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राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

अमृतसर/गुरदासपुर, 15 सितंबर 2025 पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुई तबाही का जायज़ा लेने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को पंजाब पहुँचे। उन्होंने अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के घोनेवाल गांव से अपने दौरे की शुरुआत की। यहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, खेतों और टूटे हुए घरों का मुआयना किया और ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। राहुल गांधी का कार्यक्रम अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के कई गांवों तक फैला है। उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुधा साहिब (रामदास, अमृतसर) में मत्था टेका और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इसके बाद वे गुरदासपुर के गुरचाक और मककोरा पट्‌टन गांवों सहित सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे। बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। राज्य सरकार के मुताबिक अब तक लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। राहुल गांधी ने खेतों का मुआयना करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ दिल्ली तक पहुँचाई जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं। कई गांवों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस-शासित राज्यों ने पंजाब की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सिर्फ़ दौरा करना पर्याप्त नहीं है।” वहीं, पंजाब कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा जनता के दुख-दर्द को करीब से समझने और समाधान निकालने की दिशा में एक अहम कदम है। – जनता की उम्मीदें ग्रामीणों ने राहुल गांधी से अपनी परेशानियाँ साझा करते हुए कहा कि बाढ़ के कारण उनका सबकुछ बर्बाद हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उन्हें उचित मुआवज़ा और राहत प्रदान करेंगी।

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पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा

पीएम मोदी का बिहार दौरा: पूर्णिया में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन, एयरपोर्ट व मखाना बोर्ड शामिल पूर्णिया (बिहार), 15 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पूर्णिया के दौरे पर रहे और यहां राज्य के लिए कई बड़े विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया। केंद्रीय नेतृत्व के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्थानीय बुनियादी ढांचे, परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।  पीएम ने इस दौरे के दौरान उत्तर बिहार के एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम के रूप में पूर्णिया एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्धाटन किया, जिसे क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। साथ ही केंद्र और राज्य के सहयोग से कई लोक-कल्याणकारी और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की घोषणा की गई, जिनकी कुल लागत मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक करीब ₹36,000–40,000 करोड़ के आसपास बताई जा रही है।  प्रधानमंत्री का यह दौरा उस राजनीतिक और विकासात्मक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है जिसमें बिहार अगले कुछ महीनों में निर्वाचन की तैयारियों के बीच है; केन्द्र की नीतियों और प्रोजेक्ट्स को स्थानीय स्तर पर दिखाने का यह एक रणनीतिक अवसर भी माना जा रहा है। पदयात्रा के एजेंडे में कृषि, ऊर्जा, रेल व महिला-समर्थन से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल थे, जिनके जरिए रोजगार और कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी का दावा किया गया है।  इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में 16वीं कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन भी किया — केंद्रीय कार्यक्रमों और राज्य यात्राओं का यह समन्वय बताता है कि इसी दिन पीएम कई राज्यों के कार्यक्रमों में जुड़े हुए थे। केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 13-15 सितंबर के बीच कई पूर्वनिर्धारित राज्यों के दौरे का बयान जारी किया गया था।  स्थानीय प्रतिक्रिया के संदर्भ में, क्षेत्रीय राजनीतिक दलों व नागरिकों ने परियोजनाओं के लाभ-हानि दोनों पहलुओं पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए हैं — जहां कुछ लोगों ने विकास और कनेक्टिविटी की उम्मीद जताई, वहीं आलोचक परियोजनाओं की प्राथमिकता व चुनावी मकसद पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे समय में यह देखना बाकी है कि घोषित निवेश स्थानीय लोगों तक कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचेगा। 

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गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत

गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत

गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत, अस्पताल में नशाखोरी और गंदगी का बोलबाला छतरपुर (मप्र) छतरपुर जिले के बक्सवाहा स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। ग्राम कुही किशनपुरा निवासी करीब 60 वर्षीय महेश पाटोदिया उर्फ टीकाराम की मौत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गलत इलाज और डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हो गई। साधारण बुखार और जुकाम की शिकायत पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टर ने दवा देने के साथ बोतल इंजेक्शन लगाया। लेकिन इंजेक्शन चढ़ते ही मरीज की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बार-बार डॉक्टर को बुलाया, लेकिन समय पर मदद नहीं मिली और थोड़ी ही देर में मरीज ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है। उनका कहना है कि यदि सही समय पर ध्यान दिया जाता और बेहतर उपचार मिलता तो मरीज की जान बच सकती थी। वहीं इस घटना ने अस्पताल की अंदरूनी हालत की पोल भी खोल दी है। अस्पताल परिसर में नशाखोरी और गंदगी का आलम इस कदर है कि रिकॉर्ड रूम के बाहर शराब की बोतलें पड़ी रहती हैं, महिला प्रसव कक्ष और शौचालय तक शराबखोरी के सबूत मिले हैं। गंदगी का स्तर इतना अधिक है कि अस्पताल इलाज का केंद्र कम और नशेड़ियों का अड्डा ज्यादा नजर आता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर समय पर अस्पताल में नहीं मिलते, दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं और मरीजों को सही इलाज नहीं दिया जाता। इसके विपरीत अस्पताल में शराबखोरी आम हो गई है और यहां तक कि वार्ड और ड्रेसिंग रूम के बाहर भी आवारा कुत्ते और जानवर आराम फरमाते दिखाई देते हैं। इससे साफ है कि अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस घटना से ग्रामीणों में गुस्सा है। मृतक परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार डॉक्टरों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अस्पताल में फैली गंदगी और नशाखोरी पर तुरंत रोक लगाई जाए और मरीजों को समय पर दवाएं और उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए। यह कोई पहला मामला नहीं है जब बक्सवाहा अस्पताल की लापरवाही सामने आई हो। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कभी कार्रवाई नहीं होती। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों पर कार्रवाई करेगा या यह घटना भी पहले की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।

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कानपुर में इंडिया-पाकिस्तान मैच को लेकर विरोध प्रदर्शन, प्रशासन अलर्ट

कानपुर में इंडिया-पाकिस्तान मैच को लेकर विरोध प्रदर्शन, प्रशासन अलर्ट

कानपुर में इंडिया-पाकिस्तान मैच को लेकर विरोध प्रदर्शन, प्रशासन अलर्ट कानपुर। एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर शहर में भारी नाराज़गी देखी गई। शनिवार को कई संगठनों और स्थानीय युवाओं ने सड़कों पर उतरकर बीसीसीआई और सरकार के फैसले का विरोध किया और विरोध प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान का झंडा जलाकर रोष व्यक्त किया गया। प्रदर्शन के चलते कुछ जगहों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ और कानून-व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त दल तैनात कर दिए।  प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हालिया सुरक्षा घटनाओं और पीड़ितों की संवेदनाओं को देखते हुए इस समय पाकिस्तान के साथ खेल-प्रतियोगिता आयोजित करना अनुचित है। लोगों ने विरोध स्वरूप नारेबाज़ी की, पोस्टर लगाए और सोशल मीडिया पर भी हैशटैग के ज़रिये विरोध का संदेश शेयर किया गया। स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था लेकिन भावनाएँ उबलती हुई दिखाई दीं।  पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया और तुरंत प्रभावित इलाकों में गश्त तेज कर दी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस टीमों द्वारा भीड़-नियंत्रण और चेकिंग की कार्यवाई की गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की है। कुछ स्थानों पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और जांच की जानकारी भी सामने आई है।  घटना के बाद शहर में ये बहस भी तेज़ हुई कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए या नहीं। वहीं सोशल मीडिया पर दोनों तरह की प्रतिक्रियाएँ आईं — कुछ लोगों ने विरोध का समर्थन किया तो कुछ ने सार्वजनिक तौर पर शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखी जाए और किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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PM Modi on his first visit after Manipur violence

हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी

मणिपुर में शांति बहाली की बड़ी पहल, हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर का दौरा करेंगे। मई 2023 में भड़की नस्लीय हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे इंफाल और चुड़ा चांदपुर—दोनों इलाकों में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। 10,800 करोड़ की परियोजनाएं प्रधानमंत्री चुड़ा चांदपुर में 7,300 करोड़ और इंफाल में 3,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा 2,500 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग की पांच परियोजनाएं, मणिपुर इंफोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ जिलों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल भी शुरू किए जाएंगे। हिंसा के बाद बदले हालात 3 मई 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। हालात बिगड़ने पर फरवरी 2024 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। सरकार ने इसके बाद दोनों समुदायों से लगातार बातचीत की और अब पीएम मोदी का यह दौरा शांति की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है। सियासी महत्व विपक्ष लगातार यह सवाल उठाता रहा है कि पीएम ने हिंसा के बाद मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया। ऐसे में यह यात्रा राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। मणिपुर के बाद प्रधानमंत्री असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

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रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

प्रयागराज झूंसी के नए इलाक़े पूरे सूरदास में गुरुवार को हड़कंप मच गया, जब सेना ने करीब 100 मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें खाली करने का फरमान जारी कर दिया। सेना का दावा है कि जिस ज़मीन पर ये घर और दुकानें बने हुए हैं, वह रक्षा मंत्रालय की संपत्ति है, जिस पर स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। अधिकारियों ने नोटिस जारी करते हुए मकान मालिकों को 17 सितंबर तक अपने घर और ज़मीन के दस्तावेज़ लेकर कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि सेना की ज़मीन पर अवैध कॉलोनियां और पूरा मोहल्ला तक खड़ा हो चुका है। पहले भी मकान मालिकों को नोटिस दिया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। अब लाल निशान लगने के बाद पूरे क्षेत्र में खलबली मची हुई है और लोग अपने-अपने घरों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के कारण वहां फंसे भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। हजारों भारतीयों के बीच मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के 14 लोग भी काठमांडू में फंसे हुए हैं। इनमें चार परिवार शामिल हैं, जिनमें छोटे बच्चे भी मौजूद हैं। सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री से सुरक्षित भारत वापसी की अपील की है। जानकारी के मुताबिक छतरपुर के कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी निवासी व्यापारी पप्पू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल और एक कुशवाहा परिवार नेपाल घूमने गए थे। लेकिन अचानक बढ़ी हिंसा के कारण सभी काठमांडू के एक होटल में फंस गए। हिंसा की वजह से नेपाल में आगजनी, तोड़फोड़ और मौतों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में वहां मौजूद भारतीय परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही आगजनी और हिंसा का वीडियो भेजकर स्थिति की गंभीरता दिखाई है। इस बीच, छतरपुर विधायक ललिता यादव ने नेपाल में फंसे व्यापारियों और उनके परिवारों से फोन पर बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास करेगी। फिलहाल छतरपुर के इन परिवारों सहित हजारों भारतीय नेपाल में हिंसा के बीच फंसे हुए हैं और जल्द सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

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फर्रुखाबाद में महिला की मौत का खुलासा

आरोपी के साथ चार साल से चल रहे संबंध, दबाव के चलते लगाई आग फर्रुखाबाद। जहानगंज थाना क्षेत्र में बीते दिनों जली हुई हालत में अस्पताल पहुंची महिला की मौत के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला ने खुद पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। इस घटना के पीछे आरोपी युवक से चल रहे अवैध संबंध और साथ रहने का दबाव कारण बताया गया है। घटना 6 सितंबर की है। उस दिन महिला स्कूटी से दरियायगंज स्थित एक निजी नर्सिंग होम पहुंची थी। गंभीर हालत देखकर वहां मौजूद स्टाफ ने परिजनों को सूचना दी। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लोहिया और फिर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने जहानगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी को युवक दीपक और उसके पांच अज्ञात साथियों ने पेट्रोल डालकर जला दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गईं और 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतका और आरोपी के बीच पिछले चार साल से संबंध थे। आरोपी महिला पर साथ रहने का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद महिला ने आहत होकर पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले कर लिया। आग लगने के बाद वह आरोपी के कपड़े पहनकर इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। मोबाइल लोकेशन की जांच में भी दोनों की मौजूदगी एक साथ मिली। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने फतेहगढ़ पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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पंजाब में बाढ़: जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य जारी

पंजाब इस समय भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ी इलाकों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण नदियाँ उफान पर हैं। कई जिलों के सैकड़ों गाँव पानी में डूब चुके हैं। गाँव की गलियाँ, खेत और घर जलमग्न हो गए हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। फसलों और पशुधन पर भारी असर पंजाब, जिसे देश का अन्नदाता कहा जाता है, आज फसल बर्बादी के गहरे संकट से जूझ रहा है। धान और मक्का जैसी प्रमुख फसलें पानी में पूरी तरह डूब गई हैं। किसानों की मेहनत और सालभर की कमाई एक ही झटके में खत्म हो गई। साथ ही, हज़ारों मवेशियों और पोल्ट्री को भी बाढ़ ने प्रभावित किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर और गहरा असर पड़ा है। जनहानि और पलायन कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में शरण लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और साफ पीने के पानी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राहत और बचाव कार्य राज्य सरकार और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन नावों और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा रहे हैं। कई जगहों पर अस्थायी शिविर, भोजन वितरण केंद्र और चिकित्सा सुविधाएँ भी स्थापित की गई हैं। राजनीतिक बहस और भविष्य की चुनौती बाढ़ ने न केवल पंजाब की आर्थिक स्थिति को झकझोरा है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। सरकार पर पर्याप्त तैयारी न करने के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते बाँधों और तटबंधों की मरम्मत की जाती और जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं  पंजाब की यह बाढ़ सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि चेतावनी भी है कि हमें जल प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की योजनाओं को और मज़बूत करना होगा। आज सबसे बड़ी ज़रूरत है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। PunjabFloods #punjabNews#punjabfloods2025 #PunjabRescue #floods #PunjabFloodSituation #BreakingNews #FloodAlert

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