Nimisha Priya

Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week: इस एक जुर्म के चलते यमन में अगले हफ्ते भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को दी जाएगी फांसी

निमिषा प्रिया को अगले हफ्ते यानी 16 जुलाई को फांसी दी जाएगी। निमिषा पर एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है। दरअसल, केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली निमिषा प्रिया एक भारतीय नर्स है, जो साल 2008 में काम की तलाश में यमन गई थी। निमिषा की मां कोच्चि में घरों में काम करती है। घर की माली हालत ख़राब होने के चलते वो काम करने यमन गई थी। वहां कई अस्पतालों में काम करने के बाद उसने अपना क्लिनिक खोलने की (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) सोची। क्लिनिक खोलने के चलते ही निमिषा साल 2014 में तलाल अब्दो महदी के संपर्क में आईं। वो अपना खुद का बिज़नेस करना चाहती थी। निमिषा के लिए बिजनेस शुरू करने के लिए महदी साथ जरूरी था, क्योंकि नियमानुसार यमन में बिजनेस शुरू करने के लिए किसी स्थानीय व्यक्ति के साथ साझेदारी अनिवार्य है। खैर, बिज़नेस शुरू तो हो गया लेकिन जल्द ही दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। पैसों के लिए दोनों में अब झगड़ें होने लगे। देखत ही देखते यह झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि निमिषा ने महदी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। साल 2016 में महदी को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन बाद में उसे जेल से रिहा कर दिया गया। इस बीच रिहाई के बाद भी महदी ने निमिषा को धमकाना जारी रखा।  बेहोशी का इंजेक्शन ओवरडोज़ में बदल गया, जिसके चलते हुई (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) मौत  इस बीच महदी ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया था। इसी के बाद निमिषा ने अपना जब्त पासपोर्ट वापस पाने के इरादे से महदी को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया था। उसे क्या पता था कि ओवरडोज़ की वजह से उसकी मौत हो जाएगी। इसके बाद निमिषा ने अपने यमनी साथी हनान के साथ मिलकर महदी के शरीर के टुकड़े कर दिए और उसके शरीर को पानी के टैंक में फेंक (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) दिया। महदी की मौत के बाद घबराई निमिषा ने यमन से भागने की भी कोशिश की। इससे पहले की वो भाग पाती  उसे भागने की कोशिश करते समय गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल प्रिया देश की राजधानी सना की जेल में बंद है। यह हूथी के कंट्रोल में है। इस मामले में साल 2018 में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि हनान को आजीवन कैद हुई थी। ट्रायल कोर्ट ने उसे यमनी नागरिक की हत्या का दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड दिया था।  इसी के बाद ट्रायल कोर्ट के इस निर्णय को नवंबर 2023 में देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने भी बरकरार रखा। यही नहीं, पिछले वर्ष यमन के राष्ट्रपति ने केरल की निमिषा प्रिया की मौत की सजा को मंजूरी दी थी। बता दें कि निमिषा का एक 8 साल का बेटा भी है। निमिषा साल 2018 से ही यमन के सना में काम कर रही है। इसे भी पढ़ें:- आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज कृपया उसकी जान बचाने में हमारी मदद (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) करें- निमिषा का परिवार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले पर जनवरी में केंद्र ने कहा था कि “वह मामले पर बारीकी से नजर रख रहा है और परिवार को हर संभव मदद दे रहा है। इस बीच निमिषा की मां ने कहा कि “मैं भारत और केरल सरकारों के साथ-साथ उसे बचाने के लिए गठित समिति का अब तक दिए गए सभी समर्थन के लिए बहुत आभारी हूं, लेकिन यह मेरी अंतिम अपील (Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week) है कि कृपया उसकी जान बचाने में हमारी मदद करें। समय बीत रहा है।” विदेश मंत्रालय का कहना है कि वो पिछले साल से ही इस मामले पर नजर रखे हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों और नर्पस के परिवार के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहायता दी जा रही है। बता दें कि यमन के कानून में कई तरह के अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। जिसमें कि देश की स्वतंत्रता, एकता या क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करना, हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, समलैंगिक यौन, सशस्त्र बलों को कमजोर करने के लिए कोई काम करना, इस्लाम से मुंह मोड़ना या उसका खंडन करना और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देना शामिल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Indian Nurse to Be Executed in Yemen Next Week #NimishaPriya #IndianNurse #YemenNews #DeathPenalty #SaveNimishaPriya #BreakingNews #InternationalNews #JusticeForNimisha #IndianInYemen #UrgentAppeal

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250 Million Workers on Strike

Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike: भारत बंद आज, 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर

आज देशभर में परिवहन, डाक सेवाएं, कोयला खनन, राजमार्ग, बैंकिंग, बीमा, निर्माण और कई अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले तकरीबन 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी आम हड़ताल पर रहेंगे। दरअसल, यह हड़ताल 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों और उनकी सहयोगी इकाइयों के मंच ने सरकार की मजदूर, किसान और राष्ट्र विरोधी नीतियों के विरोध में बुलाई है। बेशक इससे कई राज्यों में सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। बता दें कि यह बंद 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर बुलाया गया (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है। प्रदर्शनकारी संगठन केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध कर रहे हैं, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक मानते हैं। कहने की जरूरत नहीं, परिवहन, बैंक और डाक सेवाओं में रुकावट के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ट्रेड यूनियनों के अनुसार, केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आयोजित इस हड़ताल में बिजलीकर्मियों की भागीदारी बड़े पैमाने पर होगी। ऐसे में कई क्षेत्रों में पावर कट या सेवाओं में रुकावट की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही बिहार में कांग्रेस, आरजेडी, और अन्य महागठबंधन विपक्षी दलों ने बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध में बंद करने का ऐलान किया है।  ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन और सड़कों पर जाम की रणनीति बनाई गई (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा, कृषि मजदूर यूनियन, और कई क्षेत्रीय संगठनों का समर्थन भी मिला है। यूनियनों का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन श्रम कानूनों में बदलाव, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, संविदा नौकरियों के विस्तार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस बार हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा और कृषि श्रमिक यूनियनों के संयुक्त मंच का भी समर्थन मिला है। इनके सहयोग से ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन और सड़कों पर जाम की रणनीति बनाई गई (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है। इस मौके पर केरल के परिवहन मंत्री के. बी. गणेश कुमार ने कहा है कि “बुधवार (9 जुलाई) को केएसआरटीसी की बसें सामान्य रूप से चलेंगी, क्योंकि यूनियनों की तरफ से कोई हड़ताल सूचना नहीं मिली है, लेकिन ट्रेड यूनियनों ने मंत्री के बयान को गलत बताया है।” उनका कहना है कि “हड़ताल की सूचना पहले ही दी जा चुकी है और केएसआरटीसी के कर्मचारी भारत बंद में शामिल होंगे।” हड़ताल का नेतृत्व कर रहे 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ सरकारी विभाग युवाओं को नौकरी देने के बजाय रिटायर्ड लोगों को ज्यादा रख रहे (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) हैं- यूनियन  हालाँकि इस बीच यूनियनों का यह कहना है कि “सरकारी विभाग युवाओं को नौकरी देने के बजाय रिटायर्ड लोगों को ज्यादा रख रहे हैं। उन्होंने रेलवे, एनडीएमसी लिमिटेड, स्टील सेक्टर और शिक्षा सेवाओं के उदाहरण देते हुए कहा कि “यह ट्रेंड गलत है क्योंकि देश में 65% आबादी 35 साल से कम उम्र की है। 20 से 25 साल के युवाओं में बेरोजगारी सबसे ज्यादा (Bharat Bandh Today: 250 Million Workers on Nationwide Strike) है। वे खासकर नए श्रम कानूनों की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे, काम करने के घंटे बढ़ेंगे और यूनियन बनाना या हड़ताल करना मुश्किल हो जाएगा। वे सरकार से ज्यादा नौकरियां, MGNREGA की मज़दूरी और काम के दिन बढ़ाने और शहरी इलाकों के लिए भी ऐसी ही रोजगार योजनाएं शुरू करने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक यूनियनों ने श्रम मंत्री को 17 मांगों की एक लिस्ट सौंपी है। उनका कहना है कि “सरकार की ओर से कोई खास जवाब नहीं मिला है। बैंक खुले रहने की उम्मीद है, क्योंकि 9 जुलाई को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने छुट्टी घोषित नहीं की है।” ऐसे में यदि बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल होते हैं, तो बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालाँकि यह पहली बार नहीं है, जब ट्रेड यूनियनों ने इस तरह का विरोध प्रदर्शन किया हो। इससे पहले भी साल 2020, 2022 और 2024 को भी हड़तालें हुई थीं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण, नौकरी की असुरक्षा और वर्कफोर्स को कैजुअल बनाने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया था। Latest News in Hindi Today Hindi news 250 Million Workers on Nationwide Strike #BharatBandh #NationwideStrike #250MillionWorkers #IndiaProtest #LabourRights #StrikeIndia #WorkersUnite #TodayStrike #BandhAlert #IndiaNews

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CDSCO guidelines

सीडीएससीओ की अपील: टॉयलेट में फ्लश करें एक्सपायर्ड दवाएं, जानिए क्यों

दवाईयां कई चीजों में ट्रीटमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं। यह गंभीर और लंबे समय से परेशान करने वाली कंडिशंस का उपचार कर सकती हैं। यह न केवल बीमारियों का उपचार करती है बल्कि इनसे हेल्थ में भी सुधार होता है। अधिकतर लोगों को अपने जीवन के किसी न किसी पॉइंट पर दवाई लेनी ही पड़ती है। लेकिन, दवाईयों का गलत इस्तेमाल हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। बिना एक्सपर्ट की सलाह के इन्हें नहीं लेना चाहिए। भारत की टॉप ऑर्गनाइजेशन ने हाल ही में लोगों से यह अपील की है कि वो मेडिसिन्स को टॉयलेट में ही फ्लश करके डिस्पोज करें। आइए जानें सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में। सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly): पाएं जानकारी  मेडलाइनप्लस (Medlineplus) के अनुसार दवाईयों के साथ एक रिस्क जुड़ा होता है। इसलिए दवाईयों को लेने से पहले इन रिस्क्स के बारे में विचार करना जरूरी है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) हमारे देश की सबसे बड़ी ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी है। इसने लोगों से एक अपील की है। इसके अनुसार लोगों को एक्सपायर्ड या उन दवाईयों को जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, कभी कूड़ेदान में न फेंकें बल्कि इसकी जगह इन्हें टॉयलेट में फ्लश करें। यह तो थी सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में जानकारी। अब जानिए कि ऐसा करने कि सलाह क्यों दी जा रही है?  सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा क्यों दी जा रही है यह सलाह? सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) यानी सीडीएससीओ (CDSCO) ने ऐसी कुछ दवाईयों की लिस्ट भी जारी की है जिनका गलत तरीके से इस्तेमाल करना न केवल हानिकारक है, बल्कि मृत्यु का कारण भी बन सकती है। सीडीएससीओ (CDSCO) के अनुसार इन दवाईयों को कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। हो सकता है कि कूड़ेदान या गलत तरीके से इन्हें डिस्पोज करने से यह किसी बच्चे के हाथ लग जाए और वो इसे खा लें। ऐसा करना उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे ही अगर इन्हें गलती से कोई जानवर खा ले, तो यह उसके लिए भी हानिकारक है। इसीलिए, इन्हें कूड़ेदान की जगह टॉयलेट में फ्लश करना चाहिए। सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा जारी की दवाईयों की लिस्ट इस प्रकार है:  इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ड्रग टेक बैक प्रोग्राम दवाईयों को सही तरीके से डिस्पोज करने के लिए सीडीएससीओ (CDSCO) ने स्टेट ड्रग कंट्रोल डेप्रार्ट्मेंट और केमिस्ट्स एसोसिएशन को ड्रग टेक बैक प्रोग्राम शुरू करने की सलाह दी है। इस प्रोग्राम के अनुसार लोगों को अपनी एक्सपेयर्ड या इस्तेमाल न होने वाली दवाओं को सही से डिस्पोज करने के लिए सही स्थानों में जमा कराने की सुविधा मिलेगी। जिससे दवाईयों को सही से डिस्पोज किया जा सकेगा। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) के अनुसार दवाईयों को सही से डिस्पोज करने से न केवल जानवरों और लोगों को कोई हानि नहीं होगी बल्कि एनवायरनमेंट की भी इससे रक्षा होगी। ड्रग टेक बैक प्रोग्राम को स्थापित करने का उद्देश्य केवल सही से इनको डिस्पोज करना ही नहीं, बल्कि पर्यवरण पर इनके प्रभाव को कम करना भी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। इसे भी पढ़ें:- मॉनसून में मच्छरों से बचाएगा एसएमओएसएस, आंध्र प्रदेश सरकार का एआई-बेस्ड प्लान Latest News in Hindi Today Hindi CDSCO #CDSCO #ExpiredMedicines #DrugDisposal #FlushMedicines #HealthSafety #IndiaPharma #MedicalWaste #DrugAwareness

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UP Native Slams Raj Thackeray Over Maharashtra Sacrifice

‘यूपी का रहने वाला हूं, लेकिन महाराष्ट्र के लिए अपना खून बहाया…’, राज ठाकरे और मनसे पर पूर्व मार्कोस कमांडो का तगड़ा अटैक 

महाराष्ट्र में इन हिंदी और मराठी भाषा को लेकर जबरदस्त विवाद चल रहा है। राज ठाकरे (Raj Thackeray) की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ता हिन्दी बोलने वाले उत्तर भारतियों के साथ मारपीट कर रहे हैं, जिसकी वजह से राज्य में तनाव बना हुआ है। इस विवाद पर 26/11 मुंबई हमले (26/11 Mumbai Attacks) में कई लोगों को बचाने वाले पूर्व मरीन कमांडो फोर्स (MARCOS) प्रवीण कुमार तेवतिया (Praveen Teotia) ने भी अपना पक्ष रखते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) पर भाषा के नाम पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कई सवाल पूछ हैं।  प्रवीण कुमार तेवतिया (Praveen Teotia) ने सोशल मीडिया पर राज ठाकरे (Raj Thackeray) से पूछा है कि मुंबई पर जब पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया तब आपके ये योद्धा कहां थे, जो अब मराठी भाषा न बोलने वाले मासूम लोगों को पीटकर खुद को महाराष्ट्र का योद्धा बता रहे हैं। कमांडो प्रवीण तेवतिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक फोटो भी पोस्ट की है, जिसमें वो कमांडो की वर्दी पहने नजर आ रहे हैं, उनके बुलेटप्रूफ जैकेट पर UP लिखा हुआ है और गले में एके 47 गन लटक रही है।  I saved Mumbai on 26/11.I bleed for Maharashtra.I'm from UP. I saved the Taj Hotel.Where were Raj Thakre's so Called Warriors?Don't divide the Nation. Smiles don't require any Language. https://t.co/z8MBcdcTAW pic.twitter.com/uZAhM4e6Zq — Adv Praveen Kumar Teotia (@MarcosPraveen) July 5, 2025 मुंबई पर जब अटैक हुआ तब आप और आपके योद्धा कहां थे- तेवतिया प्रवीण तेवतिया (MARCOS) ने अपने पोस्ट में लिखा, “26/11 आतंकी हमले (26/11 Mumbai Attacks) के दौरान मैनें यहां के लोगों को बचाया था। मैं यूपी का रहने वाला हूं, लेकिन महाराष्ट्र के लिए अपना खून बहाने से पीछे नहीं हटा। मैंने और मेरे साथियों ने ताज होटल को बचाया। उस समय राज ठाकरे के ये तथाकथित योद्धा कहां थे? क्या उनको यह हमला नहीं दिख रहा था? राज ठाकरे आप खुद कहीं नहीं दिखे। उद्धव ठाकरे और उनके परिवार के कोई सदस्य भी नहीं दिखा। उस समय ठाकरे परिवार ने कुछ भी नहीं बोला, क्योंकि उस समय मुंबई में लोगों की जान बचाने वाले सेना के ज्यादातर जवान यूपी और बिहार जैसे दूसरे राज्यों के थे। इसलिए तुच्छ राजनीति के नाम पर हमारे देश को मत बांटो। मुस्कुान और खुशी के लिए किसी भाषा की जरूरत नहीं पड़ती।”  तेवतिया ने यह भी कहा कि, मैं भी यूपी से हूं और देश के पांचवें प्रधानमंत्री रहे चौधरी चरण सिंह के गांव से आता हूं। इसलिए, हमें राजनीति सिखाने की कोशिश मत करो। राजनीति और भाषा को अलग रखो। महाराष्ट्र के लोगों की तरह हमें भी मराठी भाषा पर गर्व है, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर आप लोगों को राजनीति करनी है, तो युवाओं को नौकरी देने और विकास कार्यों पर करो। आप लोगों ने महाराष्ट्र के विकास के लिए अब तक क्या किया, यह जनता को बताओ। प्रवीण तेवतिया ने यह पोस्ट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए किया। सीएम फडणवीस इस वीडियो में भाषा के नाम पर राज्य में गुंडागर्दी और हिंसा फैलाने वालों को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ कौन हैं शौर्य चक्र विजेता प्रवीण कुमार तेवतिया? बता दें कि प्रवीण तेवतिया यूपी के रहने वाले एक पूर्व मार्कोस कमांडो हैं। इन्होंने मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान ताज होटल में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अपनी टीम का नेतृत्व किया था। ऑपरेशन के दौरान ये आतंकियों से सीधे भीड़ गए थे। दाेनों तरफ से हुई गोलीबारी में इन्हें चार गोलियां लगीं थी, लेकिन तब भी ये पीछे नहीं हटे और आतंकियों से लड़ते रहे। इनके और इनकी टीम के त्वरित कार्रवाई और अदम्य साहस के कारण ही ताज होटल में फंसे 150 से अधिक लोगों को बचाया गया था। प्रवीण तेवतिया को उनके इस बहादुरी भरे कार्य के लिए शौर्य चक्र पुरस्कार से नवाजा गया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Praveen Teotia MARCOS #RajThackeray #MNS #MaharashtraPolitics #MARCOSCommando #UPvsMaharashtra

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RCB Pacer Yash Dayal Booked in Harassment Case

RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case: आरसीबी के तेज गेंदबाज यश दयाल पर यौन शोषण का केस दर्ज

 इंडियन प्रीमियर लीग जके सीजन 2025 में चैंपियन बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के तेज गेंदबाज  यश दयाल पर गाजियाबाद की एक लड़की ने यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और शादी का झूठा वादा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ है। महिला का दावा है कि “वह पिछले पांच सालों से यश दयाल के साथ रिश्ते में थी। इस दौरान यश ने उसे अपने परिवार से भी मिलवाया था। यश पर कई अन्य महिलाओं के साथ संबंध रखने का भी आरोप लगा (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) है। जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में एक युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज भी कर ली गई है। पीड़िता का कहना है कि “वह पिछले पांच सालों से यश दयाल के साथ रिश्ते में थी। और इन पांच वर्षोंमें वह न सिर्फ यश पर, बल्कि उसके पूरे परिवार पर आँख मूंदकर भरोसा कर बैठीं थी। भरोसा इसलिए क्योंकि यश ने उन्हें अपने परिवार से मिलवाया और घरवालों ने भी उन्हें बहू की तरह स्वीकार किया था।”  साल 2019 में सोशल मीडिया के जरिए पीड़िता की यश दयाल के साथ हुई (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) थी बात  इस मामले पर पीड़िता युवती ने कहा है कि “साल 2019 में उनकी बात सोशल मीडिया के जरिए यश दयाल के साथ हुई। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बात होने लगी। इस बीच यश दयाल ने उनके साथ शादी करने की बात कही। जिसके बाद कुछ दिन तक उनके साथ रिलेशन बनाए।” उन्होंने आगे कहा कि “यश ने शादी की बात कहकर उनको बेंगलुरु में लंबे वक्त तक रखा। इस दरम्यान वो उसे दिल्ली और प्रयागराज भी ले गए। वहां उनके साथ शाररिक संबंध बनाए। इसके बाद वो जब भी शादी की बात करती तो यश दयाल करियर को लेकर अपनी बात रखते और कहते थे कि “मैं पहले सेटल हो (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) जाऊं।” यही नहीं, इसके अलावा पीड़िता ने बताया है कि “यश दयाल पिछले पांच साल से उनके साथ रिलेशनशिप में थे, लेकिन कुछ समय पहले से उनका व्यवहार चेंज हो गया। जिसके बाद वो उनकी अनदेखी करने लगे। महीने भर पहले यश दयाल ने उन्हें सोशल मीडिया के सभी अकाउंट और वॉटसेफ से ब्लॉक कर दिया था।” उस व्यक्ति ने भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक रूप से मुझे प्रताड़ित (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) किया- पीड़िता  महिला ने 14 जून को महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल की थी, लेकिन उसका मामला स्थानीय थाने में आगे नहीं बढ़ पाया। इसके बाद उसने मजबूरी में मुख्यमंत्री कार्यालय से न्याय की गुहार लगाई। इस पूरे मामले में यश दयाल पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक “उस व्यक्ति ने भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक रूप से मुझे प्रताड़ित (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) किया। शादी का झूठा वादा कर मेरे साथ सालों तक रिश्ता निभाया और पति की तरह व्यवहार किया जिससे मेरा भरोसा और गहरा होता चला गया।” इस बीच महिला को एहसास हुआ कि “ये सब झूठे वादे थे, तब उसने विरोध किया और सच्चाई जानने की कोशिश की। तब उसे शारीरिक हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।” क्रिकेटर यश पर गंभीर आरोप लगाते हुए युवती ने कहा कि “उसके पास यश के खिलाफ पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। जिनमें चैट्स, स्क्रीनशॉट्स और वीडियो कॉल्स की रिकॉर्डिंग शामिल हैं।” पीड़िता का यह भी कहना है कि “ये सबूत उसके आरोपों की पूरी तरह प्रमाणित कर सकते हैं और जांच में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।” इसे भी पढ़ें:- बिहार के पूर्णिया जिले में तांत्रिक के कहने पर 5 लोगों को जलाया जिंदा  आरोप साबित होने पर इसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) है इस मामले पर बात करते हुए गाजियाबाद के एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया है कि “पीड़िता की शिकायत के बाद क्रिकेटर यश दयाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इससे पहले युवती का मेडिकल कराया जाएगा।” बता दें कि यह धारा झूठे वादों के आधार पर किए गए यौन शोषण और धोखे को अपराध की श्रेणी में रखती (RCB Pacer Yash Dayal Booked in Sexual Harassment Case) है। आरोप साबित होने पर इसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गौरतलब हो कि इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु चैंपियन बनी थी। इस सीजन में आरसीबी की तरफ से खेलते हुए यश दयाल ने उम्दा गेंदबाजी का प्रदर्शन किया था। अब उन पर गाजियाबाद की युवती के इस आरोप के बाद हड़कंप मचा हुआ है। पीड़िता ने 21 जून को यूपी के सीएम से शिकायत की थी। उस दौरान गाजियाबाद की पुलिस ने युवती के कुछ बयान भी दर्ज किए थे। Latest News in Hindi Today Hindi Yash Dayal #YashDayal #RCB #IPL2025 #SexualHarassmentCase #RCBNews #CricketControversy #BreakingNews #YashDayalNews

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Bihar Youth Commission Formed,

Bihar Cabinet Meeting: ‘बिहार युवा आयोग’ का गठन और महिलाओं को मिलेगा 35% आरक्षण

बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं और महिलाओं के भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में कुल 43 एजेंडों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से कुछ फैसले न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाले समय में बिहार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी गहराई से प्रभावित करेंगे। कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में सबसे अहम घोषणा बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) के गठन को लेकर की गई, जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह आयोग न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन्हें स्किल डेवलपमेंट की दिशा में मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी देगा। क्या है बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog)? बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) राज्य के युवाओं को केंद्र में रखकर बनाया गया एक विशेष निकाय होगा, जिसका उद्देश्य युवाओं की जरूरतों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर काम करना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने X के पोस्ट में लिखा है कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार के युवाओं को बेहतर शिक्षा, ट्रेनिंग और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ‘बिहार युवा आयोग’ के गठन को मंजूरी दी गई है। यह आयोग सरकार को सुझाव देने के साथ-साथ युवाओं के हित में नीतियां बनाने में सहयोग करेगा। इस आयोग का काम न केवल प्रशिक्षण और रोजगार तक सीमित रहेगा, बल्कि यह युवाओं की सामाजिक, शैक्षणिक और मानसिक स्थिति का भी मूल्यांकन करेगा और सरकार को समय-समय पर सुझाव देगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। आयोग की कार्य और जिम्मेदारियां बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) के प्रमुख कार्य इस प्रकार होंगे: यह आयोग युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें एक सशक्त नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। महिलाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला: 35% आरक्षण कैबिनेट की इस बैठक में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया गया। अब से बिहार की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरियों (Government Jobs) में 35% आरक्षण मिलेगा। यह आरक्षण सभी स्तरों और सभी विभागों की सीधी नियुक्तियों में लागू होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा है कि बिहार की महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए यह आरक्षण न केवल एक हक है, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है, जिसे राज्य सरकार निभा रही है। इस फैसले का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, नौकरी के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाना और उन्हें समाज में बराबरी का स्थान दिलाना है। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही उस मांग के जवाब में आया है, जिसमें यह कहा जा रहा था कि बिहार की नौकरियों में आरक्षण का लाभ केवल राज्य की मूल निवासी महिलाओं को ही दिया जाए, न कि बाहरी राज्यों की महिला उम्मीदवारों को। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ क्या होगा असर? बिहार सरकार के ये दोनों फैसले बिहार युवा आयोग (Bihar Yuva Aayog) का गठन और महिलाओं को आरक्षण राज्य के सामाजिक ताने-बाने और आर्थिक विकास में नई जान फूंक सकते हैं। जहां एक ओर युवा आयोग उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करेगा, वहीं दूसरी ओर महिला आरक्षण से बेटियों को सरकारी नौकरियों में अधिक भागीदारी का मौका मिलेगा। राजनीति से जुड़े जानकार मानते हैं कि यह आयोग अगर ठीक तरीके से काम करता है, तो यह बिहार के युवा टैलेंट को राज्य में ही रोकने और ब्रेन ड्रेन को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। नीतीश कुमार की सरकार ने इस बार की कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में ऐसे निर्णय लिए हैं, जो सीधे तौर पर राज्य की युवा और महिला आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। ये फैसले केवल प्रशासनिक घोषणाएं नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा तय करने वाले कदम हैं। अब देखना यह होगा कि इन योजनाओं को ज़मीन पर कितनी तेज़ी और ईमानदारी से लागू किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Yuva Aayog #BiharCabinet #YouthCommission #WomenReservation #BiharNews #ReservationForWomen #NitishKumar #BiharGovernment

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5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Orders

5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror: बिहार के पूर्णिया जिले में तांत्रिक के कहने पर 5 लोगों को जलाया जिंदा 

यह बिडंबना ही है कि एक तरफ जहाँ भारत विश्वगुरु बनने की दिशा आगे बढ़ रहा है, तो वहीं बिहार के पूर्णिया जिले में अंधविश्वास के चक्कर में एक ही परिवार के पांच लोगों को जलाकर मार दिया गया। इस हत्याकांड के पीछे एक तांत्रिक का हाथ बताया जा रहा है। तांत्रिक के कहने पर ग्रामीणों ने 70 वर्षीय कातो देवी को डायन मान लिया था और इसी आक्रोश में उसके परिवार के पांच सदस्यों को जिंदा जलाकर मार डाला था। दरअसल, घटना पूर्णिया पूर्व इलाके के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के टेटगामा आदिवासी टोला की (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) है, जहाँ रविवार की देर रात्रि डायन के आरोप में एक ही परिवार के पांच लोगों को जिंदा जला कर मार दिया गया। वारदात के बाद गांव के अधिकतर लोग घरों पर ताला जड़कर फरार हैं। इस घटना में 23 नामजद और 150 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है। बता दें कि बाबूलाल उरांव का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। गरीब बाबूलाल मजदूरी करके जैसे-तैसे घर चलाता था। जानकारी के मुताबिक इसके अलावा वो झाड़फूंक का भी काम किया करता था।  परिवार की महिलाओं पर डायन होने का आरोप भी (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) लगाया प्राप्त जानकारी के मुताबिक टेटगामा वार्ड-10 में रामदेव उरांव का परिवार रहता है। रामदेव का बेटा बीमार चल रहा था। इस बीच परिवार ने बेटे की झाड़फूंक कराई थी, लेकिन उसकी तबीयत थी कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रही थी और इस बीच उसकी मौत हो गई। रामदेव को गांव के ही बाबूलाल उरांव और उसके परिवार पर तंत्र-मंत्र और काले जादू का शक था। बेटे के मौत के बाद उसने आरोप लगाया कि “बाबूलाल के परिवार ने काला जादू कर उसके बेटे को मार दिया। यही नहीं उसने परिवार की महिलाओं पर डायन होने का आरोप भी (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) लगाया। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। बेटे की मौत से बौखलाए रामदेव ने गांव में ही रविवार की रात नौ बजे पंचायत बुला ली। तकरीबन तीन गांवों के 300 लोग इस पंचायत में शामिल हुए। दो घंटे तक पंचायत बैठी। इस बीच पंचों ने एक स्वर में बाबूलाल और उसके परिवार को इसका दोषी ठहराया। दोषी ठहराने के बाद रात लगभग एक बजे पांचों सदस्यों को उनके घर से लगभग 50 फीट दूरी पर ले जाया गया। वहां ले जाकर पहले उन्हें बेरहमी से पीटा गया। और फिर सभी को रस्सी से बांध कर जिंदा जला दिया गया। गौर करने वाली बात यह कि इस घटना के समय सैकड़ों लोग वहां मौजूद थे। परिवार रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन किसी का भी दिल नहीं पसीजा।  वो रोते-बिलखते रहे, चिल्लाते रहे लेकिन 300 की भीड़ में से एक भी शख्स उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। सब के सब उन्हें जिंदा जलता देखते रहे।  इस घटना पर पुलिस के सामने गांव का एक भी शख्स अपना मुँह खोलने को तैयार (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) नहीं है आपको जानकर हैरत होगी कि सिर्फ अंधविश्वास के चलते परिवार के मुखिया बाबूलाल उरांव सहित पत्नी सीता देवी, माँ मो कातो, बहू रानी देवी और बेटे मनजीत को जिंदा जला दिया गया। पुलिस की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां पर सिर्फ जले हुए कपड़े मिले। गांववालों ने जली हुईं लाशों को तालाब में फेंक दिया गया था और वहां पर मकई के डंठल रख दिए गए थे। तालाब जलकुंभी से भरा हुआ था। लाशें पुलिस को जलकुंभी में ही दबी हुई मिलीं। डीआईजी प्रमोद कुमार, डीएम अंशुल कुमार और एसपी सहरावत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) है। ताज्जुब की बात यह कि इस घटना पर पुलिस के सामने गांव का एक भी शख्स अपना मुँह खोलने को तैयार नहीं है। कहने की जरूरत नहीं कि इस घटना पर पुलिस की कार्यशैली पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। बड़ा सवाल यह कि 300 लोगों की भीड़ ने पांच लोगों को जिंदा जला दिया और इसकी भनक स्थानीय पुलिस को भला लगी कैसे नहीं? इस पूरे मामले पर एसडीपीओ पंकज शर्मा ने कहा है कि “अंधविश्वास की वजह से पांच लोगों की हत्या कर दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जानकारी के मुताबिक आधा दर्जन थानों की पुलिस व दो डीएसपी की अगुवाई में डॉग स्कवाड की मदद से शवों को बरामद किया था। इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म मृतक बाबूलाल उरांव का पुत्र व चश्मदीद सोनू कुमार ने पुलिस को हर बात (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) बताई इस घटना के बाद पूरा का पूरा गांव वीरान पड़ा है। मृतक बाबूलाल उरांव का पुत्र व चश्मदीद सोनू कुमार ने पुलिस को हर बात (5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror) बताई। उन्होंने पुलिस को बताया कि “लगभग 50 से 60 लोग जो गांव के ही थे वह सब अचानक घर में घुसकर मेरे पिता, माता, दादी, भैया और भाभी को बांधकर पीटते हुए घसीटकर लेकर चला गए।” बेशक जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित पटेगामा आदिवासी टोला में अंधविश्वास में पांच लोगों को जिंदा जलाकर मारने की घटना ने हर किसी को दहला दिया है। यह इसलिए भी पूर्णिया के इतिहास में अंधविश्वास की यह सबसे क्रूर घटना है।  Latest News in Hindi Today Hindi 5 Burnt Alive in Bihar on Tantrik’s Order, Purnia Horror #bihar #purnia #tantrik #burntalive #ritualcrime #biharnews #india

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Elon Musk’s Astra Nova School

Astra Nova: एलन मस्क के स्कूल में पढ़ने के लिए 1 घंटे के लिए देने होंगे 1.88 लाख रुपये

एलन मस्क को आमतौर पर उनकी कंपनियों Tesla, SpaceX और Neuralink के लिए जाना जाता है। लेकिन एलन मस्क सिर्फ टेक्निकल फिल्ड ही नहीं, बल्कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बढ़िया काम किया है। एलन मस्क ने एक स्कूल की शुरुआत की है जिसका नाम है एस्ट्रा नोवा (Astra Nova), जो आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्कूल पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से हटकर बच्चों को सोचने, समझने और रचनात्मक समाधान ढूंढने की कला सिखाता है। क्या है एस्ट्रा नोवा (Astra Nova)? एलन मस्क का एस्ट्रा नोवा स्कूल (Astra Nova School) अन्य स्कूलों से काफी अलग है। अलग इसलिए क्योंकि यह ऑनलाइन (Online), प्रोजेक्ट-बेस्ड स्कूल (Project based School) है जिसे 10 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। एस्ट्रा नोवा स्कूल की शुरुआत उस सोच के साथ शुरू गई है कि बच्चों को रट्टा मारने से ज्यादा जरूरी है उन्हें सोचने और समस्याओं को हल करने का तरीका सिखाना। एलन मस्क का यह स्कूल इसलिए भी खास है क्योंकि यहां न तो परीक्षा होती है, न ही ग्रेड मिलते हैं और न ही कोई रिपोर्ट कार्ड तैयार होता है। यह पूरी तरह से कांसेप्ट-ड्रिवन लर्निंग को बढ़ावा देता है। पढ़ाई का तरीका है बिल्कुल अलग एलन मस्क का एस्ट्रा नोवा (Elon Musk’s Astra Nova School) में पढ़ाई के लिए किसी भी तरह का सिलेबस नहीं दिया जाता। और छोटा-छोटे सेमेस्टर में अलग-अलग सब्जेक्ट्स पर फोकस किया जाता है। छात्रों को अलग-अलग प्रोजेक्ट्स दिए जाते हैं, जिनके ज़रिए वे तर्क, विश्लेषण और क्रिएटिव सोच को विकसित करते हैं। यहां एक खास क्लास होती है जिसे आर्ट ऑफ प्रोब्लेम सॉल्विंग (Art of Problem Solving) कहा जाता है। इस क्लास में छात्रों को असल जिंदगी की समस्याएं दी जाती हैं जैसे पर्यावरण संकट, टेक्नोलॉजी के दुष्प्रभाव, या सामाजिक मुद्दे और उन्हें इनका समाधान खुद ढूंढना होता है। यह उन्हें न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करता है। एलन मस्क के स्कूल में किसी विषय को नजरअंदाज भी नहीं किया जाता है। इसलिए यहां एलजेब्रा, जियोमेट्री, और प्री-कैलकुलस जैसे कठिन विषयों को भी रोचक तरीके से पढ़ाया जाता है ताकि छात्र न सिर्फ समझें, बल्कि उसे असल ज़िंदगी में उपयोग करना भी सीखें। फीस है काफी महंगी एलन मस्क के स्कूल एस्ट्रो नोवा (Elon Musk’s Astra Nova School) की एक और खास बात इस स्कूल की फीस है। अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार इस स्कूल की एक घंटे की क्लास की फीस लगभग 1.88 लाख रुपये (2200 डॉलर) है। छात्र कम से कम 2 घंटे और अधिकतम 16 घंटे की क्लास ले सकते हैं। अगर कोई छात्र 16 घंटे का कोर्स करता है, तो टोटल फीस 30.20 लाख रुपये (35,200 डॉलर) तक पहुंच सकती है। यह फीस कई लोगों के लिए अत्यधिक हो सकती है, लेकिन जो माता-पिता अपने बच्चों को भविष्य के लिए विशेष रूप से तैयार करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बड़ा निवेश माना जा सकता है। एडमिशन प्रक्रिया इस स्कूल में पढ़ाई करने के लिए छात्र या उनके पेरेंट्स स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट astranova.org पर पूरी जानकारी पढ़ सकते हैं। वहां पर आवेदन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। चूंकि यह स्कूल ऑनलाइन है, इसलिए दुनिया के किसी भी कोने से इसमें भाग लिया जा सकता है। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? क्यों है यह स्कूल खास? एस्ट्रो नोवा (Astra Nova) स्कूल बच्चों को सिर्फ पढ़ाने में ही नहीं, बल्कि बच्चों को सोचने और समझने के लिए वक्त देता है। एलन मस्क का मानना है कि आने वाला भविष्य ऐसी समस्याएं लेकर आएगा, जिनका हल आज की शिक्षा प्रणाली नहीं दे सकती। इसलिए बच्चों को ऐसे तैयार करना जरूरी है कि वे नई सोच, तकनीकी समझ और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ें। यही वजह है कि Astra Nova अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि एक ग्लोबल एजुकेशन मॉडल के रूप में उभर रहा है। एलन मस्क का एस्ट्रो नोवा स्कूल (Elon Musk’s Astra Nova School) पारंपरिक शिक्षा से हटकर एक ऐसा रास्ता दिखाता है जो बच्चों को रचनात्मक, जिज्ञासु और स्वतंत्र विचारक बनाता है। हालांकि इसकी फीस हर किसी के बजट में नहीं हो सकती, लेकिन यह एक उदाहरण है कि भविष्य की शिक्षा कैसी हो सकती है। ऐसी शिक्षा जो बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देती, बल्कि उन्हें दुनिया को बदलने का नजरिया सिखाती है। Latest News in Hindi Today Hindi Astra Nova #ElonMusk #AstraNova #ElonMuskSchool #FuturisticEducation #TechEducation #ExpensiveSchool #EducationNews

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Trump Ukraine weapons

Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine: सीजफायर की बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन को और भेजेंगे हथियार, ऐसे मिलेगा नोबेल?

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बीच आग ने घी डालने का काम करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को और हथियार भेजने का ऐलान किया है। मजे की बात यह कि पिछले हफ्ते ही हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने की बात कही गई थी। खैर, इस बीच, रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। दरअसल, अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि “यूक्रेन को और हथियार भेजे जाएंगे।” ध्यान देने वाली बात यह कि उनका यह बयान ऐसे समय में आया (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) है, जब कुछ दिन पहले ही पेंटागन ने यूक्रेन को दी जाने वाली कुछ अहम हथियारों की सप्लाई रोक दी थी। इस बीच रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल हमलों को और तेज कर दिया है, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं।  हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) हैं गौरतलब हो कि कि पिछले हफ्ते ही पेंटागन ने कहा था कि “अमेरिका के पास हथियारों का स्टॉक कम हो रहा है, इसलिए यूक्रेन को कुछ हथियारों की डिलीवरी रोकी जा रही है।” इनमें एयर डिफेंस सिस्टम और सटीक निशाना लगाने वाले तोपखाने शामिल थे। लेकिन सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि “हमें यूक्रेन को और हथियार भेजने होंगे। उन्हें अपनी हिफाजत के लिए लड़ने का हक है।” ऐसे में कहने की जरूरत नहीं उनका यह बयान यूक्रेन के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, जो रूस के लगातार हमलों का सामना कर रहा (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) है। दोनों देशों के बीच बढ़ते युद्ध को देखते हुए रूस ने हाल के दिनों में यूक्रेन पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इस हमले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि “पिछले एक हफ्ते में रूस ने 1270 ड्रोन, 39 मिसाइलें, और करीब 1000 शक्तिशाली ग्लाइड बम यूक्रेन पर दागे। इन हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए और 80 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि “रूस के हमलों में ओदेसा में एक व्यक्ति की मौत हुई जबकि खारकीव में एक व्यक्ति मारा गया और 71 लोग घायल हुए।” इस दौरान उन्होंने आगे बताया कि “सूमी में ड्रोन हमलों में 2 लोग मारे गए और 2 घायल हुए जबकि दोनेत्स्क में 7 लोग मारे गए और 9 घायल हुए।’ जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को रूस ने यूक्रेन के सैन्य भर्ती केंद्रों पर भी हमले किए। बड़ी बात यह कि ये पिछले 5 दिनों में ऐसा तीसरी बार हुआ है। दरअसल, इसका मेन मकसद यूक्रेन की सेना में नई भर्ती को रोकना था। हालांकि इसके जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के अंदर कई सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। इस बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उन्होंने रातोंरात 13 रूसी क्षेत्रों में 91 यूक्रेनी ड्रोन मार (Trump Talks Peace But Sends More Weapons to Ukraine) गिराए। ऐसा नहीं है कि यूक्रेन हाथ पर हाथ धीरे बैठा है, यूक्रेन ने पहले भी रूस के सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों पर ताबड़तोड़ ड्रोन हमले किए हैं। यही नहीं, हाल ही में ऑपरेशन स्पाइडरवेब में यूक्रेन ने रूस के 4 एयरबेस पर 117 ड्रोन्स से हमला किया था, जिसमें कई रूसी फाइटर जेट तबाह हो गए थे। यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूसी परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइत की सोमवार को मौत हो गई। रूसी अधिकारियों ने इसे आत्महत्या बताया। ध्यान देने वाली बात यह कि उनकी मौत की खबर उनके बर्खास्त होने के चंद घंटों बाद ही आई। बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्टारोवोइत को मई 2024 से परिवहन मंत्री बनाया था। उनकी बर्खास्तगी की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई। रूसी मीडिया का कहना है कि “यह कुर्स्क क्षेत्र में डिफेंस वॉल के लिए दी गई रकम में गबन की जांच से जुड़ा हो सकता है।” गौरतलब हो कि कुर्स्क में अगस्त 2024 में यूक्रेन की अचानक घुसपैठ के दौरान रूस की रक्षा लाइन कमजोर साबित हुई थी, जिसके लिए स्टारोवोइत को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था। #Trump #Ukraine #NobelPeacePrize #WeaponsAid #USPolitics #Ceasefire #TrumpNews #UkraineWarZ Latest News in Hindi Today Hindi news 

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IBPS Hindi Officer 2025

आईबीपीएस हिंदी ऑफिसर भर्ती 2025: हिंदी ऑफिसर बनने का सुनहरा अवसर, आवेदन प्रक्रिया और योग्यता मानदंड

अगर आपको हिंदी का अच्छा ज्ञान है, तो आपके लिए एक सुनहरा मौका है। द इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (The Institute of Banking Personnel Selection) यानी आईबीपीएस ने एक नोटिफिकेशन जारी की है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार द इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (The Institute of Banking Personnel Selection) द्वारा हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) (ग्रेड ई) के लिए पोस्ट्स निकाली गयी हैं। यह पोस्ट्स मुंबई में स्थित आईबीपीएस हेडक्वाटर में नियमित अपॉइंटमेंट के लिए निकाली गयी हैं। अगर आपको इनके लिए अप्लाई करना है, तो आपको बता दें तो इसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 है। यह एप्लिकेशन प्रोसेस 1 जुलाई से ही शुरू हो चुकी है। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) बारे में यह डिटेल इंफॉर्मेशन आपके काम आएगी। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के बारे में जरुरी जानकारी जैसा की पहले ही बताया गया है कि आईबीपीएस द्वारा हिंदी ऑफिसर(Hindi Officer)  पोस्ट्स (ग्रेड ई) के लिए वेकेंसीज निकाली हैं। यह वेकेंसीज ऑफिशियल कम्युनिकेशन्स, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज सपोर्ट से संबंधित हैं। यानी, हिंदी ऑफिसर(Hindi Officer)  विभिन्न बैंकिंग एग्जामिनेशन और रिपोस्टस के लिए ऑफिशियल कम्युनिकेशन, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज सपोर्ट प्रदान करते हैं। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए योग्यता आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए कैंडिडेट्स के पास हिंदी या अंग्रेजी में ग्रेजुएशन या इसके समान डिग्री होना आवश्यक है। यही नहीं ,कैंडिडेट्स के पास एक साल का ट्रांसलेशन का अनुभव होना चाहिए और कैंडिडेट के पास कंप्यूटर स्किल्स भी होने चाहिए। अगर किसी को एआई बेस्ड ट्रांस्लेशन टूल्स का अनुभव है, तो उन्हें अतिरिक्त अडवांटेज मिलेगा। उम्र सीमा हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) पोस्ट्स के लिए एज लिमिट को मिनिमम 23 साल और मैक्सिमम 30 साल निर्धारित की गयी है। इसके बारे में अधिक जानकारी आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  फीस हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने से पहले आपको इसकी फीस के बारे में भी पता होना चाहिए। इसके लिए एप्लीकशन फीस सिर्फ 1000 रुपए है। ध्यान रखें, यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है। आप ऑनलाइन तरीकों जैसे इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और डेबिट/क्रेडिट कार्ड से पे कर सकते हैं। इन पोस्ट्स के लिए कैंडिडेट्स का चयन रिटन एग्जाम और इंटरव्यू के आधार पर होगा। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए कैसे करें अप्लाई? अगर आप इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि सेलेक्टड किए कैंडिडेट्स को 4900 रुपये(बेसिक) सैलेरी मिलेगी। उनका वार्षिक सीटीसी लगभग 16.81 लाख रुपये होगा। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए इस तरह से अप्लाई करें: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi IBPS #ibpshindiofficer2025 #hindiofficerjob #govtjob2025 #ibpsrecruitment #bankjob2025 #hindijobvacancy #sarkarinaukri2025

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