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मेरठ एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा टला! मालवाहक वाहन पलटा, चालक सुरक्षित

गाजियाबाद: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। एबीईएस कॉलेज के सामने एक छोटा मालवाहक वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और चालक भी सुरक्षित बच गया। वाहन के बीच सड़क पर पलटने से एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतार लग गई। कमानी का पट्टा टूटने से पलटा वाहन पुलिस के मुताबिक मालवाहक वाहन दिल्ली से डासना की ओर जा रहा था। दोपहर करीब 2 बजे वाहन जैसे ही एबीईएस कॉलेज के सामने पहुंचा, उसकी कमानी का पट्टा अचानक टूट गया। इसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन एक्सप्रेसवे पर पलट गया। हादसे के दौरान चालक ने किसी तरह खुद को सुरक्षित बाहर निकाला। पीछे से आ रहे वाहनों के लिए बढ़ा खतरा वाहन के एक्सप्रेसवे की लेन में पलटने के बाद पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे दूसरे वाहनों के लिए स्थिति खतरनाक हो गई थी। हालांकि समय रहते यातायात धीमा हो गया और कोई दूसरा वाहन पलटे हुए मालवाहक वाहन से नहीं टकराया। इस वजह से संभावित बड़ा हादसा टल गया। पुलिस के अनुसार घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की एक लेन प्रभावित हो गई। पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही थी, जिसके चलते एबीईएस कॉलेज के आसपास वाहनों की कतार लग गई। कई वाहन चालकों को धीमी गति से निकलना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने क्रेन से हटवाया वाहन घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैफिक व्यवस्था संभाली। पुलिस ने क्रेन की मदद से सड़क पर पलटे वाहन को हटवाया। रिपोर्ट के मुताबिक करीब ढाई बजे तक वाहन को किनारे कर रास्ता साफ कर दिया गया और दोपहर लगभग तीन बजे तक यातायात सामान्य हो गया। ACP ने दी घटना की जानकारी एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि वाहन की कमानी का पट्टा टूटने की वजह से मालवाहक वाहन पलट गया था। उन्होंने कहा कि हादसे में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और पुलिस ने वाहन को हटवाकर यातायात दोबारा सुचारू करा दिया। व्यस्त एक्सप्रेसवे पर टला गंभीर हादसा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में तेज रफ्तार वाहन चलते हैं। ऐसे में बीच सड़क पर किसी वाहन का अचानक पलटना बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता था। इस मामले में चालक के सुरक्षित बचने और पीछे से आने वाले किसी वाहन के न टकराने के कारण बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घटना ने एक बार फिर हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर वाहनों की तकनीकी स्थिति और नियमित मेंटेनेंस के महत्व की ओर ध्यान खींचा है। source – Live Hindustan जय राष्ट्र न्यूज़

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भक्त के मुड़ते ही दान गायब? लालबागचा राजा की दानपेटी का VIDEO चर्चा में; पारदर्शिता पर सवाल!

मुंबई: मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अभिनेत्री मधू शाह भगवान गणेश के चरणों में ₹500 का नोट अर्पित करती दिखाई देती हैं। उनके पीछे मुड़ते ही पास खड़ा एक व्यक्ति नोट उठाकर कपड़े के पीछे या नीचे रखता नजर आता है। कुछ सेकंड के इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने दान की प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि वीडियो से यह साबित नहीं होता कि नोट चोरी हुआ या दान की रकम गलत तरीके से इस्तेमाल की गई। मधू शाह ने चढ़ाया था ₹500 का नोट अभिनेत्री मधू शाह 21 सितंबर 2026 को गणेशोत्सव के दौरान लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंची थीं। वायरल वीडियो में उन्हें गणपति के चरणों में ₹500 का नोट रखते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद वह पीछे मुड़कर वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाती हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति आगे बढ़कर वह नोट उठा लेता है और उसे पास मौजूद कपड़े के पीछे या नीचे रखता दिखाई देता है। वीडियो वायरल होते ही उठे सवाल सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सवाल किया कि दान में दिया गया नोट इतनी जल्दी क्यों हटाया गया और उसे खुले तौर पर दान संग्रह में रखने के बजाय कपड़े के पीछे क्यों रखा गया। कुछ यूजर्स ने इसे कथित “दान घोटाले” से जोड़कर भी टिप्पणियां कीं। हालांकि ये सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं हैं और इनसे किसी अनियमितता की पुष्टि नहीं होती। क्या सच में ‘गायब’ हो गया दान? वायरल वीडियो में नोट हटाया जाना स्पष्ट दिखाई देता है, लेकिन वीडियो अकेले यह नहीं बताता कि उस व्यक्ति ने नोट क्यों उठाया, वह व्यक्ति लालबागचा राजा मंडल से जुड़ा था या नहीं, और बाद में वह रकम कहां जमा की गई। इसलिए केवल कुछ सेकंड के वीडियो के आधार पर इसे चोरी या घोटाला कहना उचित नहीं होगा। TV9 Marathi और Navbharat Live की रिपोर्ट्स ने भी कहा है कि नोट हटाने की असली वजह और संबंधित व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट नहीं है। लालबागचा राजा में करोड़ों का आता है दान लालबागचा राजा मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणेश पंडालों में शामिल है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां नकद, सोना और चांदी चढ़ाते हैं। 2026 के गणेशोत्सव के पहले पांच दिनों में मंडल को करीब ₹3.1 करोड़ नकद, 1.12 किलो सोना और 19.75 किलो चांदी प्राप्त होने की रिपोर्ट सामने आई थी। दान की आधिकारिक गिनती के दौरान Bank of Maharashtra के कर्मचारी, BMC कर्मी और मंडल के सदस्य व सलाहकार मौजूद रहते हैं। मंडल के कोषाध्यक्ष मंगेश दलवी के अनुसार प्राप्त रकम का इस्तेमाल dialysis centre, patient schemes, computer centre, library और book bank जैसे सामाजिक कार्यों में किया जाता है। वायरल वीडियो पर मंडल की सफाई का इंतजार 24 सितंबर तक उपलब्ध प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स में वायरल ₹500 नोट वाले वीडियो को लेकर लालबागचा राजा मंडल की कोई विस्तृत सार्वजनिक सफाई सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो में नोट उठाने वाला व्यक्ति कौन था और क्या वह दान एकत्र करने की निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा था। पारदर्शिता पर फिर शुरू हुई चर्चा इस वीडियो ने धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले दान को संभालने की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर नई चर्चा शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई देने वाला दृश्य सवाल जरूर खड़ा करता है, लेकिन फिलहाल किसी तरह की चोरी या वित्तीय अनियमितता साबित करने वाला स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है। पूरे मामले की स्थिति मंडल की आधिकारिक प्रतिक्रिया या अन्य सत्यापित जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। source – India Today / Mirror Now / TV9 Marathi / Navbharat Live / Lalbaugcha Raja Mandal जय राष्ट्र न्यूज़

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टी20 क्रिकेट में भारत ने रचा इतिहास, 200 जीत दर्ज करने वाली पहली टीम बनी

नई दिल्ली: भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने टी20 इंटरनेशनल में नया इतिहास रच दिया है। जापान को दो रन से हराकर भारत ने अपनी 200वीं T20I जीत दर्ज की और इस मुकाम तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली पुरुष टीम बन गई। बारिश के कारण पांच-पांच ओवर के मुकाबले में भारत ने बेहद कम स्कोर का सफल बचाव करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। जापान के खिलाफ मिली ऐतिहासिक 200वीं जीत भारत और जापान के बीच 22 सितंबर 2026 को जापान के Sano International Cricket Ground में एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला गया। यह दोनों देशों की पुरुष टीमों के बीच पहला T20I मैच भी था। BCCI और Japan Cricket Association ने इस मुकाबले का आयोजन भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रम के तहत किया था। बारिश और गीली आउटफील्ड के कारण मैच को घटाकर पांच-पांच ओवर का कर दिया गया। सिर्फ 32 रन बना सकी टीम इंडिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम जापानी स्पिन गेंदबाजों के सामने खुलकर रन नहीं बना सकी। भारत ने पांच ओवर में चार विकेट पर 32 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 16 रन की पारी खेली और टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे। जापान के गेंदबाजों ने परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। आखिरी ओवर तक चला रोमांच 33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान ने भारत को कड़ी टक्कर दी। चार ओवर के बाद मेजबान टीम को जीत के लिए आखिरी छह गेंदों पर केवल आठ रन चाहिए थे। भारत की ओर से अंतिम ओवर अक्षर पटेल ने डाला। उन्होंने दबाव में रन बचाते हुए जापान को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया। जापान की टीम पांच ओवर में 30 रन पर तीन विकेट ही बना सकी और भारत ने मुकाबला दो रन से जीत लिया। वॉशिंगटन सुंदर ने दो विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। 200 T20I जीत दर्ज करने वाली पहली टीम जापान के खिलाफ जीत के साथ भारत पुरुष T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 मुकाबले जीतने वाली पहली टीम बन गया। इस रिकॉर्ड में Super Over के जरिए हासिल की गई जीत भी शामिल हैं। भारत की T20I यात्रा की शुरुआत 2006 में हुई थी। टीम इंडिया ने अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला और उसी मैच में छह विकेट से जीत हासिल की थी। 50वीं से 200वीं जीत तक ऐसा रहा सफर भारत ने अपनी 50वीं T20I जीत 2017 में श्रीलंका के खिलाफ दर्ज की थी। इसके बाद 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम ने 100वीं जीत हासिल की। 2024 में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत 150 T20I जीत तक पहुंचा और अब जापान के खिलाफ मुकाबले ने टीम इंडिया को ऐतिहासिक 200वीं जीत दिला दी। एशियन गेम्स से पहले बढ़ा आत्मविश्वास जापान के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए Asian Games 2026 से पहले अहम अभ्यास मैच भी था। भारत पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से अपना अभियान शुरू करेगा। हालांकि जापान के खिलाफ बल्लेबाजी में भारतीय टीम को संघर्ष करना पड़ा, लेकिन बेहद कम स्कोर का बचाव कर जीत हासिल करना गेंदबाजों के लिए सकारात्मक संकेत रहा। टी20 क्रिकेट में भारत का दबदबा भारत हाल के वर्षों में T20I क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में शामिल रहा है। जापान के खिलाफ 200वीं जीत ने इस रिकॉर्ड को और मजबूत किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक कोई दूसरी पुरुष टीम 200 जीत के आंकड़े तक नहीं पहुंची है। भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाम को जापान के खिलाफ बेहद रोमांचक दो रन की जीत के साथ हासिल किया। source – Business Standard / Times of India / ICC / BCCI जय राष्ट्र न्यूज़

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7 महीने में 3 घटनाएं, IIT Bombay में छात्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल

मुंबई: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान IIT Bombay में सात महीनों के भीतर तीन छात्रों की मौत ने छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सितंबर में दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद सैकड़ों छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया और प्रशासन से पारदर्शी जांच तथा बेहतर छात्र सहायता व्यवस्था की मांग की। सितंबर की घटना के बाद कैंपस में प्रदर्शन 18 सितंबर 2026 को Energy Science and Engineering विभाग के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत हुई। इससे पहले उसी दिन परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर उनसे पूछताछ हुई थी। IIT Bombay ने शुरुआती बयान में कहा था कि छात्र को समझाया गया था और उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। घटना के बाद 400 से अधिक छात्र कैंपस में जुटे और संस्थान की प्रक्रिया, मानसिक स्वास्थ्य सहायता तथा जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। मध्य-सेमेस्टर परीक्षाएं भी स्थगित की गईं। फरवरी में भी हुई थी छात्र की मौत इससे पहले 4 फरवरी 2026 को IIT Bombay के दूसरे वर्ष के Civil Engineering छात्र नमन अग्रवाल की हॉस्टल परिसर में गिरने के बाद मौत हुई थी। पुलिस ने उस समय Accidental Death Report दर्ज की थी और कमरे से एक हस्तलिखित नोट मिलने के बाद परिस्थितियों की जांच शुरू की थी। जुलाई में दूसरे वर्ष के छात्र की मौत इसके करीब पांच महीने बाद जुलाई 2026 में 20 वर्षीय दूसरे वर्ष के छात्र सोहिल राजकुमार सांगवान अपने हॉस्टल कमरे में मृत पाए गए। पुलिस ने मामले में ADR दर्ज कर छात्र के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों समेत कई पहलुओं को देखा जा रहा था। सात महीने में तीन मामले सितंबर में हुई घटना के साथ IIT Bombay में सात महीनों के भीतर तीन छात्र मौतें दर्ज की गईं। इसी कारण कैंपस में छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को लेकर बहस तेज हो गई है। छात्रों ने मांग की कि ऐसी घटनाओं की स्वतंत्र जांच हो, counselling व्यवस्था मजबूत की जाए और अकादमिक या अनुशासनात्मक मामलों में छात्रों के साथ अधिक संवेदनशील प्रक्रिया अपनाई जाए। छात्रों की 18 मांगों पर बनी सहमति साहिल वाकोडे की मौत के बाद तीन दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई मांगें रखीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक संस्थान ने 18 मांगों पर सहमति जताई, जिनमें स्वतंत्र जांच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, छात्र प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने जैसी बातें शामिल थीं। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप साहिल वाकोडे के परिवार ने मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। IIT Bombay से जुड़े शिक्षकों के एक समूह ने संबंधित प्रोफेसर का बचाव भी किया है। ऐसे में मामले में अलग-अलग दावे सामने आए हैं और जांच जारी है। Crime Branch कर रही जांच मुंबई क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, छात्रों और शिक्षकों के बयान तथा डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी छात्र के परीक्षा कक्ष से निकलने के बाद के घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही है। छात्र सुरक्षा पर बढ़े सवाल लगातार हुई इन घटनाओं ने IIT Bombay जैसे बड़े शिक्षण संस्थानों में academic pressure, counselling support, grievance redressal और student welfare mechanisms को लेकर व्यापक बहस को जन्म दिया है। फिलहाल सितंबर की घटना की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन सात महीनों में तीन छात्रों की मौत ने कैंपस में छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है। source – The Indian Express / NDTV / India Today / Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार बाढ़ के बीच दो तस्वीरों ने खींचा ध्यान; एक में बेबसी, दूसरी में मदद की मिसाल

पटना: बिहार में हालिया बाढ़ ने लाखों लोगों की जिंदगी प्रभावित की है। कई इलाकों में घर पानी में डूबे, परिवार राहत शिविरों में पहुंचे और खेती को भारी नुकसान हुआ। इस संकट के बीच सामने आई दो तरह की तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा है—एक तरफ अपना घर-सामान गंवाकर अस्थायी शिविरों में रह रहे परिवारों की बेबसी, तो दूसरी ओर नावों और दूसरे साधनों से बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाते लोगों की तस्वीरें उम्मीद का संदेश दे रही हैं। राहत शिविरों में घर लौटने का इंतजार भागलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई परिवारों को घर छोड़कर राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है। तिल्हा कोठी समेत कई जगहों पर लोगों ने प्लास्टिक शीट और उपलब्ध सामान से अस्थायी ठिकाने बनाए हैं। Indian Express की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कुछ परिवारों के घर अब भी पानी में डूबे हैं। बाढ़ में दस्तावेज, अनाज, पैसे और घरेलू सामान तक बहने या खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं। प्रभावित लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पानी उतरने के बाद उनके पास वापस लौटने के लिए क्या बचेगा। करीब 50 लाख लोगों तक पहुंचा था बाढ़ का असर सितंबर में बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ा था। एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 15 जिलों में लगभग 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। पटना, भागलपुर, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर समेत कई जिलों में घर, सड़कें और कृषि भूमि जलमग्न हुईं। इस दौरान गंगा समेत कई नदियों के बढ़े जलस्तर ने ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों में सबसे अधिक परेशानी पैदा की। दूसरी तस्वीर में राहत पहुंचाते दिखे सोनू सूद बाढ़ की मुश्किल तस्वीरों के बीच अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनू सूद भी राहत कार्य के लिए बिहार पहुंचे। बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित इलाकों में उन्होंने नाव से जाकर लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित की और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। सोनू सूद ने कहा कि बिहार को जब भी मदद की जरूरत होगी, वह लोगों के साथ खड़े रहेंगे। उनकी राहत सामग्री बांटते हुए सामने आई तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहीं। प्रशासन और स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुटे बिहार के कई हिस्सों में NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी समूहों ने नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने का काम किया। सितंबर की शुरुआत में स्थिति गंभीर होने के दौरान 13 जिलों में 34 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की सूचना थी। भागलपुर में एक नाव पलटने के बाद SDRF ने उसमें सवार सभी 10 लोगों को सुरक्षित बचाया था। पानी घटा, लेकिन मुश्किलें बाकी कई क्षेत्रों में अब बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन नुकसान की पूरी तस्वीर पानी उतरने के बाद सामने आ रही है। खेतों में फसल खराब होने, घरों को नुकसान और जरूरी सामान बर्बाद होने से प्रभावित परिवारों के सामने पुनर्वास और रोजमर्रा की जिंदगी दोबारा शुरू करने की चुनौती है। राज्य सरकार ने बाढ़ से फसल गंवाने वाले किसानों के लिए 23 से 29 सितंबर के बीच कृषि इनपुट अनुदान के आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की है। दो तस्वीरें, एक ही त्रासदी के अलग चेहरे बिहार बाढ़ की ये तस्वीरें आपदा के दो अलग पहलू दिखाती हैं। एक ओर ऐसे परिवार हैं जो अपना घर और आजीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन, स्वयंसेवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के राहत प्रयास सामने आ रहे हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाकों में पुनर्वास, फसल नुकसान की भरपाई और बुनियादी सुविधाओं को बहाल करना अगली बड़ी चुनौती होगी। source – The Indian Express / Navbharat Times / Mongabay India / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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मैथिली ठाकुर की लग्जरी कार पर ट्रोलिंग, कंगना रनौत ने किया बचाव

मुंबई: लोकगायिका और बिहार के अलीनगर से BJP विधायक मैथिली ठाकुर के मुंबई के लालबागचा राजा पंडाल में Rolls-Royce Cullinan से पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। कई यूजर्स ने इतनी महंगी कार के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। इस विवाद के बीच BJP सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत मैथिली के समर्थन में सामने आईं और कहा कि सार्वजनिक जीवन में होने का मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति अच्छी जिंदगी नहीं जी सकता। Rolls-Royce में लालबागचा राजा पहुंचीं मैथिली ठाकुर 15 सितंबर को मैथिली ठाकुर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन के लिए पहुंची थीं। वायरल वीडियो में उन्हें नीले रंग की chauffeur-driven Rolls-Royce Cullinan में बैठे और बाद में लोगों का अभिवादन करते देखा गया। पंडाल में दर्शन के बाद आयोजकों ने उनका सम्मान भी किया। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कार की कीमत और इसके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। क्या कार मैथिली ठाकुर की ही है? सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया गया कि मैथिली ठाकुर ने यह लग्जरी कार खरीदी है, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट्स में कार के मालिकाना हक की पुष्टि नहीं हुई है। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल मैथिली ठाकुर के हलफनामे में उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब ₹3.82 करोड़ थी और उसमें Rolls-Royce का उल्लेख नहीं था। उनके हलफनामे में पेशा ‘Singer’ और आय के स्रोतों में singing, social media और brand endorsements दर्ज हैं। इसलिए केवल वायरल वीडियो के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि दिखाई दे रही Rolls-Royce उनकी अपनी कार है। कंगना रनौत ने ट्रोलिंग पर क्या कहा? ट्रोलिंग के बाद कंगना रनौत ने Instagram Story के जरिए मैथिली ठाकुर का समर्थन किया। कंगना ने सवाल उठाया कि अगर कोई नेता अपनी प्रोफेशनल जिंदगी और निजी कमाई के जरिए अच्छा जीवन जीता है तो उसे लेकर नाराजगी क्यों होनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि सार्वजनिक सेवा से जुड़े लोगों की अपनी careers और जिंदगी भी होती है और उनसे हमेशा साधारण या गरीब जीवन जीने की अपेक्षा करना उन्हें उचित नहीं लगता। कंगना रनौत वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से BJP सांसद हैं। सोशल मीडिया पर संपत्ति को लेकर उठे सवाल Rolls-Royce वाले वीडियो के बाद मैथिली ठाकुर की चुनावी संपत्ति का विवरण भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। Association for Democratic Reforms के MyNeta रिकॉर्ड के अनुसार 2025 विधानसभा चुनाव में मैथिली ठाकुर ने लगभग ₹3.82 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी और कोई देनदारी नहीं बताई थी। वह अलीनगर विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीती थीं। हालांकि घोषित संपत्ति और किसी कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए वाहन के बीच सीधे संबंध का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। ट्रोलिंग के बाद छिड़ी नई बहस मैथिली ठाकुर के वीडियो ने सोशल मीडिया पर नेताओं की जीवनशैली, निजी आय और सार्वजनिक छवि को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने महंगी कार के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, वहीं कंगना रनौत ने इसे किसी व्यक्ति की निजी सफलता और जीवनशैली से जोड़ते हुए मैथिली का बचाव किया। फिलहाल यह स्पष्ट है कि मैथिली ठाकुर Rolls-Royce Cullinan में लालबागचा राजा पहुंची थीं, लेकिन यह कार उनकी अपनी थी या किसी और की, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। source – The Indian Express / Aaj Tak / Amar Ujala / ADR-MyNeta जय राष्ट्र न्यूज़

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जमुई घटना के बाद सम्राट चौधरी का पुराना बयान वायरल, विपक्ष ने पूछा- क्या अब देंगे इस्तीफा?

पटना: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिया गया एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया है। पुराने वीडियो में चौधरी को यह कहते सुना जा सकता है कि बिहार में कोई महिला रात में बाहर निकले और “किसी ने छू दिया” तो वह अगली सुबह इस्तीफा दे देंगे। विपक्ष अब इसी बयान का हवाला देकर मुख्यमंत्री से सवाल कर रहा है। जमुई में क्या हुआ? मामला 19 सितंबर 2026 का है। जमुई जिले में कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने रास्ते में रोका। पुलिस के मुताबिक दोनों के साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ हुई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। पुलिस ने POCSO Act समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। क्यों वायरल हुआ सम्राट चौधरी का पुराना बयान? जमुई की घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्षी नेताओं ने सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो शेयर करना शुरू किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 सितंबर 2025 के एक कार्यक्रम में चौधरी ने बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर किसी व्यक्ति का कोई निजी दुश्मन नहीं है तो वह रात 12 बजे खाना खाने के बाद बाहर घूमकर आए और यदि कोई उसे छू दे तो “सम्राट चौधरी सुबह इस्तीफा दे देगा।” यह बयान उस समय कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए उनके राजनीतिक दावे का हिस्सा था। अब जमुई की घटना के बाद विपक्ष इसी पुराने बयान को उनके खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। विपक्ष ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा जमुई मामले के बाद RJD और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बिहार सरकार पर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। RJD नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं ने सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए उनसे जवाब मांगा। कुछ विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है। यह विपक्ष की राजनीतिक मांग है। सम्राट चौधरी ने जमुई मामले पर क्या कहा? विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सुशासन है और अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो और ‘रील’ बनाने की प्रवृत्ति का भी जिक्र करते हुए कहा कि अपराध का वीडियो बनने से आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली। मुख्य आरोपी पुलिस कार्रवाई में घायल मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस कार्रवाई में गोली लगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी ने कथित रूप से पुलिस पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और घटना की जांच के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुराने बयान ने बढ़ाया राजनीतिक दबाव सम्राट चौधरी का पुराना वीडियो वायरल होने से जमुई मामला केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि बिहार में राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। विपक्ष पुराने बयान को मुख्यमंत्री की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुराने बयान में कही गई इस्तीफे की बात एक राजनीतिक वक्तव्य थी; यह अपने आप कोई कानूनी या संवैधानिक बाध्यता नहीं बनाती। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। source – The Indian Express / Aaj Tak / ABP News / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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आदिवासी स्कूल में ₹2.5 लाख की पानी की टंकी? वायरल वीडियो में उठे सवाल

जयपुर: राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में लगी पानी की टंकी को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि आदिवासी बच्चों के स्कूल में लगाई गई पानी की टंकी पर करीब ₹2.5 लाख खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। हालांकि ₹2.5 लाख की लागत के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया? 20 सितंबर को आशुतोष रांका के सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो साझा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में उन्होंने स्कूल परिसर में लगी एक पानी की टंकी दिखाते हुए दावा किया कि इसकी कीमत करीब ₹2.5 लाख है। उन्होंने कहा कि टंकी में तीन आउटलेट दिखाई देते हैं, लेकिन केवल एक नल लगा है और उससे भी पानी नहीं आ रहा। रांका ने सवाल उठाया कि यदि इस व्यवस्था पर वास्तव में इतनी राशि खर्च की गई है तो विद्यार्थियों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा और पैसा कहां खर्च हुआ। ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान सामने आया मामला यह मामला CJP के ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान सामने आया। सात सदस्यीय टीम ने राजस्थान के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में सरकारी स्कूलों का दौरा किया था। टीम ने देमत, पोंगली और बाबरी जैसे गांवों में स्कूल भवन, पीने के पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार CJP ने आदिवासी विकास के लिए निर्धारित फंड के इस्तेमाल पर भी पारदर्शिता की मांग की और स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। स्कूलों में पानी और शौचालय की समस्या का भी दावा उदयपुर क्षेत्र में किए गए निरीक्षणों के दौरान आशुतोष रांका और उनकी टीम ने कई सरकारी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली, पंखे और फर्नीचर जैसी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया। Amar Ujala की रिपोर्ट के अनुसार रांका ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर सुधार की मांग भी की। इन निरीक्षणों को लेकर प्रकाशित दूसरी रिपोर्ट्स में कुछ स्कूलों में जर्जर भवन और पर्याप्त कक्षाओं की कमी जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया है। ₹2.5 लाख की कीमत की पुष्टि नहीं वायरल वीडियो में टंकी की कीमत ₹2.5 लाख बताए जाने के बावजूद अभी ऐसी कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेजी जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सके कि संबंधित टंकी की वास्तविक स्वीकृत या खर्च की गई लागत इतनी ही थी। The Nation Mirror ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पानी की टंकी की कीमत और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है। इसलिए ₹2.5 लाख की राशि को फिलहाल रांका द्वारा किया गया दावा ही माना जाना चाहिए। राजस्थान के सरकारी स्कूल पहले भी रहे चर्चा में राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर हाल के महीनों में कई मामले सामने आए हैं। अगस्त में राज्य सरकार ने स्कूलों की सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और भवनों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करने को भी कहा गया था। इसके अलावा जयपुर के रामपुरा गांव के एक सरकारी स्कूल की खराब स्थिति पर विवाद के बाद सरकार ने नए भवन के निर्माण के लिए करीब ₹18 लाख मंजूर किए थे। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार ₹2.5 लाख की पानी की टंकी के विशेष दावे को लेकर उपलब्ध प्रमुख रिपोर्ट्स में संबंधित विभाग की कोई विस्तृत आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन टंकी की वास्तविक लागत और भुगतान से जुड़े निष्कर्ष आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। source – The Indian Express / Amar Ujala / The Nation Mirror जय राष्ट्र न्यूज़

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चिराग पासवान की निजी पहचान को लेकर बयान से विवाद, जीतन राम मांझी ने की कार्रवाई की मांग

पटना: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की निजी लैंगिक पहचान को लेकर डॉ. राजन सिंह के एक बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राजन सिंह ने चिराग पासवान की पहचान को लेकर एक अपुष्ट दावा किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए बिहार सरकार से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है और चिराग पासवान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड से जुड़े रहे डॉ. राजन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसमें उन्होंने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर दावा किया और कहा कि वह अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करते। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान से जुड़ी जानकारी को केवल सोशल मीडिया टिप्पणियों या अटकलों के आधार पर तथ्य नहीं माना जा सकता। जीतन राम मांझी ने जताई नाराजगी केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी ने राजन सिंह की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री की निजी पहचान को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टैग करते हुए राज्य सरकार से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। राजन सिंह ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद 23 सितंबर को राजन सिंह ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि ‘ट्रांसजेंडर’ कोई अपमानजनक शब्द नहीं, बल्कि एक सम्मानित पहचान है। राजन सिंह ने कहा कि उन्हें स्वयं अपनी ट्रांसजेंडर पहचान पर गर्व है और उनका उद्देश्य इस शब्द को अपमान के तौर पर इस्तेमाल करना नहीं था। उन्होंने चुनावी दस्तावेजों में उम्मीदवारों की लैंगिक पहचान को लेकर भी सवाल उठाए। चिराग पासवान की ओर से क्या आया जवाब? 21 सितंबर तक प्रकाशित प्रमुख रिपोर्ट्स में चिराग पासवान या उनकी पार्टी की ओर से राजन सिंह के इस दावे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में उनकी निजी पहचान को लेकर किया गया दावा अपुष्ट ही है और इसे प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। निजी पहचान पर सियासी बयान से बढ़ी बहस पूरे विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ किसी सार्वजनिक व्यक्ति की निजी पहचान को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। एक ओर जीतन राम मांझी ने टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं राजन सिंह का कहना है कि ट्रांसजेंडर पहचान को अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल विवाद का केंद्र चिराग पासवान की वास्तविक पहचान से अधिक एक अपुष्ट व्यक्तिगत दावे को सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाए जाने पर है। source – Amar Ujala / Live Hindustan / IANS जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई कोस्टल रोड पर BMW हादसा, 3 लोगों की मौत; तेज रफ्तार कार बैरियर तोड़कर नीचे गिरी

मुंबई के कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार BMW कार का भीषण हादसा हो गया। कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बैरियर से टकराई और फ्लाईओवर से नीचे निर्माणाधीन हिस्से में जा गिरी। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना 20 सितंबर 2026 की सुबह करीब 5:20 बजे वर्ली के लोटस जेट्टी के पास हुई। मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी BMW पुलिस के मुताबिक काले रंग की BMW कार मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी। कार में चार युवक सवार थे। लोटस जेट्टी के पास पहुंचने पर चालक कथित तौर पर तेज रफ्तार में मोड़ को नियंत्रित नहीं कर पाया। इसके बाद कार बाहरी बैरियर से टकराई और फ्लाईओवर से नीचे जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर मौजूद लोगों और आपातकालीन टीमों ने चारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। तीन छात्रों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे में मरने वालों की पहचान 21 वर्षीय शनय गज्जर, 19 वर्षीय आदित्य जकासानिया और 17 वर्षीय धैर्य शेठ के रूप में हुई है। वहीं आदित्य ओसवाल गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें मुंबई के BYL नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चारों युवक गुजरात के अहमदाबाद से थे और मुंबई में पढ़ाई कर रहे थे। CCTV में कैद हुआ हादसा हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में BMW कार तेज रफ्तार से आती दिखाई देती है और कुछ ही सेकंड में बैरियर तोड़ते हुए नीचे गिर जाती है। पुलिस की शुरुआती जांच में ओवरस्पीडिंग को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के सभी कारणों की आधिकारिक जांच जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कार दूसरे स्तर के रैंप से करीब 70 फीट नीचे निर्माणाधीन पार्किंग क्षेत्र में गिरी। कार चला रहा था शनय गज्जर पुलिस जांच के अनुसार दुर्घटना के समय BMW कथित तौर पर शनय फल्गुन गज्जर चला रहे थे। हादसे में उनकी भी मौत हो गई। बाद की जांच में पुलिस को पता चला कि शनय से जुड़े पहले भी कथित तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियम उल्लंघन के मामले सामने आए थे। Hindustan Times और Times of India की रिपोर्ट्स के मुताबिक संबंधित BMW पर speeding, signal jumping और सड़क बाधित करने से जुड़े कुछ e-challans भी लंबित थे। हालांकि इन पुरानी घटनाओं को मौजूदा दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना जा सकता और पुलिस वर्तमान हादसे की परिस्थितियों की अलग से जांच कर रही है। छह महीने पहले भी इसी BMW से जुड़ा था मामला Times of India की एक बाद की रिपोर्ट के अनुसार यही BMW करीब छह महीने पहले भी एक सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में सामने आई थी, जब कथित तौर पर कार ने एक दंपती को टक्कर मार दी थी। उस मामले में Gamdevi पुलिस स्टेशन में कथित तेज और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर FIR दर्ज की गई थी। पुराने हादसे का वीडियो मौजूदा दुर्घटना के बाद फिर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस कर रही है हादसे की जांच मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय वाहन की वास्तविक गति कितनी थी और चालक ने कार पर नियंत्रण क्यों खोया। साथ ही दुर्घटना के बाद फोरेंसिक और अन्य जांच प्रक्रियाएं भी अपनाई गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जांच के लिए आवश्यक नमूने भी लिए गए हैं। कोस्टल रोड पर स्पीड को लेकर फिर उठे सवाल इस हादसे के बाद मुंबई कोस्टल रोड पर ओवरस्पीडिंग और रोड सेफ्टी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। मुंबई कोस्टल रोड करीब 10.58 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जो दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव को बांद्रा-वर्ली सी लिंक के वर्ली छोर से जोड़ता है। स्थानीय रिपोर्ट्स में इससे पहले भी कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार वाहनों को लेकर शिकायतों और पुलिस की स्पीड-गन कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। फिलहाल इस दर्दनाक हादसे में तीन युवा जान गंवा चुके हैं और एक घायल का इलाज जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के पीछे केवल तेज रफ्तार थी या अन्य कारण भी जिम्मेदार थे।

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