Youth kills married girlfriend,

Youth Kills Married Girlfriend: प्रभास की फिल्म देख 24 साल के मुस्लिम युवक ने शादीशुदा गर्लफ्रेंड का काटा सिर

फिल्म को समाज का दर्पण कहा जाता है। कहते हैं फ़िल्में समाज को सही राह दिखाने का काम करती हैं। लेकिन क्या हो यदि इन्हीं फिल्मों को देखकर कोई किसी का मर्डर कर दे। दरअसल, यूपी के बहराइच से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। जहां शांतिप्रिय समुदाय विशेष के एक युवक ने साउथ की एक फिल्म देखकर अपनी प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया। जानकारी के मुताबिक साउथ की मूवी ‘सालार’ की हिंदी डबिंग देखने के बाद उसने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। दरअसल, फिल्म देखने के बाद उसने अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड (Youth Kills Married Girlfriend) का सिर काटकर उसकी हत्या कर दी।इस घटना की चर्चा बहराइच समेत समूचे राज्य में हो रही है कि आखिर एक शख्स भला कैसे इतना हिंसक हो सकता है। क्रूरता ऐसी कि अपनी ही प्रेमिका की हत्या कर दे। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय आसिफ रजा उर्फ फैजान के रूप में हुई है। पेशे से मोटरसाइकिल मैकेनिक फैज़ान बहराइच के हसनपुर गांव का निवासी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते दिनों बहराइच जिले के नानपारा इलाके में एक युवती की सिर कटी लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी को गिरफ्तार किया है।  शादीशुदा होने की वजह से आरोपी उससे शादी नहीं करना चाहता था (Youth Kills Married Girlfriend) इस पूरे मामले पर एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने रविवार को बताया कि “नानपारा कोतवाली क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में शुक्रवार सुबह नहर किनारे एक अज्ञात महिला की सिर कटी लाश मिली थी। इस तरह लाश को देख लोगों ने पुलिस को सूचित किया। शव का निचला हिस्सा मिला था लेकिन सिर गायब था। बिना सर के लाश की शिनाख्त करना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। इस बीच शनिवार को मृत महिला की सास ने बिना धड़ के शव की शिनाख्त की। बता दें मृतका की पहचान श्रावस्ती जनपद के चमरपुरवा गांव की 26 वर्षीय महिला के रूप में हुई। एएसपी ने आगे बताया कि मामले में बहराइच के हसनपुर गांव के निवासी मोटरसाइकिल मैकेनिक आसिफ रजा उर्फ फैजान को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि “उसकी प्रेमिका शादी करने का दबाव बनाने लगी थी। हैरत की बात यह कि वह पहले से शादीशुदा (Youth Kills Married Girlfriend) थी। शादीशुदा होने की वजह से आरोपी उससे शादी नहीं करना चाहता था। इस दरम्यान कई बार मृतका ने आरोपी फैजान से शादी करने की बात कही। जब प्रेमिका ज्यादा प्रेशर बनाने लगी तो फैजान ने उसकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी। प्रेमिका को बहाने से बुलाकर उसका सिर धड़ से अलग (Youth Kills Married Girlfriend) कर दिया दरअसल, आरोपी रोज-रोजा की टोकाटाकी से तंग आ चुका था। अब की अपनी पहले से शादीशुदा प्रेमिका को रास्ते से हटाना चाहता था। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि किस तरह हटाया जाए। बड़ी बात यह कि वह इसे अकेले ही अंजाम देना चाहता था। कई दिनों से वो इसी उधेड़बुन में था कि एक दिन उसने साउथ की 2023 की तेलुगु फिल्म सालार (हिंदी डब मूवी) देखी। सालार फिल्म के एक सीन में एक्टर प्रभास को एक शख्स का सिर काटते हुए दिखाया गया है। यहीं से उसे सर को धड़ से अलग करने का आईडिया मिला। फिर क्या था, फिल्म देखने के बाद वो पास के दूकान से एक धारधार हथियार लाया। और प्रेमिका को बहाने से बुलाकर उसका सिर धड़ से अलग (Youth Kills Married Girlfriend) कर दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद शव को उसने गुमनाम सड़क पर ये सोच कर फेंक दिया कि बिना सिर वाली लाश की शिनाख्त हो ही नहीं सकेगी। लेकिन कहते हैं न कानूफिल्म को समाज का दर्पण कहा जाता है। कहते हैं फ़िल्में समाज को सही राह दिखाने का काम करती हैं। लेकिन क्या हो यदि इन्हीं फिल्मों को देखकर कोई किसी का मर्डर कर दे। दरअसल, यूपी के बहराइच से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। जहां शांतिप्रिय समुदाय विशेष के एक युवक ने साउथ की एक फिल्म देखकर अपनी प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया। जानकारी के मुताबिक साउथ की मूवी ‘सालार’ की हिंदी डबिंग देखने के बाद उसने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। दरअसल, फिल्म देखने के बाद उसने अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड (Youth Kills Married Girlfriend) का सिर काटकर उसकी हत्या कर दी।इस घटना की चर्चा बहराइच समेत समूचे राज्य में हो रही है कि आखिर एक शख्स भला कैसे इतना हिंसक हो सकता है। क्रूरता ऐसी कि अपनी ही प्रेमिका की हत्या कर दे। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय आसिफ रजा उर्फ फैजान के रूप में हुई है। पेशे से मोटरसाइकिल मैकेनिक फैज़ान बहराइच के हसनपुर गांव का निवासी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते दिनों बहराइच जिले के नानपारा इलाके में एक युवती की सिर कटी लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी को गिरफ्तार किया है।  शादीशुदा होने की वजह से आरोपी उससे शादी नहीं करना चाहता था (Youth Kills Married Girlfriend) इस पूरे मामले पर एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने रविवार को बताया कि “नानपारा कोतवाली क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में शुक्रवार सुबह नहर किनारे एक अज्ञात महिला की सिर कटी लाश मिली थी। इस तरह लाश को देख लोगों ने पुलिस को सूचित किया। शव का निचला हिस्सा मिला था लेकिन सिर गायब था। बिना सर के लाश की शिनाख्त करना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। इस बीच शनिवार को मृत महिला की सास ने बिना धड़ के शव की शिनाख्त की। बता दें मृतका की पहचान श्रावस्ती जनपद के चमरपुरवा गांव की 26 वर्षीय महिला के रूप में हुई। एएसपी ने आगे बताया कि मामले में बहराइच के हसनपुर गांव के निवासी मोटरसाइकिल मैकेनिक आसिफ रजा उर्फ फैजान को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि “उसकी प्रेमिका शादी करने का दबाव बनाने लगी थी। हैरत की बात यह कि वह पहले से शादीशुदा (Youth Kills Married Girlfriend) थी। शादीशुदा होने की वजह से आरोपी उससे शादी नहीं करना चाहता था। इस दरम्यान कई बार मृतका ने आरोपी फैजान से शादी करने… Read 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EconomicPartnership

Mark Carney होंगे कनाडा के नये प्रधानमंत्री, क्या सुधरेंगे भारत से संबंध?

ट्रूडो ने जनवरी में ही पार्टी को देश के नया प्रधानमंत्री चुनने को कह दिया था। हालांकि अब जाकर कनाडा के नए प्रधानमंत्री के नाम पर मुहर लगी है। मार्क कार्नी, जी हाँ मार्क कार्नी (Mark Carney) कनाडा के अगले प्रधानमंत्री होंगे। कनाडा के पीएम की रेस में उनका नाम सबसे आगे चल रहा था। वर्तमान पीएम जस्टिन ट्रूडो के उत्तराधिकारी के रूप में मार्क कार्नी के नाम ठप्पा लगा दिया है। रविवार को सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने उन्हें अपना नेता चुना। दरअसल, ट्रूडो के खिलाफ अपने ही नेताओं ने मोर्चा खोल लिया था, जिसके बाद ट्रूडो ने इस्तीफे का ऐलान किया था। खैर, नाम के ऐलान के कार्नी जस्टिन ट्रूडो की जगह लेंगे। वैसे तो मार्क कार्नी कनाडा की राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन इस बीच इस बीच उन्हें मौके कई बार मिले। साल 2012 में ही उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने वित्त मंत्री बनने का मौका दिया था, लेकिन उनके प्रस्ताव को उन्होंने नकार दिया था। बता दें कि कार्नी एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं औऱ वह दुनिया के दो बड़े देशों में गवर्नर रह चुके हैं। मार्क कार्नी (Mark Carney) को राजनीति का कोई अनुभव नहीं है बात करें मार्क कार्नी की तो वे (Mark Carney) 59 वर्ष के हैं। 16 मार्च, 1965 को नॉर्थवेस्ट टेरिटरीज़ के फ़ोर्ट स्मिथ में जन्मे कार्नी का पालन-पोषण एडमॉन्टन, अल्बर्टा में हुआ था। मार्क कार्नी एक प्रसिद्ध कनाडाई आर्थिक विशेषज्ञ हैं। कार्नी को केंद्रीय बैंकिंग और वैश्विक वित्तीय स्थिरता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए जाना जाता है। उन्होंने साल 2008 से साल 2013 तक बैंक ऑफ कनाडा और 2013 से 2020 तक बैंक ऑफ इंग्लैंड का संचालन भी किया है। यही नहीं कार्नी गोल्डमैन सैक्स के पूर्व कार्यकारी भी रहे हैं। साल 2003 में बैंक ऑफ कनाडा के डिप्टी गवर्नर नियुक्त होने से पहले उन्होंने न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो और टोरंटो में 13 साल तक काम किया। उन्हें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है।उन्हें विशेष रूप से आर्थिक संकट के दौरान स्थिरता बनाए रखने, केंद्रीय बैंकों की भूमिका को पुनः परिभाषित करने में माहरत हासिल है। रही बात उनकी शिक्षा की तो साल 1988 में हार्वर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर और डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की। इसे भी पढ़ें:- भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर जमाया कब्जा, न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास मार्क कार्नी (Mark Carney) रिश्ते बेहतर होने की उम्मीद है  ऐसे में बड़ा सवाल यह कि भारत के प्रति मार्क कार्नी (Mark Carney) का क्या रुख होगा। क्योंकि जस्टिन ट्रूडो ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत के साथ संबंधों को बदतर करने में कोई कोर असर नहीं छोड़ी थी। हालांकि मार्क कार्नी रिश्ते बेहतर होने की उम्मीद है। दरअसल,कार्नी ही वह शख्स हैं, जिन्होंने हाल ही में कहा था कि “भारत के साथ रिश्ते फिर से मजबूत करने चाहिए।” यहां जानकारों की माने तो मार्क कार्नी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पसंद नहीं करते। वो बात और है कि उन्होंने कभी खुल कर मुख़ालफ़त नहीं की। कनाडा पर ट्रंप की बदनीयत के बाद कार्नी के सामने न सिर्फ इकोनॉमी को मजबूत करने बल्कि देश के लोगों का भरोसा जीतने की भी चुनौती होगी। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि कनाडा इस समय कई संकटों से घिरा है। जिसमें अमेरिका की ओर से टैरिफ वॉर सबसे ऊपर है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mark Carney #MarkCarney #CanadaPM #CanadaIndiaRelations #JustinTrudeau #Diplomacy #GlobalPolitics

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Champions Trophy 2025

IND vs NZ: भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर जमाया कब्जा, न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने 12 साल के लंबे इंतजार के बाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (Champions Trophy 2025) पर आखिकार कब्जा कर ही लिया। इसके साथ ही भारत दुनिया की पहली टीम बन गई जिसने तीन बार यह खिताब अपने नाम किया है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Dubai International Cricket Stadium) में खेले गए फाइनल मुकाबले में रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर जीत हासिल की है। भारत और न्यूजीलैंड के मुबीच आज मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 251 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने एक ओवर शेष रहते 254 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की। 10 महीनों में भारत का दूसरा ICC खिताब भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के लिए यह जीत बेहद खास रही क्योंकि यह पिछले 10 महीनों में उनका दूसरा ICC खिताब था। जून 2024 में टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) जीता था और अब चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (Champions Trophy 2025) भी अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और किसी भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा। इससे पहले भारत ने 2002 में सौरव गांगुली की कप्तानी और 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में यह ट्रॉफी जीती थी। अब रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के नेतृत्व में टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। जडेजा ने दिलाई जीत, राहुल का अहम योगदान फाइनल मुकाबले के आखिरी पलों में रवींद्र जडेजा ने विनिंग चौका लगाकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। उन्होंने केएल राहुल के साथ मिलकर नाबाद साझेदारी निभाई और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। केएल राहुल ने 34 रन बनाकर टीम को स्थिरता दी, वहीं जडेजा ने 6 गेंदों में नॉटआउट 9 रन बनाए। इससे पहले श्रेयस अय्यर (48 रन) और अक्षर पटेल (29 रन) की अहम पारियों ने भारत की जीत की नींव रखी। रोहित-गिल की शानदार ओपनिंग साझेदारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और शुभमन गिल (Shubman Gill) ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। हालांकि, शुभमन गिल 31 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद भारत की पारी थोड़ी लड़खड़ा गई। विराट कोहली (Virat Kohli) केवल 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। रोहित शर्मा, जो शानदार लय में दिख रहे थे, 76 रन की जबरदस्त पारी खेलकर आउट हो गए। उन्होंने 7 चौके और 3 छक्के लगाए। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने मुश्किल समय में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टीम को जीत तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड ने दिया था कड़ा मुकाबला न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। धीमी पिच पर भारतीय स्पिनरों ने बेहतरीन गेंदबाजी की, जिससे न्यूजीलैंड की पारी पूरी तरह से खुलकर नहीं खेल पाई। डेरिल मिचेल ने 101 गेंदों में 63 रन बनाए, जबकि माइकल ब्रेसवेल ने 40 गेंदों में तेजतर्रार 53 रन जोड़े। न्यूजीलैंड ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन भारतीय स्पिन गेंदबाजों ने शानदार वापसी कराते हुए 38 ओवरों के भीतर 5 महत्वपूर्ण विकेट चटका दिए। कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती ने 2-2 विकेट झटके, जबकि रवींद्र जडेजा को भी एक सफलता मिली। इसे भी पढ़ें:- India vs New Zealand match में मोहम्मद शमी पर रहेंगी सभी की निगाहें, रिकॉर्ड बहुत कुछ करते हैं बयां भारत ने चुकता किया 25 साल पुराना हिसाब इस खिताबी जीत के साथ भारतीय टीम ने 25 साल पुराना बदला भी पूरा कर लिया। वर्ष 2000 में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) फाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर ट्रॉफी जीती थी। इस बार भारत ने जीत दर्ज कर पुरानी हार का हिसाब बराबर कर लिया। इसके अलावा, 2019 के वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल और 2021 की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार का भी यह करारा जवाब था। भारतीय टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि भारत की इस चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) जीत ने एक बार फिर से टीम इंडिया की विश्व क्रिकेट में मजबूती को दर्शाया है। रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के दौरान कोई भी टीम उन्हें हरा नहीं पाई। भारतीय टीम का यह अजेय अभियान क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। यह जीत न सिर्फ खिलाड़ियों बल्कि भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी गर्व का क्षण है। टीम इंडिया ने साबित कर दिया कि वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी जीत हासिल करने का माद्दा रखते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Champions Trophy 2025 #ChampionsTrophy #ChampionsTrophy2025 #RohitShrama #ICC #IndianCricketTeam

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Yuyutsu in Mahabharata

महाभारत युद्ध के बाद जीवित रहने वाला कौरव: युयुत्सु की अनसुनी कहानी

महाभारत (Mahabharata) का महाकाव्य भारतीय संस्कृति और इतिहास का एक अहम हिस्सा है। यह कथा न केवल धर्म, न्याय और कर्तव्य के बारे में है, बल्कि इसमें मानवीय भावनाओं, संघर्ष और जीवन के गहरे सबक भी छिपे हैं। महाभारत के युद्ध में कौरवों और पांडवों के बीच भीषण संग्राम हुआ, जिसमें अधिकांश कौरव मारे गए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धृतराष्ट्र (Dhritarashtra) की एक संतान ऐसी भी थी, जो इस युद्ध के बाद भी जीवित रही? आइए, जानते हैं उस कौरव की कथा, जिसने महाभारत के युद्ध में अपनी जान बचाई और आगे चलकर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धृतराष्ट्र की संतान: कौरवों का परिचय धृतराष्ट्र,( Dhritarashtra) हस्तिनापुर के महाराज विचित्रवीर्य के पुत्र थे, लेकिन जन्म से ही अंधे होने के कारण वे राजगद्दी पर नहीं बैठ सके। उनकी पत्नी गांधारी से उन्हें 100 पुत्र और एक पुत्री प्राप्त हुईं, जिन्हें कौरव के नाम से जाना जाता है। इनमें सबसे बड़े पुत्र दुर्योधन थे, जो कौरवों के नेता बने। महाभारत के युद्ध में कौरवों की ओर से लड़ने वाले अधिकांश योद्धा युद्ध में मारे गए, लेकिन धृतराष्ट्र की एक संतान ऐसी थी, जो इस युद्ध के बाद भी जीवित रही। कौरवों का 101वां भाई कौन था? धृतराष्ट्र (Dhritarashtra) और गांधारी के 100 पुत्रों के अलावा, उनका एक और पुत्र था, जिसका जन्म गांधारी की दासी सुगाधा से हुआ था। इस पुत्र का नाम युयुत्सु (Yuyutsu) था, जो दुर्योधन का सौतेला भाई था। युयुत्सु (Yuyutsu) को भी वैसे ही शिक्षित और पाला गया जैसा कि धृतराष्ट्र के अन्य पुत्रों को, लेकिन दुर्योधन ने कभी उसे अपना भाई नहीं माना और न ही उसे सम्मान दिया। इस कारण युयुत्सु कौरवों से अधिक पांडवों के प्रति झुकाव रखते थे और अंततः महाभारत युद्ध में उन्होंने पांडवों का साथ दिया। युयुत्सु का निर्णय: पांडवों का साथ जब कुरुक्षेत्र युद्ध की घोषणा हुई, तब युयुत्सु (Yuyutsu) ने इसे रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। शुरुआत में वे कौरवों की ओर थे, लेकिन जब युद्ध का पहला दिन आया, तो युधिष्ठिर ने घोषणा की कि यह धर्मयुद्ध है, और जो भी धर्म का पक्ष लेना चाहता है, वह अपनी सेना बदल सकता है। युधिष्ठिर की इस बात को सुनकर युयुत्सु (Yuyutsu) ने सत्य और धर्म का साथ देने का निर्णय लिया। उन्होंने कौरवों की सेना छोड़कर पांडवों की सेना में शामिल होने का फैसला किया। उनके इस फैसले से दुर्योधन बहुत क्रोधित हुआ, लेकिन युयुत्सु ने धर्म के मार्ग को चुना और पांडवों के साथ युद्ध में शामिल हुए। युद्ध में युयुत्सु की भूमिका युयुत्सु (Yuyutsu) अत्यंत बुद्धिमान और कुशल प्रबंधक थे। उनकी इस क्षमता को देखते हुए पांडवों ने उन्हें सीधा युद्ध करने के बजाय सैन्य प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी। वे पांडवों की सेना के लिए भोजन, पानी और हथियारों की व्यवस्था करने का कार्य संभालते थे, जिससे युद्ध के दौरान सैन्य जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसे भी पढ़ें:- कल्कि अवतार: कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? युद्ध के बाद युयुत्सु का जीवन महाभारत (Mahabharata) के युद्ध के बाद, जब पांडवों ने हस्तिनापुर का शासन संभाला, तो युयुत्सु ने भी उनके शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युधिष्ठिर ने युयुत्सु को अपना सलाहकार और मंत्री बनाया। युयुत्सु की न्यायप्रियता और बुद्धिमत्ता ने उन्हें पांडवों के शासन में एक विश्वसनीय सहयोगी बना दिया। उन्होंने हस्तिनापुर के पुनर्निर्माण और प्रजा के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। युयुत्सु का चरित्र और सीख युयुत्सु (Yuyutsu) का चरित्र महाभारत (Mahabharata) की कथा में एक महत्वपूर्ण सीख देता है। वे इस बात का उदाहरण हैं कि न्याय और धर्म का साथ देना कितना महत्वपूर्ण है, चाहे उसके लिए अपने परिवार या समाज के विरुद्ध ही क्यों न जाना पड़े। युयुत्सु ने दिखाया कि सही और गलत के बीच फर्क करना और धर्म के मार्ग पर चलना ही मनुष्य का सबसे बड़ा कर्तव्य है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahabharata #Mahabharata #KurukshetraWar #Yuyutsu #Kauravas #MahabharatFacts #HinduMythology #DharmYudh #EpicStories #AncientIndia #MahabharatSecrets

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Pradosh Vrat

फाल्गुन प्रदोष व्रत 2025: महत्व, पूजा विधि और कथा

हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व है। इनमें से एक महत्वपूर्ण व्रत है प्रदोष व्रत, जो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए किया जाता है। प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और यह व्रत भक्तों को भगवान शिव (Lord Shiva) की कृपा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। जानते हैं कि प्रदोष व्रत का क्या महत्व है, इसकी पूजा विधि क्या है और इससे जुड़ी कथा क्या है। कब है फाल्गुन मास का प्रदोष व्रत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 11 मार्च को सुबह 8:12 बजे शुरू होगी और 12 मार्च को सुबह 9:11 बजे समाप्त होगी। इसलिए, प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) 11 मार्च को रखा जाएगा। चूंकि यह व्रत मंगलवार को पड़ रहा है, इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। यह मार्च महीने का पहला और फाल्गुन मास का अंतिम प्रदोष व्रत होगा। प्रदोष व्रत का महत्व प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए किया जाता है। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव (Lord Shiva) की विशेष पूजा की जाती है और उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। इस व्रत को करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह व्रत भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इस व्रत को करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। प्रदोष व्रत की पूजा विधि प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) की पूजा विधि अत्यंत सरल और पवित्र मानी जाती है। इस व्रत को करने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन करें: इसे भी पढ़ें:  ब्रह्मा जी ने कैसे की सृष्टि की रचना? जानिए क्या है पौराणिक कहानी प्रदोष व्रत के लाभ प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) करने से कई लाभ प्राप्त होते हैं। यह व्रत भगवान शिव (Lord Shiva) की कृपा पाने का एक उत्तम साधन माना जाता है। इसे रखने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपना आशीर्वाद बरसाते हैं। प्रदोष व्रत के माध्यम से भक्त अपने पापों से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होते हैं। यह व्रत न केवल आत्मिक शुद्धि प्रदान करता है, बल्कि मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा भी देता है। साथ ही, इसे करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Pradosh Vrat #PradoshVrat2025 #LordShiva #PradoshVrat #ShivaPuja #IndianFestivals #HinduRituals #SpiritualJourney #DivineBlessings #PradoshVratKatha #IndianCulture #FaithAndDevotion #ShivaBhakt #VratAndPuja #SpiritualPeace #IncredibleIndia

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Champions Trophy 2025 Final between India and New Zealand

Champions Trophy 2025 Final में क्या 25 साल पुरानी अपनी हार का बदला लेगी टीम इंडिया?

9 मार्च को दुबई के इंटरनेशनल मैदान पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) का मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ियों की अपनी फ़ौज है। कहने की जरूरत नहीं है, दोनों के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो चंद गेंदों में ही मैच का रुख बदल सकते हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि भारतीय टीम लगातार तीसरा चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेलेगी। बता दें कि भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2017 का फाइनल विराट कोहली की कप्तानी में खेला था। लेकिन तब टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा था। पाकिस्तान ने टीम इंडिया को 180 रनों से मात दी थी। अब एक बार फिर टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला खेलने के लिए तैयार बैठी है। यह तो ठीक, लेकिन गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि टीम इंडिया में चार खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जो पिछले चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भी खेले थे।  चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) में भी इनका खेलना लगभग है तय  बता दें कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या पाकिस्तान के खिलाफ साल 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेले थे। और गौर करने वाली बात यह कि न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) में भी इनका खेलना लगभग तय ही है। बड़ी बात यह कि रोहित मौजूदा भारतीय टीम के कप्तान हैं और उनकी कप्तानी में ही टीम इंडिया बिना एक भी मैच हारे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में पहुंची है। खैर, बात करें विराट कोहली के फॉर्म की तो वो शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाया था। यही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भी दमदार प्रदर्शन किया था। वह भारतीय बैटिंग ऑर्डर की रीढ़ बने हुए हैं। हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा ने भी अभी तक मौजूदा टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। न सिर्फ शानदार प्रदर्शन किया है बल्कि टीम के लिए मैच विनर भी बनकर उभरे हैं। अच्छी बात यह कि हार्दिक तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के साथ मिलकर बढ़िया गेंदबाजी कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- India vs New Zealand match में मोहम्मद शमी पर रहेंगी सभी की निगाहें, रिकॉर्ड बहुत कुछ करते हैं बयां चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल मैच में टीम इंडिया को मिली थी करारी शिकस्त (Champions Trophy 2025 Final) भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी में यह दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2000 का फाइनल मैच हुआ था। तब न्यूजीलैंड की टीम ने 4 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस मैच में भारत की तरफ से सौरव गांगुली ने शतकीय पारी खेलते हुए शानदार 117 रन बनाए थे। लेकिन न्यूजीलैंड के क्रिस केन्स ने 102 रन बनाकर गांगुली के शतक पर पानी फेर दिया। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) मुकाबले में 25 साल पुरानी अपनी हार का बदला लेगी? इसका जवाब तो 9 मार्च को होने वाले मैच के दौरान ही  पता लग सकेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Champions Trophy 2025 Final #ChampionsTrophy2025 #TeamIndia #INDvsPAK #CricketFinal #CricketRevenge #CT2025Final #IndiaWins #CricketFever #BCCI #RohitSharma

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Rahul Gandhi on Gujarat elections: राहुल गांधी ने बताया इसलिए गुजरात में सत्ता से बाहर है कांग्रेस

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं। ताजा उदहारण है, गुजरात के अहमदाबाद का। जहां जाने अनजाने में ही सही दिल की बात जुबां पर आ ही गई। दरअसल, राहुल गांधी दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने अहमदाबाद के जेड हॉल में प्रदेश के करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की लीडरशीप में दो तरह के लोग हैं। उनमें बंटवारा है। एक हैं जो जनता के साथ खड़े हैं, जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे वे हैं, जो जनता से कटे हुए हैं, दूर बैठते हैं और उनमें से आधे बीजेपी से मिले हुए हैं।” राहुल ने आगे कहा कि “मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है। कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे चेन से बंधे हैं। यहां रेस के घोड़ों को बारात में बांध दिया जाता है। यदि 30-40 लोगों को निकालना पड़े तो ये भी करेंगे। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, जाओ बाहर जाकर करो।” खैर, उन्होंने गुजरात में कांग्रेस की स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। अपनी बात कहते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बीते 30 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और इसका कारण पार्टी की अपनी कमजोरियां हैं।  उन्होंने कहा कि “हर बार गुजरात में चुनावों की चर्चा होती है। साल 2007, 2012, 2017, 2022 और 2027 लेकिन सवाल सिर्फ चुनाव जीतने का नहीं है। गुजरात की जनता हमें तभी सत्ता में लाएगी जब हम अपनी जिम्मेदारी सही से निभाएंगे।  अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की दी नसीहत  असल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की नसीहत देते हुए कहा कि “गुजरात आगे बढ़ना चाहता है। लेकिन वह फंसा हुआ महसूस करता है। और मैं साफ कहूं तो गुजरात कांग्रेस भी उसे रास्ता नहीं दिखा पा रही है। मैं यह बिना किसी शर्म और डर के कह रहा हूं कि हमारी पार्टी के नेता, प्रदेश अध्यक्ष और खुद मैं भी गुजरात की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।” यही नहीं राहुल गांधी ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी का भी जिक्र करते हुए कहा कि “कांग्रेस को आजादी दिलाने में गुजरात की अहम भूमिका थी।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “जब कांग्रेस को ब्रिटिश हुकूमत का सामना करना पड़ा तब हमें नेतृत्व की तलाश थी। वह नेतृत्व हमें दक्षिण अफ्रीका से नहीं बल्कि गुजरात से मिला। गांधीजी ने हमें संघर्ष करने सोचने और आगे बढ़ने की राह दिखाई।” राहुल ने यह भी कहा कि “अगर कांग्रेस को भविष्य में सत्ता में आना है तो उसे गुजरात से ही सीखना होगा।” इसे भी पढ़ें:-  देश से भी ज्यादा राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र चौथा नंबर पर, अजित पवार ने बताएं विकास के आंकड़े पार्टी के नेता केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें (Rahul Gandhi on Gujarat elections) इस दौरान राहुल गाँधी पार्टी नेताओं से कहा (Rahul Gandhi on Gujarat elections) कि “वे केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस दिन कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी निभाएगी जनता खुद उसे समर्थन देगी। वैसे उनका यह बयान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए ही था। खैर, वो कहते हैं न राजनीति कितनी भी कटु और चुनौतीपूर्ण हो लेकिन कई बार नेताओं की जुबान पर सच्चाई आ जाती है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि गुजरात में कांग्रेस के कार्यकर्त्ता उनके इस बयान के प्रति कितनी तल्लीनता दिखाते हैं और संगठन किस दिशा में जाता है। बता दें कि गुजरात में बीते चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi on Gujarat elections #RahulGandhi #Congress #GujaratElections #BJP #AAP #ElectionResults #PoliticalAnalysis #IndianPolitics

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Mahila Samridhi Yojana

Mahila Samridhi Yojana: महिलाओं के सशक्तिकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक दिल्ली महिला समृद्धि योजना (Mahila Samridhi Yojana) को आखिरकार शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने हरी झंडी दे दी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के शुभारंभ के साथ ही 8 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है। महिलाओं की जरूरतों को समझने की पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने महिलाओं को नजदीक से काम करते और संघर्ष करते देखा है। समाज में महिलाओं से कई अपेक्षाएं होती हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को समझने वाले बहुत कम लोग होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन में कार्य करने के दौरान उन्हें यह समझ आया कि महिलाओं की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी होती हैं और उनके समर्थन के लिए एक मजबूत व्यवस्था की जरूरत है। राजनीति में महिलाओं की स्थिति पर विचार रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं को न केवल समर्थन दिया बल्कि उन्हें नेतृत्व की भूमिका में भी स्थापित किया। उन्होंने कांग्रेस शासन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब उनकी कैबिनेट में कोई अन्य महिला नेता नहीं थी। इसके विपरीत, भाजपा ने महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया और उन्हें उच्च पदों तक पहुंचाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी में महिलाओं का अपमान तक किया गया, जबकि भाजपा ने महिलाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिल्ली का बजट महिला नेतृत्व के हाथ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने इस अवसर पर कहा कि देश में पहली बार केंद्रीय बजट को महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया और अब दिल्ली का बजट भी एक महिला नेतृत्व के हाथों में होगा। यह दर्शाता है कि भाजपा केवल वादे ही नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए योजनाएं केवल कागजों पर नहीं बनाई जातीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू भी किया जाता है। महिला सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के जरिए दिल्ली की बहनों को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और सम्मान की भी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाने की जगह, उनके वास्तविक उत्थान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। महिला दिवस के अवसर पर यह योजना उनके लिए एक विशेष उपहार के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 33% महिला आरक्षण देकर यह दिखा दिया कि देश की तरक्की तभी संभव है जब महिलाएं भी समान रूप से आगे बढ़ें। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार भी महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और समृद्धि के लिए ठोस कदम उठाने वाली है। इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? दिल्ली महिला समृद्धि योजना: क्या है और कैसे करेगा लाभ? यह योजना मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और महाराष्ट्र की लड़की बहिन योजना की तर्ज पर बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे, जिससे वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर सकेंगी। इस योजना की घोषणा पहले ही भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में की गई थी और अब इसे लागू कर दिया गया है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू कर दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें। दिल्ली महिला समृद्धि योजना (Mahila Samridhi Yojana) महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह केवल वित्तीय सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी स्थिति मजबूत करने की एक प्रभावी रणनीति है। भाजपा (BJP) सरकार ने इस योजना के जरिए यह साबित कर दिया है कि वह महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इस योजना से दिल्ली की लाखों महिलाओं को फायदा होगा और वे अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेंगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahila Samridhi Yojana #MahilaSamridhiYojana #WomenEmpowerment #FinancialFreedom #MSYScheme #SelfReliance #GovtSchemes #WomenWelfare #EconomicGrowth #Entrepreneurship #India

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China population crisis

Population crisis China: चीन की सरकार का तुगलकी फरमान, 9 महीने में बच्चा पैदा करो वरना नौकरी से हाथ धो बैठो

बढ़ती आबादी किसी भी देश के लिए चिंता का सबब होती है। भारत में यह एक सबसे बड़ी समस्या है। लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जो घटती आबादी से परेशान हैं। उन्हीं देशों में एक देश है चीन। चंद वर्षों पहले चीन बढ़ती आबादी से परेशान था। कारण यही जो उसने अपने देश में सिंगल चाइल्ड पॉलिसी को बढ़ावा दिया था। कुछ साल पहले तक दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश रहा चीन अब घटती आबादी से (Population crisis China) परेशान है। मौजूदा दौर में भारत दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बीते तीन-चार दशकों में चीन ने बेहिसाब आर्थिक प्रगति की है। यह तो ठीक लेकिन इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि इस प्रगति का बुरा असर वहां के युवाओं पर पड़ा है। युवा करियर और पैसों  के चक्कर में इस कदर पागल हो चुके हैं कि शादी और परिवार में कोई दिलचस्पी नहीं गई है। आपको जानकार हैरानी होगी कि इस समस्या का शिकार सिर्फ चीन ही नहीं बल्कि  हाल चीन के पड़ोसी मुल्क जापान और दक्षिण कोरिया भी हैं। दक्षिण कोरिया में आलम यह कि दक्षिण कोरिया में फर्टिलिटी रेट दुनिया में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है।  युवा अपनी निजी आजादी का हवाला देकर पैदा नहीं (Population crisis China) करना चाहता बच्चा  चीन की आर्थिक प्रगति के साथ से वहां लिविंग स्टाइल और कॉस्ट में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। युवाओं के एक वर्ग मानना है कि कॉस्ट बढ़ने की वजह से वह बच्चे पैदा नहीं करना चाहते हैं। इसके अलावा एक वर्ग अपनी निजी आजादी का हवाला देकर बच्चा पैदा नहीं (Population crisis China) करना चाहता। अधिकतर युवा लिव इन में रहना चाहते हैं। वह शादी से कतराने लगे हैं। बता दें कि बीते साल चीन में 61 लाख शादियां हुई जो 2023 की तुलना में 20 फीसदी कम है। यह आंकड़ा 1986 के बाद से सबसे कम है। ध्यान देने वाली बात यह कि पिछले तीन वर्षों से लगातार चीन की आबादी गिर रही है। चीन की सरकार इस चलन को रोकना चाहती है। इसलिए सरकारी कर्मचारी और अधिकारी महिलाओं के पास जा रहे हैं और उन्हें उनके प्रेग्नेंट होने की सलाह दे रहे हैं। जनसंख्या बढ़ाने के लिए ऐसे प्रचार किए जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी से महिलाएं और ज्यादा खूबसूरत होती हैं। इसके अलावा चीन की सरकार कम उमर में शादी की भी अनुमति देने की सोच रही है। वर्तमान में चीन में शादी के लिए लड़कों की कम से कम उम्र 22 साल और लड़कियों की न्यूनतम उम्र 21 साल है। सरकार लड़का-लड़की की उम्र 18 साल करने के पर भी विचार कर रही है।  इसे भी पढ़ें:-  कैबिनेट मीटिंग में ही भिड़े एलन मस्क और विदेश मंत्री, डोनाल्ड ट्रंप को देना पड़ा दखल अगले नौ महीने के दौरान बच्चे पैदा करें वरना नौकरी से (Population crisis China) दिया जाएगा निकाल  खैर, इस बीच घटती फर्टिलिटी रेट से चीन की सरकार बेहद चिंतित है। अगर यही हाल रहा तो आगामी वर्षों में चीन में कामकाजी लोगों की भारी कमी हो जाएगी। इसे देखते हुए वहां की सरकार ने अपनी जनसंख्या नीति में बदलाव किया है। चीन की सरकार ने एक बच्चे की नीति को खत्म कर दिया है। पहले चीन में एक दंपत्ति एक बच्चा का नियम था। अब चीन की कंपनी शंगडोंग शंटियन केमिकल ग्रुप ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि “वह अगले नौ महीने के दौरान बच्चे पैदा करें वरना उनको नौकरी से (Population crisis China) निकाल दिया जाएगा। इसने एक आंतरिक आदेश में कहा है कि “हमारे कर्मचारी मेहनती और भरोसेमंद हैं। वे देश की बेहतरी के लिए बच्चा पैदा करना चाहते हैं। इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि कर्मचारी 30 सितंबर तक वे फैमिली प्लानिंग कर लें वरना नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। बता दें कि शंगडोंग शंटियन चीन के इकलौती कंपनी नहीं है जिसने इस तरह का आदेश दिया है। कुछ सप्ताह पहले एक लोकप्रिय सुपर मार्केट चेन ने भी कुछ इसी तरह का आदेश दिया था। उसने अपने आदेश में कहा था कि “युवा जोड़े शादी-सगाई में गिफ्ट की डिमांड न करें।” हालांकि इन कंपनियों के आदेशों की खूब आलोचना भी हुई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Population crisis China #ChinaPopulationCrisis #ChinaBirthPolicy #JobThreatChina #PopulationDecline #ChinaGovtRules #OneChildPolicy #ChinaDemographics #BirthRateCrisis #ChineseEconomy #StrictGovtPolicy

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Ajit Pawar economic data

देश से भी ज्यादा राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र चौथा नंबर पर, अजित पवार ने बताएं विकास के आंकड़े

महाराष्ट्र के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश हो चुका है। इस रिपोर्ट में राज्य का विकास दर देश से भी ज्यादा रहने का अनुमान जताया गया है। इस साल महाराष्ट्र की विकास दर (Maharashtra Growth Rate) 7.3% रहने का अनुमान है, जबकि इसी वित्त वर्ष में देश की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान है। इस हिसाब से देश की तुलना में राज्य की इकोनॉमी की वृद्धि दर 0.8% अधिक रह सकती है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य की कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में क्रमशः 8.7%, 4.9% और 7.8% की दर से वृद्धि होने का अनुमान है। इस दौरान राज्य की अनुमानित सकल आय भी 45,31,518 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। राज्य की स्थिर कीमत के अनुसार अभी सकल आय 26,12,263 करोड़ रुपये है। इस साल करीब 20,051 करोड़ रुपये राजस्व घाटे का अनुमान भी जताया गया है। विधानसभा में पेश समीक्षा रिपोर्ट में राज्य का प्रति व्यक्ति आय 3,09,340 रुपये रहने की संभावना जताई गई है। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 2,78,681 रुपये थी। इस वित्त वर्ष में राज्य पर कर्ज भी पिछले साल की अपेक्षा 10.1% बढ़ सकता है।  महाराष्ट्र का राजस्व 4,19,463 करोड़ रुपये रहने का अनुमान बता दें कि वित्तमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) ने शुक्रवार को विधानसभा में महायुति सरकार की बजट-पूर्व आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024-25 में राज्य का राजस्व संग्रह 4,19,463 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं कर राजस्व और गैर-कर राजस्व क्रमशः 14,19,972 करोड़ और 79,491 करोड़ रहने की संभावना है। अजित पवार (Ajit Pawar) ने बजट अनुमान में राज्य का राजस्व व्यय 5,19,514 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई गई है। वहीं साल 2023-24 में राज्य पर कर्च 7,11,278 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 7,82,991 रहने होने का अनुमान है। इसे भी पढ़ें:-  पीएम मोदी का सोशलमीडिया अकाउंट संभालने वाली एलिना और शिल्पी कौन हैं?  आर्थिक सर्वे रिपोर्ट की खास बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Growth Rate #MaharashtraGrowth #AjitPawar #EconomicDevelopment #PerCapitaIncome #MaharashtraEconomy #StateGDP #IndiaGrowth #DevelopmentStats #EconomicProgress #GDPRanking

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