Vineet Pandey

Mallikarjun Kharge slams Shashi Tharoor

हमारे लिए ‘सबसे पहले देश’, लेकिन कुछ लोगों के लिए सबसे पहले…’थरूर पर खरगे का बड़ा अटैक

कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की खुलकर तारीफ करने पर कांग्रेस भड़क गई है। थरूर के भाजपा प्रेम को लेकर कांग्रेस के नेता लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहे हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा हमला खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने बोला है। उन्होंने थरूर पर हमलावार होते हुए कहा कि हम सभी (कांग्रेस) के लिए सबसे पहले देश है, लेकिन उनके लिए ‘मोदी सबसे पहले’ हैं। खरगे के इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से थरूर के लिए अब तक की सबसे तीखी प्रतिक्रिया मानी जा रही है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही शशि थरूर (Shashi Tharoor) खुलकर पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते आ रहे हैं। भाजपा ने उन्हें विदेश भेजे गए सांसद डेलीगेशन का नेतृत्व भी सौंपा था, जबकि कांग्रेस ने उनका नाम तक नहीं सौंप था। इसके बाद से ही कांग्रेस के नेता उन पर पाला बदलकर भाजपा के साथ जाने का आरोप लगाते आ रहे हैं। सभी के अपने-अपने विचार, कौन क्या कह रहा, यह उनकी निजी राय- खरगे मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थरूर के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘शशि थरूर (Shashi Tharoor) की भाषा पर मजबूत पकड़ है, उनका संवाद बहुत अच्छा है, इसलिए उन्हें हमने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में रखा है। जब हम लोग गुलबर्गा गए थे तो, हम सभी ने एक मत होकर कहा था कि हम सभी देश के साथ खड़े हैं, हम ऑपरेशन सिंदूर में भी एक साथ है। हमारे लिए देश पहले है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके लिए ‘मोदी पहले’ हैं और देश बाद में है। खरगे ने मीडिया से पूछते हुए कहा कि, तो ऐसे लोगों के लिए हमें क्या करना चाहिए?’ हालांकि मीडिया ने जब खरगे (Mallikarjun Kharge) से पूछा कि क्या कांग्रेस अब थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है, तो उन्होंने कहा, ‘लोग अपनी मर्जी से कुछ भी लिख सकती है, लेकिन हम इसमें शामिल नहीं होना चाहते। कांग्रेस देश के लिए एकजुटता चाहती है और हम एक होकर देश के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। खरगे ने यह भी कहा कि, कांग्रेस में करीब 34 सीडब्ल्यूसी सदस्य के साथ 30 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। इन सभी के अपने-अपने अलग विचार हैं। वह क्या कह रहे हैं, यह उनकी निजी राय है। अभी हम देश को बचाने और मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं। अगर किसी को इस विषय की ज्यादा चिंता है, तो वह संबंधित व्यक्ति से सीधा पूछ सकता है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? शशि थरूर के एक लेख ने मचा दी कांग्रेस में खलबली  बता दें कि शशि थरूर ने हालही में ‘द हिंदू’ अखबार में एक लेख लिखा था। इस लेख में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बताया था। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते हुए लिखा था कि, ‘मोदी की एनर्जी, तेजी और दूसरों से जुड़ने की इच्छा भारत को वैश्विक स्तर पर ‘प्रमुख संपत्ति’ बना रही है, लेकिन इस कार्य को उतना समर्थन नहीं मिल रहा है, जितना इसे मिलना चाहिए था। थरूर के इस लेख को लेकर कांग्रेस काफी नाराज है। पार्टी के कई नेता थरूर की आलोचना करते हुए कह चुके हैं कि वो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और इसके लिए चटुकारिता कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की नहीं है। कांग्रेस का दृष्टिकोण इससे काफी अलग है। हालांकि थरूर ने कहा कि उनके इस लेख को ‘भाजपा में शामिल होने’ का संकेत न समझा जाए। यह लेख राष्ट्रीय एकता और हित के साथ भारत के लिए खड़े होने का विचार है। थरूर ने यह भी कहा वो अपने इस लेख के माध्यम से देश के हित में अपने विचार रख रहे थे, न कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी के हित में।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mallikarjun Kharge #kharge #tharoor #congress #nationfirst #politicalnews #india #breakingnews #mallikarjunkharge #shashitharoor

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CM Fadnavis and BJP State President

‘राहुल गांधी महाराष्ट्र के बारे में कुछ नहीं जानते, बचकाना हरकतें कर फजीहत कराते हैं’, बोले सीएम फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष 

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक बार फिर से चुनाव आयोग (Election Commission) पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने राहुल गांधी को घेरते हुए करारा हमला बोला। बावनकुले ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शायद महाराष्ट्र के बारे में कुछ भी पढ़ा नहीं है। जिसकी वजह से वो ऐसी बचकाना हरकतें कर रहे हैं। राज्य में कई ऐसी विधानसभा हैं, जहां पर 8 से लेकर 10% तक वोट बढ़े हैं। ऐसी विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार भी चुने गए हैं और विपक्षी गठबंधन में शामिल कांग्रेस व एनसीपी के भी।’ बावनकुले ने कहा, ‘राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दरअसल चुनाव आयोग (Election Commission) पर झूठे आरोप लगाकर आगामी बिहार विधानसभा और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में अपने नेताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे वे चुनाव लड़ें। क्योंकि हार से निराश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता चुनाव लड़ने तक को तैयार नहीं।’ बावनकुले ने यह भी कहा कि ‘मैं राहुल गांधी को महाराष्ट्र के 50 ऐसे विधानसभा क्षेत्र बता सकता हूं, जहां पर वोट संख्या बढ़ने के बाद शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। राहुल गांधी इस तरह के बयान देकर सिर्फ और सिर्फ अपनी डैमेज लीडरशिप को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।’ राहुल ने चुनाव आयोग और सीएम फडणवीस पर लगाया आरोप  बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी चुनाव आयोग (Election Commission) को घेरते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से सोशल मीडिया पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘लोकसभा और विधानसभा चुनाव  के बीच नागपुर साउथ वेस्ट सीट पर 8 परसेंट मतदाता बढ़ गए। इस सीट के कुछ बूथों पर तो वोटर्स की संख्या में 20 से 50 परसेंट तक का भारी इजाफा हुआ है। इनमें हजारों वोटर्स ऐसे थे, जिनके एड्रेस तक वेरिफाई नहीं हो पाए। ये सरेआम वोट की चोरी है और चुनाव आयोग खामोश बैठा है।   बता दें कि नागपुर साउथ वेस्ट सीट से देवेंद्र फडणवीस चुनाव लड़ते हैं और वो यहां से चौथी बार चुनाव जीते हैं। राहुल गांधी ने अपने इस पोस्ट में चुनाव आयोग के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को भी घेरने की कोशिश की।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? फडणवीस ने राहुल के आरोपों पर दिया करारा जवाब राहुल गांधी के इन आरोपों पर सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी पटवार करने में देरी नहीं की। सीएम फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि, राज्य में 25 से ज्यादा ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 8 फीसदी से ज्यादा वोट संख्या बढ़ा है। इनमें से कई सीटों पर विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। सीएम फडणवीस ने नागपुर नॉर्थ और वेस्ट सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सीटों पर 7 फीसदी मतदाता बढ़े और इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। फडणवीस ने पुणे की वड़गांव शेरी और मुंब्रा विधानसभा सीट के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वड़गांव शेरी सीट पर मतदाताओं की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई और यहां पर शरद पवार की पार्टी के उम्मीदवार बापू साहेब पठारे जीते। इसी तरह मुंब्रा सीट पर 9 फीसदी मतदाता बढ़े और यहां पर जितेंद्र आव्हाड को जीत मिली। इसलिए मैं राहुल गांधी को एक सलाह देता हूं कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले और कोई भी आरोप लगाने से पहले कम से कम महाराष्ट्र में मौजूद अपनी पार्टी के नेताओं से एक बार जरूर बात कर लें। इससे वो फजीहत होने से बच जाएंगे। फडणवीस ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को झूठ बोलने और दूसरों पर आरोप लगाने की आदत है। उनके लए मैं कहना चाहूंगा कि, ‘झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो’  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #RahulGandhi #DevendraFadnavis #MaharashtraPolitics #BJPvsCongress #PoliticalNews

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Iranian Nuclear Sites Survive US Bombs

अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा

ईरान-इजरायल युद्ध (Iran–Israel War) में कूदते हुए अमेरिका ने पिछले सप्ताह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बंकर ब्लास्टर बमों से हमला किया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया था कि अमेरिकी हमले में ईरान के तीनों परमाणु संयंत्र पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद ही अब शांति आएगी, लेकिन इस अमेरिकी हमले को लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि अमेरिका के हमले के बाद भी ईरान के परमाणु ठिकाने सुरक्षित हैं। इस हमले के बाद तेहरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ महीनें भले ही पीछे चला गया है, लेकिन वह पूरी तरह से नष्ट नहीं हुआ है। सीएनएन का दावा है कि यह रिपोर्ट पेंटागन की खुफिया शाखा ने तैयार किया है। अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए सीएनएन ने खुफिया सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान पर हमले (Iran–Israel War) के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां परमाणु स्थलों को हुए नुकसान और प्रभाव का विश्लेषण कर रही हैं। सीएनएन ने कहा कि अभी जो रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है, वह प्रारंभिक जांच के आधार पर है और अधिक जानकारी आने के बाद इस रिपोर्ट के तत्थों में बदलाव किया जा सकता है। लेकिन अमेरिकी खुफिया विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दावों से विपरीत है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी हमले में ईरान की परमाणु संवर्धन ठिकानें पूरी तरह से नष्ट हो गए। साथ ही ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को भी इससे भारी नुकसान हुआ है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी हमले के बाद मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि ईरान के परमाणु ठिकानें और महत्वाकांक्षाएं अमेरिका ने नष्ट कर दिया है।   ईरान का यूरेनियम भंडार अभी भी सुरक्षित सीएनएन ने इस खुफिया रिपोर्ट तैयार करने वाले दो अधिकारियों से बातचीत के आधार पर कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार नष्ट नहीं हुए हैं। जिस सेंट्रीय फ्यूज में यूरेनियम रखा जाता है, उनको कोई नुकसान नहीं हुआ है। क्योंकि संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका के हमले से पहले ही इन ठिकानों से हटा लिया गया था। साथ ही परमाणु ठिकाने का ढांचा भी काफी हद तक सुरक्षित बचा हुआ है। कुछ माह की मरम्मत के बाद इन ठिकानों पर फिर से परमाणु संवर्धन का काम शुरू किया जा सकता है।    इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! व्हाइट हाउस ने कहा- रिपोर्ट के तथ्य गलत  व्हाइट हाउस ने भी यह खुफिया रिपोर्ट होने की बात स्वीकार की, लेकिन इसमें मौजूद तथ्यों को गलत बताया। सीएनएन से बातचीत में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि, अमेरिकी हमले की यह कथित आकलन रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। इस रिपोर्ट को अति गोपनीय के तौर पर संरक्षित किया गया था, लेकिन खुफिया विभाग का एक अनाम और घटिया स्तर की सोच वाले लूजर ने इसे लीक कर दिया। कैरोलिन लेविट ने कहा कि इस रिपोर्ट को लीक करना बताता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) को नीचा दिखाना चाहता है। साथ ही वह ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने वाले हमारे बहादुर लड़ाकू पायलटों को भी बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। कैरोलिन लेविट ने अपने बयान में यह भी कहा कि, ‘दुनिया का हर व्यक्ति जानता है कि जब 30000 पाउंड के 14 बम कहीं पर गिरते हैं तो वहां पर क्या होता है। इसका मतलब है ‘पूर्ण विनाश’। पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट और व्हाइट हाउस के इस बयान के आधार पर कहा जा सकता है कि संभवता अमेरिकी हमले में ईरान (Iran–Israel War) के परमाणु ठिकानों को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना वहा उसे बता रहा है। अगर ऐसा है तक 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद भी इजरायल और अमेरिका अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए।   Latest News in Hindi Today Hindi Iran–Israel War #iran #pentagonleak #nuclearreport #usairstrike #middleeastconflict #iranusnews #defensestrategy

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Trump announces end to Iran-Israel war

ट्रंप का ऐलान…खत्म हुआ ईरान-इजरायल युद्ध, तेहरान का दावा हमारा समझौता अभी फाइनल नहीं

कतर में मौजूद अमेरिका के एयरबेस पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने युद्धविराम का ऐलान किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि ईरान और इजरायल पूर्ण युद्धविराम (Iran–Israel Ceasefire) के लिए सहमत हो गए हैं। पहले ईरान युद्धविराम करेगा और फिर इजरायल करेगा। अगले 24 घंटे के अंदर 12 दिनों से चल रहा युद्धविराम खत्म हो जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के इस ऐलान पर जहां इजरायल ने सहमति जताई है, वहीं ईरान ने युद्धविराम (Iran–Israel Ceasefire) के किसी भी समझौते से इंकार किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने ट्रंप के दावे का खंडन करते हुए कहा कि फिलहाल अभी युद्धविराम का कोई भी समझौता फाइनल नहीं हुआ है।  12 घंटे बाद इजरायल भी 12 घंटे का सीजफायर करेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘बधाई हो सभी को! ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में पूर्ण सीजफायर पर सहमति बन गई है। यह सीजफायर आगामी छह घंटे के भीतर शुरू होगा और सबसे पहले ईरान इसका पालन करते हुए 12 घंटे का युद्धविराम करेगा। 12 घंटे बाद इजरायल भी 12 घंटे का सीजफायर करेगा और फिर 24 घंटे बाद युद्ध औपचारिक तौर पर खत्म हो जाएगा।’ ट्रंप ने अपने इस पोस्ट में इजरायल और ईरान के नेताओं  की सहनशक्ति और बुद्धिमत्ता की जमकर तारीफ करते हुए दावा किया कि दोनों देशों के बीच यह युद्ध सालों तक चल सकती थी, जिसके चपेट में आकर पूरा मध्य पूर्व तबाह हो सकता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।  युद्ध विराम पर फाइनल समझौता नहीं- अराघची  वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया कि, फिलहाल अभी कोई समझौता फाइनल (Iran–Israel Ceasefire) नहीं हुआ है। हालांकि इस दौरान उन्होंने इजरायल की ओर से हमले रुकने पर ईरान द्वारा युद्ध रोकने की बात कही। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि, इस युद्ध की शुरुआत इजरायल ने ईरान पर हमला करके किया, हमने अपने बचाव में सिर्फ जवाबी कार्रवाई की है। ऐसे में सीजफायर करने की जिम्मेदारी इजरायल पर है। इजरायल को सबसे पहले अपने हमले रोकने होंगे। अगर इजरायल हमला नहीं करता तो ईरान भी जवाबी हमला नहीं करेगा। हम अपने सैन्य अभियान को समाप्त करने पर अंतिम निर्णय बाद में लेंगे।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने किया था हमला  बता दें कि ईरान को परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए अमेरिका ने हमला किया था। अमेरिका का दावा है कि इस हमले से ईरान का परमाणु निर्माण ढांचा पूरी तरह से खत्म हो गया है। इस हमले के बाद ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला करने की घोषणा की थी। ईरान ने बीती रात कतर की राजधानी दोहा में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला बोलते हुए 14 मिसाइलें दागी। अमेरिका का दावा है कि इनमें से 13 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। वहीं एक मिसाइल ने जमीन पर हिट किया। ईरान के इस हमले से किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। कहा जा रहा है कि ईरान ने हमला करने से पहले इसकी जानकारी कतर को दे दी थी, जिसकी वजह से अमेरिका को अपने सैन्य अड्डे को खाली करने के साथ एयर डिफेंस को एक्टिव करने का मौका मिल गया।  अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्था रॉयटर्स ने बताया कि इस हमले के बाद ट्रंप ने कतर के प्रधानमंत्री को फोन कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा और तेहरान से बात करने को कहा। इस बातचीत के बाद ही ट्रंप ने सीजफायर का दावा किया था, लेकिन अब ईरान ने फाइनल समझौते से इंकार कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran–Israel Ceasefire #iranisraelwar #trumpnews #middleeastconflict #iranlatestupdate #ceasefiredeal

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MNS controversy

विधानमंडल में जो लोग बैठे, वो नपुंसक, मराठी भाषा विवाद में MNS नेता का बेतुका बयान, शिवसेना लाएगी विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव 

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद (Marathi Language Controversy) में मनसे मुंबई अध्यक्ष संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने विवादास्पद बयान दे दिया है। महाराष्ट्र विधानभवन में इस समय संसद और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानमंडल की प्राक्कलन समितियों का राष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है। इस कार्यक्रम में मराठी का बैनर न होने को लेकर संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने कहा, जो लोग विधानमंडल में बैठे हुए हैं, वे ‘नपुंसक’ बन चुके हैं और यह महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्य है। देशपांडे के इस बयान पर अब सियासी घमासान शुरू हो गया। मराठी हमारी मातृभाषा है, इसे कोई मिटा नहीं सकता है देशपांडे की इस विवावदास्पद टिप्पणियों पर शिवसेना मंत्री गुलाबराव पाटिल (Gulabrao Patil) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाटिल ने कहा, ”विधानमंडल का अपमान करने के लिए वे जल्द ही देशपांडे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे। किसी भी चीज की आलोचना करना सही है, लेकिन हर आलोचना की एक गरिमा होती है, उस सीमा को पार नहीं करना चाहिए। विधानमंडल सम्मानित जगह है, जिसे अपमानित करने वालों को सजा जरूर मिलना चाहिए।” वहीं विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोर्हे (Neelam Gorhe) ने देशपांडे के बयान का जवाब देते हुए कहा, मराठी हमारी मातृभाषा है, इसे कोई मिटा नहीं सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मराठी भाषा को शास्त्रीय दर्जा दिलाया है। राजनीति के लिए छोटी-छोटी बातों पर आलोचना करना अनावश्यक है। इस तरह के अपमानित बयान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।    अपने बयान पर कायम, मराठी भाषा के लिए जेल जाने को भी तैयार- देशपांडे  संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने अपने बयान का विरोध होता देख सफाई भी दी है। देशपांडे ने कहा, मैं अपने पहले के बयान पर अभी भी कायम हूं, क्योंकि मैंने केवल मराठी भाषा विरोधी मानसिकता के बारे में बात की थी, किसी व्यक्ति के बारे में मैनें कुछ नहीं कहा था। मैं किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हूं। इसके साथ देशपांडे ने यह भी कहा कि, अगर मेरी बात से कोई परेशान या नाराज है, तो उसे खुद पर विचार करना चाहिए। हम मराठी भाषी ही अगर अपनी भाषा को जीवित नहीं रखेंगे, तो कौन रखेगा, क्या बिहार और यूपी के बाहरी लोग? देशपांड ने आगे कहा, लोकसभा ने 22 प्रमुख भाषाओं को मान्यता दे रखी है, इसलिए जिस राज्य में कार्यक्रम हो रहा है, वहां की भाषा होनी चाहिए। मैं मराठी भाषा और मराठी मानुष के लिए जेल तक जाने को तैयार हूं। मराठी भाषा पर बढ़ते विवाद पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बयान दिया है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में शिंदे ने कहा, इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा सचिवालय द्वारा किया गया था। इसलिए कार्यक्रम का बैनर हिंदी और अंग्रेजी में था। अगर इसका आयोजन महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया जाता तो कार्यक्रम का बैनर मराठी भाषा में होता।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? भारत करेगा अंतर-संसदीय मैत्री समूह- ओम बिरला बता दें कि संसद और राज्य विधायी निकायों की प्राक्कलन समितियों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को शुरू हुआ। इस सम्‍मेलन में प्रशासन की दक्षता और बजट आकलन की प्रभावी निगरानी की भूमिका पर चर्चा किया जाएगा। इस सम्मेलन को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने भी संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान घोषणा कि की भारत की नीति को विदेशों में आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही विभिन्न देशों की संसदों के साथ एक मैत्री समूह की स्थापना की जाएगी। इस अंतर-संसदीय मैत्री समूह को स्थापित करने का सुझाव बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों का दौरा कर वापस लौटने के बाद दिया। इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आमे बिरला ने इस संसदीय मैत्री समूह को स्थापित करने के लिए कई देशों ने अनुरोध किया है। इसके बनने के बाद दूसरे देशों के साथ त्वरित संपर्क करने और मुद्दों को सुलझाने में आसानी होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Om Birla #mnscontroversy #marathilanguage #shivsenanews #maharashtrapolitics #privilegemotion #assemblydebate #politicalnews

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Maharashtra 2025 elections

महाराष्ट्र की राजनीति में क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दबाव बनाने के आरोप पर संजय राउत ने कह दी बड़ी बात 

शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा अभी खत्म नहीं हुई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस गठबंधन को लेकर विराम लगती चर्चा को एक बार फिर से हवा दे दी है। संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि दोनों दलों के बीच अभी बातचीत चल रही है। किसी भी अन्य की तरफ से इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना अनुचित है। आखिरी निर्णय उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे खुद करेंगे।  संजय राउत (Sanjay Raut) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ठाकरे बंधुओं के बीच फिर से गठबंधन होने की चर्चा पर विराम लगता नजर आ रहा था। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के नेता एक तरफ तो राज ठाकरे को गठबंधन के लिए संकेत भेज रहे थे, लेकिन मनसे अध्यक्ष इससे दूरी बनाते नजर आ रहे थे। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से एक होटल में मुलाकात कर यह संदेश दिया था कि वो भाजपा के साथ रहना पसंद करेंगे। लेकिन संजय राउत ने अब एक बार फिर से बयान देकर इस चर्चा को हवा दे दी है कि दोनों भाईयों के बीच अभी भी गठबंधन पर चर्चा चल रही है।   राजनीति में देर से आए लोग गठबंधन के खिलाफ- राउत संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि दावा किया, “मनसे के कुछ लोग इस गठबंधन के खिलाफ बयान दे रहे हैं, ऐसे लोग राजनीति में देर से आए हैं और इनकी जानकारी बेहद सीमित है। दूसरे लोग क्या कहते हैं और क्या करते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। मैंने दोनों भाईयों (ठाकरे बंधुओं) को कई सालों तक करीब से देखा है और साथ में काम किया है। मैं जानता हूं कि आगे क्या होने जा रहा है और क्या नहीं होगा। शायद मुझसे बेहतर कोई दूसरा नहीं जानता। इस गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने वाले केवल उद्धव और राज ही हैं।” संजय राउत यह बयान मनसे नेता संदीप देशपांडे के दबाव बनाने के आरोप के जवाब में दे रहे थे। राउत ने इस दौरान देशपांडे को कम जानकारी रखने वाला नेता तक कह दिया।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा गठबंधन के लिए दबाव बना रही है उद्धव की सेना- देशपांडे बता दें कि, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बीते दिनों कहा था कि उद्धव गुट गठबंधन के लिए मनसे पर दबाव बनाने की कोशिश न करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि, ”आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर शिवसेना (Uddhav Thackeray) गठबंधन करने पर आतुर नजर आ रही है। आखिर उद्धव की सेना  मनसे से गठबंधन को लेकर इतना उत्साह क्यों दिखा रही है? मैं अच्छे से समझ सकता हूं कि उनके दिन बेहद खराब चल रहे हैं, इसलिए उनके शीर्ष नेता इस समय मनसे के साथ गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं।” संदीप देशपांडे ने इस दौरान यह भी कहा कि,  गठबंधन के लिए प्रयास करना गलत बात नहीं है, लेकिन इसके लिए उद्धव की पार्टी मनसे पर दबाव नहीं बना सकती है। हमारे नेता राज ठाकरे समय आने पर गठबंधन के बारे में उचित निर्णय लेंगे। देशपांडे ने यह भी कहा कि उद्धव की शिवसेना गठबंधन करने के लिए उत्साह तो दिखा रही है, लेकिन उनकी क्षमता क्या है। इस पार्टी को बीते विधानसभा चुनाव में मात्र 20 सीटें ही मिली हैं। उनके पास अभी अगर 60 विधायक होते तो क्या वो गठबंधन के लिए इतना ही उत्साह दिखाते? देशपांडे ने यह भी बताया कि मनसे ने साल 2014 और साल 2017 के चुनाव में उद्धव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस समय उन लोगों ने इंकार कर दिया और अब गठबंधन के लिए दबाव बना रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #uddhavthackeray #rajthackeray #sanjayraut #maharashtrapolitics #shivsenamns #indianpolitics #uddhavrajalliance

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Indus Waters Treaty

भारत सिंधु जल संधि बहाल करे, नहीं तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर करेगा कब्जा- बिलावल भुट्टों की गीदड़भभकी

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवादों में रही सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को भारत की तरफ से स्थगित करने के बाद से पाकिस्तान लगातार दर्द से बिलबिला रहा है। इस मुद्दे पर अब पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने भारत को युद्ध की धमकी देते हुए कहा है कि भारत के पास सिर्फ दो विकल्प हैं। बिलावल का यह बयान गृह मंत्री अमित शाह (Amit shah) के एक बयान के बाद आया है। अमित शाह ने एक इंटरव्यू में बात करते हुए कहा कि भारत का सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को बहाल करने का कोई इरादा नहीं है। शाह के इस बयान के बाद से ही पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हडकंप मची हुई है।  अगर भारत सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करता, तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर कब्जा कर सकता है बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने भी अमित शाह (Amit shah) के इसी बयान का जवाब देते हुए एक रैली में भारत को सीधे तौर पर युद्ध की धमकी दी। बिलावल ने कहा, “भारत के पास अब केवल दो विकल्प हैं, या तो वह सिंधु जल संधि को मानते हुए हमारे साथ सहयोग करे या पाकिस्तान से युद्ध के लिए तैयार रहे।” बिलावल यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अगर भारत सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करता, तो पाकिस्तान हमला करके सभी छह नदियों पर कब्जा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिलावल भुट्टो का यह बयान पाकिस्तान की बौखलाहट को दिखाता है। भारत ने जब से सिंधु जल संधि पर रोक लगाया है, पाकिस्तान तभी से इस तरह की गीदड़भभकी दे रहा है।  हम सिंधु सभ्यता के संरक्षक हैं और इसकी रक्षा के लिए युद्ध का रास्ता भी अपनाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने यह भी कहा कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को निलंबित करना “शांति को खत्म करने जैसा कदम” है। यह सिर्फ जल संकट नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अस्तित्व का सवाल है और पाकिस्तान की सरकार इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। बिलावल ने धमकी देते हुए कहा, “हम सिंधु सभ्यता के संरक्षक हैं और इसकी रक्षा के लिए युद्ध का रास्ता भी अपनाना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे।” बता दें कि बिलावल भुट्टों इससे पहले भी इस तरह का भड़काऊ बयान दे चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर से पहले बिलावल ने भारत को धमकी देते हुए कहा था, “या तो नदियों में पानी बहेगा, या फिर भारत का खून।” इस तरह के बयान न केवल भारत-पाक के रिश्तों को और तनावपूर्ण बना रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की छवि को भी प्रभावित कर रहे हैं। इसे भी पइसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! अमित शाह के बयान के बाद बौखलाया पाकिस्तान गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने हाल में एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें कहा था कि, भारत सिंधु जल समझौते को बहाल नहीं करेगा। शाह ने कहा, “भारत को अब अपने अधिकारों को जानने और उन पर अमल करने का समय आ गया है।” शाह के इस बयान को पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि भारत अब अपनी जल कूटनीति को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल करने को तैयार है। इस बयान के तुरंत बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे “अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन” बताया और वैश्विक मंचों पर भारत की शिकायत करने की चेतावनी दी। वहीं बिलावल भुट्टों भारत को युद्ध की धमकी देने लगे। लेकिन भारत ने अब तक इस मुद्दे पर संयम दिखाया है और कभी भी युद्ध जैसी कोई भाषा नहीं अपनाई, लेकिन पाकिस्तान के राजनीतिक वर्ग द्वारा बार-बार युद्ध की धमकी देना कहीं न कहीं उनकी राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक दबावों को दर्शाता है। सिंधु जल संधि: क्या है विवाद की जड़? बता दें कि सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता से 1960 में हुई थी। इस संधि के तहत छह नदियों का पानी दोनों देशों में बांटा गया। भारत को रावी, ब्यास, सतलुज का पानी मिला था और पाकिस्तान को सिंधु, झेलम, चिनाब का पानी मिला था। इस संधि के तहत भारत पाकिस्तान की नदियों के पानी को रोक नहीं सकता, लेकिन सीमित सिंचाई, जल-विद्युत और घरेलू उपयोग के लिए संरचनाएं बना सकता है। हालांकि, भारत हमेशा से इस संधि को गलत मानता रहा, लेकिन कभी रोक नहीं लगाया। लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया है। भारत का कहला है कि पाकिस्तान के साथ यह संधि अच्दे रिश्ते और शांति के लिए किए गए थे, लेकिन बदले में पाकिस्तान ने भारत में आतंकवाद और हिंसा फैलाई। पानी और खून अब एक साथ नहीं बह सकता। इसलिए पाकिस्तन जब तक आतंकवाद को खत्म नहीं करता, तब तक यह संधि स्थगित रहेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Amit shah Bilawal Bhutto #IndusWatersTreaty #BilawalBhutto #IndiaPakistan #RiverDispute #SouthAsiaTensions #Geopolitics #BreakingNews #PakistanThreat

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Neeraj Chopra 2025,

नीरज चोपड़ा ने फिर लहराया तिरंगा, पेरिस डायमंड लीग 2025 में रिकॉर्ड थ्रो के साथ मारी बाजी

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने एक बार फिर तिरंगा लहरा दिया है। नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस डायमंड लीग 2025 (Paris Diamond League 2025) में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। उन्होंने 88.16 मीटर का जोरदार थ्रो फेंककर पहले ही प्रयास में अजेय बढ़त बना ली और प्रतियोगिता के अंत तक कोई भी खिलाड़ी उन्हें पीछे नहीं छोड़ सका। नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने पेरिस डायमंड लीग प्रतियोगिता (Paris Diamond League 2025) की शुरुआत ही धमाकेदार अंदाज में की। उनका पहला थ्रो 88.16 मीटर का था, जो न केवल उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, बल्कि इस सीजन में पेरिस डायमंड लीग (Paris Diamond League 2025) का सबसे लंबा थ्रो भी बना। इसके बाद दूसरे प्रयास में नीरज ने 85.10 मीटर लंबा थ्रो फेंका। हालांकि इसके बाद उनका अगले तीन थ्रो फाउल हो गए, लेकिन अंतिम प्रयास में उन्होंने फिर से 82.89 मीटर का थ्रो फेंका।  नीरज की निरंतरता और आत्मविश्वास बरकरार बता दें कि पिछली दो प्रतियोगिताओं में जर्मनी के जूलियन वेबर ने नीरज चोपड़ा को हराया था। 16 मई को दोहा डायमंड लीग में वेबर ने 91.06 मीटर और 23 मई को पोलैंड के जानुज कुसोचिंस्की मेमोरियल में 86.12 मीटर का थ्रो कर नीरज को पीछे छोड़ दिया था। नीरज उन मुकाबलों में क्रमशः 90.23 और 84.14 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। लेकिन पेरिस में नीरज चोपड़ा ने अपने अनुभव और आत्मविश्वास से वापसी करते हुए वेबर को पीछे छोड़ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया। इस प्रतियोगिता में वेबर का सबसे बेहतर थ्रो 86.10 मीटर का रहा। जबकि ब्राजील के लुईज मौरिशियो दा सिल्वा ने 85.62 मीटर थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।  नीरज चोपड़ा इस लीग के बाद 24 जून से चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में (Diamond League 2025) गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट में भाग लेंगे। यह इवेंट चेक रिपब्लिक में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद पांच जुलाई को बेंगलुरु में ‘नीरज चोपड़ा क्लासिक टूर्नामेंट’ में खेलेंगे। यह टूर्नामेंट पहले मई में होना था, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव की वजह से आगे बढ़ा दिया गया था। नीरज की अब तक की प्रमुख उपलब्धियां बता दें कि नीरज चोपड़ा भारतीय खेल इतिहास के सबसे बेहतरीन एथलीट में से एक हैं। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में 87.58 मीटर का थ्रो फेंककर भारत को ट्रैक एंड फील्ड का पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल दिलाया था। इसके अलावा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में भी उन्होंने 88.17 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया है, जो किसी भी भारतीय खिलाड़ी का वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक था। 2024 के सीजन में भी नीरज की निरंतरता देखने लायक रही। उन्होंने बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर, एशियन गेम्स 2023 में गोल्ड और फिर से दो डायमंड लीग मुकाबलों में पोडियम फिनिश हासिल की। नीरज चोपड़ा ने अब पेरिस डायमंड लीग 2025 में जीत हासिल कर एकबार फिर यह साबित कर दिया है कि वह अब केवल एक एथलीट नहीं, बल्कि भारत की उम्मीद, प्रेरणा और गौरव बन चुके हैं। वे हर मुकाबले में भारत का झंडा ऊंचा कर रहे हैं और आने वाले ओलंपिक 2028 की ओर भी उनकी तैयारी का यह आत्मविश्वासी कदम है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात नीरज चोपड़ा को मिला चुका है कई सम्मान और पुरस्कार  नीरज चोपड़ा को उनकी इस शानदार खेल उपलब्धियों और भारत के लिए अभूतपूर्व योगदान के लिए अब तक कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद इन्हें साल 2021 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (अब: मेजर ध्यानचंद खेल रत्न) मिला था। वहीं 2022 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से भी नीरज को उनके प्रदर्शन और खेल में योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। इसके अलावा एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के लिए इन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Diamond League 2025 #NeerajChopra #ParisDiamondLeague #JavelinThrow #IndiaAthletics #DiamondLeague2025 #NeerajWinsAgain

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Eknath Shinde on Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल करने वाले पाक एजेंट, इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड चाहिए- एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे पर बोला हमला 

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना मुखिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने पार्टी की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने वाले लोगों को ‘गद्दार’ बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पाकिस्तानी एजेंट तक कह दिया। एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इस दौरान शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी निशाना साधा और उन पर  हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ने का आरोप लगाया।  हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है- एकनाथ शिंदे एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) वर्ली के एनएससीआई डोम में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा, “हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को हमारी ताकत का एहसास करा दिया। लेकिन जो लोग हमारी सेना की ताकत पर संदेह करते हैं, उन्हें भारतीय सेना पर भरोसा नहीं है। ऐसे लोगों को पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर भरोसा है। जिसके कारण ही ये लोग हमारी सेना की वीरता को सलाम करने की जगह हमारे नुकसान के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। इस तरह देश की सेना पर सवाल उठाना देशद्रोह की तरह है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनकी पार्टी इस समय पाकिस्तानी एजेंट की तरह काम करके देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।” शिंदे ने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग भारतीय सेना पर जिस तरह सवाल उठा कर पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, इसके लिए इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड मिलना चाहिए। जो लोग हमारी सेना पर सवाल उठा कर पूछ रहे हैं कि हमने कितने फाइटर जेट खोए और हमें कितना नुकसान हुआ, क्या उन्हें पाकिस्तान से इनाम चाहिए?” उद्धव ठाकरे पर भी जमकर बरसे शिंदे  एकनाथ शिंदे इस दौरान उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी जमकर बरसे। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व त्यागने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो सत्ता में वापसी के लिए हिंदुत्व से समझौता करने वाले कार्यक्रम आयोजित करा रहे हैं। जबकि हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और उनके द्वारा बताए गए रास्ते पर चलते हुए हिन्दुत्व पर आधारित कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। शिंदे ने UBT गुट पर ठाकरे की विरासत को छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा, “वे लोग सत्ता में वापसी के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, गठबंधन के लिए विचारधारा के खिलाफ जाने वाली पार्टियों से भी विनती कर रहे हैं।” राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव जब एकबार फिर से नजदीक आ चुका है, तो उन्हें अचानक हिंदुत्व याद आने लगा, मराठी मानुस याद आने लगा, लेकिन महाराष्ट्र की जनता अब समझ चुकी है कि यह केवल इन लाेगों का पाखंड है।” बता दें कि एकनाथ शिंदे बाल ठाकरे द्वारा 1966 में स्थापित शिवसेना का 59वें स्थापना दिवस मना रहे थे। इस दौरान मुंबई में कई जगह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा रैली भी निकाली गई और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।  इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री शिवसेना को मिटाने वाले खुद मिट जाएंगे- उद्धव ठाकरे उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की शिवसेना (यूबीटी) ने भी स्थापना दिवस को मनाया और विभिन्न जगहों पर रैली निकाली। उद्धव ठाकरे की पार्टी का मुख्य कार्यक्रम सायन इलाके के षणमुखानंद हॉल में आयोजित हुआ। यहां पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने फिल्मी अंदाज विरोधियों को चैलेंज किया- कम ऑन किल मी, बाद में उन्होंने कहा कि जो लोग शिवसेना को मिटाने का सपना देख रहे हैं, वे आने वाले दिनों में खुद मिट जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वो गद्दारों को पूरा सबक सिखाएंगे। उनका यह इशारा एकनाथ शिंदे की तरफ था। इस दौरार उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि उनकी अगुवाई वाली पार्टी ही असली शिवसेना है और स्थानीय निकाय चुनाव में यह पार्टी भारी जीत हासिल करने वाली है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #EknathShinde #RahulGandhi #UddhavThackeray #OperationSindoor #PoliticalNews #IndiaPolitics #PakistanAgent #BJPvsCongress

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India Pakistan conflict,

‘भारत के हमले से नूर खान और शोरकोट एयरबेस तबाह…’ पाकिस्तान के डिप्टी पीएम ने कबूला सच्चाई, खोली अपने ही झूठ की पोल

पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) से हुए भारी नुकसान को छुपाने की लाख कोशिश कर ले, लेकिन उनके नेताओं के मुंह से सच निकल ही जाता है। अब एक बार फिर पाकिस्तान ने भारत के सफलता का खुलासा कर दिया है। इस बार पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार (Ishaq Dar) ने सच को स्वीकार्य किया है। डार ने पाकिस्तान के GEO न्यूज को इंटरव्यू देते हुए भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की सफलता का खुलासा किया। उन्होंने माना कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान के दो सबसे अहम एयरबेस- नूर खान और शोरकोट को भारी नुकसान हुआ है। भारत के इस विध्वंसक हमले के कारण पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की योजना पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। इशाक डार (Ishaq Dar) का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान इस सैन्य संघर्ष को अपनी जीत के रूप में पेश कर रहा है और अभी तक अपने नुकसान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार्य नहीं किया है।  Pakistani deputy PM Ishaq Dar claims India hit Nur Khan and Shorkot airbases. He says Saudi Prince Faisal bin Salman asked if he could tell Jaishankar that Pakistan is ready to stop— revealing that it wasn't just the US that Pakistan went to at that the time to convince India… pic.twitter.com/uV3wU7av13 — Shubhangi Sharma (@ItsShubhangi) June 19, 2025 हम पलटवार की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले भारत ने कर दिया हमला- डार इशाक डार (Ishaq Dar) ने इस इंटरव्यू में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत ने जब ब्रह्मोस मिसाइलों से उसके ऐयरबेस पर हमला किया, तब पाकिस्तान खुद भारत पर एक जवाबी सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा था। लेकिन भारत ने जिस तरह से सटीक हमला किया उससे पाकिस्तान (Shehbaz Sharif) की रणनीति निष्प्रभावी हो गई। क्योंकि भारत के हमले में दोनों एयरबेस को काफी नुकसान पहुंचा और वे किसी भी सैन्य ऑपरेशन लायक नहीं रह गए। इशाक डार ने यह भी स्वीकार्य किया कि भारत का यह हमला पाकिस्तान के लिए “सामरिक रूप से बेहद चौंकाने वाला” था।  सऊदी अरब से की थी मध्यस्थता की अपील  इशाक डार ने इस दौरान यह भी खुलासा किया कि भारत के इस हमले से हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके थे कि हमें तुरंत अमेरिका और सऊदी अरब से मदद मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का उनके पास फोन आया और उन्होंने पूछा कि क्या मैं इस संघर्ष को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात करूं और उनसे कहूं कि पाकिस्तान सीजफायर के लिए तैयार है? इशाक डार ने बताया कि क्राउन प्रिंस की बात पर उन्होंने तुरंत सहमति व्यक्ति कर दी और कहा कि हां प्लीज आप एस. जयशंकर से बात करके बताईए कि पाकिस्तान सीजफायर चाहता है।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! एयर डिफेंस तबाह हुआ तो घुटनों पर आया पाक इशाक डार द्वारा यह सच्चाई स्वीकार्य करने से एक बात साफ हो गई है कि भारत के हमले से पाकिस्तान बेहद डर गया था और समझ गया था कि अगर सीजफायर नहीं होता तो भारत उसका नामो निशान मिटा देगा। भारत पहले ही पाकिस्तान के एयर डिफेंस को तबाह कर चुका था। इसलिए  वह भारत के हमले को रोकने में सक्षम ही नहीं था। इशाक डार को पाकिस्तान के बरबोले नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि सऊदी प्रिंस ने खुद उन्हें फोन किया था, लेकिन जिस तरह के हालात थे, उससे ऐसा लगता नहीं है। पाकिस्तान उस समय जिस तरह घुटनों पर बैठा हुआ था, उससे तो यही लगता है कि पाकिस्तान ने खुद ही सऊदी अरब को फोन लगाकर सीजफायर की गुहार लगाई होगी। भारत के इस हमले से पाकिस्तान का नूर खान एयरबेस अभी भी आईसीयू में है। यह एयरबेस अभी भी पूरी तरह से बंद पड़ा है और यहां पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। बता दें कि इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने भी स्वीकार किया था कि भारत के हमले में उनके कई एयरबेस को भारी नुकसान हुआ है। वहीं पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर (Asim Munir) भी हाल ही में वॉशिंगटन में बयान दे चुके हैं कि भारत अब “न्यू नॉमर्ल” सैन्य सिद्धांत स्थापित करना चाहता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Shehbaz Sharif #IndiaPakistanConflict #AirstrikeTruth #NoorKhanAirbase #ShorkotAirbase #PakistanNews #BreakingNews

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