Nidhi Sinha

SC Questions India's Growth-Poverty Data Mismatch

राज्य के विकास और गरीबी के आंकड़ों में तालमेल नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राज्यों द्वारा विकास सूचकांक में वृद्धि दिखाने के लिए प्रति व्यक्ति आय को दर्शाने और सब्सिडी के लाभार्थियों की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि राज्यों ने अपनी प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात तो की, लेकिन जब बात गरीबी रेखा (BPL) से नीचे रहने वाली 75 प्रतिशत आबादी की आती है, तो उनका दावा उल्टा पड़ता है। कोर्ट ने यह चिंता जताई कि सब्सिडी (Subsidy) का वास्तविक लाभ उन लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, जो इसके हकदार हैं। राशन कार्ड और सब्सिडी वितरण पर सवाल जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हमारी मुख्य चिंता यह है कि क्या गरीबों के लिए निर्धारित लाभ उन तक सही तरीके से पहुँच रहे हैं, या फिर यह लाभ उन लोगों को मिल रहा है जो इसके हकदार नहीं हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि “राशन कार्ड (Ration Card) अब एक लोकप्रियता कार्ड बन गया है,” जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना हो सकता है, जबकि असल गरीबों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा, “कुछ राज्य जब विकास दिखाते हैं तो दावा करते हैं कि उनकी प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है, लेकिन जब बीपीएल के आंकड़े आते हैं, तो वही राज्य 75 % आबादी को गरीबी रेखा से नीचे बताते हैं। इन आंकड़ों में यह विरोधाभास है और यह सवाल उठता है कि इस बीच सामंजस्य कैसे बैठाया जा सकता है?” असमानता और भ्रामक आंकड़े यह मामला कोविड-19 (Covid-19) महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं से जुड़ा हुआ है। इस पर स्वतः संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू की थी। वकील प्रशांत भूषण ने अदालत में यह तर्क प्रस्तुत किया कि यह आंकड़ों में विसंगति लोगों की आय में असमानताओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग अत्यधिक संपत्ति के मालिक हैं, जबकि बाकी गरीब ही बने रहते हैं।” भूषण ने यह भी कहा कि सरकार को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत गरीब प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त राशन देना चाहिए, और इसके अंतर्गत करीब 8 करोड़ लोग आते हैं। राशन वितरण में राजनीति का सवाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राशन कार्ड वितरण में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हमें उम्मीद है कि राशन कार्ड जारी करने में कोई राजनीतिक उद्देश्य शामिल नहीं होगा। मैं हमेशा गरीबों की दिक्कतें समझना चाहता हूं और जो परिवार गरीब हैं, उन्हें मदद मिलनी चाहिए।” वहीं भूषण ने केंद्र सरकार द्वारा 2021 की जनगणना न कराए जाने का मुद्दा भी उठाया, जिससे यह समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर, कई गरीबों को बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिया गया, और करीब 10 करोड़ लोग मुफ्त राशन से वंचित हो गए। इसे भी पढ़ें:- दुनिया के साथ-साथ डॉल्फिन ने भी मनाया सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न, ट्रंप ने दी बधाई       सरकार की तरफ से राशन वितरण का जवाब केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सरकार लगभग 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त, 11 करोड़ लोग एक अन्य योजना के तहत इसी तरह की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मामले की सुनवाई को स्थगित करते हुए केंद्र से गरीबों को दिए गए मुफ्त राशन (Free Ration) के वितरण पर जवाब दाखिल करने को कहा। इससे पहले, दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मुफ्त उपहार देने की संस्कृति पर अपनी नाराजगी जताई थी और यह टिप्पणी की थी कि प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने और उनकी क्षमता निर्माण की आवश्यकता है। मुफ्त राशन वितरण पर न्यायालय की चिंता सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह भी कहा कि यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब केवल करदाता ही मुफ्त राशन से वंचित होते हैं। अदालत ने इस पर सवाल उठाया कि क्या यह केवल गरीबों के बजाय एक राजनीतिक हथियार बनकर रह गया है। कोर्ट ने यह भी सिफारिश की थी कि यदि मुफ्त राशन देने का काम किया जा रहा है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका लाभ सही तरीके से उन तक पहुंचे जिन्हें इसकी आवश्यकता है, न कि उन तक जो इसका लाभ लेने के हकदार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का यह आदेश और टिप्पणी एक महत्वपूर्ण संकेत है कि देश में सब्सिडी वितरण, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वास्तविक गरीबों तक ही योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक प्रेरणा या धांधली न हो। Latest News in Hindi Today Hindi news Subsidy #SupremeCourt #IndiaDevelopment #PovertyStats #EconomicGrowth #SCVerdict #IndianEconomy #PovertyVsGrowth #GovtPolicies #JudicialReview #EconomicJustice

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Omega Seiki NRG

Omega Seiki NRG: भारत की सबसे लंबी रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) तेजी से बढ़ रही है और इस दिशा में कई नई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च भी कर रही है। ओमेगा सेकी प्राइवेट लिमिटेड Omega Seiki Pvt. Ltd. एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा Omega Seiki NRG को लॉन्च किया। इस वाहन को स्वच्छ ऊर्जा के प्रचारक क्लीन इलेक्ट्रिक के सहयोग से विकसित किया गया है। इसे 3.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर पेश किया गया है। Omega Seiki NRG के फीचर्स और खासियत 300 किमी की रेंज: एक महत्वपूर्ण कदम Omega Seiki NRG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रेंज है। यह एक बार चार्ज होने पर 300 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है। यह दावा किया जा रहा है कि यह भारत का सबसे लंबा रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) है। यह वाहन अपने पेटेंटेड कॉम्पैक्ट 15 kWh बैटरी पैक से चलता है, जिसे क्लीन इलेक्ट्रिक द्वारा विकसित किया गया है। इस बैटरी पैक के साथ, यह ऑटो रिक्शा न केवल लंबी यात्रा के लिए उपयुक्त है, बल्कि कस्टमर्स को इसके साथ 5 साल की बैटरी वारंटी भी दी जा रही है, जो इसकी विश्वसनीयता और दीर्घायु को सुनिश्चित करती है। बेहतर थर्मल प्रबंधन और पर्यावरण के अनुकूल Omega Seiki NRG में क्लीन इलेक्ट्रिक का अभिनव डायरेक्ट कॉन्टैक्ट लिक्विड कूलिंग (DCLC) सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो बैटरी के थर्मल प्रबंधन को बेहतर बनाता है। इस प्रणाली के माध्यम से, वाहन अधिकतम गर्मी और प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी सुचारू रूप से कार्य कर सकता है। खासकर भारत जैसे देश में, जहां गर्मी और मौसम की चुनौतियां बहुत होती हैं, यह सिस्टम वाहन को उच्च तापमान में भी स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। Omega Seiki NRG के फीचर्स इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे Omega Seiki NRG का लॉन्च भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईवी इकोसिस्टम के बढ़ने के साथ-साथ, इस तरह के वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। Omega Seiki NRG न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को लंबे समय तक चलने वाले और किफायती परिवहन समाधान भी प्रदान करता है। यह वाहन अपने उच्च प्रदर्शन और किफायती रेंज के साथ बाजार में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर सकता है। Omega Seiki NRG ने इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा की दुनिया में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसकी लंबी रेंज, किफायती कीमत, और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के साथ, यह निश्चित रूप से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है। बढ़ते ईवी इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों के साथ, यह वाहन भारत में स्वच्छ और सस्टेनेबल गतिशीलता के दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Omega Seiki NRG #electricautorickshaw #electricauto #Autorickshaw #OmegaSeikiNRG

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Abhishek Bachchan-ETPL

बॉलीवुड स्टार अभिषेक बच्चन बनें यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर

क्रिकेट लवर्स के लिए एक और मैच T20 लीग की शुरुआत होने वाली है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League {ETPL}) का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें यूरोप के तीन देश आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड की टीमें खेलेंगी। इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें शामिल होंगी और इन टीमों के बीच कुल 33 मैच खेले जाएंगे। यह लीग न केवल यूरोप के क्रिकेट स्तर को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है माना जा रहा है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का उद्देश्य यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का मुख्य उद्देश्य यूरोप में क्रिकेट को एक नया मंच प्रदान करना है। इस लीग के आयोजन से वहां के क्षेत्रीय प्रतिभाओं को पहचान मिल सकेगी और स्थानीय स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा यह लीग यूरोपियन क्रिकेट को एक वैश्विक मंच पर लाने का भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यूरोपीय देशों में क्रिकेट (Cricket) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और यह लीग इस खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी। इस लीग के आयोजन का निर्णय तीन देशों आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड ने मिलकर लिया है। यह इन देशों के बीच क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व सहयोग और साझेदारी का उदाहरण है। खास बात यह है कि इन देशों के क्रिकेट बोर्ड एक साथ मिलकर इस लीग को आयोजित करेंगे, जो कि आम तौर पर किसी एक देश के क्रिकेट बोर्ड द्वारा किया जाता है। अभिषेक बच्चन का योगदान इस लीग को लेकर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) काफी उत्साहित हैं। वह इस लीग के प्रमोटर और को-फाउंडर हैं। अभिषेक ने 18 मार्च को डबलिन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में इस लीग के बारे में बात करते हुए कहा, “यह लीग यूरोप में क्रिकेट को नया जीवन देने का एक शानदार अवसर है। मैं इस लीग का हिस्सा बनने को लेकर बहुत उत्साहित हूं। इसका उद्देश्य न केवल यूरोप में क्रिकेट को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय टैलेंट को भी पहचान देना है।”अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) का मानना है कि ETPL न केवल यूरोपीय क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी, बल्कि यह फैन्स और परिवारों के लिए एक सांस्कृतिक अनुभव भी प्रस्तुत करेगी। इस लीग से परिवार और मित्र एक साथ बैठकर क्रिकेट का आनंद ले सकेंगे और इस खेल के प्रति उनका प्यार और बढ़ेगा। इसे भी पढ़ें: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर फ्रैंचाइजी आधारित टूर्नामेंट यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) एक फ्रैंचाइजी-आधारित टूर्नामेंट होगा, जिसमें फ्रैंचाइजी टीमों के मालिक और खिलाड़ियों का चयन ड्राफ्ट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। यह लीग अन्य सफल T20 लीगों के फॉर्मेट पर आधारित होगी, जैसे कि आईपीएल, बीपीएल और बिग बैश लीग। हालांकि, इस लीग का एक अलग पहलू यह है कि इसमें तीन देशों के क्रिकेट बोर्ड (Cricket Board) एक साथ मिलकर काम करेंगे, जो अपने आप में एक अनोखा पहलू है। इस लीग में कुल 33 मैच खेले जाएंगे, जो डबलिन और रॉटरडैम में आयोजित किए जाएंगे। इन मैचों से यूरोपीय क्रिकेट (European Cricket) में नई जान फूंकने की उम्मीद जताई जा रही है। यूरोपीय क्रिकेट फैंस को अब अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को एक नई लीग में खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा, जो निश्चित ही उनके लिए एक शानदार अनुभव होगा। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (European T20 Premier League) का आगाज यूरोप में क्रिकेट के खेल को एक नई दिशा देने वाला है। यह लीग न केवल यूरोपीय क्रिकेट को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय और क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करेगी। अभिषेक बच्चन जैसे बड़े नामों के साथ, यह लीग निश्चित ही दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनेगी। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग का पहला सीजन 15 जुलाई से शुरू होगा और इससे समर में रोमांचक T20 क्रिकेट (T20 Cricket) का आनंद मिलेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news European T20 Premier League #EuropeanT20PremierLeague #T20Cricket #CricketBoard #EuropeanCricket #ETPL

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Lado Lakshmi Scheme

हरियाणा सरकार का 2025-26 का बजट और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जो राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) के तहत हरियाणा की महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने की बात की थी। लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना हरियाणा की महिलाओं को एक नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने का अवसर मिलेगा। योजना का नाम लाडो लक्ष्मी (Lado Lakshmi) रखा गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण का निर्माण करना है। लाडो लक्ष्मी योजना का किन-किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ? इस योजना के तहत हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100 रुपये की मासिक सहायता नहीं मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार केवल वही महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त करेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी: बीपीएल राशन कार्ड – इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके पास सक्रिय बीपीएल (Below poverty line) राशन कार्ड है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि महिला आर्थिक दृष्टि से जरूरतमंद है और राज्य सरकार से सहायता की पात्र है। परिवार पहचान पत्र – योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला के पास परिवार पहचान पत्र (FPP) होना आवश्यक है। यह पहचान पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें परिवार की सभी जानकारी होती है, जो महिला के परिवार से संबंधित होती है। बैंक खाता और आधार लिंक – महिलाओं के बैंक खाते को उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) के साथ लिंक करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सहायता सीधे महिला के खाते में पहुंचे और कोई धोखाधड़ी न हो। यदि कोई शर्त पूरी न हो तो क्या होगा? यदि किसी महिला के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, परिवार पहचान पत्र नहीं है या उसका बैंक खाता (Bank Account) आधार से लिंक नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। यह तीनों शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये की सहायता राशि नहीं पहुंचेगी। इसलिए, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें इन शर्तों को समय रहते पूरा करना होगा। इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे योजना का उद्देश्य और राज्य के विकास में योगदान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने इस योजना के तहत महिलाओं को एक आर्थिक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी। इसके अतिरिक्त, इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और जिन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाई हो रही है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के उत्थान के लिए है, बल्कि इससे हरियाणा की समग्र विकास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। हरियाणा सरकार का लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का फैसला राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगी। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन शर्तों को पूरा करके इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना से न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Lado Lakshmi Scheme #LadoLakshmiScheme #Money #CMNayabSinghSaini #Haryana #NayabSinghSaini

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Aadhar Card Link ToVoter ID

चुनाव आयोग का बड़ा कदम: वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला

भारत में लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण अंग यानी चुनाव हमेशा पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हैं। लेकिन समय-समय पर चुनावों में फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी (Voter ID) और अन्य धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) को आधार कार्ड से लिंक करने का फैसला लिया है। इस कदम से न केवल चुनावों की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी की समस्या पर भी रोक लगेगी। बैठक में लिया गया फैसला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव आयोग (Election Commission) के मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव आयोग के अन्य सदस्य डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी शामिल थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, यूआईडीएआई के सीईओ और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि वोटर आईडी को आधार कार्ड से जोड़ने का काम संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत किया जाएगा, जो भारतीय नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकेज का उद्देश्य भारत में प्रत्येक नागरिक के पास एक आधार कार्ड (Aadhar Card) होता है, जो उसकी पहचान को प्रमाणित करता है। वहीं, वोटर आईडी भी नागरिक को मतदान करने का अधिकार प्रदान करता है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया में फर्जी वोटिंग और फेक वोटर आईडी का मामला हमेशा से एक गंभीर मुद्दा रहा है। इस लिंकिंग का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रत्येक व्यक्ति के वोटिंग रिकॉर्ड की पुष्टि आधार कार्ड के माध्यम से की जा सके, जिससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सके। इसके अलावा, फर्जी वोटिंग, जाली वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) बनाने और चुनावी धोखाधड़ी के मामलों पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। इससे चुनावों में पूरी तरह से पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि केवल वही लोग मतदान कर रहे हैं, जो वास्तव में भारतीय नागरिक हैं। विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श चुनाव आयोग (Election Commission) और यूआईडीएआई के विशेषज्ञ (UIDAI Expert) जल्द ही आधार कार्ड और वोटर आईडी लिंकिंग पर तकनीकी परामर्श शुरू करेंगे। इसके बाद इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित हो, इस पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। चुनाव आयोग ने भी इस बात पर जोर दिया है कि लिंकिंग का काम संवैधानिक और कानूनी दायरे में किया जाएगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। चुनाव आयोग का बयान चुनाव आयोग (Election Commission) ने अपने एक बयान में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत, मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को दिया जा सकता है, लेकिन आधार केवल व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करता है। इसलिए, वोटर आईडी कार्ड (ईपीआईसी) को आधार कार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23 (4), 23 (5) और 23 (6) के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले (2023) के अनुरूप लिया गया है। इसके अलावा आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून मतदाता सूचियों को आधार डेटाबेस के साथ स्वैच्छिक रूप से जोड़ने की अनुमति देता है, जिससे लोगों को अपनी जानकारी अपडेट करने में आसानी होगी। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब चुनावों में फर्जी वोटिंग (Fake Voters) और वोटर पहचान से संबंधित मुद्दे लगभग खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा, मतदाता सूची में भी सुधार होगा, जिससे वोटर आईडी के साथ कोई भी झूठा नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। इससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, जो लोकतंत्र की आत्मा है। इसके अलावा, यह फैसला चुनाव आयोग को यह सुविधा देगा कि वह एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार कर सके, जिससे चुनावी प्रबंधन में भी आसानी होगी। वोटर आईडी (Voter ID) को आधार कार्ड (Aadhar Card) से लिंक करने का चुनाव आयोग का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को और भी मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फर्जी मतदान, फेक वोटर आईडी कार्ड (Fake Voter ID Card) और अन्य चुनावी धोखाधड़ी से निपटने में मदद करेगा। साथ ही, यह चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाएगा। अब यह देखना होगा कि यह प्रक्रिया कब लागू होती है और इसे कैसे तकनीकी दृष्टिकोण से सही तरीके से लागू किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Aadhar Card Link ToVoter ID #AadhaarCard #VoterID #FakeVoterID #ElectionCommission #AadharCardLinkToVoterID

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Amitabh Bachchan

अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) अपने अंदाज और एक्टिंग की वजह से तो चर्चा में रहते हैं लेकिन अभी उनकी चर्चा सबसे ज्यादा टैक्स पेयर (Highest Tax Payer) होने के कारण हो रही है। दरअसल वित्तीय वर्ष 2024-25 में वह भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी बन गए हैं और उन्होंने इस मामले में बॉलीवुड के किंगखान शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) को भी पीछे छोड़ दिया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके शानदार करियर को बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग में उनकी सफलता को भी साबित किया है। अमिताभ बच्चन की कमाई और टैक्स भुगतान पिंकविला के अनुसार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की कुल कमाई वित्तीय वर्ष 2024-25 में 350 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने 120 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया। यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे साफ जाहिर होता है कि वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे सशक्त सितारे बने हुए हैं। खास बात यह है कि 15 मार्च 2025 को उन्होंने 52.50 करोड़ रुपये की एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त भी अदा कर दी। वैसे इससे पहले अमिताभ बच्चन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 71 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया (Tax Payer) था, जो अब इस साल की तुलना में 69% अधिक है। यह उनकी बढ़ती कमाई और सफलता का संकेत है। उनकी इस उपलब्धि से यह भी साफ है कि भले ही उनका करियर छह दशकों से अधिक पुराना हो, लेकिन उनके पास अब भी हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने की क्षमता बरकरार है। कहां से हुई कमाई? अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की कमाई के कई स्रोत हैं, जिनमें प्रमुख फिल्में, ब्रांड एंडोर्समेंट और उनका प्रसिद्ध टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC)। KBC को वह पिछले 20 सालों से होस्ट कर रहे हैं और यह शो अब भी बेहद लोकप्रिय है। इसके साथ ही, वे कई बड़े ब्रांड्स के एंडोर्समेंट भी करते हैं। इनमें से कुछ ब्रांड्स भारतीय बाजार में उनके नाम और छवि का पूरा लाभ उठाते हैं। इसके अलावा अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के कुछ सबसे बड़े और हिट फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। उनकी अभिनय क्षमता और फिल्मों में निभाए गए सशक्त किरदार उन्हें आज भी दर्शकों का प्रिय बनाते हैं। अभी भी अभिनय की दुनिया में सक्रिय अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने 82 साल की उम्र में भी बॉलीवुड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उनका काम और फैन बेस आज भी पहले की तरह मजबूत है। उन्होंने हाल ही में फिल्म कल्कि 2898 ई. में अभिनय किया था और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे जल्द ही फिल्म कल्कि 2 की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। अमिताभ बच्चन का नाम केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया जाता है। उनकी फिल्मों का प्रभाव न केवल भारतीय दर्शकों पर है, बल्कि उन्होंने दुनियाभर में अपना एक विशेष स्थान बना लिया है। इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? संपत्ति और व्यक्तिगत जीवन अमिताभ बच्चन की संपत्ति (Amitabh Bachchan’s Property) में हाल ही में एक और बड़ी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ओशिवारा में स्थित अपने डुप्लेक्स अपार्टमेंट को 83 करोड़ रुपये में बेच दिया है। यह संपत्ति 1.55 एकड़ में फैली हुई थी और इसमें 4, 5 और 6 बीएचके वाले फ्लैट्स थे। इस संपत्ति को बेचने के बाद, अमिताभ ने अपनी संपत्ति को एक नई दिशा में निवेश किया है, जो उनके बेहतर फाइनेंशियल समझ को दर्शाता है। अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) न केवल भारतीय सिनेमा के एक जीवित किंवदंती हैं, बल्कि उनके करियर की सफलता, उनकी बढ़ती कमाई और लगातार टैक्स भुगतान यह साबित करते हैं कि वह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री (Indian Film Industry) के सबसे प्रभावशाली और सम्मानित कलाकार हैं। उनकी मेहनत, समर्पण, और समय के साथ लगातार खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की क्षमता ने उन्हें एक अनमोल हीरा बना दिया है। 82 साल की उम्र में भी वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारे बने हुए हैं, और उनकी यह यात्रा प्रेरणा देने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi news Amitabh Bachchan #AmitabhBachchan #Tax #TaxPayer #FY2024-25 #Bollywood

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IPL 2025 Schedule Match Dates, Venues & Full Fixtures

IPL 2025: कब और कहां-कहां होगा आईपीएल मैच?

आईपीएल 2025 (IPL 2025) की तैयारी पूरी हो चुकी है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। 22 मार्च को IPL 2025 का पहला मैच खेला जाएगा और पहले दो ही दिन में कुल तीन मुकाबले होंगे। इसमें 6 टीमें अपने-अपने मैच खेलकर टूर्नामेंट में भाग लेंगी। इस बार आईपीएल में नए रोमांच और जोश के साथ मैच खेले जाएंगे और क्रिकेट प्रेमियों को इसका बेसब्री से इंतजार है। पहला मैच और टाइमिंग 22 मार्च को आईपीएल 2025 की शुरुआत कोलकाता के ईडन गार्डेंस (Kolkata Eden Gardens) में होगी। पहला मैच अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और रजत पाटीदार की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के बीच खेला जाएगा। पहले दिन मैच के पहले कुछ कार्यक्रम होंगे जिससे दर्शकों और खिलाड़ियों के बीच उत्साह का माहौल तैयार किया जा सके। इसलिए मैच का समय थोड़ा आगे भी हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर मैच का शेड्यूल साढ़े सात बजे से शुरू होगा। मैच के लिए टॉस का समय सात बजे निर्धारित किया गया है। कुछ विशेष कार्यक्रमों के कारण मैच में थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन आयोजन समिति की पूरी कोशिश रहेगी कि टॉस समय पर हो और इसके बाद मैच को साढ़े सात बजे से शुरू किया जा सके। दिन के मैच की टाइमिंग दिन के मुकाबलों की बात करें तो रविवार को होने वाले पहले मैच का टॉस दोपहर तीन बजे होगा और मैच साढ़े तीन बजे से शुरू होगा। रविवार को दोपहर में एक मैच खेला जाएगा जिसके बाद शाम को दूसरा मैच होगा। इस बार दिन के मैचों का समय खास रूप से ध्यान में रखा गया है, ताकि दर्शक हर मैच का आनंद उठा सकें और दोनों मैचों के बीच कोई ओवरलैप ना हो। हालांकि, आईपीएल के इतिहास में कभी-कभी ऐसा भी होता है कि दो मैच एक साथ चलने लगते हैं, लेकिन इस बार कोशिश की जाएगी कि पहला मैच समाप्त होने के बाद ही दूसरा मैच शुरू हो, ताकि दर्शकों को पूरी तरह से मैच का अनुभव हो सके। पहले दो दिन में होंगे तीन मुकाबले पहले दिन कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के बीच मुकाबला होगा, जबकि दूसरे दिन यानी 23 मार्च को आईपीएल में डबल हेडर का रोमांच देखने को मिलेगा। पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) IPL 2025 और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मुकाबला होगा। इस मैच में SRH के कप्तान पैट कमिंस होंगे, जबकि राजस्थान रॉयल्स की कमान संजू सैमसन के हाथ में रहेगी। इसी दिन यानी 23 मार्च को शाम को दूसरा मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच खेला जाएगा। सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड हैं, जबकि मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या हैं। हालांकि, हार्दिक पांड्या पहले मैच में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मैच में मुंबई इंडियंस की कमान किसे दी जाएगी। इसके लिए रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव प्रमुख दावेदार हैं। इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर आईपीएल 2025 के बारे में अन्य अहम जानकारियाँ इस बार आईपीएल के मैचों का समय काफी खास रखा गया है, ताकि दर्शकों को हर मैच का पूरा अनुभव मिल सके। शाम के मैचों का टॉस सात बजे होगा, और मैच साढ़े सात बजे से शुरू होंगे। वहीं दिन के मैचों का टॉस तीन बजे होगा और साढ़े तीन बजे से मैच खेला जाएगा। यह टाइमिंग इस प्रकार से निर्धारित की गई है कि दर्शकों को हर मैच का पूरा आनंद मिल सके और कोई भी मैच मिस न हो। आईपीएल 2025 के आगाज से पहले इसके आयोजकों ने इसे और भी दिलचस्प बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इस बार टूर्नामेंट में नई टीमें भी नजर आएंगी, और पुराने खिलाड़ी भी नए अंदाज में मैदान पर उतरेंगे। आईपीएल के पहले दो दिन में ही तीन मैच होने जा रहे हैं, जिससे क्रिकेट प्रेमियों को भरपूर क्रिकेट का मनोरंजन मिलेगा। आईपीएल 2025 का आयोजन क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए एक धमाकेदार शुरुआत के रूप में होने जा रहा है। पहले दिन एक मैच और दूसरे दिन डबल हेडर मुकाबले होंगे, जिससे टूर्नामेंट की शुरुआत और भी रोमांचक होगी। सभी टीमें और कप्तान अपनी पूरी ताकत से मैदान में उतरने को तैयार हैं। अगर आप भी आईपीएल के फैन हैं, तो मैच के समय का ध्यान रखें और कोई भी मैच मिस न करें। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 #IPL2025 #T20Cricket #IPLMatchSchedule #CricketFans #IPLFixtures #IPLTeams #IPLMatches #CricketTournaments #IPLUpdates #IndianPremierLeague

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Rang Panchami

Rang Panchami 2025: हिंदू धर्म में होली के बाद मनाया जाने वाला विशेष पर्व

हिंदू धर्म में फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होली का पर्व अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व रंगों, खुशियों और उल्लास का प्रतीक होता है, जिसमें लोग आपस में रंग खेलते हैं और एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं। होली का उत्सव (Holi Festival) मनाने के चार दिन बाद, अर्थात् पांचवे दिन रंग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। रंग पंचमी विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण (Shri Krishna) और राधा रानी (Radha Rani) से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण पर्व है। रंग पंचमी (Rang Panchami) पर देवी-देवताओं की पूजा की जाती है और विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण को गुलाल अर्पित किया जाता है। रंग पंचमी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रंग पंचमी (Rang Panchami) का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है। मान्यता है कि यह दिन उस समय का प्रतीक है जब भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी ने मिलकर होली खेली थी। कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण (Lord Sri Krishna) ने अपनी यशोदा माता से रंगों की मस्ती और खेल की परंपरा सीखी थी और राधा रानी के साथ उन्होंने इस खुशी को फैलाया था। इसके बाद इस दिन देवी-देवता भी पृथ्वी पर आए थे और उन्होंने इस पर्व का उत्सव मनाया। इसके अलावा रंग पंचमी (Rang Panchami) का यह भी मान्यता है कि इस दिन देवी-देवताओं को गुलाल और अबीर अर्पित करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यह माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से व्यक्ति की कुंडली के दोष समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। रंग पंचमी की तिथि और समय हिंदू पंचांग के अनुसार रंग पंचमी की तिथि चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को होती है। इस वर्ष 2025 में रंग पंचमी 18 मार्च की रात 10 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होगी और 20 मार्च की सुबह 12 बजकर 40 मिनट पर समाप्त होगी। हालांकि यह पर्व उदयातिथि के अनुसार 19 मार्च को मनाया जाएगा, क्योंकि धार्मिक परंपराओं में तिथि के आधार पर त्योहार मनाए जाते हैं। रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त रंग पंचमी के दिन देवी-देवताओं की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन विशेष मुहूर्त के दौरान पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष ब्रह्म मुहूर्त सुबह लगभग 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इस समय देवी-देवताओं की पूजा करने से पुण्य प्राप्ति होती है। इसके अलावा, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, जो पूजा के लिए शुभ समय माना जाता है। शाम के समय पूजा करने के लिए 6 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक का समय भी शुभ रहेगा। इसे भी पढ़ें: कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? रंग पंचमी का उत्सव और पूजा विधि रंग पंचमी (Rang Panchami) का उत्सव विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन (Mathura and Vrindavan) जैसे स्थानों पर बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां पर होली के बाद रंग पंचमी के दिन विशेष पूजा होती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की मूर्तियों को गुलाल और अबीर से स्नान कराया जाता है और उनके साथ रंग खेलने की परंपरा का पालन किया जाता है। लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और इस दिन को खुशी और उल्लास के साथ मनाते हैं। इसके अतिरिक्त रंग पंचमी के दिन लोग घरों में देवी-देवताओं की पूजा करते हैं और रंगों से संबंधित पूजा सामग्री जैसे गुलाल, अबीर, फूल आदि अर्पित करते हैं। इस दिन का एक और प्रमुख पक्ष यह है कि लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर जीवन के हर दुख और संकट को रंगों में डुबोकर समाप्त करने का प्रतीक मानते हैं। रंग पंचमी और समाज में भाईचारे का संदेश रंग पंचमी (Rang Panchami) का पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारे, एकता और प्यार का संदेश भी देता है। रंगों के खेल के माध्यम से लोग अपने पुराने मतभेद भूलकर एक-दूसरे से मिलते हैं और खुशी साझा करते हैं। यह पर्व यह भी बताता है कि जीवन में रंगीन पल लाने के लिए हमें प्यार और भाईचारे को फैलाना चाहिए। रंग पंचमी (Rang Panchami) एक खास पर्व है जो न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और खुशियों का प्रतीक भी है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण (Shri Krishna) और राधा रानी (Radha Rani) की होली खेलने की याद दिलाता है और साथ ही यह जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता लाने का एक अवसर प्रदान करता है। इस दिन देवी-देवताओं की पूजा करने से कुंडली के दोष समाप्त होते हैं और जीवन में शांति और समृद्धि आती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Rang Panchami 2025 #RangPanchami #RangiPanchami2025 #ShriKrishna #RadhaKrishna

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Crew-9

नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर

नासा ने 18 मार्च को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मिशन की घोषणा की जिसके तहत अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बुच विलमोर (Butch Wilmore) को फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में उतारा जाएगा। यह मिशन Crew-9 का हिस्सा है, जो नासा द्वारा संचालित है और जिसमें स्पेसएक्स का ‘क्रू ड्रैगन’ यान इस्तेमाल हो रहा है। इस महत्वपूर्ण मिशन के बारे में नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी और दर्शकों को यह अद्वितीय अवसर दिया कि वे लाइव प्रसारण के माध्यम से अंतरिक्ष से धरती पर लौटने की प्रक्रिया को देख सकें। .@NASA will provide live coverage of Crew-9’s return to Earth from the @Space_Station, beginning with @SpaceX Dragon hatch closure preparations at 10:45pm ET Monday, March 17. Splashdown is slated for approximately 5:57pm Tuesday, March 18: https://t.co/yABLg20tKX pic.twitter.com/alujSplsHm — NASA Commercial Crew (@Commercial_Crew) March 16, 2025 नासा द्वारा जारी बयान और लाइव प्रसारण नासा ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह Crew-9 मिशन के अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने का सीधा प्रसारण करेगा। यह प्रसारण सोमवार, 17 मार्च की रात 10:45 बजे से शुरू होगा। इस लाइव कवरेज में ‘स्पेसएक्स ड्रैगन’ कैप्सूल के हैच (दरवाजा) बंद करने की तैयारियों को दिखाया जाएगा। यह लाइव प्रसारण उन लोगों के लिए बेहद रोमांचक होगा जो अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष यात्रियों की गतिविधियों में रुचि रखते हैं। स्प्लैशडाउन (समुद्र में उतरने) का समय मंगलवार, 18 मार्च को शाम 5:57 बजे तय किया गया है, जो इस मिशन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। मिशन का उद्देश्य और महत्व इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। दोनों पिछले 9 महीनों से अंतरिक्ष में फंसे हुए थे। दरअसल, इनका मिशन पहले 10 दिन का था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उनकी वापसी में देरी हो गई। बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल (Boeing Starliner Capsule) में प्रोपल्शन सिस्टम से जुड़ी एक समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसके कारण वे वापस लौटने में सक्षम नहीं हो पाए थे। इस कारण नासा और स्पेसएक्स ने मिलकर इन दोनों को सुरक्षित तरीके से पृथ्वी पर लाने के लिए ‘क्रू ड्रैगन’ का इस्तेमाल किया। स्पेसएक्स का क्रू ड्रैगन यान और नासा का सहयोग स्पेसएक्स, एलन मस्क की निजी कंपनी है, जो अंतरिक्ष में यात्रा की नई दिशा दिखा रही है। उनका क्रू ड्रैगन यान अंतरिक्ष में मानव मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है। इस यान के जरिए नासा ने अपनी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) से वापस लाने का काम किया है। इस बार स्पेसएक्स के ‘क्रू ड्रैगन’ में नासा के अंतरिक्ष यात्री नीक हेग और रूस के कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोर्बुनोव भी शामिल होंगे, जो इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सहायता करेंगे। क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन? यह मिशन सिर्फ इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि यह अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह भी दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निजी कंपनियों की भूमिका अंतरिक्ष यात्रा में कितनी अहम हो गई है। नासा और स्पेसएक्स के बीच साझेदारी अंतरिक्ष यात्रा की नई दिशा को इंगीत करती है, जहां निजी कंपनियां भी सरकारी मिशनों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: दो फोन, एक कनेक्शन: मिवी सुपरपॉड्स कॉन्सर्टो टीडब्ल्यूएस हुआ लॉन्च इस मिशन के दौरान, नासा और स्पेसएक्स ने तकनीकी दृष्टिकोण से कई चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने मिलकर इन चुनौतियों को पार किया। यह मिशन न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि यह मानवता के लिए भी एक प्रेरणा है कि हम किसी भी संकट के बावजूद, मिलकर समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। नासा का ‘Crew-9’ मिशन, जिसमें सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की वापसी शामिल है, अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह मिशन केवल एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग, निजी क्षेत्र की भागीदारी और मानव साहस का प्रतीक भी है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मिशन के सफल समापन के बाद, अंतरिक्ष यात्रा में और भी प्रगति हो और अंतरिक्ष में मानवता का कदम और भी मजबूत हो। Latest News in Hindi Today Hindi news Sunita Williams #Crew9 #NASA #ButchWilmore #SunitaWilliams #ISS #NASAsCrew9mission

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Aurangzeb’s Tomb Sparks Rift in Mahayuti Alliance

औरंगजेब की कब्र को लेकर महायुति में बढ़ता मतभेद

महाराष्ट्र में मुग़ल शासक औरंगजेब (Mughal ruler Aurangzeb) की कब्र को लेकर विवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है, जिसमें महायुति के विभिन्न दलों के बीच मतभेद और तनाव देखने को मिल रहे हैं। यह विवाद खासतौर पर एनसीपी और हिंदू संगठनों जैसे वीएचपी और बजरंग दल के बीच बढ़ रहा है। एनसीपी के विधायक अमोल मिटकरी ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा और इस कब्र को बचाने के पक्ष में बोलते हुए हिंदू संगठनों को कड़ी फटकार लगाई। उनका मानना है कि यह कब्र शिवाजी महाराज के संघर्ष का प्रतीक है और इसे हटाना ऐतिहासिक दृष्टिकोण से गलत होगा। एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी का बयान एनसीपी के विधायक अमोल मिटकरी (Amol Mitkari) ने इस विवाद पर अपना स्पष्ट रुख पेश करते हुए कहा कि यह कब्र हमारी शौर्य की प्रतीक है और हमें इसे बचाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह कब्र उस संघर्ष की याद दिलाती है, जो शिवाजी महाराज और औरंगजेब के बीच हुआ था। इसे हटाना हमारी ऐतिहासिक धरोहर को मिटाने जैसा होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने कब्र को हटाने का अल्टीमेटम दिया है, वे इसका कोई हल नहीं निकाल सकते। मुख्यमंत्री ने पहले ही कह दिया था कि कब्र का निर्णय ASI (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) के पास है, न कि किसी राजनीतिक दल के पास। मिटकरी ने कहा, “यदि कोई यह कहता है कि हम इसे तोड़ देंगे, तो ऐसा नहीं होगा। हम थोड़ा धैर्य रखें और अपने वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।” अमोल मिटकरी (Amol Mitkari) ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में इस समय किसानों की समस्याएं गंभीर हैं, लेकिन हिंदू संगठन इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वे इस तरह के विवादित मुद्दों को उठाकर राज्य के असली मुद्दों से ध्यान हटा रहे हैं। “किसानों की सेवा करो, कार सेवा करने की बजाय किसानों के लिए प्रदर्शन करो, तभी लोगों से आशीर्वाद मिलेगा,” उन्होंने कहा। मिटकरी ने जोर दिया कि कब्र को रहने दिया जाए, लेकिन औरंगजेब का महिमामंडन न हो, क्योंकि यह इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने जैसा होगा। एनसीपी और एसपी का रुख महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र पर विवाद बढ़ने के बाद, NCP और SP ने इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। NCP-SP के उपाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने सांगली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पार्टी ने अपने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे अब बातचीत की शुरुआत ‘जय शिवराय’ से करें, न कि ‘हेलो’ से। शिंदे ने यह भी कहा, “हम सभी शिवाजी महाराज के मावले हैं, और यही हमारी पहचान है।” इस आदेश से यह स्पष्ट है कि NCP और SP अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं और हिंदू समुदाय के सम्मान को बनाए रखने के लिए शिवाजी महाराज के नाम का प्रचार कर रहे हैं। यह कदम भी औरंगजेब की कब्र के विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, क्योंकि शिवाजी महाराज और औरंगजेब के बीच का संघर्ष महाराष्ट्र के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह बयान इस ओर इशारा करता है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर विशेष रूप से संवेदनशील है और अपने कार्यकर्ताओं के बीच एकता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट का बयान महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं के बीच भी जुबानी जंग हुई। महाराष्ट्र विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने कहा कि कब्र की मौजूदगी महाराष्ट्र के इतिहास को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह बताना चाहिए कि औरंगजेब यहां आए थे और इसी भूमि पर उन्हें दफनाया गया।” दानवे ने जोर देते हुए कहा कि यह कब्र हमारी संस्कृति और इतिहास का हिस्सा है, और इसे हटाने की मांग एक साजिश है, जो इतिहास को मिटाने की कोशिश कर रही है। “अगर किसी को हिम्मत है तो वे जाकर इसे हटाकर दिखाएं,” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के आठ साल में सुधरी यूपी की कानून व्यवस्था, 222 अपराधी ढेर, 130 आतंकी गिरफ्तार राजनीतिक दृष्टिकोण और ऐतिहासिक महत्व औरंगजेब की कब्र (Aurangzeb’s Tomb) पर विवाद ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर हिंदू संगठनों का मानना है कि औरंगजेब की कब्र को हटाकर इस भूमि को ‘स्वतंत्रता’ का प्रतीक बनाना चाहिए, वहीं दूसरी ओर कुछ राजनीतिक दल इस कब्र को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में देखते हैं। उनका कहना है कि यह कब्र उन संघर्षों और पराजयों का प्रतीक है, जो शिवाजी महाराज और औरंगजेब के बीच हुए थे, और हमें इसे एक ऐतिहासिक संदर्भ में समझने की जरूरत है। यह विवाद सिर्फ एक कब्र का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का भी मुद्दा बन गया है। यह सवाल उठता है कि क्या हमें अपनी ऐतिहासिक धरोहर को सही संदर्भ में स्वीकार करना चाहिए, या इसे अपने वर्तमान राजनीतिक और सांस्कृतिक रुख के अनुसार बदलने की कोशिश करनी चाहिए। यह निश्चित रूप से एक जटिल सवाल है, जो भविष्य में और भी राजनीतिक चर्चाओं और विवादों को जन्म दे सकता है। औरंगजेब की कब्र (Aurangzeb’s Tomb) को लेकर चल रहे इस विवाद ने महायुति की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। जहां एक ओर कुछ नेता इसे महाराष्ट्र के इतिहास और संस्कृति का अहम हिस्सा मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ राजनीतिक दल इसे हटाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मुद्दे से राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर प्रभाव पड़ेगा, और यह निश्चित रूप से आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mughal ruler Aurangzeb #AurangzebTombDispute #MahayutiPolitics #ShivSenaVsBJP #MaharashtraPolitics #HinduSentiments #HistoryDebate #AurangzebGrave #PoliticalConflict #MarathaPride #HindutvaAgenda

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