Shiv

Dalai Lama Successor Selection Process

How Dalai Lama’s Successor Is Chosen After His Death: मौत के बाद चुना जाएगा दलाई लामा का उत्तराधिकारी, इस तरह होता है चुनाव

छह जुलाई 2025 को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा 90 साल के हो जाएंगे। दलाई लामा का यह जन्मदिन कई मायनों में बेहद अलग और खास है, क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि वह इस मौके पर अपने उत्तराधिकारी (Dalai Lama’s Successor) की घोषणा कर सकते हैं। इस मौके पर दुनियाभर के तिब्बती धर्मगुरु हिमाचल में उनके मठ एकजुट हो रहे हैं। तिब्बती मान्यताओं के अनुसार दलाई लामा का कोई चुनाव नहीं होता, बल्कि उन्हें खोजा जाता (How Dalai Lama’s Successor Is Chosen After His Death) है। यह प्रक्रिया इतनी रहस्यमयी है कि इसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। बता दें कि तिब्बती बौद्ध धर्म के मुताबिक जब वर्तमान दलाई लामा की मृत्यु होती है, इसके बाद उनका पुनर्जन्म होता है। दलाई लामा की मृत्यु से पहले कुछ वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं को यह बताकर जाते हैं कि उनका पुनर्जन्म कहां होने वाला है। इसलिए जब वर्तमान दलाई लामा की मृत्यु होती है, इसके बाद भिक्षु उनकी तलाश शुरू कर देते हैं। तिब्बती बौद्धों का मानना ​​है कि दलाई लामा का पुनर्जन्म उनकी आध्यात्मिक विरासत को जारी रखने के लिए होता है। गौरतलब हो कि मौजूदा दलाई लामा (तेनजिन ग्यात्सो) 14वें दलाई लामा हैं। छह जुलाई को 90 वर्ष के हो जाएंगे।  दलाई लामा की मृत्यु के 9 महीने बाद जन्में बच्चे को ढूंढा (How Dalai Lama’s Successor Is Chosen After His Death) जाता है बता दें कि दलाई लामा की मृत्यु के 9 महीने बाद जन्में बच्चे को ढूंढा (Dalai Lama’s Successor) जाता है। तिब्बती मान्यता के अनुसार दलाई लामा अपनी मृत्यु से पहले कुछ संकेत देते हैं। नए दलाई लामा की खोज के दौरान वरिष्ठ लामा अपने ध्यान और प्रार्थना के माध्यम से प्राप्त संकेतों को समझने की कोशिश करते हैं। वे ल्हामो लात्सो नामक पवित्र झील के किनारे ध्यान करते हैं। जहाँ उन्हें किसी गांव का नाम, दिशा या कोई विशिष्ट दृश्य जैसे संकेतों की अनुभूति होती है। इन दिव्य संकेतों के आधार पर पुनर्जन्म लेने वाले बालक की तलाश शुरू की जाती (How Dalai Lama’s Successor Is Chosen After His Death) है। यह खोज कई वर्षों तक चल सकती है। इस बीच जब किसी बच्चे पर नए दलाई लामा होने का शक जाता है, उसे सीधे सर्वोच्च पद पर नहीं बैठा दिया जाता। बल्कि उसकी कठिन परीक्षा ली जाती है। सबसे पहले वरिष्ठ लामा उसके व्यवहार पर कड़ी नजर रखते हैं। इसके बाद उसे पुराने लामा की चीजों जैसे माला, छड़ी और कपड़ों की पहचान करने के लिए दिया जाता है। अगर बच्चा सही चुनाव करता है, तो फिर उसे बौद्ध लाकर विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। इसके बाद सालों तक उसे बौद्ध धर्म, संस्कृत, तिब्बती संस्कृति और दर्शन की शिक्षा दी जाती है। दलाई लामा ने इस साल प्रकाशित अपनी किताब ‘वॉइस फॉर द वॉइसलेस’ में बताया था कि “उनका उत्तराधिकारी चीन से बाहर स्वतंत्र दुनिया में जन्म लेगा।  मैं तिब्बती बौद्ध परंपराओं के उच्च लामाओं, तिब्बती जनता और तिब्बती बौद्ध धर्म का पालन करने वाले अन्य संबंधित लोगों से परामर्श (How Dalai Lama’s Successor Is Chosen After His Death) करूंगा खैर, इस बीच तिब्बती बौद्धों के आध्यात्मिक प्रमुख दलाई लामा ने बुधवार, 2 जुलाई को इस बात की पुष्टि कर दी कि दुनिया को अगला दलाई लामा मिलेगा। दरअसल, बुधवार को दलाई लामा ने वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं से मुलाकात की और उसके बाद उन्होंने अपना बयान (Dalai Lama’s Successor) जारी किया। बयान में उन्होंने यह भी बताया कि अगले दलाई लामा का चुनाव कैसे होगा। उनके बयान के मुताबिक “24 सितंबर 2011 को, तिब्बती आध्यात्मिक परंपराओं के प्रमुखों की एक बैठक में, मैंने तिब्बत के भीतर और बाहर साथी तिब्बतियों, तिब्बती बौद्ध धर्म के अनुयायियों और तिब्बत- तिब्बतियों के साथ संबंध रखने वाले लोगों के सामने एक बयान दिया था कि क्या दलाई लामा की संस्था जारी रहनी चाहिए। मैंने कहा कि “1969 में ही, मैंने स्पष्ट कर दिया था कि संबंधित लोगों को यह निर्णय लेना चाहिए कि क्या दलाई लामा का पुनर्जन्म भविष्य में भी जारी रहना चाहिए?” मैंने यह भी कहा कि “जब मैं लगभग नब्बे वर्ष का हो जाऊंगा तो मैं तिब्बती बौद्ध परंपराओं के उच्च लामाओं, तिब्बती जनता और तिब्बती बौद्ध धर्म का पालन करने वाले अन्य संबंधित लोगों से परामर्श (How Dalai Lama’s Successor Is Chosen After His Death) करूंगा, ताकि यह फिर से मूल्यांकन किया जा सके कि दलाई लामा की संस्था जारी रहनी चाहिए या नहीं?”  इसे भी पढ़ें:- मुखाग्नि से पहले क्यों किया जाता है सुहागिन स्त्री का सोलह श्रृंगार? मैं इस बात को दोहराता हूं कि गैडेन फोडरंग ट्रस्ट के पास भविष्य के पुनर्जन्म को मान्यता देने का एकमात्र अधिकार है- दलाई लामा उन्होंने आगे कहा कि “भले इस मुद्दे पर मेरी कोई सार्वजनिक चर्चा नहीं हुई है, लेकिन पिछले 14 वर्षों में तिब्बत की आध्यात्मिक परंपराओं के नेताओं, निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्यों, विशेष आम सभा की बैठक में भाग लेने वालों, केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सदस्यों, गैर सरकारी संगठनों, हिमालयी क्षेत्र के बौद्धों, मेनलैंड चीन, मंगोलिया, रूसी संघ के बौद्ध गणराज्यों और सहित एशिया में बौद्धों ने मुझे वजह बताते हुए पत्र लिखा है और आग्रह किया है कि दलाई लामा की संस्था जारी (Dalai Lama’s Successor) रहे। विशेष रूप से, मुझे तिब्बत में तिब्बतियों से विभिन्न चैनलों के माध्यम से यही अपील करने वाले मैसेज हुए हैं। इन सभी अनुरोधों के अनुसार, मैं पुष्टि कर रहा हूं कि दलाई लामा की संस्था जारी रहेगी। वह प्रक्रिया जिसके द्वारा आने वाले दलाई लामा को खोजा जाएगा, 24 सितंबर 2011 के मेरे बयान में स्पष्ट रूप से स्थापित की गई है। इसमें कहा गया है कि ऐसा करने की जिम्मेदारी विशेष रूप से परमपावन दलाई लामा के ऑफिस, गैडेन फोडरंग ट्रस्ट के सदस्यों की (How Dalai Lama’s Successor Is Chosen After His Death) होगी। उन्हें तिब्बती बौद्ध परंपराओं के विभिन्न प्रमुखों और विश्वसनीय शपथ-बद्ध धर्म रक्षकों से परामर्श लेना चाहिए जो दलाई लामाओं की वंशावली से अविभाज्य रूप से जुड़े हुए हैं। उन्हें पिछली परंपरा के अनुसार खोज और पहचान की प्रक्रियाओं को पूरा करना चाहिए। चयन की बात पर उन्होंने कहा कि “मैं इस बात को दोहराता हूं कि गैडेन फोडरंग ट्रस्ट के पास भविष्य के पुनर्जन्म को मान्यता… Read More

आगे और पढ़ें
Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark

Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark: मौलाना कहे जाने पर भड़के तेजस्वी यादव ने बीजेपी को लेकर कही यह बात 

इन दिनों वक्फ कानून को लेकर बिहार की राजनीति खासी गरमाई हुई है। जिसे लेकर नेताओं में बयानबाजी जारी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधते हुए स्पष्ट कहा है कि “वे धर्म नहीं, कर्म की राजनीति में विश्वास रखते हैं। साथ ही उन्होंने बीजेपी के प्रवक्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों का भी मंच से जवाब देते हुए कहा कि “लगातार दिल्ली में बीजेपी के चिरकुट सब… संघी वाले, दो दिन से हमको गाली दे रहे (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) हैं। कभी नमाजवादी कह रहे हैं कभी ‘मौलाना’ कह रहे हैं।” दरअसल, तेजस्वी यादव मंगलवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित अब्दुल कय्यूम अंसारी की 120वीं जयंती के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि “हम मुद्दों की बात करते हैं, वे मुर्दों की बात करते हैं। नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है।” हम धर्म के नाम पर नहीं, कर्म के नाम पर (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) बनाएंगे पहचान- तेजस्वी यादव  बीजेपी की आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि “हम धर्म के नाम पर नहीं, कर्म के नाम पर पहचान बनाएंगे। मंदिर भी सजाएंगे और मस्जिद भी, हमारा और जनता का रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, जज्बात का (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) है। जब हमारी तकलीफ एक है तो हम अलग कैसे हो सकते हैं? अगर जनता का साथ मिला तो नागपुर से चल रही सरकार और नागपुरिया कानून को सत्ता से बेदखल करने का काम करेंगे।” जानकारी के मुताबिक इस पूरे विवाद की शुरुआत बीते रविवार को तब हुई जब तेजस्वी यादव ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की ओर से लागू वक्फ कानून पर तीखा बयान देते हुए कहा कि “बिहार में मौजूदा सरकार सत्ता से बाहर होने की राह पर है। अगर राज्य में विपक्षी दलों की सरकार बनती है तो वक्फ कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे।”  तेजस्वी यादव इस देश को इस्लामिक मुल्क बनाना चाहते (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) हैं- गौरव भाटिया (बीजेपी प्रवक्ता)  इसी बात को लेकर बीजेपी तेजस्वी यादव पर हमलावर है। तेजस्वी यादव के बयान के बाद बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बीते मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “तेजस्वी यादव इस देश को इस्लामिक मुल्क बनाना चाहते (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) हैं। ये शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। मौलाना तेजस्वी यादव संविधान को जानते नहीं हैं। आरजेडी बिहार में अगले 50 साल सत्ता में आने वाली नहीं है। हमारे लिए अंबेडकर जी पूजनीय हैं। तेजस्वी यादव और लालू यादव सांप्रदायिक राजनीति करते हैं। हिंदू और मुस्लिम राजनीति कर रहे हैं।” इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात  मुझे मौलाना बोल रहे हैं, इसका मतलब तो विद्वान होता (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) है- तेजस्वी यादव  इसके बाद पलटवार करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “भाजपा के लोग दो दिन से मुझे गाली दे रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए हमारे प्रवक्ता ही काफी हैं। मुझे मौलाना बोल रहे हैं, इसका मतलब तो विद्वान होता (Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark) है।” यही नहीं, जेडीयू दफ्तर में पीएम मोदी की तस्वीर लगाये जाने पर तेजस्वी ने कहा कि “जेडीयू बीजेपी का प्रकोष्ठ बन गया है। जेडीयू को बीजेपी ने हाईजैक कर लिया है। जदयू को तोड़ने की कोशिश तो शुरू से ही हो रही थी, अब यह दिखने लगा है। चाचा जब हमारे पास आए थे उसी समय बीजेपी ने जेडीयू को तोड़ना शुरू कर दिया था।  झारखंड-महाराष्ट्र में जब ऑपरेशन लोटस चल रहा था, उस समय बिहार में भी चल रहा था।” Latest News in Hindi Today Hindi news Tejashwi Yadav Slams BJP Over ‘Maulana’ Remark #TejashwiYadav #BJP #MaulanaRemark #BiharPolitics #PoliticalNews

आगे और पढ़ें
Trump Gaza ceasefire

Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees: ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास 

इजरायल और ईरान में सीजफायर कराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल और हमास में भी सीजफायर (GazaCeasefire) कराने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इजरायल और हमास में 60 दिन का युद्धविराम हो सकता है। हालाँकि इससे पहले भी जनवरी 2025 में 15 महीने की जंग के बाद इजरायल और हमास के बीच 6 सप्ताह का युद्धविराम हुआ (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। खैर, इजरायल सीजफायर के लिए तैयार है, बात हमास को लेकर अटकी है। दोनों के बीच सीजफायर हो सके इसलिए वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इजरायल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रान डर्मर से बातचीत भी की। बड़ी बात यह कि इस मुलाकात में इजरायल के मंत्री हमास के साथ सीजफायर की शर्तों को मानने के लिए राजी हो गए हैं। इस मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ]सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर इजरायल और हमास में सीजफायर होने की उम्मीद जताई। गौरतलब हो कि “दोनों पक्षों में संघर्ष विराम की बात तब उठी, जब गाजा को खाली करने नया आदेश जारी हुआ।” जरायल ने 60 दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है सहमति  राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात की जानकारी अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट के रूप में दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि “अमेरिका के प्रतिनिधियों ने आज गाजा के साथ युद्धविराम के मुद्दे पर इजरायलियों के साथ लंबी बैठक की। इजरायल ने 60 दिन के युद्धविराम (GazaCeasefire) के प्रस्ताव को फाइनल करने के लिए जरूरी शर्तों पर सहमति जता (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) दी है। दोनों पक्षों में संघर्ष विराम तभी होगा, जब सभी मिलकर एक साथ प्रयास करेंगे। कतर और मिस्र सीजफायर के अंतिम प्रस्ताव को पेश करेंगे। उम्मीद है कि मध्य पूर्व की भलाई के लिए हमास सीजफायर के समझौते को स्वीकार करेगा, क्योंकि अगर युद्ध चलता रहा तो हालात और बदतर होते जाएंगे। इसलिए हमास भी संघर्ष विराम के लिए आगे आए।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद फिर गरमाया 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर किया था (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) हमला  कहने की जरूरत नहीं कि गाजा में सीजफायर हेतु दुनिया की नजरें अब हमास के रुख पर (GazaCeasefire) टिकी हैं। हमास ने इससे पहले कहा था कि “वह इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी और गाजा में युद्ध खत्म करने के बदले सभी बंधकों को रिहा करने को तैयार है।” लेकिन इजरायल ने अपनी सेना की वापसी और युद्ध पूरी तरह खत्म करने के हमास के प्रस्ताव को खारिज कर दिया (Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees) था। बता दें कि पिछले 20 महीने से इजरायल-हमास युद्ध चल रहा है। लगातार जारी युद्ध की वजह से हालात दिन-ब-दिन ख़राब होते जा रहे हैं। इस जंग का मकसद हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठनों को खत्म करना हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1200 इजरायली मारे गए और 250 से अधिक लोग बंधक बनाए गए। जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल ने गाजा में हवाई और जमीनी हमला किया। आज तक चले संघर्ष में गाज में रहने वाले 56000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस युद्ध में इजरायल के 726 सैनिक और 1200 लोगों ने जान गंवाई। खैर, ऐसे में एक पक्ष सीजफायर के लिए तैयार है। दूसरे पक्ष को अपना फैसला करना है। अब अमेरिका की शांति कराने की कोशिश किस हद तक सफल होती है, यह तो आनेवाला वक्त ही बताएगा, लेकिन बड़ी बात यह कि अमेरिका ने संघर्ष विराम के लिए इजरायल को मना लिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news  Trump Proposes 60-Day Ceasefire in Gaza, Israel Agrees #trump #gaza #ceasefire #israel #hamas #middleeast #gazawar #gazaceasefire #trumpnews #breakingnews

आगे और पढ़ें
Woman Dies After Dowry Harassment for Gold Coins

Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins: ससुराल वालों ने 200 सोने के सिक्के लिए किया प्रताड़ित, जहर खाकर दी जान, लिखी ऐसी बात कि फट गया पिता का कलेजा

शादी किसी भी महिला के जीवन के सुखद पलों में से एक होती है। एक शादीशुदा महिला शादी के पहले लाखो सपने देखती है। अपने सपनों के राजकुमार को लेकर क्या-क्या ख्वाब देखती है। लेकिन वही राजकुमार यदि देहज लोभी निकल आये तो? ऐसे में तो शादीशुदा जिंदगी नर्क बन जाती है। ऐसा होने पर कुछ लड़कियां सहती हैं और कुछ प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर लेती हैं। ऐसा ही दिल को दहला देने वाला एक मामला है मामला है तमिलनाडु का, जहाँ नवविवाहित रिधान्या ने शादी के ढाई महीने के भीतर ही सुसाइड कर (Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins) लिया। रिधान्या ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर जान दी। जानकारी के मुताबिक वह मंदिर जाने के बहाने घर से निकली और रास्ते में ही जहर निगल लिया। वह कार में बेहोश मिली और मुंह से झाग निकल रहा था। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।  200 सिक्के कुछ दिन बाद देने का वादा किया (Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins) था  रिधान्या के पिता अन्नादुरई के अनुसार, रिधान्या की शादी कविन के साथ 11 अप्रैल को हुई थी। शादी में तकरीबन 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। दहेज में 100 सोने के सिक्के दिए थे। कविन के हाथों में 70 लाख रुपये की लग्जरी वोल्वो कार कर चाबी सौंपी थी। 300 सोने के सिक्के देने का वादा किया था, लेकिन 100 ही उपलब्ध हो पाए तो 200 सिक्के कुछ दिन बाद देने का वादा किया (Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins) था। लेकिन 10 दिन के अंदर ही वे रिधान्या को 200 सोने के सिक्के लिए प्रताड़ित करने लगे। रिधान्या शादी के बाद 15 दिन के अंदर ही मायके आ गई थी। वह काफी परेशान थी। सास आकर माफी मांगते हुए उसे वापस ले गई। लेकिन जब रिधान्या दोबारा मायके आई तो पूरी तरह टूटी हुई थी। मां-बाप बेटी को संभाल नहीं पाए और उसने मौत को गले लगाना मुनासिब समझा। पापा, आपने दहेज की शर्त पूरी नहीं की, इसलिए वे मुझे मारते पीटते (Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins) हैं पुलिस को दी शिकायत में पिता अन्नादुरई ने बेटी द्वारा सुसाइड करने से पहले व्हाट्सऐप पर भेजे गए 7 ऑडियो मैसेज भी दिए, जिसमें रिधान्या ने अपने दिल का दर्द बयां किया था। पुलिस को दी शिकायत में रिधान्या के पिता ने बताया कि “जब तक उसके ऑडियो मैसेज देखे, तब तक वह दुनिया से जा चुकी थी। उसने ऑडियो मैसेज में सुसाइड करने के फैसले के लिए माफी मांगी (Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins) थी। उसने पति और सास-ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने आरोप लगाया था। जानकारी के मुताबिक उसने आरोप लगाते हुए कहा कि “पापा, आपने दहेज की शर्त पूरी नहीं की, इसलिए वे मुझे मारते पीटते हैं। अब सहा नहीं जाता। पता नहीं गलत के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठा पा रही हूं। इतनी कमजोर आज तक नहीं पड़ी, अब पता नहीं क्या हो गया है मुझे। मैं आप पर बोझ नहीं बनना चाहती। कविन मेरे साथ मारपीट करता है। मैं ऐसी जिंदगी नहीं जीना चाहती। इसलिए जा रही हूं, प्लीज मुझे माफ कर देना।”  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और सुसाइड करने के लिए उकसाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया (Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins) है पुलिस को दी शिकायत में अन्नादुरई ने कहा कि रिधान्या के मैसेज पढ़कर उनका कलेजा फट गया। रिधान्या ने 7 मैसेज में अपना दर्द बता दिया था। खैर, पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही रिधान्या के पिता की शिकायत पर उसके पति कविन कुमार, ससुर ईश्वर मूर्ति और सास चित्रा देवी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और सुसाइड करने के लिए उकसाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया (Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins) गया है।  सोचनीय बात है कि एक नई नवेली दुल्हन को दहेज के लिए इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने जीने की बजाय मौत को ही गले लगा लिया। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि देश में जहाँ दहेज़ लेना और देना दोनों गुनाह है वहां आज भी दहेज़ लोभी लालच में आकर नई नवेली दुल्हन का जीना मुहाल कर देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Woman Dies After Dowry Harassment Over Gold Coins #womansuicide #dowryharassment #goldcoindowry #indianews #dowrydeath #justiceforwomen #stopdowry #breakingnews

आगे और पढ़ें
Man Lives 2 Days with Dead Lover After Murder in Love Fight

Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row: 3 साल का प्यार, 8 महीने का लिव-इन और अफेयर का शक, प्रेमिका की हत्‍या कर 2 दिन तक शव के साथ सोता रहा हत्यारा 

लोकबाग कहते हैं कि शक जानलेवा होता है। शक के चक्कर में न सिर्फ रिश्ते टूटते हैं बल्कि रिश्तों का खून भी हो जाता है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहाँ एक प्रेमी ने बॉस से अफेयर के शक में प्रेमिका की हत्‍या कर दी। हत्या के बाद  शव को कंबल में लपेटकर बेड पर रखा और उसके साथ सोता रहा। एक दिन उसने शराब के नशे में अपने दोस्त को प्रेमिका की हत्या वाली (Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row) बात बताई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। दिल को दहला देने वाला यह मामला है मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित बजरिया थाना क्षेत्र का। जहाँ, 29 साल की रितिका सेन की उसके लिव-इन पार्टनर सचिन राजपूत ने गला घोंटकर हत्या कर दी। और हत्या के बाद आरोपी सचिन ने न सिर्फ शव को कंबल में लपेटकर बेड पर रखा, बल्कि दो दिनों तक उसी कमरे में शव के पास सोता रहा, जैसे मानो कुछ हुआ ही न हो।   सचिन को लगता था कि रितिका का उसके बॉस के साथ अफेयर (Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row) है जानकारी के मुताबिक गायत्री नगर, यह बात है 27 जून की रात की, जब कररिया फार्म इलाके में रहने वाले दोनों के बीच उस रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच जमकर बहस हुई। दरअसल, रितिका एक प्राइवेट फर्म में काम करती थीं और सचिन इन दिनों बेरोजगार था। उसे लगता था कि रितिका का उसके बॉस के साथ अफेयर है। इसी के चलते वो शक करता था। इसी बात को लेकर बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर सचिन ने रितिका का गला दबा दिया और उसकी मौत हो गई। हैरत की बात यह कि हत्या के बाद सचिन ने रितिका के शव को कंबल और चादर में लपेटकर बेड पर रख दिया। उससे भी बड़ी बात यह कि वो उसी कमरे में रहा और शराब पीता (Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row) रहा। दो दिनों तक उसने न सिर्फ वहीं शराब पी बल्कि उसी शव के पास सोया भी।  सचिन ने अपने दोस्त अनुज को शराब के नशे में हत्या की बात (Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row) बताई इस बीच रविवार को सचिन ने अपने दोस्त अनुज को शराब के नशे में हत्या की बात बताई, लेकिन दोस्त ने उसे मजाक में लिया। सोमवार सुबह, जब फिर से वही बात दोहराई, तो अनुज को शक हुआ। उसने उसी दिन शाम 5 बजे डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। बजरिया थाना पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दरवाजा खोलते ही कंबल में लिपटी रितिका की लाश बेड पर (Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row) मिली। पुलिस के मुताबिक सचिन पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। आरोपी पिछले कई वर्षों से युवती के साथ रिलेशनशिप में था। और कुछ महीने पहले ही दोनों साथ रहने लगे थे। इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म आठ महीने पहले दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और भोपाल में ही लिव-इन में रहने (Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row) लगे थे बजरिया थाना पुलिस के डीसीपी शशांक के मुताबिक  29 वर्षीय मृतका रितिका सेन बजरिया की कुशीनगर कॉलोनी की रहने वाली है तो वहीं, 32 वर्षीय आरोपी सचिन का संबंध विदिशा के सिरोंज से है। चार साल पहले दोनों एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। इस दौरान दोनों की मुलाकात हुई और फिर दोस्ती हो गई। दोस्ती देखते ही देखते प्यार में बदल गई और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। दोनों साढ़े तीन साल से रिलेशनशिप में थे। आठ महीने पहले दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और भोपाल में ही लिव-इन में रहने लगे। रितिका एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। ऐसे में सचिन को शक था कि रितिका का उसके बॉस से अफेयर चल रहा है, जिसके कारण उसने रितिका की हत्या कर (Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row) दी।” पूछताछ में सचिन ने पुलिस को बताया, रितिका अक्सर अपने बॉस से फोन पर बात करती रहती थी। इसे लेकर दोनों के बीच में झगड़े होने लगे। 27 जून की शाम को भी इसी बात को लेकर दोनों में लड़ाई हुई।  Latest News in Hindi Today Hindi Man Lives with Dead Lover 2 Days After Murder in Love Row #loveTriangleMurder #liveInCrime #DelhiMurder #affairSuspicion #girlfriendKilled

आगे और पढ़ें
India won’t bow to Pakistan’s nuclear blackmail

India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail: पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लैकमेल से नहीं डरेंगे- विदेश मंत्री एस. जयशंकर

ऑपेरशन सिंदूर के बाद से भारत पाकिस्तान पर हमलावर है। पाकिस्तान की करतूतों को उजागर करने का एक भी मौका भारत जाने नहीं देता। इस कड़ी में पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने कहा कि “पहलगाम आतंकवादी हमला आर्थिक युद्ध का नया कृत्य था। जिसका मकसद कश्मीर में पर्यटन खत्म करना था। इसका उद्देश्य धार्मिक हिंसा को भड़काना भी था क्योंकि लोगों को मारने से पहले उनसे उनके धर्म के बारे में पूछा गया था।” पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि “भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परमाणु ब्लैकमेल (nuclear blackmail) की पाकिस्तान की नीति भारत को पड़ोसी देश से उत्पन्न आतंकवाद का जवाब देने से नहीं रोक (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) पाएगी।” दरअसल, समाचार पत्रिका न्यूजवीक के सीईओ देव प्रगाद के साथ मैनहट्टन में 9/11 स्मारक के पास वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित प्रकाशन के मुख्यालय में आयोजित एक बातचीत के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की।  पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध का कृत्य था, इसका उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन को तबाह (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) करना था जयशंकर ने कहा कि “भारत में पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान से प्रेरित कई आतंकवादी हमले हुए हैं और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में यही भावना है कि अब बहुत हो गया।” विदेश मंत्री जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने कहा कि “पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध का कृत्य था। इसका उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन को तबाह करना था, जो वहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) है। इसलिए हमने तय किया कि हम आतंकवादियों को दंडित किए बिना नहीं छोड़ सकते। वे सीमा के उस तरफ हैं और इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती, मुझे लगता है कि इस तरह के विचार को चुनौती देने की आवश्यकता है और हमने यही किया।” जयशंकर ने कहा कि “हम यह भी बहुत लंबे समय से सुनते आ रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं और इसलिए कोई और शख्स आएगा और खौफनाक चीजें करेगा, लेकिन आप कुछ नहीं कर सकते क्योंकि इससे दुनिया चिंतित हो जाती है। अब हम इसके झांसे में नहीं आने (nuclear blackmail) वाले हैं। अगर वे आकर कुछ करेंगे तो हम वहां जाएंगे और जिन्होंने ऐसा किया है, उन्हें निशाना बनाएंगे। हम परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकने वाले हैं, आतंकवादियों को कोई छूट नहीं मिलेगी, उनके छिप छिपकर हमलों को बख्शा नहीं जाएगा। हमें अपने लोगों की रक्षा के लिए जो करना है, करेंगे।” उन्होंने कहा कि हम बहुत स्पष्ट हैं कि आतंकवादियों को कोई छूट नहीं दी जाएगी। हम अब उन पर परोक्ष रूप से नहीं बल्कि सीधा सीधा हमला करेंगे और उस सरकार को नहीं बख्शेंगे जो उनका समर्थन, वित्तपोषण और कई तरीकों से उन्हें बढ़ावा देती है। परमाणु ब्लैकमेल की नीति हमें जवाब देने से नहीं रोकेगी।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी विवाद फिर गरमाया ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था-जयशंकर   गौरतलब हो कि जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस बीच मंगलवार को चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी जाएंगे। क्वाड चार देशों – भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का समूह है। विदेश मंत्री ने अपनी यात्रा की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित आतंकवाद की मानवीय कीमत शीर्षक वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करके (India Won’t Fear Pakistan’s Nuclear Blackmail) की। इस दौरान जयशंकर ने कहा कि “भारत के खिलाफ हमलों को अंजाम देने वाले पाकिस्तान के आतंकवादी गुप्त रूप से काम नहीं करते हैं और इन आतंकी संगठनों के पाकिस्तान के घनी आबादी वाले शहरों में कॉरपोरेट मुख्यालय सरीखे ठिकाने हैं। हर कोई जानता है कि संगठन ‘ए’ और संगठन ‘बी’ का मुख्यालय क्या है और ये वे इमारतें, मुख्यालय हैं जिन्हें भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट कर दिया।” बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले का बदला लेना था। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे और पाकिस्तान के आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने जिम्मेदारी ली थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news  S Jaishankar #India #Pakistan #NuclearThreat #SJaishankar #NationalSecurity #IndiaForeignPolicy

आगे और पढ़ें
Narayan Rane reignites old feud by recalling Uddhav's

Narayan Rane Targets Uddhav Before Vijay Diwas: विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात 

बीते दिनों हिंदी भाषा को लेकर छिड़े विवाद और लंबी चली बहस के बाद आखिरकार महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार को अपना फैसला वापस लेना ही पड़ा। भाषा विवाद पर भले राज्य सरकार ने बीएमसी इलेक्शन और मराठी वोटो के छिटकने एक डर से पूर्व के अपने दोनों आदेश रद्द कर दिए हों, लेकिन ठाकरे बंधु इस मुद्दे को हाथ से जाने देना नहीं (Narayan Rane Targets Uddhav Before Vijay Diwas) चाहते। हालाँकि राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि एक नई समिति बनाई जाएगी जो हिंदी भाषा को प्राथमिक स्कूलों में कक्षा पहली से पांचवी तक तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाना है या नहीं इसपर निर्णय लेगी। मजे की बात यह कि सूबे की भाजपा सरकार भले ही मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ठाकरे बंधु 5 जुलाई को एक मंच पर साथ दिखेंगे। दरअसल, राज्य सरकार के इस फैसले को दोनों ठाकरे बंधू अपनी लड़ाई की जीत बता रहे हैं। दोनों का कहना है कि “महाराष्ट्र का मराठी मानुष साथ आया ये देख सरकार डर गई। ये मराठी मानुष की जीत है। इसका विजय दिवस जुलूस मनाया जाएगा।”  ठाकरे गुट और मनसे के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार बैठकें हो (Narayan Rane Targets Uddhav Before Vijay Diwas) रही हैं मीडिया रिपोर्ट की माने तो 5 जुलाई को दोनों ठाकरे भाई एक साथ एक मंच पर कई वर्षों के बाद आएंगे। पहले इस विजय दिवस के लिए शिवाजी पार्क और गिरगांव चौपाटी पर विचार चल रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेताओं की आपसी सहमति से वर्ली डोम संभागृह को फाइनल किया गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि 5 जुलाई को होने वाले विजय दिवस को लेकर ठाकरे गुट और मनसे के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार बैठकें हो (Narayan Rane Targets Uddhav Before Vijay Diwas) रही हैं। शिवसेना की ओर से संजय राऊत, अनिल परब और मनसे की ओर से बाला नांदगावकर और अभिजीत पानसे के बीच हाल ही में करीब 40 मिनट तक की अहम बैठक हुई है। एक तरह से कारगर रणनीति पर मंथन हो रहा है। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो इस बैठक में विजय दिवस की संपूर्ण रूपरेखा, आयोजन स्थल, भीड़ प्रबंधन और भाषणों की रणनीति पर चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि यह सिर्फ मराठी भाषा, मराठी अस्मिता और सरकार के निर्णय वापसी का उत्सव होगा। इसमें कोई राजनीतिक झंडा या एजेंडा नहीं होगा। वरली डोम को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है। दोनों दलों में इसे लेकर सहमति बन चुकी है। आयोजकों का कहना है कि यह पूरी तरह से मराठी भाषा और संस्कृति की विजय के रूप में मनाया जाएगा।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? यही उद्धव ठाकरे थे, जिन्होंने राज ठाकरे को अपमानित किया, तंग किया और पार्टी से बाहर जाने के लिए (Narayan Rane Targets Uddhav Before Vijay Diwas) मजबूर किया इस पूरे मामले पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए (Narayan Rane Targets Uddhav Before Vijay Diwas) कहा कि “उद्धव ठाकरे आज राज ठाकरे को भाईचारे के नाते वापस आने की अपील कर रहे हैं। लेकिन मुझे याद है, यही उद्धव ठाकरे थे, जिन्होंने राज ठाकरे को अपमानित किया, तंग किया और पार्टी से बाहर जाने के लिए मजबूर किया। क्या उन्हें यह सब याद नहीं है? अब वे क्यों इतनी मिन्नतें कर रहे हैं? उद्धव को आड़े हाथों लेते हुए नारायण राणे ने कहा कि “राज ठाकरे, नारायण राणे, गणेश नाईक और एकनाथ शिंदे जैसे नेताओं ने शिवसेना को खड़ा करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया, लेकिन इन्हीं लोगों को उद्धव ने बाहर का रास्ता दिखाया। जिस शिवसेना को माननीय बालासाहेब ठाकरे ने सत्ता तक पहुंचाया, उसी सत्ता को उद्धव ठाकरे ने गंवा दिया। शिवसेना की इस गिरावट के लिए पूरी तरह से उद्धव ठाकरे जिम्मेदार हैं।” उन्होंने आगे कहा, मराठी जनता और हिंदू समाज ने इन्हें घर बिठा दिया है। जो चीज एक बार हाथ से निकल जाती है, वो फिर से वापस नहीं आती जो बूंद से गई, वो हौद से नहीं आती! उद्धव ठाकरे में न तो वह हिम्मत है और न ही वह क्षमता कि वो फिर से सब कुछ हासिल कर सकें। Latest News in Hindi Today Hindi news Narayan Rane #NarayanRane #UddhavThackeray #VijayDiwas #RajThackeray #MaharashtraPolitics #ShivSena

आगे और पढ़ें
MP Chandrashekhar Azad Issues Warning

Bhim Army Protest: MP Chandrashekhar Azad Issues Threat: इस वजह से भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मचाया उत्पात, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दी धमकी 

दिन रात संविधान की दुहाई देने वाले नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने इटौसी गांव जाने से क्या रोका, उनके कार्यकर्ताओं ने संविधान और कानून को हाथ में लेते हुए जमकर तोड़फोड़ की। दरअसल, इटौसी गांव के देवीशंकर नामक व्यक्ति की 13 अप्रैल को आग से झुलसकर मृत्यु हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि देवीशंकर की जलाकर हत्या की गई (Bhim Army Protest: MP Chandrashekhar Azad Issues Threat) है। जानकारी के मुताबिक नगीना से सांसद चंद्रशेखर पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे थे और वह सर्किट हाउस पहुंचे थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें इटौसी गांव जाने से रोक दिया। इसके अलावा कौशांबी में रेप पीड़ित मासूम बच्ची के घर भी जाने नहीं दिया। फिर क्या था गांव जाने से पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने पर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पाद मचाया। और पुलिस के दो वाहनों में तोड़फोड़ की।  सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, कठोर कार्रवाई की जाएगी- डीसीपी यमुना नगर विवेक चंद्र यादव  इस पूरे मामले पर डीसीपी यमुना नगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि “करछना तहसील के इटौसी गांव में सांसद चंद्रशेखर के आने की सूचना थी, जिसको लेकर पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा (Bhim Army Protest: MP Chandrashekhar Azad Issues Threat) थे तथा कार्यकर्ताओं को अपने नेता के नहीं आने की जानकारी मिलने पर कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया। डीसीपी ने बताया कि “भीड़ द्वारा डायल 112 नंबर की गाड़ी और एक अन्य गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया गया।” डीसीपी ने आगे कहा कि “उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया। स्थिति को काबू में करने के लिए कई थानों की फोर्स को तैनात किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से भी स्थिति को कंट्रोल किया गया। उपद्रव करने वालों की पुलिस पहचान कर रही है। सीसीटीवी, वीडियो और फोटो के जरीए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। कठोर कार्रवाई की जाएगी।  मैं नहीं जानता कि पुलिस ने वहां क्यों नहीं जाने (Bhim Army Protest: MP Chandrashekhar Azad Issues Threat) दिया- नगीना सांसद आजाद ने कहा कि “मैं कल प्रयागराज गया था। मैं वहां हमारी पाल समुदाय की बेटी के लिए न्याय मांगने गया था, लेकिन पुलिस ने मुझे इलाहाबाद सर्किट हाउस में रखा। मैं नहीं जानता कि पुलिस ने वहां क्यों नहीं जाने (Bhim Army Protest: MP Chandrashekhar Azad Issues Threat) दिया। मैंने कहा कि अगर आप मुझे वहां नहीं जाने दे रहे हैं तो कम से कम उनके परिजनों से बात करने दें। मेरा मानना है कि पुलिस और प्रशासन ने ऐसे अपराध किए और उनको छिपाने के लिए मुझे वहां जाने के लिए रोका। प्रयागराज में भड़की हिंसा के मामले में सांसद ने कहा कि “हमारे कार्यकर्ता, संविधान में विश्वास रखते हैं और वह हिंसा में शामिल नहीं होते। आज लोगों के लिए यह सामान्य बात हो गई है कि वह नीला पटका पहन कर घूमते हैं। मैं इस मामले में सीबीआई की जांच की मांग करता हूं। अगर सरकार, पुलिस या प्रशासन किसी को जानबूझकर निशाना बनाएगा, तो हम शांत नहीं बैठेंगे और लखनऊ में बड़ा आंदोलन करेंगे।”  इसे भी पढ़ें:-  महाराष्ट्र में तीन भाषा नीति पर सरकार का बड़ा फैसला: पुरानी नीतियां रद्द, नई समिति का गठन जब तक प्रशासन पीड़ित परिवार से मिलने नहीं देगा तब तक प्रयागराज छोड़कर नहीं (Bhim Army Protest: MP Chandrashekhar Azad Issues Threat) जाऊंगा नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि “जब तक प्रशासन उनको पीड़ित परिवार से मिलने नहीं देगा और गिरफ्तार किए हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को छोड़ा नहीं जाएगा तब तक वो प्रयागराज छोड़कर नहीं (Bhim Army Protest: MP Chandrashekhar Azad Issues Threat) जाएंगे।” पार्टी के मुताबिक आज बवाल शुरू होने की बड़ी वजह चंद्रशेखर आजाद को प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर कौशांबी में रेप पीड़ित मासूम बच्ची के घर जाने नहीं दिया। इसके बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। वहीं प्रयागराज में भीम आर्मी के बवाल पर कांग्रेस नेता अजय राय ने टिप्पणी की। मीडिया से बातचीत में अजय राय ने कहा कि “यह सरकार की मिली भगत है। चंद्रशेखर आजाद को जाने देना चाहिए। हम भी अपने सांसद के साथ वहां पर गए थे। पूरा सहयोग किया गया। सरकार ने जानबूझकर प्रवोग किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news  MP Chandrashekhar Azad #bhimarmy #chandrashekharazad #dalitrights #naginaprotest #azadthreat #bhimprotest

आगे और पढ़ें
Bangladesh gangrape

Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl: मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में हिंदू लड़की से गैंगरेप, भड़के लोग

मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार है कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बांग्लादेशी हिंदुओं के खिलाफ लगातार हिंसा जारी है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद आई हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके घरों के जलाया गया, हत्याएं की गई। यही नहीं, हिंदुओं को नौकरी से निकालने हेतु जबरन उनके इस्तीफे तक लिए गए हैं। हालिया मामला एक हिंदू लड़की के साथ हुए गैंगरेप से (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) जुड़ा है। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा देखने मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक हिंदू लड़की के साथ हैवानियत की यह घटना बांग्लादेश के कोमिला जिले में हुई है। हिंदू लड़की के साथ हुए गैंगरेप के बाद बांग्लादेश में लोगों का गुस्सा भड़क गया है और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। दरअसल, यह घटना 26 जून को हुई थी। 21 वर्षीय पीड़िता के साथ कोमिला में उसके घर पर एक स्थानीय नेता ने गैंगरेप किया था। गैंगरेप के दौरान लड़की का वीडियो भी बनाया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस हैवानियत का खुलासा हुआ।  फजर अली (36) रात करीब 11 बजे पीड़िता के घर में जबरन घुस गया और उसके साथ (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) बलात्कार किया बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट न्यू एज के मुताबिक, बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के स्थानीय नेता फजर अली (36) रात करीब 11 बजे पीड़िता के घर में जबरन घुस गया और उसके साथ बलात्कार किया और पिटाई (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) की। चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपियों को पकड़ लिया। इस घटना के बाद ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसके विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किये। इस दौरान छात्रों ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने गैंगरेप की निंदा करते हुए परिसर में मार्च निकाला। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए समर्पित जगन्नाथ हॉल के छात्रावास के छात्रों ने न्याय की मांग करते हुए जुलूस निकाला तो वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजिब अहमद वाजेद ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पिछले 11 महीनों में भीड़ के हमलों, आतंकवाद और बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि के लिए यूनुस प्रशासन को दोषी है। इसके अलावा इस पूरे मामले पर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म सोशल मीडिया पर महिला की तस्वीर और पहचान उजागर करने के आरोप में (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) गिरफ्तार किया गया है मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी 36 वर्षीय फजोर अली, जो कि स्थानीय नेता है, सहित पांच लोगों को गिरफ्तार (Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl) किया है। कोमिला जिले के पुलिस प्रमुख नजीर अहमद खान ने कहा कि “मुख्य आरोपी को ढाका के सईदाबाद इलाके से छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया गया है। चार अन्य को सोशल मीडिया पर महिला की तस्वीर और पहचान उजागर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।” खैर, इस दरम्यान उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि “सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को तुरंत हटाया जाए।” बता दें कि दो न्यायाधीशों की पीठ ने संबंधित अधिकारियों से पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे आवश्यक उपचार प्रदान करने को भी कहा है। गौरतलब हो कि पिछले साल अगस्त में हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार का पतन होने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Outrage in Bangladesh Over Gangrape of Hindu Girl #Bangladesh #HinduGirl #Gangrape #MohammadYunus #BangladeshNews #JusticeForVictim #HumanRights #OutrageInBangladesh

आगे और पढ़ें
chunaav

4.96 Cr Bihar Voters Can Vote Without Any Document in 2025: बिहार चुनाव में इन 4.96 करोड़ वोटरों को नहीं देना होगा कोई भी दस्तावेज

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने वोटर सूची की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने हेतु एक नया कदम उठाया है। इस कदम के तहत आयोग ने स्पष्ट किया है कि “2003 की मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम हैं। उन्हें अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान प्रमाणित करने के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत नहीं (4.96 Cr Bihar Voters Can Vote Without Any Document in 2025) होगी। बता दें कि इस सूची में राज्य के कुल लगभग 60% यानी 4.96 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं। इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार की 2003 की वोटर लिस्ट दोबारा अपलोड होगी। इसमें जिनके नाम हैं, उन्हें जन्म प्रमाण नहीं देना होगा। बाकी 3 करोड़ को दस्तावेज देने होंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। बता दें कि अक्टूबर-नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव होने हैं। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों पर 7.89 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि पुनरीक्षण के दौरान सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हों और कोई अपात्र व्यक्ति न रहे।  3 करोड़ मतदाताओं को 11 सूचीबद्ध दस्तावेजों में से एक दस्तावेज के साथ जन्म तिथि या स्थान प्रमाणित करना (4.96 Cr Bihar Voters Can Vote Without Any Document in 2025) होगा चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, बिहार में 2003 की मतदाता सूची में शामिल 4.96 करोड़ मतदाताओं को जन्म तिथि या स्थान साबित करने के लिए दस्तावेज देने की जरूरत नहीं। लेकिन शर्त यह है कि वे पुनरीक्षण के बाद की मतदाता सूची का हिस्सा संलग्न करें। बाकी बचे 3 करोड़ मतदाताओं को 11 सूचीबद्ध दस्तावेजों में से एक दस्तावेज के साथ जन्म तिथि या स्थान प्रमाणित करना (4.96 Cr Bihar Voters Can Vote Without Any Document in 2025) होगा। ऐसे में जिनके माता-पिता 2003 की सूची में हैं, उन्हें केवल अपनी जन्म तिथि/स्थान का दस्तावेज देना होगा, माता-पिता का नहीं। बाकी मतदाताओं की पहचान सत्यापित होने के बाद ही उनके नाम सूची में शामिल होंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक, यह दस्तावेज़ी प्रक्रिया राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में लागू होगी। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और दस्तावेजों के बिना किसी को भी सूची में शामिल न किया जाए। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक मतदाता की पात्रता सत्यापित की जाएगी। इसे भी पढ़ें:-  महाराष्ट्र में तीन भाषा नीति पर सरकार का बड़ा फैसला: पुरानी नीतियां रद्द, नई समिति का गठन कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न हो और कोई अयोग्य नाम सूची में न (4.96 Cr Bihar Voters Can Vote Without Any Document in 2025) रहे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “इसका मकसद सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र लोगों को हटाना है।” मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि “यह निर्णय विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न हो और कोई अयोग्य नाम सूची में न (4.96 Cr Bihar Voters Can Vote Without Any Document in 2025) रहे। आयोग ने 2003 की मतदाता सूची को पुनः वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पुराने रिकॉर्ड का उपयोग किया जा सके।” जानकारी के लिए बता दें कि चुनाव आयोग जल्द ही 2003 की बिहार मतदाता सूची को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करेगा। जिससे 4.96 करोड़ मतदाता अपने नाम की पुष्टि कर सकें। इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे मतदाताओं को हटाने की साजिश करार दे दिया। विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि “यह अनुच्छेद 326 का पालन करता है, जो पात्र नागरिकों को वोटिंग का अधिकार देता है। आयोग ने राजनीतिक दलों से बूथ स्तरीय एजेंट नियुक्त करने को कहा, ताकि मतदाता सूची में खामियां न रहें। अब तक 1,54,977 बीएलए नियुक्त हो चुके हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news 4.96 Cr Bihar Voters Can Vote Without Any Document in 2025 #BiharElection2025 #VotersWithoutID #ElectionCommission #BiharNews #VotingRights

आगे और पढ़ें
Translate »