Farmer loan relief 2025

MSP और ब्याज छूट योजना पर मोदी सरकार का फैसला क्या किसानों के लिए है लाभकारी?

केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ब्याज छूट योजना में बदलाव की घोषणा की है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी दी। इस मीटिंग में खासतौर पर खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP और किसानों को कर्ज में दी जाने वाली ब्याज छूट पर निर्णय लिए गए हैं। ये फैसले सीधे तौर पर देश के करोड़ों किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और प्रयास हैं। धान की MSP में 69 रुपये की बढ़ोतरी कैबिनेट ने खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP को 69 रुपये बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। पहले यह दर 2300 रुपये प्रति क्विंटल थी। इसका मतलब यह है कि अब किसानों को 1 क्विंटल धान बेचने पर न्यूनतम 2369 रुपये की गारंटी मिलेगी। सरकार का यह कदम किसानों को फसल की बेहतर कीमत दिलाने और कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए अहम माना जा रहा है। MSP में यह बढ़ोतरी न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने, और उन्हें बाजार में उचित मोल मिलने की दिशा में भी एक मजबूत संकेत है। इस फैसले से देशभर के धान उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी और वे अगली फसल की बुवाई के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। ब्याज छूट योजना (MISS) को मिली मंजूरी कैबिनेट ने इसके साथ ही संशोधित ब्याज छूट योजना (Modified Interest Subvention Scheme – MISS) को जारी रखने की मंजूरी भी दे दी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर लोन दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को 7 प्रतिशत की दर से लोन मिलता है, जिसमें सरकार 1.5 प्रतिशत की ब्याज सहायता देती है। अगर किसान समय पर लोन का भुगतान कर देता है तो उसे अतिरिक्त 3 प्रतिशत की छूट मिलती है। इस प्रकार प्रभावी ब्याज दर घटकर मात्र 4 प्रतिशत रह जाती है। यह लाभ 3 लाख रुपये तक के अल्पकालीन लोन पर लागू होता है, जबकि मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए 2 लाख रुपये तक के लोन पर भी यही सुविधा उपलब्ध है। किसान क्रेडिट कार्ड: एक प्रभावी पहल किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कार्यशील पूंजी के लिए बैंकों से आसान और त्वरित लोन दिलाना था। KCC के तहत मिलने वाली ब्याज छूट योजना ने किसानों की लागत में भारी कमी लाई है। आज भी यह योजना किसानों के लिए एक बुनियादी आर्थिक मदद का जरिया बनी हुई है। इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  अन्य महत्वपूर्ण पहलू MSP तय करने में उत्पादन लागत, मांग और आपूर्ति जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। सरकार की यह रणनीति किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में एक और कदम है, जो 2022 तक प्राप्त करने का संकल्प लिया गया था। ब्याज सहायता योजना से किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है और वे बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना सीधे बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। मोदी सरकार द्वारा लिए गए ये फैसले निश्चित ही किसानों के लिए राहत भरे हैं। MSP में वृद्धि और ब्याज छूट योजना को जारी रखने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, कृषि में निवेश बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। अब यह आवश्यक है कि इन योजनाओं का लाभ हर किसान तक समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुंचे। Latest News in Hindi Today Hindi news Farmer loan relief 2025 #MSPScheme2025 #FarmersRelief #ModiGovernment #InterestSubsidy #AgriculturePolicy #LoanWaiver2025 #IndianFarmers

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Wadala Wife Attacks Husband with Lover

Wadala Wife Attacks Husband with Lover: इस वजह से पत्नी ने मुंबई के वडाला इलाके में प्रेमी संग मिलकर पति पर किए ताबड़तोड़ कई वार

प्रेम हसीन होता है। ये पुरानी कहावत है। मौजूदा दौर में घटित हो रही घटनाओं के देखकर तो यही कहा जा सकता है कि प्रेम जानलेवा है। दरअसल, मुंबई के वडाला इलाके में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) दी। फ़िलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान इस्माइल अली जमाल अली शेख (36) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक मुंबई के एंटॉप हिल के बंगाली पुरा इलाके में 36 वर्षीय व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस्माइल की पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर उस पर चाकू से कई बार हमला किया। एंटॉप हिल पुलिस ने हत्या के मामले में उसकी पत्नी सुमाया शेख (26) और उसके प्रेमी जब्बार शेख को गिरफ्तार किया है। इस्माइल को अपनी पत्नी और जब्बार के बीच नाजायज संबंध के बारे में पता चल गया (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) था एंटॉप हिल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस्माइल को अपनी पत्नी और जब्बार के बीच नाजायज संबंध के बारे में पता चल गया (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) था। इस बीच अवैध संबंध का खुलासा होने पर दोनों पत्नी-पत्नी के बीचक तीखी नोकझोंक हुई। बातों ही बातों में बात बढ़ने लगी और दोनों रात भर लड़ते रहे। इस तरह लड़ते-लड़ते सुबह के तीन बज गए। इस बीच आरोपी महिला ने अपने प्रेमी जब्बार को घर बुलाया। अब दोनों मिलकर इस्माइल से हाथ-पाई करने लगे। तभी सुमाया ने इस्माइल के पैर पकड़ लिए। तभी मौका पाकर जब्बार ने एक धारदार हथियार से इस्माइल की गर्दन पर एक के बाद एक कई बार वार कर दिया। यही नहीं, प्रेमी के हमले के बाद आरोपी महिला ने भी चाकू से अपने पति पर कई बार वार किया। इसे भी पढ़ें:- पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला पुलिस को की गुमराह करने की भरसक (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) कोशिश  पुलिस के के मुताबिक, आरोपी सुमाया ने अपने पति के खून से लथपथ शव को घर के बाहर घसीटा और फिर पुलिस को गुमराह करने की भरसक कोशिश की। अनजान बनते हुए उसने दावा किया कि किसी और ने उसके पति की हत्या कर (Wadala Wife Attacks Husband with Lover) दी। पहले तो एक पल के लिए तो पुलिस ने उसपर यकीन भी कर लिया, लेकिन पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने के चलते पुलिस को उसपर शक हुआ। सुमाया गोलमोल जवाब दे रही थी। इस बीच पुलिस ने जब कड़ाई से पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तो वो टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। बता दें कि मर्डर के बाद महिला का प्रेमी जब्बार शेख मौके से भाग गया था। लेकिन बाद में गुप्त सूचना के आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। फ़िलहाल पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू को भी बरामद कर लिया है। एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस संबंधित मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Wadala Wife Attacks Husband with Lover #WadalaCrime #MumbaiNews #HusbandAttack #WifeWithLover #DomesticViolence #CrimeNews #WadalaIncident #BreakingNews

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Tharoor vs Congress leaders

Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim: शशि थरूर से इस कांग्रेस नेता को ही होने लगी है दिक्कत, कहा- ये तो उनका पब्लिसिटी स्टंट है

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बनाये गए ऑल पार्टी डेलीगेशन में गए कांग्रेस सांसद शशि थरूर विदेशों में पाकिस्तान की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहाँ थरूर विदेशों में पाकिस्तान की पोल खोल रहे हैं तो वहीं देश में उनकी ही पार्टी के नेता उनपर तंज कसने से बाज नहीं आ (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रहे हैं। पता नहीं क्यों कांग्रेस के कुछ नेताओं को पाकिस्तान से क्यों प्रेम है? थरूर से चिढ़े कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि “बीजेपी के नेता जो बात नहीं कह रहे हैं, वो शशि थरूर कह रहे हैं। ये बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। ऐसा तो इस सरकार में हो रहा है कि सेना का श्रेय बीजेपी ले रही है। कांग्रेस सरकार में सेना की कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं किया जाता था।” उदित राज ने शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बताते हुए कहा कि “शशि थरूर बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। जो बीजेपी नेता नहीं कह रहे हैं, यानी पीएम मोदी और सरकार के पक्ष में बोल रहे हैं, वह शशि थरूर कर रहे हैं। क्या उन्हें पता भी है कि पहले की सरकारें क्या करती थीं?” ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं- उदित राज मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उदित राज ने कहा कि “ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं। पहले सर्जिकल स्ट्राइक होती थी पता नहीं चलता था। ये मोदी जी जैसा नहीं कि कुछ करेंगे नहीं और प्रचार करेंगे, शेखी बघारेंगे। सेना की कार्रवाई का लाभ लेंगे।” उन्हें बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने ऐसा नहीं किया और सेना की कार्रवाई को पब्लिक डिक्लेयर नहीं करती थी, लेकिन ये सेना का सारा श्रेय खुद ही ले रहे हैं। इसमें सेना का कोई सम्मान नहीं है। ये तो शशि थरूर का पब्लिसिटी स्टंट है। ये भारतीय जनता पार्टी के इस समय प्रवक्ता बन गए हैं।”  पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रखा जारी  गौरतलब हो कि पनामा में एक डेलीगेशन का नेतृत्व करते हुए शशि थरूर ने कहा कि “पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को जारी रखा।” इस दौरान उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की घनघोर आलोचना करते हुए कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है वह यह है कि आतंकवादियों को अब पता है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) पड़ेगी।” वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है, वह यह है कि आतंकवादियों को भी एहसास हो गया है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।” थरूर ने जोर देते हुए कहा कि इस रंच मात्र भी  संदेह नहीं होना चाहिए। जब ​​पहली बार भारत ने सितंबर 2016 में उरी में सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया था। पहले से ही कुछ ऐसा था जो हमने पहले कभी नहीं किया था।” इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी पार  कांग्रेस सांसद ने कहा कि “कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा पार नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी। हालांकि, उरी में उसने ऐसा किया और इसके बाद जनवरी 2019 में पुलवामा हमला हुआ।” उन्होंने कहा कि “इस बार हमने न केवल नियंत्रण रेखा बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा भी पार की और बालाकोट में आतंकवादी मुख्यालय पर हमला किया। इस बार हम उन दोनों से आगे निकल गए हैं। हम न केवल नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा से आगे निकल गए हैं। हमने नौ जगहों पर आतंकी ठिकानों, प्रशिक्षण केंद्रों और आतंकी मुख्यालयों पर हमला करके पाकिस्तान के पंजाबी गढ़ पर हमला किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim #ShashiTharoor #CongressRift #PublicityStunt #IndianPolitics #CongressParty #PoliticalNews

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Interpol Begins Silver Notice

Interpol Begins Silver Notice: रेड कॉर्नर नोटिस के बाद इंटरपोल ने शुरू की सिल्‍वर नोटिस, इन लोगों पर कसी जाएगी नकेल

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि दुनिया भर के देश रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए फरार अपराधियों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। इनमें भारत भी शामिल है। यह चलन आज से नहीं बल्कि दशकों से चला आ रहा (Interpol Begins Silver Notice) है। अब इंटरपोल ने सिल्वर नोटिस (Silver Notice) नाम से एक नई सुविधा शुरू की है। फिलहाल यह सुविधा एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। इसमें कुल 51 देशों की भागीदारी है। यह पायलट प्रोग्राम नवंबर 2025 तक चलेगा। जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक देश 9 सिल्वर नोटिस जारी कर सकता है। इसके तहत दुनिया भर के देशों को अपराधियों की संपत्तियों से जुड़ी जानकारी आपस में साझा करने में मदद मिलेगी। इस नोटिस के जरिए सदस्य देश किसी भी व्यक्ति की अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों मसलन, गाड़ियां, बैंक खाते, मकान और व्यापार आदि की जानकारी मांग सकते हैं। इससे धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, नशा तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में जुटाई गई संपत्ति को ट्रैक और जब्त करने की प्रक्रिया बेहद आसान होगी। सीबीआई ने पहला सिल्वर नोटिस शुभम शोकीन के खिलाफ किया है (Interpol Begins Silver Notice) जारी   इंटरपोल की इस सुविधा के तहत सीबीआई ने 23 मई 2025 को पहला सिल्वर नोटिस शुभम शोकीन के खिलाफ जारी (Interpol Begins Silver Notice) किया है। बता दें कि शुभम शोकीन नई दिल्ली स्थित एक विदेशी दूतावास में वीजा और स्थानीय कानून अधिकारी के रूप में काम किया करते थे। उन्होंने सितंबर 2019 से मई 2022 के दौरान अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वीजा में धोखाधड़ी की। इसके तहत उन्होंने प्रत्येक वीजा आवेदक से तकरीबन 15 लाख से 45 लाख रुपये तक की अवैध रिश्वत लेकर शेंगेन वीजा जारी किए। खबर के मुताबिक इस अपराध से प्राप्त पैसों से उन्होंने दुबई, यूएई में 77.60 लाख दिरहम ( तकरीबन 15.73 करोड़) खर्च कर छह अचल संपत्तियां खरीदीं। हालांकि, सीबीआई ने पहले उनके ठिकानों का पता लगाने हेतु उनके खिलाफ ब्लू नोटिस भी जारी किया था।  अमित मदनलाल लखनपाल के खिलाफ (Interpol Begins Silver Notice) जारी किया गया है दूसरा सिल्वर नोटिस  शुभम शोकीन के खिलाफ पहला तो 26 मई 2025 को सीबीआई ने ईडी के अनुरोध पर अमित मदनलाल लखनपाल के खिलाफ दूसरा सिल्वर नोटिस (Interpol Begins Silver Notice) जारी किया। लखनपाल ने मनी ट्रेड कॉइन नामक एक डिजिटल/क्रिप्टो-करेंसी बनाई, जो कि भारत में मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने निवेशकों को लुभाकर 113.10 करोड़ रुपये एकत्र किए। कमाल की बात यह कि बिना सरकारी या भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के उन्होंने निवेशकों को वादा किया गया रिटर्न नहीं लौटाया और धन का गबन कर लिया। लखनपाल ने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों को धोखा दिया। उनके खिलाफ पहले रेड नोटिस भी जारी किया जा चुका है।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी मुहाजिरों की आखिरी उम्मीद PM मोदी, पाक नेता ने सेना से बचाने की लगाई गुहार सिल्‍वर कॉर्नर नोटिस (Silver Notice) के तहत देश भ्रष्टाचार और तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी कर सकते हैं साझा  भारत ने प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की जांच से संबंधित कई मामलों में सिल्वर नोटिस (Silver Notice) हेतु अनुरोध प्रस्तुत किए (Interpol Begins Silver Notice) हैं। गौरतलब हो कि सिल्वर नोटिस इन व्यक्तियों की वैश्विक संपत्तियों की पहचान और निगरानी में मदद करेगा। इसकी मदद से अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और वसूली करने में सहायता मिलेगी। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि यह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। बता दें कि सिल्‍वर कॉर्नर नोटिस के तहत देश भ्रष्टाचार, नशीली दवाओं की तस्करी, धोखाधड़ी, पर्यावरणीय अपराधों जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी साझा कर सकते हैं।    Latest News in Hindi Today Hindi news  Interpol Begins Silver Notice #Interpol #SilverNotice #RedCornerNotice #MostWanted #InterpolAlert #GlobalCrackdown #InterpolSearch #InterpolUpdates

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BSF IG Shashank Anand

Operation Sindoor is ongoing: पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, ऑपरेशन सिंदूर जारी है- आईजी बीएसएफ शशांक आनंद

बीएसएफ के महानिरीक्षक, जम्मू फ्रंटियर, शशांक आनंद ने मंगलवार को कहा कि “सीमा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने दी है और ऑपरेशन सिंदूर जारी है, क्योंकि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।” सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों के बारे में आशंका जताते हुए आईजी ने कहा कि “बीएसएफ हाई अलर्ट (Operation Sindoor is ongoing) पर है।” दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर को संबोधित करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद ने कहा कि “हम एक सेकंड के लिए भी अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं आने देंगे। हम सीमा पर यथासंभव उच्चतम सतर्कता बनाए हुए हैं। वे पाकिस्तानी गोलाबारी की आड़ में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादी घुसपैठ की संभावना और ऑपरेशन सिंदूर के बाद उठाए गए सुरक्षा उपायों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।” विस्तार से बात रखते हुए उन्होंने कहा कि “ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि दुश्मन किसी तरह की शरारत, सीमा पार से गोलीबारी या घुसपैठ की योजना बना सकता है। हम तैयार और सतर्क हैं।”  सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा (Operation Sindoor is ongoing) रहा है आईजी आनंद ने कहा कि “पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता (Operation Sindoor is ongoing) है।” इस दरम्यान उन्होंने बताया कि “सीमा पर उच्च सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ मजबूत निगरानी प्रणाली लगा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि हम अपने निगरानी उपकरणों और प्रणालियों को तेजी से उन्नत कर रहे हैं। हम ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं जो हमें सीमा पार से किसी भी घुसपैठ की गतिविधि के बारे में अग्रिम जानकारी देती है। उन्होंने ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बीएसएफ पर भरोसा जताया।” इस दौरान उन्होंने कहा कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की बिना उकसावे की गोलीबारी और बमबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया था। इस कार्रवाई में बीएसएफ ने पाकिस्तान की 76 सीमा चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया। बीएसएफ ने बताया कि उसने उन तीन आतंकी लॉन्च पैड को भी नष्ट किया, जहां से आतंकवादियों के घुसपैठ की आशंका थी। हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी (Operation Sindoor is ongoing) की यही नहीं, अधिकारियों ने बताया कि “बीएसएफ की यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा 60 भारतीय चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर भारी गोलीबारी और बमबारी शुरू करने के बाद हुई, जिसका मकसद कथित तौर पर 40-50 आतंकवादियों को सीमा पार घुसपैठ कराना (Operation Sindoor is ongoing) था।” बीएसएफ के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चित्रपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि “पाकिस्तान ने हमारी 60 सीमा चौकियों और 49 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की। जवाब में हमने उनकी 76 चौकियों और 42 अग्रिम रक्षा ठिकानों पर गोलीबारी की।” इस दौरान आईजी शशांक आनंद ने बीएसएफ की महिला कर्मियों की भी सराहना की। कमांडेंट नेहा भंडारी सहित बीएसएफ की महिला कर्मियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सांबा सेक्टर में एक चौकी का नाम ऑपरेशन सिंदूर और दो अन्य का नाम शहीदों के नाम पर रखने का प्रस्ताव कर रहे हैं। इस बीच बीएसएफ द्वारा पहले भी घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम करने का जिक्र करते हुए उन्होंने विस्तार से कहा कि “बीएसएफ ने गोलाबारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 40 से 50 संदिग्ध आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था।” इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट (Operation Sindoor is ongoing) हुए हैं  डीआईजी चित्रपाल सिंह ने बताया कि “पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस द्वारा सुंदरबनी सेक्टर के पास संचालित एक प्रमुख आतंकी लॉन्च पैड को नष्ट कर दिया गया है।” अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “अब उस क्षेत्र से कोई हलचल नहीं देखी (Operation Sindoor is ongoing) गई है।” यही नहीं, बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने कहा कि “खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई है कि कई लॉन्च पैड नष्ट हुए हैं और सटीक हमलों के दौरान आतंकवादियों और पाकिस्तानी रेंजर्स में से कई की मौत हो गई।” विदित हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। पकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने मौत का नंगा नाच खेला था। मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इस आतंकी हमले का करारा जवाब देने हेतु ही भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिन्दूर (Operation Sindoor is ongoing) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी अड्डों एयर एयर बेस को तबाह किया था। सेना की इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भी पलटवार करना शुरू किया था। मामला गंभीर होता देख पाकिस्तानी के अनुरोध पर भारत ने संघर्ष विराम रोकने पर सहमति जताई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor is ongoing #OperationSindoor #BSF #ShashankAnand #Pakistan #BorderSecurity #IndiaNews #BreakingNews

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Army Navy Air Force IPL invite

IPL patriotic theme: आईपीएल की क्लोजिंग सेरेमनी होगी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम, तीनों सेना प्रमुखों को दिया गया न्योता

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (आईपीएल) का रोमांच अपने चरम पर है। इस लीग के प्लेऑफ में चार टीमें क्रमशः पंजाब किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस पहुँच चुकी हैं। 29 मई को पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच पहला क्वालीफायर मैच खेला जाएगा। 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल मैच खेला जाएगा। इस फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल में तीनों सेना प्रमुखों को (IPL patriotic theme) आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण अहमदाबाद में तीन जून को होने वाले फाइनल के समापन समारोह में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सशस्त्र बलों के वीरतापूर्ण प्रयासों को सम्मानित करने के लिए दिया गया है। इस पूरे मामले पर बीसीसीआई ने मंगलवार को कहा कि “उसने अहमदाबाद में तीन जून को होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल के लिए तीनों सेना के प्रमुखों को आमंत्रित किया है। टूर्नामेंट के समापन समारोह के दौरान हाल में हुए ऑपरेशन सिंदूर में उनके वीरतापूर्ण प्रयासों को सलामी दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को एक मीडिया बयान में यह घोषणा की। बीसीसीआई देश के सशस्त्र बलों की वीरता, साहस और निस्वार्थ सेवा को सलाम (IPL patriotic theme) करता है देवजीत  सैकिया ने मीडिया में बयान जारी कर कहा कि “हमने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए (IPL patriotic theme) सभी भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुखों, शीर्ष अधिकारियों और सैनिकों को अहमदाबाद में आईपीएल फाइनल के लिए आमंत्रित किया है।” उन्होंने आगे कहा कि बीसीसीआई देश के सशस्त्र बलों की वीरता, साहस और निस्वार्थ सेवा को सलाम करता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के तहत वीरतापूर्ण प्रयासों की सराहना की जिसने राष्ट्र की रक्षा की और उसे प्रेरित किया।” सैकिया ने कहा कि “उनकी सराहना के तौर पर हमने समापन समारोह को सशस्त्र बलों को समर्पित करने और अपने नायकों को सम्मानित करने का फैसला किया है। जबकि क्रिकेट एक राष्ट्रीय जुनून बना हुआ है लेकिन हमारे देश और इसकी संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं है।” बता दें कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी थल सेना प्रमुख हैं, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी नौसेना प्रमुख हैं और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह वायुसेना प्रमुख हैं।  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स की दसवीं हार, राजस्थान रॉयल्स ने दी 6 विकेट से मात, वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल बीसीसीआई द्वारा तीनों सेना प्रमुखों को आमंत्रित करना एक अच्छा कदम (IPL patriotic theme) है- सीके खन्ना  यही नहीं, बीसीसीआई के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने बोर्ड के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बीसीसीआई द्वारा तीनों सेना प्रमुखों को आमंत्रित करना एक अच्छा कदम (IPL patriotic theme) है, क्योंकि सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश को गौरवान्वित किया है। हमें सुरक्षित रखने के लिए हम हमेशा अपने सैन्य बलों के ऋणी रहेंगे।” गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। पकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने मौत का नंगा नाच खेला था। मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इस आतंकी हमले का करारा जवाब देने हेतु ही भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी अड्डों एयर एयर बेस को तबाह किया था। सेना की इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने भी पलटवार करना शुरू किया था। मामला गंभीर होता देख पाकिस्तानी के अनुरोध पर भारत ने संघर्ष विराम रोकने पर सहमति जताई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL patriotic theme #IPL2025 #OperationSindoor #PatrioticIPL #ClosingCeremony #IndianArmy #Navy #AirForce #CricketTribute #DeshPrem

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india country code +91 reason

Why +91, country dialing codes: कभी सोचा है, आखिर भारतीय फ़ोन नंबरों के आगे +91 ही क्यों लगता है, कोई और नंबर क्यों नहीं?

चैट्जीपीटी और एआई के इस युग में हम में से कोई शायद ही ऐसा हो, जो मोबाइल न यूज़ करता हो। भारत में तकरीबन 90% परिवारों के पास अपना मोबाइल है। सभी का अपना मोबाइल नंबर भी है। सभी के मोबाइल नंबर 10 अंकों के होते हैं। सभी भारतीय नम्बरों के आगे +91 लगता है। विशेषकर तब, जब हम विदेशों में कॉल करने या व्हाट्सएप जैसे ऐप्स पर नंबर सेव करने की सोचते हैं। अपने देखा भी ही होगा। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर +91 ही क्यों? हम यही कोड क्यों लगाते (Why +91, country dialing codes) हैं? कोई और भी तो कोड लगा सकते हैं। और बड़ा सवाल यह कि आखिर ये कोड क्या है और क्यों लगता है? तो बता दें कि +91 भारत का कंट्री कोड है। यह एक तरह का डिजिटल पता है, यह दुनिया को बताता है कि यह फोन नंबर भारत से है। हर देश का एक खास कोड है मसलन, अमेरिका का +1,जापान का +81 और ब्रिटेन का +44, ठीक वैसे ही भारत का है +91  यह फैसला इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) ने (Why +91, country dialing codes) किया ऐसे में जब हम अपने नंबर के आगे +91 लगाते हैं तो पहली नजर में यह साफ हो जाता है कि नंबर भारत में रजिस्टर्ड है। यह कोड इंटरनेशनल डायलिंग सिस्टम का हिस्सा है, जो कि दुनिया भर में कॉलिंग को आसान बनाता है। अब बड़ा सवाल वही कि भारत के लिए +91 ही (Why +91, country dialing codes) क्यों? आखिर किसने चुना इस नंबर को? तो आपको बता दें कि यह फैसला इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) ने किया। दरअसल, यह एक ग्लोबल संगठन है। यह टेलीकॉम के नियमों को बनाता है। सूचना क्रांति के मद्देनजर आईटीयू ने साल 1960 के दशक में हर देश के लिए यूनिक कंट्री कोड तय करना शुरू किया था, ताकि पूरी दुनिया में कॉलिंग का एक स्टैंडर्ड सिस्टम हो। भारत को +91 कोड साल 1980 के दशक में मिला था। यह कोड आईटीयू की एक कमिटी ने तय किया, जिसमें भारत के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (डीओटी)ने भी हिस्सा लिया। भारत ने आईटीयू के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि +91 कोड हमारे टेलीकॉम सिस्टम के लिए सही हो। +91 का इस्तेमाल 1990 के दशक से ज्‍यादा आम हुआ, जब भारत में मोबाइल फोन और इंटरनेशनल कॉलिंग का चलन बढ़ा। तब से यह कोड मोबाइल और लैंडलाइन दोनों के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है।  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप? आईटीयू ने दुनिया को 9 ज़ोन में बांटा है और हर जोन के कोड्स एक खास नंबर से शुरू (Why +91, country dialing codes) होते हैं गौर करनेवाली बात यह कि आईटीयू ने दुनिया को 9 ज़ोन में बांटा है और हर जोन के कोड्स एक खास नंबर से शुरू होते हैं। एशिया के लिए ज्‍यादातर कोड्स +9 से ही शुरू होते हैं। भारत को +91 मिला (Why +91, country dialing codes), क्योंकि यह उस वक्त उपलब्ध था। और तो और एशिया जोन में फिट भी बैठता था। वैसे भी यदि अपने इर्द-गिर्द देशों के कोड्स देखें पाएंगे कि पाकिस्तान का +92 और श्रीलंका का +94, नेपाल का +977 और म्यांमार का +95 है। यह सब एक क्रम में बांटा गया है। कोड चुनते वक्त देश की आबादी, टेलीकॉम नेटवर्क की जरूरतें और पहले से बंटे कोड्स का भी ध्यान रखा जाता है। भारत जैसे बड़े देश को छोटा और आसान कोड चाहिए था ताकि कॉल में दिक्कत न हो। इसलिए आईटीयू ने हर देश को एक यूनिक कोड दिया ताकि कॉल्स सही जगह लगे। जब आप +91 डायल करते हैं तो, टेलीकॉम नेटवर्क को पता चलता है कि कॉल को भारत के नेटवर्क में भेजना है। वहां से नंबर के अगले हिस्से जैसे मोबाइल कोड या एरिया कोड के आधार पर कॉल सही फोन तक पहुंचती है। बता दें कि यह कोड तब काम आता है जब कोई विदेश से भारत में कॉल कर रहा हो या फिर भारत में बैठा कोई शख्स व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर नंबर सेव कर रहे हो, तो उस समय इंटरनेशनल फॉर्मेट मांगते हैं। यदि आप किसी ऑनलाइन फॉर्म में नंबर डाल रहे हो, जैसे गूगल,अमेजन या कोई इंटरनेशनल वेबसाइट।  Latest News in Hindi Today Hindi news Why +91, country dialing codes #IndiaCountryCode #Plus91 #IndianPhoneNumbers #DialingCodeIndia #WhyPlus91

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ITR benefits and documents

ITR Filing 2025: यहां पढ़ें इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग से जुड़ी A टू Z जानकारी

मई महीने की दस्तक के साथ ही शुरू हो जाती है इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की चर्चा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया – सभी आयकर रिटर्न फॉर्म (ITR Forms) अब उपलब्ध हैं। इसके साथ ही आधिकारिक रूप से ITR Filing 2025 का सीजन भी शुरू हो गया है। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि तुरंत रिटर्न फाइल कर दिया जाए, तो थोड़ा ठहरिए! अभी रिटर्न फाइलिंग के लिए जरूरी कई पहलू अधूरे हैं – जैसे कि ऑनलाइन यूटिलिटी टूल्स अभी incometax.gov.in पोर्टल पर जारी नहीं हुए हैं और सैलरीड क्लास को अब तक उनका Form-16 नहीं मिला है। ITR फाइलिंग की तारीख और तैयारी असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 है। वैसे तो अभी दो महीने हैं, लेकिन स्मार्ट टैक्सपेयर्स अभी से जरूरी दस्तावेज़ जुटाना शुरू कर चुके हैं। खासतौर पर इस बार के फॉर्म्स में 2024 के बजट में किए गए बदलावों को शामिल किया गया है – जैसे कि कैपिटल गेन टैक्स नियमों में बदलाव किए गए हैं। वहीं अगर आपने म्यूचुअल फंड या शेयर बेचे हैं, तो अब कुछ विशेष शर्तों के तहत आप ITR-1 फॉर्म का चुनाव कर सकते हैं। सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी गलत ITR फॉर्म का चयन आपके रिटर्न को ‘डिफेक्टिव’ घोषित कर सकता है। अगर इसे आसान शब्दों में समझें तो अगर आपका कैपिटल गेन ₹1.25 लाख से कम है और कोई घाटा कैरी फॉरवर्ड नहीं करना है, तो आप ITR-1 फॉर्म भर सकते हैं। नए फॉर्म्स में अलग-अलग एसेट्स पर कैपिटल गेन टैक्स के हिसाब से अपडेट किए गए सेक्शन जोड़े गए हैं, इसलिए सावधानी ज़रूरी है। ITR फाइलिंग के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स जरूरी डॉक्युमेंट्स: इन डॉक्युमेंट्स की भी पड़ सकती है जरूरत  टैक्स सेविंग्स और डिडक्शन के प्रूफ हालांकि इन दस्तावेज़ों को ITR के साथ अपलोड नहीं करना होता, लेकिन किसी गड़बड़ी की स्थिति में ये आपके काम आ सकते हैं: सेक्शन 80C और 80CCD(1B) सेक्शन 80D सेक्शन 80E सेक्शन 24B सेक्शन 80G अन्य इनकम स्रोतों के लिए: इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? नया टैक्स रिजीम अपनाना या पुराना? 2025 के बजट में नया टैक्स रिजीम ज्यादा आकर्षक बना दिया गया है – अब टैक्स फ्री इनकम लिमिट ₹12 लाख तक बढ़ा दी गई है। लेकिन ध्यान दें कि 31 जुलाई 2025 से पहले जो भी रिटर्न फाइल किया जाएगा, वह FY 2024-25 के लिए होगा। यदि आपने नौकरी के समय नया टैक्स रिजीम चुना था और अब पुराने रिजीम में जाना चाहते हैं, तो आपको अपने सभी डॉक्युमेंट्स अच्छे से संभालकर रखने होंगे। ITR फाइलिंग सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय समझदारी का भी प्रमाण है। इसलिए जल्दबाजी न करें, सही फॉर्म और दस्तावेज़ों के साथ अपनी ITR Filing 2025 को आसान और त्रुटिरहित बनाएं। समय रहते दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आखिरी वक्त की हड़बड़ी से बचा जा सके और टैक्स बेनिफिट्स का पूरा लाभ लिया जा सके। Latest News in Hindi Today Hindi news VDA Schedule के अनुसार #ITRFiling2025 #IncomeTaxReturn #TaxFilingGuide #ITR2025 #IncomeTaxIndia #FileYourITR #TaxSeason2025 #ITRDeadline

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Shashi Tharoor warns Pakistan: गुयाना में पाक को चेताते हुए शशि थरूर ने कहा कि “यदि वे हमला करेंगे तो इससे भी होगा बुरा हाल”

आतंकवाद के खिलाफ बनाई गई सर्वदलीय शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को पुनः एक बार पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी (Shashi Tharoor warns Pakistan) दी। बता दें कि गुयाना के जॉर्ज टाउन में थरूर ने कहा कि “यदि वे फिर से हमला करते हैं तो उनका हाल इस बार से भी बुरा होगा।” थरूर ने आगे कहा कि “हम चाहते हैं कि दुनिया डर में नहीं साहस के साथ प्रतिक्रिया दे।” इस दौरान पाकिस्तान को समझाते हुए थरूर ने कहा कि “हमारे बीच अभी शांति है और हम शांति में रहना चाहते हैं। यह बहुत बड़ा संदेश है लेकिन जैसा कि आपके राष्ट्रपति ने कहा कि हम अपनी ताकत के साथ शांति में रहना चाहते हैं न कि दहशत की वजह से। ये लोग कल फिर से हमला करेंगे, यह सोचकर हम दहशत में नहीं हैं। यदि वे फिर हमला करेंगे तो इससे भी बुरा हाल होगा।” आतंकवादियों की मंशा (Shashi Tharoor warns Pakistan) भारत में हिंदुओं-मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की थी इस बीच मीडिया से रूबरू होते हुए थरूर ने कहा कि “पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों की मंशा (Shashi Tharoor warns Pakistan) भारत में हिंदुओं-मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की भी थी, लेकिन यह कामयाब नहीं हो सका। भारत का पूरा समुदाय एकजुट रहा। चार दिन तक चले संघर्ष के बारे में जानकारी देने के लिए सरकार और सेना ने जो दो सैन्य महिलाओं को आगे किया उनमें से एक मुस्लिम है। यह भी बहुत बड़ा और स्पष्ट संदेश है। यह हिंदू-मुस्लिम के बारे में नहीं बल्कि आतंकवाद के बारे में है।” दरअसल, थरूर का शिष्टमंडल अमेरिका की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद गुयाना पहुंचा है। गौरतलब हो कि “यह शिष्टमंडल पनामा, ब्राजील और कोलोंबिया भी जाएगा।”  पाकिस्तानी आतंकवाद की समस्या केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है- बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा एक तरफ जहाँ थरूर पाकिस्तान को चेता (Shashi Tharoor warns Pakistan) रहे थे तो वहीं कांगो के किंशासा में बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि “भारत एकजुट है। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है, पाकिस्तानी आतंकवाद की समस्या केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। हमें सतर्क रहना होगा। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है और भारत पर किया गया कोई भी आतंकी हमला अब युद्ध की तरह माना जाएगा। नया भारत और नई कहानी यह है कि अगर आप आकर हमें मारते हैं, तो हम आपको वहीं जाकर अपनी मिसाइलों से मारेंगे, जहां आप सो रहे हैं।” इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है- कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी सस्मित पात्रा के अलावा दोहा में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि “भारत कई विभिन्न धर्मों, समुदायों, भाषाओं का एक अद्भुत संगम है और हमारी इसी संस्कृति और विरासत में हमने हमेशा शांति से रहने और अपने पड़ोसियों के साथ समन्वय में आगे बढ़ने की कोशिश की है। हमारा पश्चिमी पड़ोसी पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। भारत ने इस स्थिति को बहुत धैर्य और सहनशीलता के साथ रोकने की कोशिश की है, लेकिन भारत के प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान की मंशा कभी खत्म नहीं हुई।” कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, आतंकवाद एक घृणित कैंसर है, जिसे पूरे विश्व से अलग करना जरूरी है। इसे नष्ट करना जरूरी है। और इसलिए हम यह संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Shashi Tharoor warns Pakistan #ShashiTharoor #PakistanWarning #GuyanaSpeech #IndiaPakistan #TharoorSpeech #BreakingNews #GlobalPolitics

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PM Modi roars in Gujarat: गुजरात में गरजे पीएम मोदी, कहा- “अभी, मैंने कुछ नहीं किया है और लोग पाकिस्तान में पसीना बहा रहे हैं”

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। आज उन्होंने गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में हिस्सा लिया और गांधीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान पीएम मोदी ने गांधीनगर में रोड शो किया। रोड शो में लोगों ने पुष्प वर्षा की। इस रोड शो में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और सीएम भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। इस बीच विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “अगर आप 1960 की सिंधु जल संधि का अध्ययन करेंगे, तो आपको झटका लगेगा। यह तय हुआ था कि जम्मू-कश्मीर की नदियों पर बने बांधों की सफाई नहीं की जाएगी। गाद निकालने का काम नहीं किया (PM Modi roars in Gujarat) जाएगा। तलछट साफ करने के लिए नीचे के गेट बंद रहेंगे। 60 साल तक ये गेट कभी नहीं खोले गए। जिन जलाशयों को 100 प्रतिशत क्षमता तक भरना था, वे अब केवल 2 प्रतिशत या 3 प्रतिशत तक ही सीमित रह गए हैं। अभी, मैंने कुछ नहीं किया है और लोग वहां पसीना बहा रहे हैं। हमने बांधों की सफाई के लिए छोटे-छोटे गेट खोले हैं, और वहां पहले से ही बाढ़ आ गई है।”  शरीर कितना ही स्वस्थ क्यों ना हो लेकिन अगर एक कांटा चुभता (PM Modi roars in Gujarat) है तो पूरा शरीर परेशान रहता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “शरीर कितना ही स्वस्थ क्यों ना हो लेकिन अगर एक कांटा चुभता (PM Modi roars in Gujarat) है तो पूरा शरीर परेशान रहता है। हमने तय कर लिया है उस कांटे को निकाल कर रहेंगे। उन्होंने पूरे जोश भरते हुए कहा कि “मैं 2 दिनों से गुजरात में हूं। कल मैं वडोदरा, दाहोद, भुज, अहमदाबाद गया और आज गांधीनगर, मैं जहां-जहां गया ऐसा लग रहा है देश भक्ति का ज्वार है। गर्जना करता सिंदुरिया सागर और लहराता तिरंगा जन मन के हृदय में मातृभूमि के प्रति अपार प्रेम ऐसा नजारा था ऐसा दृश्य था। ये सिर्फ गुजरात में ही नहीं हिंदुस्तान के कोने-कोने में है।” इसके आगे पीएम मोदी ने कहा कि “1947 में मां भारती के टुकड़े हुए थे। उस समय कटनी चाहिए थी जंजीरें लेकिन काट दी गईं (PM Modi roars in Gujarat) भुजाएं। देश के तीन टुकड़े कर दिए गए और उसी रात पहला आतंकी हमला कश्मीर की धरती पर हुआ। मां भारती का एक हिस्सा आतंकवादियों के बलबूते पर, मुजाहिदीनों के नाम पर पाकिस्तान ने हड़प लिया। अगर उसी दिन इन मुजाहिदीनों को मौत के घाट उतार दिया गया होता और सरदार पटेल की बात मान ली गई होती, तो 75 साल से चला आ रहा ये सिलसिला देखने को नहीं मिलता।” हमारे भारतीय सशस्त्र बलों-हमारे बहादुरों-ने पाकिस्तान को इस तरह से हराया कि (PM Modi roars in Gujarat) वे कभी नहीं भूल पाएंगे पाकिस्तान की कलई खोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “6 मई की रात जो लोग मारे गए, पाकिस्तान में उन जनाजों को स्टेट ऑनर दिया (PM Modi roars in Gujarat) गया। उनके ताबूतों पर पाकिस्तान के झंडे लगाए गए, वहां की सेना ने उनको सैल्यूट किया।” भारतीय जवानों की बहादुरी का गुणगान करते हुए पीएम ने कहा कि “जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ, हमारे भारतीय सशस्त्र बलों-हमारे बहादुरों-ने उन्हें इस तरह से हराया कि वे कभी नहीं भूल पाएंगे। यह महसूस करते हुए कि वे भारत के खिलाफ सीधे युद्ध में कभी नहीं जीत सकते, उन्होंने छोटे युद्ध का सहारा लिया, इसके बजाय आतंकवादियों को सैन्य प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की। हम इसे छोटा युद्ध नहीं कह सकते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  हम 11 नंबर की अर्थव्यवस्था से दुनिया की 4 नंबर की अर्थव्यवस्था (PM Modi roars in Gujarat) बन गए हैं पीएम मोदी ने कहा कि “11 साल के समय में हमने कोरोना देखा, पड़ोसियों के साथ की परिस्थितियों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा को भी (PM Modi roars in Gujarat) झेला, लेकिन इन सबके बावजूद भी हम 11 नंबर की अर्थव्यवस्था से दुनिया की 4 नंबर की अर्थव्यवस्था बन गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि “हमारा लक्ष्य है हम विकास चाहते हैं प्रगति चाहते हैं। इस मिट्टी ने मुझे बड़ा किया है। यहां से मुझे जो शिक्षा और दीक्षा मिली है। जो सपने आपने मुझमें संजोए उसे वास्तविकता में पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं।” उन्होंने गुजरात सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि “गुजरात ने नमक से हीरे तक का सफर तय किया है। गुजरात सरकार ने 20 साल के शहरी विकास के लिए जो रोड मैप बनाया है उसे गुजरात के लोगों के लिए सामने रखा है।   साल “2047 तक हिंदुस्तान विकसित ही (PM Modi roars in Gujarat) होना चाहिए पीएम मोदी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि साल “2047 तक हिंदुस्तान विकसित ही (PM Modi roars in Gujarat) होना चाहिए। आजादी के 100 साल ऐसे ही नहीं मनाएंगे। आप कल्पना की कीजिए वीर सावरकर, नेताजी, सरदार पटेल ने आजादी से पहले जो भाव पैदा किया था। इन सबमें आजादी के लिए इच्छा शक्ति नहीं होती तो आज हम आजाद नहीं होते।” पीएम मोदी ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि “ये प्रॉक्सी वार नहीं आप वार ही कर रहे थे। उन्होंने आतंकियों का राजकीय सम्मान किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैं नई पीढ़ी को कहना चाहता हूं कि कैसे देश को बर्बाद किया गया है।”  Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi roars in Gujarat #PMModi #GujaratSpeech #ModiInGujarat #PakistanReaction #ModiRally2025 #ModiSpeechToday #IndianPolitics

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