Donald Trump General Munir meeting

ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और पाकिस्तान के सेना प्रमुख व फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) के बीच व्हाइट हाउस में बुधवार दोपहर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच यह मुलाकात व्हाइट हाउस के कैबिनेट रूम में लंच के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran–Israel War) और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान की क्षेत्रीय समझ की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान ईरान को अमेरिका से बेहतर समझता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। हमें उनकी कूटनीतिक शक्ति और अनुभव का लाभ लेना चाहिए, खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।” डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आगे कहा कि वे पाकिस्तान की उस भूमिका को भी महत्व देते हैं जो उसने हाल ही में भारत-पाक सीमा पर तनाव कम करने में निभाई है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया में संतुलन बनाए रखने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश का असर? व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बैठक के बाद प्रत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह बैठक जनरल मुनीर (Asim Munir) द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सिफारिश किए जाने के बाद आयोजित की गई थी। अन्ना केली ने कहा, “फील्ड मार्शल मुनीर ने हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने में भूमिका निभाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने इस सम्मान के लिए आसिम मुनीर (Asim Munir) का व्यक्तिगत रूप से आभार जताया।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर की उस भूमिका की सराहना की जिससे भारत-पाक तनाव के बीच सैन्य संघर्ष टल सका। उन्होंने इसे एक “साहसिक और जिम्मेदार” कदम बताया। दोनों के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी हुई चर्चा व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बैठक में केवल कूटनीतिक मसलों पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग और व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका पाकिस्तान और भारत के साथ त्रिपक्षीय व्यापारिक बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान की आर्थिक चिंताओं को गंभीरता से ले रहे हैं। व्यापारिक मोर्चे पर शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है, और हम आगे बढ़ने को तैयार हैं।” हालांकि, ट्रंप ने किसी संभावित समझौते की समय-सीमा या स्पष्ट ढांचे पर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन यह संकेत जरूर दिए कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस प्रगति हो सकती है। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन ट्रंप के झूठे दावों को नाकार चुका भारत  बता दें कि हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे पर हमला किया था, जवाब में पाकिस्तान (Asim Munir) ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की। जिससे सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई थी। भारते ने जब पाकिस्तान के एयर बेस पर हमला किया तो उसने संघर्ष रोककर बातचीत की अपील की। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी पहल पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूका, लेकिन भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष के शामिल होने से इंकार कर दिया। भारत का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के अपील पर रोका गया। हालांकि, इस संघर्ष के बाद से ही पाकिस्तान की लीडरशीप ट्रंप की चापलूसी करने में जुटी है। इसी के तहत मुनीर ने ट्रंप को शांति दूत बताते हुए नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी। पाकिस्तान के इस अपील से गदगद हुए ट्रंप ने मुनीर को मिलने के लिए व्हाइट हाउस बुला लिया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Asim Munir #Trump #Pakistan #IranIsraelConflict #GeneralMunir #MiddleEastPeace #USForeignPolicy

आगे और पढ़ें
India Iran evacuation

India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu:ऑपरेशन सिंधु के तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को निकालना शुरू किया, वापस लौटे लोगों ने बयां किए ईरान के हालात

गुजरते वक़्त के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच हालात खराब होते जा रहे हैं। रोज दोनों देश एक दूसरे पर मिसाइल अटैक कर रहे हैं। युद्ध जैसे हालात के इस बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन सिंधु के तहत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) है। इस कड़ी में भारत सरकार की तरफ से 110 भारतीय छात्रों को ईरान से निकालकर पहले आर्मेनिया पहुंचाया गया फिर वहां से गुरुवार की सुबह ये छात्र दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे। दिल्ली पहुंचने के बाद सभी छात्र काफी खुश नजर आये। ईरान से आए अधिकतर छात्रों ने बताया की ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बहुत नाजुक हैं। हमारे हॉस्टल के ऊपर से मिसाइलें गुजरती थीं। हम मिसाइल देखकर डर जाते थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने उत्तरी ईरान से 110 भारतीय छात्रों को निकाला है। देश के कई राज्यों के छात्रों को ईरान से दिल्ली लाया गया है। अब वो यहां से अपने-अपने राज्य के लिए जा रहे हैं।  भारत सरकार ने सब कुछ अच्छी तरह से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) किया प्रबंधित  ईरान से निकाले गए एक छात्र ने बताया कि वहां की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। तेहरान में तो स्थिति बेहद ही खराब है। वहां से सभी भारतीय छात्रों को निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। सभी छात्रों को निकाला जा रहा है और सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा रहा है। छात्रों ने बताया कि पहले हमें हमारी यूनिवर्सिटी से निकाला गया और आर्मेनिया ले जाया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) गया। जिसके बाद हमें कतर ले जाया गया। इस तरह हम कतर से भारत पहुंचे हैं। छात्र के अलावा ईरान से वापस आए छात्रों के माता-पिता का खुशी का ठिकाना नहीं हैं। ईरान से वापस आई एक छात्रा की मां कहती हैं कि मुझे बहुत खुशी है कि मेरी बेटी घर लौट आई है। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि सभी के बच्चे अपने घर वापस लौट आएं। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि भारत सरकार ने सब कुछ इतनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है कि हमारे बच्चों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हुई।  भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं यही नहीं एक अन्य छात्र के पिता ने बताया कि मेरा बेटा भारत से भेजे गए विशेष विमान से अर्मेनिया के रास्ते वापस आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरा बेटा घर वापस आ रहा है। कहने की जरूरत नहीं भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि तेहरान में फंसे छात्रों की भी मदद करे। उन्होंने कहा कि तेहरान सहित देश के अंदरूनी इलाकों में फंसे लोग अभी तक बाहर नहीं निकल पाए हैं। मैं तेहरान में भारतीय दूतावास को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरा बेटा जल्द ही यहां पहुँचने वाला है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हुए नाराज  एक तरफ जहाँ ईरान से लौटे छात्र भारत सरकार की तारीफ करते नहीं तक रहे हैं तो वहीं कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से नाराज (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। छात्रों का कहना है कि भारत सरकार ने हमारी पूरी मदद की, हर सहूलियत दी, लेकिन जम्मू कश्मीर सरकार ने हमसे कहा था कि दिल्ली से कश्मीर तक का वो इंतजाम करेंगे। लेकिन आप देख सकते हैं किस तरह की बस जम्मू सरकार ने हमारे लिए दी है। जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से उपलब्ध करवाए गए बस से कश्मीर के छात्र नाराज हैं। उनका कहना है कि वो इतनी लंबी यात्रा कर के आए हैं और अब फिर 20 घंटे की यात्रा कर पाना वो भी इस बस हमारे लिए बेहद मुश्किल होने वाला है। छात्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिल्ली से कश्मीर तक की यात्रा के लिए बेहतर इंतजाम करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर दी गई बसें न केवल पुरानी हैं, बल्कि लंबी यात्रा के लिए असुविधाजनक भी हैं।  कहने की जरूरत नहीं, इस स्थिति ने न सिर्फ छात्रों, बल्कि विदेश मंत्रालय को भी निराश किया है। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा किया गया यह इंतजाम अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu #OperationSindhu #IndiaIran #EvacuationMission #IndianCitizensRescued #MEAIndia #IranCrisis2025 #GlobalNews

आगे और पढ़ें
Groom killed before wedding

Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding: यूपी के रामपुर में शादी से पहले ही दुल्हन ने अपने आशिक से कराया दूल्हे का कत्ल

मोबाइल के इस युग में पता नहीं क्या हो गया है, जहाँ देखों वहां पति पत्नी को मौत के घाट उतार रहे हैं तो कहीं पत्नी पति को। मारने का चक्कर सिर्फ प्रेमी और प्रेमिका का होना है। अभी इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकांड अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि उत्तर प्रदेश के रामपुर से कुछ इसी तरह के मिलते-जुलते मामले ने लोगों को सकते में डाल दिया। रामपुर में शादी से एक दिन पहले बाइक सवार दो युवक दुल्हन का चचेरा भाई बताकर दूल्हे के घर पहुंचे और उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर शव अजीमनगर क्षेत्र के रतनपुरा शुमाली गांव के जंगल में फेंक (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दिया। दरअसल, रामपुर स्थित भोट क्षेत्र के धनुपुरा गांव की रहने वाली गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम के साथ मिलकर शादी से एक दिन पहले अपने 25 वर्षीय मंगेतर निहाल को मौत के घाट उतार दिया। फ़िलहाल, पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी गुलफशां के प्रेमी व फरमान नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।  रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख हुई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) थी तय  जानकारी के मुताबिक रामपुर के मोहल्ला गूजर टोला स्थित फकीरों वाला फाटक निवासी निहाल का शव अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव रतनपुरा के जंगल में मिला था। शव मिलने के बाद निहाल के परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई नायाब ने निहाल की होने वाली पत्नी गुलफशां को इस हत्याकांड का आरोपी बताया था। नायाब ने बताया कि उसका भाई खाना बनाने का काम करता (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) था। उसका निकाह भोट थाना क्षेत्र के धनुपुरा गांव निवासी गुलफशां से तय हुआ था। यह रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख तय हुई थी।  निहाल के गायब होने के कारण भी नहीं जा (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) सकी बारात  इस पूरे मामले पर नायाब ने कहा कि बारात की तैयारियां चल रही थीं। शादी की रस्में शुरू हो चुकी थीं। इसी बीच 14 जून को एक युवक ने खुद को गुलफशां का भाई बताते हुए निहाल को फोन किया। और निहाल से कपड़ों का नाप लेने की बात कही। इसके बाद निहाल उन युवकों की बाइक पर बैठकर चला गया। और फिर वापस नहीं लौटा। इस बीच काफी देर बाद जब निहाल वापस नहीं लौटा, तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू कर दी। काफी छानबीन करने के बाद जब कहीं कोई खबर नहीं मिली तो परिवार वालों ने इसकी सूचना परिवार वालों को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दी। जाहिर सी बात है निहाल के गायब होने के कारण बारात भी नहीं जा सकी। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) कर लिया है गिरफ्तार  सूचना पाकर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। इस बीच निहाल का शव रात में अजीमनगर इलाके के जंगल में मिला। नायाब का कहना है कि गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम और उसके दोस्तों के साथ मिलकर हत्या करवाई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) है। नायाब ने आरोप लगाया कि गुलफशां और सद्दाम के बीच एक साल से प्रेम संबंध थे। नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन गुलफशां और अनीस को अभी तक नहीं पकड़ा गया है। परिजनों ने गुलफशां को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  Latest News in Hindi Today Hindi  #RampurMurder #BrideLoverPlot #WeddingCrime #UPNews #TrueCrimeIndia

आगे और पढ़ें
Axiom Mission 4

अब 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4: ISRO

भारत के अंतरिक्ष मिशन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसमें भारत के शुभांशु शुक्ला का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। साल 1984 में राकेश शर्मा के बाद शुभांशु दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करेंगे। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। शुभांशु शुक्ला को Axiom Mission 4 (Ax-4) के अंतर्गत अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह मिशन न केवल भारत के लिए बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इन तीनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार मानव अंतरिक्ष यात्रा में भाग लेंगे। यह मिशन भारत की वैज्ञानिक क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। 22 जून को लॉन्च होगा Axiom Mission 4   ISRO ने एक्स पर यह जानकारी दी है कि अब 22 जून को Axiom Mission 4  लॉन्च होगा। इस 14 दिवसीय मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला न केवल अंतरिक्ष में रिसर्च करेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी प्रदर्शन करेंगे। वह भारतीय छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे, जिससे न केवल बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी बल्कि युवाओं को प्रेरणा भी मिलेगी। यह प्रयास शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत के दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर दर्शाएगा। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सहयोग से संभव हो रही है। ISRO ने हमेशा से नई तकनीक और स्वदेशी अंतरिक्ष तकनीक के विकास को प्राथमिकता दी है। इस मिशन में ISRO द्वारा तैयार किए गए विशेष वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरिक्ष में अंजाम दिया जाएगा, जिनके परिणाम आने वाले समय में विज्ञान, औषधि और पर्यावरण के क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। शुभांशु का चयन एक कठिन प्रक्रिया के बाद हुआ है, जिसमें शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और वैज्ञानिक समझ को परखा गया। भारत अब अंतरिक्ष विज्ञान में न केवल तकनीक और प्रक्षेपण के क्षेत्र में बल्कि मानव संसाधन के स्तर पर भी अग्रणी बनता जा रहा है। Axiom Mission 4  को @Axiom_Space द्वारा @NASA और @SpaceX के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस तरह भारत अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ साझेदारी में सक्रिय रूप से भागीदारी कर रहा है। इससे भारत को वैश्विक मंच पर वैज्ञानिक शक्ति के रूप में मान्यता मिल रही है। इस मिशन का सबसे विशेष पक्ष यह है कि यह केवल वैज्ञानिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी प्रतीक बन रहा है। शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में भारत की संस्कृति, परंपरा और शांति के संदेश को लेकर जाएंगे, जिससे विश्व समुदाय में भारत की सॉफ्ट पावर को भी बल मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन युवाओं के रोलमॉडल हैं “शुभांशु शुक्ला” इनसबके अलावा शुभांशु शुक्ला के साथ जुड़ी यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जब भारतीय बच्चे यह देखेंगे कि उनका प्रतिनिधि अंतरिक्ष में जाकर न केवल वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं, बल्कि देश की पहचान भी मजबूत कर रहे हैं, जिससे वे भी विज्ञान, तकनीक और नई-नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। भारत के लिए यह अवसर केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं है, बल्कि यह देश की वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक कूटनीति और युवाओं के उज्जवल भविष्य का प्रतीक है। यह मिशन दर्शाता है कि भारत अब केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग और मानवता के हित में भी अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग कर रहा है। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया मोड़ लाने जा रही है। यह मिशन न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह देश के युवाओं को सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देगा। यह ऐतिहासिक क्षण भारत को एक बार फिर गर्व से भर देगा, और अंतरिक्ष में भारत की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Axiom Mission 4  #AxiomMission4 #ISRO #ShubhanshuShukla #SpaceX #ISS #Falcon9 #SpaceExploration

आगे और पढ़ें
Congress demands explanation

Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump: मोदी सरकार पर हमलावर कांग्रेस, कहा- पीएम बताएं कि ट्रंप से क्या हुई बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी और सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन देशों की यात्रा से लौटने के बाद तुरंत सर्वदलीय बैठक की बुलानी चाहिए। ताकि नेताओं को बताया जा सके कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत में क्या (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहा? पीटीआई से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में ट्रंप के उन दावों का खंडन करना चाहिए, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करने का दावा किया है। ध्यान देने वाली बात यह कि रमेश की यह टिप्पणी मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के बाद आई है, जिसमें पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर हमले इस्लामाबाद के अनुरोध पर रोके थे, न कि अमेरिका की मध्यस्थता या व्यापार समझौते की पेशकश के कारण। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुनीर का विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जाना बहुत बड़ा (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) झटका है  खैर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री के के मुताबिक, मंगलवार को ट्रंप के साथ 35 मिनट की फोन कॉल में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी और यह साफ किया कि भारत ने कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है और भविष्य में भी इसे स्वीकार नहीं करेगा। इस बीच ट्रंप के जनरल मुनीर के साथ लंच करने की खबरों पर जयराम रमेश ने कहा, यह भारतीय कूटनीति के लिए तिहरा झटका है। आज फील्ड मार्शल मुनीर, जिनके भड़काऊ, भड़काऊ और अस्वीकार्य बयानों ने पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि बनाई, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच करने वाले (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) हैं। ऐसा सैन्यकर्मी जो सरकार का मुखिया नहीं है, उसे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह बहुत बड़ा झटका है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) चाहिए सरकार को घेरते हुए जयराम रमेश ने आगे कहा कि तीसरा झटका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 14 बार ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय लेना था। मोदी-ट्रंप की टेलीफोन पर बातचीत पर रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में व्यापार पर चर्चा नहीं हुई और मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। रमेश ने आगे कहा, वह सर्वदलीय बैठक में यह बात क्यों नहीं (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहते? इसलिए हम संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं ताकि प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी चाहिए। खैर, कांग्रेस पार्टी ने उन रिपोर्ट्स को भी बड़ा झटका बताया, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ट्रंप के साथ दोपहर का भोजन करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पर भारत की नाराजगी के बारे में बताना चाहिए था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान की बराबरी करते हुए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने यह बात 14 बार कही और प्रधानमंत्री ने 10 मई के बाद से कुछ नहीं कहा। इसलिए यह तिहरा झटका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump #Modi #Trump #Congress #IndiaUSRelations #PoliticalNews #BreakingNews #PMModi

आगे और पढ़ें
Raja murder mystery,

Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death: क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम

मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आये दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब क्राइम सीन रीक्रिएशन ने हत्या की खौफनाक सच्चाई से पर्दा हटा दिया है। इस हत्याकांड को ऑपरेशन हनीमून नाम से जांच कर रही मेघालय पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी ही इस हत्या की मुख्य साजिशकर्ता थी। उसने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर, क्रमश: आनंद कुर्मी, विशाल सिंह चौहान,और आकाश राजपूत के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। क्राइम सीन रीक्रिएशन के मुताबिक, विशाल ने राजा के सिर पर पीछे से पहला घातक वार (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) किया। वार के बाद राजा खून से लथपथ जमीन पर गिरकर चीखने लगा। इस दौरान सोनम घटनास्थल पर मौजूद थी, लेकिन पहले वार के बाद वह पीछे हट गई। फिर इसके बाद आनंद और आकाश ने राजा पर दो और वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। और फिर तीनों आरोपियों ने मिलकर राजा के शव को खाई में फेंक दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल एक तेजधार हथियार को बरामद कर लिया है। लेकिन दूसरा हथियार अभी भी खाई में खोजा जा रहा है। इस काम में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की मदद ली जा रही है।  प्रेमी राज कुशवाह से उसका आमना-सामना कराकर पूछताछ करने पर सोनम ने अपना जुर्म कबूल (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) कर लिया।  बता दें कि बीते 23 मई 2025 को शिलांग के सोहरा इलाके में नोंग्रियात गांव के पास वेइसाडोंग झरने के करीब यह हत्या हुई थी और 2 जून को सोनम रघुवंशी के पति राजा रघुवंशी का शव मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले स्थित सोहरा के रियात अर्लियांग में वेई सवाडोंग पार्किंग स्थल के नीचे एक गहरी खाई से बरामद किया गया था। इस बीच पति की लाश मिलने के कुछ दिनों बाद सोनम ने 7 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे सड़क मार्ग से गुवाहाटी ले जाया (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) गया। गुवाहाटी एयरपोर्ट से उसे शिलांग के सदर थाने लाया गया। इसके साथ ही चार आरोपियों को शिलांग लाया गया। सभी आरोपियों को 11 जून को शिलांग जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। कोर्ट में पेशी से पहले सोनम ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। दरअसल,  मेघालय पुलिस ने जब उसके प्रेमी राज कुशवाह से उसका आमना-सामना कराकर उससे पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक महीने में कुल 234 बार संजय और सोनम की हुई है (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) बात  मेघालय पुलिस की जांच में सामने आया है कि सोनम रघुवंशी संजय वर्मा नामक एक संदिग्ध युवक से घंटों बातें करती थी। फ़िलहाल संजय वर्मा का नंबर स्विच ऑफ आ रहा है। जानकारी के मुताबिक 1 मार्च से 25 मार्च के बीच में सोनम ने संजय को कुछ नहीं तो 119 बार कॉल किया था। इस तरह एक महीने में कुल 234 बार संजय और सोनम की बात हुई। देखना दिलचस्प यह होगा कि संजय कौन है और राजा रघुवंशी मामले में इसका क्या रोल है? खैर, राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में शिलांग पुलिस गंभीरता से करते हुए एक कड़ी से दूसरी कड़ी को जोड़ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस की एक टीम इंदौर स्थित राजा रघुवंशी के घर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने राजा के परिजनों से बातचीत कर सोनम के व्यवहार और शादी के बाद उसके इंदौर में बिताए गए दिनों की जानकारी (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) ली। पुलिस की टीम में शामिल तीन अधिकारियों ने राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी और उनकी मां से भी सवाल-जवाब किया। Latest News in Hindi Today Hindi  #RajaDeath #SonamShocked #CrimeSceneTruth #BloodyMystery #IndianCrimeNews

आगे और पढ़ें
Sharad Pawar Slams Ajit

सुलह की अटकलों पर विराम लगाते हुए शरद पवार ने अजित पवार को घेरा, बोले- ‘बीजेपी से हाथ मिलाने वालों को प्रोत्साहन नहीं’

महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा-भतीजे के पुनर्मिलन की अटकलों के बीच अब शरद पवार (Sharad Pawar) ने एक ऐसा बयान दिया है, जो साफ इशारा करता है कि वे एनसीपी के बागी गुट के साथ सुलह के पक्ष में नहीं हैं। पिंपरी चिंचवाड़ में आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की एक कार्यकर्ता सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार (Sharad Pawar) ने अजित पवार (Ajit Pawar) का नाम बिना लिए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा के साथ हाथ मिलाकर अवसरवादी राजनीति करते हैं, उन्हें कभी भी प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता। शरद पवार (Sharad Pawar) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनके और अजित पवार (Ajit Pawar) के बीच हालिया मुलाकातों ने दोनों गुटों के विलय की अटकलें तेज कर दी थी। कहा जा रहा था कि महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra local body elections) से पहले दोनों गुट फिर से एक हो सकते हैं। लेकिन शरद पवार के इस बयान के बाद ऐसा लग रहा है कि दोनों गुटों के बीच चल रही समझौते की बातचीत पटरी से उतर गई है।  गांधी, नेहरू, फुले, आंबेडकर की विचारधारा वालों को ही लेंगे साथ- शरद पवार  शरद पवार ने अपने संबोधन में कहा, ” पार्टी के कुछ लोगों का कहना है कि सबको साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन मैं इससे असहमत नहीं हूं। मेरे लिए यह देखना जरूरी है कि ये ‘सब’ कौन हैं? मैं सिर्फ उन लोगों को साथ ले सकता हूं जो महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा में विश्वास रखते हैं।” उन्होंने अजित पवार (Ajit Pawar) का बिना नाम लिए कहा कि यदि कोई सत्ता की लालसा में भाजपा के साथ जुड़ता है, तो वह न तो एनसीपी की मूल विचारधारा से मेल खाता है और न ही ऐसी राजनीति को बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे लोगों के लिए मेरी पार्टी में कोई जगह नहीं है। शरद पवार ने आगे कहा कि एनसीपी की बुनियाद सेक्युलर सोच पर रखी गई है और यह कांग्रेस की विचारधारा के समानांतर है। अगर कोई नेता भाजपा के साथ गठबंधन करता है, तो यह हमारी आत्मा के खिलाफ है। कोई भी किसी के साथ जुड़ सकता है, परंतु एनसीपी जैसी पार्टी के लिए भाजपा के साथ जाना संभव नहीं। शरद पवार का यह बयान सीधे तौर पर अजित पवार गुट पर निशाना माना जा रहा है, जिन्होंने जुलाई 2023 में एनसीपी से अलग होकर भाजपा और शिंदे गुट के साथ मिलकर सरकार बनाई। पवार ने अपने संबोधन से स्पष्ट संकेत दिया है कि राजनीतिक सिद्धांतों के साथ समझौता कर केवल सत्ता पाने की कोशिश करने वालों को वह अपनी पार्टी में वापस नहीं लेंगे। ‘पार्टी छोड़ चुके नेताओं की चिंता न करें’ शरद पवार (Sharad Pawar) ने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि उन्हें उन नेताओं की चिंता नहीं करनी चाहिए जो पार्टी छोड़कर चले गए हैं। बल्कि, अब जरूरत इस बात की है कि पार्टी पूरी ताकत के साथ आगामी स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra local body elections) की तैयारी में जुट जाए। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत कार्यकर्ता हैं और जब तक जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत रहेगा, तब तक कोई भी राजनीतिक चुनौती बड़ी नहीं होगी। इसलिए पूरे जोर-शोर से निकाय चुनाव की तैयारी करो।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा चाचा-भतीजे की मुलाकातों से उठी थी सियासी सरगर्मी बता दें कि, हाल ही में शरद पवार और अजित पवार के बीच कुछ अनौपचारिक मुलाकातें हुई थीं, जिनके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई थी कि शायद एनसीपी के दोनों धड़े एक बार फिर एकजुट हो सकते हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि यह मिलन आगामी निकाय चुनाव (Maharashtra local body elections) में एनसीपी के वोटों को एकजुट करने की रणनीति हो सकती है। लेकिन शरद पवार का ताजा बयान इन तमाम अटकलों पर फिलहाल पानी फेरता नजर आ रहा है। उन्होंने साफ तौर पर अवसरवादिता और विचारधारा से समझौते को नकारते हुए अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। इससे यह भी साफ हो गया कि उन्होंने अपने भतीजे अजित पवार और उनके साथियों की वापसी के दरवाजे लगभग बंद कर दिए हैं, कम से कम तब तक के लिए जब तक वे भाजपा के साथ हैं। अब देखना यह होगा कि शरद पवार के इस बयान का अजित पवार किस तरह से जवाब देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sharad Pawar #SharadPawar #AjitPawar #BJPAlliance #MaharashtraPolitics #NCP #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
Iran Supreme Leader Trump threat

Trump Warns Iran’s Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर को ट्रंप का अल्टीमेटम, कहा- हमें पता है कहां छिपे हैं खामेनेई, करें बिनाशर्त सरेंडर

इजरायल और ईरान के बीच तनाव पूरे चरम पर है। इस बीच बढते खतरे के मद्देनजर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई परिवार सहित अनजान सुरक्षित स्थान पर छिप गए हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान को धमकाते हुए कहा कि उसे पता है कि उनका सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कहां छिपा है। गौर करने वाली बात उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध दिन-ब-दिन लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को एक बड़ा बयान दिया है। वो बात और है कि उन्होंने खामेनेई का नाम नहीं लिया है, लेकिन सुप्रीम लीडर लिखते हुए पोस्ट किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि हम अच्छी तरह से जानते हैं कि तथाकथित सुप्रीम लीडर कहां छिपे (Trump Warns Iran’s Khamenei) हैं ,वह एक आसान टारगेट हैं, लेकिन वहां सुरक्षित हैं। हम उन्हें मारेंगे नहीं, कम से कम अभी तो नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि हम नहीं चाहते कि मिसाइलें नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर दागी जाएं। हमारा धैर्य खत्म होता जा रहा है। कुल-मिलाकर ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने के लिए कहा है।  ट्रंप यह फैसला ले सकते (Trump Warns Iran’s Khamenei) हैं- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस  यही नहीं जारी इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी राय रखते हुए कहा, ट्रंप ईरानी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकते हैं। इस बीच वेंस ने तर्क देते हुए कहा कि ट्रंप वैसे भी लगातार कहते रहे हैं कि ईरान यूरेनियम संवर्धन नहीं कर सकता और उन्होंने बार-बार कहा है कि यह दो तरीकों में से एक से होगा, आसान तरीका या अन्य तरीका। ट्रंप यह फैसला ले सकते हैं कि उन्हें ईरानी संवर्धन को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई करने की जरूरत (Trump Warns Iran’s Khamenei) है। यह फैसला राष्ट्रपति का है। कुल-मिलकर बात यह कि ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने का अनुरोध किया। गौर करने वाली बात यह कि उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच पांच दिन से जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन वापस आते समय उड़ान के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को कर दिया (Trump Warns Iran’s Khamenei) खारिज  गौरतलब हो कि तुलसी गबार्ड ने इस वर्ष की शुरुआत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमेरिकी संसद के समक्ष गवाही देते समय कोई संदेह नहीं छोड़ा था। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक गबार्ड ने सांसदों को बताया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि  इसके सर्वोच्च नेता ने स्थगित किये जा चुके कार्यक्रम को पुनः मंजूरी नहीं दी है। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन वापस आते समय उड़ान के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को खारिज कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन इजराइल ने अब तक ईरान में 70 एयर डिफेंस बैट्री कर दी हैं तबाह  ट्रंप के अल्टीमेटम और रजा पहलवी के पोस्ट के (Trump Warns Iran’s Khamenei) बीच इसराइल ने अलर्ट जारी कर कहा है कि ईरान ने मिसाइलें दागी हैं। ये मिसाइल जॉर्डन, लेबनान और सीरिया होकर आ रही हैं। द टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ का दावा है कि इजराइल ने अब तक ईरान में 70 एयर डिफेंस बैट्री तबाह कर दी हैं। आईडीएफ की माने तो, इजराइली वायु सेना ने ईरान में आईडीएफ के अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक 70 एयर डिफेंस बैट्री नष्ट कर दी हैं। बीते शुक्रवार सुबह अभियान के पहले 24 घंटों में 40 से ज्यादा ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला किया गया था। 30 अन्य सिस्टम को भी निशाना बनाया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran’s Khamenei #TrumpWarning #Khamenei #IranCrisis #USIranTensions #GlobalPolitics

आगे और पढ़ें
PM Modi and President Trump

Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी और ट्रंप (Modi and Trump) की बात तकरीबन  35 मिनट तक चली। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी पहले से तय भारत की यात्रा स्थगित कर अमेरिका लौटना पड़ा, जिससे दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात टल गई है। ट्रंप के आग्रह पर यह फोन कॉल हुआ, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी और ट्रंप की आतंकवाद मुद्दे पर हुई बात  प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने बातचीत के दौरान आतंकवाद के मामले पर भारत की स्थिति को साफ तरीके से ट्रंप के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद को ‘छद्म युद्ध’ के रूप में देखता है और इसके खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता देता है। इस क्रम में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का भी जिक्र किया जो फिलहाल जारी है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। दोनों नेताओं के बीच पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव (India-Pakistan Tension) पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (PM Modi and President Trump) या अमेरिका की किसी मध्यस्थता पर कोई चर्चा नहीं हुई। पाकिस्तान के आग्रह पर ही भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता हुई थी। प्रधानमंत्री ने ट्रंप को यह भी आश्वस्त किया कि भारत की ओर से कोई ऐसी पहल नहीं हुई जो अमेरिका को बीच में लाने की ओर संकेत दे। इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) ने भारत के आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में पूरी सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई में भारत के साथ है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी इस बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान होनी थी, लेकिन ट्रंप के अमेरिका लौटने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। ट्रंप ने मोदी को अमेरिका आने का दिया निमंत्रण  बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने पूछा कि क्या पीएम मोदी कनाडा से वापसी में अमेरिका आ सकते हैं। लेकिन पीएम मोदी (PM Modi) ने पहले से तय कार्यक्रमों का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने भविष्य में शीघ्र मिलने की बात पर सहमति जताई। इसके अलावा विदेश सचिव ने यह भी जानकारी दी कि 9 मई की रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को कॉल किया था और आगाह किया था कि पाकिस्तान भारत पर बड़ा हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि अगर पाकिस्तान ऐसा करता है तो भारत जवाब देने में देर नहीं करेगा और यह जवाब पहले से भी ज्यादा शक्तिशाली होगा। इसके अगले ही दिन 10 मई को भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सशक्त कार्रवाई की, जिससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यह बातचीत भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा मसलों पर साझा दृष्टिकोण को और मजबूती देने का संकेत है। पीएम मोदी की यह पहल भारत की स्पष्ट विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रवैये को दर्शाती है। वहीं अमेरिका की ओर से मिला समर्थन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से एक अहम संकेत है कि उसकी सुरक्षा चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप (PM Modi and President Trump) की यह बातचीत न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब किसी भी तरह के आतंकवादी हमले के जवाब में संकोच नहीं करेगा और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूती से रखेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ModiTrumpTalks #IndiaUSRelations #GlobalTerrorism #Diplomacy #USSupportsIndia

आगे और पढ़ें
Iran vs Israel war 2025

‘हैदर के नाम पर ईरान ने किया इजरायल के खिलाफ जंग का ऐलान’…, खामेनेई ने कहा यहूदी शासन पर दया नहीं दिखाएंगे 

ईरान ने इजरायल के बीच छह दिनों से चल रहा भीषण संघर्ष अब घोषित युद्ध (Israel–Iran War) में बदल चुका है। युद्ध का ऐलान ईरान ने किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘महान हैदर के नाम पर, जंग शुरू हो गयी है।’ इसके कुछ देर बाद एक दूसरे पोस्ट में खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने लिखा- “ ईरान कभी भी इजरायल से समझौता नहीं करेगा। आतंकवादी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है। हम उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।” ईरान के इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच चल रहे इस संघर्ष को अब युद्ध (Israel–Iran War) कहा जाएगा। बता दें कि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को चेतावनी देते हुए बिना किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा था। ट्रंप ने कहा कि, हमें पता है कि “सुप्रीम लीडर’ कहां पर छिपा है, हम उसे मारने वाले नहीं हैं, अभी तो कम से कम नहीं मारेंगे। लेकिन हम सभी का धैर्य अब जवाब दे रहा है।” राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए। छठे दिन और भीषण हुई जंग  इजरायल और ईरान के बीच चल रहा भीषण संघर्ष छठे दिन में पहुंच गया है, साथ ही यह अब युद्ध में बदल गया है। ईरान ने युद्ध का ऐलान करने के साथ इजरायल पर मिसाइल हमले भी तेज कर दिए हैं। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इनमें फत्ताह मिसाइलें भी शामिल हैं। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से चलती है। इस मिसाइल को रोकना किसी भी ऐयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल है। ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल के तेल अवीव में कई जगह धमाके की आवाज सुनी गई। कई जगहों पर आग लगने और लोगों के घायल होने की भी खबर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि इजरायली सेना ने उसके खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन फैसेलिटी को निशाना बनाया है। यहां पर इरान भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल बनाता है।  अमेरिका भी जंग में हो सकता है शामिल ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस जंग में अमेरिका भी शामिल हो सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में इजराइल को सहयोग देने पर विचार कर रहे हैं। रॉयटर्स ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि ईरान का भूमिगत फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा इजरायल के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है। इजरायल (Ayatollah Ali Khamenei) यहां पर हवाई हमला कर चुका है, लेकिन यह परमाणु ठिकाना एक पहाड़ के नीचे 300 फीट की गहराई में मौजूद है, जिसकी वजह से इजरायली हमले से इसे कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इसलिए इजरायल अब अमेरिका से मदद मांगी है, जिस पर अमेरिका विचार कर रहा है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक तेहरान छोड़ रहे लोग, ट्रैफिक से सड़कें हुई जाम इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान को जल्द से जल्द खाली करने की चेतावनी जारी होने के बाद लोग तेहरान छोड़ रहे हैं। लाखों लोगों के एक साथ सड़क पर आ जाने के कारण हर जगह ट्रैफिक जाम नजर आ रहा है। तेहरान को पश्चिम एशिया के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है। यहां पर एक करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं। इजरायल के बढ़ते हवाई हमलों के कारण हर कोई इस शहर को छोड़ कर भाग रहा है। कहा जा रहा है कि इजरायल जल्द ही अमेरिका के साथ मिलकर इस शहर पर भीषण हमला कर सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ayatollah Ali Khamenei #Iran #Israel #Haider #Khamenei #MiddleEast #ZionistRegime #IranIsraelConflict

आगे और पढ़ें
Translate »