Donald Trump’s Big Change in US Voting System Revealed

Donald Trump voting changes: अमेरिका में वोट देने के तरीके में यह बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप  

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मंगलवार (25 मार्च) को अमेरिका में होने वाले चुनावों में व्यापक बदलाव की मांग वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए। दरअसल, ट्रंप ने वहां के फेडरल चुनावों (केंद्रीय) में वोटिंग के रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना अनिवार्य (Donald Trump voting changes) कर दिया है। यानी जिस तरह भारत में हम मतदान के समय आधार कार्ड या वोटर कार्ड जैसे आधिकारिक आईडी प्रूव देते हैं। ठीक उसी तरह अब अमेरिकी नागरिकों को भी अपनी आईडी प्रूफ दिखाना होगा। आईडी प्रूफ दिखाने के बाद ही वो वोट डालने हेतु रजिस्टर कर सकेगा। इस बीच भारत और कुछ अन्य देशों का हवाला देते हुए इस आदेश में कहा गया है कि “अमेरिका, स्वशासन वाले अग्रणी देश होने के बावजूद, आधुनिक, विकसित और विकासशील देशों द्वारा उपाय में लाए जाने वाले बुनियादी और आवश्यक चुनाव सुरक्षा को लागू करने में विफल रहा है। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “उदाहरण के लिए, भारत और ब्राजील मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ रहे हैं, जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए यह काफी हद तक स्व-सत्यापन पर ही निर्भर है।” अब अमेरिकी मतदाताओं को देना होगा नागरिकता का सबूत (Donald Trump voting changes) प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब मतदाताओं को नागरिकता का सबूत डॉक्यूमेंट फॉर्म में देना होगा। जैसे अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “राज्यों को अपनी मतदाता सूची और मतदाता सूची के रखरखाव के रिकॉर्ड को समीक्षा के लिए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजी) को सौंप देना चाहिए। इस बीच आदेश में चुनाव के दिन तक वोट डालने और उसे प्राप्त करने को आवश्यक बताया गया है। कहा गया है कि फेडरल फंडिंग उस समय सीमा के राज्य अनुपालन पर सशर्त होनी चाहिए। इसके अलावा आदेश में चुनाव सहायता आयोग को चुनावी अखंडता की रक्षा के उद्देश्य से वोटिंग सिस्टम के लिए अपने दिशानिर्देशों में संशोधन करने का निर्देश दिया गया। जानकारी के मुताबिक इसमें यह मार्गदर्शन शामिल होगा कि वोटिंग सिस्टम को उन मतपत्रों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए जो मतगणना प्रक्रिया में बारकोड या क्यूआर कोड का उपयोग करते हैं। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप के आदेश में विदेशी नागरिकों को अमेरिकी चुनाव में योगदान देने या चंदा देने पर भी रोक लगा दी गई है।  इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन कई अमेरिकी चुनावों में मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान करने की है सुविधा (Donald Trump voting changes) बता दें कि आदेश में डेनमार्क और स्वीडन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये देश व्यक्तिगत रूप से मतदान करने में असमर्थ लोगों के लिए मेल-इन वोटिंग को समझदारी से सीमित करते हैं और पोस्टमार्क की तारीख की परवाह किए बिना देर से आने वाले वोटों की गिनती नहीं करते हैं, लेकिन कई अमेरिकी चुनावों में अब मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान की सुविधा है (Donald Trump voting changes)। कई अधिकारी बिना पोस्टमार्क वाले या चुनाव की तारीख के बाद प्राप्त मतपत्रों को स्वीकार करते हैं। जनवरी में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को पटखनी देकर सत्ता में लौटे राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि “धोखाधड़ी, त्रुटियों या संदेह से मुक्त स्वतंत्र, निष्पक्ष और ईमानदार चुनाव हमारे संवैधानिक गणतंत्र को बनाए रखने के लिए मौलिक हैं।” इस बीच ट्रंप ने कहा कि “अमेरिकी नागरिकों का अपने वोटों को अवैध रूप से कमजोर किए बिना उचित ढंग से गिनती और सारणीबद्ध करने का अधिकार, चुनाव के असली विजेता का निर्धारण करने के लिए महत्वपूर्ण है।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump voting changes #DonaldTrump #USVoting #Election2024 #TrumpPolicies #VotingChanges #TrumpCampaign #USElections #BallotReform #TrumpNews #VotingRights

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Atal Canteen Yojana Affordable Meals for Everyone

क्या है अटल कैंटीन योजना?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। यह बजट खासतौर पर दिल्ली के बुनियादी ढांचे, प्रदूषण नियंत्रण, महिला सशक्तीकरण और गरीब वर्ग के कल्याण पर केंद्रित है। यह बजट खास इसलिए भी है क्योंकि बीजेपी के 27 साल बाद सत्ता में लौटने के बाद यह पहला बजट है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इसमें कई बड़े ऐलान किए, जिनमें सबसे चर्चित योजना अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित अटल कैंटीन योजना  (Atal Canteen Scheme), तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन (Amma Canteen Scheme) और कर्नाटक की इंदिरा कैंटीन  (Indira Canteen) की तर्ज पर बनाई गई है। इस योजना के तहत दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में 100 अटल कैंटीन खोली जाएंगी। हर कैंटीन में 5 रुपये में गरम, ताजा और पौष्टिक भोजन (Healthy Food) उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। यह कैंटीन खासकर रिक्शा चालक, मजदूर, फुटपाथ पर काम करने वाले लोग और अन्य दिहाड़ी मजदूरों के लिए मददगार साबित होगी। किन लोगों को मिलेगा अटल कैंटीन योजना का लाभ? झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवार रिक्शा चालक, मजदूर और फुटपाथ पर काम करने वाले लोग दिहाड़ी मजदूर, सफाई कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग ऐसे लोग जो अत्यधिक महंगाई के कारण पौष्टिक भोजन नहीं ले पाते हैं योजना का उद्देश्य और सरकार की मंशा अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सरकार इस योजना के तहत स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण की समस्या को दूर करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, इससे दिल्ली में भोजन की बर्बादी को भी कम करने में मदद मिलेगी। बजट में अन्य प्रमुख घोषणाएं 1. यमुना की सफाई और पुनरुद्धार दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई और पुनरुद्धार को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। इस परियोजना को अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट से प्रेरित बताया जा रहा है। इसके तहत यमुना नदी के किनारे सौंदर्यीकरण, प्रदूषण नियंत्रण और जल की शुद्धता बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। 2. दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। इस बजट में सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं: इसे भी पढ़ें:-आगरा और पानीपत में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य ‘शिव स्मारक, CM फडणवीस ने बताया इस फैसले का कारण? 3. महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा की: 4. बुनियादी ढांचा विकास और परिवहन सुधार सरकार ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 28,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का ऐलान किया है। 5. व्यापार और उद्योग को बढ़ावा नई औद्योगिक नीति लागू होगी। दिल्ली सरकार (Delhi Government) का यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। गरीबों के लिए अटल कैंटीन (Atal Canteen), महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं, पर्यावरण सुधार के लिए यमुना पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण तथा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति जैसे कई अहम फैसले इस बजट का हिस्सा हैं। बीजेपी सरकार (BJP Government) ने इस बजट के जरिए दिल्ली की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका ध्यान सिर्फ बुनियादी विकास ही नहीं बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग की समस्याओं के समाधान पर भी है। अब देखना यह होगा कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव डालती हैं और दिल्ली के विकास में कितना योगदान देती हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Atal Canteen Scheme #AtalCanteenYojana #AffordableMeals #SubsidizedFood #GovtScheme #BudgetMeals #PublicWelfare #FoodForAll #IndiaGovt #CanteenScheme #CheapMeals

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Yuzvendra Chahal and Dhanashree Verma Divorce

Yuzvendra Chahal divorce reason: क्या इस वजह से हुआ युजवेंद्र चहल का तलाक?

20 मार्च, 2025 को भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और कोरियोग्राफर धनाश्री वर्मा ने आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया। इस तलाक से उनके फैंस चौंक गए। युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा के फैन्स तब चौंक गए जब उनके तलाक की खबरें पहली बार सुर्खियों में आईं थी। हालांकि शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के अलग-अलग रहने की अफवाहें फैलने लगी थी। बता दें कि दिसंबर 2020 में युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा ने गुड़गांव में एक इंटिमेट सेरेमनी में शादी की थी। शादी के कुछ ही महीनों बात दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी। शुरूआती अफवाहों के बीच उनके फैंस को यकीन नहीं हो रहा था कि शादी के साल भीतर ही दोनों के बीच अलग रह रहे हैं। खैर, इस बीच उनके बीच तलाक की लेने की अफवाहों ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया। मार्च 2025 में, सेलेब्स ने ऑफीशियली तलाक ले लिया। तलाक के बाद बड़ा सवाल यह कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसके चलते दोनों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी से अलग होने का फैसला (Yuzvendra Chahal divorce reason) किया। इस बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ का मानना है कि दोनों ने एक दूसरे को चीट किया तो कुछ का मानना है कि चहल ने धनश्री के साथ गलत किया तो कुछ धनश्री को दोषी ठहरा रहे हैं।  मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का था मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण खैर इस बीच वरिष्ठ पत्रकार विक्की लालवानी ने कपल के अलग होने की असली वजह के बारे में बताया। दरअसल, विक्की लालवानी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि चहल और वर्मा अपनी पर्सनैलिटी में अंतर की वजह से एक साथ नहीं रहा करते थे। लेकिन इस बीच जब धनाश्री ने युजवेंद्र से हरियाणा से हमेशा के लिए मुंबई जाने को कहा तो चीजें बिगड़ गईं। लालवानी के मुताबिक, शादी के बंधन में बंधने के बाद दोनों हरियाणा स्थित यजुवेंद्र चहल के माता-पिता के साथ रहने लगे थे। हालाँकि इस दरम्यान अक्सर मुंबई आया-जाया करते थे। लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। लालवानी ने अपनी पोस्ट में कहा कि “मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का एक मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण था।, क्योंकियजुवेंद्र चहल ने साफ किया था कि “वह अपने माता-पिता के घर और आस-पास के माहौल से खुद को अलग नहीं करेंगे।” हालांकि रिपोर्ट में साफ तौर से कहा गया था कि यह कपल तलाक लेने जा रहा है। लेकिन इस खबर की पुष्टि तब हुई जब दोनों को तलाक की सुनवाई के लिए अपनी कानूनी टीम के साथ बांद्रा फैमिली कोर्ट में देखा गया।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात  अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है, अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं (Yuzvendra Chahal divorce reason) बता दें कि इससे पहले, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें छह महीने की कूलिंग-ऑफ ड्यूरेशन से छूट दे दी थी। इसलिए अंतिम सुनवाई 20 मार्च, 2025 को हुई। इसके पीछे का बड़ा कारण यह कि चहल आईपीएल 2025 में हिस्सा लेने के चलते 21 मार्च, 2025 से व्यस्त रहेंगे। कार्यवाही के बाद चहल के वकील नितिन कुमार गुप्ता ने दोनों के तलाक की पुष्टि (Yuzvendra Chahal divorce reason) की। तलाक की पुष्टि करते हुए चहल के वकील ने कहा कि “अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है। अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं।” हालांकि बार और बेंच ने यह भी बताया कि “भारतीय क्रिकेटर अपनी अलग हो चुकी पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में 4.75 करोड़ रुपये देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Yuzvendra Chahal divorce reason #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #DhanashreeDivorce​#YuzvendraDhanashree​

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PBKS vs GT

PBKS won by 11 runs:आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात 

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 11 रनों से हरा (PBKS won by 11 runs) दिया। गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया मुकाबला काफी रोमांचक रहा। दरअसल, जीत के इरादे से मैदान में उतरी पंजाब किंग्स की टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 243 रन बनाए। जिसमें कप्तान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 97 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम ने शानदार शुरुआत की और ऐसा लग रहा था कि वेवो बड़ी आसानी से 244 रन के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे, लेकिन मैच के अंतिम ओवरों में विजय कुमार वय्शक ने ऐसी धारदार गेंदबाजी की कि खेल का समीकरण ही बदल गया। उनके कहर बरपाते यॉर्कर और बेहतरीन लाइन-लेंथ के सामने गुजरात के बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं। पूरी की  पूरी टीम  सिर्फ 232 रन ही बना सकी। जिसके चलते पंजाब ने 11 रन से यह मुकाबला जीत लिया।  इस जीत (PBKS won by 11 runs) के बाद पंजाब किंग्स प्वाइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच तो गई गौर करने वाली बात यह कि इस जीत (PBKS won by 11 runs) के बाद पंजाब किंग्स प्वाइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच तो गई है लेकिन पंजाब किंग्स की जीत के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद टॉप पर बनी हुई है। बता दें कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर पॉइंट टेबल में दूसरे नंबर पर है। यही नहीं, मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत दर्ज करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स चौथे नंबर पर है। इसके अलावा दिल्ली कैपिटल्स पॉइंट टेबल में पांचवें नंबर पर है। इन सभी टीमों के 2-2 अंक हासिल किए हैं। लेकिन, नेट रन रेट के आधार पर एक दूसरे से आगे-पीछे हैं। ध्यान देने वाली अहम बात यह कि लखनऊ सुपर जायंट्स, मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स को इस सीजन की अपनी पहली जीत का इंतजार है। अब तक हुए मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स ने हराया है। मुंबई इंडियंस को चेन्नई सुपर किंग्स ने, पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस ने और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराया। इसके अलावा सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को करारी शिकस्त दी है। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के तीसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की आंधी के सामने पस्त हुए मुंबई इंडियंस के धुरंधर गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन ही बना सकी (PBKS won by 11 runs)  खैर, बात करें इस मुकाबले कि तो पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को 11 रन से हरा (PBKS won by 11 runs) दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन बनाए। इस बीच पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने 42 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए। इसके जवाब में गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 5 विकेट पर 243 रन ही बना सकी। गुजरात टाइटंस की ओर से सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन ने 41 गेंदों पर सर्वाधिक 74 रन बनाए। ध्यान देने वाली बात यह कि दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने मिली। टक्कर इस कदर थी कि मैच कभी पंजाब किंग्स के पाले में तो कभी गुजरात टाइटंस में जाता दिख रहा था। अंततः पंजाब किंग्स ने गुजरात के जबड़े से जीत छीन ही ली। गुजरात को हराने के साथ ही पंजाब किंग्स को प्वाइंट्स टेबल में भी फायदा हुआ। कहने की जरूरत नहीं शुरुआती टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत करना किसी भी टीम के लिए बेहतर होता है। जाहिर सी बात है, आगे जाकर यह जीत पंजाब किंग्स को फायदा दे सकती है। हालांकि अभी शुरुआती चरण है, लेकिन इस टूर्नामेंट में खुद को बनाए रखने हेतु हर जीत अहम है।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 PBKS won by 11 runs #PBKSvsGT #PunjabKings #GTvsPBKS #IPL2024 #CricketBuzz #TATAIPL #GT #PunjabKingsWin #IPLThriller #CricketFever

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Wife kills husband

Wife kills husband: बेंगलुरु में शक के चलते पत्नी ने मां संग मिलकर धारदार हथियार से रेता पति का गला 

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुस्कान ने जिस तरह से अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या की, उसके बाद से एक के बाद एक अनगिनत मिलते जुलते मामले सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। ताजा मामला है बेंगलुरु का, जहाँ एक महिला ने अपने पति की गाला रेतकर (Wife kills husband) हत्या कर दी और शव को लावारिस अवस्स्था में छोड़कर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक महिला ने अपने पति के कई अवैध संबंधों और धंधों से नाराज होकर उसकी हत्या कर दी। इस हत्याकांड में महिला ने अपनी माँ का भी सहारा लिया। अपनी मां के साथ मिलकर सबसे पहले उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर अपने पति को दी। और फिर बेहोश होने पर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी लोकनाथ सिंह की हत्या के आरोप में मां और बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बताया कि “यह घटना तब सामने आई जब शनिवार को चीक्कबनावारा के एक सुनसान इलाके में एक लावारिस कार में कुछ लोगों की नजर एक शव पर पड़ी। नजर पड़ते लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी।  बेहोशी की हालत में सूनसान जगह पर ले जाकर चाकू से रेता पति का गला (Wife kills husband)  पुलिस ने खुलासा किया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले व्यक्ति के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं ताकि वह बेहोश हो जाए। फिर वे उसे एक सुनसान इलाके में ले गए और सूनसान इलाके में ले जाकर चाकू से उसका गला (Wife kills husband) रेत दिया। और गला रेतने के बाद दोनों वहां से फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक हत्या का कारण पीड़ित के कथित अवैध संबंध और गैरकानूनी व्यापारिक लेन-देन बताया गया है। बता दें कि उत्तर बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) सैदुल अदावथ ने मीडिया को बताया कि “हमें शनिवार शाम 5:30 बजे 112 पर एक आपातकालीन कॉल मिली, जिसमें शव के बारे में जानकारी दी गई। फिलहाल हमने उसकी पत्नी और मां को अपराध के लिए गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।” तो, वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि “लोकनाथ का दो साल से महिला के साथ संबंध था और उन्होंने दिसंबर में कुनिगल में शादी की थी। हालांकि, उम्र अधिक होने के चलते परिवार वालों ने इस रिश्ते का विरोध किया था।  इसे भी पढ़ें:-सॉरी पापा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 29 वर्षीय टीचर ने की आत्महत्या  धमकी के बाद उसकी माँ-बेटी ने मिलकर बनाई (Wife kills husband) रास्ते से हटाने की योजना  गौर करने वाली बात यह कि किसी को भी इस शादी की जानकारी नहीं थी। और तो और शादी के तुरंत बाद, लोकनाथ ने अपनी पत्नी को उसके माता-पिता के घर छोड़ दिया था। कमाल की बात यह कि उसके परिवार को शादी के बारे में दो हफ्ते पहले ही पता चला। इसी दौरान लोकनाथ की पत्नी और ससुराल वालों को उसके कथित अवैध संबंधों और गैरकानूनी व्यापारिक गतिविधियों के बारे में पता चला गया। इस बीच दोनों का रिश्ता बिगड़ता गया क्योंकि दंपति अक्सर झगड़ते थे। उनका आपसी झगड़ा इस कदर बढ़ गया था कि बात तलाक तक जा पहुंची थी। खैर, इस दरम्यान स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित तौर पर लोकनाथ ने अपने ससुराल वालों को धमकाना शुरू कर दिया। न सिर्फ उसने धमकाया बल्कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। इस चेतावनी के बाद उसकी पत्नी और माँ ने उसे रास्ते से हटाने की योजना (Wife kills husband) बनाई। खैर, इस बीच पुलिस ने यह भी बताया कि “लोकनाथ बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच द्वारा एक धोखाधड़ी मामले में जांच के दायरे में था। कहने की जरूरत नहीं, इस हादसे ने स्थानीय लोगों को सदमे में डाल दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Wife kills husband BengaluruCrime #BreakingNews #TrueCrime #IndiaNews #CrimeReport #DomesticDispute #ViralNews #BengaluruUpdates

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Eknath Shinde & Kunal Kamra

हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए: एकनाथ शिंदे 

महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कॉमेडियन कुणाल कामरा (Comedian Kunal Kamra) द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy CM Eknath Shinde) पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद तेजी से बढ़ गया है। एक ओर उद्धव ठाकरे (Udhaw Thakrey) गुट कुणाल कामरा के समर्थन में खड़ा है, तो दूसरी ओर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने कामरा को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा है। इस विवाद के बीच अब एकनाथ शिंदे का बयान भी सामने आ गया है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बीबीसी मराठी के एक कॉन्क्लेव में इस मामले पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है और हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। किसी के खिलाफ बयान देना ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह ‘सुपारी’ लेकर बोला गया लगे। हर किसी को अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।” एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने आगे कहा कि कुणाल कामरा (Kunal Kamra) की टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि किसी एजेंडे के तहत दिया गया बयान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि वे काम करने वाले व्यक्ति हैं और अनावश्यक बहस में पड़ना नहीं चाहते। शिवसेना कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़ जब शिंदे से पूछा गया कि क्या वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने इस पर संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं कभी भी तोड़फोड़ का समर्थन नहीं करता, लेकिन जब कोई व्यक्ति आरोप लगाता है, तो उसे भी अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी। मैं संवेदनशील और सहनशील हूं, लेकिन सभी कार्यकर्ता इतने सहनशील नहीं हो सकते।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि शिंदे सीधे तौर पर तोड़फोड़ का समर्थन नहीं कर रहे, लेकिन इसे कार्यकर्ताओं की स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। क्या कहा था कुणाल कामरा ने? कुणाल कामरा  (Kunal Kamra)  ने मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट स्टूडियो में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के गाने का संशोधित संस्करण प्रस्तुत कर एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया था। इस प्रस्तुति में उन्होंने ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग कर शिंदे पर तंज कसा, जिससे शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद रविवार रात बड़ी संख्या में शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ता होटल यूनिकॉन्टिनेंटल के बाहर इकट्ठा हुए, जहां क्लब स्थित था, और उन्होंने क्लब व होटल परिसर में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि कामरा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353(1)(बी) (सार्वजनिक उत्पात संबंधी बयान) और 356(2) (मानहानि) समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसे भी पढ़ें: योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल विवाद के राजनीतिक मायने इस पूरे विवाद का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर साफ दिख रहा है। एक तरफ उद्धव ठाकरे गुट इस मामले में कुणाल कामरा का समर्थन कर रहा है, तो दूसरी तरफ शिवसेना (शिंदे गुट) अपने नेता के बचाव में खड़ा है। यह विवाद न केवल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है, बल्कि इसमें कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस भी तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे हास्य और व्यंग्य की स्वतंत्रता मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे लक्षित हमले के रूप में देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी प्रक्रिया में इस मामले का क्या नतीजा निकलता है और इसका महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) पर क्या प्रभाव पड़ता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Eknath Shende #ComedianKunalKamra #Shivsena #EknathShende #MahrashtraPolice

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Jammu and Kashmir issue

Jammu and Kashmir issue: UN में दहाड़ा भारत, कहा जम्मू और कश्मीर ‘भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा’

पाकिस्तान दशकों से यूएन में कश्मीर (Jammu and Kashmir issue) का राग अलाप रहा है। कश्मीर को अपना बताने का कोई मौका नहीं छोड़ता। इस बार संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत पी हरीश ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। दरअसल, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में शांति स्थापना सुधारों पर बहस के दौरान जम्मू और कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के बार-बार दिए गए बयानों को सख्ती से खारिज किया। न सिर्फ ख़ारिज किया बल्कि उन्हें अनुचित बताते हुए स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा रखा है, जिसे उसे खाली करना ही होगा।” बता दें कि पाकिस्तानी टिप्पणी को खारिज करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने कहा कि “पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने एक बार फिर भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर पर अनुचित टिप्पणी की है। इस तरह बार-बार संदर्भ देने से उनके अवैध दावे मान्य नहीं हो सकते। न ही पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को उचित ठहराया जा सकता है।” पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने फिर की भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir issue) पर अनुचित टिप्पणी   यही नहीं, भारतीय राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि “वह शांति स्थापना पर मुख्य चर्चाओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “भारत यह स्पष्ट करना आवश्यक समझता है कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने एक बार फिर भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir issue) पर अनुचित टिप्पणी की है। ऐसे बार-बार किए गए दावे न तो उनके अवैध दावों को मान्यता देते हैं और न ही उनके राज्य-प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को सही ठहराते हैं।” यही नहीं, पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए हरीश ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि “पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए है और उसे तुरंत खाली करना चाहिए। इस पर अधिक जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान अवैध रूप से जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र पर कब्जा बनाए हुए है, जिसे उसे छोड़ देना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “भारत वैश्विक मंचों पर अपनी संप्रभुता पर सवाल नहीं उठने देगा।” इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन म पाकिस्तान को सलाह (Jammu and Kashmir issue) देंगे कि वह इस मंच का ध्यान भटकाने की कोशिश न करे इस दरम्यान हरीश ने पाकिस्तान के अपने संकीर्ण और विभाजनकारी एजेंडे के लिए संयुक्त राष्ट्र मंच के दुरुपयोग के प्रयासों को खारिज करते हुए कहा कि “हम पाकिस्तान को सलाह (Jammu and Kashmir issue) देंगे कि वह इस मंच का ध्यान भटकाने की कोशिश न करे। इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि “भारत विस्तृत प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं समझता, क्योंकि उसकी स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। भारत अधिक विस्तृत उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करने से परहेज करेगा।” दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सत्र शांति स्थापना में सुधारों पर केंद्रित था। इस दौरान भारत ने इस अवसर का उपयोग सशस्त्र समूहों और आधुनिक हथियारों से उत्पन्न खतरों जैसी चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर जोर देने के लिए किया। बता दें कि इस दौरान हरीश ने शांति अभियानों के जनादेश को निर्धारित करने में सेना और पुलिस योगदान देने वाले देशों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बात की और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Jammu and Kashmir issue IndiaAtUN #JammuAndKashmir #UnitedNations #IndiaStrong #KashmirIsIndia #IndianDiplomacy #UNSpeech #IndiaOnKashmir #GlobalPolitics

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Solar Eclipse 2025 First Surya Grahan Before Navratri

Solar Eclipse 2025: नवरात्रि से एक दिन पहले लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण

साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) 29 मार्च को लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण नवरात्रि से ठीक एक दिन पहले पड़ रहा है, जिसके कारण इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ गया है। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोकता है। यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका, मैक्सिको, कनाडा और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका सूतक काल मान्य होगा। सूर्य ग्रहण का समय और सूतक काल साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) 29 मार्च को लगेगा। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 53 मिनट रहेगी। यह चैत्र अमावस्या को लगने वाला खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल केवल उन्हीं क्षेत्रों में मान्य होगा जहां ग्रहण दिखाई देगा। हालांकि, भारत में ग्रहण का धार्मिक प्रभाव अवश्य पड़ेगा। सूर्य ग्रहण का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) का विशेष महत्व है। सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है, और इस दौरान कई तरह के नियमों का पालन किया जाता है। ग्रहण के समय सूतक काल लग जाता है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है। ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, और लोग घर में ही रहकर भगवान का नाम जपते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके दान-पुण्य किया जाता है। सूर्य ग्रहण का सूतक काल साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या को लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण इस ग्रहण का सूतक काल (Sutak Period) मान्य नहीं होगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार, सूतक काल (Sutak Period) को अशुभ माना जाता है, और इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण का सूतक काल आमतौर पर 12 घंटे पहले शुरू होता है, जबकि चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है। हालांकि, चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियमों का पालन करना अनिवार्य नहीं होगा, और लोग अपनी दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रख सकेंगे। पहला सूर्य ग्रहण कहाँ दिखाई देगा? 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, आंशिक उत्तरी अमेरिका, उत्तरी एशिया, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी ध्रुव, आर्कटिक महासागर और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें? सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें? सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इस दौरान चंद्रमा सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोकता है, जिसके कारण सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण को वैज्ञानिक दृष्टि से अध्ययन करने के लिए खगोलविद विशेष उपकरणों का उपयोग करते हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य के वातावरण और उसकी गतिविधियों का अध्ययन किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Solar Eclipse Sutak Period #SolarEclipse2025 #SuryaGrahana2025 #EclipseNearNavratri #FirstEclipse2025 #AstronomyEvent #SolarPhenomenon #NavratriEclipse #EclipseTiming #CelestialEvent #SunEclipsE

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Place Footwear Right & Attract Positive Energy at Home

जूते-चप्पल को सही जगह पर रखकर बनाएं घर को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र

हमारे जीवन में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। वास्तु के अनुसार घर की हर छोटी-बड़ी चीज का सही स्थान और दिशा हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। ऐसे में जूते-चप्पल, जो हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं, उन्हें रखने के लिए भी वास्तु नियमों का पालन करना जरूरी है। अगर जूते-चप्पल को गलत जगह या गलत तरीके से रखा जाए, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है और जीवन में अशांति आ सकती है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल को घर में कहां और कैसे रखना चाहिए। जूते-चप्पल रखने का सही स्थान इसे भी पढ़ें:- सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत जूते-चप्पल रखने के कुछ अन्य वास्तु नियम नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news जूते-चप्पल #PositiveHomeVibes #VastuTips #HomeEnergy #GoodVibesOnly #OrganizedLiving #ClutterFreeHome #HomeHappiness #PositiveEnergy #VastuShastra #PeacefulLiving

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Mystery Behind Saurabh’s Sacrifice Truth or Myth

Mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice: क्या सच में दी गई थी सौरभ की बलि, जानिए क्या कहते हैं देश के ज्योतिषी?

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सौरभ राजपूत के निर्मम हत्याकांड ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है। जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहा है वैसे-वैसे रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दरअसल 3 मार्च को सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर बेदर्दी से हत्या कर दी थी। और हत्या करने के बाद शव के तीन टुकड़े करने के बाद एक नीले रंग के ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट का घोल मिला दिया था। ताकि शव को ठिकाने लगाया जा सके। गौरतलब हो कि मेरठ के सौरभ सिंह राजपूत ने मुस्कान के साथ प्रेम विवाह किया था और वो वह लंदन की एक बेकरी में नौकरी किया करता था। अधिकतर बाहर रहने की वजह से मुस्कान अपने बचपन के मित्र साहिल के करीब आ गई थी और दोनों के बीच संबंध स्थापित हो गए थे। सौरभ की गैरमौजूदगी में अक्सर वो साहिल के साथ अपने घर में पार्टियां करती और शराब पीती थी। इस दौरान मकान मालिक ने जब सौरभ को मुस्कान की करतूतों के बारे में अवगत कराया तो सौरभ ने अपना रिश्ता बचाने के लिए पहले टी मुस्कान को समझाने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनने पर उसने तलाक देने की भी सोची लेकिन फिर चार साल की बेटी का चेहरा देख उसने तलाक देने का विचार मन से त्याग दिया। और फिर 2 साल के लिए लंदन चला गया। सौरभ के लंदन जाते ही मुस्कान के पर निकल आये। और वो बड़े आराम से अपने प्रेमी के मजे करने लगी। खैर, इस बीच लंदन से वो अपनी बेटी पीहू का बर्थडे मनाने मेरठ आया था। इस दौरान मौका पाकर तीन मार्च को मुस्कान और साहिल ने सौरभ की बेरहमी से हत्या (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) कर दी और गुलछर्रे उड़ाने प्रेमी संग मनाली चल दी।  पेंटिंग कोई साधारण कलाकृति नहीं, बल्कि तंत्र क्रिया (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) का हिस्सा है खैर, इस बीच हत्या का मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की जांच में आरोपी साहिल के कमरे में एक रहस्यमयी पेंटिंग मिली। हैरत यह कि पेंटिंग को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब इस पेंटिंग को लेकर प्रसिद्ध ज्योतिषी अंकित चौधरी ने बड़ा दावा किया है। ज्योतिषी अंकित चौधरी के मुताबिक यह पेंटिंग कोई साधारण कलाकृति नहीं, बल्कि तंत्र क्रिया (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) का हिस्सा है। यह तांत्रिक प्रक्रिया विशेष रूप से नाम, शोहरत और पैसा कमाने के लिए की जाती है। कहते हैं इस तरह की तांत्रिक क्रिया नेपाल या बंगाल में की जाती है। इस तंत्र क्रिया में पांच मुंड यानी सिरों की बलि दी जाती है। इसे पंचमुंड तंत्र साधना भी कहा जाता है। अंकित चौधरी के मुताबिक पंचमुंड तंत्र साधना अधिकतर उन लोगों की ओर से की जाती है, जो तेजी से नाम और धन पाने की इच्छा रखते हैं। न सिर्फ धन कमाने बल्कि शॉर्ट कट के जरिए कामयाबी हासिल करना चाहते हैं। बड़ी बात यह कि इस तरह की साधना में विशेष मंत्रों का जाप करते हुए बलि दी जाती है  और उससे भी बड़ी बात यह कि यह पूरा अनुष्ठान गहरे नशे की अवस्था में ही किया जाता है। इस तंत्र क्रिया के दौरान साधक को शराब या किसी नशीले पदार्थ का सेवन कराया जाता है, ताकि उसका मन नियंत्रित किया जा सके और उसे भय का अनुभव न हो। गौर करने वाली बात यह कि सौरभ की हत्या भी ठीक इसी तरह हुई। हत्या से पहले सौरभ को शराब पिलाई गई थी।  इसे भी पढ़ें:- Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान  पुलिस तंत्र-मंत्र के एंगल से भी कर रही है जांच  बता दें कि हत्या के बाद जब पुलिस साहिल के कमरे में पहुंची तब उसे वहां एक पेंटिंग भी मिली, जिसमें सिर और आंखें प्रतीकात्मक रूप से दर्शाए गई थी। ज्योतिषी अंकित चौधरी की माने तो, पांच मुंडों की उपस्थिति इस साधना में बेहद आवश्यक मानी जाती है। इन मुंडों को विशेष रूप से मंत्रों से अभिमंत्रित किया जाता है और फिर पेंटिंग, चित्र या विशेष प्रतीकों के रूप में कमरे या पूजा स्थलों में स्थापित किया जाता है। हालांकि ज्योतिषी अंकित चौधरी के इस दावे से ऐसे भी कयास लगाए जा रहे है कि क्या सौरभ की बलि (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) दी गई? हालांकि पुलिस भी इस एंगल पर जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सच में साहिल के कमरे में तांत्रिक क्रियाओं को अंजाम दिया गया था भी या नहीं? क्या सच में सौरभ का मर्डर किसी तंत्र क्रिया का हिस्सा था? या किसी साधना को सिद्ध करने हेतु सौरभ की बलि दी गई? Latest News in Hindi Today Hindi news mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice #SaurabhSacrifice #MysteryUnveiled #AstrologersSpeak #TruthOrMyth #HinduRituals #AstrologyInsights #ShockingRevelation #IndianMyths #SacrificialRitual #SpiritualDebate

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