17-Year-Old Beheaded by Her Own Family: मेरठ में माँ और भाई सहित सगे रिश्तेदार बने काल, इस वजह से 17 वर्षीय बेटी का सिर किया धड़ से अलग

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जहाँ प्रेम प्रसंग के चक्कर में एक 17 वर्षीय छात्रा की हत्या कर दी (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) गई। उसके हत्यारे कोई और नहीं बल्कि उसके अपने सगे घरवाले और रिश्तेदार निकले। दरअसल, मेरठ जिले के बहादरपुर में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली छात्रा आस्था की सिरकटी लाश एक नाले में मिलती है। लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में ले लेती है। इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।  इस बीच पुलिस ने जब आस्था का धड़ बरामद किया तो उसकी जेब से एक फोन का नंबर मिला। पुलिस ने जब इस नंबर पर कॉल की तो पता चला कि वह आस्था का दोस्त विकास है। इसके बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त हेतु उसे बुलाया। आस्था के दोस्त ने शव की पहचान की। आगे की तफ़्तीश की तो पुलिस को बड़ी जानकारी हाथ लगी और फिर आधार पर पुलिस ने आस्था की मां, मामा, ममेरे भाई समेत परिवार के अन्य लोगों को हिरासत में लिया। छोटे भाई ने आस्था को प्रेमी विकास के साथ देख लिया (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) था प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते 28 मई को छोटे भाई शौर्य ने आस्था को प्रेमी विकास के साथ देखा (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) था। उसने परिजनों को इसकी जानकारी दे थी। इसके बाद परिवार ने आस्था को बुरी तरह पीटा और दो दिन तक घर में बंधक बनाकर रखा। परिजन उस पर विकास से संबंध तोड़ने का दबाव बना रहे थे, लेकिन आस्था लगातार टालमटोल करती रही। फिर क्या था, इसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया। देखते-देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। और आस्था की मां राकेश देवी और 15 वर्षीय छोटे भाई ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर हत्या को छिपाने के लिए ममेरे भाई मंजीत, मौसरे भाई गौरव और मामा समर सिंह को बुलाया।  इसे भी पढ़ें:- बॉयफ्रेंड के खातिर पति और बच्चे को छोड़ मुस्लिम लड़की ने त्यागा इस्लाम, सायमीन से बनी श्रुति, रचाई हिंदू प्रेमी से शादी  साजिश के तहत पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर को गंगनहर में फेंक (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) दिया इस बीच सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और शव को छिपाने की योजना (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) बनाई। पहले आस्था का सिर धारदार हथियार से काटा और सरधना क्षेत्र में गंग नहर में फेंक दिया। फिर बाकी शरीर को कार की डिग्गी में रखकर परतापुर स्थित नाले में फेंक दिया गया। यही नहीं, साजिश के तहत पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर को गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद आस्था की हत्यारिन मां ने बेटी के लापता हो जाने का नाटक रचा। वह बेटी की तलाश में जुटी रही। उसके झांसे में आकर गाँव वाले भी आस्था की तलाश करने में जुट गए। कमाल की बात यह कि बेटी के लापता होने जानकारी पुलिस को भी नहीं दी। खैर, खुलासा होने पर पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news 17-Year-Old Beheaded by Her Own Family #MeerutCrime #HonorKilling #JusticeForHer #IndianNews

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Bengaluru stampede case: बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार

बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरसीबी के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को गिरफ्तार किया गया है। खबर के मुताबिक तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई (Bengaluru stampede case) है। गौरतलब हो कि 18 साल बाद आरसीबी ने पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी जीती थी। जिसका जश्न मनाने हेतु बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर लाखों की संख्या में प्रशंसक उमड़ पड़े थे। 35 हजार क्षमता वाले स्टेडियम में 3 से 4 लोगों की मौजूदगी और फ्री टिकट की अफवाह के चलते बढ़ती भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था। इस दौरान फ्री टिकट पाने की ऐसी होड़ मची कि अचानक भगदड़ मच गई। जिसमें 11 लोगों के मौत की आधिकारिक घोषणा कर्नाटक सरकार ने की। सरकार के मुताबिक 56 अन्य घायल हुए हैं। मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से निखिल, किरण, सुमंत और सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार किया गया (Bengaluru stampede case) है इस मामले में पुलिस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक इस एफआईआर में गैर इरादतन हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए  कर्नाटक सीएम ने गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से निखिल, किरण, सुमंत और सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार किया गया (Bengaluru stampede case) है। सुमंत, सुनील और किरण चिन्नास्वामी स्टेडियम में समारोह की देखरेख कर रहे थे। इन सभी से कब्बन पुलिस थाने में गहन पूछता की जा रही है। इस पूरे मामले में अधिकारियों ने बताया कि पुलिस निरीक्षक की शिकायत के बाद कब्बन पार्क थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। बता दें कि पुलिस के अनुसार एफआईआर दर्ज होते ही निखिल ने मुंबई के लिए टिकट बुक कर लिया था। उसे केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तार किया गया। डीएनए स्टाफ के सदस्य सुमंत, सुनील और किरण को भी गिरफ्तार किया गया।  इसे भी पढ़ें:- IPL के बाद अब 6 महीने में 9 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया आरसीबी ने कहा कि वह अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई में सहयोग (Bengaluru stampede case) करेगा इस एफआईआर में यह दावा किया गया है कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आरसीबी, डीएनए इवेंट मैनेजमेंट फर्म और राज्य क्रिकेट संघ ने आवश्यक अनुमति के बिना जीत का जश्न (Bengaluru stampede case) मनाया। इस पूरे मामले पर आरसीबी ने कहा कि वह अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई में सहयोग करेगा। जानकारी के मुताबिक एफआईआर में आरसीबी को आरोपित नंबर 1, डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित नंबर 2 और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ प्रशासनिक समिति को आरोपित नंबर 3 बनाया गया है। इसके अलावा बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी दयानंद को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा निलंबित किये जाने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सीमांत कुमार सिंह को अगले आदेश तक बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त कर दिया गया है। दरअसल, दयानंद को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Bengaluru stampede case #RCBStampede #BengaluruNews #IPL2025 #RCBMarketingHead

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Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein's files

Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files: एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) के बीच तकरार बढ़ता जा रहा है। दोनों के बीच चल रहे वार-पलटवार के बीच मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि “डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम एपस्टीन की फाइल (Epstein Files) में दर्ज है, इसीलिए उसे जारी नहीं किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि बड़ा बम गिराया जाए। आप सभी का दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने यह भी लिखा कि, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।” बता दें कि यह पूरा मामला यौन तस्करी के आरोपी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन पर साल 2019 में यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। इस मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने उसी साल आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने खुलासा किया था कि वो एप्सटीन की करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल के कारण एप्सटीन से मिली थी। इसके बाद एप्स्टीन ने उसे साल 1999 से 2002 के बीच कई बड़े लोगों के पास अनैतिक कार्य करने के लिए भेजा। गिफ्रे ने इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम का खुलासा भी किया था।  रबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था इनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद एप्सटीन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन वो उसी साल जेल में मृत पाए गए। ग्रिफे और एप्सटीन की मौत को आधिकारिक तौर पर सुसाइड करार दिया गया, लेकिन कई लोग दावा करते हैं कि दोनों की हत्या की गई। एप्सटीन पर यह भी आरोप था कि उसने 2002 और 2005 के बीच मैनहट्टन और फ्लोरिडा में रहने वाले अमीरों के पास नाबालिग लड़कियों को भेजता था और वहां पर उनका यौन शोषण होता था। एपस्टीन फाइल का एक हिस्सा इसी साल जारी किया गया था। इस फाइल में एपस्टीन के फाइनेंसरों और बाल यौन अपराध में शामिल कई हाई-प्रोफाइल सहयोगियों का विवरण था। अरबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था। हालांकि, एपस्टीन फाइल में ट्रम्प का नाम नहीं था, लेकिन एपस्टीन के साथ दोस्ती के कारण ट्रंप कई साल जांच के दायरे में रहे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ट्रंप ने मस्क को दी सब्सिडी बंद करने की (Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files) धमकी  बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में डीओजीई प्रमुख का पद छोड़ ट्रंप प्रशासन से अगल हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के नए टैक्‍स बिल को लेकर दोनों के बीच तनाव था। इसके बाद से ही ट्रंप और मस्क के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मस्क ने ट्रंप पर “अमेरिका को दिवालिया बनाने” का आरोप लगाया था। जिसके बाद ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि ”वो मस्क की टेस्ला और एयरोस्पेस कंपनी को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को बंद कर सकते हैं।” जिसके बाद से टेस्ला कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। ट्रंप के इस घोषणा का जवाब देते हुए मस्क ने ट्रंप को कहा, ”अगर वह साथ नहीं देते तो ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते, जो करना हो, वो कर लो।” Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump ElonMusk #TrumpEpstein #JeffreyEpstein #ChildAbuseFiles #TrumpControversy #EpsteinList #MuskVsTrump

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Team India to Play 9 Series in 6 Months

Team India to Play 9 Series in 6 Months: IPL के बाद अब 6 महीने में 9 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया 

3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल का महामुकाबला आरसीबी और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया जिसमे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब की 6 रनों से हरा कर आईपीएल- 2025 की ट्रॉफी अपने नाम की। पूरे 18 साल बाद पहली बार आरसीबी ने आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा किया। इसके साथ ही 3 जून को आईपीएल का यह सीजन खत्म हो गया। भले ही आईपीएल का सीजन खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की तैयारी में जुट गए हैं। दरअसल, भारतीय टीम 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज (Team India to Play 9 Series in 6 Months) खेलेगी। इस तरह आईपीएल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे पर खेलते दिखेंगे। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र में भारत को इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। यही नहीं, इसके अलावा भारत को अगले 6 महीने में लगभग 9 सीरीज खेलनी है। इसमें टेस्ट, वनडे और टी20 के मुकाबले भी शामिल हैं।  बांग्लादेश के दौरे के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला (Team India to Play 9 Series in 6 Months) जाना है भारत का इंग्लैंड दौरा 20 जून से लेकर 4 अगस्त तक चलेगा। इस दौरे के बाद भारतीय टीम को बांग्लादेश के दौरे पर जाना (Team India to Play 9 Series in 6 Months) है। बांग्लादेश में भारतीय टीम 3 वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। फ़िलहाल अभी तक यह तय नहीं है कि भारतीय टीम बांग्लादेश का दौरा करेगी भी या नहीं। बांग्लादेश के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला जाना है। हालाँकि एशिया कप के मुकाबले को लेकर स्थिति भी अभी साफ नहीं हो पाई है। इस टूर्नामेंट की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी टीम इंडिया यही नहीं, एशिया कप के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज टेस्ट टीम की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी। बता दें कि 2 मैचों का टेस्ट सीरीज भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला जाएगा। फ़ी उसके बाद तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टेस्ट टीम नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी करेंगे। इस दौरान साउथ अफ्रीका की टीम 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। इस तरह टीम इंडिया का शिड्यूल साल के अंत तक फिक्स हो चुका है। देखने वाली बात यह कि टीम इंडिया इस दौरान कहाँ-कहाँ अपना परचम लहराती है। वैसे भारतीय प्रशंसक बड़ी बेसब्री से इन दौरों का इंतजार कर रहे हैं।   इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने किया अपनी टीम का ऐलान  बता दें कि 20 जून से 5 के दरम्यान भारत और इंग्लैंड के बीच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। यह टेस्ट 20 जून 2025 को हेडिंग्ले में शुरू होगा। ये सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। इस सीरीज के पहले मैच के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। बेन स्टोक्स की कप्तानी में टीम खेलने उतरेगी। बात करें टीम इंग्लैंड की तो इंग्लैंड की टीम में, बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्से, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन जैसे दिग्गज शामिल हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Team India to Play 9 Series in 6 Months TeamIndia #IndianCricket #PostIPL2025 #INDvsWorld #CricketSchedule #MenInBlue #CricketSeries2025

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Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly

Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly: इस तरह हर महीने 8 लाख से भी अधिक कमाता है मुंबई का यह ऑटो वाला 

बेशक लाखों की नौकरी पाने के लिए भारीभरकम डिग्री की चाहिए होती है। यहाँ बात नौकरी करने की है। बिज़नेस करने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं है। यदि आपसे कहूं कि मुंबई में रहने वाला एक सामान्य ऑटो चालक साल के करोड़ों की कमाई कर रहा (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। शायद इस बात पर यकीन करना आपके लिए मुमकिन न हो। लेकिन यह सच है। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि वो बिना एक भी किलोमीटर गाड़ी चलाए कमा रहा है। बस वो एक जगह खड़े रहता है। और बिना मीटर डाउन किये वो दिन के हजारों कमा रहा है। वो कहावत है न हींग लगे न फिटकरी रंग भी चोखा होय। जिसका अर्थ है कि कम खर्च या बिना मेहनत के भी अच्छा काम हो सकता है। यह कहावत मुंबई के ऑटो वाले पर सटीक बैठती है।  अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) सख्त मनाही भारत ही नहीं, जिस भी देश में अमेरिकी दूतावास होता है, वहां सुरक्षा चाक-चौबंद होती (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। वहां बिना काम के अंदर जाना तो कोसो दूर की बात, आपको  बाहर खड़े होने भी नहीं दिया जाता। इसी तरह मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में हर दिन दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचते हैं। जाहिर सी बात जब दूर से आते हैं तो उनके पास सामान भी होता है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में लोगों को बड़ी तकलीफ होती है। और तो और उसके आस-पास कोई लॉकर की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को ज़रूरी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक्स या निजी सामान रखने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं। इस परेशानी को एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने अवसर में बदल दिया। उसने लोगों की ज़रूरतों को समझा और एक आसान सी सेवा शुरू की। इस तरह इस अनोखे कारोबार की शुरुआत उन लोगों की समस्या से हुई, जो वीज़ा हेतु आवेदन करने हर रोज अमेरिकी दूतावास पहुंचते हैं।  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल दिन में 20,000 से 30,000 रुपये तक की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) कमाई दरअसल, ऑटो ड्राइवर वीज़ा आवेदकों के बैग को कुछ समय के लिए रखने लगा। वह वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार के पास खड़ा रहता है और लोगों को 1,000 रुपये में उनके सामान की सुरक्षा करने की बात कहता है। वह उन्हें भरोसा दिलाता है कि उनकी अपॉइंटमेंट खत्म होने तक उनका सामान उसके पास सुरक्षित रहेगा। हालाँकि पहली नज़र में यह कीमत अधिक प्रतीत हो सकती है, लेकिन वीज़ा इंटरव्यू की जल्दी में लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं होता। ऐसे में अपनी अपॉइंटमेंट मिस करने से बेहतर लोग उसे 1000 रूपये देना अधिक प्रेफर करते (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) हैं। इस तरह वो एक आम दिन में, वह 20-30 ग्राहकों को संभालता है और उनसे वो 20,000 से 30,000 रुपये तक कमाई करता है। आप सोच रहे होंगे, इसमें सुरक्षा की गया गॅरंटी है? कल को कीमती सामान लेकर ऑटो वाला रफूचक्कर हो जाये तो कहाँ ढूंढने जायेंगे?  पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है तो आपको बता दें कि इसके पीछे पूरा का पूरा एक सिस्टम है। यह सिर्फ सड़क किनारे खड़े होकर किया जाने वाला काम नहीं (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। इसे सोच-समझकर और बड़े व्यवस्थित तरीके से चलाया जाता है। ऑटो रिक्शा ड्राइवर पहले कस्टमर से संपर्क करता है। ग्राहक के मान जाने पर एक सुरक्षित प्रक्रिया शुरू होती है। बड़ी बात यह कि इस काम में एक स्थानीय पुलिस अधिकारी की मदद ली जाती है। पुलिस अधिकारी एक भरोसेमंद लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराता है। पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है। है न कमाल? इसे ही आपदा में अवसर कहा जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly MumbaiAuto #AutoDriverSuccess #MumbaiStories #InspiringJourney #MonthlyIncome #AutoRickshawLife #StartupSuccess

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Rhodes Scholarship

Rhodes Scholarship: ऑक्सफोर्ड में पढ़ने का सुनहरा मौका, 22.94 लाख रुपये का वजीफा

इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) किसी पहचान की मोहताज नहीं है। यह यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों में बहुत प्रसिद्ध है क्योंकि यहां शिक्षा बहुत अच्छी मिलती है। इसके साथ ही इसकी वैल्यू बहुत अधिक है, जिससे अच्छी नौकरी और अवसर मिलने में आसानी होती है। यानी, यहां पढ़ना बेहतरीन करियर ऑपर्चुनिटिज प्रदान करता है। यहां पढ़ने वाले छात्रों को ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने में मदद मिलती है। अगर आप भी यहां पढ़ना चाहते हैं, तो अब आपके लिए एक खुशखबरी है। क्योंकि, यह यूनिवर्सिटी (University) अब रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) दे रही है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship)? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) वो स्कॉलरशिप है जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) द्वारा वहां पढ़ने के लिए दी जाती है। यह एक रेप्यूटेड इंटरनेशनल स्कॉलरशिप (Reputed International Scholarship) है। इस स्कॉलरशिप से दुनिया भर के छात्रों को इस यूनिवर्सिटी (University) में हायर एजुकेशन प्राप्त करने का मौका मिलता है। इसमें एलिजिबल छात्रों को  26 लाख से 28 लाख रुपये प्रति वर्ष मिलते हैं। इसमें ट्यूशन फीस और लिविंग एक्सपेंसेस दोनों शामिल होते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) की ऑफिशियल वेबसाइट पर आपको मिल जाएगी। रोड्स स्कॉलरशिप के फायदे क्या हैं? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं: इसके अलावा इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को वीजा और हेल्थ फीस व दो इकोनॉमी क्लास रिटर्न फ्लाइट्स भी मिलती हैं। यही नहीं, इससे दूसरा कोर्स करने वाले स्कॉलर्स के लिए वीजा रिन्यूअल सपोर्ट (Visa Renewal Support) भी मिलता है।  रोड्स स्कॉलरशिप के लिए योग्यता और एप्लीकेशन प्रोसेस रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए योग्यता में कैंडिडेट्स का एकेडमिक रिकॉर्ड व एजुकेशनल क्वालिफिकेशन (Educational qualification) आदि अच्छे होने चाहिए। इंडियन के पास इंडिया का पासपोर्ट (Passport) या इसके जैसा सिटीजनशिप सर्टिफिकेट (Citizenship Certificate) होना चाहिए।  इसके साथ ही कैंडिडेट के लिए भारत में किसी स्कूल से कक्षा 10 या 12 पास होना आवश्यक है। भारत की किसी यूनिवर्सिटी (University) से ग्रेजुएशन डिग्री (Graduation Degree) भी मान्य होगी। अधिक इनफार्मेशन आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिलेगी। इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल कैसे अप्लाई करें? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए यूनिवर्सिटी (University) की ऑफिशियल वेबसाइट पर अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए आपके पास सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स होने चाहिए। इसके साथ ही कैंडिडेट्स के लिए एक निबंध लिखना होता है, जिसमें उन्हें अपनी लीडरशिप, ऐकडेमिक और पर्सनल क्वालिटीज के बारे में बताना होगा। सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Rhodes Scholarship #RhodesScholarship #OxfordUniversity #University #OfficialWebsite #Scholarship

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Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain

Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain?: क्या सच में भाजपा सिर्फ अपने चुनावी फायदे के लिए करवा रही है जातीय जनगणना? 

लंबे अरसे से देश में जातिगत जनगणना को लेकर बवाल मचा हुआ है। कई राजनीतिक पार्टियां इसे समर्थन में भी हैं। विशेषकर कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी जातिगत जनगणना के मुद्दे को जोर शोर से उठाते रहे हैं। कुल मिलाकर सभी की मांग है कि इसके जरिये समाज की स्थिति साफ़ हो सकेगी कि देश भर में कुल जातियों में कितने लोग हैं। सभी की बढ़ी मांग और खिसकते वोट के मद्देनजर आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार ने थक हारकर अगले साल 2026 में पूरे देश में जातीय जनगणना करवाने का फैसला किया है। यह तो ठीक, लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) है। दरअसल, तेजस्वी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनगणना को लेकर बीजेपी की मंशा सही नहीं है। भाजपा की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है बुधवार को इस मामले पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से की बातचीत में कहा कि भाजपा लोगों की मंशा ठीक नहीं है। यही नहीं, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार चुनाव को देखते हुए जातीय जनगणना करवाने की घोषणा की है, ताकि वे इसका फायदा चुनाव में उठा सकें। इस बीच बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा की मंशा ठीक नहीं है। इन लोगों की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है। हमने पहले भी कहा है कि बिहार चुनाव को देखते हुए इन लोगों ने घोषणा की है। हमारे दबाव और पुरानी मांग के कारण इन्होंने इसे कैबिनेट से पास कराया है। हम वर्गों की भी गिनती कराएंगे, जिससे पता चलेगा कि कितनी जातियां हैं और कितने ओबीसी, ईबीसी हैं। बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) को ढो रहा है यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना न साधा (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) हो। इससे पहले तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक कार्टून शेयर करके पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला था। पोस्ट किये गए कार्टून में सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी का एक प्रतीकात्मक फोटो है। जिसे आम आदमी एक गठ्ठर में लेकर ढोता नजर आ रहा है। उक्त पोस्ट में तेजस्वी ने कहा कि बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार को ढो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तस्वीर में आपको बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था, बाढ़, सूखा, भ्रष्टाचार, ढहते पुल, गरीबी, महंगाई, घूसखोरी, बेरोजगारी जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। जिनका बोझ सिर्फ आम आदमी सह रहा है। इसे भी पढ़ें:- RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी गौरतलब हो कि केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। देश में आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब जाति जनगणना कराई जाएगी। सरकार अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी। इसका पहला चरण अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर या नवंबर 2025 में बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव कराए जा सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार में सियासत तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना करवाने का ऐलान किया है। इसे लेकर आरजेडी को शक है कि भाजपा बिहार चुनाव में इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain CasteCensus #BJPCastePolitics #IndianPolitics #ElectoralStrategy #BJP2025 #SocialJustic #CensusDebate

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AIMIM's Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections

AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections: RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) के महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसकी जानकारी (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections)देते हुए कहा कि, ‘उनकी पार्टी बिहार चुनाव में वोटों का बिखराव रोकना चाहती है। इसीलिए उनकी पार्टी ने  आरजेडी (RJD) के दूसरी पंक्ति के नेताओं के माध्यम से नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा है। अब फैसला तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को करना है।’ अख्तरुल ईमान ने मीडिया से इस बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा, अगर महागठबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो उनकी पार्टी थर्ड फ्रंट बनाने के लिए जल्द ही अन्य छोटे दलों से बातचीत करेगी। इस दौरान अख्तरुल ईमान ने आरजेडी (RJD) पर ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) राज्य की सीमांचल क्षेत्र में मौजूद अमौर, जोकीहाट, कोचाधामन, बैसी और बहादुरगंज सीट को जीता था। लेकिन चुनाव के दो साल बाद आरजेडी ने उनके 5 में से 4 विधायकों को तोड़ कर अपने पार्टी में मिला लिया। इस धोखबाजी को पार्टी भूली नहीं है।  2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने किया था शानदार प्रदर्शन बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीत ली थी। एआईएमआईएम को यह सफलता सीमांचल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में मिली थी। इसके बाद से ही एआईएमआईएम को बिहार की सियासत में एक उभरती ताकत के तौर पर देखा गया। एआईएमआईएम ने सीधे तौर पर आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम-यादव वोट बैंक में सेंध लगाई थी। इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा परेशानी हुई और उसने एआईएमआईएम विधायकों को तोड़ने की मुहीम शुरू कर दी। आरजेडी ने दो साल बाद ही जून 2022 में एआईएमआईएम के 5 में से 4 विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कर लिया।  इसे भी पढ़ें:- PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा इस बार विधानसभा चुनाव में अगर एआईएमआईएम और आरजेडी अलग-अलग लड़ती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) होगा। इसलिए एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर आरजेडी और कांग्रेस (Congress) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि विपक्षी महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पहले सही तनाव है, ऐसे में अगर एआईएमआईएम को भी गठबंधन में शामिल कर लिया गया, तो सीट बंटवारे का मुद्दा और भी जटिल हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो इससे फौरी तौर पर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में फायदा मिल सकता है, लेकिन एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा। दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस (Congress) के कोर वोट बैंक मुस्लिम मतदाता है और एआईएमआईएम का वोट बैंक भी यही है। ऐसे में एआईएमआईएम राज्य में जितनी मजबूत होगी, उतनी ही आरजेडी और कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाएगी। ऐसे में महागठबंधन बिहार के अंदर अभी एआईएमआईएम से दूरी बनाकर ही रखना चाहता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections BiharElections2025 #AIMIM #RJD #Congress #Mahagathbandhan #Owaisi #PoliticalNews #IndiaPolitics

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11 Killed in RCB Victory Stampede: आईपीएल की जीत का जश्न बदला मातम में, फ्री टिकट बांटे जाने की अफवाह ने ली 11 लोगों की जान

आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई।  आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम (11 Killed in RCB Victory Stampede) पहुंचे थे आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात 35,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में पहुंचे थे 3 लाख (11 Killed in RCB Victory Stampede) लोग  इस दुखद घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, स्टेडियम के पास भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। यहां पर 2-3 लाख से ज्यादा लोग जुटे थे जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की (11 Killed in RCB Victory Stampede) थी। जबकि स्टेडियम में महज 35,000 दर्शकों की क्षमता थी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की। तो वहीं दूसरी ओर, घटना पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है, लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए जिसकी वजह से चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। शिवकुमार ने कहा कि लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए। मुझे लगता है कि बड़े पैमाने पर वहां पर भगदड़ मच गई। मैंने पुलिस आयुक्त और अधिकारियों से बात की है। हम इस हादसे पर नजर बनाए हुए हैं और सभी से शांत रहने की अपील करते हैं। शिवकुमार ने कहा कि वह उन अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं, जहां घायलों इलाज चल रहा है। फ़िलहाल मुख्यमंत्री, मंत्री और पुलिस अधिकारी पहले से ही घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news 11 Killed in RCB Victory Stampede #RCB #IPL2025 #Stampede #BreakingNews #CricketTragedy #Bangalore

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Ram Darbar family muhurat

Ram Darbar family muhurat: बड़ा ही भव्य होगा अयोध्या का दरबार, परिवार के साथ इस मुहूर्त में विराजेंगे राजा राम

गंगा दशहरा के अवसर पर प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है।संयोग देखिये आज ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म दिन भी है। और आज ही आज 11 बजकर 25 मिनट से 11बजकर 40मिनट तक की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि यह प्राण प्रतिष्ठा आज अभिजीत मुहूर्त में की जाएगी। अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ और पवित्र समय माना जाता (Ram Darbar family muhurat) है। आज ही रामदरबार और गर्भगृह के चारों कोनों में बने परकोटे के अन्य मंदिरों में भी सात विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। अयोध्या और काशी से आए 101 वैदिक आचार्य इस प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन को पूरा कराएंगे। बड़ी बात यह कि आज सिद्ध योग भी बन रहा है। पूजन, भोग, आरती के बाद अनुष्ठान की समाप्ति होगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद सीता राम समेत चारों भाइयों और बजरंगबली आभूषण पहनाए जाएंगे।  अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने कर ली हैं सभी (Ram Darbar family muhurat) तैयारियां बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा के इस आयोजन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तकरीबन पांच सौ से अधिक मेहमान शामिल (Ram Darbar family muhurat) होंगे। सीएम योगी मख्य अतिथि होंगे। इसके आलावा संघ, विहिप और बीजेपी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी प्राण प्रतिष्ठा में आने का न्योता दिया गया है। इस बीच सीएम पहले हनुमानगढ़ी जाएंगे और 10 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 55 मिनट तक दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद 11 बजे से 11.10 तक वो श्रीरामजन्मभूमि का दर्शन पूजन करेंगे। फिर 11.10 से 1 बजे तक सीएम श्रीरामजन्मभूमि परिसर में राम दरबार और नवनिर्मित 6 मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी तैयारियां कर ली हैं। विशेषकर कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद है।   सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में (Ram Darbar family muhurat) उभरी है इस कार्यक्रम को लेकर संत समुदाय का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के विकास के माध्यम से रामनगरी का खोया हुआ गौरव लौटाया है। इतना ही नहीं, विगत आठ वर्षों में अयोध्या में 32 हजार करोड़ से अधिक विकास परियोजनाओं ने शहर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। सड़क, रेल, हवाई अड्डा, सौंदर्यीकरण और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं ने अयोध्या को विश्व नक्शे पर चमकदार बनाया है। यही नहीं, रामकथा पार्क, सरयू तट का सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंदिर परिसर इसकी (Ram Darbar family muhurat) बानगी हैं। इस दौरान संत-महंतों ने योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभरी है। सरयू त्रयोदशी जन्मोत्सव के अवसर पर नदी तट पर विशेष आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।  इसे भी पढ़ें:- इस तरह विदेशी श्रद्धालु अब अयोध्या के राम मंदिर में पा सकेंगे वीआईपी पास प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के (Ram Darbar family muhurat) किए हैं पुख्ता इंतजाम  कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम (Ram Darbar family muhurat) किए हैं। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने अयोध्या पहुंच रहे हैं। यह दिन न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा। गौरतलब हो कि योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से गहरा आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंध है। उनका संबंध न सिर्फ बतौर मुख्यमंत्री बल्कि एक संत, राम भक्त और राम मंदिर आंदोलन के सक्रिय सहयोगी के रूप में है। गोरखनाथ मठ और योगी आदित्यनाथ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं।  Latest News in Hindi Today Ram Darbar family muhurat AyodhyaRamMandir #RamDarbar #LordRam #AyodhyaDiaries #RamMandir2025 #DivineIndia #HinduCulture

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