Maharashtra doctor COVID remark

Latur doctor controversy: जब महाराष्ट्र के लातूर में एक डॉक्टर ने कही कोरोना पीड़ित महिला को मार देने की बात?

डॉक्टर को भगवान का रूप कहा जाता है, क्योंकि एक डॉक्टर ही है जो मरीज को मौत के मुंह से खींच लाता है। लेकिन क्या हो यदि यही डॉक्टर हैवान बन जाये तो? यदि डॉक्टर इलाज करने के बजाय खुद ही किसी को मारने की बात कहने लगे तो? एक पल के लिए सोचिये कोरोना का वो काल, जब लोग अपनों को बचाने के लिए दर-ब-दर भटक रहे थे। उस दौरान मौत का जो तांडव कोरोना ने खेला था वो किसी से छुपा नहीं है। हालाँकि, कुछ लोगों का मानना है कि कोरोना का काल में ऐसे की मरीजों को मौत के घाट उतार दिया गया जो शायद बच सकते थे। खैर, बॉडी ऑर्गन रैकेट से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसा नहीं है कि सब डॉक्टर ऐसे ही होते हैं, लेकिन कुछ डॉक्टरों ने इस पवित्र पेशे को बदनाम कर रखा है। बता दें कि महाराष्ट्र के लातूर में एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है, जहां एक सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर के खिलाफ पुलिस ने 2021 में महामारी के दौरान एक सहकर्मी को कोविड-19 पीड़ित मरीज को मारने का निर्देश देने के (Latur doctor controversy) आरोप में एफआईआर दर्ज की है।   किसी को भी अंदर जाने की इजाजत मत दो, बस उस दयामी नाम की महिला को (Latur doctor controversy) मार दो दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुए जिसमें तत्कालीन लातूर के उदगीर सरकारी अस्पताल में अतिरिक्त जिला सर्जन डॉ. शशिकांत देशपांडे और कोविड-19 देखभाल केंद्र में तैनात डॉ. शशिकांत डांगे के बीच कथित बातचीत (Latur doctor controversy) थी। बताया जा रहा है कि यह वायरल क्लिप तब की है जब साल 2021 में कोविड-19 संकट के चरम पर था। अस्पताल मरीजों से भरे हुए थे और संसाधन कम थे। वायरल ऑडियो में डॉ. देशपांडे कथित तौर पर यह कहता हुआ सुना गया, किसी को भी अंदर जाने की इजाजत मत दो, बस उस दयामी नाम की महिला को मार दो। इस पर डॉ. डांगे ने सावधानीपूर्वक जवाब देते हुए कहा कि ऑक्सीजन सपोर्ट पहले ही कम कर दी गई थी। हालांकि, 53 वर्षीय दयामी अजीमुद्दीन गौसुद्दीन की मरीज पत्नी कौसर फातिमा बाद में बीमारी से ठीक हो गईं थी। गौसुद्दीन की शिकायत के आधार पर उदगीर शहर पुलिस ने 24 मई को देशपांडे के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करने और अन्य अपराधों के कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। हालांकि इस ऑडियो क्लीप के वायरल होते ही जनता में जनता में गुस्से की लहर दौड़ गई। पुलिस ने देशपांडे का मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें जारी (Latur doctor controversy) किया है नोटिस  इस पूरे मामले पर इंस्पेक्टर दिलीप गाडे ने बताया, पुलिस ने देशपांडे का मोबाइल फोन जब्त कर उन्हें नोटिस जारी (Latur doctor controversy) किया है। उनका बयान दर्ज कर लिया गया है। इस बीच उन्होंने यह भी कहा, पुलिस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। पुलिस ने डॉ. डांगे को भी नोटिस जारी किया है। अधिक विस्तार से बोलते हुए गाडे ने कहा, फ़िलहाल वह जिले से बाहर हैं, कल आएंगे। उसके बाद हम उनका मोबाइल फोन जब्त करेंगे और जांच करेंगे। एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने कहा कि साल 2021 में महामारी के दौरान उनकी पत्नी कौसर फातिमा कोरोना वायरस से संक्रमित हो गईं थीं। उन्हें 15 अप्रैल, 2021 को उदगीर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के प्रबंधन के तहत नांदेड़ रोड पर स्थित इमारत में कोविड-19 उपचार प्रदान किया जा रहा था। डॉ. डांगे उस केंद्र में कोविड-19 रोगियों का इलाज कर रहे थे। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला कौसर फातिमा10 दिन तक थी अस्पताल में (Latur doctor controversy) भर्ती  कौसर फातिमा वहां 10 दिन तक भर्ती थी। इस दरम्यान पेशंट की देख-रेख हेतु दयामी अजीमुद्दीन गौसुद्दीन भी वहीं अपनी बीमार पत्नी के पास थे। एक रोज ऐसे ही वो वहीं बैठे थे। उनके मुताबिक उसी समय, डॉ. डांगे को डॉ. देशपांडे का फोन आया। उन्होंने फोन स्पीकर पर रख दिया और अस्पताल के मामलों के बारे में बातचीत जारी रखी। फोन कॉल के दौरान, डॉ. देशपांडे ने बेड की उपलब्धता के बारे में पूछताछ की। जब डॉ. डांगे ने उसे बताया कि कोई भी बेड खाली नहीं है। इसपर दावा करते हुए उसने कहा कि उसने डॉ. देशपांडे को यह कहते हुए स्पष्ट रूप से सुना (Latur doctor controversy) था, “दयामी मरीज को मार डालो। तुम्हें ऐसे लोगों से निपटने की आदत है।” उसकी बातों पर यकीन करें तो, बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर जाति-आधारित गाली भी दी। यह सुन कर वो खुद सदमे में चला गया। जाहिर सी बात उसकी अपनी पत्नी उसी अस्पताल में जो एडमिट थी। इसलिए उस समय उसने मुंह बंद रखने में ही समझदारी समझी। कुछ दिनों बाद, उसकी पत्नी ठीक हो गई। और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, 2 मई, 2025 को कथित बातचीत की ऑडियो क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इस पूरे मामले पर उसने कहा कि वही परेशान करने वाली टिप्पणियां दोबारा सुनने से उसे गहरा दुख पहुंचा है और उसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, खासकर अपमानजनक जाति-संबंधी टिप्पणियों के कथित इस्तेमाल से। इसके बाद अंततः उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। Latest News in Hindi Today Hindi news Latur doctor controversy #LaturDoctorControversy #COVID19India #MaharashtraNews #MedicalNegligence #ViralNews #DoctorEthics #IndiaNews #BreakingNews

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Shashi Tharoor

Shashi Tharoor slams Columbia: इस वजह से शशि थरूर ने लगाई कोलंबिया की क्लास

ऑपरेशन सिन्दूर के बाद से भारत विश्वपटल पर पाकिस्तान को परत दर परत बेनकाब करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व वाला डेलिगेशन पनामा और गुयाना के दौरे के बाद गुरुवार को कोलंबिया पहुंचा है। शशि थरूर ने यहाँ आतंकवाद के मुद्दे पर कोलंबिया को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पाकिस्तान को लेकर कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया पर घनघोर निराशा जाहिर की है। दरअसल, कोलंबिया ने आतंकवाद के पीड़ितों के बजाय भारतीय हमलों से पाकिस्तान में जानमाल की हानि पर गहरी संवेदना जताई थी। कोलंबिया के इस रवैये से शशि थरूर ने कहा, हम कोलंबियाई सरकार की प्रतिक्रिया से थोड़े निराश (Shashi Tharoor slams Columbia) हैं। क्योंकि कोलंबिया ने आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति दिखाने के बजाय भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में हुई जानमाल की हानि पर संवेदना व्यक्त की है। हमें लगता है कि जब ये बयान दिया गया तब शायद स्थिति को पूरी तरह से नहीं समझा गया था। उन्होंने आगे कहा कि ये समझना हमारे लिए बेहद जरूरी है। हम एक ऐसा देश हैं, जो वास्तव में दुनिया में रचनात्मक प्रगति के लिए एक ताकत रहे हैं। हमें निश्चित रूप से उम्मीद है कि अन्य सरकारें उन लोगों से कहेंगी जो आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह और संरक्षण देते हैं कि वे ऐसा करना बंद करें। यह वास्तव में बहुत मददगार होगा, चाहे सुरक्षा परिषद में हो या उसके बाहर।  आतंकवादियों को भेजने वालों और उनका विरोध करने वालों के बीच कोई समानता (Shashi Tharoor slams Columbia) नहीं हो सकती कोलंबिया के अतीत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, हम कोलंबिया (Shashi Tharoor slams Columbia) में अपने मित्रों से कहेंगे कि आतंकवादियों को भेजने वालों और उनका विरोध करने वालों के बीच कोई समानता नहीं हो सकती। हमला करने वालों और बचाव करने वालों के बीच कोई समानता नहीं हो सकती। हम केवल आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और यदि इस मुद्दे पर कोई गलतफहमी है, तो हम ऐसी किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए यहां हैं। हम परिस्थितियों के बारे में कोलंबिया से विस्तार से बात करके बहुत खुश हैं, जैसे कोलंबिया ने कई आतंकवादी हमलों को झेला है, वैसे ही हमने भारत में भी झेला है। हमने लगभग चार दशकों तक बहुत बड़ी संख्या में हमलों को झेला है।   हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है, हम सिर्फ (Shashi Tharoor slams Columbia) आतंकवादी हमले का बदला ले रहे थे- कांग्रेस सांसद शशि थरूर इस बीच किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, हमें अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों व तमाम देशों, सऊदी अरब, फ्रांस, यूएई के वरिष्ठ अधिकारियों से कई फोन कॉल (Shashi Tharoor slams Columbia) आए। हमने इन सभी देशों को जो संदेश दिया, वह बिल्कुल एक जैसा था। थरूर ने कहा, हमें युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है। सिर्फ एक आतंकवादी हमले का बदला ले रहे थे। अगर वे रुकते हैं, तो हम भी रुक जाएंगे। अगर ये संदेश इन देशों की ओर से पाकिस्तान को दिया जाता, तो पाकिस्तान को रोकने के लिए राजी करने में इसका असर हो सकता था। क्योंकि उन्हें पता था कि उनके रुकने का मतलब यह होगा कि भारत भी चीजों को रोक देगा इसलिए ऐसा हो सकता है कि ऐसा ही हुआ हो, लेकिन निश्चित रूप से मध्यस्थता की कोई सक्रिय प्रक्रिया नहीं थी।  इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी हमले 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत किया था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बौखला उठा था। जवाबी कार्रवाई में उसने भारत के ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था। लेकिन भारत के एयर डिफेन्स सिस्टम ने उसे नाकाम कर दिया था। दोनों पक्षों के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों देश सीज फायर के लिए राजी हुए थे। इसके बाद भारत सरकार ने  Latest News in Hindi Today Hindi news  Shashi Tharoor slams Columbia #ShashiTharoor #ColumbiaUniversity #GazaConflict #ShashiTharoorNews #InternationalPolitics #Gaza #ColumbiaControversy

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RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time: पंजाब किंग्स को हराकर चौथी बार आईपीएल फाइनल में पहुंची आरसीबी

29 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का पहला क्वालीफायर मुकाबला पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया। चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को करारी शिकस्त (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) दी। दरअसल, 18वें सीजन के पहले क्वालीफायर मैच में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की टीम के बल्लेबाज कुछ कमाल नहीं दिखा सके। दूसरे ही ओवर में सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य के आउट होते ही पंजाब किंग्स की टीम ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गई। 15वें ओवर तक तो पंजाब की टीम पूरी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। पंजाब किंग्स की पूरी टीम 14.1 ओवर में महज 101 रन रन बनाकर आलऑउट हो गई। कहने की जरूरत नहीं, पंजाब किंग्स को अपने अति-आक्रामक रवैये का खामियाजा भुगतना पड़ा। जिसके चलते उसके बल्लेबाज कुछ ख़ास कमाल नहीं कर सके।  फिल साल्ट एक बार पुनः जबर्दस्त फॉर्म में नजर (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) आए 102 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी के बल्लेबाजों ने तो कमाल कर दिया। आरसीबी के बल्लेबाजों ने पंजाब किंग्स के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। आरसीबी के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट एक बार पुनः जबर्दस्त फॉर्म में नजर (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) आए। पारी का आगाज करते हुए 27 गेंदों में उन्होंने छह चौके एवं तीन बेहतरीन छक्कों की मदद से नाबाद 56 रन बनाए। फिल सॉल्ट की अर्धशतकीय पारी के बदौलत आईपीएल के पहले क्वालीफायर में पंजाब किंग्स को 10 ओवर रहते आठ विकेट से हराकर तीन जून को होने वाले फाइनल में प्रवेश किया। बता दें कि आईपीएल प्लेऑफ में यह सबसे बड़ी जीत है। गौरतलब हो कि आरसीबी ने चौथी बार आईपीएल फाइनल में जगह बनाई। साल 2016 के बाद उसका पहला फाइनल होगा। पंजाब किंग्स की भिड़ंत दूसरे क्वालीफायर में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) होने वाले एलिमिनेटर के विजेता से होगी पंजाब किंग्स भले ही हार गई हो लेकिन हार के बावजूद उसे फाइनल में पहुंचने का एक और अवसर (RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time) मिलेगा। पंजाब किंग्स की भिड़ंत दूसरे क्वालीफायर में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाले एलिमिनेटर के विजेता से होगी। बात करें फिल साल्ट के आईपीएल करियर की तो उन्होंने आईपीएल में 33 मुकाबले खेले हैं। इस बीच 33 पारियों में उन्होंने 1040 रन बनाए। आईपीएल में उनके नाम 10 अर्धशतक दर्ज है। खैर, क्वालीफायर-1 मुकाबले में मिली शर्मनाक हार के बाद दिए श्रेयस अय्यर ने कहा कि “ये हमारे लिए भूलने वाला दिन नहीं है, लेकिन ड्रॉइंग बोर्ड पर वापस जाना होगा। हमने बल्लेबाजी के दौरान शुरू में ही काफी विकेट गंवा दिए थे। वापस जाकर फिर से सभी चीजों को समझना होगा। ईमानदारी से कहूं तो मुझे अपने फैसलों पर संदेह नहीं है। हमने जो भी प्लानिंग की मैदान के बाहर मुझे लगता है कि वह सही थी। बस हम उसे मैदान पर उतारने में कामयाब नहीं हो सके।”  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल हम इसे हार का कारण नहीं बता सकते हैं क्योंकि हम प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं और हमें हालात के अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है- श्रेयस अय्यर हालांकि गेंदबाजों का बचाव करते हुए श्रेयस अय्यर ने कहा कि “हम गेंदबाजों को भी दोष नहीं दे सकते क्योंकि बचाव करने लिए काफी कम स्कोर था। हमें अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना होगा। हमने अभी तक यहां पर जितने भी मुकाबले खेले हैं उसमें कुछ अलग ही उछाल देखने को मिला है। हम इसे हार का कारण नहीं बता सकते हैं क्योंकि हम प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं और हमें हालात के अनुसार बल्लेबाजी करनी होती है। हमने लड़ाई तो हारी है, लेकिन जंग नहीं हारी।” Latest News in Hindi Today Hindi news RCB Beats PBKS to Reach IPL Final for 4th Time #RCB #PBKS #IPL2025 #RCBvsPBKS #IPLFinal #RoyalChallengersBangalore #PunjabKings #CricketNews #IPLPlayoffs

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Mamata Banerjee news

ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण निंदनीय: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का नाम रखकर इस सैन्य अभियान का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक स्टंट करार दिया और साफ कहा कि इससे सेना के सम्मान को राजनीतिक रंग देना गलत है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने यह टिप्पणी कोलकाता स्थित नबन्ना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के नाम में “सिंदूर” शब्द जोड़ना केवल राजनीतिक आकर्षण बढ़ाने के लिए किया गया है, ताकि आम जनता में भावनात्मक लहर पैदा की जा सके। उनके मुताबिक BJP इस सैन्य कार्रवाई को वोट बैंक में बदलने की साजिश कर रही है। “बंगाल कभी बीजेपी के हाथ नहीं जाएगा” प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने यह स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल कभी भी भारतीय जनता पार्टी के नियंत्रण में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की जनता BJP की राजनीति को अच्छी तरह समझती है और ऐसे हथकंडे अब काम नहीं आने वाले। मुर्शिदाबाद की घटना: सीधे बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में हुई एक हालिया घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उनके पास ठोस सबूत हैं और जरूरत पड़ने पर वे सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राज्य की शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने कहा “कभी उन्हें चाय बेचने वाला कहा गया, फिर चौकीदार और अब वे देशभर में सिंदूर बेच रहे हैं। यह शोभा नहीं देता।” उन्होंने आगे कहा कि मोदी की सिंदूर पर आधारित बयानबाजी देश की राजनीतिक गरिमा को नुकसान पहुंचा रही है और यह केवल भावनात्मक मुद्दों को भुनाने की कोशिश है। महिलाओं का अपमान और भाजपा की चुप्पी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने भाजपा पर महिलाओं के अपमान को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसे मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उनका कहना था कि जिन नेताओं पर महिलाओं के अपमान के आरोप लगे हैं, उन्हें संरक्षण दिया जाता है, जबकि सच्ची लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस असम और कूचबिहार से लाई गई भीड़ प्रधानमंत्री की एक जनसभा को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि उस कार्यक्रम में जो भीड़ दिखाई गई थी, वह स्थानीय नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि असम और कूचबिहार से लोगों को लाकर रैली में शामिल किया गया, ताकि जनसमर्थन का झूठा प्रदर्शन किया जा सके। विदेशों में विपक्ष रख रहा है भारत की बात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने इस बात की सराहना की कि विपक्षी दलों के नेता विदेशों में जाकर “ऑपरेशन सिंदूर” पर भारत का पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर जब विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि को मजबूत कर रहा है, दूसरी ओर भाजपा केवल प्रचार में लगी हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के इस बयान ने केंद्र सरकार और भाजपा की रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के नाम को राजनीति से जोड़कर इसे देश की सैन्य गरिमा के साथ खिलवाड़ बताया। यह स्पष्ट संकेत है कि 2024 के आम चुनावों की तैयारी में भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव और तेज़ होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news CM Mamata Banerjee #MamataBanerjee #OperationSindoor #IndianPolitics #BJPvsTMC #BreakingNews #WestBengalNews

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Team 50 Congress Madhya Pradesh

MP में कांग्रेस की ताकत बनेगी राहुल की Team 50, जानिए क्या है जीत का मास्टर प्लान

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) बीते कुछ वर्षों से लगातार चुनावी पराजयों का सामना कर रही है। विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर पार्टी की कमजोर होती स्थिति ने शीर्ष नेतृत्व को पुनः संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। इसी दिशा में कांग्रेस ने अब गुजरात मॉडल (Gujrat Model) को अपनाते हुए संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 3 जून को भोपाल से करेंगे। राहुल गांधी का 10 वर्षों बाद पीसीसी कार्यालय दौरा संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की खास बात यह है कि करीब एक दशक बाद राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचेंगे, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व अब मध्य प्रदेश को लेकर गंभीर और सक्रिय रणनीति बना रहा है। राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल और उत्साह को बढ़ाने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।  ‘टीम 50’ की भूमिका और जिम्मेदारी राहुल गांधी संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) के तहत अपनी ‘टीम 50’ को भी प्रदेश में सक्रिय करने जा रहे हैं। यह टीम देशभर से चुने गए 50 ऑब्जर्वरों की है, जिसमें असम, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं। इन पर्यवेक्षकों को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा, जहां ये जिले की पार्टी इकाई का मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक ऑब्जर्वर को संबंधित जिले में जिला अध्यक्ष चुनने का अधिकार भी दिया जाएगा। उनका कार्य केवल नामांकन नहीं बल्कि ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करना होगा जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और जनसंपर्क बनाए रखते हैं। इसके साथ ही ये टीम निष्क्रिय नेताओं पर भी नजर रखेगी जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।  सीधे दिल्ली को रिपोर्टिंग संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की एक और खासियत यह है कि ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली के आलाकमान को सौंपेंगे। इसका उद्देश्य है पारदर्शिता बनाए रखते हुए स्थानीय गुटबाजी और सिफारिशी संस्कृति से बचना। इस टीम को मध्य प्रदेश कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं के जरिए को-ऑर्डिनेट किया जाएगा, जिन्हें को-ऑब्जर्वर की भूमिका दी जाएगी। ये नेता राहुल गांधी से चर्चा कर PCC में फीडबैक देंगे और ऑब्जर्वरों तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने का कार्य करेंगे। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस  गुजरात मॉडल का विस्तार गौरतलब है कि कांग्रेस ने अहमदाबाद अधिवेशन के बाद गुजरात में संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की शुरुआत की थी, जिसमें जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय नेतृत्व को नया आकार दिया गया। गुजरात में इस मॉडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और अब इसी मॉडल को मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश दूसरा राज्य है जहां यह अभियान लागू हो रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब देशभर में संगठनात्मक ढांचे को फिर से खड़ा करने की दिशा में गंभीर है। कांग्रेस के लिए आगे की राह यह संगठन सृजन अभियान केवल एक सांगठनिक कवायद नहीं, बल्कि पार्टी के पुनर्जन्म की नींव रखने का प्रयास है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो कांग्रेस को मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपने कार्यकर्ता नेटवर्क को पुनः सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए ठोस आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह अभियान कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की तरह है। अब देखना होगा कि यह प्रयास व्यावहारिक परिणाम दे पाता है या नहीं। लेकिन एक बात तय है — कांग्रेस (Congress) ने पुनर्गठन की दिशा में ठोस और गंभीर कदम उठाया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Sangathan Srijan Abhiyan #RahulGandhi #Team50 #Congress #MPElections #PoliticalStrategy #MadhyaPradesh #IndianPolitics

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Operation Sindoor Not Over Yet: पाकिस्तान को तीन बार घर में घुसकर मारा है.. समझ ले, ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है- पीएम मोदी

गुजरात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अलीपुरद्वार में एक जनसभा को संबोधित किया। इस बीच उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि आज देशभर में 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। मैं तो चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल में भी 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिले, लेकिन टीएमसी सरकार ये नहीं करने दे रही है। ध्यान देने वाली भारत यह कि इस इस संबोधन मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि “पाकिस्तान को तीन बार घर में घुसकर मारा है। समझ ले, ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं (Operation Sindoor Not Over Yet) हुआ है। 1947 से लेकर आज तक पाकिस्तान ने सिर्फ आतंक (Operation Sindoor Not Over Yet) को पाला है यही नहीं, अपने भाषण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश की, लेकिन हमारी सेना ने उन्हें सिंदूर की शक्ति का अहसास करा दिया। पाकिस्तान को धमकाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान को समझना चाहिए कि भारत ने तीन बार घर में घुसकर मारा है। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं (Operation Sindoor Not Over Yet) हुआ है। अगर भारत पर हमला हुआ, तो दुश्मन को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। 1947 से लेकर आज तक पाकिस्तान ने सिर्फ आतंक को पाला है। बांग्लादेश युद्ध के दौरान वहां की सेना द्वारा किए गए अत्याचारों को दुनिया नहीं भूली है। टीएमसी सरकार चाय बागानों के मजदूरों को भी नहीं बख्श रही है (PM Modi) पीएम मोदी  अलीपुरद्वार में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने राज्य सरकार को बुजुर्गों को मुफ्त इलाज से वंचित रखने और शिक्षक भर्ती घोटाले जैसे मुद्दों पर घेरा। बंगाल की दुर्दशा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार भ्रष्टाचार की मार झेल रहे हैं। हमने देखा है कि भ्रष्टाचार किस तरह विनाश की ओर ले जाता है, खास तौर पर पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में। टीएमसी सरकार ने हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। यह सिर्फ कुछ हजार शिक्षकों का विनाश नहीं है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था बिगड़ रही है। अभी भी वे अपनी गलतियों को स्वीकार करने से इनकार करते हैं, इसके बजाय अदालतों को दोष देते हैं। यहाँ तक कि टीएमसी सरकार चाय बागानों के मजदूरों को भी नहीं बख्श रही है। राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण कई चाय बागान बंद हो रहे हैं। राज्य सरकार मजदूरों की मेहनत की कमाई को लूटने की कोशिश कर रही है। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस टीएमसी सरकार ने अपने शासनकाल में हजारों टीचर्स का भविष्य बर्बाद कर दिया है- पीएम मोदी (PM Modi) सूबे की ममता सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मोदी (Operation Sindoor Not Over Yet) ने कहा कि टीएमसी सरकार ने अपने शासनकाल में हजारों टीचर्स का भविष्य बर्बाद कर दिया है। टीएमसी के घोटालेबाजों ने सैकड़ों गरीब परिवार के बेटे-बेटियों को अंधकार में धकेल दिया है। आलम यह कि बंगाल की जनता को अब टीएमसी सरकार के सिस्टम पर भरोसा नहीं है। यहां की जनता के पास अब सिर्फ कोर्ट का ही आसरा है। इसलिए पूरा बंगाल कह रहा है, “बंगाल में मची चीख-पुकार, नहीं चाहिए निर्मम सरकार।” इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल एक साथ कई संकटों से घिरा हुआ है। एक संकट समाज में फैली हिंसा और अराजकता का है। दूसरा संकट माताओं-बहनों की असुरक्षा का है, उनके साथ हो रहे जघन्य अपराधों का है, तीसरा संकट नौजवानों में फैल रही घोर निराशा का है, बेतहाशा बेरोजगारी का है। चौथा संकट घनघोर भ्रष्टाचार का है, यहां के सिस्टम पर लगातार कम होते जन-विश्वास का है तो वहीं पांचवां संकट गरीबों का हक छिनने वाली सत्ताधारी पार्टी की स्वार्थी राजनीति का है। Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor Not Over Yet #OperationSindoor #PMModi #PakistanStrike #SurgicalStrike #IndiaSecurity #IndianArmy #ModiSpeech

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Ladli Behna Yojana

Ladli Behna Yojana: 5 वर्षों में लाडली बहनों को सरकार देगी 3000 रुपये प्रतिमाह

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि राज्य की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों के भीतर प्रत्येक महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह घोषणा उन्होंने बैतूल जिले के सारणी के पाथाखेड़ा में महिला स्वयं सहायता समूहों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान की। महिलाएं होंगी आत्मनिर्भरता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने चुनाव के दौरान  लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana)  के तहत 1000 रुपय प्रतिमाह देने का वादा किया था, जो कि अब बढ़कर 1230 रुपये हो चुका है। आने वाले समय में यह राशि क्रमशः बढ़ती जाएगी और अगले पांच वर्षों में यह 3000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस पूछ रही है कि ये पैसा कहां से आएगा। मैं सभी बहनों को आश्वस्त करता हूं कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम धीरे-धीरे करके इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे और 5 वर्षों के भीतर 3000 रुपये प्रतिमाह की राशि लाडली बहनों को दी जाएगी।” स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा है बढ़ावा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई लखपति दीदी योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य है कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला की सालाना आमदनी एक लाख रुपये तक हो। इस दिशा में राज्य में 350 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भी दी कि राज्य में कई स्थानों पर रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाओं (Ladli Behna Yojana) को सरकार 5000 रुपये और फैक्ट्री मालिक 8000 रुपये देंगे, जिससे कुल मिलाकर 13000 रुपये प्रतिमाह की आमदनी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। महिलाओं के लिए शिक्षा और अवसरों का विस्तार मुख्यमंत्री मोहन यादव ( CM Mohan Yadav) ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए की जा रही अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब स्कूल जाने वाले बच्चों को मुफ्त किताबें, कॉपियां और दूर रहने पर मुफ्त साइकिल दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई छात्र मेरिट में आता है तो उसे स्कूटी दी जाती है, और विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक की छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? जनता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा, “हमारी बहन-बेटियों की संस्कृति हमारी ताकत है। आपका आशीर्वाद हमारे लिए सबसे बड़ा संबल है। हमने संकल्प लिया है कि बहनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जो भी संभव होगा, हम करेंगे।” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले में 464 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की यह घोषणा राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने वाली यह योजनाएं आने वाले समय में लाखों महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूती देने का कार्य करेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को स्वावलंबी बनाएगी, बल्कि मध्य प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाने में भी सहायक होगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Ladli Behna Yojana #LadliBehnaYojana #MPGovernment #WomenEmpowerment #MonthlySupport #₹3000Scheme

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Himanta Biswa Sarma arms policy

Assam arms policy: इस वजह से असम सरकार आम जनता के हाथ में देने जा रही है हथियार

असम की सरकार अपने राज्य के बासिंदों को हथियार रखने की अनुमति देने जा (Assam arms policy) रही है। दरअसल, सरकार ने जनता के हाथ में हथियार देने की स्कीम को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम कैबिनेट बांग्लादेश के पास दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले मूल निवासियों और स्थानीय नागरिकों को हथियार देगी। इस पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) का कहना है कि “इससे लोगों को साहस मिलेगा।” यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “इस स्कीम के तहत धुबरी, मोरीगांव, बारपेटा, नागांव और दक्षिण सलमारा-मनकचर, रूपाही, ढिंग और जानिया जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन इलाकों में हमारे लोग माइनॉरिटी में हैं। इन जिलों में असम के लोगों को असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, खासकर बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों से, उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमलों का खतरा है। इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में असम के लोग 1979-85 में हुए असम आंदोलन के बाद से सुरक्षा के लिए लाइसेंस वाले हथियार की मांग कर रहे हैं।” बंगाली-मुस्लिम मूल के संदिग्ध अवैध विदेशियों के असम में अतिक्रमण की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि “पिछली सरकारों ने यदि उन्हें हथियारों के लाइसेंस दिए होते, तो कई लोगों को अपनी जमीनें बेचकर जगह नहीं छोड़नी पड़ती। हम बहुत सारी जमीनों पर कब्जा होने से बचा सकते थे।” सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं मांग- हिमंत बिस्वा सरमा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि “इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं, उनकी इस मांग को रिव्यू करने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “यह योजना पूरे राज्य में लागू होगी। इसलिए, अगर लोग इसके लिए आवेदन करते हैं तो हम गुवाहाटी शहर के हतीगांव इलाके में रहने वाले अपने लोगों को हथियार देने पर विचार कर सकते हैं।” सीएम सरमा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि “बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम और संदिग्ध विदेशियों के खिलाफ राज्य सरकार के हालिया अभियान के चलते, ऐसे क्षेत्रों में स्वदेशी लोगों को लगता है कि उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमला हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि “सरकार इस स्कीम के लिए एलिजिबल लोगों को लाइसेंस देने में नरमी अपनाएगी। जो लोग असम के मूल निवासी हैं और राज्य के कमजोर और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले स्वदेशी समुदाय हैं, उन्हें इस स्कीम से साहस मिलेगा।”  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  भारतीय आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है खैर, बात करें 1959 के भारतीय आर्म्स एक्ट की तो आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है। निषिद्ध बोर (प्रोहिबिटेड बोर) और गैर-निषिद्ध बोर (नॉन-प्रोहिबिटेड बोर ) पीबी हथियारों को आमतौर पर सेना, राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसी सरकारी एजेंसियां इस्तेमाल करती हैं। एनपीबी व्यक्ति के लिए होता है। नॉन-प्रोहिबिटेड बोर उन लोगों को दिया जाता जिन्हें अपनी जानमाल का खतरा होता है। प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस गृह मंत्रालय जारी करता है तो वहीं नॉन-प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस डीएम और राज्य सरकार जारी करती हैं। यही नहीं, इन हथियारों को रखने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। शर्त यह कि इसके लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। हिंसा से जुड़े किसी भी अपराध का दोषी न ठहराया गया हो। इसके अलावा शांति बनाए रखने हेतु बॉन्ड भरने का आदेश न दिया गया हो और शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हो। इन बेसिक शर्तों के आधार पर ही लइसेंस आवंटित किया जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #AssamArmsPolicy #AssamNews #SelfDefenseIndia #WeaponsLicense #HimantaBiswaSarma #IndiaNews #CitizensWithGuns #ArmsPolicyChange

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mental harassment in relationships

Blackmail by girlfriend: प्रेमिका और उसके दो बॉयफ्रेंड द्वारा की जारी ब्लैकमेलिंग से परेशान युवक ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखी यह बात

हाल के दिनों में प्रेमी और प्रेमिकाओं के चक्कर में कई पति और पत्नियों का या तो खून हुआ है या फिर उन्होंने आत्महत्या कर ली है। ऐसे कई मामले हैं जहाँ अपने प्रेमी और प्रेमिकाओं के चक्कर अपनी हंसती खेलती जिंदगी बर्बाद की है। तजा मामला है उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का, जहाँ एक युवक ने आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक़ प्रेमिका और उसके दो बॉयफ्रेंड उसे ब्लैकमेल कर (Blackmail by girlfriend) रहे थे। मामला लोनी कोतवाली के बंथला इलाके का है, जहाँ मंगलवार की युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले युवक ने वीडियो बनाई और सुसाइड नोट भी लिखा। सुसाइड नोट को उसने अपने परिजनों को भेजा है। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।  युवक ने वीडियो में ब्लैकमेल के चलते आत्महत्या करने की बात (Blackmail by girlfriend) कही  मृतक की पहचान 28 वर्षीय पवन कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। पवन बंथला इलाके में परिवार के साथ रहा करता था। ढलाई का काम करने वाले पवन का मंगलवार रात सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ। वायरल वीडियो में उसने आत्महत्या करने की बात कही है। इस दौरान उसने प्रेमिका और उसके दो साथियों पर उसने ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उक्त वीडियो में ब्लैकमेल के चलते ही उसने आत्महत्या करने की बात (Blackmail by girlfriend) कही है। इस बीच वीडियो वायरल होने के बाद परिवार के लोग जब कमरे में पहुंचे तो देखा कि पवन का शव फंदे से लटक रहा है। लड़कियां बहुत बचा ली अब सब अपने बेटों को संभाल (Blackmail by girlfriend) लो पवन ने तीन पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा है। तीन पेज के सुसाइड नोट (Blackmail by girlfriend) में पवन ने लिखा कि “बस मैं क्या ही कहूं। मैं अपने अंगूठे का निशान पेपर पर लगा रहा हूं। निवेदन यह है कि लड़कियां बहुत बचा ली अब सब अपने बेटों को संभाल लो। मैं उस लड़की को बहुत प्यार करता था। लेकिन अब उसका दूसरा बॉय फ्रेंड मुझे ब्लैकमेल कर रहा है। उसको सजा मिलनी चाहिए। मुझे इंसाफ दिला देना साहब। आज मैं हार गया हूं। इसलिए मुझे ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। बस सरफराज को (बीएनएस का सेक्शन 108) सजा दिला देना। ये सेक्शन बोलता है कि 10 साल की सजा और मिलनी चाहिए। रानी आंटी से भी पूछना चाहिए। सब लोगों के कहने पर मुझे ब्लैकमेल कर रही है। अनामिका मुझे पता है जिस तरह की धमकियां मुझे मिल रही है।” इस बीच पवन के परिजनों ने बताया कि “युवती और उसके दो साथी दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं। आरोपियों ने पवन से नगदी और कुछ जेवरात भी ले लिए हैं।  इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला मुकदमा दर्ज कर आरोपी सरफराज को हिरासत में ले (Blackmail by girlfriend) लिया है फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि “मुकदमा दर्ज कर आरोपी सरफराज को हिरासत में ले लिया है।” लोनी गाजियाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि “आज दिनांक 28-05-2025 को थाना लोनी पर एक वादी द्वारा सूचना दी गई कि उनके बेटे पवन गुप्ता उम्र करीब 24 वर्षीय ने रात में फांसी लगाकर आत्महत्या (Blackmail by girlfriend) कर ली। इस संबंध में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसकी जांच की जा रही है। वादी की तहरीर के आधार पर अभियुक्त सरफराज के विरुद्ध थाना लोनी पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Blackmail by girlfriend #Blackmail #SuicideNote #GirlfriendTrap #LoveTriangle #CrimeNews #IndiaNews #BreakingNews #MentalHealth

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Musk Trump disagreement

Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt: एलन मस्क ने छोड़ा ट्रंप सरकार का साथ, इस वजह से दोस्ती में आई दरार

टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच सब कुछ सही नहीं चला रहा है। इससे पहले भी दोनों के रिश्तों में तल्खी देखी गयी थी। अततः एलन मस्क ने ट्रंप के विशेष सलाहकार पद से इस्तीफा दे (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के बेहद खास माने जाने वालों में से एक एलन मस्क ने ऐलान किया है कि “वह ट्रंप प्रशासन से बाहर हो रहे हैं। संघीय नौकरशाही को कम करने और उसमें सुधार लाने के प्रयासों का नेतृत्व करने के बाद एलन मस्क राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष सलाहकार के रूप में अपनी सरकारी भूमिका छोड़ रहे हैं। उन्होंने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर बताया कि “वे सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।” इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “उन्होंने उन पर विश्वास किया और उन्हें अपने प्रशासन में एक विशेष सरकारी कर्मचारी के तौर पर शामिल किया।”  राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है- एलन मस्क गौर करने वाली बात यह कि मस्क का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब लंबे समय से ये चर्चा चल रही थी कि दोनों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं। हालाँकि मस्क ने कुछ दिन पहले ही ट्रंप के एक फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि “राष्ट्रपति द्वारा इसे एक शानदार बिल कहना निराशाजनक (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) है। मस्क के मुताबिक, यह फैसला खर्चों में भारी बढ़ोतरी करेगा, जिससे संघीय घाटा बढ़ेगा।” बता दें कि एलन मस्क को अमेरिकी सरकार में विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में नामित किया गया था। इसके तहत वह हर साल 130 दिनों तक सरकार के काम में अपनी सलाह देते। ध्यान देने वाली बात यह कि 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण से मई के अंत में ये सीमा पूरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने समाचार आउटलेट सेमाफोर को बताया कि “विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मस्क की ऑफबोर्डिंग बुधवार रात से शुरू होगी। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी मुहाजिरों की आखिरी उम्मीद PM मोदी, पाक नेता ने सेना से बचाने की लगाई गुहार मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा- एलन मस्क गौरतलब हो कि उन्होंने इस ऐलान से पहले बाकायदा ट्रंप के सुंदर बिल की आलोचना की थी। मस्क ने कहा था कि “वह इस बिल से निराश (Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt) हैं। इस विधेयक में कर कटौती और आव्रजन प्रवर्तन में वृद्धि का मिश्रण शामिल है। मस्क ने इसे एक बहुत बड़ा व्यय विधेयक बताया जो संघीय घाटे को बढ़ाता है और उनके सरकारी दक्षता विभाग, जिसे डीओजीई के नाम से जाना जाता है, के काम को कमजोर करता है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा कि “मैं राष्ट्रपति ट्रंप को फिजूलखर्ची को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। डीओजेई मिशन समय के साथ और मजबूत होगा क्योंकि यह सरकार चलाने का एक तरीका बन जाएगा।” खैर, कुल-मिलकर बात यह कि मास्क ट्रम्प के कुछ फैसलों से नाराज चल रहे थे। उन्होंने ट्रंप द्वारा टैक्स में कटौती और इमिग्रेशन सुधार के फैसले को लेकर सीबीएस के साथ बातचीत में कहा कि “मेरा मानना है कि कोई भी बिल या तो बड़ा हो सकता है या फिर सुंदर, लेकिन दोनों नहीं हो सकता। कुछ चीजें हैं जिनसे मैं संतुष्ट नहीं हूं, मगर कई चीजों से मैं काफी उत्साहित हूं।” इस दौरान मस्क ने यह भी बताया कि “इस फैसले में कुछ बदलाव होने की संभावना बनी हुई है, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा है।” Latest News in Hindi Today Hindi news  Elon Musk Breaks Ties with Trump Govt #ElonMusk #Trump #Politics #BreakingNews #MuskVsTrump #USPolitics

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