Kalimath Temple

कालीमठ मंदिर: जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) एक प्राचीन और रहस्यमयी शक्तिपीठ है। नवरात्रि के पावन अवसर पर इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं तथा जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। कालीमठ सिद्ध शक्तिपीठ को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनका उल्लेख स्कंद पुराण सहित अन्य ग्रंथों में भी मिलता है। मान्यता है कि जब धरती पर रक्तबीज और शुंभ-निशुंभ का अत्याचार बढ़ गया था, तब इंद्र सहित सभी देवताओं ने मां शक्ति की आराधना की। देवताओं की तपस्या से प्रसन्न होकर माता प्रकट हुईं। जब उन्होंने दैत्यों के उत्पात के बारे में सुना, तो उनका क्रोध इतना प्रबल हुआ कि उनका स्वरूप काला पड़ गया। इसके बाद माता ने रक्तबीज और शुंभ-निशुंभ का संहार करने के लिए कालीशिला में 12 वर्ष की कन्या के रूप में अवतार लिया। कालीशिला कालीमठ मंदिर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मान्यता है कि इस पवित्र शिला पर माता के चरणों के निशान आज भी विद्यमान हैं, जिनकी श्रद्धालु भक्त आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। माँ काली और रक्तबीज वध की पौराणिक कथा माता काली के कालीशिला में प्रकट होने के बाद उनका रक्तबीज के साथ भयंकर युद्ध हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्तबीज (Raktabija) को यह वरदान प्राप्त था कि उसकी रक्त की हर बूंद से एक नया रक्तबीज उत्पन्न होगा। इसे रोकने के लिए माता काली ने उसकी रक्त बूंदों को धरती पर गिरने से पहले ही पान करना शुरू कर दिया। अंततः माता काली ने जिस स्थान पर रक्तबीज का संहार किया, वह स्थान रक्तबीज शिला के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह पवित्र शिला कालीमठ से कुछ दूरी पर स्थित है और श्रद्धालु यहां आकर देवी की शक्ति का स्मरण करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। कालीमठ में अंतर्ध्यान हुई देवी मां “रक्त बीज वधे देवि चण्ड मुण्ड विनाशिनि।रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।” पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्तबीज (Raktabija) का वध करने के बाद माता काली ने शुंभ-निशुंभ का भी संहार किया, जिससे देवताओं को भय से मुक्ति मिली। हालांकि, इन दैत्यों का वध करने के बाद भी माता काली का क्रोध शांत नहीं हुआ। उनका रौद्र रूप देखकर देवता भयभीत हो गए और उन्होंने भगवान शिव से सहायता की प्रार्थना की। भगवान शिव, देवी के क्रोध को शांत करने के लिए उनके मार्ग में लेट गए। जैसे ही माता काली ने शिव को अपने चरणों के नीचे देखा, उनका क्रोध शांत हो गया और वे तुरंत अंतर्ध्यान हो गईं। मान्यता है कि देवी काली जिस स्थान पर अंतर्ध्यान हुईं, वही कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) के रूप में प्रसिद्ध हुआ। यहां देवी की कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। इसके बजाय, देवी की ऊर्जा और शक्ति का पूजन एक पवित्र कुंड में यंत्र रूप में किया जाता है। श्रद्धालु इस दिव्य स्थान पर आकर देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व नवरात्रि (Navratri) में करें कालीमठ के दर्शन नवरात्रि (Navratri) के पावन अवसर पर कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) के दर्शन करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। मां काली अपने भक्तों की हर सच्ची मनोकामना पूरी करती हैं। यह स्थान उन साधकों के लिए भी अत्यंत पवित्र है, जो तंत्र-मंत्र या ध्यान साधना के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन करने से आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कालीमठ कैसे पहुंचें? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Kalimath Temple #KalimathTemple #MaaKali #NavratriDarshan #KalimathUttarakhand #ShaktiPeeth #KaliMata #HinduTemple #SpiritualJourney #DivineBlessings #ReligiousTourism

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Mohan Bhagwat

हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान 

हनुमान जी हमारे पौराणिक युग के आदर्श हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागपुर में ‘युगांधर शिवराय’ नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं। मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित कर करते हुए कहा कि राजा अलेक्जेंडर के समय से भारत वर्ष पर शुरू हुए विदेशियों का आक्रमण लंबे समय तक चला और इस्लाम के नाम पर हुए आक्रमण के दौरान सब कुछ नष्ट हो गया। अनेकों लड़ाईयों के बाद भी जब इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने इसका समाधान दिया और एक के बाद युद्ध जीत कई वीर गाथाएं लिख दी।  भारत के लिए शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) हमेशा से प्रेरणा रहे हैं- मोहन भागवत मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि आरएसएस (RSS) का काम भी व्यक्ति-आधारित नहीं बल्कि देश आधारित रहा है। भारत के लिए शिवाजी महाराज हमेशा से प्रेरणा रहे हैं। शिवाजी महाराज ने दक्षिण भारत में अपनी वीरता से विजय प्राप्त की, लेकिन उनके पास समय कम था, इसलिए उत्तर की तरफ नहीं बढ़ पाए। उन्होंने अपने युद्ध कौशल से भारतीय राजाओं को लगातार मिल रही पराजय के युग को बदल दिया और विजय का रास्ता दिखाया। भागवत ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय राजाओं के हार का सिलसिला सिंकदर के आक्रमण से शुरू हुआ था और देश में इस्लामीकरण तक यह हमला जारी रहा। इस दौरान ही 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य की स्थापना हुई और महाराज शिवाजी अपने युद्ध कौशल से इस समस्या का समाधान लेकर आए। उस समय विजयनगर साम्राज्य और राजस्थान के राजाओं के पास भी यह युद्ध कौशल नहीं था।  इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? छात्रपति शिवाजी महाराज आधुनिक युग के हमारे आदर्श मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस (RSS) संस्थापक केबी हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक एमबी गोलवलकर (गुरुजी) और तृतीय सरसंघचालक एमडी देवरस (देवरस) ने कई बार यह बात कही थी कि हनुमान जी हमारे लिए पौराणिक युग के आदर्श और योद्धा थे और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। ये 250 वर्ष पहले भी हमारे आदर्श थे, आज भी हैं और आगे भी आदर्श रहेंगे। हम सभी व्यक्तियों और भारत वर्ष के लिए उनकी शौर्य गाथा को सुनना सौभाग्य की बात है। मोहन भागवत ने इस दौरान यह भी कहा कि दक्षिण भारत के एक अभिनेता ने एक फिल्म में शिवाजी का रोल अदा किया था। इस फिल्म के आने के बाद उनका नाम गणेशन से बदलकर शिवाजी गणेशन हो गया। जो बताता है कि देशवासी शिवाजी को कितना सम्मान देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News Chhatrapati Shivaji Maharaj MohanBhagwat #RSSChief #ChhatrapatiShivaji #LordHanuman #IndianIdeals #NagpurNews #HinduIcons

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Donald Trump Imposes 26% Tariff on Indian Goods

26% tariff on Indian goods: डोनाल्ड ट्रम्प ने लागू किया पारस्परिक टैरिफ, भारत पर लगाया 26% लगाया तो चीन और पाक को दिया तगड़ा झटका

आखिरकार 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लागू कर दिया। ट्रम्प ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) लगाया है, जबकि अचीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भाषण के दौरान पारस्परिक टैरिफ की योजना की घोषणा की। देशों के एक समूह पर संयुक्त राज्य अमेरिका से वसूले जाने वाले टैरिफ की लगभग आधी दर से टैरिफ लागू किया गया है। इस दौरान ट्रम्प ने कहा कि “यह अमेरिकी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह हमारी आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा है। सालों तक, कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों को किनारे पर बैठने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन अब हमारे समृद्ध होने का समय है।” इस बीच भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि “भारत, बहुत, बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे सालों-साल और दशकों तक कुछ भी शुल्क नहीं लिया। यह केवल सात साल पहले की बात है। जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।” अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है वाणिज्य मंत्रालय  गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है।” एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक “अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10 प्रतिशत का शुल्क 5 अप्रैल से और बाकी 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा।” उन्होंने कहा कि “एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, तो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है।” बता दें कि भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। बता दें कि मेक्सिको के बाद अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े आयातक चीन को अब इस नई नीति के तहत 34% टैरिफ का देना पड़ेगा। बीजिंग ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने बार-बार अमेरिका द्वारा चीन से आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के प्रति अपनी कड़ी असहमति और मजबूत विरोध जताया है। यही नहीं,  चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “देश अपने अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए जवाबी कदम उठाएगा।” इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ फिर भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है (26% tariff on Indian goods) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के टॉप निर्यातक संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने गुरुवार को कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) आयात शुल्क से निस्संदेह घरेलू प्लेयर प्रभावित होंगे।” इसके अलावा अजय सहाय ने यह भी कहा कि “भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता, जिस पर वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जल्द संपन्न हो जाएगा, क्योंकि इससे इन पारस्परिक टैरिफ से राहत मिलेगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने बाकी देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क की आधी दर पर ही पारस्परिक शुल्क लगाया है। आने वाले समय में अमेरिका सहित कई देशों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 26% tariff on Indian goods #DonaldTrump #IndiaUSTrade #TariffWar #IndianExports #USIndiaRelations #GlobalTrade #TradePolicy #EconomicImpact #TrumpTariff #IndiaChina

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RCB home ground loss

RCB home ground loss: गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त

आईपीएल सीजन-2025 का 14वां मुकाबला बैंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया। इस मैच में  गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 8 विकेट से करारी शिकस्त (RCB home ground loss) दी। गौरतलब हो कि शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस की इस आईपीएल में तीन मैचों में यह दूसरी जीत है। टॉस जीतकर गुजरात टाइटंस ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। गुजरात का यह फैसला सही साबित हुआ और गुजरात के गेंदबाज बैंगलुरु के बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। पहले बल्लेबाजी करने उत्तरी आरसीबी की पारी की शुरुआत खराब बेहद रही। गुजरात ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को पावरप्ले के दौरान ही 3 झटके दे दिए। उसके बाद आरसीबी की टीम 20 ओवर में किसी तरह 8 विकेट खोकर 169 ही रन बना पाई। आरसीबी के लिए लियम लिविंगस्टन ने 54, जितेश शर्मा ने 33 और टिम डेविड ने 32 रनों की पारी खेली। गुजरात के लिए मोहम्मद सिराज ने 3, साई किशोर ने 2, अरशद खान, इंशात शर्मा ने और प्रसिद्ध कृष्णा ने 1-1 विकेट चटकाए।  इस जीत के साथ (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं जवाब में गुजरात की टीम ने 170 रनों के लक्ष्य को आसानी से पूरा कर (RCB home ground loss) लिया। गुजरात के लिए साई सुदर्शन ने 49, शुभमन गिल ने 14, जोस बटलर ने 73, शरफेन रदरफोर्ड ने 30 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिला दी। जोश हेजलवुड ने 1 और भुवनेश्वर कुमार ने 1 विकेट चटकाए। इस तरह गुजरात ने 13 गेंद शेष रहते जीत हासिल की है। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं। इस जीत के साथ चौथे स्थान पर बरकरार है।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपने को तोड़ा (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपना तोड़ दिया। दरअसल, आरसीबी लगातार दो मैच जीतकर इस मुकाबले में उतरी थी। लेकिन उनके बल्लेबाज पूरी तरह से फ्लॉफ़ रहे। ध्यान देने वाली बात यह कि लियाम लिविंगस्टोन को छोड़कर आरसीबी का एक भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका। विराट कोहली को अरशद खान ने सस्ते में पवेलियन भेज दिया जबकि कप्तान रजत पाटीदार का बल्ला भी खामोश ही रहा। महत्वपूर्ण बात यह कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को गुजरात के खिलाफ मिली हार के बाद बड़ा नुकसान हुआ है। पॉइंट्स टेबल में बेंगलुरु की टीम पहले पायदान से तीसरे पायदान पर पहुंच गई है। रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु के इस हार से पंजाब किंग्स को फायदा हुआ है। पंजाब किंग्स अब पहले पायदान पर पहुंच गई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025  RCB home ground loss #RCBvsGT #IPL2025 #RCB #GujaratTitans #CricketFever #IPLMatch #ViratKohli #TATAIPL #GTvsRCB #IPLHighlights

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Waqf Amendment Bill 2025

12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद देर रात लोकसभा में पास हुआ Waqf Amendment Bill 2025, अब राज्यसभा में होगी अग्निपरीक्षा

बुधवार को 12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद आखिरकार वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) लोकसभा में पास हो गया। रात दो बजे के करीब हुए मत विभाजन में इस विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े। दरअसल, बुधवार को यह बिल लोकसभा में पेश हुआ था और इस विधयेक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने 12 घंटे लंबी चर्चा की। आधी रात तक चर्चा होने के बाद इसके बाद हुए मतविभाजन में सरकार की जीत हुई और विधेयक लोकसभा में पास हो गया। बता दें कि अब यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार के पास जरूरी बहुमत नहीं है। इसे पारित कराने के लिए उच्च सदन में सरकार को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यहां भी भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ मजबूत स्थिति में है। अन्य दलों के समर्थन से वह इस विधेयक को आसानी से पारित करा सकती है।  अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025)  नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं बता दें कि चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसदों ने बिल के खिलाफ 100 से अधिक संशोधन प्रस्ताव दिए, लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी संशोधन गिर गए। चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि “अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं और कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों का सही से प्रबंधन होता तो केवल मुसलमानों की ही नहीं, बल्कि देश की तकदीर भी बदल जाती।” इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सरकार के इस कदम को मुस्लिम विरोधी बताने के कई विपक्षी सदस्यों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “इस विधेयक को मुसलमानों को बांटने वाला बताया जा रहा है।” जबकि उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार तो देश में सबसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय पारसी को भी बचाने के लिए प्रयास कर रही है।” रिजिजू ने आगे कहा कि “विपक्ष सरकार की आलोचना कर सकता है, लेकिन यह कहना कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है, सही नहीं है।” उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि “मैं खुद अल्पसंख्यक हूं और कह सकता हूं कि भारत से ज्यादा अल्पसंख्यक कहीं सुरक्षित नहीं हैं। हर अल्पसंख्यक समुदाय शान से इस देश में जीवन जीता है।” कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है- (Waqf Amendment Bill 2025) यही नहीं वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है। इस विधेयक के जरिए हमने मुस्लिम महिलाओं और गरीबों को तोहफा दिया है।” गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि “हमें उम्मीद है कि भविष्य में गरीब लोगों को उनकी जमीन का अधिकार मिलेगा।” तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि “मतविभाजन का अंतर केवल 50 वोटों का था। आप समझ सकते हैं कि यह विधेयक लोगों के जनादेश के कितना खिलाफ है। सरकार बहुत मुश्किल से इस विधेयक को पारित करा पाई है। भारत के धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के लिए यह एक काला दिन है। यह विधयेक लोगों के मूलभूत अधिकारों के खिलाफ और अन्यायपूर्ण है। इस संशोधन विधेयक का मुस्लिम समाज पर बहुत गहरा असर पड़ने जा रहा है।” इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? इस विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? खैर बिल (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने के बाद संसद परिसर में लोजपा रामविलास के अध्यक्ष और संसद चिराग पासवान ने कहा कि “मुस्लिम समाज की भलाई के लिए अगर कुछ संशोधन इसमें शामिल किए जाते हैं तो विपक्ष को इसमें भी सहयोग करना चाहिए। इस विधेयक से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? यह विधेयक पीएम मोदी और एनडीए द्वारा लाया गया है, केवल इसलिए विरोध हो रहा है। विपक्ष के सभी सांसदों ने एक तरह के बयान दिए हैं। उन्होंने तथ्यों पर बात नहीं की है। ये नेता मेरे धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।” चिराग पासवान ने आगे कहा कि “वे उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो सच्चर कमेटी के मुताबिक मुस्लिमों की बदहाल हालत के लिए जिम्मेदार हैं। बिहार चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा।” यह भारत का कानून है, सभी को स्‍वीकारना होगा:- अमित शाह गौरतलब हो कि “इससे पहले, चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि “वह समाज में भ्रम फैला रहे हैं और मुसलमानों को डराकर उनका वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” इस दौरान शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भी विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि “सीएए लागू होने के बाद किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं गई है और अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला जैसे नेता चुनाव जीतकर लौटे हैं, जो बताता है कि स्थिति में सुधार हुआ है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद कम हुआ है और विकास और पर्यटन बढ़े हैं।” तो वहीं एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध किया और अपनी बात रखने के बाद अंत में विधेयक की प्रति फाड़ दी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Waqf Amendment Bill 2025 #WaqfAmendmentBill2025 #LokSabhaPassesBill #WaqfLawChanges #IndianParliament #RajyaSabhaDebate #LegalReforms #GovtBill2025 #WaqfActAmendment #IndiaPolitics #ParliamentSession

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Chaitra Navratri

चैत्र नवरात्रि 2025: जौ न उगने पर क्या होता है? जानें इसके पीछे छिपे शुभ-अशुभ संकेत और वैज्ञानिक कारण

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के पहले दिन घटस्थापना के साथ ही जौ बोने की परंपरा हिंदू धर्म में सदियों से चली आ रही है। यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक शुभ संकेतक भी है। मान्यता है कि नवरात्रि में बोए गए जौ के अंकुरण से घर की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और भाग्य का पता चलता है। लेकिन क्या होता है जब जौ नहीं उगते? क्या यह अशुभ संकेत देता है? आइए जानें इसके पीछे छिपे गहरे रहस्य और वैज्ञानिक व धार्मिक महत्व को। नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नवरात्रि (Navratri) के दौरान यदि जौ ठीक से नहीं उगते हैं, तो इसका मुख्य कारण घर या पूजा स्थल पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो सकता है। यह नकारात्मक ऊर्जा विभिन्न कारणों से उत्पन्न हो सकती है, जैसे घर में वास्तु दोष, बुरी नजर या अन्य प्रकार की बाधाएं। जब किसी स्थान पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होता है, तो आध्यात्मिक शक्ति कमजोर हो जाती है, जिससे जौ का अंकुरण सही तरीके से नहीं हो पाता। इस स्थिति को अशुभ संकेत के रूप में माना जाता है। आर्थिक परेशानियां जौ का अंकुरण समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक होता है। नवरात्रि के दौरान यदि जौ ठीक से नहीं उगते, तो यह आर्थिक समस्याओं का संकेत हो सकता है। मान्यता है कि जिन घरों में नवरात्रि के समय जौ सही तरीके से नहीं उगते, वहां भविष्य में आर्थिक संकट आ सकता है। यह स्थिति घर के आर्थिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और धन संबंधी समस्याओं का जन्म ले सकती है। ग्रह दोष ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि में जौ का ठीक से न उगना ग्रहों के दोष के कारण हो सकता है। विशेष रूप से शनि, राहु या केतु के अशुभ प्रभाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इन ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति घर में सुख, शांति और समृद्धि की कमी ला सकती है, जिससे जौ का अंकुरण सही से नहीं हो पाता। इसके अलावा, पितृ दोष भी जौ के सही से न उगने का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि जौ ठीक से नहीं उगते हैं, तो यह परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। इस स्थिति को देखा गया है कि यदि जौ न उगें, तो यह परिवार के किसी सदस्य की सेहत में खराबी का संकेत हो सकता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिनकी तबियत पहले से ठीक नहीं है। यह चेतावनी देता है कि परिवार के सदस्य किसी शारीरिक या मानसिक बीमारी का सामना कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- चैती छठ महापर्व 2025: सूर्य देव की पूजा और उपवास का पवित्र अवसर घर में क्लेश और मानसिक तनाव नवरात्रि (Navratri) में जौ का ठीक से न उगना पारिवारिक क्लेश, मानसिक तनाव और मानसिक असंतुलन का भी संकेत हो सकता है। यह स्थिति घर में झगड़ों और समस्याओं को जन्म दे सकती है। जब जौ ठीक से अंकुरित नहीं होते, तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को दर्शाता है, जो परिवार के बीच मनमुटाव और क्लेश का कारण बन सकता है। नवरात्रि में जौ न उगने पर उपाय पंडित आचार्य उदित नारायण त्रिपाठी के अनुसार, अगर नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान जौ सही से न उगें, तो कुछ उपायों को अपनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। सबसे पहले, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि नवरात्रि के दौरान पूजा और व्रत को सही विधि से संपन्न किया जाए। इसके साथ ही, कन्या पूजन करना भी एक प्रभावी उपाय माना जाता है। कन्या पूजन से माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जो घर में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करती है। इस विधि से न केवल जौ का अंकुरण सही से हो सकता है, बल्कि यह अन्य कई शुभ परिणाम भी ला सकता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Chaitra Navratri #ChaitraNavratri2025 #NavratriRituals #BarleyGrowth #JauSignificance #NavratriAstrology #HinduFestivals #SpiritualMeaning #AuspiciousOmens #ScientificFacts #HinduTraditions

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Does Face Slapping Really Enhance Skin?

50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार?

लोगबाग खूबसूरत और दमकती त्वचा पाने के लिए क्या नहीं करते। कुछ ज़माने भर की क्रीम लगाते हैं, तो कुछ हेल्दी डाइट को फॉलो करते हैं, तो वहीं कुछ कई तरह के घरेलु नुस्खों का पालन करते हैं। जिसके नुकसान और फायदे दोनों संभावित होते हैं। ऐसे में यदि आपसे कहा जाये कि एक फार्मूला ऐसा भी है जिससे आप बिना एक भी पैसा खर्च किये अपने चेहरे पर निखार ला सकते हैं? तो निश्चित ही आप उस फॉर्मूले को जानना चाहेंगे। यह तो ठीक, लेकिन यदि आपसे यह कहा जाये कि उस फॉर्मूले के तहत आपको अपना गाल लाल करना होगा। यानि कि आपको रोज एक-दो नहीं बल्कि 50 थप्पड़ खाने (50 slaps for glow) होंगे। हां, सही समझें। थप्पड़। आप कहेंगे कि क्या मजाक है? दरअसल यह मजाक नहीं बल्कि ये सच है। रोजाना थप्पड़ खाने से चेहरे पर निखार आ जाता है। अमूमन लोग थप्पड़ खाने से डरते हैं, परंतु यही थप्पड़ आप को सुंदर और निखरी हुई त्वचा दे सकता है।  थप्पड़ मारने से (50 slaps for glow) बढ़ जाता है ब्लड सरकुलेशन ये बात खासतौर पर उन लोगों को जान लेनी चाहिए जो खूबसूरत और चमकदार त्वचा के लिए तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का यूज करते हैं। बड़ी बात यह कि जवां दिखने के लिए फेशियल ब्लीच से लेकर कई तरह के ट्रीटमेंट करवाने वाले लोग थप्पड़ वाली थेरेपी से अपने चेहरे को बिना पैसे खर्च किए ही सुंदर बना सकते हैं। इसे थप्पड़ थेरेपी कहते हैं। निश्चित ही आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये थप्पड़ थेरेपी है क्या? तो आपको बता दें कि इस थेरेपी में चेहरे की त्वचा पर हल्के हाथों से थप्पड़ मारना (50 slaps for glow) होता है। ऐसा करने से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है और त्वचा जवां और स्वस्थ होती है। अच्छी बात यह कि ये थेरेपी महिलाएं और पुरुष दोनों ही कर सकते हैं। इस थेरेपी से त्वचा में छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। बता दें की इस थेरेपी में आपको अपने दोनों हाथों से गालों को तेज-तेज थपथपाना होता है। इसके अलावा फाइन लाइंस से छुटकारा पाने के लिए चेहरे को थप्पड़ मारना पिंच और स्ट्रोक करना शामिल होता है।  इसे भी पढ़ें: पानी पीना ही काफी नहीं, हीटवेव्स में हाइड्रेशन से बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स कोरियन महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को रखती हैं बरकरार  दरअसल, साउथ कोरियन लोगों का मानना है कि थप्पड़ मारने से चेहरे के हर हिस्से में ब्लड का सरकुलेशन तेज हो जाता है। जिससे स्किन साफ होती है और चेहरा ग्लो करने लगता है। कारण यही जो वहां की महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को बरकरार रखती हैं। इसके अलावा अमेरिकन का मानना है कि थप्पड़ मारने से त्वचा के खुले छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। यही नहीं, इससे त्वचा को क्रीम तेल को बेहतर तरीके से ऑबजर्ब करने में मदद मिलती है। ख़ास बात यह कि यह त्वचा को चिकना बनाता है, झुर्रियों को कम करता है। Latest News in Hindi Today Hindi 50 slaps for glow #50SlapsForGlow #FaceGlowHack #BeautyMyths #SkincareRoutine #FacialMassage #NaturalGlow #GlowUp #SkinCareTips #BeautyTrends #HealthySkin

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Nurse murder case

Nurse crime story: गला रेतकर नर्स की ली गई जान, शक की सुई पति पर, दे रहा था मर्डर की धमकी

हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित विष्णु कॉलोनी में बुधवार रात एक नर्स की लाश मिलती है। खून से लथपथ लाश देख परिजन सदमें में आ जाते हैं। तेज धारदार हथियार से नर्स का गला रेता (Nurse crime story) गया था। और हथियार वहीं बगल में पड़ा था। इस दरम्यान पुलिस को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पूरे मामले पर एसीपी सिटी महेश श्यौराण ने बताया कि “इस मामले में मृतका के पिता की शिकायत पर आरोपी पति लखमीचंद, देवर भगत सिंह, सास सुनीता और पति के ममेरे भाई नीरज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।” जानकारी के मुताबिक मृतक महिला की हत्या तेजधार हथियार से गर्दन रेतकर की गई है। और बड़ी बात यह की महिला का फोन भी गायब है। फिलहाल इस मामले में आस-पास लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। और साथ ही आरोपियों की तलाश के लिए पांच टीमें लगा दी गई हैं। खैर, अभी तक हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। हत्या (Nurse crime story) से एक दिन पहले ही प्रियंका की सास और देवर उसके क्लिनिक पर आए थे दरअसल, आदर्श नगर थाने में दर्ज केस के अनुसार, होडल के गढ़ी पट्टी में रहने वाले तोताराम ने दी अपनी शिकायत में बताया कि “उन्होंने अपनी दो बेटियों प्रियंका और पूजा की शादी साल 2010 में भिडूकी गांव निवासी लखमी चंद और भगत सिंह के साथ की थी। पूजा का पति भगत सिंह हरियाणा पुलिस में डायल 112 पर ड्राइवर है। जबकि प्रियंका का पति लखमीचंद ट्रक ड्राइवर है। पारिवारिक विवाद के चलते प्रियंका पिछले 4 साल से बल्लभगढ़ की विष्णु कॉलोनी के एक मकान में रहकर अपना क्लीनिक चला रही थी। प्रियंका ने सामान्य नर्सिंग और मिडवाइफरी (जीएनएम) का कोर्स किया था। वह यहां अपने 14 साल के बेटे और 10 साल की बेटी के साथ रहा करती थीं।” खबर के मुताबिक आरोप है कि प्रियंका का पति उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहा था। लगातार मिलती धमकियों की वजह से वह बहुत डरी हुई थी। हालांकि इस संबंध में उसने पुलिस से शिकायत भी की थी। कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रियंका की हत्या पूरी योजना के तहत की गई थी। हत्या (Nurse crime story) से एक दिन पहले ही प्रियंका की सास और देवर उसके क्लिनिक पर आए थे। और दोनों बच्चों को जबरन अपने साथ ले गए थे। इस दौरान प्रियंका के साथ मारपीट भी की गई थी।  इसे भी पढ़ें:–चीन के इशारे पर नॉर्थईस्ट का कार्ड खेल दबाव बना रहा बांग्लादेश, पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक को क्यों बेचैन युनूस पूरे कमरे में खून बिखरा हुआ (Nurse crime story) था मृतका के पिता ने बताया कि “उन्होंने प्रियंका से बुधवार सुबह 11 बजे आखिरी बार फोन पर बात की थी। इसके बाद बार-बार कॉल करने पर भी फोन बंद मिला। अमूमन ऐसा कभी होता नहीं था। यह पहली बार था जब ऐसा हो रहा था। इससे परेशान होकर वह बल्लभगढ़ पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही टीम क्लिनिक पर पहुंची। कुछ देर मुआयना करने के बाद पुलिस चली गई। इस बीच उसने ऊपर बने कमरे में जाकर देखना भी जरुरी नहीं समझा। पुलिस के जाने के बाद रात 9 बजे परिजन खुद क्लिनिक पहुंचे और ऊपर जाकर देखा, तो उन्हें प्रियंका का शव बेड के किनारे पड़ा मिला। पूरे कमरे में खून बिखरा हुआ (Nurse crime story) था। शव को देख परिजनों को चीखें निकल गई। परिजनों ने हत्या का आरोप नर्स के पति, देवर, सास पर लगाया। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। आरोपियों में महिला का देवर हरियाणा पुलिस का जवान भी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nurse crime story #NurseMurderCase #CrimeNews #HusbandUnderSuspicion #ShockingMurder #JusticeForNurse #CrimeInvestigation #BreakingNews #DomesticViolence #MurderMystery #LatestNews

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Chaiti Chhath Puja

चैती छठ पूजा: इन आवश्यक सामग्रियों के बिना अधूरी है व्रत की पूर्णता

भारत में हर एक त्यौहार का महत्व होता है और उसे बड़ी श्रद्धा और विधिपूर्वक मनाया जाता है। इसी तरह चैती छठ पूजा (Chaiti Chhath Puja), जो विशेष रूप से उत्तर भारत, खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाई जाती है, बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह पर्व खासकर सूर्य देवता (Lord Sun) की पूजा के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें व्रति 36 घंटे का उपवास रखते हुए सूर्यास्त और सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस पूजा के दौरान कुछ विशेष पूजा सामग्री का होना जरूरी है, बिना इन चीजों के छठ पूजा का व्रत अधूरा माना जाता है। आइए जानते हैं वह कौन सी सामग्री है, जो इस पूजा के लिए आवश्यक होती है और बिना जिनके यह व्रत पूरा नहीं होता। चैती छठ पूजा की विशेष पूजा सामग्री चैती छठ पूजा (Chaiti Chhath Puja) में व्रति विशेष रूप से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य देवता (Lord Sun) को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इसके लिए कुछ खास पूजा सामग्री का होना अनिवार्य है। इन चीजों को एक विशेष टोकरी (ठीया) में सजाया जाता है, जिसमें व्रति सूरज देवता को अर्पित करते हैं। चैती छठ पूजा (Chaiti Chhath Puja) को विधिपूर्वक संपन्न करने के लिए कुछ विशेष पूजा सामग्री की आवश्यकता होती है, जिसे पूजा स्थल पर सुसज्जित किया जाता है। सबसे पहले, पूजा सामग्री रखने के लिए एक साफ थाली का होना जरूरी है। पूजा स्थल पर दीपक जलाने के लिए मिट्टी के दीए लगाए जाते हैं, जो पूजा की पवित्रता को बढ़ाते हैं। साथ ही, खाजा, गुड़, और अदरक का पौधा भी पूजा में शामिल किया जाता है। चावल, आटा, और जल पूजा के दौरान अर्पित किए जाते हैं। इसके अलावा, शहद, गंगाजल, और चंदन का भी विशेष महत्व होता है। सिंदूर, धूपबत्ती, कुमकुम, और कपूर का उपयोग वातावरण को शुद्ध और पूजा को विशेष बनाता है। बांस या पीतल का सूप और दूध तथा जल के लिए गिलास पूजा में जरूरी होते हैं। ऋतुफल, कलावा, सुपारी, फूल, और माला भी पूजा में अर्पित किए जाते हैं। अंत में, तांबे का कलश और बड़ी टोकरी का उपयोग प्रसाद रखने के लिए किया जाता है। इन सभी सामग्रियों का उपयोग पूजा की विधि के अनुसार सूर्य देवता (Lord Sun) की पूजा में किया जाता है। प्रसाद की सामग्री चैती छठ पूजा (Chaiti Chhath Puja) के दौरान विशेष प्रसाद तैयार किया जाता है, जो सूर्य देवता को अर्पित किया जाता है। इस प्रसाद में कुछ खास चीजें शामिल होती हैं, जो पूजा की पवित्रता और नियमों के अनुरूप होती हैं। प्रसाद में आमतौर पर लड्डू, हल्दी, नाशपाती, और पत्ते लगे हुए ईख शामिल होते हैं। इसके अलावा, दूध, तेल, बाती, नारियल, शरीफा, और दूध से बनी मिठाइयाँ भी प्रमुख रूप से रखी जाती हैं। इसके साथ ही, बड़ा नींबू, सिंघाड़ा, सुथनी, शकरकंदी, मूली, बैंगन, केले, और गेहूं को भी प्रसाद के रूप में उपयोग किया जाता है। इन सभी चीजों का विशेष महत्व होता है और ये सूर्य देवता के आशीर्वाद को प्राप्त करने में मदद करती हैं। इसे भी पढ़ें:- चैती छठ महापर्व 2025: सूर्य देव की पूजा और उपवास का पवित्र अवसर चैती छठ पूजा के दौरान इन नियमों का पालन करें चैती छठ पूजा के दौरान सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए और व्रत के सभी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए, ताकि पूजा सही तरीके से संपन्न हो सके। पूजा के समय घर के सभी सदस्य सात्विक आहार ग्रहण करें। नहाय-खाय के दिन से लेकर सूर्योदय के अर्घ्य तक लहसुन और प्याज का सेवन पूरी तरह से मना है। व्रति को प्रसाद खुद बनाना चाहिए, यदि वह इसे बनाने में सक्षम नहीं हैं, तो किसी न किसी रूप में मदद अवश्य करें। प्रसाद तैयार करते समय स्वच्छता और शुद्धता का खास ध्यान रखें। यह सुनिश्चित करें कि छठ पूजा से जुड़े सभी प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर ही तैयार किए जाएं। पूजा के दौरान सुई का उपयोग कपड़ों में नहीं करना चाहिए और पूजा में बांस से बनी सूप और टोकरी का ही प्रयोग करें। इसके अलावा, व्रति पूजा के समय जमीन पर चटाई बिछाकर ही सोएं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Chaiti Chhath Puja #ChaitiChhath #ChhathPuja2024 #ChhathVrat #SunGodWorship #ChhathFestivals #HinduRituals #ChhathSamagri #ChhathPujaItems #ChhathMahima #FestiveRituals

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Who Benefits Most from the New Waqf Act Amendments

Waqf Act amendments: नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा?

लोकसभा में आज वक्फ बिल को नए स्वरूप (Waqf Act amendments) में पेश कर दिया गया है। फ़िलहाल बिल चर्चा जारी है। संसद में वक्फ बिल को पास कराने के लिए सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में वोटिंग के जरिए बहुमत की जरूरत है। इसमें सरकार को इस बिल को पास कराने हेत लोकसभा के 543 में से 272 और राज्यसभा के 245 में से 123 सांसदों का समर्थन जरूरी है। बात करें राज्यसभा के सांसदों की संख्या की राज्यसभा में अभी 9 सीटें खाली हैं। तो ऐसे में मौजूदा 236 में से 119 सांसदों का समर्थन जरूरी है। बीजेपी के पास 96 सांसद हैं। वहीं एनडीए की सहयोगी पार्टियों के पास 19 सांसद हैं। ऐसे में सरकार को 6 नॉमिनेट सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसे में यदि यह विधेयक संसद से पास हो जाता है तो यह बिल कानून बन जाएगा। साल 2006 की जस्टिस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ही एक्ट (Waqf Act amendments) में किए जा रहे हैं बदलाव  हालांकि वक्फ बिल पर केंद्र सरकार का कहना है कि “साल 2006 की जस्टिस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ही एक्ट (Waqf Act amendments) में बदलाव किए जा रहे हैं।” बता दें कि 8 अगस्त को लोकसभा में बिल पेश करते हुए संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि “इस बिल का उद्देश्य धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में दखलंदाजी करना नहीं है। बिल मुस्लिम महिलाओं और पिछड़े मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में हिस्सेदारी देने के लिए लाया गया है। अहम बात यह कि इसमें वक्फ प्रॉपर्टीज के विवाद 6 महीने के भीतर निपटाने का प्रावधान है। इससे वक्फ में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का हल निकलेगा।” जानकारी के मुताबिक नए बिल के कानून बन जाने के बाद वक्फ की संपत्ति का विवाद सुलझाने में राज्य सरकारों को पहले से अधिक शक्तियां मिल जाएँगी। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि प्रस्तावित कानून का असर दरगाहों या मुसलमानों के धार्मिक संस्थानों और पुरानी मस्जिदों पर नहीं होगा, लेकिन बिल में किए गए परिवर्तनों में वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या में वृद्धि हो जरूर हो सकती है। नए बिल के मुताबि वक्फ बोर्ड के सदस्यों के अलावे अब बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति अनिवार्य होगी। मौजूदा सरकार अपने सहयोगी दलों की मांग को स्वीकार करते हुए नए बिल में कई परिवर्तन किए हैं। जैसे कि  अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट (Waqf Act amendments) से जुड़ी तकरीबन 120 याचिकाएं की गईं हैं दायर  बता दें कि साल 2022 से अब तक देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट (Waqf Act amendments) से जुड़ी तकरीबन 120 याचिकाएं दायर की गईं थीं। जिसमें मौजूदा वक्फ कानून में कई खामियां बताई गईं। इनमें से तकरीबन15 याचिकाएं तो खुद मुस्लिमों ने दायर कर रखी है। इन याचिकाओं में सबसे बड़ा तर्क यह कि वक़्फ़ एक्ट के सेक्शन 40 के मुताबिक, वक्फ किसी भी प्रॉपर्टी को अपनी प्रॉपर्टी घोषित कर सकता है। इसके खिलाफ कोई शिकायत भी वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल में ही की जा सकती है और इस पर अंतिम फैसला ट्रिब्यूनल का ही होता है। ऐसे में एक आम इंसान के लिए वक्फ के फैसले के कोर्ट में चैलेंज करना आसान नहीं है। इसे भी पढ़ें:- मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी वक़्फ़ का इतिहास (Waqf Act amendments) ऐसे में सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वक्फ (Waqf Act amendments) कहते किसे हैं। दरअसल, वक्फ अरबी भाषा के वकुफा शब्द से बना है। जिसका अर्थ होता है, ठहरना या रोकना। कानूनी शब्दों में समझने की कोशिश करें तो वक्फ उसे कहते हैं, इस्लाम में कोई व्यक्ति जब धार्मिक वजहों से या ईश्वर के नाम पर अपनी प्रॉपर्टी दान करता है, तो इसे प्रॉपर्टी को वक्फ कर देना यानी रोक देना कहते हैं। फिर वो चाहे कुछ रुपये हों या संपत्ति हो या फिर चाहे बहुमूल्य धातु हो, घर मकान ही या जमीन ही क्यों न हो? बता दें कि दान की गई ऐसी प्रॉपर्टी को अल्लाह की संपत्ति कहते हैं। और अपनी प्रॉपर्टी वक्फ को देने वाले इंसान को वकिफा कहा जाता है। गौर करने वाली बात यह कि वकिफा द्वारा दान की गई या वक्फ की संपत्तियों को बेचा नहीं जा सकता। इसका उपयोग सिर्फ धर्म के लिए ही जा सकता। रही बात भारत में वक्फ के परंपरा की, तो बता दें कि इसका इतिहास 12वीं सदी में दिल्ली सल्तनत के समय से जुड़ा है। भारत में आजादी के बाद साल 1954 में पहली बार वक्फ एक्ट बना था। फिर साल 1995 में इस एक्ट में कुछ संशोधन किए गए थे। और फिर संशोधन करने के बाद नया वक्फ एक्ट बना। इसके अलावा साल 2013 में भी इसमें कई बदलाव किए गए। Latest News in Hindi Today Hindi News Waqf Act amendments #WaqfAct #WaqfBill2024 #WaqfProperty #WaqfBoard #IndianLaw #MuslimCommunity #LegalReforms #IndiaNews #GovtPolicy #WaqfRights

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