सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बार फिर अच्छी खबर सामने आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) जल्द लागू किया जा सकता है, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। वेतन आयोग हर कुछ सालों में सरकार द्वारा गठित एक समिति होती है, जो सरकारी कर्मचारियों (Government Employee) के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा कर बदलाव की सिफारिश करती है। इस बार की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ बेसिक सैलरी (Basic Salary) ही नहीं, बल्कि भत्तों (Allowance) में भी बदलाव पर चर्चा की जा रही है।
बेसिक सैलरी में सकती है बढ़ोतरी
हर वेतन आयोग का मुख्य आकर्षण बेसिक सैलरी का बढ़ना होता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में जहां फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, वहीं इस बार उम्मीद की जा रही है कि इसे बढ़ाकर 3.68 या उससे भी अधिक किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में सीधी बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के लिए यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है, तो 8वें वेतन आयोग के बाद यह 90,000 रुपये तक पहुंच सकती है। बेसिक सैलरी में यह बढ़ोतरी न केवल पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सेवाओं को प्रभावित करेगी, बल्कि HRA, DA और अन्य भत्तों की गणना में भी इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा।
HRA यानी मकान किराया भत्ता – कम दर, लेकिन अधिक राशि
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में HRA एक अहम भूमिका निभाता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में वर्गीकृत किया गया था और उनके अनुसार HRA की दरें क्रमशः 24%, 16% और 8% तय की गई थीं। हालांकि महंगाई भत्ता (DA) के बढ़ने के साथ यह दरें क्रमशः 30%, 20% और 10% तक पहुंच गई थीं। 8वें वेतन आयोग के साथ DA फिर से 0% से शुरू होगा, जिससे HRA की दरें भी रीसेट होकर 24%, 16% और 8% हो सकती हैं। हालांकि, बेसिक सैलरी (Basic Salary) में संभावित बढ़ोतरी के चलते वास्तविक HRA राशि पहले से कहीं अधिक हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 90,000 रुपये होती है, तो X कैटेगरी में उसका HRA 21,600 रुपये होगा, जो पहले की तुलना में दुगना से भी अधिक है।
पेंशनर्स के लिए बेहतर मेडिकल सुविधा
सरकारी पेंशनर्स की एक बड़ी चिंता चिकित्सा सुविधाएं होती हैं। वर्तमान में अधिकांश पेंशनर्स को 1000 रुपये प्रति माह फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (Medical Allowance) मिलता है, जो महंगाई और दवाइयों के बढ़ते खर्च को देखते हुए बहुत कम है। साथ ही, सभी पेंशनर्स CGHS (Central Government Health Scheme) के दायरे में नहीं आते। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में यह संभावना जताई जा रही है कि मेडिकल अलाउंस को 2000 से 3000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाया जा सकता है। यह वृद्ध पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत होगी और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी समस्याओं को कुछ हद तक कम कर सकेगा।
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यात्रा भत्ता (TA) में भी बदलाव की उम्मीद
यात्रा भत्ता (Travel Allowance) सरकारी कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधा है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी तय करके कार्यालय पहुंचते हैं। अभी तक TA की गणना DA के अनुसार की जाती रही है। लेकिन 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने के बाद जब मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाएगा, तब TA के फॉर्मूले में भी बदलाव तय है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, सार्वजनिक परिवहन के खर्च और रोजमर्रा की यात्रा में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए TA में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। इससे कर्मचारियों का दैनिक खर्च संतुलित हो सकेगा।
कर्मचारियों और पेंशनर्स की बढ़ती उम्मीदें
हर वेतन आयोग के साथ कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं। खासकर जब महंगाई लगातार बढ़ रही हो और रोजमर्रा की ज़रूरतें महंगी होती जा रही हों, तो आय में स्थायी वृद्धि एक बड़ी आवश्यकता बन जाती है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से यह उम्मीद की जा रही है कि वह न केवल वेतन और भत्तों (Salary and Allowance) में सुधार लाएगा, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की जीवनशैली को भी बेहतर बनाएगा। 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के लिए आर्थिक राहत और स्थिरता की उम्मीद है।
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