PM Shehbaz’s Advisor Reveals 30-45 Sec Response Window

हमारे पास 30 से 45 सेकंड थे’, भारत के ब्रह्मोस मिसाइल हमले पर PM शहबाज के सलाहकार का बड़ा खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर ब्रह्मोस मिसाइलें दागी (Brahmos Missile Attack On Pakistan) थी, जिसने पाकिस्तान घुटनों पर आकर सीजफायर की भीख मांगने लगा था। हालांकि सीजफायर होने के बाद पाकिस्तान अपने इस नाकामी को छुपाने में जुट गया, लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) के प्रमुख सलाहकार राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने ही इस झूठ की पोल खोल दी है। राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने पाकिस्तानी मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा, ”भारत ने जब हम पर ब्रह्मोस मिसाइल दागी, तो हमारे नेतृत्व के पास ये तय करने के लिए सिर्फ 30 से 45 सेकंड ही थे कि यह इन मिसाइलों में परमाणु हथियार है कि नहीं।  राणा सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि, भारत ने जब ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos Missile Attack On Pakistan) रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर दागी, तो हमारे एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट का संकेत भेजने लगा। जिसने पाकिस्तान के पूरे रक्षा तंत्र को ही हिलाकर रख दिया था। उस समय हमारे नेतृत्व के पास सिर्फ 30 से 45 सेकेंड यह तय करने के लिए थे कि इस मिसाइल में परमाणु हथियार है कि नहीं। यहां पर एक चूक महाविनाश ला सकती थी। सनाउल्लाह ने कहा कि, ”मैं यह नहीं कह रहा हूं कि भारत ने परमाणु हथियार का इस्तेमाल न करके अच्छा किया, लेकिन पाकिस्तान के लोग अगर गलति से इसे परमाणु हमला समझ लेते तो परमाणु युद्ध छिड़ सकता था।” ट्रंप ने निभाई युद्ध रूकवाने में अहम भूमिका- सनाउल्लाह    इंटरव्यू के दौरान राण सनाउल्लाह भले ही अपने डर को जाहिर करते हुए सच्चाई स्वीकार्य कर गए हों, लेकिन वो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा फैलाने से नहीं चकू। अपने पाकिस्तानी आकाओं की तरह   सनाउल्लाह ने भी सीजफायर का क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप को देते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने और युद्ध रोकने में ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने अगर परमाणु युद्ध टालने में भूमिका निभा कर दुनिया को बड़े विनाश से बचाया है, तो दुनिया को भी उनके इस  भूमिका का निष्पक्ष आंकना कर उनकी सराहना करनी चाहिए। सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने कहा कि इस बात को पाकिस्तान अच्छे से समझता है और इसीलिए पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने के लिए नामित किया है। हालांकि, भारत ने सीजफायर में ट्रंप के किसी भी तरह के भूमिका से इंकार करते हुए कहा है कि सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने अनुरोध किया था। भारत ने अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया था, इसलिए पाकिस्तान की तरफ से फोन कॉल आने के बाद युद्ध को रोका गया। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? भारत के हमले से खौफ में था पाकिस्तान नेतृत्व  बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत ने 10 मई को ब्रह्मोस मिसाइलों से पाकिस्तान के कई एयरबेस पर हमला किया था। भारत के हमले में नूर खान एयरबेस समेत पाकिस्तान के कई एयरबेस के रनवे, बंकर और हैंगर को भारी नुकसान हुआ। भारत के इस हमले से पाकिस्तान की सैन्य क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हुई और पाकिस्तान के फाइटर जेट उड़ान तक नहीं भर पाए। सनाउल्लाह ने इंटरव्यू के दौरान भारत के इसी हमले का जिक्र करते हुए स्वीकार किया कि भारत के तरफ से हुए इस भीषण हमले से पाकिस्तान को दहशत फैल गया था। इसकी वजह से परमाणु संघर्ष की आशंका बढ़ गई थी।  पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी कुछ दिन पहले मीडिया से बातचीत में यह स्वीकार किया था कि भारत के हमले में पाकिस्तान के एयरबेस को बड़ा नुकसान हुआ था। भारत ने जब हमला किया तो हम भारत पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन भारत ने चौकानें वाला हमला करके हमारी योजना को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान की तरफ से एक के बाद एक इस तरह के बयान तब आ रहे हैं, जब पाकिस्तानी सेना इस युद्ध में अपनी जीत का दावा करते हुए किसी भी तरह के क्षति से इनकार कर चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rana Sanaullah #IndiaBrahMos #PakistanReaction #ShehbazSharif #BrahMosMissile #DefenseAlert #IndiaPakistanTensions #MissileStrike

आगे और पढ़ें
PM Modi praises Bihar’s rich heritage

PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago: त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर पीएम मोदी ने बिहार की विरासत को बताया भारत और दुनिया का गौरव

इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर हैं। इस बीच वहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “मैं कुछ समय पहले ही पक्षियों की इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं। और मेरा पहला जुड़ाव यहां के भारतीय समुदाय के साथ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। यह पूरी तरह से स्वाभाविक लगता है, क्योंकि हम एक परिवार का हिस्सा हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि “जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं। हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और भिटक गण यहां पर पनपते रहते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक साथ जानने और बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।” प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) करते थे इस बीच पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को महाकुंभ के संगम और सरयू नदी का पवित्र जल भी दिया। इसके साथ ही उन्हें श्री राम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “आप सभी जानते हैं कि इस वर्ष की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ हुआ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) था। मुझे महाकुंभ का जल अपने साथ ले आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा धारा में अर्पित करें।” इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। कमला जी स्वयं वहां जाकर भी आई हैं। लोग इन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। यहां उपस्थित अनेक लोगों के पूर्वज बिहार से ही आए हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, उच्च शिक्षा हो, बिहार ने सदियों पहले दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी। मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी की दुनिया के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे।” मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया होगा- पीएम मोदी  इस बीच रामचरित मानस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं प्रभु श्री राम में आपकी गहरी आस्था से अवगत हूं। यहां की राम लीलाएं वास्तव में अनूठी हैं। रामचरितमानस में कहा गया है कि प्रभु श्री राम की पवित्र नगरी इतनी सुंदर है कि इसकी महिमा का गुणगान दुनिया भर में होता (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत किया होगा। आपने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और शिलाएं भेजी थीं। मैं भी इसी तरह की भक्ति भावना के साथ यहां कुछ लाया हूं। राम मंदिर की प्रतिकृति और पवित्र सरयू से कुछ जल लाना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वो समय अब दूर नहीं है कि जब कोई भारतीय चंद्रमा पर पहुंचेगा और भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। हम अब तारों को सिर्फ गिनते नहीं हैं, आदित्य मिशन के रूप में उनके पास जाने का प्रयास करते हैं। हमारे लिए अब चंदा मामा दूर के नहीं है। हम अपनी मेहनत से असंभव को भी संभव बना रहे हैं। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? आपके पूर्वजों ने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) गए पीएम मोदी ने आगे कहा, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस के बारे में है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा, लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे, वे एक शाश्वत सभ्यता के दूत थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #BiharHeritage #TrinidadVisit #GlobalPride #IndiaCulture #ModiAbroad #BiharPride #IndianDiaspora #ModiSpeech #IndianCulture

आगे और पढ़ें
US House passes 'Big Beautiful Bill'

अमेरिक के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हुआ ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’, ट्रंप बोले-  लाखों लोगों को मिलेगा ‘डेथ टैक्स’ से आजादी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने को अपने देश में बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की है। ट्रंप का बहुचर्चित ”बिग ब्यूटीफुल बिल” (Big Beautiful Bill) हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से 218-214 के अंतर से पास हो गया। ट्रंप की रिपब्लिकन के दो सदस्य इस बिल के खिलाफ वोट किया, हालांकि ये दोनों पहले से ही बिल का विरोध कर रहे थे। अब इस बिल पर सिर्फ ट्रंप के हस्ताक्षर की जरूरत है, जिसके बाद यह लागू हो जाएगा।  अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में बिल पास होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसकी घोषणा करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अभी-अभी रिपब्लिकन ने बिग ब्यूटीफुल बिल (Big Beautiful Bill) को पास कर दिया है, जो दिखाता है कि हमारी पार्टी अब पहले से कहीं ज्यादा एकजुट है। इस बिल पर मैं अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई) के खास मौके पर हस्ताक्षर करूंगा। बता दें कि अमेरिकी सीनेट ने भी इसी सप्ताह मंगलवार को इस बिल को पारित किया था।  बिल पर हस्ताक्षर के लिए ट्रंप करेंगे भव्य समारोह का आयोजन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने एक दूसरे पोस्ट में बिल पास होने पर खुशी जताते हुए कहा, ‘यह अमेरिका के लिए बेहद ऐतिहासिक दिन है। अमेरिका का दिशा और दशा बदलने वाले इस बिल पर हस्ताक्षर करने के लिए 4 जुलाई को शाम 4 बजे (अमेरिकी समयानुसार) व्हाइट हाउस में हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में अमेरिकी कांग्रेस के सभी सदस्यों और सभी सीनेटर को आमंत्रित किया गया है। हम सभी एकजुट होकर अमेरिका की स्वतंत्रता और इस बिल के पास होने का जश्न मनाएंगे। अमेरिका के लोग अब पहले से ज्यादा समृद्ध, सुरक्षित और गौरवान्वित महसूस कर रहे  होंगे।’ बिग ब्यूटीफुल बिल क्या है? डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने इस बिल को अमेरिका की किस्मत बदलने वाला ड्रीम बिल बता चुके हैं। यह 869 पन्नों का बिल है और इसमें ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैक्स कटौती को और भी व्यापक तरीके से शामिल किया गया है। अमेरिकी लोगों को मिलने वाली आयकर छूट जारी रहेगी, साथ ही होटल टिप्स और ओवरटाइम वेतन पर लगने वाला टैक्स भी खत्म कर दिया गया है। लोगों को टैक्स में यह छूट 2028 तक मिलेगी। इसके अलावा बिल में कर्ज लेने की की सीमा बढ़ाकर 50 लाख डॉलर तक कर दिया गया है।  वहीं अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए भी बिल में कई गुना ज्यादा बजट का प्रावधान किया गया है। बिल में गोल्डन डोम मिसाइल शील्ड के लिए 25 अरब डॉलर का बजट रखा गया है। इससे अमेरिका का एयर डिफेंस सिस्टम मजबूत होगा। इसके अलावा मंगल मिशन के लिए 10 अरब डॉलर, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को रिटायर करने के लिए 32.5 करोड़ डॉलर रखे गए हैं। इसे भी पढ़ें:-ट्रंप का ऐलान, गाजा में 60 दिन का युद्धविराम होगा, इजरायल तैयार लेकिन हमास डेमोक्रेट्स ने बिल को बताया गरीब अमेरिकियों पर जानलेवा हमला डेमोक्रेट्स इस बिल का शुरूआत से विरोध कर रहे हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप का यह  बिल देश के लाखों गरीब अमेरिकियों पर जानलेवा हमला है। इस बिल की वजह से मेडिकेड पर कई नए प्रतिबंध लगेंगे, जो फ्री स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। डेमोक्रेट्स का यह भी कहना है कि इस भारी भरकम बिल की वजह से अमेरिका पर कर्ज कई गुना बढ़ जाएगा। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलॉन मस्क (Elon Musk) भी इस बिल के विरोध में हैं। उन्होंने इस बिल को ‘बेहूदा’ बताते हुए कह चुके हैं कि अगर यह बिल पास हुआ तो वह अगल दिन ही नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। अब देखना यह होगा कि एलॉन मस्क (Elon Musk) कब नई पार्टी की घोषणा करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump #Trump #BigBeautifulBill #DeathTax #USPolitics #HouseBill2025 #TaxReform #EstateTax #TrumpSpeech

आगे और पढ़ें
Jamun Seed Powder

जामुन बीज का पाउडर: एक प्राकृतिक उपाय जो करेगा इन 6 बीमारियों को दूर और रखेगा आपको स्वस्थ

फलों में कई न्यूट्रिएंट्स होते हैं और हेल्थ के लिए इनका सेवन बेहतरीन माना गया है। ऐसा ही एक फल है जामुन (Jamun), जो गर्मियों में आता है। इसका रंग ही नहीं बल्कि स्वाद भी सबसे अलग होता है। इस फल को खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है इसीलिए इसे सुपरफूड भी कहा जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जामुन की गुठली यानी बीज भी इस फल के जितना ही फायदेमंद होता है? ऐसा माना जाता है कि जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) का रोजाना खाली पेट सेवन करना बहुत लाभदायक है। आइए जानें जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में। जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के अनुसार जामुन (Jamun) में एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ फ्लेवोनोइड्स, पॉलीफेनोल्स आयरन और विटामिन सी आदि भी होते हैं। इससे शरीर का फ्री रेडिकल्स से बचाव होता है और इसके कई अन्य बेनिफिट्स भी हैं। आइए जानें जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में।  डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहतरीन जामुन के बीज के पाउडर का इस्तेमाल ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने के लिए मदद कर सकता है। इसलिए, डायबिटीज के रोगियों के लिए इसे खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। इन बीजों में कुछ कंपाउंड्स पाए जाते हैं जैसे जाम्बोलिन और जाम्बोसाइन। यह कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और इंसुलिन सेक्रेशन को स्टिमुलेट करते हैं। जामुन (Jamun) के फल को भी डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद माना गया है।  पाचन को सुधारे जामुन (Jamun) और जामुन के बीजों में फाइबर होता है, जो पेट के लिए फायदेमंद है। इससे पाचन क्रिया सही रहती है और कई समस्याओं से भी राहत मिल सकती है जैसे एसिडिटी और गैस आदि। वजन को रखे रही अगर आप वजन को मैनेज करना चाहते हैं तो आपको जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) रोजाना सुबह खाली पेट लेना चाहिए। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और भूख कम लगती है। इससे वजन कम होने और इसे सही बनाए रखने में मदद मिलती है। दिल के लिए फायदेमंद जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहने में मदद मिलती है। इससे हार्ट हेल्थ में सुधार होता है और दिल की समस्याओं से बचाव हो सकता है। दिल ही नहीं बल्कि मुंह, स्किन और लिवर के स्वास्थ्य के लिए भी जामुन के बीज को लाभदायक पाया गया है। इम्युनिटी को करे बूस्ट इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए इस प्राकृतिक कंपाउंड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इम्युनिटी के मजबूत होने से शरीर का कई बीमारियों और इंफेक्शंस से बचाव होता है।  इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले आर्थराइटिस में फायदेमंद जामुन (Jamun) और जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) एंटी-अर्थरिटिक इफेक्ट युक्त होता है। इनके सेवन से ब्लड में रेड ब्लड सेल्स की संख्या, हीमोग्लोबिन लेवल और एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट में सुधार होता है।  इससे जॉइंट्स में सूजन और दर्द कम होने में मदद मिलती है। यानी अर्थराइटिस के रोगियों के लिए यह फायदेमंद है।  हालांकि इसके बारे में अधिक शोध करना अभी जरूरी है।  यह तो थी जानकारी जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में। लेकिन, अपनी डायट में इसे शामिल करने से पहले डॉक्टर से बात अवश्य करें, खासतौर पर अगर आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम है या आप किसी तरह की दवाईयां ले रहे हैं। अगर बात की इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में तो इसमें फाइबर बहुत अधिक होता ,है ऐसे में इसे लेने के बाद लोग गैस या ब्लोटिंग की समस्या अनुभव कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Jamun Seed Powder #jamunseedpowder #naturalremedy #ayurvedichealth #immunitybooster #diabetescontrol #jamunbenefits

आगे और पढ़ें
Oral Allergy Syndrome

ओरल एलर्जी सिंड्रोम क्या हैं इस बीमारी के कारण और लक्षण जो आपके खाने को बना सकती है जहर

ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) का दूसरा नाम पॉलेन फ़ूड एलर्जी सिंड्रोम (Pollen Food Allergy Syndrome) हैं। यह एक तरह की फल, सब्जियों और नट्स आदि से होने वाली फूड एलर्जी है। इसके कारण रोगी के मुंह, गले और होंठों आदि में एलर्जिक रिएक्शन होता है। यह समस्या अधिकतर उन लोगों को प्रभावित करती है जिन्हें पेड़ों, घास आदि से एलर्जी होती है। तीन साल से छोटे बच्चों को यह एलर्जी होने की संभावना कम होती है क्योंकि पॉलेन एलर्जी को डेवलप होने में थोड़ा समय लगता है। अधिकतर मामलों में यह समस्या गंभीर नहीं होती है लेकिन कुछ लोग इसके कारण गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का अनुभव कर सकते हैं, जो जानलेवा भी हो सकता है। आइए जानें ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) के लक्षणों के बारे में। इससे बचाव के बारे में भी जानें। ओरल एलर्जी सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Oral Allergy Syndrome) ओरल एलर्जी सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Oral Allergy Syndrome) हर रोगी में अलग हो सकते हैं। लेकिन, इससे रोगी का मुंह और गला प्रभावित होता है। जब रोगी किसी ट्रिगर फूड का सेवन करता है, तो इसके लक्षण दिखाना शुरू हो जाते हैं। ओरल एलर्जी सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Oral Allergy Syndrome) इस प्रकार हैं: ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) के कारण हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार जब किसी को यह समस्या होती है, तो कुछ फल, सब्जियां और नट्स उनके एलर्जिक रिएक्शन को ट्रिगर कर सकते हैं। ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) या पॉलेन फ़ूड एलर्जी सिंड्रोम (Pollen Food Allergy Syndrome) पराग और फल व सब्जियों की प्लांट प्रोटीन के बीच की क्रॉस रिऐक्टिविटी के कारण होती है। पॉलेन एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति जब कच्चे फल या सब्जियों का सेवन करते हैं, तो उनका इम्यून सिस्टम इनमे समानता पाता है और इससे एलर्जी रिएक्शन होता है। लेकिन, पकाए हुए फल और सब्जियां उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। इसे भी पढ़ें:- सिर और गर्दन के कैंसर के 5 शुरुआती संकेत जिन्हें कभी भी नहीं करना चाहिए नजरअंदाज ओरल एलर्जी सिंड्रोम का उपचार पॉलेन फ़ूड एलर्जी सिंड्रोम (Pollen Food Allergy Syndrome) का कोई खास उपचार नहीं है। ऐसा माना गया है कि एलर्जिक रिएक्शन के कारण होने वाली समस्याएं कुछ देर में ही ठीक हो जाती है, जब रोगी उन फूड्स को खाना बंद कर देते हैं। केला, संतरा, टमाटर, खीरा, गाजर, सनफ्लॉवर सीड्स आदि कुछ फूड्स हैं, जो एलर्जिक रिएक्शंस को ट्रिगर कर सकते हैं। एंटीहिस्टामिन एलर्जी मेडिकेशन लेने से रिएक्शन बंद होने में मदद मिल सकती है या इससे कंडीशन बदतर न होने में मदद मिलती है। डॉक्टर ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) से राहत पाने रोगी को के लिए निम्नलिखित दवाईयों की सलाह दे सकते हैं: ओरल एलर्जी सिंड्रोम से बचाव ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) से बचाव के लिए रोगी को इसे ट्रिगर करने वाले फूड्स को न खाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा ट्रिगर फूड से रिएक्शन को कम करने के कुछ अन्य उपाय इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Oral allergy syndrome #oralallergysyndrome #foodallergy #oasymptoms #crossreactivity #allergyrisks #allergytreatment #healthalert

आगे और पढ़ें
Meera Road Slap Case

Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case: मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन?

महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी अनिवार्यता को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी घमासान है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच मुंबई के मीरा रोड में हुआ भाषा विवाद भी अब तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, मनसे के कार्यकर्ताओं ने मीरा रोड स्थित जोधपुर स्वीट शॉप के 48 वर्षीय मालिक बाबूलाल खिमजी चौधरी को मराठी भाषा न आने के चलते मारापीटा (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) था। इस घटना के विरोध में गुरुवार को मीरा भाईंदर के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी थी। पीड़ित बाबूभाई खिमाजी चौधरी ने मीरा भाईंदर वसई विरार के पुलिस को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनसे कार्यकर्ताओं की पिटाई के बाद बाबूलाल चौधरी ने कानूनी तरीके से लड़ने का फैसला किया है ताकि इस तरह की हरकत किसी और के साथ न हो। हालांकि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।  सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस थप्पड़ कांड के तीन आरोपियों की पहचान (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) हुई है दर्ज एफआईआर के मुताबिक मनसे के कार्यकर्ता पानी की बोतलें खरीदना चाहते थे, लेकिन जब उन्होंने उनसे हिंदी में बात की, तो उन्होंने मराठी में बात करने की मांग की। मैंने कहा कि “हम सभी भाषाएं बोलते हैं, इसलिए उन्होंने मुझे पीटने की धमकी दी। इसके वह आगे खड़े चौधरी के पास पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने पूछा कि महाराष्ट्र में कौन सी भाषा बोली जाती (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) है? तो चौधरी ने कहा कि “सभी भाषाएं बोली जाती हैं।” इसके बाद चौधरी को मनसे कार्यकर्ताओं ने पीटना शुरू कर दिया। इस मार-पिटाई का वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ है। खैर, इस बीच सीसीटीवी फुटेज के जरिए इस थप्पड़ कांड के तीन आरोपियों की पहचान हुई है। जिनके नाम क्रमशा: प्रमोद निलेकर, अक्षय सालवी और करन कंदानगिरे हैं। मजे की बात यह कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों गिरफ्तार नहीं किया है। मनसे का आरोप है कि बेवजह इस घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऐसी घटनाओं का संज्ञान लें और सख्त कार्रवाई (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) करें इस मुद्दे पर एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेता संजय निरुपम ने मुख्यमंत्री फडणवीस से कार्रवाई की मांग की है। निरुपम ने कहा है कि “कार्रवाई नहीं हुई तो गैर मराठी भारी खतरे में आ जाएंगे।” संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि “महाराष्ट्र में रहनेवाले सभी लोगों को मराठी में संवाद करना चाहिए। यह आग्रह उचित है, परंतु इसके लिए गुंडागर्दी और मारपीट सर्वथा अनुचित (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऐसी घटनाओं का संज्ञान लें और सख्त कार्रवाई करें। वरना बीएमसी चुनाव तक मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले गरीब और कमजोर गैर मराठी भाषी लोगों की सुरक्षा लगातार खतरे में रहेगी। कृपया इसकी गंभीरता को समझें और कड़ा एक्शन लेने का आदेश जारी करें।” इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” क्या देश के नागरिक को इस तरह भाषा न आने के नाम पर सरे आम मारा पीटा जा सकता है? हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब मनसे के कार्यकर्ताओं ने गैर-मराठियों को मारा न (Sanjay Nirupam Demands Action in Meera Road Slap Case) हो। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या देश के नागरिक को इस तरह भाषा न आने के नाम पर सरे आम मारा पीटा जा सकता है? देश में कानून व्यवस्था है भी कि नहीं? एक तरफ बीजेपी कहती है, बाटोगे तो काटोगे तो वहीं दूसरी तरफ भाषा और प्रांत के नाम पर देश के नागरिकों को बेवजह पीटा जा रहा है। बड़ा सवाल यह कि प्रसाशन कब तक इस तरह की घटनाओं पर आँख मूंदे बैठा रहेगा? कुल-मिलाकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है बीएमसी चुनाव और मराठी वोटो के छिटकने के डर से प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने से बच रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sanjay Nirupam #sanjaynirupam #meeraroadslapcase #mumbainews #viralvideo #justice #policeinaction

आगे और पढ़ें
National Career Service Portal

National Career Service: इस वेबसाइट पर है लाखों में है जॉब वैकेंसी, आपको भी मिल सकती है नौकरी यहां? 

भारत में नौकरी की तलाश करना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। देशभर में लाखों लोग हर साल नौकरी की तलाश में रहते हैं, चाहे वो कॉलेज से पासआउट हुए फ्रेशर हों या फिर अनुभवी प्रोफेशनल्स, जो करियर में बदलाव चाहते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए भारत सरकार ने एक बड़ी और उपयोगी पहल की है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल (National Career Service Portal) अब देशभर में नौकरी तलाशने वालों के लिए एक भरोसेमंद और प्रभावशाली मंच बन चुका है। क्या है NCS पोर्टल? NCS पोर्टल (National Career Service Portal) एक सरकारी प्लेटफ़ॉर्म है जिसे श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा विकसित और संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश में बेरोजगारी (Unemployment) को कम करना और युवाओं को उचित अवसर प्रदान करना है। यह पोर्टल एक ऐसा माध्यम है जहां सरकारी और निजी क्षेत्र की 33 लाख से ज्यादा नौकरियों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध है। इस पोर्टल पर जॉब सीकर्स (नौकरी ढूंढने वाले), एंप्लॉयर्स, ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स और करियर काउंसलर (Career Counselor) जैसी सभी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह पोर्टल पारदर्शिता, पहुंच और सुविधा के तीन प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है। National Career Service Portal पर कैसे करें रजिस्ट्रेशन? इस पोर्टल का इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले ncs.gov.in पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी आसान है: कैसे खोजें और अप्लाई करें नौकरी? रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर अपनी प्रोफाइल में जाकर अपनी योग्यताओं और रुचियों के आधार पर नौकरियाँ खोज सकते हैं। पोर्टल में विभिन्न फ़िल्टर विकल्प उपलब्ध हैं जैसे: जब कोई उपयुक्त जॉब (Job vacancies) मिल जाती है, तो बस एक क्लिक में आप “Apply Now” बटन दबाकर उस नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको रिज्यूमे भी पोर्टल पर अपलोड करना होता है, जिससे नियोक्ता आपसे संपर्क कर सकें। View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jairashtranews) NCS पोर्टल की प्रमुख सुविधाएँ: इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? किन्हें होगा सबसे ज्यादा फायदा? नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल (National Career Service Portal) नौकरी की तलाश में लगे लाखों युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी पहल है। इसके माध्यम से देशभर में फैली लाखों नौकरियों की जानकारी एक ही स्थान पर मिल जाती है। यह पोर्टल न सिर्फ जॉब सर्च को आसान बनाता है, बल्कि युवाओं को सही दिशा में करियर गाइडेंस (Career Guidance) भी देता है। अगर आप भी नौकरी की तलाश में हैं या करियर में नया मुकाम पाना चाहते हैं, तो अभी ncs.gov.in पर जाकर रजिस्टर करें और अपने सपनों की नौकरी की ओर पहला कदम बढ़ाएं। Latest News in Hindi Today Hindi National Career Service #NationalCareerServicePortal #NCS #Jobs #Governmentjob #Privatejob

आगे और पढ़ें
Bride Killed for Dowry

Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly: दहेज नहीं मिला तो नई नवेली बहू की हत्या कर बेटे की करा दी दूसरी शादी

इक्कीसवीं सदी में एक तरफ जहाँ भारत विश्वगुरु बनने की और अग्रसर है, तो वहीं दूसरी ओर आज भी देश में दहेज़ लोभी दहेज के खातिर निर्दोषों को मौत के घात उतर दे रहे हैं। ताजा मामला है उत्तर प्रदेश के भदोही का जहाँ दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर शादी के महज दो महीने बाद एक नवविवाहिता की उसके ससुराल वालों ने हत्या कर (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) दी। दरअसल, घटना जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र की है, जहां 22 वर्षीय रोशनी विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, मृतका के ससुराल वाले इसे आत्महत्या बता रहे हैं, जबकि रोशनी के मायके वालों ने उसके पति और ससुराल पक्ष पर गला घोंटकर मारने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले पर गोपीगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि “मृतका रोशनी विश्वकर्मा के भाई संजय कुमार विश्वकर्मा की शिकायत पर पति प्रदीप विश्वकर्मा, सास राधा देवी, ससुर बलराम और ननद पूनम विश्वकर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत  धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।” यह शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly हुई थी थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, गोपीगंज थाना के वार्ड नंबर- 4 में रहने वाली रोशनी की शादी 6 मार्च 2025 को प्रदीप विश्वकर्मा से हुई थी। प्रदीप कोइरौना थाना क्षेत्र के सदाशिव पट्टी गांव में रहा करता (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) है। महत्वपूर्ण बात यह कि यह शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी। शुरू में सब ठीक था। लेकिन इस बीच देहज न मिलने की वजह से ससुराल वालों का मुंह फूला रहता था। आये दिन दहेज को लेकर ताना मारा करते थे। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सामूहिक विवाह में कोई दहेज न मिलने पर प्रदीप के परिवार वालों ने 31 मई को धूमधाम से दूसरी शादी करने की बात कही थी। इस बीच दूसरी शादी के बाद से ही रोशनी के ससुराल वालों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।  उससे लगातार सोने के जेवर और नकदी की मांग करने लगे थे। आये दिन उसे दहेज़ लाने की बात कहा करते थे।  इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 15 जून को ससुराल वालों ने रोशनी की हत्या कर (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) दी प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 15 जून को ससुराल वालों ने रोशनी की हत्या कर (Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly) दी। इसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से वे रोशनी के शव को ससुराल से लगभग 20 किलोमीटर दूर गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर लावारिस छोड़ दिया। रोशनी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसका अपना पति उसे दहेज़ के चंद पैसों के खातिर अपने परिवार के संग मिलकर मौत के घाट उतार देगा। लेकिन, हुआ वही जो सदियों से होता आया है। दहेज़ लोभियों ने एक और निर्दोष की जान ली। थाना प्रभारी ने बताया कि “इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पुलिस जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।” यह हमारे समाज की बिडंबना है कि आज भी देश में बेटियों को दहेज़ के खातिर मौत के घाट उतार दिया जाता है। बेशक देश में दहेज़ विरोधी कानून हैं लेकिन धरातल पर उसका अमल होता दिखता नहीं है। यदि वाकई कानून का सख्ती से पालन हो रहा होता तो आज देश में कोई बेटी कम से कम दहेज़ के चलते अपनी जान से हाथ नहीं धोती। अब वक़्त आ गया है कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे ताकि कोई और दहेज़ लोभियों की भेंट न चढ़े।   Latest News in Hindi Today Hindi Bride Killed Over Dowry, Groom Remarried Instantly #bridekilled #dowrydeath #groomremarried #instantmarriage #dowryviolence #indiacrime #bridejustice #viralnews #shockingcrime #justiceforbride

आगे और पढ़ें
Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides

Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides: 767 किसानों की आत्महत्या पर भड़के राहुल गांधी, कहा “अन्नदाता की जिंदगी आधी हो रही है, तमाशा देख रहे मोदी”

रायबरेली सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि “महाराष्ट्र में सिर्फ 3 महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) है।” दरअसल, महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के चौंकाने वाले मामले सामने आए है। महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2025 के बीच केवल तीन महीनों में 767 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें से सबसे अधिक मामले विदर्भ क्षेत्र से दर्ज हुए हैं। इन आंकड़ों पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर धावा बोल दिया। उन्होंने कहा कि “वे तमाशा देख रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह दावा भी किया कि “उनका यह “सिस्टम” किसानों को मार रहा है, लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी अपने पीआर का तमाशा देख रहे हैं। इस मुद्दे पर बात करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया। अपने पोस्ट में उन्होंने महाराष्ट्र में पिछले तीन महीनों में हुए किसानों की आत्महत्या के आंकड़ें बताते हुए, इस स्थिति को चिंताजनक बताया। सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली, (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है?  किसानों की आत्महत्या पर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल (Rahul Gandhi) ने अपने पोस्ट में लिखा कि “सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली। क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? नहीं। ये 767 उजड़े हुए घर (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) हैं। 767 परिवार जो कभी नहीं संभल पाएंगे। और सरकार? चुप है। बेरुख़ी से देख रही है। किसान हर दिन कर्ज़ में और गहराई तक डूब रहा है, बीज महंगे हैं, खाद महंगी है, डीजल महंगा है लेकिन एमएसपी की कोई गारंटी नहीं।” यही नहीं, उन्होंने ने सिस्टम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वो कर्ज़ माफ़ी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया जाता है। लेकिन जिनके पास करोड़ों हैं? उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है। आज की ही खबर देख लीजिए, अनिल अंबानी का ₹48,000 करोड़ का एसबीआई फ्रॉड। मोदी जी ने कहा था, किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे, आज हाल ये है कि अन्नदाता की ज़िंदगी ही आधी हो रही है। ये सिस्टम किसानों को मार रहा है, चुपचाप, लेकिन लगातार और मोदी जी अपने ही PR का तमाशा देख रहे हैं।”  सरकार किसानों की आत्महत्या को लेकर चुप्पी साधी हुए है और (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) बरत रही है बेरुखी  बता दें कि कांग्रेस के पूर्व राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर जमकर निशाना (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आत्महत्या को लेकर चुप्पी साधी हुए है और बेरुखी बरत रही है। कहने की जरूरत नहीं महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या का मामला किसी से छुपा नहीं हैं। अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गाँधी पर पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक चार्ट शेयर कर दावा किया गया कि “कांग्रेस सरकार के 15 साल के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में 55,928 किसानों ने आत्महत्या की।” कांग्रेस को घेरते हुए मालवीय ने कहा कि “मृतकों को गिनने की राजनीति घृणित है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों को आईना दिखाना जरूरी है।”  इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” चुनावों के दौरान बीजेपी ने कर्जमाफी का किया (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) था वादा  गौरतलब हो कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने कर्जमाफी का वादा किया (Rahul Gandhi Slams Govt Over 767 Farmer Suicides) था। सरकार गठन के 6 महीने बाद भी सरकार अपने इस वादे को पूरा नहीं कर पाई है। हालांकि इस मुद्दे पर डिप्ट सीएम अजीत पवार ने कहा कि “किसान सरकार की ऋणमाफी की घोषणा का इतंजार करने की बजाय समय पर अपने फसल ऋण की किस्तें चुकाए”, तो वहीं एकनाथ शिंदे ने कहा कि “सरकार घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने को लेकर सजग है। कर्जमाफी ही नहीं हर वादा पूरा किया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi #RahulGandhi #FarmerSuicides #ModiGovernment #767Farmers #FarmersProtest #IndiaPolitics #RahulVsModi #FarmerCrisis

आगे और पढ़ें
AAP to Contest Bihar Election 2025 Alone

Bihar Assembly Election 2025: आम आदमी पार्टी अकेले लड़ेगी चुनाव, अरविंद केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान

बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) होने वाला है। और चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां बना चुकी हैं और चुनाव में विजय होने के लिए अपनी-अपनी स्ट्रेटजी पर काम भी कर रही है। इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने साफ ऐलान किया कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) में सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी यानी किसी भी दूसरी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। AAP लड़ेगी बिना किसी गठबंधन के चुनाव अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) अब किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा है कि INDIA गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव तक सीमित था। बिहार विधानसभा चुनाव अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) में हम किसी दल से गठबंधन नहीं करेंगे और अपने दम पर मैदान में उतरेंगे। अब इससे ये साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी बिहार की राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की तैयारी में है। दिल्ली और पंजाब में सत्ता में रह चुकी AAP अब दूसरे राज्यों में भी अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता अजय आलोक ने कसा तंज AAP के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। BJP नेता अजय आलोक (Ajay Alok) ने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर तंज कस्ते हुए कहा है कि कपटीवाल जी बिहार में 243 सीटों पर लड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि दिल्ली में ही जनता ने उन्हें नकार दिया। दिल्ली और पंजाब की जनता केजरीवाल की सच्चाई जान चुकी है। अब बिहार में भी उन्हें अपनी औकात का अंदाजा हो जाएगा। अजय आलोक ने AAP की पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि तीन साल में पंजाब पर डेढ़ लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है और केजरीवाल सरकार वहां की संपत्ति को ATM की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा है कि आइए बिहार में चुनाव (Bihar Election) लड़िए, आपको आपकी राजनीतिक हैसियत का अंदाजा खुद ही हो जाएगा। बिहार चुनाव: सियासी जमीन तैयार बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) को लेकर राज्य की राजनीति बेहद गर्म है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), जनता दल (JDU), भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के साथ-साथ अब आम आदमी पार्टी और जन सुराज जैसे नए दल भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। चुनाव आयोग ने हाल ही में जन सुराज पार्टी को स्कूल बैग (School Bag) चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। यह प्रतीक शिक्षा और प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है, जो पार्टी की विचारधारा के अनुरूप है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor), जिन्हें देश के प्रमुख चुनावी रणनीतिकारों में गिना जाता है, अब स्वयं सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं और बिहार की सियासत में नई ऊर्जा लाने का दावा कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें:- कांवड़ यात्रा में दुकानों के लाइसेंस मुद्दे पर बोले ओवैसी, कहा- “क्‍या पैंट उतरवा देंगे” आम आदमी पार्टी (AAP) की चुनौती और रणनीति दिल्ली और पंजाब में अपने प्रदर्शन के दम पर AAP अब बिहार में भी बदलाव की राजनीति का संदेश देना चाहती है। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी नीति को बिहार में भी दोहराने की तैयारी में है। हालांकि राज्य की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां दिल्ली या पंजाब से अलग हैं, जहां जातीय समीकरण और क्षेत्रीय मुद्दे निर्णायक भूमिका निभाते हैं। AAP के लिए सबसे बड़ी चुनौती जमीनी स्तर पर संगठन खड़ा करना और विश्वसनीय स्थानीय नेतृत्व तैयार करना होगी। फिलहाल बिहार में AAP की कोई मजबूत उपस्थिति नहीं रही है, लेकिन पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि दिल्ली मॉडल और केजरीवाल की लोकप्रियता के दम पर वो जनता को आकर्षित कर सकते हैं। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में अकेले उतरने का फैसला राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकता है। जहां एक ओर यह फैसला विपक्षी एकता को झटका दे सकता है, वहीं दूसरी ओर AAP के लिए यह एक बड़ा जोखिम भी है। पार्टी को बिहार जैसे राज्य में अपना आधार बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, क्योंकि यहां की राजनीति पुराने और गहरे जमीनी समीकरणों पर आधारित है। आने वाले महीनों में AAP की रणनीति, उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियान यह तय करेंगे कि क्या पार्टी बिहार की राजनीति में कोई निर्णायक भूमिका निभा सकती है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि केजरीवाल के इस ऐलान ने बिहार चुनाव (Bihar Election) की बहस को और गर्म कर दिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news AAP #biharelection2025 #aap #arvindkejriwal #biharpolitics #aapbihar

आगे और पढ़ें
Translate »