आज डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया है। बाबा साहेब को संविधान का निर्माता भी कहा जाता है, इन्हीं की अगुवाई में ही दुनिया के सबसे बड़े संविधान की रचना की गई थी। बाबा साहेब का जन्म मध्य प्रदेश के महू जिले में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। डॉ भीम राव अंबेडकर का असली सरनेम अंबडेकर नहीं था, उनका असली सरनेम सकपाल था। उनका ये नाम उनके पिता ने स्कूल में लिखवाया था, फिर उनके एक शिक्षक ने उन्हें अपना सरनेम अंबेडकर दे दिया था। उस दौर में अंबेडकर सबसे पढ़े-लिखे व्यक्तियों में से एक थे, उन्होंने जीवनभर छुआछूत और गरीबी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी। आइए आज उनकी 135वीं जयंती पर जानते हैं उनके से जीवन से जुड़ी 10 अनकही 10 Untold Facts About Dr. Ambedkar बातें।
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बाबा साहेब के से जीवन से जुड़ी 10 अनकही (10 Untold Facts About Dr. Ambedkar) बातें
- डॉ भीमराव अंबेडकर का असली सरनेम अंबडेकर नहीं था। उनका असली सरनेम अंबावाडेकर था। उनका ये नाम उनके पिता ने स्कूल में लिखवाया था। फिर उनके एक शिक्षक ने उन्हें अपना सरनेम अंबेडकर दे दिया था।
- बाबा साहेब अपने मां-बाप की 14वीं और आखिरी संतान थे। उनकी शादी महज 15 वर्ष में हुई थी। तब उनकी पत्नी रमाबाई की उम्र 9 साल थी। बड़ी बात यह कि वे 14 भाई-बहनों में इकलौते थे, जिन्हें पढ़ाई का मौका मिला।
- बाबा साहेब का परिवार महार जाति (दलित) से ताल्लुक रखता था। उस समय महार जाती को अछूत माना जाता था। उनके पूर्वज लंबे समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की फौज में काम करते थे। बता दें कि उनके पिता ब्रिटिश सेना की महू छावनी में सूबेदार थे।
- बाबा साहेब को किताबें पढ़ने का बड़ा शौक था। उनके पास किताबों की एक विशाल लाइब्रेरी थी। लेखर जॉन गुंथेर ने अपनी किताब इनसाइड एशिया में इसका वर्णन करते हुए लिखा है कि “1938 में बाबा साहेब के पास 8000 किताबें थे, जो उनकी मौत के समय में 35000 हो गई थीं।”
- अंबेडकर ने साल 1907 में मैट्रिक की परीक्षा पास की और फिर एलफिंस्टन कॉलेज में एडमिशन लिया। गौर करने वाली बात यह कि इस कॉलेज में एडमिशन लेने वाले व पहले दलित (10 Untold Facts About Dr. Ambedkar) छात्र थे। इसके बाद साल 1912 में उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से इकॉनोमिक्स और पॉलिटिकल साइंस से डिग्री हासिल की।
- बाबा साहेब वो पहले भारतीय थे, जिन्होंने विदेश से इकॉनोमिक्स में पीएचडी की थी। इसके अलावा बाबा साहेब पिछड़े वर्ग के पहले वकील थे।
- बाबा साहेब दुनिया के पहले और एक मात्र सत्याग्राही थे, जिन्होंने पीने के पानी के लिए आंदोलन किया था।
- बाबा साहेब की काबिलियत का अंदाजा इसी लगाया जा सकता है कि जब देश आजाद होने को आया और संविधान बनाने की बात हुई, तो उनकी काबिलियत देखकर उन्हें संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष बनाया गया।
- भीमराव अंबेडकर देश की आजादी के बाद पहले कानून मंत्री बनाए गए थे। बाबा साहेब ने 1952 में बॉम्बे उत्तरी सीट से देश का पहला आम चुनाव (10 Untold Facts About Dr. Ambedkar) लड़ा। लेकिन वो हार गए थे। अपने जीते जी वो एक भी बार वो लोकसभा का चुनाव नहीं जीत सके। पर वे दो बार राज्यसभा के सांसद रहे।
- बाबा साहब को न सिर्फ बागवानी करने का शौक था बल्कि उन्हें अपने कुत्तों से भी बहुत लगाव था। इसका वर्णन कई किताबों में मिलता भी है।
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