Tariff Dispute: भारत ने ट्रंप के टैरिफ वाले दावे से किया किनारा, कहा अभी कोई समझौता नहीं, बस बातचीत जारी

Trump tariff claim

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल से कनाडा, मैक्सिको और चीन समेत भारत पर टेरिफ लगाने की धमकी दी थी। यही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया था कि भारत टैरिफ कटौती पर सहमत (Tariff Dispute) हो गया है। जब कि भारत का कहना है कि “इस मुद्दे पर अमेरिका संग अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है।” हालाँकि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। जानकारी के मुताबिक ट्रंप के दावे के दो दिन बाद भारत सरकार ने सोमवार को संसदीय पैनल को ये बात बताई। संसदीय पैनल के समक्ष अपनी बात रखते हुए सरकार ने कहा कि “व्यापार शुल्क को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है। इस मुद्दे के हल के लिए सितंबर तक का समय मांगा गया है।” खैर, ऐसे में बड़ा सवाल यह कि ट्रंप आखिर करना क्या चाहते हैं? यह सवाल इसलिए भी क्योंकि ट्रंप ने दावा किया था कि “भारत टैरिफ कटौती पर राजी हो गया है।” तो वहीं इस मामले पर भारत का कहना है कि “अब तक ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं।” जानकारी के मुताबिक वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बताया कि “भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ को बहुत कम करने को लेकर अब तक कोई समझौता नहीं हुआ है। दोनों ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। सिर्फ तत्काल टैरिफ के मुद्दे पर ही नहीं दीर्घकालिक व्यापार सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।”

संसदीय समिति के कई सदस्यों ने बर्थवाल से अमेरिका-भारत व्यापार (Tariff Dispute) वार्ता पर पूछे कई प्रश्न 

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जानकारी के मुताबिक समिति के कई सदस्यों ने बर्थवाल से अमेरिका-भारत व्यापार (Tariff Dispute) वार्ता पर कई प्रश्न पूछे। इस प्रश्न पर उन्होंने कहा कि “व्यापार वार्ता के दौरान भारत के हितों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने समिति से कहा कि “भारत मुक्त व्यापार के पक्ष में है। और व्यापार का उदारीकरण चाहता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि “टैरिफ वॉर छिड़ने से अमेरिका समेत किसी को भी फायदा नहीं होगा, इससे मंदी के हालात पैदा हो सकते हैं।” खैर, इस दौरान कुछ संसद सदस्यों ने वाणिज्य सचिव से यह भी पूछा कि “भारत सीमा शुल्क पर अमेरिकी कदमों को लेकर मेक्सिको और कनाडा की तरह अपनी आवाज क्यों नहीं उठा रहा?” इस कड़वे सवाल पर बर्थवाल ने कहा कि “दोनों मामलों की तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि अमेरिका के उनके साथ सुरक्षा संबंधी चिंताएं और सीमा आव्रजन संबंधी मुद्दे हैं।” इस दौरान समिति से वाणिज्य सचिव ने कहा कि “भारत ऐसे उद्योगों की रक्षा करेगा जो उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं। भारत द्विपक्षीय रूप से सीमा शुल्क कम कर सकता है लेकिन बहुपक्षीय रूप से ऐसा नहीं कर सकता। इसी वजह से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम किया जा रहा है।”

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किसी को भी ट्रंप के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर नहीं करना चाहिए भरोसा (Tariff Dispute)

गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि समिति के कई सदस्यों ने ट्रंप के उस दावे पर भी चिंता जाहिर की, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत टैरिफ घटाने को राजी (Tariff Dispute) हो गया है। बता दें कि कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा, असदुद्दीन ओवैसी और टीएमसी की सागरिका घोष जैसे विपक्षी सांसदों ने इसे लेकर कई सवाल पूछे। जिस पर सुनील बर्थवाल ने कहा कि “किसी को भी ट्रंप के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्यों कि दोनों ही देशों के बीच समझौते पर बातचीत अभी भी जारी है। उन्होंने संसदीय समिति को बताया कि “भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार शुल्क के मोर्चे पर किसी भी तरह की प्रतिबद्धता नहीं जताई है।”

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