देशों के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के टैरिफ पत्र और समझौते, सोमवार, 7 जुलाई को दोपहर 12:00 बजे (पूर्वी) से वितरित किए जाएंगे।” मजे की बात यह कि टैरिफ रोकने की समयसीमा क़रीबा आता देख ट्रंप ने कहा (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) है कि “उनके पास 12 देशों के लिए टैरिफ पत्र तैयार हैं। ट्रंप ने कहा है कि पत्र सोमवार को दोपहर 12 बजे जारी किए जाएंगे। गौरतलब हो कि 2 अप्रैल को ट्रंप ने अमेरिका के सभी ट्रे़डिंग पार्टनर देशों के लिए संशोधित और बढ़ी हुई टैरिफ दरों की घोषणा की थी। वैश्विक प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने 90-दिन के लिए इसे रोक दिया था। ये रोक 9 जुलाई को खत्म हो रही है, उससे पहले ही ट्रंप फिर से ट्रैरिफ लगाने की बात कह रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ 11 देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी रहती (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) है बता दें कि वर्तमान समय में ब्राजील में ब्रिक्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। ब्रिक्स की स्थापना ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर की थी। इसके बाद साल 2023 में इसमें इंडोनेशिया, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी जुड़ गए। ध्यान देने वाली बात यह कि ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित उभरते 11 देशों में दुनिया की लगभग आधी आबादी रहती (Trump Warns 10% Tariff for Pro-BRICS Nations) है।  और बड़ी बात यह कि इसमें वैश्विक आर्थिक उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा है। इस बीच ब्रिक्स देशों ने अपने घोषणापत्र में बिना नाम लिए अमेरिका और ट्रंप की आलोचना की है। ब्रिक्स घोषणापत्र में एकतरफा टैरिफ वृद्धि पर चिंता व्यक्त की गई है। ब्रिक्स समिट में  पीएम मोदी ने कहा कि “भारत ने हमेशा मानवता के लिए काम किया। वैश्विक संस्थाओं में बड़े बदलाव की जरूरत है। ग्लोबल साउथ को केवल प्रतीकात्मक सहयोग मिला। वैश्विक संस्थानों में व्यापक सुधार करने होंगे।” पीएम मोदी ने आतंकवाद पर जोर देते हुए कहा कि “आतंकवाद मानवता के लिए सबसे गंभीर चुनौती है और आतंकवाद पीड़ितों और समर्थकों को एक ही तराजू में नहीं तौलना चाहिए।” इसके साथ ही ब्रिक्स के संयुक्त घोषणा पत्र में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। पीएम मोदी ने ब्रिक्स के मंच से आतंकवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। न सिर्फ लताड़ लगाई बल्कि वैश्विक नेताओं से आतंक के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump #Trump #BRICS #Tariff #TradeWar #USPolicy #GlobalPolitics #BRICSvsUSA

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harmful foods for kids

हार्ट एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों को नजर अंदाज करने चाहिए यह 5 हानिकारक फूड्स

जब भी बात गंभीर बीमारियों की आती है, तो हम अक्सर यही मानते हैं कि यह समस्याएं वयस्कों या बुजुर्गों को प्रभावित करती हैं। लेकिन, बदलते समय में डायबिटीज और हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) जैसे रोग बच्चों में भी सामान्य होते जा रहे हैं। बच्चों में हार्ट कंडीशंस को पेडिएट्रिक हार्ट कंडीशंस के नाम से भी जाना जाता है। बच्चों में बढ़ती इन समस्याओं के कई कारण हैं और एक्सपर्ट्स की मानें तो अनहेल्दी डायट उनमें से ही एक है। आजकल बच्चे हेल्दी आहार की जगह जंक फ़ूड की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन, बच्चों के खान-पान का खास ध्यान रखना जरूरी है। इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है कि हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) से बचाव के लिए बच्चों को किन फूड्स को देने से बचना चाहिए? आईये जानें हार्ट एक्सपर्ट के अनुसार बच्चों को किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए (According to heart experts what things children should not consume)? हार्ट एक्सपर्ट के अनुसार बच्चों को किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए (According to heart experts what things children should not consume)? अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार अधिकतर लोग यह सोचते हैं कि बचपन में बच्चों को हार्ट डिजीज (Heart disease) का कोई जोखिम नहीं होता, लेकिन बचपन में ही हार्ट का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। पाएं जानकारी कि हार्ट एक्सपर्ट के अनुसार बच्चों को किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए (According to heart experts what things children should not consume)? अधिक चीनी युक्त आहार अधिक चीनी युक्त पेय पदार्थ या  आहार का सेवन बच्चों के हार्ट के साथ-साथ सम्पूर्ण स्वास्थ के लिए हानिकारक है। सोडा, पैक्ड जूस, कोल्ड ड्रिंक्स , केक आदि के सेवन से वजन बढ़ता है और वजन बढ़ना हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का कारण बन सकता है। फ्लेवर्ड योगर्ट फ्लेवर्ड योगर्ट में अधिक चीनी, रंग और अन्य केमिकल्स होते हैं, जो हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का कारण बन सकते हैं। इसलिए, इनकी जगह बच्चों को सादा दही खाने को दें। आप इन में फल, शहद आदि डाल कर बच्चे को दे सकते हैं। सफेद चावल बच्चे अक्सर सफेद चावल खाना पसंद करते हैं। लेकिन, इनमें हेल्दी फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स नहीं होते। यही नहीं, रिफाइंड ग्रेन जैसे सफेद चावल, ब्रेड, पास्ता आदि बहुत जल्दी शुगर में बदल जाते हैं, जो शरीर में फैट के रूप में जमा हो जाता है। इससे टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज (Heart disease) का रिस्क बढ़ जाता है। तले हुए फूड्स अधिक तला भुला आहार भी बच्चों हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का कारण बन सकता है। बाजार में मिलने वाले तले भूने आहार को अक्सर बार-बार इस्तेमाल होने वाले तेल में बनाया जाता है। इससे एक्रिलामाइड्स और एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स (AGEs) जैसे हानिकारक कंपाउंड्स पैदा होते हैं, जिससे इंफ्लेमेशन की समस्या हो सकती है। इसलिए बच्चों को इनका सेवन करने से भी बचना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले आइसक्रीम  आइसक्रीम में चीनी, कैलोरीज और सेचुरेट फैट्स अधिक होते हैं। अधिक चीनी और फैट युक्त आहार से भी वजन बढ़ता है। यही नहीं इससे हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart problems) का रिस्क भी बढ़ सकता है। इसलिए इसका सेवन करने से भी बचना चाहिए। अब यह तो आप समझ ही गए होंगे कि हार्ट एक्सपर्ट के अनुसार बच्चों को किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए (According to heart experts what things children should not consume)? इसलिए बच्चों हार्ट डिजीज (Heart disease) से बचाने के लिए उन्हें बाजार में मिलने वाले खाने की जगह घर पर बना आहार खाने को दें। उनके आहार में फल, सब्जियां, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज आदि शामिल करें। बच्चे के वजन को सही बनाए रखें और इसके साथ ही बच्चों का भी रूटीन चेक-अप कराएं।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Heart problems #KidsHealth #HeartExpertsTips #HarmfulFoodsForKids #HealthyParenting #ChildNutrition #AvoidTheseFoods #UnhealthySnacks

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Nishikant Dubey Sparks Controversy Over Urdu

Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark: भाषा विवाद पर भड़के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, कहा- “यदि हिम्मत है तो उर्दू भाषी लोगों को मार कर दिखाओ”

पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद जारी है। हिंदी भाषा थोपने के नाम पर जबरन परप्रांतियों को मारा जा रहा है। बढ़ते तनाव के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ओपन चैलेंज किया है। महाराष्ट्र में हिंदी भाषी लोगों पर हमले करने वालों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा “यदि हिम्मत है तो उर्दू भाषी लोगों को मार कर (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) दिखाओ।” ध्यान देने वाली बात यह कि निशिकांत दुबे का यह बयान ऐसे समय में आया जब हिंदी विरोध में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एकजुट हो गए हैं। उन्होंने हिंदी भाषियों को मारने वालों से कहा, अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है? कौन कुत्ता कौन शेर खुद ही फैसला कर लो। अपनी इस बात को निशिकांत दुबे ने मराठी में भी पोस्ट किया है।” हालांकि यह पहली बार नहीं जब निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे को न उठाया हो। आपको बता दें कि इससे पहले भी उन्होंने महाराष्ट्र की भाषा को लेकर राजनीति का मुद्दा उठाया था और उसे कश्मीरी पंडितों की स्थिति से जोड़ते हुए एक्स पर लिखा कि “मुंबई में शिवसेना, मनसे के राज ठाकरे और एनसीपी के पवार साहब और कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं को भगाने वाले सलाउद्दीन और मौलाना मसूद अजहर और मुंबई में हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले दाऊद इब्राहिम इन सबमें क्या फर्क है? एक ने हिंदू न होने के कारण अत्याचार किया और दूसरे अब हिंदी बोलने के कारण अत्याचार कर रहे हैं?”  मंत्री नितेश राणे ने उर्दू बोलने वालों से हिंदी बुलवाने के लिए कहा (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) था गौरतलब हो कि निशिकांत दुबे के अलावा भी इससे पहले भाजपा के दूसरे नेता भी हिंदी बोलने वालों पर हमला करने वालों को चुनौती दे चुके हैं। मंत्री नितेश राणे ने उर्दू बोलने वालों से हिंदी बुलवाने के लिए कहा (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) था। यही नहीं उन्होंने ठाकरे ब्रदर्स पर हिंदू समाज को बांटने का भी आरोप लगाया था। गौरतलब हो कि “महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल महीने में हिंदी भाषा को लेकर एक फैसला लिया था, जिसमें उन्होंने कक्षा 1 से 5 तक के सभी छात्रों के लिए तीसरी भाषा के रूप में हिन्दी को अनिवार्य कर दिया था। फडणवीस के इस फैसले का जमकर विरोध हुआ। अंत में उन्होंने अपना यह फैसला वापस लेते हुए कहा कि “हिंदी तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य नहीं है। अगर कोई छात्र दुसरी भाषा लेना चाहता है तो वह ले सकता है।” बता दें कि पिछले दिनों मनसे पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मराठी भाषा न बोलेने पर एक दुकानदार की पिटाई कर दी थी।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ महाराष्ट्र में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, तो तीसरी भाषा के रूप में हिंदी ही क्यों होनी चाहिए- आदित्य ठाकरे बढ़ते तनाव के बीच शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे का भी बयान सामने आया (Nishikant Dubey Sparks Row Over Urdu Language Remark) है। आदित्य ने कहा, कि महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी भाषा की कोई बात ही नहीं है। यह मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया पर ही चल रहा है, महाराष्ट्र की जमीन पर ऐसा कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि “विवाद सिर्फ कक्षा 1 के छात्रों के तीन भाषाओं के बोझ को लेकर था और तीसरी भाषा हिंदी क्यों होनी चाहिए?” बता दें कि “आदित्य ठाकरे का कहना था कि “महाराष्ट्र में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, तो तीसरी भाषा के रूप में हिंदी ही क्यों होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि “हम अपनी मातृभाषा का अपमान नहीं सहेंगे।” बता दें कि आदित्य ठाकरे ने हिंदी भाषा विवाद को लेकर कहा कि “सोशल मीडिया और गोदी मीडिया मराठी बनाम हिंदी का मुद्दा फैला रहे हैं। महाराष्ट्र की जमीन पर तो ऐसा कोई मुद्दा है ही नहीं।” आदित्य ने स्पष्ट करते हुए कहा कि “विवाद सिर्फ कक्षा 1 के छात्रों के तीन भाषाओं के बोझ को लेकर था। तीसरी भाषा हिंदी ही क्यों होनी चाहिए? महाराष्ट्र में अनेक भाषाएं बोली जाती है, लेकिन हम अपने ही राज्य में अपनी मातृभाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।” इस बीच ठाकरे ने कहा कि “हम किसी भी भाषा को अपने ऊपर थोपना बर्दाश्त नहीं करेंगे।” भाषा को लेकर आदित्य ठाकरे ने कहा था कि “हम नहीं चाहते कि महाराष्ट्र या मराठी भाषा का अपमान हो। उन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि “हम चाहते हैं कि हमारी मातृभाषा मराठी का अपमान न हो। कोई भी भाषा जबरन थोपी न जाए। उन्होंने कहा कि “हम नहीं चाहते कि कोई कानून अपने हाथ में ले। लेकिन जब इसका उल्टा होता है और मराठी या महाराष्ट्र का अपमान होता है तो मामला बिगड़ सकता है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Nishikant Dubey #NishikantDubey #UrduControversy #BJPMP #LanguageRow #BreakingNews #Politics #UrduSpeakers

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Uddhav and Raj Thackeray reunite after 20 years

Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha: महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ

किसी ज़माने में एक दूसरे के धुर विरोधी रहे उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे मराठी भाषा के मुद्दे पर शनिवार को एक साथ एक ही मंच पर नजर आए। दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ देख दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है। गौरतलब हो कि दो दशक पहले ही राज ठाकरे ने अपनी अलग राह चुन ली थी। अब दोनों भाई एक ही मंच पर साथ आए तो उद्धव ने ऐलान कर दिया कि “दोनों के बीच दूरियां खत्म हो चुकी हैं और वह साथ रहने के लिए राज ठाकरे के साथ आए हैं।”उद्धव ने कहा, “कई वर्षों बाद मेरी और राज ठाकरे की मुलाकात मंच पर हुई है।” राज ने मुझे “सन्माननीय उद्धव ठाकरे” कहा, मैं भी कहता हूं, सन्माननीय राज ठाकरे। उनका कार्य भी बड़ा है। मेरे भाषण से ज्यादा अहम है हम दोनों का साथ आना। हम दोनों के बीच जो दूरियां थीं, वो अब खत्म हो चुकी हैं। हम एक साथ आए हैं, साथ में रहने के लिए।” भाजपा अफवाहों की फैक्ट्री है, हम असली मराठी बोलने वाले कट्टर हिंदू (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) हैं राज की तारीफ करते हुए उद्धव ने कहा कि “राज ठाकरे का काम सभी ने देखा (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है। मराठी हिंदू भाइयों और बहनों, राज ठाकरे ने सारे मुद्दे बेहतर ढंग से रखे हैं और अब मुझे कुछ और कहने की जरूरत महसूस नहीं होती। हम साथ आए हैं, साथ रहने के लिए। भाजपा अफवाहों की फैक्ट्री है। हम असली मराठी बोलने वाले कट्टर हिंदू हैं। मराठी आदमी अगर आंदोलन कर रहा हो और आप उसे गुंडागिरी कह रहे हो, तो फिर हां, हम गुंडे हैं। संयुक्त महाराष्ट्र के आंदोलन में हमने मुंबई हासिल की है।” इस बीच एकनाथ शिंदे को आड़े हाथों लेते हुए उद्धव ने कहा, “आज कई तांत्रिक बिजी होंगे। नींबू काट रहे होंगे, भैंसा काट रहे होंगे। लेकिन इस काले जादू के खिलाफ हमारे बालासाहेब ठाकरे लड़े थे और हम उसी विरासत को आगे ले जाएंगे।”  आप (फडणवीस) सिर्फ नाम के मराठी हैं, आप असली मराठी हैं या नहीं, यह चेक करना (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) होगा वो यहीं नहीं रुके, फडणवीस को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि “आप सिर्फ नाम के मराठी हैं। आप असली मराठी हैं या नहीं, यह चेक करना होगा। हिंदुस्तान हमें मंजूर है, लेकिन हिंदी की जबरदस्ती हम सहन नहीं (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) करेंगे। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब मैंने मराठी भाषा को अनिवार्य किया था। सत्ता आती है, जाती है, लेकिन हमारी असली ताकत हमारी एकजुटता में होनी चाहिए। संकट आता है, तो हम साथ आते हैं, लेकिन संकट के बाद दूर चले जाते हैं। अब हमें हमेशा साथ रहना चाहिए।”  बीजेपी को लेकर उद्धव ने कहा कि “इन्होंने हमारा इस्तेमाल किया और फिर छोड़ दिया, लेकिन अब हम दोनों मिलकर तुम्हें फेंक देंगे। फडणवीस ने कहा है कि भाषा के नाम पर गुंडागर्दी सहन नहीं करेंगे। हां, हम गुंडे हैं, लेकिन हम भाषा के लिए लड़ेंगे। अगर इंसाफ नहीं मिलेगा, तो गुंडागर्दी भी करेंगे।” इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? अब तक हमने कुछ नहीं किया (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) है- राज ठाकरे  इस बीच राज ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “आपके पास विधानभवन में सत्ता है, लेकिन हमारे पास सड़कों की सत्ता है। आज महाराष्ट्र जब एकसाथ खड़ा हुआ, तो सरकार को यह दिखाई दिया होगा कि जब यह राज्य एकजुट होता है, तब क्या (Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha) होता है। कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए राज ठाकरे ने कहा “उस दिन मीरा रोड में एक व्यवसायी के साथ मारपीट हुई थी। क्या उसके माथे पर लिखा था कि वह गुजराती है? अब तक हमने कुछ नहीं किया है। उस आदमी को मराठी आनी चाहिए। बेवजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई ज्यादा नाटक करता है, तो उसके कान के नीचे जरूर बजाओ। और अगली बार जब किसी को पीटो, तो उसका वीडियो मत निकालो।” कहने की जरूरत नहीं, महाराष्ट्र की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि दोनों का साथ आना वोटो की मजबूरी है यह कुछ और? खैर, बीएमसी इलेक्शन नजदीक है। देखना दिलचस्प होगा कि दोनों एक ही पार्टी के झंडे के नीचे आते हैं या दोनों मिलकर अपनी अपनी पार्टी से चुनाव लड़ते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Uddhav & Raj Unite Against Hindi After 20 Years in Maha #UddhavThackeray #RajThackeray #HindiOpposition #MaharashtraPolitics #MarathiPride #ShivSena #MNS #PoliticalUnity

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Husband Pushes Wife From Train During

Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage; लव मैरिज कर हनीमून पर गए पति ने चलती ट्रेन से दियाधक्का, पैर पकड़ गिड़गिड़ाती रही पत्नी

हर लड़की का सपना होता है कि वो अपने पसंद के लड़के से विवाह करे। इसी चक्कर में कुछ लड़कियां परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लेती हैं। कुछ का प्रेम विवाह सफल होता है और कुछ बेचारी अपनी किस्मत को कोसते हुए आंसू बहती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक लड़की का जिसने अपने परिवार से बगावत कर अपने प्रेमी से प्रेम विवाह (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) किया। घर वाले मना करते रहे, उसने उनकी एक न सुनी। आखिर में उसके हाथ सिवाय गहरी चोट के कुछ नहीं लगा। दरअसल, उसका अपना प्रेमी दगाबाज निकला। मामला है उत्तर प्रदेश के देवरिया का, जहाँ खुशबू नामक एक युवती को लव मैरिज करना भारी पड़ गया। शादी के बाद हनीमून पर निकले पति ने वापसी के समय पत्नी को चलती ट्रेन धक्का दे दिया। खून से लथपथ हालत में वो नाले में पड़ी मिली। स्थानीय गांव वालों ने उसे देख और फौरन आरपीएफ को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची आरपीएफ की टीम ने आनन-फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया। हालत नाजुक बनी हुई है। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।  शंकर ने खुशबू को किरिगढ़ा के पास चलती ट्रेन से (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) दिया धक्का  दरअसल, घटना पतरातू स्टेशन के पास किरीगढ़ा गांव की है। महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया की रहने वाली खुशबू कुमारी के रूप में हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उसने अपने घर वालों के खिलाफ जाकर गोरखपुर के रहने वाले शंकर से शादी की थी। प्रेम विवाह करने के बाद दोनों उत्तर प्रदेश से झारखंड घूमने के लिए गए थे। घूमने के बाद जब दोनों वहां से लौट रहे थे, तभी शंकर ने खुशबू को किरिगढ़ा के पास चलती ट्रेन से धक्का दे (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) दिया। इसके बाद महिला एक नाले में पड़ी मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे कर्मचारी आकाश पासवान ने घटना की जानकारी आरपीएफ को दी और ग्रामीणों की मदद से 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतरातू ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को रामगढ़ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। खुशबू ने बताया कि दो दिन पहले वह और शंकर उत्तर प्रदेश से घूमने के लिए निकले थे और झारखंड पहुंचे थे। वहां दोनों कई धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर घूमे और खूब मजे किए। फिर रात वाली ट्रेन से वह वापस आ रहे थे। इसी बीच शंकर उसे मीठी-मीठी बातों में उलझाकर ट्रेन के दरवाजे के पास ले गया और उसे धक्का देना शुरू किया। खुशबू ने बताया कि उसने शंकर के पैर पकड़े, लेकिन शंकर ने उसे धक्का मारकर नीचे गिरा दिया।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म शादी के बाद उसका व्यवहार बदल गया था और वह मारपीट करने लगा (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) था- पीड़िता  होश में आने पर घायल खुशबू ने पुलिस को बताया कि “उसका पति शंकर कुमार गोरखपुर जिले का रहने वाला है। बुधवार रात बनारस-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के दौरान उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया। इस बीच खुशबू ने यह भी बताया कि “उसने एक वर्ष पहले शंकर से प्रेम विवाह किया था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसका व्यवहार बदल गया था और वह मारपीट करने लगा (Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage) था।  खैर, खुशबू का बयान दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले पर खुशबू की बहन ने कहा कि “उसने घर वालों के खिलाफ जाकर शादी की थी। आज वह इसका खामियाजा भुगत रही है। हमें उसका नतीजा देखने को मिल रहा है। तो वहीं पुलिस का कहना है कि “वह आरोपी की तलाश कर रही है। और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। सोचनीय वाली बात यह कि जिस प्रेमी से शादी करने के लिए उसने घर वालों से बगावत की। न सिर्फ बगावत की बल्कि घरवालों के खिलाफ जाकर शादी भी की। आखिर में वही प्रेमी बेवफा निकला। रोचक बात यह कि प्रेमी से पति बनते ही उसने पत्नी से कहा, “चलो हनीमून पर ले चलता हूं।” और फिर वापसी में उसने पत्नी को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि महिला के पसलियों में फ्रैक्चर हुआ है और पैर में भी चोटें लगी हैं। खुशबू ने होश में आने पर अपने बारे में जानकारी दी।  Latest News in Hindi Today Hindi Husband Pushes Wife From Train on Honeymoon After Marriage #husbandpusheswife #trainincident #honeymoontragedy #lovemarriage #crimealert #indiaupdates #viralnews

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Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History

Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History: बिहार की बेटी का अमेरिका में जलवा, 3 मेडल जीतकर रचा इतिहास

कुछ करने की ललक हो तो कोई भी चट्टान से ऊंची बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है। इस कहावत को हकीकत में बदला है बिहार के भोजपुर की रहने वाली सपना ने। बीएसएफ की सपना कुमारी ने अमेरिका के बर्मिंघम में 21वें विश्व पुलिस गेम्स में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीत बिहार का नाम दुनिया भर में रोशन किया है। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) किया। बता दें कि सपना ने तीरंदाजी में यह सफलता हासिल की है। उनकी इस जीत ने यह दिखा दिया कि दिल में जुनून होतो कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने फील्ड तीरंदाजी में स्वर्ण, 3 डी तीरंदाजी में स्वर्ण और लक्ष्य तीरंदाजी में रजत पदक जीता। बता दें कि सपना बीएसएफ में हरियाणा में पोस्टेड हैं और वह आरा में नवादा थाना क्षेत्र के रस्सी बागान मुहल्ला की निवासी हैं। कहने की जरूरत इस जीत के साथ ही उन्होंने देश और अपने परिवार का सिर भी गर्व से ऊंचा कर दिया।  सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के सीखे (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) गुर  बात करें सपना कुमारी के परिवार की तो उनके परिवार में एक भाई और तीन बहन हैं। तीन बहनों में सबसे छोटी सपना के पिता आरा के रक्सी बगान नवादा निवासी जितेन्द्र प्रसाद पेशे से ट्रैक्टर मैकेनिक हैं और माता कुंती देवी शिक्षिका हैं। सपना की तरह बड़ी बहन नीतू भी बीएसएफ में है। तो वहीं मंझली बहन नूतन कुमारी अंतरराष्ट्रीय कुरा खिलाड़ी है, जो स्पोर्ट्स कोटे से पटना समाहरणालय में कार्यरत है और छोटा भाई शिक्षक (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) है। यानी कुल-मिलाकर पूरा परिवार शिक्षित है। खैर, सपना बचपन से ही अपनी बड़ी बहन नूतन कुमारी के साथ स्थानीय वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में जागा करती थी। वहां दोनों बहने यहां मार्शल आर्ट सीखती थी। इस बीच बार-बार चोटिल होने के चलते सपना का मार्शल आर्ट से मोह भंग हो गया और उसने तीरंदाजी में हाथ आजमाया। पहले तो घरवालों ने डांटा डपटा लेकिन बेटी की ललक को देखते हुए घर वाले मान गए। इस बीच सपना ने तत्कालीन प्रशिक्षक परिष्ठ तीरंदाज मुक्ति पाठक से तीरंदाजी के गुर सीखे।इस दौरान उन्होंने जमकर पसीना बहाया। सपना के पिता जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि “बेटियों का खेल के प्रति रुझान देखकर उनके हौसले को बढ़ाया। जिसका परिणाम आज हम सबके सामने है।  इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला इस बीच साल 2014 में सपना की नियुक्ति सीमा सुरक्षा बल (जीडी) में हुई। लगभग दो साल बाद खेल में तीरंदाजी में ट्रायल के बाद सपना का चयन हुआ, वर्तमान में सपना 95 बटालियन बीएसएफ गुड़गांव में कार्यरत है। महत्वपूर्ण बात यह कि यहीं पर सपना के पति तीरंदाज रार्जन कुमार भी कार्यरत हैं। इस दौरान तीरंदाजी में कोच मनोज कुमार और चरण जी के साथ ही सपना को अपने पति का भरपूर सहयोग (Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History) मिला। आरा के वरिष्ठ तीरंदाज प्रशिक्षक नीरज कुमार ने सपना के इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि “बिहार की बेटियों के लिए यह पदक प्रेरणा का काम करेंगा।” तो वहीं खेल विभाग ने उनके प्रदर्शन को प्रेरणादायक बताते हुए इसे सुरक्षा बलों में कार्यरत खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया है। बड़ी बात यह कि सपना कुमारी की इस उपलब्धि के बाद राज्य सरकार और खेल संस्थानों द्वारा उनके योगदान और प्रदर्शन की सरहना की जा रही है। गर्व की बात यह कि सपना ही नहीं बल्कि सपना की मंझली बहन अंतरराष्ट्रीय वुशू खिलाड़ी नूतन कुमारी ने साल 2008 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप और 2009 में चीन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में एक-एक कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 13 स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकी है। ग़ौरतलब हो कि एनआईएस कोच नूतन की छह बार मुख्यमंत्री सम्मान मिला है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Girl Wins 3 Medals in USA, Creates History #BiharGirl #USAWin #IndiaPride #MedalWinner #GirlPower #SportsNews #HistoricWin #IndianAthlete #BiharNews #Inspiration

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Yogi govt revenue change,

Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP: योगी सरकार का बड़ा फैसला, लेखपाल नहीं बल्कि अब नायब तहसीलदार करेगा राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच

अपने निडर और निर्भीक फैसलों के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व मामलों की जांच को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। फैसले के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अब लेखपाल की रिपोर्ट ही अंतिम नहीं मानी (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनता दर्शन में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल स्तर की जांच पर परिवर्तन किया है। इस फैंसले के बाद अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं बल्कि नायब तहसीलदार करेंगे। जानकारी के मुताबिक अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट देंगे। और नायब तहसीलदार की ही रिपोर्ट मानी जाएगी।  यूपी की जनता लेखपाल की मनमानी से (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) थी त्रस्त  दरअसल, बिगत कई महीनों से शिकायतें मिल रही थी कि लेखपाल स्तर की जांच में पारदर्शिता का अभाव है और कई बार पीड़ित पक्ष को सुना ही नहीं जाता। शिकायत यह भी थी (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) कि कई बार लेखपाल रसूखदारों और प्रधानों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता को सुने बगैर मनमाने ढंग से रिपोर्ट बना देता था। कई बार शिकायत करने के बावजूद लेखपाल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे थे। ये हाल अमूमन यूपी के सभी जिलों में था। यूपी की जनता लेखपाल की मनमानी से त्रस्त थी। जनता इस कदर त्रस्त थी कि बार-बार मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बाबत शिकायत की गई। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अब केवल रिपोर्ट नहीं, सुनवाई के बाद होगा न्याय। कहने की जरूरत नहीं, सीएम ऑफिस, जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर हो गया है, इस वजह से अब किसी की रिपोर्ट से नहीं, सुनवाई से न्याय होगा। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) स्तर पर अंतिम निर्णय और समाधान होगा।  अब लेखपाल (लेखपाल) के बजाय नायब तहसीलदार इन शिकायतों की जांच (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) करेंगे बता दें कि उत्तर प्रदेश में राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब लेखपाल (लेखपाल) के बजाय नायब तहसीलदार इन शिकायतों की जांच (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) करेंगे। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लिया गया है, ताकि राजस्व मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ाई जा सके। जानकारी के लिए बता दें कि पहले, राजस्व संबंधी शिकायतों मसलन: वारासत, आय प्रमाण पत्र, जमीन विवाद, निवास प्रमाण पत्र आदि की प्रारंभिक जांच लेखपाल किया करते थे। लेकिन अब यह जिम्मेदारी नायब तहसीलदार को सौंपी दी गई है। अपर मुख्य सचिव (राजस्व) एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नायब तहसीलदार से नीचे का कोई अधिकारी राजस्व शिकायतों की जांच नहीं करेगा। इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? लेखपालों पर अक्सर रिश्वतखोरी और पक्षपात के आरोप लगते रहे (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) हैं दरअसल, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार को कम करना। न सिर्फ भ्रष्टाचार को कम करना है बल्कि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता भी लाना है। बता दें कि लेखपालों पर अक्सर रिश्वतखोरी और पक्षपात के आरोप लगते रहे (Naib Tehsildar to Handle Revenue Complaints in UP) हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या इस फैसले से भ्रष्टाचार पर नकेल कस सकेगी? क्या समय रहते सभी शिकायतों का निपटारा हो पाएगा?  इसके अलावा साथ ही बड़ा सवाल यह भी क्या नायब तहसीलदार के स्तर पर जांच होने से जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों का निपटारा अधिक विश्वसनीय हो सकेगा? देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय पर यह आदेश क्या रंग लाता है और जनता की शिकायतों का किस हद तक समाधान होता है। कहने की जरूरत नहीं, इस फैसले से लोगों में न्याय की उम्मीद जगी जरूर है। कम से कम लेखपालों की मनमानी से लोगों को निजात मिल जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tehsildar #UPGovernment #NaibTehsildar #RevenueComplaints #YogiAdityanath #LekhpalUpdate #UttarPradeshNews #GovtDecision

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Eknath Shinde controversy

एकनाथ शिंदे के ‘जय गुजरात’ के नारे पर विपक्ष ने मचाया बवाल, मांगा इस्तीफा, बचाव में उतरे सीएम फडणवीस, शिंदे ने भी दी सफाई

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) द्वारा जय महाराष्ट्र के साथ जय गुजरात का नारा देने से राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने शिंदे के इस नारे को मराठी अस्मिता पर हमला बताते हुए माफी की है। विपक्ष के इस हमले के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) भी एकनाथ शिंदे के बचाव में उतर आए और सफाई देते हुए कहा कि मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि वह ‘जय गुजरात’ बोलने मात्रा से कमजोर पड़ जाएगी।  बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बीते शुक्रवार को पुणे में जयराज स्पोर्ट्स एंड कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) और अजित पवार भी मौजूद थे। कार्यक्रम में भाषण के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंच से ही ‘जय हिंद, जय महाराष्ट्र, जय गुजरात’ का नारा लगाया। शिंदे के इसी नारे का विपक्षी दलों ने विरोध किया है।  हर्षवर्धन सपकाल ने एकनाथ शिंद से मांगा इस्तीफा  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan Sapkal) ने एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के इस बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि जय गुजरात’ का नारा सिर्फ चाटुकारिता नहीं है, बल्कि हर गौरवान्वित महाराष्ट्रवासी का अपमान है। मराठी मानुष के साथ इस ‘विश्वासघात’ के लिए शिंदे को इस्तीफा देना चाहिए। सपकाल ने यह भी कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि उपमुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठा व्यक्ति ‘जय महाराष्ट्र’ की जगह ‘जय गुजरात’ का नारा लगा रहा है। यह चाटुकारिता और सियासी गुलामी का प्रतीक है।  मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि ‘जय गुजरात’ बोलने से कमजोर पड़ जाए  विपक्ष के इस आलोचना के बाद एकनाथ शिंदे के समर्थन में उतरते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा, ” विपक्ष शायद भूल गया कि चिकोड़ी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करते हुए शरद पवार ने भी ‘जय महाराष्ट्र, जय कर्नाटक’ का नारा लगाया था, तो क्या उन्हें कर्नाटक ज्यादा पसंद है?” फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने विपक्ष की सोच को संकुचित बताते हुए कहा कि हमारी मराठी अस्मिता इतनी कमजोर नहीं है कि वह ‘जय गुजरात’ बोलने मात्रा से कमजोर पड़ जाएगी। मराठी मानुष की सोच बहुत विशाल है, विपक्ष उसे सीमित नहीं कर सकता है। सबसे पहले हम सभी भारतीय हैं और हमें महाराष्ट्र पर गर्व है। इसका यह मतलब नहीं होना चाहिए कि हम दूसरे राज्यों का अपमान करें। ‘एक भारत’ का विचार ही हमारी एकता और संस्कृति की मजबूती है और इस विभाजित करने की हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा। सीएम फडणवीस ने इस दौरान भाषा विवाद पर सख्त लहजे में कहा, “मराठी भाषा पर हर किसी को  गर्व करना चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर हिंसा करना स्वीकार्य नहीं है। मराठी न बोलने पर लोगों से मारपीट कर कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  क्या बिहार चुनाव में ओवैसी को गठंबंधन का हिस्सा न बनाना लालू को पड़ सकता है भारी? गुजराती समुदाय के सम्मान में लगाया नारा- शिंदे एकनाथ शिंदे ने भी अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि, ”उन्होंने यह नारा कार्यक्रम में मौजूद गुजराती समुदाय के सम्मान में लगाया था। जिस भव्य खेल परिसर का उद्घाटना हुआ उसके  निर्माण में गुजराती लोगों का भी योगदार है। हमारे राज्य में मराठी और गुजराती लोग मिलकर एकजुटता के साथ रहते हैं। इसीलिए मैंने भाषण के दौरान ‘जय हिंद’, ‘जय महाराष्ट्र’ और ‘जय गुजरात’ का नारा लगाया। ‘जय हिंद’ जहां हमारे देश की शान है, तो वहीं ‘जय महाराष्ट्र’ हमारे राज्य का गर्व है।  ‘जय गुजरात’ का नारा इसलिए लगाया क्योंकि गुजराती समाज को उनके योगदान के लिए सम्मान देना चाहता था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #EknathShinde #JaiGujarat #PoliticalControversy #MaharashtraPolitics #DevendraFadnavis #OppositionDemand #ShindeClarification

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Patna industrialist murder

Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight: पटना के मशहूर उद्योगपति गोपाल खेमका का मर्डर, बाइक सवार अपराधियों ने मारी सिर में गोली

जंगलराज के लिए मशहूर बिहार में एक फिर मौत का तांडव देखने मिला है। बिहार की राजधानी पटना में बदमाशों ने भारतीय जनता पार्टी के नेता और कारोबारी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार देर रात पौने बारह की बताई जा रही है। वारदात को पटना के गांधी मैदान थाना से कुछ दूर ट्विन टॉवर के पास अंजाम दिया गया (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। घटना के तुरंत बाद उन्हें पास के अस्पताल लेकर जाया गया जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बदमाशों ने इस वारदात को उस समय अंजाम दिया है जब खेमका ट्विन टॉवर स्थित अपने घर लौटे थे। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गोपाल खेमका पर हमला करने वाले आरोपी बाइक से आए थे, आरोपियों ने खेमका को सिर में सटाकर गोली मारी है। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर ही  गोपाल खेमका की मौत हो गई। मौके पर पुलिस पहुंची है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।  बाइक सवार अपराधियों ने बेहद नजदीक से उनके सिर में मारी (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight गोली  शहर के जाने-माने उद्योगपति गोपाल खेमका की शुक्रवार देर रात गोली मारकर हुई हत्या के बाद लोग सदमे में हैं। बता दें कि यह खौफनाक घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास स्थित होटल पनाश के समीप (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) हुई। जानकारी के मुताबिक रात तकरीबन 11:45 बजे गोपाल खेमका होटल पनाश के पास अपने घर जा रहे थे, तभी बाइक सवार अपराधी अचानक वहां पहुंचे और बेहद नजदीक से उनके सिर में गोली मार दी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दीघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से एक खोखा और एक कारतूस बरामद किया है। पुलिस इलाके की घेराबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अफसरों ने बताया कि “घटना को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है और इसमें पेशेवर अपराधियों का हाथ हो सकता है।” गोपाल खेमका मशहूर मगध अस्पताल के मालिक (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) थे बता दें कि गोपाल खेमका पटना शहर के बड़े मशहूर और प्रतिष्ठित कारोबारी माने जाते थे। वो न सिर्फ प्रतिष्ठित उद्योगपति बल्कि समाजसेभी थे। वो मशहूर मगध अस्पताल के मालिक भी (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) थे। बेशक उनकी हत्या से शहर में शोक की लहर दौड़ गई (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। कई व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने इस घटना की निंदा की है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। ध्यान देने वाली बात यह कि साल 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर इंड्रस्ट्रीयल एरिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, रंजिश, जमीन विवाद या फिर किसी अन्य व्यक्तिगत दुश्मनी इस हत्याकांड की वजह हो सकती है। फ़िलहाल पुलिस हर सभी संभावित पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म इस तरह सरेआम हत्या होना बेशक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। ऐसे में पटना में बढ़ते अपराध को लेकर एक बार फिर प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। राजधानी में एक नामी व्यवसायी की इस तरह सरेआम हत्या होना बेशक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता (Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight) है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि इस बीच पीड़ित परिजनों को आरोप है कि इस घटना की सूचना मिलने के बाद भी स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर डेढ़ घंटे बाद पहुंची। पुलिस फिलहाल इस घटना की जांच कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Patna Industrialist Gopal Khemka Shot Dead in Broad Daylight #PatnaMurder #GopalKhemka #CrimeNews #BiharNews #IndustrialistKilled #BreakingNews #BroadDaylightMurder #BikeBorneAttack

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A girl was brutally killed for refusing money demands;

Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter: बार-बार पैसे माँगने के चलते चाकू से रेता छात्रा का गला, पुलिस ने किया एनकाउंटर

लोग चंद पैसों के खातिर किसी का खून करने से भी बाज नहीं आते। ताजा मामला है उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र का जहाँ, बुधवार को रूपापुर में हाईवे किनारे स्थित विधान बसेरा ढाबा के कमरे में कंबल में लिपटा एक शव मिला था। शव की पहचान मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के मेंहदीगंज की रहने वाली 22 वर्षीय अलका बिंद के रूप में (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) हुई। शव मिलने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ढाबा में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले कर फुटेज खंगाल रही है। जानकारी के मुताबिक अलका बिंद रूपापुर (खोचवां) स्थित महाविद्यालय में एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। रोज की तरह घर से महाविद्यालय जाने के लिए सुबह नौ बजे निकली। महाविद्यालय न जाकर विधान बसेरा ढाबा पर चली गई। वहां वो पहले से मौजूद युवक से मिली। दोनों ने साथ में नाश्ता किया। इसके बाद युवक ने ढाबा के कर्मचारी झल्लर यादव से एक रूम का इंतजाम करने के लिए कहा। उसने ढाबा परिसर में बने कमरे की चाभी उसे दे दिया।  शव का गला धारदार हथियार से रेता गया था और बिस्तर पर व कमरे में खून फैला हुआ (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) था इस बीच शाम को जब सफाईकर्मी प्रदीप कमरे की सफाई करने पहुंचा तब उसने युवती का शव कंबल में लिपटा देखा। शव का गला धारदार हथियार से रेता गया था। बिस्तर पर व कमरे में खून फैला हुआ (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) था। शव देखकर वो डर गया। ढाबा मालिक की सूचना पर डीसीपी आकाश पटेल, एसीपी  अजय श्रीवास्तव, थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय, फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड मौके पर पहुंचे शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पूछताछ के लिए ढाबा के कर्मचारी को हिरासत में लिया। खैर, इस बीच पौधों की नर्सरी चलाने वाले चंद्रशेखर बिंद बेटी अलका के देर तक घर नहीं लौटने पर चिंतित हो उठे। इस बीच वो अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ उसकी तलाश करने लगे। हर जगह थक हारकर जब कहीं कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सोची। बेटी की गुमशुदगी की दर्ज कराने जब मिर्जामुराद थाना गए तो वहां उन्हें एक युवती का शव ढाबा में मिलने की सूचना मिली। आनन-फानन में वो उस ढाबे पर भी गये जहाँ शव होने की बात पता चली थी। उन्होंने उस कमरे में भी जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें मना कर दिया। इस बीच मोबाइल कवर व बैग से युवती की पहचान अलका के रूप में हुई। देखते ही देखते ढाबा पर ग्रामीणों के भीड़ जमा हो गई। शव न दिखाए जाने पर स्वजन ने हंगामा भी किया।  चाकू से गला रेतकर हत्या करने के बाद उसे आत्महत्या देने का रूप देने की कोशिश (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) की  युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने ढाबा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। सीसीटवी में पुलिस देखा कि एक युवक आटो में सवार होकर सुबह 9.08 बजे ढाबा पर (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) पहुंचा। युवती भी आटो से 9.23 आई थी। फुटेज में दोनों आते दिखाई दे रहे हैं लेकिन जाते हुए नजर नहीं आ रहा है। फुटेज में उसका चेहरा भी स्पष्ट नहीं हो रहा है। पुलिस ढाबा संचालक व एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस को कमरे में सब्जी काटने वाला चाकू मिला। पंखे की कुंडी से बंधा हुआ दुपट्टा का फंदा था। पुलिस को आशंका है कि युवक ने अलका की चाकू से गला रेतकर हत्या करने के बाद उसे आत्महत्या देने का रूप देने की कोशिश किया होगा। काशी-प्रयागराज हाइवे किनारे संचालित होने वाले कई ढाबों पर इसी तरह बिना किसी जांच-परख के युवक-युवतियों को कमरा दिया (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) जाता है इस बीच हैरत की बात यह कि अलका और उसके साथ आए युवक को कमरे देने के दौरान ढाबा के कर्मचारी ने उनसे कोई आइ़़डी नहीं ली। उनका नाम-पता भी किसी रजिस्टर में दर्ज नहीं किया (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) था। इसकी वजह से पुलिस को युवक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली पा रही थी। एसीपी अजय श्रीवास्तव ने आशंका व्यक्त किया है कि “ढाबा में बिना किसी रिकार्ड के कमरे दिए जाने की जानकारी अलका के साथ आए युवक को रही होगी। उसीने साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया होगा।” स्थानीय लोगों की माने तो काशी-प्रयागराज हाइवे किनारे संचालित होने वाले कई ढाबों पर इसी तरह बिना किसी जांच-परख के युवक-युवतियों को कमरा दिया जाता है। बदले में उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। शव के पास से चाकू, मोबाइल कवर, चप्पल, हेयर क्लचर, ब्लड स्वैब, लैपटॉप बैग, डायरी एवं अन्य वस्तुएं मौके से बरामद किये (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) गए  शव के पास से चाकू, मोबाइल कवर, चप्पल, हेयर क्लचर, ब्लड स्वैब, लैपटॉप बैग, डायरी एवं अन्य वस्तुएं मौके से बरामद कर विधिक रूप से सील की गईं। इस बीच घटना के संबंध में मृतका के पिता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में एफआईआर (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) दर्ज कर ली गई। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, होटल रजिस्टर में दर्ज विवरण, तकनीकी सर्विलांस व मृतका के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी साहब बिंद पुत्र डंगर बिंद, निवासी ग्राम बरैनी, थाना कछवा बाजार, जनपद मिर्जापुर को इस हत्याकांड में नामजद कर उसकी तलाश शुरू कर दी। अभियुक्त की लोकेशन भदोही में स्थित अपनी बहन के घर पाई गई, जहां से उसे आज 03 जुलाई 2025 को मिर्जामुराद पुलिस टीम द्वारा हिरासत में लिया गया। इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म दोनों के मध्य प्रेम संबंध स्थापित हो (Girl Killed Over Money Demand, Accused Shot in Encounter) गए थे   गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त से… Read More

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