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यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 7 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 7 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के घना कोहरा बड़ा हादसा लेकर आया। मथुरा जिले के बलदेव थाना क्षेत्र में माइलस्टोन-127 के पास एक के बाद एक कई बसें और कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों में आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार की मौत, 25 घायलSSP श्लोक कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं. घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। कैसे हुआ हादसा?जानकारी के मुताबिक, बसें आगरा से नोएडा की तरफ जा रही थीं। तभी पीछे से एक कार कोहरे के कारण आगे चल रही बस से टकरा गई।इसके बाद चेन रिएक्शन की तरह कुल 7 बसें और 3 कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर के बाद वाहनों में आग लग गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। राहत और बचाव कार्यघटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने अस्पतालों को घायलों के बेहतर इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। यातायात प्रभावितहादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया। आग बुझने और क्षतिग्रस्त बसों को हटाने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। जांच और प्रत्यक्षदर्शियों का बयानअधिकारियों ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ियों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऐसा लगा जैसे कोई धमाका हुआ हो। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई थी और लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। फिलहाल बचाव कार्य जारी है।

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घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) परत-दर-परत एक नया रिकॉर्ड कायम करने में लगी है। इस बार यह रिकॉर्ड दिल्ली के आसपास के इलाकों में पाया गया है। दिल्ली का तो प्रदूषण से बुरा हाल था ही, पर अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में भी हाल बेहाल हो गए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक पंजाब, हरियाणा, चड़ीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में घने कोहरे की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शहर के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद सीवियर क्षेणी में पहुंच गया है. इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। आनंद विहार में AQI 493 के पारआनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 493 के पार चल गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी AQI के अनुसरा इस इलाके को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली को जहरीले धुएं की मोट परत ने घेर रखा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी चरण-IV (Grap Stage-IV) के तहत सभी इलाकों में कार्रवाई शुरू कर दी है। बारापुल्ला फ्लाईओवर का भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 433 है, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। द्वारका सेक्टर-14 में भी AQI 469 है, जो लोगों की स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सरकार का एक्शन प्लानवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQIM) ने दिल्ली और एनसीआर राज्य सरकारों को सभी बाहरी शारीरिक खेल गतिविधियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है, साथ ही चेतावनी दी है कि खराब वायु गुणवत्ता के बीच ऐसे आयोजनों का निरंतर संचालन बच्चों के लिए ‘गंभीर स्वास्थ्य जोखिम’ पैदा करता है।

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शिवांगी सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिला सशक्तिकरण की सबसे चमकदार मिसाल हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि आकाश की ऊंचाईयों में कोई सीमा नहीं होती।

भारत की पहली महिला राफेल पायलट अब बनाएंगी अगली पीढ़ी के फाइटर पायलट

वाराणसी की बेटी विंग कमांडर शिवांगी सिंह ने एक बार फिर इतिहास रचा है। देश की पहली एकमात्र महिला रफाल पायलट (India first female Rafale pilot) अब भारतीय वायुसेना के भावी फाइटर पायलटों को तैयार करने वाली ट्रेनर बन गई हैं। हाल ही में उन्हें हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर (Hawk AJT) बेड़े में ट्रांजिशन कर दिया गया है, जहां उनकी जिम्मेदारी प्रशिक्षु पायलटों को उच्च स्तर का कॉम्बैट ट्रेनिंग देना होगी। यह नया पद उन्हें सीधे अगली पीढ़ी के फाइटर पायलट तैयार करने की कमान सौंपता है। सफर की शुरुआत से शिखर तक2017 में भारतीय वायुसेना की दूसरी बैच की महिला फाइटर पायलट के रूप में कमीशन होने के बाद शिवांगी सिंह ने अपना करियर सबसे चुनौतीपूर्ण विमानों में से एक, MiG-21 बाइसन से शुरू किया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने असाधारण कौशल दिखाया। 2020 में जब भारत ने फ्रांस से पहली खेप के रफाल फाइटर जेट प्राप्त किए, तब अंबाला एयरबेस की 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ में शामिल होकर शिवांगी ने रफाल पर उड़ान प्रशिक्षण लिया। वे पूरे इंडक्शन फेज़ में रफाल उड़ाने वाली देश की इकलौती महिला पायलट बनीं। उनके ऑपरेशनल अनुभव में हाई-टेम्पो मिशन, बड़े पैमाने पर वायुसेना अभ्यास, फ्रंटलाइन ऑपरेशंस और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास शामिल रहे हैं. इसी साल जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रफाल में सॉर्टी की थी, तब भी शिवांगी सिंह उस स्क्वाड्रन का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। सबसे कठिन कोर्स को किया पारहाल ही में उन्होंने तांबरम एयर फोर्स स्टेशन में Flying Instructors’ Course (FIC) सफलतापूर्वक पूरा किया। यह कोर्स भारतीय वायुसेना का सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम माना जाता है, जिसमें केवल चुनिंदा पायलट ही सफल हो पाते हैं। इस कोर्स के बाद उन्हें Qualified Flying Instructor (QFI) का दर्जा मिला है। नई पीढ़ी को दिशा देंगीअब विंग कमांडर शिवांगी सिंह हॉक AJT पर प्रशिक्षु पायलटों को बेसिक से लेकर एडवांस्ड कॉम्बैट मैन्यूवर्स तक सिखाएंगी। रफाल जैसे 4.5 जेनरेशन फाइटर का गहरा अनुभव रखने वाली एक महिला प्रशिक्षक का होना न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाली महिला फाइटर पायलटों के लिए यह एक जीता-जागता प्रेरणा स्रोत भी है। शिवांगी सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिला सशक्तिकरण की सबसे चमकदार मिसाल हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि आकाश की ऊंचाईयों में कोई सीमा नहीं होती। भारतीय आसमान अब और सुरक्षित और प्रेरणादायक है क्योंकि शिवांगी सिंह जैसी बेटियां इसे नई दिशा दे रही हैं।

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कांग्रेस के घाव पर नमक! कर्नाटक के बाद पंजाब में सियासी संकट, क्यों एक्टिव हुए राहुल गांधी?

कांग्रेस में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही. एक तरफ कर्नाटक में मामला गर्माया हुआ है. हाई कमान से लेकर पार्टी अध्यक्ष तक इसपर कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं. दूसरी ओर अब नया बघेड़ा पंजाब में खड़ा हो गया है. बताया जा रहा है इसे लेकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी एक्टिव हो गए हैं. कर्नाटक के बाद अब पंजाब इकाई (Punjab Congress) में नेताओं के बीच तनातनी जारी है. खबर है कि हालात संभालने के लिए कांग्रेस आलाकमान सक्रिय हो गया है. कहा जा रहा है कि सांसद राहुल गांधी ने भी इस संबंध में बैठक बुलाई थी. इस बीच पंजाब में आरोप प्रत्यारोप का दौर चला है. नवजोत कौर सिद्धू का बयान बढ़ा तनावनवजोत कौर सिद्धू के बयान के बाद कांग्रेस की पंजाब इकाई में तनाव बढ़ गया है. कौर ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष (Punjab Congress Leader) अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर तीखा हमला करते हुए उन पर पार्टी को ‘बर्बाद’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नोटिस ऐसी जगह से जारी किए जा रहे हैं जिसका कोई आधार ही नहीं है. उन्होंने वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि 70 ‘कुशल, ईमानदार और वफादार’ नेता उनके संपर्क में हैं, जिन्हें वडिंग ने कांग्रेस पार्टी से अलग कर दिया है. सिद्धू की नाराजगी क्यों?नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं. उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है. ऐसा इसलिए कि उन्होंने CM की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये वाली बात कही थी. हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान से इनकार किया और कहा कि उसे गलत तरीके से पेश किया गया है.सुखजिंदर सिंह रंधावा का जवाब सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों पर कहा कि अब वह कोर्ट में बात करेंगे. उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसी बातें होती रहती हैं, इसमें नया कुछ नहीं है. खैर अब देखना होगा की राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के एक्टिव होने से पंजाब में कांग्रेस की नाव किस डगर जाती है.

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पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनसे बहुत कुछ सीखा

पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि, कहा-उनसे बहुत कुछ सीखा

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की गुरुवार को जयंती है. पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा के नेताओं ने उनकी जयंती पर याद करते हुए श्रद्धांजलि दी| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- ‘प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि| एक महान राजनेता और बहुत गहराई वाले विद्वान. उन्होंने दशकों तक सार्वजनिक जीवन में बिना किसी रुकावट के भारत की सेवा की| प्रणब बाबू की बुद्धि और विचारों की स्पष्टता ने हर कदम पर हमारे लोकतंत्र को समृद्ध किया| यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि इतने सालों तक हमारी बातचीत में मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला|’ अमित शाह ने किया यादकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा ‘भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि| जनता की सेवा के लिए समर्पित एक नेता, मुखर्जी की संविधान की गहरी समझ ने सरकारी पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित किया| उनका जीवन और काम हमारी लोकतांत्रिक यात्रा को प्रेरित करते रहेंगे|’ जेपी नड्डा का पोस्टभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत रत्न प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर मेरी दिल से श्रद्धांजलि| सार्वजनिक सेवा में उनके लंबे सफर ने भारत को कई तरह से बनाया है| अपनी विनम्रता और गहरे ज्ञान के लिए जाने जाने वाले, उन्होंने अनगिनत लोगों की जिंदगी को छुआ और देश की तरक्की में बहुत बड़ा योगदान दिया| उनकी विरासत भारत के विकास के लिए समर्पित आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी|” प्रदेश के नेताओं ने किया यादअसम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान उनके विजन और राजनेता होने का हमेशा रहने वाला सबूत है| उनकी जयंती पर, हम भारत रत्न को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत की राजनीतिक सोच को आकार दिया, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर आवाजों को एक किया और हमारे लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया| दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान उनके विजन और राजनेता होने का हमेशा रहने वाला सबूत है. उनकी जयंती पर हम भारत रत्न को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने भारत की राजनीतिक सोच को आकार दिया, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर आवाजों को एक किया और हमारे लोकतंत्र की नींव को मज़बूत किया|’

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भूली पूंजी, नए अवसर: पीएम मोदी ने बताया बैंक, इंश्योरेंस और पीएफ के भूले पैसों की रिकवरी के तरीके

देश में लाखों लोगों की मेहनत की कमाई आज भी बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड और पीएफ खातों में पड़ी रहती है. कई परिवारों को यह तक नहीं पता होता कि उनके या उनके प्रियजनों के नाम पर जमा यह राशि वर्षों से बेकार पड़ी है. ऐसी भूली हुई पूंजी व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक नुकसान का कारण बनती है. इसी समस्या के समाधान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ पहल के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों से सक्रिय होने की अपील की है. लोगों के लिए बड़ा अवसर PM Modi ने लिंक्डइन पर अपने पोस्ट में कहा कि यह अभियान उन सभी लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है जिनकी जमा रकमें किसी वजह से क्लेम नहीं हो सकी हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड और डिविडेंड खातों में हजारों करोड़ रुपये वर्षों से बिना दावे के पड़े हैं. पहल की शुरुआत का कारण हाल ही में हुए एक मीडिया समिट में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कुछ चौंकाने वाले आंकड़ों की भी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि बैंकों में ही लगभग 78,000 करोड़ रुपये, बीमा सेक्टर में करीब 14,000 करोड़ रुपये, म्यूचुअल फंड में लगभग 3,000 करोड़ रुपये और डिविडेंड में करीब 9,000 करोड़ रुपये. बिना क्लेम किए पड़े हैं. उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में शुरू की गई यह पहल इसीलिए लाई गई है ताकि हर नागरिक आसानी से अपनी भूली हुई वित्तीय संपत्तियों को वापस प्राप्त कर सके. इसी उद्देश्य से अलग-अलग क्षेत्रों और विभागो के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किए गए हैं. बैंक डिपॉजिट और बैलेंस के लिए आरबीआई का UDGAM पोर्टल, बीमा क्लेम के लिए IRDAI का बीमा भरोसा पोर्टल, म्यूचुअल फंड के लिए SEBI का MITRA पोर्टल और डिविडेंड व शेयरों के लिए IEPFA पोर्टल बनाया है. नागरिकों से PM Modi ने की अपील प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में आगे बताया कि अब तक देश के 477 जिलों में सुविधा कैंप लगाए जा चुके हैं. इनमें ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है. उनके अनुसार, सरकारी एजेंसियों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के संयुक्त प्रयास से लगभग 2,000 करोड़ रुपये पहले ही सही मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं. आखिर में पीएम मोदी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने और अपने परिवार के पुराने खातों की जांच जरूर करें, संबंधित पोर्टल पर जाकर बकाया राशि खोजें और नजदीकी सुविधा कैंप का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पैसों की वापसी नहीं, बल्कि देश को अधिक पारदर्शी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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पीएम मोदी ने सोनिया गांधी को 79वें जन्मदिन पर दी शुभकामनाएं, लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे जीवन और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सोनिया गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. उन्हें लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.” सोनिया गांधी का कांग्रेस में उदय बता दें कि सोनिया गांधी औपचारिक रूप से 1997 में कलकत्ता पूर्ण सत्र में कांग्रेस पार्टी की सदस्य बनी थीं. इसके बाद पहली बार 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं. उस समय, पार्टी नेतृत्व संकट, आंतरिक कलह और चुनावी हार से जूझ रही थी. कांग्रेस केवल तीन राज्यों मध्य प्रदेश, ओडिशा और मिजोरम में सत्ता में थी. वे जल्दी ही कांग्रेस का एक मुख्य चेहरा और राष्ट्रीय राजनीति में एक अहम प्रभावशाली हस्ती बन गईं. हालांकि, उनका उदय बिना विवाद के नहीं हुआ. मई 1999 में, कई सीनियर नेताओं ने उनके विदेशी मूल पर सवाल उठाए. उन्होंने कुछ समय के लिए इस्तीफा देने की पेशकश की, लेकिन पार्टी के अंदर भारी समर्थन ने उनकी स्थिति को मजबूत किया. सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने लगातार दो आम चुनाव जीते और 2000 के दशक में 16 राज्यों में शासन किया. इसके बाद सोनिया गांधी ने 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. वह फिलहाल राज्यसभा की सदस्य हैं. सोनिया गांधी का कांग्रेस मार्गदर्शन जारी कांग्रेस पार्टी ने उनके जन्मदिन पर कहा कि सोनिया गांधी का हौसला और समर्पण हमें हर दिन प्रेरित करता है. गहरे सम्मान, प्रशंसा और प्यार के साथ, हम उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, अच्छे स्वास्थ्य और अनंत खुशियों की कामना करते हैं. उम्र और स्वास्थ्य कारणों से, सोनिया गांधी ने घोषणा की कि वह 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी और इसके बजाए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पार्टी का मार्गदर्शन करेंगी. बता दें कि सोनिया गांधी इटली से ताल्लुक रखती हैं. उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से शादी की थी.

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देशभर में इंडिगो फ्लाइट्स पर संकट, 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द, सरकार ने जांच समिति बनाई

भारत की सबसे बड़ी IndiGo Airline के उड़ानों में कई दिनों से परेशानियां चल रही है. कल यानी शुक्रवार को देश में इंडिगो की 550 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को रद्द किया गया. अब इंडिगो की सेवाओं में आने वाली बाधाओं की जांच के लिए भारत सरकार ने समिति का गठन किया है. इससे कारणों की पहचान कर जवाबदेही तय की जाएगी. इस समस्या के चलते देशभर में भारी संख्या में उड़ाने रद्द हुई, यात्रियों को लंबे समय तक फ्लाइट्स का इंतजार करना पड़ रहा. इसके कारण एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ लग रही है. वहीं, घरेलू किरायों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली. सरकार ने जारी किया दिशानिर्देश सिविल एविएशन मंत्री (MoCA) ने तुरंत कदम उठाते हुए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया हो और उड़ानों के लिए दिशानिर्देश जारी किए. साथ ही टेम्पररी रेगुलेटरी छूट प्रदान की है और जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक उपायों के लिए उच्च-स्तरीय जांच शुरू की है. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही व्यवस्थाएं स्थिर होना शुरू हो जाएगी. बता दें कि जांच के लिए सरकार ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. इसमें संजय के. ब्रम्हणे (जॉइंट डायरेक्टर जनरल), अमित गुप्ता (डिप्टी डायरेक्टर जनरल), कैप्टन कपिल मंगलीक (SFOI)और कैप्टन लोकेश रामपाल (FOI)शामिल है. 15 दिनों में देना होगा रिपोर्ट ये समिति व्यवधान के कारणों की जांच करेगी, नए FDTL CAR 2024 के तहत मानव-संसाधन योजना और रोस्टरिंग की समीक्षा करेगी. साथ ही ये समिति, अनुपालन में आई कमियों को देखेगी और योजना संबंधी असफलताओं की जवाबदेही तय करेगी. समिति को पुनर्स्थापन उपायों की निगरानी कर 15 दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट DGCA को सौंपनी होगी. सेवाएं सामान्य होने की संभावना सिविल एविएशन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिए हैं कि वे उड़ान सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करें और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो. उम्मीद है कि कल से शेड्यूल स्थिर होना शुरू हो जाएगा और तीन दिनों के भीतर सेवाएं पूरी तरह बहाल हो जाएंगी. इसके साथ ही सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापू ने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी दिक्कतों को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे. FDTL नियमों में बदलाव जुलाई और नवंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से लागू हुए नए FDTL नियमों में पायलटों के आराम के समय को बढ़ाया गया और रात की ड्यूटी पर सीमाएं लागू की गई. बार-बार चेतावनी के बावजूद इंडिगो अपने रोस्टर और मानव-संसाधन योजना को समय पर संशोधित नहीं कर पाया, जिससे बड़े पैमाने पर देरी और रद्दीकरण हुए. इंडिगो के CEO का बयान इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कहा कि उड़ानों में गंभीर परेशानियां आई हैं और स्थिति ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा. उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर सबसे अधिक प्रभावित दिन था, जिसके कारण उस दिन 1000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. साथ ही में अपने यात्रियों से आई दिक्कतों के लिए माफी चाहता हुं. DGCA द्वारा दी गई टेम्पररी FDTL छूट से उड़ाने स्थिर करने में मदद मिली है. CEO को उम्मीद है कि 10–15 दिसंबर के बीच उड़ान सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी. हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी बता दें कि उड़ानों में आई परेशानियों के कारण घरेलू फ्लाइट्स के किराए में बढ़ोतरी देखने को मिली है. दिल्ली-मुंबई का किराया ₹36,000, दिल्ली से चेन्नई तक का फेयर ₹69,000 और दिल्ली-बेंगलुरु का किराया ₹40,000 से भी अधिक हो गया है.

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इंडिगो पर फूटा यात्रियों का गुस्सा दिल्ली-चंडीगढ़ फ्लाइट रद्द

इंडिगो पर फूटा यात्रियों का गुस्सा: दिल्ली-चंडीगढ़ फ्लाइट रद्द, सामान के लिए भटके 150 यात्री

दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच हवाई सफर बुधवार को अव्यवस्था और नाराजगी का केंद्र बन गया. शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इंडिगो की उड़ानों में लगातार तकनीकी कमी और क्रू सदस्यों की कमी की समस्या ने यात्रियों को दिनभर परेशान रखा. सुबह से ही कई उड़ाने लेट हुए जिसने एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया. 150 यात्रियों ने किया हंगामादिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट (IndiGo Flight) पांच घंटे तक यात्रियों को इंतजार कराने के बाद रद्द कर दी गई. इस निर्णय से नाराज 150 से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जोरदार हंगामा किया. स्थिति बिगड़ते देख एयरलाइन ने उन्हें डिनर के बहाने टर्मिनल से बाहर भेज दिया, लेकिन इसके बाद दोबारा चेक-इन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा. घंटों के इंतजार के बाद फ्लाइच रद्दबनारस से चंडीगढ़ आ रहे यात्री अश्वनी शर्मा की स्थिति भी ऐसी ही रही. उन्होंने बताया कि वे दोपहर में बनारस से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें शाम 7 बजे चंडीगढ़ के लिए उड़ान पकड़नी थी. लेकिन घंटों के इंतजार के बाद जब फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिली, तो उन्हें न केवल दूसरी व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा, बल्कि सामान लेने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. यात्रियों को कभी टर्मिनल-1 तो कभी टर्मिनल-3 भेजा गया, जिससे उनका गुस्सा और भी बढ़ता गया. आखिर में रात करीब 12 बजे उड़ान रद्द कर दी गई. 15 उड़ाने लेटउधर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी इंडिगो की लगभग 15 उड़ानें लेट हुई, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. वहीं, श्रीनगर से आने वाली 11:45 की फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया, साथ ही दो उड़ानों को रद्द करना पड़ा. लगातार हो रही देरी से कई यात्रियों ने स्टाफ से बहसबाजी भी की. इसी बीच एयरलाइन ने आधिकारिक बयान जारी कर असुविधा के लिए खेद जताते हुए यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन चेक करने की सलाह दी. दिनभर की देरी की लिस्ट भी कम नहीं थी. चेन्नई, इंदौर, मुंबई, गोवा, हैदराबाद, दिल्ली और बंगलूरू की कई उड़ानें घंटे भर से अधिक देरी से चलीं. कुछ आने वाली उड़ानों का समय भी काफी बिगड़ा, जबकि कोलकाता की फ्लाइट को रद्द कर दिया गया. IndiGo ने बताई वजहइस समस्या को लेकर इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दो दिनों में नेटवर्क में ऑपरेशन प्रभावित हुआ है. कुछ तकनीकी समस्याएं, मौसम में बदलाव, भीड़भाड़ और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों के वजह से उड़ानों में देरी हुई. उन्होंने आगे बताया कि अगले 48 घंटों को लिए शेड्यूल में बदलाव किए जा रहे हैं और यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था या फिर रिफंड उपलब्ध कराया जा रहा है.

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दिल्ली MCD उपचुनाव में BJP-AAP में बनी रही तकरार, BJP ने 7 सीटों पर हासिल की जीत पर खो दी अपनी पारंपरिक सीट

दिल्ली MCD उपचुनाव में BJP-AAP में बनी रही तकरार, BJP ने 7 सीटों पर हासिल की जीत पर खो दी अपनी पारंपरिक सीट

दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के झोली में चली गई. भाजपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि आप तीन सीटों पर सिमट गई. वहीं, कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल कर अपना खाता खोला और एक सीट ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के खाते में गई. कैसे रहे नतीजे? बता दें कि उपचुनाव से पहले भाजपा के पास नौ और आप के पास तीन सीटें थीं, लेकिन इस बार भाजपा केवल सात सीटों पर ही सिमट गई. साथ ही, पार्टी ने एक ऐसा वार्ड भी जीता, जहां से पहले जीत नहीं मिली थी. वहीं, चांदनी चौक में भाजपा ने 1182 वोटों से जीत हासिल की, जिससे AAP को एक करारा झटका लगा है. साथ ही संगम विहार में भी आप तीसरे स्थान पर रही, और यहां कांग्रेस ने भाजपा से सीट छीन ली. भाजपा ने खोया पारंपरिक सीट आपको बता दें कि कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव लाभदायक साबित हुआ, क्योंकि उसने भाजपा की पारंपरिक मानी जाने वाली संगम विहार सीट पर जीत दर्ज की. भाजपा के विधायक चंदन चौधरी के इस्तीफे और स्थानीय नाराजगी ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया. मुंडका और नारायणा में AAP ने जीत हासिल की. आइए जानते हैं MCD के इस उपचुनाव में किसको किस सीट पर हार का स्वाद चखना पड़ा: शालीमार बाग बी वार्ड भाजपा: अनीता जैन (जीती)आप: बबीता राणा (हारी) मुंडका वार्डआप: अनिल लाकड़ा (जीते)भाजपा: जयपाल सिंह दराल (हारे) अशोक विहार वार्ड आप: सीमा विकास गोयल (जीती)भाजपा: नीलम असीजा (वीना असीजा) (हारी) द्वारका B वार्ड भाजपा: मनीषा देवी (राजपाल सहारावत) (जीती)आप: राजपाल सेहरावत (राजबाला सहारावत) (हारे) चांदनी चौक वार्ड भाजपा: सुमन कुमार गुप्ता (जीते)आप: हर्ष शर्मा चिंटू (हारे) चांदनी महल एआईएफबी – मोहम्मद इमरान (जीते)आप – मुदस्सर उस्मान (हारे) ढिंचाऊं कलां वार्ड भाजपा: रेखा रानी (जीती)आप: नीतू केशव चौहान (हारी) नारायणा वार्ड आप: राजन अरोड़ा (जीते)भाजपा: अंजुम मंडल (चंद्रकांता शिवानी) (हारी) विनोद नगर वार्ड भाजपा: सरला चौधरी (जीती)आप: गीता रावत (हारी) संगम विहार A वार्ड कांग्रेस: सुरेश चौधरी (जीते)भाजपा: शुभ्रजीती गौतम (हारी)आप: अनुज कुमार शर्मा (हारे) दक्षिणपुरी वार्ड आप: रामस्वरूप कनौजिया (जीते)भाजपा: रोहिणी राज (हारी) ग्रेटर कैलाश वार्ड भाजपा: अंजुम मंडल (जीती)आप: ईशना गुप्ता (हारी) विनोद नगर वार्ड भाजपा: सरला चौधरी (जीती)आप: गीता रावत (हारी)

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