आंखों पर पट्टी, मन में न्याय की लौ! नागझरी पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवक का अनोखा प्रदर्शन

आंखों पर पट्टी, मन में न्याय की लौ! नागझरी पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवक का अनोखा प्रदर्शन

बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम पंचायत नागझरी में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ एक जागरूक ग्रामीण ने ऐसा अनोखा प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। गांव के युवक लखन पटेल ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पंचायत सचिव सहित पंचायत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका यह विरोध न केवल प्रतीकात्मक था, बल्कि एक गहरी सामाजिक पीड़ा और जनता की आक्रोशित आवाज को उजागर करता हुआ दिखा। पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लखन पटेल का आरोप है कि ग्राम पंचायत नागझरी में लंबे समय से भ्रष्टाचार और मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि पंचायत की अधिकांश योजनाओं और शासकीय लाभों का वितरण सही पात्रों तक नहीं पहुंच रहा। नियमों और दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जबकि वास्तव में जिन परिवारों को सहायता की जरूरत है, वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। लखन पटेल ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट, जो गरीब और बेघर लोगों के लिए है, उसमें भी भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने बताया कि एक सरकारी कर्मचारी को ही इस योजना का लाभ दे दिया गया है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। यह घटना न केवल योजना की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है। अभद्र व्यवहार का आरोप लखन पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह पंचायत कार्यालय किसी जानकारी की मांग करने या शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं, तो पंचायत के कर्मचारी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही की जगह वहां डर और दबाव का माहौल बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो पंचायत कार्यालय जनता की सुविधा का केंद्र न होकर कुछ व्यक्तियों के हित साधन का अड्डा बन गया है। आंखों पर पट्टी बांधकर दिया संदेश लखन पटेल का विरोध प्रदर्शन बेहद प्रतीकात्मक रहा। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के सामने आंखों पर काली पट्टी बांधकर यह संदेश दिया कि “यदि शासन और प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों पर आंखें मूंदकर बैठे रहेंगे, तो आम नागरिकों को भी आंखें बंद कर लेना चाहिए। या तो चुप्पी साध लें या फिर आवाज उठाएं।” उनका यह कदम यह बताता है कि लोकतंत्र में जनता की जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद लेंगे, तो गरीब और जरूरतमंदों की आवाज कहीं दबकर रह जाएगी। ऐसे में हर जागरूक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह सामने आए और अपनी बात रखे। निष्पक्ष जांच की मांग लखन पटेल ने जिला कलेक्टर से अपील करते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भ्रष्टाचार का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा और वास्तविक हितग्राही लगातार वंचित होते रहेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो वह व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे और ग्रामीणों को साथ लेकर पंचायत स्तर पर जवाब मांगेंगे। जनता में चर्चा का विषय बना प्रदर्शन लखन पटेल का यह अनोखा विरोध अब ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से पंचायत की गड़बड़ियों को सहा है, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आया। लखन पटेल ने हिम्मत दिखाकर न केवल पंचायत सचिव पर उंगली उठाई, बल्कि प्रशासन का ध्यान भी इस ओर आकर्षित किया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी माना कि पंचायत में योजनाओं का लाभ अक्सर उन्हीं लोगों को मिलता है जिनका पंचायत कर्मियों से नजदीकी संबंध है। वहीं गरीब, मजदूर और कमजोर वर्ग की आवाज को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस कारण गांव में असमानता और नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन की जिम्मेदारी यह मामला अब जिला प्रशासन के सामने है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रशासनिक ढिलाई भ्रष्टाचार को और बढ़ावा देगी। पंचायत स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार से सीधे-सीधे गरीब और जरूरतमंद प्रभावित होते हैं, इसलिए यह प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। लोकतंत्र में जनता की ताकत लखन पटेल का यह अनोखा विरोध लोकतंत्र में जनता की ताकत का प्रतीक है। एक साधारण ग्रामीण ने आंखों पर पट्टी बांधकर यह दिखा दिया कि यदि सत्ता और तंत्र आंख मूंदकर बैठे रहेंगे, तो आम जनता भी आंखें मूंद सकती है। मगर, विकल्प यही है कि अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जाए। यह विरोध केवल पंचायत स्तर की गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है कि जब भी जनता संगठित होकर अपनी बात रखती है, तो सबसे बड़े तंत्र को भी जवाब देना पड़ता है।

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फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

छतरपुर जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार, तीन सहयोगी भी पकड़े गए छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार हुए आरोपी रविंद्र सिंह परिहार को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक (सागर जोन) श्रीमती हिमानी खन्ना ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आईजी ने किया इनाम घोषित, एसपी ने गठित की 10 टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की समुचित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने घटनास्थल का सुपरविजन किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमों का गठन कर विशेष निर्देश दिए। लगातार दबिश और फिक्स प्वाइंट पर तैनाती गठित टीमों ने जिले और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर फिक्स प्वाइंट पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई। इस बीच आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को प्राप्त हुई। ग्राम पनौठा से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी जानकारी के आधार पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए ग्राम पनौठा के पास से फरार आरोपी रविंद्र सिंह परिहार पिता सुल्तान सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया। तीन सहयोगी भी चढ़े हत्थे आरोपी को फरार कराने में मदद करने वाले तीन सहयोगियों चंद्रभान अनुरागी, प्रदीप सिंह चंदेल और अंगद सिंह सिसोदिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक पुलिस वेपन, तीन मोबाइल फोन और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की है। चार आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में अन्य चार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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देहरादून में बादल फटा

देहरादून में बादल फटा: सहस्त्रधारा क्षेत्र में तबाही, होटल-दुकानें बहीं, दो लोग लापता

देहरादून, 16 सितंबर 2025 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह बादल फटने से भारी तबाही मच गई। Karligaad (Karliguard) नाले के पास अचानक आई जलप्रलय ने पूरे इलाके का स्वरूप बदल दिया। कई होटल और दुकानें बह गईं, जबकि सड़कों पर मलबा भर गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोग लापता प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में दो लोग लापता हैं। SDRF और NDRF की टीमें लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मंदिर भी आया पानी की चपेट में तेज़ बारिश के कारण Tamsa नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी का उफान इतना तेज़ था कि प्रसिद्ध Tapkeshwar Mahadev मंदिर पानी में डूब गया। मंदिर के आसपास बने घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए। होटल और दुकानों को भारी नुकसान सहस्त्रधारा क्षेत्र पर्यटकों के लिए खासा लोकप्रिय है। यहाँ बने होटल और दुकानों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मलबे और पानी के तेज़ बहाव से कई दुकानें और छोटे होटल बह गए, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। बचाव और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही SDRF, NDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रशासन ने हाई-अलर्ट जारी कर दिया है और राहत शिविर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात पर नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिला प्रशासन को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी जिला प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। उधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश और तूफ़ानी हवाओं का रेड अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों में दहशत इस घटना के बाद सहस्त्रधारा क्षेत्र और आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल है। लोग ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। कई परिवारों को अस्थायी शिविरों में पहुँचाया गया है।

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रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

रक्षा मंत्रालय ने झूंसी में 100 घरों पर लगाया लाल निशान, खाली करने का फरमान

प्रयागराज झूंसी के नए इलाक़े पूरे सूरदास में गुरुवार को हड़कंप मच गया, जब सेना ने करीब 100 मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें खाली करने का फरमान जारी कर दिया। सेना का दावा है कि जिस ज़मीन पर ये घर और दुकानें बने हुए हैं, वह रक्षा मंत्रालय की संपत्ति है, जिस पर स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। अधिकारियों ने नोटिस जारी करते हुए मकान मालिकों को 17 सितंबर तक अपने घर और ज़मीन के दस्तावेज़ लेकर कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि सेना की ज़मीन पर अवैध कॉलोनियां और पूरा मोहल्ला तक खड़ा हो चुका है। पहले भी मकान मालिकों को नोटिस दिया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। अब लाल निशान लगने के बाद पूरे क्षेत्र में खलबली मची हुई है और लोग अपने-अपने घरों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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पूर्णिया एक्सप्रेस ट्रेन में आग- बोगी से धुआं उठते ही मची अफरा तफरी.....

पूर्णिया जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में आग- बोगी से धुआं उठते ही मची अफरा तफरी…..

साहिबाबाद 11 Sep 2025 10:03 AM तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया गया है गाजियाबाद पैसेंजर लेकर बिहार के पूर्णिया जा रही पूर्णिया एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की बोगी में अचानक आग लग जाने से यात्रियों में बुरी तरह से अफरा तफरी मच गई बोगी के अंदर से धुआं उठते देख घबराए पैसेंजर ट्रेन से कूद कर तुरंत नीचे आ गए।तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया गया है साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में आनंद विहार से चलकर पूर्णिया जा रही एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की लगेज बोगी से अचानक धुआं उठने लगा। बोगी से धुआं निकलते देखकर स्टेशन पर चारों तरफ तफरी मच गई। साहिबाबाद स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में सवार यात्री आग लगने की जानकारी मिलते ही तुरंत कूद कर नीचे आ गए बोगी में लगी आग ने भीतर रखे सामान को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड के जवान आग बुझाने वाली गाड़ी के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना स्थल पर पहुंचे फायर, कर्मचारियों ने तुरंत कार्यवाही करते हुए आग में जल रही बोगी को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया, ताकि पैसेंजर की जान को किसी तरह का खतरा नहीं हो सके। तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने स्पेशल ट्रेन की बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया। ट्रेन को बाकी डिब्बों के साथ उसकी मंजिल की तरफ रवाना कर दिया गया।

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नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के कारण वहां फंसे भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। हजारों भारतीयों के बीच मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के 14 लोग भी काठमांडू में फंसे हुए हैं। इनमें चार परिवार शामिल हैं, जिनमें छोटे बच्चे भी मौजूद हैं। सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री से सुरक्षित भारत वापसी की अपील की है। जानकारी के मुताबिक छतरपुर के कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी निवासी व्यापारी पप्पू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल और एक कुशवाहा परिवार नेपाल घूमने गए थे। लेकिन अचानक बढ़ी हिंसा के कारण सभी काठमांडू के एक होटल में फंस गए। हिंसा की वजह से नेपाल में आगजनी, तोड़फोड़ और मौतों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में वहां मौजूद भारतीय परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही आगजनी और हिंसा का वीडियो भेजकर स्थिति की गंभीरता दिखाई है। इस बीच, छतरपुर विधायक ललिता यादव ने नेपाल में फंसे व्यापारियों और उनके परिवारों से फोन पर बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास करेगी। फिलहाल छतरपुर के इन परिवारों सहित हजारों भारतीय नेपाल में हिंसा के बीच फंसे हुए हैं और जल्द सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

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पंजाब में बाढ़: जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य जारी

पंजाब इस समय भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ी इलाकों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण नदियाँ उफान पर हैं। कई जिलों के सैकड़ों गाँव पानी में डूब चुके हैं। गाँव की गलियाँ, खेत और घर जलमग्न हो गए हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। फसलों और पशुधन पर भारी असर पंजाब, जिसे देश का अन्नदाता कहा जाता है, आज फसल बर्बादी के गहरे संकट से जूझ रहा है। धान और मक्का जैसी प्रमुख फसलें पानी में पूरी तरह डूब गई हैं। किसानों की मेहनत और सालभर की कमाई एक ही झटके में खत्म हो गई। साथ ही, हज़ारों मवेशियों और पोल्ट्री को भी बाढ़ ने प्रभावित किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर और गहरा असर पड़ा है। जनहानि और पलायन कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में शरण लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और साफ पीने के पानी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राहत और बचाव कार्य राज्य सरकार और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन नावों और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा रहे हैं। कई जगहों पर अस्थायी शिविर, भोजन वितरण केंद्र और चिकित्सा सुविधाएँ भी स्थापित की गई हैं। राजनीतिक बहस और भविष्य की चुनौती बाढ़ ने न केवल पंजाब की आर्थिक स्थिति को झकझोरा है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। सरकार पर पर्याप्त तैयारी न करने के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते बाँधों और तटबंधों की मरम्मत की जाती और जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं  पंजाब की यह बाढ़ सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि चेतावनी भी है कि हमें जल प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की योजनाओं को और मज़बूत करना होगा। आज सबसे बड़ी ज़रूरत है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। PunjabFloods #punjabNews#punjabfloods2025 #PunjabRescue #floods #PunjabFloodSituation #BreakingNews #FloodAlert

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turmoil of Maharashtra

महाराष्ट्र की राजनीतिक घमासान में एक दो नहीं 4-4 ‘संजय’ पर चर्चा, तीखी जुबानी जंग से लेकर हाथापाई तक 

महाराष्ट्र की राजनीति में एक तरफ जहां मराठी बनाम हिंदी भाषा का मुद्दा गर्म है, वहीं राज्य में संजय नाम के नेता भी सुर्खियों में हैं। एक तरफ जहां उद्धव ठाकरे गुट के मुख्य प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस से शिंदे गुट वाली शिवसेना में आए संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) भी विपक्ष पर तीखा पलटवार करने के कारण मीडिया में छाए रहते हैं। इन दोनों संजय के अलावा महाराष्ट्र में संजय नाम से दो और ऐसे नेता हैं, जो चर्चा में बने रहते हैं। ये हैं संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) और संजय गायकवाड़ (Sanjay Gaikwad)।  संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) राज्य सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री हैं और इस समय कैश कांड वीडियो को लेकर चर्चा में बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ संजय गायकवाड़ मुंबई के आकाशवाणी की कैंटीन में खराब खाने को लेकर मारपीट करने के चक्कर में चर्चित हो चुके हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में देखें तो ये चारों संजय इस समय एक दूसरे पर हमलवार हैं। संजय राउत (Sanjay Raut) जहां शिरसाट और गायकवाड़ को घेरने में जुटे हैं, तो वहीं संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) अपने बयानों से राउत पर प्रहार कर रहे हैं।  संजय राउत बनाम संजय शिरसाट और संजय निरुपम बता दें कि मंत्री संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) को आयकर विभाग ने संपत्ति में गड़बड़ी को लेकर नोटिस भेजा हुआ है। इस पर राजनीति अभी थमी भी नहीं थी कि संजय राउत (Sanjay Raut) ने शिरसाट के बेडरूम का एक वीडियो जारी किया। जिसमें शिरसाट कथित तौर पर नोटों से भरे एक बैग के पास सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। संजय राउत ने इस वीडियो के माध्यम से शिंदे की शिवसेना पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए घेरा है। वहीं संजय शिरसाट ने बैग में कपड़े होने का दावा करते हुए राउत पर मानहानि का केस करने की चेतावनी दी है।  वहीं दूसरी तरफ संजय निरुपम और संजय राउत (Sanjay Raut) भी एक दूसरे पर लगातार प्रहार करने में जुटे हैं। पिछले दिनों संजय राउत ने दावा किया था कि गुरु पूर्णिमा के दिन एकनाथ शिंदे अपने “गुरु” गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे। राउत के इस दावे को संजय निरुपम ने झूठा बातते हुए घेरा। निरुपम ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन अमित शाह झारखंड में थे और वहां एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। यह सभी को पता है, लेकिन इसके बाद भी राउत ने गंदी राजनीति के लिए झूठ फैलाया। इसके लिए राउत को बिना किसी शर्त एकनाथ शिंदे से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही राउत को चटुकार तक कह दिया। इसके बाद से ही दोनों में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।   इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ संजय गायकवाड़ भी भर रहे हुंकार बुलढाणा विधानसभा से विधायक संजय गायकवाड़ अपने कैंटीन प्रकरण को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। गायकवाड़ ने खराब खाने का आरोप लगाते हुए कैंटीन कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी, जिसका वीडियो वायरल हो गया। गायकवाड़ के इस हरकत पर महराष्ट्र में खूब बवाल हुआ है। विवाद बढ़ने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई के लिए यह मामला विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को रेफर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि स्पीकर इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं। संजय गायकवाड़ अपनी हरकतों और बयानों को लेकर अक्सर कंट्रोवर्सी में रहते हैं। कैंटीन कर्मचारियों को पीटने के बाद गायकवाड़ ने विवादित बयान देते दक्षिण भारतीयों पर भी निशाना साधा था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था साउथ इंडियन डांस और लेडीज बार चला मराठा संस्कृति को खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों को कैंटीन के ठेके नहीं मिलने चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi news  #Maharashtraelection #Election2025 #Mumbai #Devendrafadnavish

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Career in yoga

Career in yoga: कोर्स से लेकर इंस्टीट्यूट्स तक योगा में करियर बनने के लिए पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी

योगा (Yoga) के बारे में न केवल आज पूरा विश्व जानता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक बचाव के लिए इसे अपनाया भी है। भारत में शुरू हुई इस तकनीक को आजकल करोड़ों लोग अपने जीवन का जरूरी हिस्सा बना चुके हैं। ऐसा माना गया है कि नियमित रूप से योगा करने से कई समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। लेकिन, योगा (Yoga) की शुरुआत करने के लिए एक्सपर्ट की सलाह और मार्गदर्शन लेना जरूरी है। अगर आप योगा (Yoga) में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, तो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए कि आप इसका कहां कोर्स कर सकते हैं और उसमे कितना समय लगेगा आदि। आइए जानें कि योगा में करियर कैसे बनाएं (How to make a career in yoga)? इसकी पढ़ाई कहां से की जाए, यह जानकारी भी पाएं। योगा में करियर कैसे बनाएं (How to make a career in yoga): योगा कोर्स  योगा में करियर (Career in yoga) बनाने के लिए आप कई कोर्स कर सकते हैं, जो इस प्रकार हैं: योगा कोर्स करवाने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स हमारे देश में ऐसे कई इंस्टीट्यूट्स हैं जो यह कोर्स कराते हैं। इनकी लिस्ट बहुत लंबी है। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? योगा में करियर बनाने के लिए किन स्किल्स का होना जरूरी है? योगा में करियर (Career in yoga) बनाने के लिए कैंडिडेट्स में निम्नलिखित स्किल्स होना जरूरी है:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  #HowtomakeacareerinYoga #Yoga #YogaScience #MainInstitutesOfferingYogaCourses #CareerinYoga

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link between diabetes and loneliness

Loneliness: अकेलेपन का कनेक्शन ब्लड शुगर से – क्या कहती है रिसर्च?

डायबिटीज (Diabetes) यानी मधुमेह एक ऐसी समस्या है, जो आजकल लोगों की खराब जीवनशैली के कारण बढ़ती जा रही है। डायबिटीज (Diabetes) के कारण कई गंभीर रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि इस रोग की संभावना को कम करने के लिए एक्सपर्ट सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। वहीं, एक और परेशानी जिससे आजकल अधिकतर पब्लिक परेशान है वो है अकेलापन (Loneliness)। यह अकेलापन (Loneliness) भी कई रोगों का कारण बन सकता है जैसे स्ट्रेस, एंग्जायटी आदि। लेकिन, एक नई स्टडी के अनुसार अकेलापन डायबिटीज (Diabetes) का कारण भी बन सकता है। आइए जानें डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) के बारे में। डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness): पाएं जानकारी  हेल्थलाइन (Health line) के अनुसार अकेलापन डायबिटीज (Diabetes) को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और कई कंडीशंस का कारण बन सकता है जैसे डिप्रेशन और एंग्जायटी। एक नई स्टडी के अनुसार अकेलापन (Loneliness) न केवल मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि इससे फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। यानी डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) पाया गया है। इस स्टडी के अनुसार जो लोग सोशली आइसोलेटेड होते हैं, उनमें डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर का खतरा बढ़ सकता है। इस स्टडी में ऐसा पाया गया है कि जो बुजुर्ग अकेले रहते हैं उनमें डायबिटीज (Diabetes) का रिस्क 34% अधिक होता है। इन लोगों में अकेले नहीं रहने वाले लोगों की तुलना में 75% अधिक पुअर शुगर कंट्रोल भी पाया गया है। इस स्टडी से यह भी पता चलता है कि अकेलापन (Loneliness) डायबिटीज का एक महत्वपूर्ण फैक्टर हो सकता है जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है। डायबिटीज और अकेलेपन से कैसे बचें?  डायबिटीज (Diabetes) से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल को ठीक बनाए रखना जरूरी है। इसमें सही डायट का सेवन करना, एक्सरसाइज और योगा करना, तनाव से बचना आदि शामिल है। इसके साथ ही नियमित रूप से चेक-अप कराना भी इसके लिए महत्वपूर्ण माना गया है। अकेलेपन से बचाव के लिए यह सुझाव आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं: वालंटियर बने दूसरों की मदद करना अकेलेपन को दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। इसके लिए उन ग्रुप्स और आर्गेनाईजेशन को ज्वाइन करें, जो यह कार्य करते हैं। इसके साथ ही आप सपोर्ट ग्रुप को भी ज्वाइन कर सकते हैं।  एक्टिव रहें एक्टिव रहने से आप अपने अकेलापन (Loneliness), डायबिटीज (Diabetes) और कई समस्याओं से बचा जा सकता है। यही नहीं इससे आप अन्य लोगों से भी मिलजुल सकते हैं। इसके लिए आप योगा, कार्डियो जैसी क्लासेज को ज्वाइन कर सकते हैं। अपने प्रियजनों और दोस्तों से बात करें अकेलापन (Loneliness) को दूर करने के लिए उन लोगों के सम्पर्क में रहें जो आपके करीबी हैं। ऐसे लोगों से कनेक्ट करते रहें जो आपको पॉजिटिव रहने में मदद करें। कुछ ऑनलाइन सपोर्ट ग्रुप्स और फोरम्स को भी ज्वाइन कर सकते हैं। डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) के बारे में आप जान ही गए होंगे। अब जानते हैं डायबिटीज (Diabetes) के बारे में कुछ और। इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा डायबिटीज के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #Thelinkbetweendiabetesandloneliness #diabetes #loneliness 

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