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उत्तर प्रदेश में 17,735 टीजीटी पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू; ओटीआर अनिवार्य

प्रयागराज, 24 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक सहायक अध्यापक (TGT) के 17,735 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन आज, 24 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गए हैं। आवेदन से पहले ओटीआर करना जरूरी इस भर्ती के लिए आयोग ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य किया है। यानी उम्मीदवार सीधे आवेदन फॉर्म नहीं भर सकेंगे। पहले उन्हें आयोग के पोर्टल पर ओटीआर प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसके बाद ही टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन किया जा सकेगा। 17,735 पदों पर होगी भर्ती कुल 17,735 पदों में 16,193 पद बालक विद्यालयों और 1,542 पद बालिका विद्यालयों के लिए बताए गए हैं। भर्ती अलग-अलग विषयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों के लिए की जा रही है। आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें भर्ती का विज्ञापन 23 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया था। ऑनलाइन आवेदन 24 अक्टूबर से शुरू हुए हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 23 नवंबर 2026 तय की गई है, जबकि आवेदन फॉर्म में सुधार 26 नवंबर 2026 तक किया जा सकेगा। दिसंबर में होगी टीजीटी परीक्षा UPESSC ने परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी है। टीजीटी भर्ती की लिखित परीक्षा 23 और 24 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए करीब दो महीने का समय रहेगा। 120 सवालों की होगी परीक्षा भर्ती परीक्षा 360 अंकों की होगी और इसमें कुल 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान से और 90 प्रश्न संबंधित विषय से होंगे। कितना मिलेगा वेतन? चयनित उम्मीदवारों को लेवल-7 के तहत लगभग ₹44,900 से ₹1,42,400 तक का वेतनमान मिलेगा। विषयवार योग्यता और आरक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है। कहां से करें आवेदन? योग्य उम्मीदवार UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ओटीआर और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि फॉर्म भरने से पहले पात्रता, शैक्षिक योग्यता और विषयवार रिक्तियों से जुड़ी पूरी अधिसूचना जरूर पढ़ें। जय राष्ट्र न्यूज़

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चीन सीमा की सुरक्षा करने वाली ITBP दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के सामने क्यों तैनात? अमित शाह से अभिजीत दिपके का सवाल

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि भारत-चीन सीमा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली ITBP की 39 कंपनियां दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए क्यों तैनात हैं। उनका बयान ऐसे समय आया है जब गृह मंत्रालय ने दिल्ली में 273 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। दिल्ली में कितनी केंद्रीय फोर्स तैनात है? आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में 273 CAPF कंपनियां तैनात हैं। इनमें 125 CRPF, 46 BSF, 39 ITBP, 31 SSB, 20 RAF और 12 CISF कंपनियां शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने अचानक होने वाले संभावित प्रदर्शनों और संवेदनशील स्थानों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए तैनाती बढ़ाने का अनुरोध किया था। अभिजीत दिपके ने क्या सवाल उठाया? दिपके ने कहा कि जब चीन सीमा से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियां लगातार चर्चा में हैं, तब सीमा सुरक्षा बलों की इतनी बड़ी संख्या को दिल्ली में राजनीतिक और युवा प्रदर्शनों के सामने लगाने की प्राथमिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन रोकने को राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। यह उनका राजनीतिक आरोप है। ITBP सिर्फ चीन सीमा पर ही तैनात नहीं होती यहां एक जरूरी तथ्य यह है कि ITBP का काम केवल भारत-चीन सीमा की रक्षा तक सीमित नहीं है। ITBP की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक बल को आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और अशांति की स्थिति में व्यवस्था बहाल करने का भी अधिकार और दायित्व है। इसलिए दिल्ली में उसकी तैनाती अपने-आप में नियमों के बाहर नहीं है। ITBP की मुख्य जिम्मेदारी क्या है? ITBP की स्थापना 1962 में हुई थी और यह वर्तमान में 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार जरूरत पड़ने पर इसे चुनाव, आंतरिक सुरक्षा और विशेष कानून-व्यवस्था ड्यूटी में भी तैनात कर सकती है। दिल्ली में तैनाती क्यों बढ़ाई गई? गृह मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर CAPF deployment को दूसरी बार बढ़ाया। अधिकारियों के मुताबिक CJP और अन्य राजनीतिक संगठनों द्वारा “flash protests” की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बल की जरूरत बताई गई है। अक्टूबर में CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कई प्रदर्शन किए हैं। सवाल राजनीतिक है, तैनाती कानूनी दायरे में दिपके का सवाल मुख्यतः सरकार की priority और force deployment को लेकर है। लेकिन यह कहना कि ITBP को दिल्ली में लगाया ही नहीं जा सकता, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा क्योंकि बल के आधिकारिक mandate में internal security और law-and-order duties भी शामिल हैं। जय राष्ट्र न्यूज़

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यूपी वोटर लिस्ट में अजीबोगरीब नामों की वजह आई सामने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तकनीकी गलती बनी कारण

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में “राम ने यादव को मारा”, “राम ने शर्मा को मारा” और पिता के नाम की जगह “B.Com” जैसी अजीब प्रविष्टियां सामने आने के बाद चुनाव अधिकारियों ने इसकी वजह स्पष्ट की है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के मुताबिक पहली बार शुरू किए गए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम में अंग्रेजी नामों को हिंदी में लिप्यंतरित करने के बजाय कुछ मामलों में उनका अर्थानुवाद हो गया, जिससे ये गलतियां पैदा हुईं। ‘Ramhit Yadav’ कैसे बना ‘राम ने यादव को मारा’? अधिकारियों ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि Ramhit Yadav को गलती से “Ram hit Yadav” टाइप किया गया, तो सॉफ्टवेयर ने “hit” शब्द को नाम का हिस्सा मानने के बजाय उसका अर्थ निकाल लिया। नतीजतन हिंदी में प्रविष्टि “राम ने यादव को मारा” बन गई। 14.81 लाख में 158 प्रविष्टियों में गड़बड़ी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के मुताबिक विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक सीटों की मतदाता सूची में कुल 14,81,310 प्रविष्टियां थीं। इनमें 158 entries में मतदाता या उनके रिश्तेदारों के नाम असामान्य या गलत पाए गए। ‘B.Com’ पिता का नाम कैसे बन गया? कुछ मामलों को सिर्फ software translation की गलती नहीं माना गया। उदाहरण के लिए एक मतदाता के पिता के नाम की जगह “B.Com” लिखा मिला। CEO ने इसे मानव लापरवाही बताते हुए कहा कि verification के दौरान ऐसी प्रविष्टि ठीक की जानी चाहिए थी। सुधार का विकल्प था, फिर भी रह गई गलतियां ऑनलाइन सिस्टम में entries को edit और correct करने की सुविधा मौजूद थी। इसके बावजूद संबंधित स्तर पर entries को ठीक से verify नहीं किए जाने के कारण कुछ गलतियां final voter list में बनी रहीं। अब Jhansi और Prayagraj के divisional commissioners से स्पष्टीकरण और रिपोर्ट मांगी गई है। वोट डालने से नहीं रोके जाएंगे मतदाता Election authorities ने district officials को निर्देश दिया है कि पिता के नाम या अन्य clerical errors की वजह से किसी eligible voter को मतदान से वंचित न किया जाए। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं प्रविष्टियां अजीब नामों वाली voter-list entries सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थीं। इसके बाद election administration को सार्वजनिक clarification देना पड़ा। मामला electoral-roll verification में technology के साथ human checking की जरूरत पर भी सवाल खड़े करता है। जय राष्ट्र न्यूज़

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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने पर विवाद, सरकारी प्रोटोकॉल पर उठे सवाल

मैहर, 24 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के मैहर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कथित तौर पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि किसी संवैधानिक या सरकारी पद पर न होने के बावजूद उन्हें इस तरह का औपचारिक सम्मान किस आधार पर दिया गया। मैहर में हुआ था भव्य स्वागत धीरेंद्र शास्त्री गुरुवार देर रात मैहर पहुंचे थे। केजेएस सीमेंट परिसर में उनका स्वागत किया गया और स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया कि उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित स्पोर्ट्स एरीना का उद्घाटन किया और मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के साथ क्रिकेट भी खेला। सबसे बड़ा सवाल—गार्ड ऑफ ऑनर किसने दिया? यहीं पर विवाद की सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आती है। कुछ रिपोर्टों में इसे सामान्य रूप से ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ कहा गया, लेकिन अन्य स्थानीय रिपोर्टों में साफ लिखा है कि यह सम्मान केजेएस परिसर के सुरक्षा गार्डों ने दिया था। यानी अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह आधिकारिक पुलिस गार्ड ऑफ ऑनर था या निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा दिया गया ceremonial welcome। प्रोटोकॉल को लेकर क्यों उठे सवाल? भारत में औपचारिक पुलिस या राज्य स्तर का Guard of Honour आमतौर पर तय प्रोटोकॉल और पात्रता के तहत दिया जाता है। पूर्व में ऐसे मामलों में, जहां किसी गैर-पात्र राजनीतिक व्यक्ति को पुलिस ने Guard of Honour दिया, अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। इसलिए अगर मैहर में यह वास्तव में आधिकारिक police honour था, तो इसकी अनुमति और आधार को लेकर सवाल जायज हैं। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने पूछा कि क्या किसी धार्मिक कथावाचक को सरकारी वर्दीधारी बलों से ऐसा सम्मान दिया जा सकता है। वहीं कुछ users ने दावा किया कि वीडियो में दिख रहे लोग सरकारी पुलिसकर्मी नहीं बल्कि private security personnel थे। इसलिए वायरल दावों को आधिकारिक पुष्टि के बिना अंतिम तथ्य मानना सही नहीं होगा। SP के साथ क्रिकेट भी बना चर्चा का विषय मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने पहले धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद लिया और फिर दोनों ने साथ क्रिकेट खेला। यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ और सरकारी अधिकारियों तथा धार्मिक व्यक्तित्वों के बीच सार्वजनिक आचरण को लेकर बहस बढ़ी। आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में मैहर पुलिस या मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से ऐसा स्पष्ट आधिकारिक बयान नहीं मिला है कि यह Guard of Honour राज्य पुलिस ने दिया था। इसलिए खबर को ‘प्रोटोकॉल पर उठे सवाल’ के रूप में प्रकाशित करना ज्यादा तथ्यात्मक होगा, न कि सीधे इसे सरकारी प्रोटोकॉल उल्लंघन घोषित करना। जय राष्ट्र न्यूज़

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गहरी खाई में लटक गई यात्रियों से भरी बस, पेड़ों पर अटकने से बची 30 लोगों की जान

पौड़ी, 24 अक्टूबर 2026: उत्तराखंड के कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास एक बड़ा हादसा टल गया। कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर जा रही गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन (GMOU) की बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई की ओर चली गई, लेकिन नीचे मौजूद पेड़ों से टकराकर अटक गई। बस में चालक समेत करीब 30 यात्री सवार थे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कैसे हुआ हादसा? चालक के अनुसार, दुगड्डा से आगे गुमखाल और भदालीखाल के बीच बस का प्रेशर पाइप अचानक फट गया। इसके बाद बस आगे नहीं बढ़ सकी और सड़क पर ढलान होने के कारण पीछे की ओर खिसकते हुए खाई की तरफ चली गई। पेड़ बना यात्रियों के लिए ढाल बस खाई में पूरी तरह गिरने से पहले एक पेड़ से टकराकर रुक गई। कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में बताया गया कि बस दो चीड़ के पेड़ों के बीच फंस गई थी। अगर बस वहां नहीं रुकती तो हादसा बेहद गंभीर हो सकता था। 30 यात्री थे सवार बस में चालक सहित करीब 30 लोग मौजूद थे। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। एक-दो यात्रियों को हल्की चोटें आईं, किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने चलाया बचाव अभियान घटना की सूचना मिलते ही दुगड्डा चौकी, गुमखाल चौकी और लैंसडौन कोतवाली से पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर यात्रियों को बस से सुरक्षित सड़क तक पहुंचाया। कोटद्वार से श्रीनगर जा रही थी बस GMOU की ‘हिमगिरी’ बस बुधवार दोपहर करीब एक बजे कोटद्वार से पौड़ी होते हुए श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। भदालीखाल के पास तकनीकी खराबी आने के बाद यह दुर्घटना हुई। बड़ा हादसा टला पहाड़ी मार्ग और गहरी खाई को देखते हुए यह हादसा जानलेवा हो सकता था। पेड़ों पर बस के अटक जाने और समय पर बचाव अभियान के कारण करीब 30 यात्रियों की जान बच गई। जय राष्ट्र न्यूज़

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पोकलेन मशीन से लदा ट्रक गुजरते ही टूटा बेली ब्रिज, नदी में जा गिरा वाहन

पिथौरागढ़, 24 अक्टूबर 2026: उत्तराखंड के मुनस्यारी क्षेत्र में एक बेली ब्रिज उस समय अचानक टूट गया, जब उस पर पोकलेन मशीन से लदा भारी ट्रक गुजर रहा था। पुल टूटते ही ट्रक नीचे नदी में जा गिरा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भारी वजन पड़ते ही ढह गया पुल वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पोकलेन मशीन लेकर ट्रक जैसे ही बेली ब्रिज के बीच हिस्से पर पहुंचता है, पुल अचानक नीचे की ओर झुकता है और कुछ ही सेकंड में टूट जाता है। इसके बाद ट्रक नदी में गिर जाता है। सीमांत क्षेत्र की आवाजाही पर असर यह पुल सीमांत क्षेत्र में स्थानीय आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। हादसे के बाद उस मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। क्षमता से अधिक भार की आशंका प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि भारी पोकलेन मशीन के साथ ट्रक का कुल वजन पुल की क्षमता से अधिक हो सकता है। हालांकि पुल टूटने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। वीडियो हुआ वायरल घटना का वीडियो सामने आने के बाद बेली ब्रिज की मजबूती, भारी वाहनों की आवाजाही और सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक जांच और पुल की मरम्मत से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार है। किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं उपलब्ध शुरुआती रिपोर्ट में किसी मौत या गंभीर चोट की स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए casualty से जुड़े किसी भी दावे को आधिकारिक जानकारी आने तक सावधानी से देखना चाहिए। जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Para Games 2026: India ने 100 medals का आंकड़ा पार किया, Sandeep ने world record के साथ जीता Gold

Aichi-Nagoya, Japan, 23 अक्टूबर 2026: Asian Para Games 2026 में India ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 100-medal mark पार कर लिया। इस milestone में para-athlete Sandeep का प्रदर्शन सबसे खास रहा, जिन्होंने men’s 400m T64 event में 52.28 seconds का नया world record बनाते हुए gold medal जीता। Sandeep ने debut में बनाया World Record Sandeep ने अपने Asian Para Games debut में 400m T64 final 52.28 seconds में पूरा किया और नया world record बनाया। उसी event में India के Ajay Kumar ने 53.61 seconds के साथ bronze medal जीता। Haney ने भी World Record के साथ Gold जीता India के लिए दिन और खास तब हुआ जब Haney ने men’s javelin throw F37/38 में 60.49 metre का world-record throw किया और gold medal अपने नाम किया। लगातार दूसरी बार 100 medals India ने Asian Para Games में लगातार दूसरी edition में 100 medals का आंकड़ा पार किया। Hangzhou 2022 edition में India ने record 108 medals जीते थे। Para badminton में भी दो Gold आज para badminton में भी India का शानदार प्रदर्शन रहा। Nitesh Kumar और Naveen Sivakumar ने अपने-अपने men’s singles events में gold medals जीते, जबकि Thulasimathi Murugesan और Nithya Sre Sumathy Sivan ने silver हासिल किए। India का शानदार campaign Aichi-Nagoya Games में India ने athletics, shooting, badminton, judo और अन्य para sports में लगातार medals जीते हैं। 100-medal milestone ने एक बार फिर Asian para-sport में India की बढ़ती ताकत को दिखाया है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Para Games 2026: India ने 100 medals का आंकड़ा पार किया, Sandeep ने world record के साथ जीता Gold

Aichi-Nagoya, Japan, 23 अक्टूबर 2026: Asian Para Games 2026 में India ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 100-medal mark पार कर लिया। इस milestone में para-athlete Sandeep का प्रदर्शन सबसे खास रहा, जिन्होंने men’s 400m T64 event में 52.28 seconds का नया world record बनाते हुए gold medal जीता। Sandeep ने debut में बनाया World Record Sandeep ने अपने Asian Para Games debut में 400m T64 final 52.28 seconds में पूरा किया और नया world record बनाया। उसी event में India के Ajay Kumar ने 53.61 seconds के साथ bronze medal जीता। Haney ने भी World Record के साथ Gold जीता India के लिए दिन और खास तब हुआ जब Haney ने men’s javelin throw F37/38 में 60.49 metre का world-record throw किया और gold medal अपने नाम किया। लगातार दूसरी बार 100 medals India ने Asian Para Games में लगातार दूसरी edition में 100 medals का आंकड़ा पार किया। Hangzhou 2022 edition में India ने record 108 medals जीते थे। Para badminton में भी दो Gold आज para badminton में भी India का शानदार प्रदर्शन रहा। Nitesh Kumar और Naveen Sivakumar ने अपने-अपने men’s singles events में gold medals जीते, जबकि Thulasimathi Murugesan और Nithya Sre Sumathy Sivan ने silver हासिल किए। India का शानदार campaign Aichi-Nagoya Games में India ने athletics, shooting, badminton, judo और अन्य para sports में लगातार medals जीते हैं। 100-medal milestone ने एक बार फिर Asian para-sport में India की बढ़ती ताकत को दिखाया है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Lucknow cafe owner death case: Shraddha Dubey समेत 3 आरोपी 10 दिन की judicial custody में, phones forensic जांच के लिए भेजे गए

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026: Lucknow के cafe owner Shiva Sharma की मौत के मामले में model और social media influencer Shraddha Dubey, उनकी बहन Rashmi Dubey और driver Danish को court ने 10 दिन की judicial custody में भेज दिया है। तीनों को Nagpur से गिरफ्तार कर transit remand पर Lucknow लाया गया था। Court ने क्या आदेश दिया? तीनों आरोपियों को Additional Chief Judicial Magistrate Balwan Kumar Bharti की court में पेश किया गया, जहां उन्हें 10 दिन की judicial custody में भेजने का आदेश दिया गया। Police आगे की investigation और evidence verification जारी रखेगी। Shraddha से घंटों पूछताछ Court में पेश करने से पहले Lucknow Police ने Shraddha, उनकी बहन और driver से अलग-अलग questioning की। Hindustan Times के मुताबिक investigators ने करीब 120 सवालों की सूची तैयार की थी ताकि घटना से पहले और बाद के घटनाक्रम को समझा जा सके। Mobile phones forensic lab भेजे गए Police ने आरोपियों के mobile phones और अन्य electronic items forensic examination के लिए भेज दिए हैं। Investigators calls, messages, location history और digital communication से घटना की sequence और possible involvement समझने की कोशिश कर रहे हैं। Shiva Sharma की मौत कैसे हुई? 28 वर्षीय Shiva Sharma की 9 October को Lucknow के Balu Adda इलाके में एक apartment की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। उनकी मां ने Shraddha और अन्य लोगों पर बेटे को assault और torture करने के बाद नीचे फेंकने का आरोप लगाया और murder FIR दर्ज कराई। ये आरोप अभी court में साबित होना बाकी हैं। Nagpur से हुई गिरफ्तारी Shraddha, Rashmi और Danish करीब 11 दिनों तक फरार रहने के बाद Nagpur में पकड़े गए। Police ने Uttar Pradesh, Nepal border और Maharashtra तक उनके movement को track किया था। Shraddha ने क्या दावा किया? Shraddha इससे पहले social media पर अपने खिलाफ आरोपों से इनकार कर चुकी हैं और दावा किया था कि Shiva की मौत suicide थी। Police फिलहाल murder complaint, digital evidence, CCTV footage और witness statements सहित सभी angles की जांच कर रही है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Saudi Arabia में flights cancel होने से करीब 4,000 भारतीय Umrah pilgrims फंसे, MEA ने वापसी के लिए शुरू की coordination

नई दिल्ली/रियाद, 23 अक्टूबर 2026: Saudi Arabia में लगातार flight cancellations और airport disruptions के कारण करीब 4,000 भारतीय Umrah pilgrims फंसे हुए हैं। Ministry of External Affairs (MEA) ने कहा है कि Indian Embassy, tour operators और airlines के साथ मिलकर उनकी जल्द भारत वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। यहां एक जरूरी correction है—ताज़ा verified reports इन्हें Haj pilgrims नहीं, Umrah pilgrims बताती हैं। Flights क्यों cancel हुईं? Saudi Arabia के airports पर हालिया attacks और security concerns के बाद कई international और Indian airlines ने Riyadh, Jeddah, Dammam और Madinah के लिए flights suspend या cancel कीं। इससे बड़ी संख्या में Indian pilgrims की वापसी अटक गई। MEA ने क्या कहा? MEA ने बताया कि Indian Embassy Saudi authorities, airlines और travel operators के संपर्क में है। फंसे हुए यात्रियों के लिए control rooms और helpline numbers भी जारी किए गए हैं ताकि उन्हें accommodation, tickets और return arrangements में मदद मिल सके। Owaisi ने special flights की मांग की AIMIM chief Asaduddin Owaisi ने केंद्र सरकार से मांग की कि stranded pilgrims की वापसी के लिए जरूरत पड़ने पर special flights arrange की जाएं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक flight cancellations से elderly और family travellers को परेशानी हो रही है। Saudi airspace पर security pressure हालिया Houthi missile और drone attacks के बाद Saudi airports पर operations प्रभावित हुए हैं। Riyadh और Dammam समेत कई airports पर disruptions के चलते airlines ने safety assessment के बाद schedules में बदलाव किया। Indian Embassy ने पहले भी जारी की थी advisory Indian Ambassador ने Saudi Arabia में मौजूद भारतीयों और Umrah pilgrims से embassy helplines के संपर्क में रहने को कहा था। Embassy ने affected travellers को official airline updates follow करने की सलाह दी। वापसी कब तक होगी? MEA ने कोई fixed deadline नहीं दी है, लेकिन कहा है कि efforts जारी हैं और priority stranded pilgrims को earliest possible flights से भारत वापस लाने की है। Security situation और airline operations normal होने पर return movement तेज होने की उम्मीद है। जय राष्ट्र न्यूज़

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