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फिरोजाबाद में टायर फैक्ट्री में भीषण आग, आसमान में छाया काला धुआं; मौके पर पहुंचीं दमकल की कई गाड़ियां

फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद स्थित नौशहरा क्षेत्र में एक टायर फैक्ट्री में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेज थी कि फैक्ट्री से ऊंची लपटें उठने लगीं और आसपास के इलाके में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। उरमुरा किरार स्थित फैक्ट्री में लगी आग यह घटना शिकोहाबाद के नौशहरा क्षेत्र के उरमुरा किरार स्थित SMVD टायर फैक्ट्री में हुई। रविवार दोपहर अचानक फैक्ट्री से धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने प्रशासन को सूचना दी। दोपहर करीब ढाई बजे की घटना प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक आग रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे लगी। कुछ ही समय में आग ने फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और मौके से घना काला धुआं उठने लगा। कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। Firefighters ने अलग-अलग दिशाओं से पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने और लपटों पर काबू पाने की कोशिश की। टायर और रबर के कारण तेजी से फैली आग टायर और rubber-based material अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं। ऐसे में फैक्ट्री के भीतर मौजूद material के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका बनी रही और firefighting operation को चुनौतीपूर्ण माना गया। आसमान में छाया काला धुआं आग लगने के बाद फैक्ट्री के ऊपर काले धुएं का विशाल गुबार दिखाई दिया। दूर से भी धुआं नजर आने के कारण स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई और घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जमा होने लगी। SDM और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक SDM राजेश शुक्ला, CO जयविंद गुप्ता और स्थानीय पुलिस अधिकारी firefighting operation के दौरान घटनास्थल पर मौजूद रहे। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं फैक्ट्री में आग किस वजह से लगी, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। अग्निशमन विभाग और पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग किसी technical fault, short circuit या किसी अन्य वजह से लगी। नुकसान का आकलन जारी फैक्ट्री में कितना आर्थिक नुकसान हुआ है, इसका भी अभी पूरा आकलन सामने नहीं आया है। आग बुझने और परिसर सुरक्षित होने के बाद प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन नुकसान का विस्तृत assessment कर सकते हैं। किसी हताहत की तत्काल पुष्टि नहीं प्रारंभिक रिपोर्टों में किसी मौत या गंभीर हताहत की पुष्टि नहीं की गई थी। प्रशासन ने घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए firefighting और जांच की कार्रवाई जारी रखी। घटना की जांच करेगा अग्निशमन विभाग आग पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद Fire Department घटनास्थल की जांच कर सकता है। इसमें fire-safety arrangements, electrical systems और फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील material की स्थिति की भी पड़ताल की जा सकती है। source – Amar Ujala / The Times of India / Hindustan Times / ANI जय राष्ट्र न्यूज़

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मोहन भागवत बोले—भारत में धर्म और राष्ट्र अलग नहीं, धर्म के संकट का असर राष्ट्र पर भी पड़ेगा

मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत में धर्म और राष्ट्र को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे पर निर्भर हैं और अगर धर्म संकट में आता है तो उसका असर राष्ट्र पर भी पड़ता है। भागवत मुंबई के बोरीवली में आयोजित All India Vihar Seva Group के 14वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। ‘राष्ट्र और धर्म एक-दूसरे पर निर्भर’ मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में राष्ट्र और धर्म अलग नहीं हैं। उनके मुताबिक राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने दोनों को एक-दूसरे के अस्तित्व से जुड़ा बताया। धर्म कमजोर हुआ तो राष्ट्र पर भी असर भागवत ने कहा कि अगर धर्म पर संकट आता है तो देश भी उससे अछूता नहीं रह सकता। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्र और धर्म की मजबूती एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और दोनों का संरक्षण जरूरी है। मुंबई के बोरीवली में दिया बयान RSS प्रमुख यह संबोधन मुंबई के बोरीवली में आयोजित All India Vihar Seva Group के 14वें सम्मेलन में दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, अध्यात्म, समाज और वैश्विक चुनौतियों पर भी अपने विचार रखे। दुनिया की चुनौतियों का किया जिक्र भागवत ने कहा कि आज दुनिया कई तरह के विरोधाभासों और चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने विकास बनाम पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम पारिवारिक जीवन और धार्मिक आस्था बनाम संघर्ष जैसे मुद्दों का जिक्र किया। भारत की ज्ञान परंपरा को बताया महत्वपूर्ण RSS प्रमुख ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा इन वैश्विक समस्याओं को देखने का एक अलग दृष्टिकोण देती है। उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता, जैन आगम, त्रिपिटक और गुरु ग्रंथ साहिब जैसी परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका मूल उद्देश्य मानव कल्याण है। ‘सभी का मंगल’ भारतीय दृष्टि भागवत ने कहा कि भारतीय सोच केवल बहुसंख्यकों के कल्याण तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार भारतीय परंपरा ‘सभी के मंगल’ की बात करती है और किसी वर्ग के हित के लिए दूसरे वर्ग का नुकसान स्वीकार नहीं करती। बिना विजय या धर्मांतरण ज्ञान फैलाने की बात उन्होंने कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से अपने ज्ञान और दर्शन को दुनिया में फैलाने के लिए सैन्य विजय या जबरन धर्मांतरण का रास्ता नहीं अपनाया। भागवत ने इसे भारत की ज्ञान परंपरा की विशेषता बताया। संत परंपरा और सेवा पर जोर अपने संबोधन में RSS प्रमुख ने संत परंपरा और समाज सेवा की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी मोहन भागवत के धर्म और राष्ट्र को लेकर दिए बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। TMC सांसद सौगत रॉय ने उनके बयान से असहमति जताते हुए कहा कि धर्म को संकट नहीं है और RSS जैसे संगठनों पर सवाल उठाए। इससे बयान राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गया। RSS के वैचारिक दृष्टिकोण की फिर चर्चा भागवत का यह बयान RSS के राष्ट्र, संस्कृति और धर्म को लेकर लंबे समय से सामने आते रहे वैचारिक दृष्टिकोण के अनुरूप माना जा रहा है। हालांकि ‘धर्म’ शब्द की उनकी व्याख्या धार्मिक पहचान से व्यापक सामाजिक और नैतिक व्यवस्था के रूप में पेश की गई। source – The Indian Express / PTI / Loksatta / ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

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अभिजीत दिपके पर BJP नेता प्रवीण दरेकर का पलटवार, PM मोदी को लेकर बयान पर जताई आपत्ति

मुंबई: महाराष्ट्र BJP के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरेकर ने आरोप लगाया कि शिवाजी पार्क में हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी की गई और आंदोलन अपने मूल मुद्दों से भटककर राजनीतिक मंच बन गया। शिवाजी पार्क प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखे राजनीतिक हमले किए थे। PM मोदी पर दिपके की टिप्पणी पर आपत्ति अभिजीत दिपके ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के चाय बेचने से जुड़े पुराने संदर्भ को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी। उन्होंने सवाल किया था कि जनता ने उन्हें चाय बेचने के लिए नहीं बल्कि सरकार चलाने के लिए चुना है। इसी तरह उन्होंने ‘Melody chocolate’ का जिक्र करते हुए भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। दरेकर बोले- आंदोलन राजनीतिक ड्रामा बन गया प्रवीण दरेकर ने CJP के प्रदर्शन पर हमला करते हुए इसे ‘political drama’ करार दिया। उनका कहना था कि शुरुआत में आंदोलन को छात्रों और चुनावी मुद्दों से जुड़ा बताया गया, लेकिन बाद में इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और महाराष्ट्र सरकार को निशाना बनाने के लिए किया गया। बाबासाहेब आंबेडकर को लेकर भी उठाया मुद्दा दरेकर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़े कुछ तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने CJP से आंबेडकरी समाज और महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगने की मांग भी की। यह BJP नेता का आरोप है और इस पर CJP की अलग राजनीतिक व्याख्या सामने आई है। ‘राजनीतिक नेताओं का अपमान स्वीकार नहीं’ दरेकर ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने CJP नेतृत्व पर आंदोलन के जरिए केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने का आरोप लगाया। फडणवीस को भी निशाना बना चुके हैं दिपके अभिजीत दिपके ने शिवाजी पार्क के भाषण में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा था। उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की और कहा कि अगर सरकार चाहे तो उन्हें तीन दिन नहीं बल्कि तीन महीने जेल में डालकर देख सकती है। BJP नेताओं का CJP पर लगातार हमला प्रवीण दरेकर के अलावा BJP नेता राम कदम ने भी अभिजीत दिपके के बयानों की आलोचना की है। राम कदम ने संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर सवाल उठाए और इसे आंबेडकर के सम्मान से जोड़ा। CJP का दावा- मुद्दा चुनाव आयोग की जवाबदेही का दूसरी ओर CJP का कहना है कि उसका आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, voter-list revision और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जुड़ा है। संगठन ने इन मुद्दों पर देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। राजनीतिक टकराव और तेज CJP के प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में BJP और अभिजीत दिपके के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ BJP नेता दिपके पर प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं को लेकर मर्यादा तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं CJP सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने की बात कह रही है। source – Loksatta / Reuters / IANS / Pudhari / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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India-Canada CEPA की पांचवीं round की बातचीत शुरू, Canada ने trade deal जल्दी आगे बढ़ने की उम्मीद जताई

नई दिल्ली/ओटावा: भारत और कनाडा के बीच Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर पांचवें दौर की बातचीत शुरू हो गई है। दोनों देश trade, investment और market access से जुड़े मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ा रहे हैं। कनाडा ने संकेत दिया है कि वह भारत के साथ trade deal को अपेक्षाकृत तेज गति से आगे बढ़ाने के पक्ष में है। पांचवें दौर की बातचीत पर फोकस नए round में दोनों देशों के negotiators goods trade, services, investment और regulatory issues से जुड़े अहम बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं। बातचीत का उद्देश्य उन क्षेत्रों में सहमति बनाना है जहां दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की पर्याप्त संभावना है। Canada ने जल्दी progress की उम्मीद जताई कनाडाई पक्ष ने कहा है कि वह CEPA negotiations में तेजी चाहता है और जहां संभव हो, जल्दी समझौते की दिशा में बढ़ना चाहता है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देश लंबे समय से चल रही trade discussions को अब ज्यादा concrete framework में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। Goods और services दोनों एजेंडे में बातचीत में केवल merchandise trade ही नहीं, बल्कि services sector भी प्रमुख एजेंडे में है। भारत IT, professional services और mobility जैसे मुद्दों पर बेहतर access चाहता है, जबकि Canada agriculture, food products, clean technology और investment opportunities पर ध्यान दे सकता है। Market access सबसे अहम मुद्दों में CEPA negotiations में tariff reduction और market access प्रमुख विषय बने हुए हैं। दोनों देशों को ऐसे sectors पर संतुलन बनाना होगा जहां domestic industry protection और export opportunities के बीच हित टकरा सकते हैं। Investment flows बढ़ाने पर भी जोर Trade deal का एक बड़ा उद्देश्य bilateral investment को बढ़ाना भी है। भारत और Canada के बीच pension funds, infrastructure, technology, clean energy और financial services में पहले से निवेश संबंध मौजूद हैं। CEPA इन flows को और institutional support दे सकता है। Political tensions के बाद economic engagement पर नजर भारत और कनाडा के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक तनाव देखा गया था। ऐसे में trade negotiations का आगे बढ़ना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दोनों देश economic engagement को अलग track पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। Bilateral trade में growth की संभावना भारत और कनाडा के बीच merchandise और services trade में अभी भी काफी growth potential माना जाता है। CEPA के जरिए tariff barriers कम होने और business rules सरल होने पर bilateral trade में तेजी आ सकती है। भारतीय exporters को मिल सकता है फायदा अगर trade agreement आगे बढ़ता है, तो भारतीय exporters को textiles, pharmaceuticals, engineering goods, gems and jewellery और services sectors में बेहतर opportunities मिल सकती हैं। वहीं Canadian companies को agriculture, food processing, energy और advanced technology sectors में भारत के बड़े market तक बेहतर पहुंच मिल सकती है। Sensitive sectors पर होगी कठिन बातचीत हर trade agreement की तरह इस negotiation में भी कुछ sensitive sectors पर मतभेद रह सकते हैं। Agriculture, dairy, immigration-related mobility और regulatory standards जैसे मुद्दे बातचीत को चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। अगले rounds में बढ़ सकती है रफ्तार पांचवें round के बाद दोनों पक्ष unresolved chapters और technical issues पर काम जारी रख सकते हैं। अगर मौजूदा दौर में पर्याप्त progress होती है, तो आने वाले rounds में agreement के framework को तेजी से अंतिम रूप देने की कोशिश की जा सकती है। source – The Times of India / Canadian Government Statements / Trade Officials जय राष्ट्र न्यूज़

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Fed rate hike की उम्मीद घटने से Gold Prices में तेजी, कमजोर US Jobs Data ने बदला बाजार का मूड

नई दिल्ली/सिंगापुर: अमेरिकी Federal Reserve द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कम होने के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कमजोर US jobs data और पिछले महीनों के payroll आंकड़ों में downward revision के बाद बाजार ने Fed के aggressive rate hike की उम्मीद घटा दी। Spot gold करीब 0.3% बढ़कर $4,153.56 प्रति ounce तक पहुंच गया, जबकि December US gold futures करीब 0.5% बढ़कर $4,181.70 पर रहे। कमजोर US Jobs Data से बदली उम्मीदें सितंबर के अमेरिकी रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा पिछले महीनों के non-farm payroll numbers में भी downward revisions हुए, जिससे यह संकेत मिला कि US labour market की रफ्तार पहले अनुमान से कम हो सकती है। इसी वजह से traders ने अक्टूबर में Fed rate hike की संभावना कम कर दी। October rate hike की संभावना सिर्फ 18% Market pricing के मुताबिक अक्टूबर में Federal Reserve द्वारा rate hike की संभावना अब करीब 18% रह गई है। कुछ दिन पहले यह संभावना काफी ज्यादा थी। कमजोर labour-market data के बाद investors को उम्मीद है कि Fed तत्काल aggressive tightening से बच सकता है। दिसंबर में फिर बढ़ सकती हैं ब्याज दरें अक्टूबर में rate hike की संभावना कम हुई है, लेकिन market अभी Fed के tightening cycle को खत्म नहीं मान रहा। Reuters के अनुसार दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 81% तक बनी हुई है। यानी सोने के लिए short-term sentiment बेहतर हुआ है, लेकिन आगे की monetary policy अभी भी महत्वपूर्ण रहेगी। हाल में Fed ने बढ़ाई थी ब्याज दर Federal Reserve ने हाल में ब्याज दरों में 25 basis points की बढ़ोतरी कर benchmark range को 3.75%-4.00% तक पहुंचाया था। यह तीन वर्षों में Fed की पहली rate hike थी। इसके बाद बाजार लगातार यह अनुमान लगाने की कोशिश कर रहा है कि अगला कदम कब उठाया जाएगा। Rate hike की उम्मीद घटे तो Gold को क्यों मिलता है फायदा? सोना खुद कोई interest नहीं देता। जब interest rates बढ़ने की संभावना कम होती है, तो bonds और अन्य interest-bearing assets की relative attractiveness कम हो सकती है। ऐसे में gold जैसे non-yielding assets की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। मजबूत Dollar ने तेजी को किया सीमित हालांकि सोने में तेजी आई, लेकिन मजबूत अमेरिकी dollar ने gains को सीमित रखा। Dollar index करीब 0.4% मजबूत हुआ। Dollar मजबूत होने से अन्य currencies इस्तेमाल करने वाले buyers के लिए gold महंगा हो जाता है, जिससे demand पर दबाव पड़ सकता है। Gold के साथ Silver और Platinum भी चढ़े Precious metals market में तेजी केवल gold तक सीमित नहीं रही। Silver करीब 1.7% बढ़कर $61.40 प्रति ounce, platinum करीब 1.1% बढ़कर $1,716.92 और palladium करीब 0.3% बढ़कर $1,165.40 तक पहुंच गया। Geopolitical tension से भी Gold को support Middle East में बढ़ते geopolitical tensions भी gold को support कर रहे हैं। Yemen में Saudi-backed government और Iran-backed Houthis के बीच तनाव बढ़ने से safe-haven assets की मांग मजबूत रह सकती है। $4,000 से ऊपर बना हुआ है Gold हाल के दिनों में US Treasury yields ऊंचे रहने के बावजूद gold $4,000 प्रति ounce से ऊपर टिके रहने में सफल रहा है। Analysts इसे central-bank buying, reserve diversification और geopolitical uncertainty से मिलने वाले structural support से जोड़ रहे हैं। Indian Markets पर भी असर Global gold prices में तेजी का असर भारतीय bullion market पर भी पड़ सकता है। भारत में घरेलू gold prices international rates के साथ-साथ rupee-dollar exchange rate, import duties और local demand से प्रभावित होती हैं। इसलिए वैश्विक तेजी और कमजोर रुपया मिलकर घरेलू सोना महंगा कर सकते हैं। आगे किन आंकड़ों पर रहेगी नजर? अब investors की नजर US inflation data, Federal Reserve officials के statements और अगले jobs reports पर रहेगी। अगर अमेरिकी economy में कमजोरी के और संकेत मिलते हैं तो अक्टूबर rate hike की संभावना और कम हो सकती है, जिससे gold को अतिरिक्त support मिल सकता है। source – Reuters / The Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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World Teachers’ Day 2026 आज, UNESCO ने दुनिया में 44 million teachers की कमी की चेतावनी दोहराई

नई दिल्ली/पेरिस: आज 5 अक्टूबर को दुनिया भर में World Teachers’ Day 2026 मनाया जा रहा है। इस साल का आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि 1966 में अपनाई गई ILO-UNESCO Recommendation concerning the Status of Teachers के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी अवसर पर UNESCO ने एक बार फिर चेताया है कि 2030 तक वैश्विक शिक्षा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दुनिया को करीब 44 million यानी 4.4 करोड़ अतिरिक्त primary और secondary teachers की जरूरत होगी। 5 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है World Teachers’ Day? World Teachers’ Day हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1966 में UNESCO और International Labour Organization ने शिक्षकों के अधिकार, जिम्मेदारियों, भर्ती, प्रशिक्षण, रोजगार और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानक तय करने वाली Recommendation अपनाई थी। World Teachers’ Day का औपचारिक आयोजन 1994 से किया जा रहा है। 2026 में 60 साल का बड़ा milestone इस साल 1966 की ILO-UNESCO Recommendation के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। UNESCO ने कहा है कि पिछले छह दशकों में teaching profession के सामने नई चुनौतियां आई हैं, जिनमें digital technologies, climate change, inclusion, migration और displacement शामिल हैं। इस साल की theme क्या है? World Teachers’ Day 2026 की theme है: “Standing with teachers: 60 years of protecting the profession, advancing its status and shaping our futures.” इस theme का फोकस teachers के professional status, working conditions, recognition और policy-making में उनकी भूमिका को मजबूत करने पर है। दुनिया को 44 million teachers की जरूरत UNESCO के Global Report on Teachers के अनुसार 2030 तक primary और secondary education के लिए दुनिया में करीब 44 million अतिरिक्त teachers की जरूरत पड़ेगी। यह shortage Sustainable Development Goal 4 यानी सभी के लिए quality education हासिल करने की दिशा में बड़ी चुनौती मानी जा रही है। Sub-Saharan Africa में सबसे गंभीर स्थिति Teacher shortage का सबसे बड़ा दबाव Sub-Saharan Africa में देखा जा रहा है। UNESCO के मुताबिक अकेले इस क्षेत्र को 2030 तक करीब 15 million अतिरिक्त teachers की जरूरत होगी। कई देशों में तेजी से बढ़ती student population और सीमित recruitment इस समस्या को और गंभीर बना रही है। सिर्फ recruitment नहीं, teachers को रोकना भी चुनौती UNESCO का कहना है कि समस्या केवल नए teachers की भर्ती तक सीमित नहीं है। कई देशों में low salaries, excessive workload, limited professional autonomy और कमजोर working conditions की वजह से teaching profession की attractiveness कम हो रही है। इससे trained teachers को profession में बनाए रखना भी मुश्किल हो रहा है। AI और digital technology ने बदली teaching की भूमिका Artificial Intelligence और digital learning tools के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने teachers की भूमिका पर भी नई बहस शुरू की है। UNESCO का रुख है कि technology teaching को support कर सकती है, लेकिन qualified teachers की जरूरत खत्म नहीं होती। Human interaction, mentoring, emotional support और classroom judgment जैसे aspects अभी भी teachers की केंद्रीय भूमिका को बनाए रखते हैं। भारत में भी teacher vacancies बड़ी चुनौती World Teachers’ Day के मौके पर भारत में भी teacher vacancies को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि देश में 11 लाख से ज्यादा teaching posts खाली हैं और बड़ी संख्या में schools single-teacher system पर निर्भर हैं। हालांकि अलग-अलग राज्यों और education levels पर vacancy figures अलग हो सकते हैं। UNESCO Headquarters में global celebration World Teachers’ Day 2026 का मुख्य वैश्विक कार्यक्रम Paris स्थित UNESCO Headquarters में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में teaching profession के status, teachers की working conditions और भविष्य की education policy पर high-level discussions के साथ UNESCO-Hamdan Prize for Teacher Development का award ceremony भी शामिल है। UNESCO ने governments से क्या कहा? UNESCO, ILO, UNICEF और Education International ने governments से teachers के professional status को मजबूत करने की अपील की है। संस्थाओं ने बेहतर salaries, manageable workload, professional development, policy-making में teachers की भागीदारी और सुरक्षित working environment पर जोर दिया है। Teacher shortage से quality education पर असर अगर पर्याप्त संख्या में qualified teachers उपलब्ध नहीं हुए तो इसका सीधा असर class size, student attention और learning outcomes पर पड़ सकता है। इसी वजह से UNESCO ने teacher recruitment, training और retention में investment बढ़ाने को global education priority बताया है। World Teachers’ Day सिर्फ सम्मान का दिन नहीं World Teachers’ Day को केवल teachers को शुभकामनाएं देने का दिन नहीं माना जाता। इसका उद्देश्य teaching profession की चुनौतियों, teachers के अधिकारों और education systems में उनकी केंद्रीय भूमिका पर global policy attention बढ़ाना भी है। source – UNESCO / ILO / UNICEF / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Cristiano Ronaldo के international future पर Jorge Jesus का बड़ा बयान, बोले- अब उन्हें तय करना होगा कि Portugal के साथ सफर कैसे खत्म करना है

लिस्बन: Portugal के head coach Jorge Jesus ने Cristiano Ronaldo के international future पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 41 वर्षीय Ronaldo को अब खुद तय करना होगा कि वह national team के साथ अपना सफर किस तरह खत्म करना चाहते हैं। Jesus ने साथ ही साफ किया कि Portugal के दरवाजे Ronaldo के लिए अभी भी खुले हैं और अगर वह वापस आना चाहें तो उन्हें टीम में जगह मिल सकती है। Ronaldo के अचानक camp छोड़ने से शुरू हुआ विवाद विवाद उस समय शुरू हुआ जब Cristiano Ronaldo को Norway के खिलाफ शुरुआती एकादश में जगह नहीं मिली। इसके बाद उन्हें बताया गया कि Denmark के खिलाफ भी वह starting XI का हिस्सा नहीं होंगे। इसी के बाद Ronaldo ने Portugal का training camp छोड़ दिया, जिससे उनके international future को लेकर अटकलें तेज हो गईं। Jorge Jesus बोले- फैसला Ronaldo को करना है Portugal coach Jorge Jesus ने कहा कि Ronaldo के भविष्य का फैसला आखिरकार खुद खिलाड़ी को करना होगा। Jesus के मुताबिक Ronaldo को अगली squad announcement से पहले यह तय करना होगा कि वह national team के साथ आगे जारी रहना चाहते हैं या नहीं। ‘वह जब चाहें वापस आ सकते हैं’ Jesus ने Ronaldo की वापसी का रास्ता बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर Ronaldo Al-Nassr के लिए खेल रहे हैं और Portugal के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं, तो वह national team में वापस आ सकते हैं। Coach ने पूरे विवाद को एक “misunderstanding” बताया, जिसे उनके अनुसार आसानी से सुलझाया जा सकता है। पहली बातचीत में ही कहा था- हमें आपकी जरूरत है Jorge Jesus ने यह भी बताया कि Portugal की कमान संभालने के बाद Ronaldo से उनकी शुरुआती बातचीत में उन्होंने साफ कहा था कि टीम को उनकी जरूरत है। Jesus के मुताबिक यह जरूरत केवल Ronaldo के मैदान पर खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि dressing room और team environment में उनके अनुभव और leadership से भी जुड़ी है। Federation President ने भी Ronaldo का किया समर्थन Portuguese Football Federation के अध्यक्ष Pedro Proenca ने भी Ronaldo के लिए समर्थन जताया है। उन्होंने इस पूरे मामले को एक misunderstanding बताया और कहा कि Ronaldo national team के लिए अपनी उपलब्धियों और प्रदर्शन के आधार पर महत्वपूर्ण खिलाड़ी बने हुए हैं। Portugal ने Ronaldo के बिना भी जीते मुकाबले Ronaldo के camp छोड़ने के बाद Portugal ने Denmark और Norway के खिलाफ अपने मुकाबले जीते। Norway को 2-1 से हराकर Portugal ने UEFA Nations League quarterfinal में जगह भी सुनिश्चित कर ली। इसके बाद टीम की tactical setup और Ronaldo की संभावित भूमिका पर चर्चा और तेज हो गई। 234 मैचों में 146 international goals Cristiano Ronaldo Portugal के इतिहास के सबसे ज्यादा international goals करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने national team के लिए 234 मुकाबलों में 146 goals किए हैं, जो men’s international football का world record है। 2026 World Cup के बाद retirement की थी चर्चा Ronaldo पहले संकेत दे चुके हैं कि 2026 World Cup उनके international career के अंतिम बड़े tournaments में से एक हो सकता है। हालांकि उन्होंने अभी national team से retirement की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। उनके camp छोड़ने के बाद इस विषय पर अटकलें फिर तेज हो गई हैं। अगली squad से पहले हो सकती है बातचीत Portugal को नवंबर में Denmark और Wales के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। Jorge Jesus ने संकेत दिया है कि अगली squad announcement से पहले वह Ronaldo से फिर बातचीत कर सकते हैं। इसके बाद ही यह साफ हो सकता है कि Ronaldo national team में वापसी करेंगे या अपने international career को लेकर कोई बड़ा फैसला लेंगे। Ronaldo के फैसले पर टिकी नजर फिलहाल Portugal federation और coach दोनों ने Ronaldo की वापसी का रास्ता खुला रखा है। अब नजर Cristiano Ronaldo पर है कि वह national team के साथ अपना सफर जारी रखते हैं या 41 साल की उम्र में अपने ऐतिहासिक international career को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं। source – Reuters / The Indian Express / Associated Press / AS जय राष्ट्र न्यूज़

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Okinawa में महिला की हत्या और robbery के आरोप में 20 वर्षीय US Marine गिरफ्तार, अमेरिकी military bases को लेकर जापान में फिर नाराजगी

ओकिनावा: जापान के ओकिनावा प्रांत में एक महिला की हत्या और robbery के आरोप में 20 वर्षीय अमेरिकी Marine को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय पुलिस के अनुसार आरोपी पर महिला पर हमला करने, उसकी हत्या करने और सामान लूटने का संदेह है। इस घटना के बाद ओकिनावा में अमेरिकी military bases और वहां तैनात सैनिकों से जुड़े अपराधों को लेकर एक बार फिर नाराजगी बढ़ गई है। 20 वर्षीय US Marine गिरफ्तार स्थानीय पुलिस ने 20 वर्षीय अमेरिकी Marine को हिरासत में लिया है। आरोपी Okinawa में तैनात US military personnel का हिस्सा बताया जा रहा है। पुलिस ने उससे हत्या और robbery से जुड़े आरोपों को लेकर पूछताछ शुरू की है। महिला की हत्या और लूट का आरोप पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने एक महिला पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद कथित तौर पर महिला का सामान भी लूटा गया। हालांकि मामले की पूरी परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। Okinawa में पहले से संवेदनशील है US bases का मुद्दा Okinawa जापान में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में US military bases और personnel तैनात हैं। दशकों से स्थानीय लोग land use, noise, accidents और सैनिकों से जुड़े आपराधिक मामलों को लेकर विरोध करते रहे हैं। घटना के बाद फिर बढ़ी नाराजगी ताजा गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल फिर तेज हो गए हैं। कई स्थानीय groups लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि military bases का बोझ Okinawa पर कम किया जाए और crimes से जुड़े मामलों में अधिक transparency हो। Japan-US alliance पर भी पड़ता है असर जापान और अमेरिका के बीच security alliance बहुत मजबूत है और US forces जापान की regional defence strategy में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन Okinawa में होने वाली ऐसी घटनाएं bilateral defence cooperation के साथ-साथ local public sentiment पर भी असर डालती हैं। पहले भी सामने आए हैं विवाद Okinawa में इससे पहले भी US military personnel से जुड़े assault, drunk driving और अन्य criminal cases सामने आते रहे हैं। इन घटनाओं ने बार-बार base relocation, military discipline और jurisdiction के मुद्दों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया है। स्थानीय सरकार ने जताई चिंता Okinawa के स्थानीय अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ऐसी घटनाएं residents के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर नजर US military authorities से इस मामले में cooperation की उम्मीद की जा रही है। ऐसे मामलों में जापानी पुलिस और अमेरिकी सैन्य प्रशासन के बीच coordination महत्वपूर्ण होता है, खासकर जब आरोपी active-duty serviceman हो। जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर फिलहाल आरोपी के खिलाफ आरोप जांच के अधीन हैं। पुलिस evidence, forensic material और witness statements की जांच कर रही है। आरोपी की criminal liability का अंतिम फैसला अदालत करेगी। source – India Today / Japanese Police / Local Media Reports जय राष्ट्र न्यूज़

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महात्मा गांधी की तस्वीर वाले ₹500 नोट पर reel बनाने के मामले में Surat की influencer Simran Patel गिरफ्तार

सूरत: गुजरात के सूरत में सोशल मीडिया influencer Simran Patel को महात्मा गांधी की तस्वीर वाले ₹500 के नोट के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक reel बनाने और पोस्ट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। Surat Cyber Crime Branch ने कार्रवाई एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद की। पुलिस के अनुसार Simran Patel के Instagram पर करीब 10 लाख followers हैं और विवादित reel 1 अक्टूबर को, गांधी जयंती से एक दिन पहले पोस्ट की गई थी। 47 वर्षीय content creator हैं Simran Patel पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान 47 वर्षीय Simran Patel के रूप में हुई है। वह सूरत के Adajan इलाके की रहने वाली हैं और सोशल मीडिया पर लंबे समय से short videos और reels बनाती रही हैं। ₹500 के नोट के साथ बनाई थी reel पुलिस का आरोप है कि reel में ₹500 के नोट पर मौजूद महात्मा गांधी की तस्वीर को ऐसे तरीके से दिखाया गया, जिसे आपत्तिजनक और अशोभनीय माना गया। वीडियो में कथित तौर पर अनुचित gestures और visuals शामिल थे। आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति अदालत में तय होगी। गांधी जयंती से एक दिन पहले किया पोस्ट Surat Police के अनुसार reel को 1 अक्टूबर को दोपहर से शाम के बीच सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था। इसके अगले दिन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती थी, इसलिए वीडियो वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आया। सामाजिक कार्यकर्ता ने की शिकायत रिपोर्टों के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता Dharmesh Gami ने Surat Crime Branch में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि reel ने महात्मा गांधी की छवि को अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया और लोगों की भावनाएं आहत कीं। IT Act की धारा 67 के तहत केस पुलिस ने Simran Patel के खिलाफ Information Technology Act की Section 67 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा electronic form में obscene material के publication या transmission से संबंधित है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जारी किया वीडियो Surat Police ने गिरफ्तारी की जानकारी अपने आधिकारिक social media account पर भी साझा की। पुलिस द्वारा जारी वीडियो में पहले विवादित reel का हिस्सा और बाद में Simran Patel को हिरासत में दिखाया गया। पुलिस ने उनके apology video का भी उल्लेख किया। Simran Patel ने मांगी माफी पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार Simran Patel ने बाद में अपने वीडियो को लेकर माफी मांगी। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने reel को delete कर दिया था। Social media creators को पुलिस की चेतावनी इस कार्रवाई के बाद Surat Police ने social media users और content creators से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचने की अपील की। पुलिस ने कहा कि ऐसा content जो सामाजिक तनाव या विवाद पैदा कर सकता है, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मामला अब कानूनी प्रक्रिया में Simran Patel की गिरफ्तारी के बाद मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। फिलहाल उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस के दावों पर आधारित हैं और अंतिम जिम्मेदारी अदालत तय करेगी। source – India Today / NDTV / The Times of India / ABP Live / Surat Police जय राष्ट्र न्यूज़

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Umesh Pal murder case में 3 साल से फरार आरोपी Mohammad Arman बिहार की Gaya jail में मिला, UP Police warrant की तैयारी में

प्रयागराज/गया: चर्चित Umesh Pal murder case में करीब तीन साल से फरार चल रहा आरोपी Mohammad Arman बिहार की गया जेल में मिला है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक वह एक अलग मामले में बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और अब उसकी पहचान Umesh Pal हत्याकांड के वांछित आरोपी के रूप में की गई है। प्रयागराज पुलिस अब उसे उत्तर प्रदेश लाने के लिए warrant और आगे की कानूनी प्रक्रिया की तैयारी कर रही है। तीन साल से फरार था Mohammad Arman Umesh Pal हत्याकांड के बाद से Mohammad Arman की तलाश की जा रही थी। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ lookout तथा अन्य कानूनी कार्रवाई भी की गई थी। अब बिहार की Gaya jail में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद UP Police ने प्रक्रिया तेज कर दी है। बिहार के एक अलग मामले में हुआ था गिरफ्तार रिपोर्टों के अनुसार Arman को बिहार पुलिस ने एक अन्य आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसकी पहचान और criminal background की पड़ताल की गई, जिसके बाद यह सामने आया कि वह Umesh Pal murder case में भी वांछित है। प्रयागराज पुलिस ने की पहचान की पुष्टि UP Police ने बिहार पुलिस से मिले records और अन्य दस्तावेजों के आधार पर Arman की पहचान की पुष्टि की। इसके बाद Prayagraj Police ने उसे Umesh Pal मामले में पेश कराने के लिए संबंधित court से warrant लेने की प्रक्रिया शुरू की। अब production warrant की तैयारी पुलिस अब court से production warrant हासिल कर सकती है, ताकि Arman को गया जेल से Prayagraj court में पेश कराया जा सके। इसके बाद जांच एजेंसी उससे पूछताछ और मामले में उसकी कथित भूमिका की पड़ताल करेगी। Umesh Pal की 2023 में हुई थी हत्या Umesh Pal की 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह 2005 के BSP विधायक Raju Pal murder case के प्रमुख गवाह थे। इस घटना के बाद मामला पूरे देश में चर्चा में आया था। Atiq Ahmed गिरोह से जुड़े आरोप जांच एजेंसियों ने Umesh Pal हत्याकांड को Atiq Ahmed और उसके नेटवर्क से जोड़ा था। कई आरोपियों को अलग-अलग कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। Mohammad Arman भी इन्हीं वांछित आरोपियों में शामिल बताया जाता रहा है। Arman की कथित भूमिका की होगी जांच पुलिस अब यह पता लगाएगी कि हत्या की planning, logistics या execution में Arman की क्या भूमिका थी। फिलहाल उसके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम जिम्मेदारी अदालत तय करेगी। Bihar Police से coordination बढ़ा UP Police ने इस मामले में Bihar Police से coordination शुरू कर दिया है। दोनों राज्यों की पुलिस legal formalities, custody transfer और case records को लेकर संपर्क में हैं। लंबे समय बाद मिली बड़ी सफलता तीन साल से फरार आरोपी का पता लगना Prayagraj Police के लिए अहम development माना जा रहा है। अगर court से warrant मिल जाता है, तो Arman को Uttar Pradesh लाकर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। source – The Indian Express / Uttar Pradesh Police / Bihar Police / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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