पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर की मुश्किलें हैं कि कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां बलोच लिब्रेशन आर्मी का लड़कों ने उनकी नाक में दम कर रखा है तो वहीं दूसरी तरफ जूनियर सैन्य अधिकारियों के बीच विरोध के स्वर (Pakistan army revolt) तेज हो गए हैं। दरअसल, पाकिस्तानी सेना में जनरल मुनीर के खिलाफ लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। असंतोष बढ़ने की वजह से विद्रोह की स्थिति बनती नजर आ रही है। जूनियर सैन्य अधिकारियों के असंतोष का यह आलम है कि कुछ अधिकारियों ने जनरल मुनीर के इस्तीफे की मांग करते हुए एक पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक लिखे पत्र उन्होंने सेना प्रमुख की नीतियों की आलोचना की है और नए नेतृत्व की आवश्यकता जताई है।
पाकिस्तानी सेना में (Pakistan army revolt) की स्थिति बन रही है बगावत
इसकी पुष्टि इमरान खान की पार्टी के एक नेता ने खुद ने की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इमरान खान की पार्टी के एक नेता ने दावा किया है कि “पाकिस्तानी सेना में बगावत (Pakistan army revolt) की स्थिति बन रही है। कई सैन्य अधिकारी जनरल मुनीर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और वर्तमान हालात को 1971 जैसी स्थिति से जोड़ रहे हैं।” यही नहीं, इसके अलावा देशभर में शहबाज शरीफ के खिलाफ भी प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि यदि सेना में विद्रोह की ज्वाला भड़कती है तो यह पूरे पाकिस्तान में भारी उथल-पुथल मचा सकती है।
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पाकिस्तानी सेना अपने ही देश में (Pakistan army revolt) पड़ने लगी है अलग-थलग
दावा तो यहाँ तक किया जा रहा है कि “पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों ने सेना प्रमुख जनरल मुनीर के इस्तीफे की मांग की है। अफसरों ने तल्खी भरा खत लिखकर उन पर आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि उन्होंने सेना का इस्तेमाल जबरन राजनीतिक प्रताड़ना और निजी दुश्मनी निकालने के साधन के रूप में किया है।” बता दें कि पत्र में मुनीर के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा गया है कि “उन्होंने पाकिस्तान को संकट की गहराइयों में धकेल दिया है। उनके नेतृत्व की तुलना 1971 की स्थिति से की गई है, जब पाकिस्तान को करारी हार झेलनी पड़ी थी। और इसका परिणाम बांग्लादेश के गठन के रूप में झेलना पड़ा था। इस बीच गौर करने वाली बात यह कि पाकिस्तानी सेना अपने ही देश में अलग-थलग (Pakistan army revolt) पड़ने लगी है।
اگر تو یہ کھلا خط اصلی ہے تو میلہ مویشیاں کا مہمان خصوصی اب ڈر اور خوف کے مارے مزید ظلم و بربریت کرے گا۔ بزدل انسان ہمیشہ ظالم ہوتا ہے اور جب اسے اپنی طاقت ختم ہوتی نظر آنے لگے تو وہ کچھ بھی داؤ پر لگانے کو تیار ہوتا ہے۔ تاریخ حافظ سید عاصم منیر شاہ کو دور حاضر کے یزید و فرعون کے… pic.twitter.com/vtYl8SYEvQ
— Ali Malik (@AliHasnainMalik) March 18, 2025
बच्चें हमारी चौकियों पर पत्थर फेंकते हैं (Pakistan army revolt)
खुफिया सूत्रों की माने तो इस बगावत की वजह से पाकिस्तानी सेना के अस्तित्व पर ही संकट के बदल मंडराने लगे हैं। बड़ी बात यह कि पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मुनीर अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तो सेना स्वयं उनके खिलाफ बगावती कदम उठाएगी।बता दें कि एक पत्र में उल्लेख किया गया है कि “बच्चें हमारी चौकियों पर पत्थर फेंकते हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि पाकिस्तानी सेना अपने ही देश में अलग-थलग पड़ गई है। खबर एक मुताबिक सेना के अधिकारियों ने आर्मी चीफ की तुलना एक क्रूर फासीवादी जानवर (Pakistan army revolt) से की है, जो अपने ही नागरिकों की कीमत पर लाभ उठा रहा है।
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